“असली टीएमसी कौन है?” बागी विलय पर आनंद रंगनाथन, सांसद और विधायक | पश्चिम बंगाल | न्यूज18
लेखक आनंद रंगनाथन ने तृणमूल कांग्रेस के गहराते संकट के बीच एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है: “असली टीएमसी कौन है?” वह पूछते हैं कि यदि विलय होता है और दोनों सांसद और विधायक पार्टी में बने रहते हैं तो क्या होगा। सवाल टीएमसी की पहचान की लड़ाई के केंद्र में जाता है, जहां विद्रोही गुट, कानूनी दावे, पार्टी का प्रतीक, विधायी शक्ति और दल-बदल विरोधी नियम सभी चलन में आ रहे हैं। जैसे-जैसे टीएमसी संकट सामने आ रहा है, विवाद अब केवल विद्रोह के बारे में नहीं है – यह इस बारे में है कि पार्टी के नाम, प्रतीक, संसदीय ताकत और राजनीतिक वैधता को कौन नियंत्रित करता है। n18oc_ Indian18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 20:58 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)आनंद रंगनाथन(टी)आनंद रंगनाथन(टी)दलबदल विरोधी कानून(टी)बंगाल राजनीति(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)भारतीय राजनीति(टी)विधायी दल(टी)ममता बनर्जी(टी)सांसदों और विधायकों का विलय(टी)न्यूज18(टी)पार्टी नियंत्रण(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)रियल टीएमसी(टी)दसवां शेड्यूल(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी पहचान संकट(टी)टीएमसी विलय(टी)टीएमसी विधायक(टी)टीएमसी सांसद(टी)टीएमसी पार्टी चिन्ह(टी)टीएमसी विद्रोही विलय(टी)टीएमसी विद्रोही(टी)टीएमसी विभाजन(टी)टीएमसी प्रतीक लड़ाई(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)असली टीएमसी कौन है
US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले
अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज रूट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते से लंबे समय से चल रहा तनाव खत्म होगा, जिसने पूरी दुनिया में महंगाई को काफी बढ़ा दिया था। 83.18 डॉलर पर आया ब्रेंट क्रूड, तेल कंपनियों को राहत समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह कीमत मार्च की शुरुआत के स्तर के बराबर है। हालांकि यह तीन महीने पहले युद्ध शुरू होने से पहले की 70 डॉलर की कीमत से अधिक है। हालांकि कुछ हफ्ते पहले के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी कम है। तेल सस्ता होने से उन परिवारों और बिजनेस को बड़ी राहत मिलेगी, जो ईंधन, भोजन और फर्टिलाइजर के लिए महंगी कीमतें चुका रहे थे। स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत, 60 दिन चलेगी बात ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा। वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी बाजार उछले, डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में इस राहत का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। फ्यूल खर्च वाली कंपनियों को फायदा, एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, माइक्रोन 7.8% उछला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। सोमवार को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इलॉन मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम कम हुआ कच्चे तेल की कीमतें घटने से बॉन्ड मार्केट को भी राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई कम होने से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। इस वजह से 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार देर शाम के 4.48% से घटकर 4.45% पर आ गई है। पिछले हफ्ते यूरोप के केंद्रीय बैंक ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों पर दबाव बढ़ा था। फेडरल रिजर्व की मीटिंग पर नजर, ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते अपनी ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाला है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह फेड की पहली बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने केविन वॉर्श को इस पद के लिए नॉमिनेट किया था और ट्रम्प लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन को देखते हुए ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है, लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। बुधवार को दो दिवसीय मीटिंग खत्म होने के बाद फेड ब्याज दरों को स्थिर रखने का एलान कर सकता है। भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही क्या होता है बॉन्ड यील्ड? यह निवेशकों को सरकारी बॉन्ड या सिक्योरिटीज पर मिलने वाला रिटर्न (ब्याज) होता है। जब बाजार में अनिश्चितता या महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है। तेल की कीमतें गिरने से जब महंगाई का खतरा टलता है, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिसे शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी।
US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले
अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज रूट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते से लंबे समय से चल रहा तनाव खत्म होगा, जिसने पूरी दुनिया में महंगाई को काफी बढ़ा दिया था। 83.18 डॉलर पर आया ब्रेंट क्रूड, तेल कंपनियों को राहत समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह कीमत मार्च की शुरुआत के स्तर के बराबर है। हालांकि यह तीन महीने पहले युद्ध शुरू होने से पहले की 70 डॉलर की कीमत से अधिक है। हालांकि कुछ हफ्ते पहले के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी कम है। तेल सस्ता होने से उन परिवारों और बिजनेस को बड़ी राहत मिलेगी, जो ईंधन, भोजन और फर्टिलाइजर के लिए महंगी कीमतें चुका रहे थे। स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत, 60 दिन चलेगी बात ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा। वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी बाजार उछले, डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में इस राहत का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। फ्यूल खर्च वाली कंपनियों को फायदा, एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, माइक्रोन 7.8% उछला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। सोमवार को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इलॉन मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम कम हुआ कच्चे तेल की कीमतें घटने से बॉन्ड मार्केट को भी राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई कम होने से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। इस वजह से 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार देर शाम के 4.48% से घटकर 4.45% पर आ गई है। पिछले हफ्ते यूरोप के केंद्रीय बैंक ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों पर दबाव बढ़ा था। फेडरल रिजर्व की मीटिंग पर नजर, ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते अपनी ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाला है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह फेड की पहली बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने केविन वॉर्श को इस पद के लिए नॉमिनेट किया था और ट्रम्प लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन को देखते हुए ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है, लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। बुधवार को दो दिवसीय मीटिंग खत्म होने के बाद फेड ब्याज दरों को स्थिर रखने का एलान कर सकता है। भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही क्या होता है बॉन्ड यील्ड? यह निवेशकों को सरकारी बॉन्ड या सिक्योरिटीज पर मिलने वाला रिटर्न (ब्याज) होता है। जब बाजार में अनिश्चितता या महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है। तेल की कीमतें गिरने से जब महंगाई का खतरा टलता है, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिसे शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी।
NEET Admit Card Download Issue
9 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 14 जून को एडमिट कार्ड जारी किए हैं। लेकिन कैंडिडेट्स की शिकायत है कि अभी भी एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं हो पा रहे हैं। कैंडिडेट्स की शिकायत है कि NTA की वेबसाइट का सर्वर स्लो काम कर रहा है। इससे कई उम्मीदवारों को बैंक अकाउंट डिटेल्स अपडेट करने में दिक्कत आ रही है। NTA ने एडवाइजरी जारी की एनटीए ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी करते हुए लिखा है कि आप अपना पोर्टल लोग इन करते समय इन बातों का ख्याल रखें। NTA का कहना है कि अगर आप पोर्टल पर बिना अटके अपना काम पूरा करना चाहते हैं तो कंप्यूटर या मोबाइल के सामने बैठने से पहले ये 4 चीजें अपने पास रखें : पूरा नाम बैंक अकाउंट नंबर IFSC कोड: कैंसिल्ड चेक की स्कैन्ड कॉपी टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी एनटीए के अनुसार परीक्षा से जुड़े किसी भी तरह के रिफंड (जैसे सिक्योरिटी मनी या एक्स्ट्रा फीस वापसी) को बैंक अकाउंट में भेजने और सुरक्षा के लिए लॉग इन के समय टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन मांगा जा रहा है। इस तरह आपकी जानकारी का कोई गलत इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। बैंक डिटेल्स भरने के बाद ‘Final Submit’ का बटन दबाने से पहले एक बार सारी जानकारियों को चेक कर लें। अगर अकाउंट नंबर या IFSC कोड में एक भी अक्षर गलत हुआ तो भविष्य में आपका रिफंड अटक सकता है या उसमें देरी हो सकती है। केवल ऑफिशियल सोर्स पर ही करें भरोसा एडमिट कार्ड डाउनलोड करते समय इंटरनेट पर चल रही किसी भी तरह की अफवाह या फर्जी लिंक से सावधान रहें। किसी भी लेटेस्ट अपडेट के लिए NTA की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही जाएं। नीट री एग्जाम एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की 3 प्रोसेस : ऑफिशियल वेबसाइट से ऐसे करें डाउनलोड : ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। “NEET UG 2026 Re-Exam Admit Card पर क्लिक करें। मांगी गई जानकारी दर्ज करें। सब्मिट बटन पर क्लिक करें। पीडीएफ डाउनलोड करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक है तो उमंग एप से करें डाउनलोड : अपने फोन में UMANG ऐप डाउनलोड कर लें, Play Store या App Store से इस ऐप को डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप को खोलकर सबसे पहले मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके रजिस्टर करें। लॉग इन करके NTA सर्च करें। NEET UG 2026 एडमिट कार्ड लिखा हुआ दिखाई देगा। इस पर क्लिक करके एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि डालें। एडमिट कार्ड डाउनलोड करके सेव कर लें। DigiLocker के माध्यम से करें डाउनलोड करें? digilocker.gov.in पर जाएं। लॉग इन करें। “Search Documents” सेक्शन दिखेगा, इसपर National Testing Agency सर्च करें। NEET Admit Card 2026 लिखा हुआ दिखेगा, इस पर क्लिक करें। NEET 2026 एप्लीकेशन नंबर और परीक्षा का साल डालें। स्क्रीन पर दिख रहे एडमिट कार्ड को डाउनलोड करें। 12 मई को रद्द हुई थी नीट एग्जाम 2026 नीट यूजी एग्जाम 2026 देश भर के 551 शहरों और विदेशों में 14 शहरों में हुई थी। इस एग्जाम में 22 लाख छात्र शामिल हुए। NEET UG 2026 में पेपर लीक के चलते एग्जाम कैंसिल किया गया है। इस धांधली के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। ये खबर भी पढ़ें : 19 साल के निसर्ग अधिकारी को मिली IIT में नौकरी:अपने ब्लॉग से CBSE के OSM पोर्टल में कमियां बताई थी, मिला जॉब ऑफर CBSE के पोर्टल में सुरक्षा से संबंधित खामियां ढूंढने वाले निसर्ग अधिकारी को IIT कानपुर ने नौकरी दी है। निसर्ग की उम्र 19 साल है जिन्होंने इसी साल 12वीं की परीक्षा पास की है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
विशेष: “बदली गई छवि को बदलना!” – एनसीईआरटी प्रमुख ने ‘डांसिंग गर्ल’ पाठ्यपुस्तक विवाद पर यू-टर्न लिया
स्कूल पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक प्रतिनिधित्व और दृश्य सेंसरशिप पर एक तीव्र, राष्ट्रव्यापी बहस के बाद, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने आधिकारिक तौर पर कदम पीछे खींचने का फैसला किया है। सीएनएन-न्यूज18 की नबीला जमाल से विशेष रूप से बात करते हुए, एनसीईआरटी के निदेशक प्रोफेसर दिनेश प्रसाद सकलानी ने प्रतिष्ठित सिंधु घाटी सभ्यता की कलाकृतियों की संशोधित छवि को लेकर बड़े पैमाने पर विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी। -newsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग(टी)हड़प्पा कांस्य मूर्ति नग्नता विवाद(टी)सिंधु घाटी सभ्यता पाठ्यपुस्तक पंक्ति(टी)मधुरिमा पाठ्यपुस्तक कला शिक्षा एनसीईआरटी(टी)डांसिंग गर्ल सेंसरशिप पर मिशेल डैनिनो(टी)मोहेंजो दारो डांसिंग गर्ल की मूल छवि बहाल(टी)नाबिला जमाल साक्षात्कार एनसीईआरटी निदेशक(टी)एनसीईआरटी डांसिंग गर्ल विवाद कक्षा 9(टी)एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक पाठ्यक्रम संशोधन 2026(टी) प्रोफेसर सकलानी विशेष साक्षात्कार सीएनएन न्यूज18
टीएमसी विभाजन: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने गुटों के विलय की कानूनी हकीकत बताई
विलय पर कानून स्पष्ट है. संविधान की दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 4 के तहत, एक विलय तभी वैध है जब सदन में विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई (2/3) सदस्य किसी अन्य राजनीतिक दल के साथ विलय के लिए सहमत हों: महेश जेठमलानी, वरिष्ठ वकील, एससी और पूर्व एएसजी n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsn18oc_plain-speak News18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube (टैग्सटूट्रांसलेट)भारत में दलबदल विरोधी कानून विलय(टी)संवैधानिक वैधता राजनीतिक विभाजन(टी)बागी सांसदों की अयोग्यता कानून(टी)पूर्व एएसजी महेश जेठमलानी साक्षात्कार(टी)कोई राजनीतिक दल कानूनी रूप से कैसे विलय कर सकता है(टी)भारतीय संविधान दलबदल विरोधी संशोधन(टी)महेश जेठमलानी वरिष्ठ वकील सुप्रीम कोर्ट(टी)पैराग्राफ 4 दसवीं अनुसूची की व्याख्या(टी)राजनीतिक संकट कानूनी टूटना 2026(टी)सुप्रीम कोर्ट के फैसले विरोधी दलबदल(टी)दसवीं अनुसूची पैराग्राफ 4 खंड
ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में टॉप-20 में पहुंची जियो:ऐसा करने वाली अकेली भारतीय टेक कंपनी बनी; 320 पायदान की छलांग लगाई
जियो प्लेटफॉर्म्स ने वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन की पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी रैंकिंग में टॉप-20 में जगह बनाई है। कंपनी 2025 की सूची में 320 पायदान चढ़कर 20वें स्थान पर पहुंची है। जियो ग्लोबल टॉप-20 में जगह बनाने वाली अकेली भारतीय टेक इनोवेटर बन गई है। हुआवे, सैमसंग और एपल जैसी कंपनियों के ग्रुप में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेक्नोलॉजी यूनिट है। इस नई रैंकिंग के बाद कंपनी अब हुआवे, सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एपल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों के ग्रुप में शामिल हो गई है। नेक्स्ट जनरेशन डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है पेटेंट फाइलिंग जियो की पेटेंट फाइलिंग नेक्स्ट जनरेशन डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है। इनमें मुख्य रूप से ये क्षेत्र शामिल हैं: इसके अलावा कंपनी सैटेलाइट कम्युनिकेशन और एजेंटिक AI की अगली दिशा ‘जियो ब्रेन’ जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है। आकाश अंबानी बोले- ये कई सालों की मेहनत का नतीजा इस उपलब्धि पर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा, “WIPO PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्लोबल टॉप-20 में आना हमारी डीप-टेक कंपनी बनने की दिशा में कई साल की मेहनत को दिखाता है। यह जियो में कई उन्नत तकनीकों पर हो रहे शानदार इनोवेशन का सबूत है, जो आने वाले सालों में और बढ़ेगा।” प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को समर्पित की उपलब्धि आकाश अंबानी ने आगे कहा कि वे इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित करते हैं। उनके अनुसार यह विजन भारत को दुनिया के लिए तकनीक का निर्माता, मालिक और निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि जियो भारत को ग्लोबल डीप-टेक पावरहाउस बनने की यात्रा में योगदान देकर गर्व महसूस करता है। 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने 6,817 पेटेंट फाइल किए 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट फाइल किए हैं। इनमें 2,393 पेटेंट भारत में और 4,424 पेटेंट विदेशी बाजारों में फाइल किए गए हैं। कंपनी के 1,009 पेटेंट अब तक वैश्विक स्तर पर मंजूर हो चुके हैं। इनमें 538 भारत में और 471 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिले हैं। जियो ने कहा है कि उसका इनोवेशन उन तकनीकों और प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिन्हें कंपनी ने बड़े पैमाने पर विकसित और कॉमर्शियलाइज किया है। कंपनी 5G/6G रेडियो, 5G/6G कोर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और एजेंटिक-AI की अगली दिशा- जियोब्रेन जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है। उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े बदलाव का संकेत जियो की यह उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। यह बदलाव केवल बड़े पैमाने पर तकनीक इस्तेमाल करने से आगे बढ़कर भारत में मूल तकनीक तैयार करने और उसे दुनिया तक ले जाने की दिशा में है।
टीएमसी बनाम बागी टीएमसी: कल्याण बनर्जी के खिलाफ काकोली घोष की 10 जून की नैतिक शिकायत पहुंची | न्यूज18
बागी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार का कल्याण बनर्जी के खिलाफ लोकसभा एथिक्स पैनल को 10 जून का शिकायती पत्र मिला है। शिकायत में, काकोली “अपमानजनक शब्दों” के इस्तेमाल का आरोप लगा रही हैं, जो तृणमूल कांग्रेस के भीतर गहराती अंदरूनी कलह को एक नया मुद्दा बना रही है। यह शिकायत विद्रोही नेताओं और पार्टी के दिग्गजों के बीच सार्वजनिक टकराव को तेज कर रही है क्योंकि टीएमसी को कानूनी, राजनीतिक और संगठनात्मक उथल-पुथल का सामना करना पड़ रहा है। यह घटनाक्रम संसदीय आचरण, आंतरिक अनुशासन और क्या टीएमसी का गुटीय युद्ध अब पूरी तरह से संस्थागत मंचों पर फैल रहा है, पर सवाल उठाता है। -newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 19:13 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल राजनीति(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)अपमानजनक शब्द(टी)नैतिकता शिकायत(टी)भारतीय राजनीति(टी)10 जून शिकायत पत्र(टी)काकोली कल्याण के खिलाफ शिकायत(टी)काकोली दस्तीदार(टी)काकोली घोष दस्तीदार(टी)काकोली विद्रोही टीएमसी एमपी(टी)काकोली टीएमसी(टी)कल्याण बनर्जी(टी)कल्याण बनर्जी टीएमसी(टी)लोक सभा शिकायत(टी)लोकसभा एथिक्स पैनल(टी)न्यूज18(टी)संसदीय आचरण(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी गुटीय युद्ध(टी)टीएमसी अंदरूनी कलह(टी)टीएमसी विद्रोही(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आलोचना के बीच संगठन की अपंजीकृत स्थिति का बचाव किया, खड़गे की आलोचना की
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संगठन की अपंजीकृत स्थिति का बचाव करते हुए कहा कि हिंदू धर्म सहित कई संस्थाएं अपंजीकृत हैं। उन्होंने पंजीकरण की मांग को राजनीतिक नौटंकी कहकर खारिज कर दिया और कहा कि आरएसएस खुले तौर पर काम करता है और अपनी स्थापना के बाद से ही उसे चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। | आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने प्रियांक खड़गे को जवाब दिया: “कई चीजें अपंजीकृत हैं; हिंदुत्व पंजीकृत है। जिन्हें सरकार से धन की आवश्यकता है उन्हें खुद को पंजीकृत करने की आवश्यकता है; हम नहीं करते हैं। हम गुप्त नहीं हैं; सरकार जानती है कि हम मौजूद हैं” n18oc_breaking-newsn18oc_ Indian18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube
टीएमसी की पहचान की लड़ाई छिड़ गई है क्योंकि विद्रोही गुट का नई पार्टी में विलय हो गया है और वास्तविक टीएमसी स्थिति का दावा किया गया है
तृणमूल कांग्रेस की पहचान को लेकर कानूनी लड़ाई छिड़ गई है क्योंकि विद्रोही गुट एक छोटी पार्टी में विलय कर रहा है और असली टीएमसी होने का दावा कर रहा है। यह घटनाक्रम विलय की वैधता, पार्टी के नाम, प्रतीक और फंड के भविष्य और क्या विद्रोही गुट मूल पार्टी की पहचान पर दावा कर सकता है, इस पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। उम्मीद है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला खेमा दावों को चुनौती देगा, जिससे एक जटिल राजनीतिक और कानूनी टकराव पैदा होगा। यह विवाद अब आंतरिक विद्रोह से आगे बढ़ रहा है और संस्थागत क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है, जिसमें चुनाव आयोग, संसद और अदालतें संभावित रूप से मान्यता की लड़ाई में प्रमुख क्षेत्र बन रहे हैं। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_plain-speakNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 19:06 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल पॉलिटिक्स(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)चुनाव आयोग(टी)भारतीय राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)न्यूज18(टी)पार्टी फंड(टी)पार्टी का नाम विवाद(टी)पार्टी मान्यता(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजनीतिक प्रतीक विवाद(टी)असली टीएमसी(टी)विद्रोही गुट का विलय(टी)छोटी पार्टी विलय(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी फंड्स(टी)टीएमसी पहचान की लड़ाई(टी)टीएमसी कानूनी लड़ाई(टी)टीएमसी विलय(टी)टीएमसी पार्टी चिन्ह(टी)टीएमसी विद्रोही गुट(टी)टीएमसी विद्रोह(टी)टीएमसी विभाजन(टी)टीएमसी प्रतीक(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति








