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US Restores Pacific Command Name, Reverses 2018 Indo-Pacific Rebranding

US Restores Pacific Command Name, Reverses 2018 Indo-Pacific Rebranding

वॉशिंगटन डीसी15 मिनट पहले

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि US इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) का नाम बदलकर फिर से US पैसिफिक कमांड (USPACOM) कर दिया गया है। अब इस कमांड से ‘इंडो’ शब्द हटा दिया गया है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने 2018 में कमांड के नाम में बदलाव किया था। उस समय अमेरिका ने कहा था कि हिंद महासागर (इंडियन ओशियन) क्षेत्र का रणनीतिक महत्व बढ़ रहा है और यह क्षेत्र प्रशांत महासागर (पैसिफिक ओशियन) की सुरक्षा व्यवस्था से पहले की तुलना में ज्यादा जुड़ गया है।

2018 में अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने इस सैन्य कमांड का नाम बदलकर इंडो-पैसिफिक कमांड कर दिया था। अमेरिका का कहना था कि हिंद महासागर का महत्व तेजी से बढ़ रहा है और अब हिंद महासागर तथा प्रशांत महासागर की सुरक्षा और रणनीति एक-दूसरे से पहले से ज्यादा जुड़ गई हैं। इसलिए कमांड के नाम में इंडो (हिंद महासागर) को भी शामिल किया गया था।

यूएस-पैसिफिक कमांड क्या है?

अमेरिकी सेना पूरी दुनिया को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर चलती है। इनके लिए 11 यूनिफाइड कॉम्बैटेंट कमांड हैं। इनमें से 6 स्ट्रैटेजिक और 5 फंक्शनल कमांड हैं।

यूएस पैसिफिक स्ट्रैटेजिक कमांड का हिस्सा है। यह अमेरिका की सबसे बड़ी और सबसे अहम सैन्य कमांडों में से एक है। यह कमांड एशिया और प्रशांत महासागर इलाके में एक्टिव है।

अब नाम बदलने पर चर्चा क्यों है?

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूएस पैसिफिक कमांड नाम बहुत पुराना और ऐतिहासिक है। इसे वापस लाने से सैनिकों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस होगा। यह नाम कई बड़े युद्धों और महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़ा रहा है, इसलिए इसे फिर से अपनाया गया है।

पेंटागन ने यह भी कहा कि कमांड का सिर्फ नाम बदला है, रणनीति और जिम्मेदारियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंडो शब्द हटने से यह मैसेज जा सकता है कि अमेरिका हिंद महासागर और भारत को पहले जितना प्रमुख महत्व नहीं दिखाना चाहता।

अपने पहले कार्यकाल में ट्रम्प चीन को सबसे बड़ा खतरा मानते थे। तब वे दिखाना चाहते थे कि भारत उसकी एशिया रणनीति का अहम हिस्सा है और चीन को काउंटर करने में भारत की अहम भूमिका है।

उन्होंने यह भी जताने की कोशिश की थी कि हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को एक ही रणनीतिक क्षेत्र हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अब शायद ट्रम्प की प्राथमिकताएं बदल गई हैं।

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US Restores Pacific Command Name, Reverses 2018 Indo-Pacific Rebranding

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वॉशिंगटन डीसी15 मिनट पहले

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि US इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) का नाम बदलकर फिर से US पैसिफिक कमांड (USPACOM) कर दिया गया है। अब इस कमांड से ‘इंडो’ शब्द हटा दिया गया है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने 2018 में कमांड के नाम में बदलाव किया था। उस समय अमेरिका ने कहा था कि हिंद महासागर (इंडियन ओशियन) क्षेत्र का रणनीतिक महत्व बढ़ रहा है और यह क्षेत्र प्रशांत महासागर (पैसिफिक ओशियन) की सुरक्षा व्यवस्था से पहले की तुलना में ज्यादा जुड़ गया है।

2018 में अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने इस सैन्य कमांड का नाम बदलकर इंडो-पैसिफिक कमांड कर दिया था। अमेरिका का कहना था कि हिंद महासागर का महत्व तेजी से बढ़ रहा है और अब हिंद महासागर तथा प्रशांत महासागर की सुरक्षा और रणनीति एक-दूसरे से पहले से ज्यादा जुड़ गई हैं। इसलिए कमांड के नाम में इंडो (हिंद महासागर) को भी शामिल किया गया था।

यूएस-पैसिफिक कमांड क्या है?

अमेरिकी सेना पूरी दुनिया को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर चलती है। इनके लिए 11 यूनिफाइड कॉम्बैटेंट कमांड हैं। इनमें से 6 स्ट्रैटेजिक और 5 फंक्शनल कमांड हैं।

यूएस पैसिफिक स्ट्रैटेजिक कमांड का हिस्सा है। यह अमेरिका की सबसे बड़ी और सबसे अहम सैन्य कमांडों में से एक है। यह कमांड एशिया और प्रशांत महासागर इलाके में एक्टिव है।

अब नाम बदलने पर चर्चा क्यों है?

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूएस पैसिफिक कमांड नाम बहुत पुराना और ऐतिहासिक है। इसे वापस लाने से सैनिकों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस होगा। यह नाम कई बड़े युद्धों और महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़ा रहा है, इसलिए इसे फिर से अपनाया गया है।

पेंटागन ने यह भी कहा कि कमांड का सिर्फ नाम बदला है, रणनीति और जिम्मेदारियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंडो शब्द हटने से यह मैसेज जा सकता है कि अमेरिका हिंद महासागर और भारत को पहले जितना प्रमुख महत्व नहीं दिखाना चाहता।

अपने पहले कार्यकाल में ट्रम्प चीन को सबसे बड़ा खतरा मानते थे। तब वे दिखाना चाहते थे कि भारत उसकी एशिया रणनीति का अहम हिस्सा है और चीन को काउंटर करने में भारत की अहम भूमिका है।

उन्होंने यह भी जताने की कोशिश की थी कि हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को एक ही रणनीतिक क्षेत्र हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अब शायद ट्रम्प की प्राथमिकताएं बदल गई हैं।

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