रणबीर कपूर ने आलिया को ऐसे किया था प्रपोज:जंगल में सिर्फ 100 फीट दूर थे 3 शेर, बोले- अपनी शेरनी के सामने मैं चूहा था

रणबीर कपूर ने टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में आलिया भट्ट को प्रपोज करने का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2022 में केन्या के मासाई मारा में आलिया को प्रपोज किया था। शो में रणबीर ने बताया कि वह अंगूठी घर से लेकर गए थे। वह चाहते थे कि आलिया को प्रपोज करते समय तस्वीरें भी खींची जाएं। रणबीर ने कहा, “मैंने हमारे गाइड और ड्राइवर को पहले ही पैसे दे दिए थे। उनसे कहा था कि जंगल के बीच कहीं गाड़ी रोक दें।” उन्होंने बताया, “मैं अंगूठी लेकर गया था। चाहता था कि घुटनों पर बैठूं और वे दूर से तस्वीरें लें। लड़कियों को तस्वीरें पसंद होती हैं, ताकि वे उन्हें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर सकें। इसलिए मैंने सोचा कि आलिया के लिए यह बहुत जरूरी है।” प्रपोजल के वक्त पास थे तीन शेर रणबीर ने बताया कि यह पल उनकी उम्मीद से ज्यादा रोमांचक हो गया था। जब वह आलिया के सामने घुटनों पर बैठे, तब तीन शेर करीब 100 फीट दूर थे। रणबीर की बात पर अमिताभ बच्चन ने मजाक में कहा, “लेकिन सर, इसका कोई सबूत भी होना चाहिए।” इस पर रणबीर ने कहा, “सबूत होना चाहिए। अंगूठी तो थी, मैं उसे घर से लेकर गया था, लेकिन माहौल ऐसा था कि एक तरफ करीब 100 फीट दूर तीन बब्बर शेर थे।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी शेरनी मेरे सामने खड़ी थी। मैं चूहा बनकर घुटनों पर बैठा था और कह रहा था- बेबी, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” रणबीर और आलिया का रिश्ता रणबीर और आलिया ने 14 अप्रैल 2022 को शादी की। यह शादी मुंबई स्थित रणबीर और आलिया के घर पर हुई थी। इसमें परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों 6 नवंबर 2022 को बेटी राहा के माता-पिता बने। प्रपोजल को लेकर विजय को ट्रोल किया गया गौरतलब है कि हाल ही में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ‘कॉफी विद करण’ में पहुंचे थे, जहां प्रपोजल की कहानी सामने आने के बाद विजय को ट्रोल किया गया था। दरअसल, शो में रश्मिका ने बताया था कि शादी के लिए उन्होंने विजय से करीब एक साल तक बात की। विजय ने उनसे इस बारे में 100 बार पूछने की बात कही थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर विजय को ‘रेड फ्लैग’ कहकर ट्रोल किया जाने लगा। बाद में रश्मिका ने सफाई देते हुए कहा कि लोगों ने उनकी बातों का गलत मतलब निकाला। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में विजय ने उनका साथ दिया था। वह अपने पति के साथ खुश हैं। वहीं, विजय ने रश्मिका को अपनी बेस्ट फ्रेंड और पत्नी बताते हुए उनका समर्थन किया। कथित फर्जी पोस्ट, एडिटेड स्क्रीनशॉट और भ्रामक कंटेंट फैलाने को लेकर रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों से शिकायत की थी।
Janhvi Kapoor Admits Paddy Sexual Assault Controversy

4 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘पेड्डी’ में जाह्नवी ने अचियम्मा का किरदार निभाया था। फिल्म का निर्देशन बुच्ची बाबू सना ने किया और इसमें राम चरण मुख्य भूमिका में थे। एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने फिल्म ‘पेड्डी’ में अपने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन पर बात की। उन्होंने माना कि वह इसे रोकने के लिए ज्यादा मजबूती से आवाज उठा सकती थीं। जाह्नवी ने यह बात ‘कॉफी विद करण’ सीजन 9 में बातचीत के दौरान कही। शो के होस्ट करण जौहर ने उनसे ‘पेड्डी’ विवाद के बारे में सवाल किया था। शो में करण जौहर ने कहा, “पेड्डी विवाद को लेकर क्या हुआ था? मुझे पता है कि इसका आप पर कई तरह से असर पड़ा था। जिस दिन यह हुआ, उस दिन मैंने आपसे बात की थी।” उन्होंने आगे कहा, “इसे देखने के दो तरीके हैं। एक, लोग इस बात को लेकर आपके साथ थे कि आपके किरदार को सेक्सुअलाइज किया गया। दूसरा पक्ष कह रहा था कि आप सेट पर थीं, तो आपने इसे रोका क्यों नहीं?” करण ने जाह्नवी से पूछा कि इस पूरे मामले को लेकर उन्हें कैसा महसूस हुआ। जाह्नवी ने कहा, “मुझे बहुत कुछ महसूस हुआ, करण। मैं इस बारे में बात करने से इसलिए हिचक रही थी, क्योंकि कई लोगों ने फिल्म पर बहुत मेहनत की थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या कहना चाहिए। मुझे यह भी नहीं पता था कि वास्तव में कहने के लिए कुछ है या नहीं।” ‘मुझे अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए’ जाह्नवी ने यह भी कहा, “मेरे हिस्से की जिम्मेदारी लेना जरूरी है। उस पूरे विवाद में मेरी जितनी भी भूमिका थी, उसकी जिम्मेदारी मुझे लेनी चाहिए। ऐसे नैरेटिव का समाज पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। खासकर मेरे जेंडर यानी महिलाओं पर इसका असर हो सकता है।” उन्होंने कहा, “यह बात मेरे जमीर पर भारी है। इस बात की शर्मिंदगी मेरे साथ हमेशा रहेगी।” जाह्नवी कपूर, वरुण धवन के साथ ‘कॉफी विद करण’ में पहुंची थीं। ‘मैं ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी’ जाह्नवी ने कहा कि वह इसे लेकर ज्यादा बड़ा मुद्दा बना सकती थीं। उन्होंने कहा, “क्या मैं और कुछ कर सकती थी? क्या मैं ज्यादा सतर्क रह सकती थी? क्या मैं इसे लेकर ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी? इन सभी सवालों का जवाब सौ फीसदी हां है।” जाह्नवी ने कहा, “क्या यह प्रॉब्लम वाली बात थी? क्या इसमें बहुत ज्यादा ऑब्जेक्टिफिकेशन था? क्या इसने कहानी के लेवल पर सेक्सुअल असॉल्ट को प्रमोट किया? हां।” उन्होंने कहा, “अब मैं सिर्फ यह सुनिश्चित कर सकती हूं कि ऐसा दोबारा न हो।” जाह्नवी कपूर और राम चरण की फिल्म ‘पेड्डी’ ने दुनियाभर में 341.90 करोड़ रुपए की कमाई की थी। ‘डायरेक्टर की बात मानना प्रोफेशनल जिम्मेदारी लगता है’ जाह्नवी ने कहा कि वह अपनी बात रखते हुए ऐसा नहीं दिखना चाहतीं कि वह जिम्मेदारी किसी और पर डाल रही हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि एक्टर्स कई बार डायरेक्टर के निर्देशों का पालन करने की स्थिति में होते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यह बात इसलिए नहीं कह रही कि जिम्मेदारी किसी और पर डाल दूं। लेकिन आप जानते हैं कि यह कैसा होता है। आपको लगता है कि डायरेक्टर जो कह रहे हैं, आपको वही करना है। आपको प्रोफेशनल रहना होता है। आपको डायरेक्टर की बात सुननी होती है।” उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रिप्ट में हर बार यह साफ नहीं होता कि सीन पर्दे पर कैसा दिखेगा। जाह्नवी ने कहा, “स्क्रिप्ट में अक्सर यह नहीं लिखा होता कि कैमरा एंगल क्या होंगे। बहुत कम ऐसा होता है कि पूरी तरह बाउंड स्क्रिप्ट आपके पास हो।” उन्होंने कहा, “इसलिए मैं उपलब्ध जानकारी के आधार पर चीजों को कम समस्याग्रस्त बनाने की कोशिश कर रही थी।” जाह्नवी ने कहा, “जब-जब मुझे किसी चीज की जानकारी मिलती थी, मैं उसी समय उसे बेहतर बनाने की कोशिश करती थी।” ‘मुझे अपनी प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था’ जाह्नवी ने माना कि वह प्रिविलेज वाली स्थिति से आती हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन इसके साथ ही मुझे अपने हिस्से की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। मैं प्रिविलेज वाली जगह से आती हूं।” जाह्नवी ने कहा, “मुझे इस प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था। वैसे भी प्रिविलेज वाली होने के लिए मुझे आलोचना झेलनी ही है, इसलिए मुझे इसका इस्तेमाल करना चाहिए था।” क्या था ‘पेड्डी’ विवाद? ‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार अचियम्मा को दिखाने के तरीके पर कई दर्शकों ने सवाल उठाए थे। दर्शकों ने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन को लेकर चिंता जताई थी। फिल्म में किरदार के ट्रीटमेंट को लेकर यह आलोचना भी हुई कि कुछ सीन सेक्सुअल असॉल्ट को सामान्य या सही दिखाते नजर आ सकते हैं। इसके बाद निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि टीम का महिला किरदारों का अपमान या ऑब्जेक्टिफिकेशन करने का कोई इरादा नहीं था। थिएट्रिकल कट में विवादित सीन हटा दिए गए या उनमें बदलाव किया गया था। बुच्ची बाबू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर दर्शकों से माफी भी मांगी थी। जाह्नवी कपूर गूगल पर ट्रेंड कर रही हैं दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Janhvi Kapoor Admits Paddy Sexual Assault Controversy

45 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘पेड्डी’ में जाह्नवी ने अचियम्मा का किरदार निभाया था। फिल्म का निर्देशन बुच्ची बाबू सना ने किया और इसमें राम चरण मुख्य भूमिका में थे। एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने फिल्म ‘पेड्डी’ में अपने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन पर बात की। उन्होंने माना कि वह इसे रोकने के लिए ज्यादा मजबूती से आवाज उठा सकती थीं। जाह्नवी ने यह बात ‘कॉफी विद करण’ सीजन 9 में बातचीत के दौरान कही। शो के होस्ट करण जौहर ने उनसे ‘पेड्डी’ विवाद के बारे में सवाल किया था। शो में करण जौहर ने कहा, “पेड्डी विवाद को लेकर क्या हुआ था? मुझे पता है कि इसका आप पर कई तरह से असर पड़ा था। जिस दिन यह हुआ, उस दिन मैंने आपसे बात की थी।” उन्होंने आगे कहा, “इसे देखने के दो तरीके हैं। एक, लोग इस बात को लेकर आपके साथ थे कि आपके किरदार को सेक्सुअलाइज किया गया। दूसरा पक्ष कह रहा था कि आप सेट पर थीं, तो आपने इसे रोका क्यों नहीं?” करण ने जाह्नवी से पूछा कि इस पूरे मामले को लेकर उन्हें कैसा महसूस हुआ। जाह्नवी ने कहा, “मुझे बहुत कुछ महसूस हुआ, करण। मैं इस बारे में बात करने से इसलिए हिचक रही थी, क्योंकि कई लोगों ने फिल्म पर बहुत मेहनत की थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या कहना चाहिए। मुझे यह भी नहीं पता था कि वास्तव में कहने के लिए कुछ है या नहीं।” ‘मुझे अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए’ जाह्नवी ने यह भी कहा, “मेरे हिस्से की जिम्मेदारी लेना जरूरी है। उस पूरे विवाद में मेरी जितनी भी भूमिका थी, उसकी जिम्मेदारी मुझे लेनी चाहिए। ऐसे नैरेटिव का समाज पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। खासकर मेरे जेंडर यानी महिलाओं पर इसका असर हो सकता है।” उन्होंने कहा, “यह बात मेरे जमीर पर भारी है। इस बात की शर्मिंदगी मेरे साथ हमेशा रहेगी।” जाह्नवी कपूर, वरुण धवन के साथ ‘कॉफी विद करण’ में पहुंची थीं। ‘मैं ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी’ जाह्नवी ने कहा कि वह इसे लेकर ज्यादा बड़ा मुद्दा बना सकती थीं। उन्होंने कहा, “क्या मैं और कुछ कर सकती थी? क्या मैं ज्यादा सतर्क रह सकती थी? क्या मैं इसे लेकर ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी? इन सभी सवालों का जवाब सौ फीसदी हां है।” जाह्नवी ने कहा, “क्या यह प्रॉब्लम वाली बात थी? क्या इसमें बहुत ज्यादा ऑब्जेक्टिफिकेशन था? क्या इसने कहानी के लेवल पर सेक्सुअल असॉल्ट को प्रमोट किया? हां।” उन्होंने कहा, “अब मैं सिर्फ यह सुनिश्चित कर सकती हूं कि ऐसा दोबारा न हो।” जाह्नवी कपूर और राम चरण की फिल्म ‘पेड्डी’ ने दुनियाभर में 341.90 करोड़ रुपए की कमाई की थी। ‘डायरेक्टर की बात मानना प्रोफेशनल जिम्मेदारी लगता है’ जाह्नवी ने कहा कि वह अपनी बात रखते हुए ऐसा नहीं दिखना चाहतीं कि वह जिम्मेदारी किसी और पर डाल रही हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि एक्टर्स कई बार डायरेक्टर के निर्देशों का पालन करने की स्थिति में होते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यह बात इसलिए नहीं कह रही कि जिम्मेदारी किसी और पर डाल दूं। लेकिन आप जानते हैं कि यह कैसा होता है। आपको लगता है कि डायरेक्टर जो कह रहे हैं, आपको वही करना है। आपको प्रोफेशनल रहना होता है। आपको डायरेक्टर की बात सुननी होती है।” उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रिप्ट में हर बार यह साफ नहीं होता कि सीन पर्दे पर कैसा दिखेगा। जाह्नवी ने कहा, “स्क्रिप्ट में अक्सर यह नहीं लिखा होता कि कैमरा एंगल क्या होंगे। बहुत कम ऐसा होता है कि पूरी तरह बाउंड स्क्रिप्ट आपके पास हो।” उन्होंने कहा, “इसलिए मैं उपलब्ध जानकारी के आधार पर चीजों को कम समस्याग्रस्त बनाने की कोशिश कर रही थी।” जाह्नवी ने कहा, “जब-जब मुझे किसी चीज की जानकारी मिलती थी, मैं उसी समय उसे बेहतर बनाने की कोशिश करती थी।” ‘मुझे अपनी प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था’ जाह्नवी ने माना कि वह प्रिविलेज वाली स्थिति से आती हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन इसके साथ ही मुझे अपने हिस्से की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। मैं प्रिविलेज वाली जगह से आती हूं।” जाह्नवी ने कहा, “मुझे इस प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था। वैसे भी प्रिविलेज वाली होने के लिए मुझे आलोचना झेलनी ही है, इसलिए मुझे इसका इस्तेमाल करना चाहिए था।” क्या था ‘पेड्डी’ विवाद? ‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार अचियम्मा को दिखाने के तरीके पर कई दर्शकों ने सवाल उठाए थे। दर्शकों ने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन को लेकर चिंता जताई थी। फिल्म में किरदार के ट्रीटमेंट को लेकर यह आलोचना भी हुई कि कुछ सीन सेक्सुअल असॉल्ट को सामान्य या सही दिखाते नजर आ सकते हैं। इसके बाद निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि टीम का महिला किरदारों का अपमान या ऑब्जेक्टिफिकेशन करने का कोई इरादा नहीं था। थिएट्रिकल कट में विवादित सीन हटा दिए गए या उनमें बदलाव किया गया था। बुच्ची बाबू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर दर्शकों से माफी भी मांगी थी। जाह्नवी कपूर गूगल पर ट्रेंड कर रही हैं दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
कॉमेडियन सुनील ग्रोवर गुत्थी और डॉ.गुलाटी के अंदाज में दिखे:जयपुर में आमिर खान के लुक में तकिया लेकर इवेंट में पहुंचे, महिलाओं के साथ गेरुआ गाने पर किया डांस

जयपुर में एक बर्थडे सेलिब्रेशन में कॉमेडी, बॉलीवुड के लोकप्रिय किरदारों, पंजाबी संगीत और डांस का अनूठा नजारा दिखाई दिया। इस खास कार्यक्रम में जयपुर की जानी-मानी हस्तियों के बीच कॉमेडियन सुनील ग्रोवर, सुदेश लहरी और पंजाबी सिंगर सुखबीर सिंह ने अपने अंदाज से समां बांध दिया। सुनील ग्रोवर ने गुत्थी, डॉ. मशहूर गुलाटी और आमिर खान से लेकर शाहरुख खान तक के अंदाज में मेहमानों का मनोरंजन किया। वहीं, सुदेश लहरी की कॉमिक टाइमिंग और सुखबीर के पंजाबी गानों ने पार्टी में चार चांद लगा दिए। जयपुर के नेहा मेंशन में हैरी जगतानी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस पार्टी की मेजबानी नेहा जगतानी और हैरी जगतानी ने की। गुत्थी बनकर आए सुनील ग्रोवर, डॉ. गुलाटी के अंदाज में भी खूब हंसाया सुनील ग्रोवर ने अपनी परफॉर्मेंस में अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। वे कभी गुत्थी के अंदाज में नजर आए तो कभी डॉ. मशहूर गुलाटी बनकर लोगों के बीच पहुंचे। उनके हर किरदार में अलग अंदाज और संवादों की कॉमिक टाइमिंग देखने को मिली। मेहमानों के बीच पहुंचकर उन्होंने अपने चिर-परिचित हावभाव और मजेदार पंच से माहौल को खुशनुमा बना दिया। डॉ. मशहूर गुलाटी के रूप में सुनील ग्रोवर महिलाओं के बीच पहुंचे और अपने मजाकिया अंदाज में कहा कि मैं यहां टेस्ट करने आया हूं। मैं कोई छोटा-मोटा डॉक्टर नहीं हूं। पहले मैं इसरो में था, फिर लोगों ने कहा कि आप गलत रो में खड़े हैं, तो मैं इस रो में आ गया। उनके इस संवाद पर वहां मौजूद लोग हंसते नजर आए। इसी किरदार में उन्होंने गाने के जरिए भी कॉमेडी की। ‘क्या तुमसे किसी से प्यार किया’ गाने की पंक्तियों के साथ मेहमानों को आगे गाने के लिए प्रेरित किया और फिर मजाकिया अंदाज में कहा कि तुमने अपना टाइम वेस्ट किया। गाने और कॉमेडी के इस मेल ने पार्टी में मौजूद लोगों का खूब मनोरंजन किया। यहां देखिए परफॉर्मेंस के फोटोज… आमिर खान के एक्सप्रेशन और शाहरुख के अंदाज में किया डांस सुनील ग्रोवर ने बॉलीवुड सितारों की नकल के जरिए भी महफिल लूटी। आमिर खान के अंदाज में वे हाथ में तकिया लेकर मेहमानों के बीच पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संवादों के बजाय आमिर खान के चेहरे के हावभाव और एक्सप्रेशन के जरिए लोगों को हंसाया। उनका यह अंदाज पार्टी में आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं, शाहरुख खान के अंदाज में उन्होंने ‘रंग दे मोहे गेरुआ’ गाने पर महिलाओं के साथ डांस किया और उन पर गुलाब के फूल बरसाए। इस दौरान बॉलीवुड के रोमांटिक अंदाज को कॉमेडी के साथ पेश किया गया। महिलाओं की फरमाइश पर उन्होंने सलमान खान और शाहरुख खान के खास एक्सप्रेशन करके भी दिखाए। सुनील ग्रोवर ने अजय देवगन के अंदाज को भी अपनी परफॉर्मेंस में शामिल किया। उन्होंने अजय देवगन की तरह चलने की नकल की और उनकी हिट फिल्म के गाने का जिक्र किया। इस तरह एक ही शाम में बॉलीवुड के कई लोकप्रिय सितारों के अंदाज देखने को मिले। रॉकस्टार सिंगर बनकर गाए ‘द कपिल शर्मा शो’ के गाने सुनील ग्रोवर ने अपने रॉकस्टार सिंगर वाले अंदाज से भी मेहमानों का मनोरंजन किया। उन्होंने ‘द कपिल शर्मा शो’ में अपने किरदार के दौरान गाए लोकप्रिय मजाकिया गानों की झलक पेश की। इस दौरान ‘स्लोली-स्लोली’ और ‘इसे पता भी नहीं है’ जैसे गानों को अपने खास अंदाज में गाकर सुनाया। उनकी गायकी में कॉमेडी का पुट और प्रस्तुति में अलग तरह की ऊर्जा देखने को मिली। मेहमानों ने उनके इस अंदाज का आनंद लिया। किरदारों की अदला-बदली, गानों और मजेदार संवादों के बीच सुनील ग्रोवर ने पूरी शाम को मनोरंजन से भर दिया। सुदेश लहरी ने कॉमिक टाइमिंग से जीता दिल कार्यक्रम में कॉमेडियन सुदेश लहरी ने भी अपनी प्रस्तुति से लोगों का मनोरंजन किया। उन्होंने अपने खास अंदाज में गानों की प्रस्तुति दी और बीच-बीच में हास्य का तड़का लगाकर माहौल को जीवंत बनाए रखा। उनकी कॉमिक टाइमिंग और सहज अंदाज ने मेहमानों को खूब हंसाया। सुदेश लहरी की प्रस्तुति में संगीत और कॉमेडी का मेल देखने को मिला। उन्होंने अपनी शैली में गानों को पेश करते हुए पार्टी में मौजूद लोगों को मनोरंजन का एक अलग अनुभव दिया। सुखबीर के पंजाबी गानों पर झूमे मेहमान शाम में पंजाबी सिंगर सुखबीर सिंह की प्रस्तुति भी खास आकर्षण रही। अपने ऊर्जावान अंदाज और पंजाबी संगीत के लिए पहचाने जाने वाले सुखबीर ने पार्टी में म्यूजिक का माहौल बना दिया। उनकी मौजूदगी से बर्थडे सेलिब्रेशन में संगीत और डांस का रंग और गहरा हो गया। मेहमानों ने पंजाबी बीट्स के साथ शाम का आनंद लिया। कॉमेडी और म्यूजिक के इस संगम ने कार्यक्रम को एक यादगार पार्टी का रूप दिया। जहां सुनील ग्रोवर और सुदेश लहरी ने हंसी का माहौल बनाया, वहीं सुखबीर के संगीत ने मेहमानों को झूमने का मौका दिया। रामलीला के दृश्यों से लेकर हनुमान चालीसा पर डांस कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति और धार्मिक प्रसंगों की झलक भी देखने को मिली। यहां रामलीला का एक भव्य दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता को आकर्षक अंदाज में दिखाया गया। इसके बाद डांसिंग क्रू के सदस्यों ने हनुमान चालीसा पर डांस परफॉर्मेंस दी।
‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

बॉलीवुड एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म ‘बधाई हो’ ने मेरी जिंदगी बदल दी और मुझे दर्शकों का अपार स्नेह मिला। ‘बधाई हो’ मेरे लिए मील का पत्थर है। मैं इसे अपने लिए फिल्म ‘शोले’ की तरह मानता हूं। हाल ही दैनिक भास्कर के जयपुर कार्यालय आए एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म की शूटिंग के दौरान उस सफर का आनंद लेना चाहता हूं। नए दोस्त बनाना चाहता हूं। जिंदगी में नए अनुभव हासिल करना चाहता हूं। एक्टर गजराज राव ने राजस्थान से जुड़ी यादों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा- डूंगरपुर में मेरा जन्म हुआ है। जयपुर में रिश्तेदार हैं और जोधपुर में मेरा ससुराल है, इसलिए यहां आने पर हमेशा अपनापन महसूस होता है। गजराव ने कहा- जोधपुर का खाना बहुत अच्छा है। वहीं जयपुर में कचौड़ियों और मिठाइयों की इतनी वैरायटी है कि उसकी कोई सीमा ही नहीं है। वहीं जयपुर में शूटिंग के दौरान हाल ही ट्रैवलिंग के अनुभवों पर लिखे व्यंग्यात्मक पोस्ट पर उन्होंने कहा कि मेरा मकसद किसी शहर या व्यक्ति का मजाक उड़ाना नहीं था। यह एक वास्तविक समस्या को हल्के-फुल्के अंदाज में सामने लाना था। पढे़ं एक्टर गजराज राव से बातचीत के अंश… सवाल: आप राजस्थान से हैं। अब मुंबई में सक्रिय हैं। राजस्थान से जुड़ी कोई खास याद? गजराज राव: यहां यादें ही यादें हैं। बचपन में मेरे पिताजी मुझे दिल्ली ले गए थे। उन्हें लगा कि गांव में रहकर मैं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाऊंगा। उस समय मैं चार-पांच साल का था। मुझे बताया जाता है कि जब मुझे स्कूल में दाखिला दिलाया गया तो मैं पट्टी और चॉक लेकर घर की तरफ भाग जाता था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था। इसके बाद हर साल गर्मियों की छुट्टियों में राजस्थान आना होता था। जोधपुर मेरा ससुराल है और जयपुर में मेरे बहुत सारे रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए यहां जब भी आता हूं तो अपनापन महसूस होता है। गट्टे की सब्जी हो या केर-सांगरी इनमें अपनेपन का स्वाद मिलता है। सवाल: आपकी फिल्म ‘बधाई हो’ को आप किस तरह याद करते हैं? गजराज राव: कई बार किसी कलाकार के जीवन में एक ऐसा प्रोजेक्ट आता है, जो उसके करियर की दिशा बदल देता है। मेरे लिए ‘बधाई हो’ वही फिल्म है। इसने मुझे एक अलग पहचान दी और दर्शकों के बीच मेरे काम को लेकर जो प्यार बना, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सबसे बड़ी बात यही है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी यह फिल्म पुरानी नहीं हुई है। आज भी जब लोग मिलते हैं तो ‘बधाई हो’ की बात करते हैं। नीना गुप्ता और आयुष्मान खुराना के बारे में बातचीत करते हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म लोगों के लिए अपने परिवार के विस्तार जैसी बन गई है। सवाल: आपके प्रोजेक्ट्स को देखें तो सलेक्टिव काम करना पसंद करते हैं। प्रोजेक्ट चुनना कितना चुनौतीपूर्ण है? गजराज राव: जब लोग आपके काम को पसंद करने लगते हैं तो आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। आपको लगता है कि दर्शकों ने आपसे कुछ उम्मीदें लगा रखी हैं। अब आपका काम है कि आप उन उम्मीदों पर खरे उतरें। साथ ही यह भी जरूरी है कि आपको खुद उस काम में आनंद आए। रिहर्सल का अनुभव, शूटिंग के दौरान का माहौल और लोगों के साथ काम करने का तरीका मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: हाल ही आपने जयपुर से जुड़े अपने ट्रेवल एक्सपीरियंस को इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उस अनुभव के बारे में बताइए। गजराज राव: दरअसल इन दिनों जयपुर में कई जगह शूटिंग चल रही है। इसके अलावा यहां कॉरपोरेट इवेंट्स भी बहुत होते हैं। शादियों का सीजन भी रहता है। ऐसे में ट्रैवल कंपनियां व्यस्त हो जाती हैं। प्रोडक्शन हाउस को जो गाड़ियां और ड्राइवर उपलब्ध होते हैं, वे उन्हें किराए पर ले लेते हैं। कई बार प्राथमिकता इस बात की होती है कि कोई ड्राइवर मिल जाए, जो सुबह 5 बजे कलाकार को लेने आए और एक घंटे दूर स्थित लोकेशन पर समय से पहुंचा दे। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। पहले दिन जो गाड़ी आई, उसकी पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं थी। मैंने ड्राइवर साहब से पूछा कि इसमें सीट बेल्ट क्यों नहीं है? उन्होंने बहुत सहजता से कहा कि कोई बात नहीं, यहां कोई सीट बेल्ट नहीं लगाता। मुझे यह बात अजीब लगी। अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। मैंने शिकायत की तो दूसरी गाड़ी आई, लेकिन उसमें भी यही स्थिति थी। उस गाड़ी के ड्राइवर ने तो यहां तक कह दिया कि अगर सीट बेल्ट लगाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस चालान कर देती है। मैंने उनसे कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सीट बेल्ट लगाने पर चालान हो जाए? उनका जवाब यही था कि यहां ऐसा ही होता है। मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख दी। वह पोस्ट वायरल हो गई। मेरा मानना है कि जब आप किसी अनुभव को बहुत कड़वाहट के साथ लिखते हैं तो उससे कड़वाहट ही पैदा होती है। मैंने उस अनुभव को हास्य के अंदाज में लिखा था, इसलिए लोगों ने भी उसे उसी तरह लिया। पोस्ट पर आने वाली ज्यादातर प्रतिक्रियाएं मजेदार थीं और लोग उस पर चर्चा कर रहे थे। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाना या जयपुर जैसे शहर का मखौल उड़ाना बिल्कुल नहीं था। मैं खुद राजस्थान का हूं, तो अपने ही प्रदेश का मजाक उड़ाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी बात ड्राइवरों की भी अपनी मजबूरियां होती हैं। वे लगातार काम कर रहे होते हैं और उन पर भी दबाव रहता है। सवाल: अगर कोई अच्छा व्यंग्य लिखना चाहते हैं। उन्हें किन लेखकों को पढ़ना चाहिए? गजराज राव: मेरे जीवन में कई लेखकों का बड़ा योगदान रहा है। मनोहर श्याम जोशी, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल और डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी जैसे लेखकों को जरूर पढ़ना चाहिए। इन सभी को पढ़ने में बहुत आनंद आता है और इनकी रचनाओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मुझे लगता है कि इन लेखकों को पढ़ना चाहिए और उनकी रचनाओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जीवन में किसी से कोई शिकायत है, तो उसे हमेशा नाराजगी या कड़वाहट के साथ व्यक्त करना जरूरी नहीं है। सवाल: आप एडमेकर और एक्टर दोनों हैं।
‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

बॉलीवुड एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म ‘बधाई हो’ ने मेरी जिंदगी बदल दी और मुझे दर्शकों का अपार स्नेह मिला। ‘बधाई हो’ मेरे लिए मील का पत्थर है। मैं इसे अपने लिए फिल्म ‘शोले’ की तरह मानता हूं। हाल ही दैनिक भास्कर के जयपुर कार्यालय आए एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म की शूटिंग के दौरान उस सफर का आनंद लेना चाहता हूं। नए दोस्त बनाना चाहता हूं। जिंदगी में नए अनुभव हासिल करना चाहता हूं। एक्टर गजराज राव ने राजस्थान से जुड़ी यादों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा- डूंगरपुर में मेरा जन्म हुआ है। जयपुर में रिश्तेदार हैं और जोधपुर में मेरा ससुराल है, इसलिए यहां आने पर हमेशा अपनापन महसूस होता है। गजराव ने कहा- जोधपुर का खाना बहुत अच्छा है। वहीं जयपुर में कचौड़ियों और मिठाइयों की इतनी वैरायटी है कि उसकी कोई सीमा ही नहीं है। वहीं जयपुर में शूटिंग के दौरान हाल ही ट्रैवलिंग के अनुभवों पर लिखे व्यंग्यात्मक पोस्ट पर उन्होंने कहा कि मेरा मकसद किसी शहर या व्यक्ति का मजाक उड़ाना नहीं था। यह एक वास्तविक समस्या को हल्के-फुल्के अंदाज में सामने लाना था। पढे़ं एक्टर गजराज राव से बातचीत के अंश… सवाल: आप राजस्थान से हैं। अब मुंबई में सक्रिय हैं। राजस्थान से जुड़ी कोई खास याद? गजराज राव: यहां यादें ही यादें हैं। बचपन में मेरे पिताजी मुझे दिल्ली ले गए थे। उन्हें लगा कि गांव में रहकर मैं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाऊंगा। उस समय मैं चार-पांच साल का था। मुझे बताया जाता है कि जब मुझे स्कूल में दाखिला दिलाया गया तो मैं पट्टी और चॉक लेकर घर की तरफ भाग जाता था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था। इसके बाद हर साल गर्मियों की छुट्टियों में राजस्थान आना होता था। जोधपुर मेरा ससुराल है और जयपुर में मेरे बहुत सारे रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए यहां जब भी आता हूं तो अपनापन महसूस होता है। गट्टे की सब्जी हो या केर-सांगरी इनमें अपनेपन का स्वाद मिलता है। सवाल: आपकी फिल्म ‘बधाई हो’ को आप किस तरह याद करते हैं? गजराज राव: कई बार किसी कलाकार के जीवन में एक ऐसा प्रोजेक्ट आता है, जो उसके करियर की दिशा बदल देता है। मेरे लिए ‘बधाई हो’ वही फिल्म है। इसने मुझे एक अलग पहचान दी और दर्शकों के बीच मेरे काम को लेकर जो प्यार बना, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सबसे बड़ी बात यही है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी यह फिल्म पुरानी नहीं हुई है। आज भी जब लोग मिलते हैं तो ‘बधाई हो’ की बात करते हैं। नीना गुप्ता और आयुष्मान खुराना के बारे में बातचीत करते हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म लोगों के लिए अपने परिवार के विस्तार जैसी बन गई है। सवाल: आपके प्रोजेक्ट्स को देखें तो सलेक्टिव काम करना पसंद करते हैं। प्रोजेक्ट चुनना कितना चुनौतीपूर्ण है? गजराज राव: जब लोग आपके काम को पसंद करने लगते हैं तो आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। आपको लगता है कि दर्शकों ने आपसे कुछ उम्मीदें लगा रखी हैं। अब आपका काम है कि आप उन उम्मीदों पर खरे उतरें। साथ ही यह भी जरूरी है कि आपको खुद उस काम में आनंद आए। रिहर्सल का अनुभव, शूटिंग के दौरान का माहौल और लोगों के साथ काम करने का तरीका मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: हाल ही आपने जयपुर से जुड़े अपने ट्रेवल एक्सपीरियंस को इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उस अनुभव के बारे में बताइए। गजराज राव: दरअसल इन दिनों जयपुर में कई जगह शूटिंग चल रही है। इसके अलावा यहां कॉरपोरेट इवेंट्स भी बहुत होते हैं। शादियों का सीजन भी रहता है। ऐसे में ट्रैवल कंपनियां व्यस्त हो जाती हैं। प्रोडक्शन हाउस को जो गाड़ियां और ड्राइवर उपलब्ध होते हैं, वे उन्हें किराए पर ले लेते हैं। कई बार प्राथमिकता इस बात की होती है कि कोई ड्राइवर मिल जाए, जो सुबह 5 बजे कलाकार को लेने आए और एक घंटे दूर स्थित लोकेशन पर समय से पहुंचा दे। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। पहले दिन जो गाड़ी आई, उसकी पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं थी। मैंने ड्राइवर साहब से पूछा कि इसमें सीट बेल्ट क्यों नहीं है? उन्होंने बहुत सहजता से कहा कि कोई बात नहीं, यहां कोई सीट बेल्ट नहीं लगाता। मुझे यह बात अजीब लगी। अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। मैंने शिकायत की तो दूसरी गाड़ी आई, लेकिन उसमें भी यही स्थिति थी। उस गाड़ी के ड्राइवर ने तो यहां तक कह दिया कि अगर सीट बेल्ट लगाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस चालान कर देती है। मैंने उनसे कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सीट बेल्ट लगाने पर चालान हो जाए? उनका जवाब यही था कि यहां ऐसा ही होता है। मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख दी। वह पोस्ट वायरल हो गई। मेरा मानना है कि जब आप किसी अनुभव को बहुत कड़वाहट के साथ लिखते हैं तो उससे कड़वाहट ही पैदा होती है। मैंने उस अनुभव को हास्य के अंदाज में लिखा था, इसलिए लोगों ने भी उसे उसी तरह लिया। पोस्ट पर आने वाली ज्यादातर प्रतिक्रियाएं मजेदार थीं और लोग उस पर चर्चा कर रहे थे। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाना या जयपुर जैसे शहर का मखौल उड़ाना बिल्कुल नहीं था। मैं खुद राजस्थान का हूं, तो अपने ही प्रदेश का मजाक उड़ाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी बात ड्राइवरों की भी अपनी मजबूरियां होती हैं। वे लगातार काम कर रहे होते हैं और उन पर भी दबाव रहता है। सवाल: अगर कोई अच्छा व्यंग्य लिखना चाहते हैं। उन्हें किन लेखकों को पढ़ना चाहिए? गजराज राव: मेरे जीवन में कई लेखकों का बड़ा योगदान रहा है। मनोहर श्याम जोशी, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल और डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी जैसे लेखकों को जरूर पढ़ना चाहिए। इन सभी को पढ़ने में बहुत आनंद आता है और इनकी रचनाओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मुझे लगता है कि इन लेखकों को पढ़ना चाहिए और उनकी रचनाओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जीवन में किसी से कोई शिकायत है, तो उसे हमेशा नाराजगी या कड़वाहट के साथ व्यक्त करना जरूरी नहीं है। सवाल: आप एडमेकर और एक्टर दोनों हैं।
RPSC Senior Teacher English Recruitment

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2025 के अंग्रेजी विषय में शामिल होने वाले उन सभी कैंडिडेट्स को सिलेक्ट कर लिया गया है, जो परीक्षा में मिनीमम मार्क्स हासिल करने में सफल रहे। आयोग की ओर से . सीनियर टीचर भर्ती 9,651 पदों पर थी, जिसमें करीब 12 लाख कैंडिडेट्स ने फार्म भरे। इसमें अंग्रेजी विषय के 1956 पद थे।अंग्रेजी विषय की परीक्षा 17 जुलाई 2026 को हुई थी। इसके लिए आवेदन करने वालों की संख्या 97 हजार 227 थी, एग्जाम में 62 हजार 882 कैंडिडेट्स शामिल हुए। आयोग की ओर से 10% से अधिक प्रश्नों में पांच विकल्पों में से कोई भी विकल्प नहीं भरने के कारण अंग्रेजी विषय के 228 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। बता दें कि यह सूची चयन प्रक्रिया में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों की केवल दस्तावेज सत्यापन के उद्देश्य से है। यह चयन सूची अथवा वरीयता सूची नहीं है। अंतिम रूप से सफल अभ्यर्थियों की सूची संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेज सत्यापन कराए जाने के बाद आयोग की ओर से जारी की जाएगी। परीक्षा में कैंडिडेट्स को 40 प्रतिशत मार्क्स लाना अनिवार्य है। इसमें आरक्षित वर्ग को 5% प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है। पद रह सकते है खाली आयोग की ओर से भले ही पात्रता जांच के लिए पदों पर भर्ती के मुकाबले ज्यादा कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की, लेकिन इसमें कई कैटेगिरी में कोई कैंडिडेट्स मिनीमम मार्क्स भी हासिल नहीं कर पाया। ऐसे में पद खाली रहने की सम्भावना है। ाॅक्युमेंट्स वैरीफिकेशन के बाद ही साफ हो पाएगा। 31 से भर सकेंगे डिटेल फॉर्म विचारित सूची में सम्मिलित अभ्यर्थियों को विस्तृत आवेदन-पत्र ऑनलाइन भरने होंगे। विस्तृत आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने का लिंक 31 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 रात्रि (11:59) तक खोला जाएगा। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन तथा दस्तावेज सत्यापन के संबंध में आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना भी आवश्यक रूप से सुनिश्चित करनी होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग करेगा डॉक्युमेंट्स की जांच विचारित सूची में अस्थाई रूप से सम्मिलित किए गए सभी अभ्यर्थियों को अपने एसएसओ आईडी के माध्यम से रिक्रूटमेंट पोर्टल पर माय रिक्रूटमेंट-डीटेल्ड फॉर्म कम स्क्रूटनी- अप्लाई नाउ का चयन कर अपना विस्तृत आवेदन पत्र ऑनलाइन भरना होगा। विस्तृत आवेदन-पत्र व दस्तावेजों की जांच संबंधित विभाग (माध्यमिक शिक्षा विभाग) की ओर से की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने व सबमिट करने के बाद प्रिंट ऑप्शन पर जाकर सम्पूर्ण विस्तृत आवेदन पत्र को 2 प्रतियों में प्रिंट कर अपने पास संभाल कर रखना होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग की सूचना के अनुसार निर्धारित दिनांक, समय व स्थान पर विस्तृत आवेदन-पत्र (दो प्रतियों में) मय समस्त मूल दस्तावेजों व स्वयं सत्यापित प्रतियों सहित उपस्थित होना होगा। इसके लिए संबंधित विभाग द्वारा ही उचित माध्यम से अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए सूचित किया जाएगा। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से अलग से कोई सूचना अभ्यर्थियों को भेजी नहीं जाएगी। विभाग द्वारा दस्तावेज सत्यापन के बाद पात्र अभ्यर्थियों की सूची आयोग को भेजी जाएगी, जिसके बाद आयोग द्वारा परिणाम जारी किया जाएगा। सीनियर टीचर भर्ती में सब्जेक्ट वाइज पदों की स्थिति… विषय पद गणित 2,076 विज्ञान 2,031 अंग्रेजी 1,956 हिंदी 1,577 संस्कृत 1,323 सामाजिक विज्ञान 600 उर्दू 71 पंजाबी 14 सिंधी 2 गुजराती 1 कुल पद 9,651 अब यहां देखें कट ऑफ मार्क्स… 1. कट ऑफ मार्क्स (अनुसूचित क्षेत्र – Scheduled Area) मुख्य श्रेणी (Category Wise) वर्ग (Category) उप-वर्ग (Sub Category) कट ऑफ मार्क्स सामान्य (Gen. – UR) सामान्य (GEN) सभी (ALL) सामान्य महिला (GEN. WE) सभी (ALL) विधवा (WD) N.A.* परित्यक्ता (DV) N.A.* अनुसूचित जाति (S.C.) सामान्य (GEN) सभी (ALL) सामान्य महिला (GEN. WE) सभी (ALL) विधवा (WD) N.A.* अनुसूचित जनजाति (S.T.) सामान्य (GEN) सभी (ALL) सामान्य महिला (GEN. WE) सभी (ALL) विधवा (WD) N.A.* परित्यक्ता (DV) N.A.* क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) श्रेणी (Category) उप-श्रेणी कट ऑफ मार्क्स पूर्व सैनिक (Ex-Serviceman) सामान्य (UR) N.A.* अनुसूचित जाति (S.C.) N.A.* अनुसूचित जनजाति (S.T.) N.A.* विशेष योग्यजन (PH) B/LV N.A.* H.H. N.A.* OA/OL/OAL/CP/LC/SD/SI/DW/AAV N.A.* (a) ASD (M), M.I., S.L.D., & (b) Mul. Dis. N.A.* 2. कट ऑफ मार्क्स (गैर-अनुसूचित क्षेत्र – Non Scheduled Area) मुख्य श्रेणी (Category Wise) वर्ग (Category) उप-वर्ग (Sub Category) कट ऑफ मार्क्स सामान्य (Gen. – UR) सामान्य (GEN) सभी (ALL) सामान्य महिला (GEN. WE) सभी (ALL) विधवा (WD) सभी (ALL) परित्यक्ता (DV) सभी (ALL) अनुसूचित जाति (S.C.) सामान्य (GEN) सभी (ALL) सामान्य महिला (GEN. WE) सभी (ALL) विधवा (WD) N.A.* परित्यक्ता (DV) N.A.* अनुसूचित जनजाति (S.T.) सामान्य (GEN) सभी (ALL) सामान्य महिला (GEN. WE) सभी (ALL) विधवा (WD) N.A.* परित्यक्ता (DV) N.A.* अन्य पिछड़ा वर्ग (O.B.C.) सामान्य (GEN) सभी (ALL) सामान्य महिला (GEN. WE) सभी (ALL) विधवा (WD) N.A.* परित्यक्ता (DV) N.A.* अति पिछड़ा वर्ग (M.B.C.) सामान्य (GEN) सभी (ALL) सामान्य महिला (GEN. WE) सभी (ALL) विधवा (WD) N.A.* आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (E.W.S.) सामान्य (GEN) सभी (ALL) सामान्य महिला (GEN. WE) सभी (ALL) विधवा (WD) N.A.* परित्यक्ता (DV) N.A.* सहरिया (SAHARIYA) सामान्य (GEN) N.A.* सामान्य महिला (GEN. WE) N.A.* क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) श्रेणी (Category) उप-श्रेणी कट ऑफ मार्क्स पूर्व सैनिक (Ex-Serviceman) सामान्य (UR) सभी (ALL) अनुसूचित जाति (S.C.) संबंधित श्रेणी में पहले से उपलब्ध अनुसूचित जनजाति (S.T.) N.A.* अन्य पिछड़ा वर्ग (O.B.C.) संबंधित श्रेणी में पहले से उपलब्ध अति पिछड़ा वर्ग (M.B.C.) N.A.* आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (E.W.S.) N.A.* विशेष योग्यजन (PH) B/LV संबंधित श्रेणी में पहले से उपलब्ध H.H. N.A.* OA/OL/OAL/CP/LC/SD/SI/DW/AAV सभी (ALL) (a) ASD (M), M.I., S.L.D., & (b) Mul. Dis. N.A.*
IIT खड़गपुर में बनेगा देश का पहला AI स्कूल:35 करोड़ खर्च, IISER पुणे, IIM बैंगलोर ने जारी की नई पॉलिसी

IIT खड़गपुर देश का पहला AI स्कूल खोलने जा रहा है। इसके लिए संस्थान ने अपने पूर्व छात्र विनोद गुप्ता और IIT खड़गपुर फाउंडेशन अमेरिका के साथ MoU साइन किया है। इसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च, इंटरडिसिप्लिनरी एजुकेशन और AI टेक्निक के डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है। AI स्कूल बनाने में 35 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। ऐसे मिलेगा 35 करोड़ का फंड 35 करोड़ के फंड में से 12.5 करोड़ का योगदान विनोद गुप्ता का परिवार देगा। विनोद गुप्ता भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी हैं। उन्होंने अमेरिका में बिजनेस-डेटा कंपनी InfoUSA की स्थापना की। वे शिक्षा के क्षेत्र में दिए योगदान के लिए पहचाने जाते हैं। IIT खड़गपुर में उन्होंने पहले भी मैनेजमेंट एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूशन की स्थापना में आर्थिक सहयोग दिया है। बेंजामिन गुप्ता के नाम पर रखा जाएगा नाम विनोद गुप्ता के अलावा 10 करोड़ रुपये का योगदान एक पूर्व छात्र की तरफ से दिया गया है। इस छात्र ने अपना नाम न बताने का फैसला किया है। इसके बाद बची हुई राशि IIT खड़गपुर की तरफ से दी जाएगी। इस स्कूल का नाम विनोद गुप्ता के दिवंगत बेटे बेंजामिन गुप्ता की याद में ‘बेंजामिन गुप्ता स्कूल ऑफ फिजिकल AI’ रखा जाएगा। बेंजामिन द जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में संयुक्त JD/MBA कोर्स कर रहे थे। वे अमेरिकी प्रतिनिधि रहम इमैनुएल और अमेरिकी विदेश विभाग से जुड़े हुए थे। उनका 28 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। फिजिकल AI पर आधारित भारत का पहला स्कूल IIT खड़गपुर के इस स्कूल को फिजिकल AI पर आधारित भारत के पहले एकेडमिक इंस्टीट्यूशन के रूप में पेश किया जाएगा। यह रियल वर्ल्ड के माहौल को समझने के साथ ही उसका पूर्वानुमान लगा सकता है। साथ ही उसे नियंत्रित कर सकता है। ये स्कूल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी को फिजिक्स, इंजीनियरिंग, बायोलॉजिकल सिस्टम और स्पेशलाइज्ड साइंटिफिक नॉलेज के साथ जोड़ने पर फोकस्ड रहेगा। इसके रिसर्च एरिया में फिजिक्स आधारित मशीन लर्निंग, साइंटिफिक AI, डिजिटल ट्विन्स, इंटेलिजेंट रोबोटिक्स, ऑटोनोमस सिस्टम्स, एडवांस्ड सेंसिंग कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग और AI इनेबल्ड एक्सपेरिमेंट शामिल हैं। IIT खड़गपुर के AI स्कूल में हाइब्रिड मोड में मास्टर डिग्री, प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन और प्रोफेशनल्स के लिए ट्रेनिंग शामिल हो सकती है। इसकी शुरुआत अगले सेशन से होने की संभवना है। IISER पुणे की पहल IIT खड़गपुर की तरह देशभर के कई हाई एजुकेशन इंस्टीट्यूट AI को नए लेवल तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके तहत पुणे स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER Pune) ने स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर नई पॉलिसी अपनाई है। IISER पुणे में स्टूडेंट्स AI का उपयोग तब तक सामान्य रूप से कर सकते हैं, जब तक टीचर या PhD सुपरवाइजर लिखित रूप से इस पर रोक न लगाए। यह नीति मार्च 2026 में संस्थान की सीनेट से मंजूर हुई थी और अप्रैल में चर्चा में आई। यहां स्टूडेंट्स के लिए AI का यूज करना या न करना उनके कोर्स पर डिपेंड करेगा। फिलहाल IISER पुणे में ज्यादातर क्विज और मिड-सेमेस्टर व एंड-सेमेस्टर एग्जाम AI के बिना ही आयोजित किए जाते हैं। IIM अहमदाबाद ने अपनाया केस स्टडी तरीका IIM अहमदाबाद में AI की वजह से फैकल्टी सदस्य मैनेजमेंट एजुकेशन के केस-स्टडी तरीके को फिर से अपना रहे हैं। यहां छात्र क्लासरूम में जाने से पहले, लंबे बिजनेस केस की समरी तैयार करने और उनका एनालिसिस करने के लिए ChatGPT और Gemini जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि AI की मदद से तैयार किए गए सवालों के जवाब या समरी सभी स्टूडेंट्स के लिए एक जैसी होती है। जिससे उनके स्कोर प्रभावित हो सकते हैं। इस संस्थान ने स्टूडेंट्स, फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्च एसोसिएट्स और अन्य के लिए 1500 AI टूल्स का लाइसेंस लिया है। IIM बैंगलोर में छात्रों ने बनाएं चैटबॉट IIM बैंगलोर ने स्टूडेंट्स के लिए AI के यूज को आगे बढ़ाते हुए छात्रों को परीक्षा में AI का उपयोग करने की अनुमति दी है। यहां इस साल जून-जुलाई सेशन के दौरान, कोर बिजनेस एनालिटिक्स और जनरल MBA इलेक्टिव समूहों के 78 MBA छात्रों ने जेनरेटिव AI से जुड़े मिडटर्म सवालों के जवाब देने के लिए खुद के चैटबॉट बनाए। द इंडियन स्कूल बिजनेस ऑफ हैदराबाद और मोहाली में फैकल्टी तय करती है कि स्टूडेंट्स को किस कोर्स, एसाइनमेंट्स, ग्रुप प्रोजेक्ट्स और रिसर्च में AI की परमिशन दी जाना चाहिए और किस कोर्स के लिए नहीं। सर्वे में सामने आए दोहरे नतीजे यूके में ‘हायर एजुकेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट’ (HEPI) के ‘स्टूडेंट जेनरेटिव AI सर्वे 2026’ के अनुसार AI से जुड़े स्टूडेंट्स के एक्सपीरियंस में बड़ा अंतर सामने आया है। कुछ छात्रों के लिए AI उनकी सोचने की क्षमता बढ़ाता है, वहीं कई स्टूडेंट्स के लिए यह एक ऐसे सहारे की तरह काम करता है जिसके बिना वे कोई प्रोजेक्ट या पढ़ाई ठीक तरह से नहीं कर पाते। इसलिए, उच्च शिक्षा संस्थानों को AI से संबंधित ऐसे नियम बनाना चाहिए जो स्टूडेंट्स के लिए सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाए। भारत के अलावा अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, चीन में AI स्कूल हैं। हालांकि ये पूरी तरह AI बेस्ड नहीं हैं बल्कि इन स्कूलों में AI की पढ़ाई टीचर द्वारा ही कराई जाती है। ————————————————————————- ये खबर भी पढ़ें IIT रोपड़ ने बिना थीसिस वाला PhD प्रोग्राम लॉन्च किया:अब अपना स्टार्टअप मॉडल दिखाकर सीधे ले सकेंगे डिग्री IIT रोपड़, पंजाब ने PhD स्टूडेंट्स के लिए एक मॉडल तैयार किया है। जिसमें स्टूडेंट्स को अब सालों तक लंबी थीसिस लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, इसके बजाय एक अपने ही प्रोडक्ट को बेचकर, उसका प्राफिट इंस्टीट्यूट को दिखाकर डिग्री हासिल कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
Naseeruddin Shah Controversy | Puneet Issar Slams Statement; Paresh Rawal

8 मिनट पहले कॉपी लिंक सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह के सरकार विरोधी बयान के बाद एक्टर पुनीत इस्सर उन पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सरकार पसंद नहीं है, तो चुनाव लड़कर उसे हराएं। मंगलवार को शाह ने फेसबुक पर खुद को गर्व से ‘दिमागी नक्सल’ बताया था। उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और युवाओं का हौसला तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। टीवी शो ‘महाभारत’ में पुनीत इस्सर ने दुर्योधन की भूमिका निभाई थी। बुधवार को IANS से बातचीत में इस्सर ने कहा, पहली बात तो यह है कि नसीरुद्दीन शाह जी हमारे सीनियर हैं, हमारे टीचर रह चुके हैं, आदरणीय हैं और बहुत ही बेहतरीन कलाकार हैं। लेकिन मेरा सिर्फ यह कहना है कि जब आप कोई बात करते हैं, तो सिलेक्टिव बात नहीं करनी चाहिए। आप दुनिया और हिंदुस्तान के कितने मुद्दों पर मूकदर्शक बने रहते हैं। आप गूंगे बनकर बैठ जाते हैं, तब तो आप बात नहीं करते। आप हर चीज का जवाब एकतरफा देते हैं। आप लेफ्टिस्ट सोच और नक्सली विचारधारा वाले वामपंथियों की सोच के हिसाब से जवाब देते हैं। इस्सर ने शाह पर चुनिंदा मुद्दों पर बोलने का आरोप लगाया इस्सर ने ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग और JNU से जुड़े लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इन ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग और JNU के लोगों को देखिए। जब हमारे देश में दोषी ठहराए गए अपराधियों और इस समय जेल में बंद आतंकियों की बात आती है, तो वे उनकी रिहाई की मांग करते हैं और उनके पक्ष में बोलते हैं। अगर आप ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं, तो इसका मतलब भारतीय होने से क्या है?” ‘सरकार पसंद नहीं, तो चुनाव लड़ें’ हालांकि, इस्सर ने कहा कि शाह को अपनी राय रखने और सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, “लेकिन अगर आपको सत्ता में आई सरकार पसंद नहीं है, तो राजनीतिक मैदान में उतरिए। चुनाव लड़िए, जीतिए और इस सरकार को हराइए। यह सरकार मनमाने तरीके से सत्ता में नहीं आई है। देश की जनता ने इसे चुना और निर्वाचित किया है।” राजनीतिक मतभेद के बावजूद परेश रावल ने कहा था कि शाह के लिए उनके मन में गहरा सम्मान है। वे एक बहुत अच्छे इंसान भी हैं। नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी को लेकर परेश रावल ने कहा, “नसीर भाई की अपनी राय है। मैं उसके बारे में कुछ नहीं बोल सकता। सबको हक है कि जो फील करते हैं, वो बोलें।” जामिया और SRFTI के छात्रों के समर्थन में बोले थे शाह नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो कहते हैं, “मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या।” उन्होंने आगे कहा, “टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?” उन्होंने यह भी कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा। सब याद रखा जाएगा। शाह बोले- युवाओं का हौसला कभी नहीं टूटेगा नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में मीडिया और बीजेपी आईटी सेल के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा, शिक्षा संस्थान बर्बाद नहीं होंगे और लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ेगा। वीडियो के आखिर में उन्होंने देश के युवाओं को सलाम किया और कहा कि उनकी दुआएं उनके साथ हैं। बीजेपी के लिए अपशब्द कहे थे; झूठी पार्टी बताया था इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह ने वीडियो में कहा था कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Naseeruddin Shah Controversy | Puneet Issar Slams Statement; Paresh Rawal

2 मिनट पहले कॉपी लिंक सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह के सरकार विरोधी बयान के बाद एक्टर पुनीत इस्सर उन पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सरकार पसंद नहीं है, तो चुनाव लड़कर उसे हराएं। मंगलवार को शाह ने खुद को गर्व से ‘दिमागी नक्सल’ बताया था। उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और युवाओं का हौसला तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। टीवी शो ‘महाभारत’ में पुनीत इस्सर ने दुर्योधन की भूमिका निभाई थी। बुधवार को IANS से बातचीत में इस्सर ने कहा, पहली बात तो यह है कि नसीरुद्दीन शाह जी हमारे सीनियर हैं, हमारे टीचर रह चुके हैं, आदरणीय हैं और बहुत ही बेहतरीन कलाकार हैं, लेकिन मेरा सिर्फ यह कहना है कि जब आप कोई बात करते हैं, तो सिलेक्टिव बात नहीं करनी चाहिए। आप दुनिया और हिंदुस्तान के कितने मुद्दों पर मूकदर्शक बने रहते हैं। आप गूंगे बनकर बैठ जाते हैं, तब तो आप बात नहीं करते। आप हर चीज का जवाब एकतरफा देते हैं। आप लेफ्टिस्ट सोच और नक्सली विचारधारा वाले वामपंथियों की सोच के हिसाब से जवाब देते हैं। इस्सर ने शाह पर चुनिंदा मुद्दों पर बोलने का आरोप लगाया इस्सर ने नसीरुद्दीन शाह से कहा, “इन ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग और JNU के लोगों को देखिए। जब हमारे देश में दोषी ठहराए गए अपराधियों और इस समय जेल में बंद आतंकियों की बात आती है, तो वे उनकी रिहाई की मांग करते हैं और उनके पक्ष में बोलते हैं। अगर आप ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं, तो इसका मतलब भारतीय होने से क्या है?” इस्सर बोले- ‘सरकार पसंद नहीं, तो चुनाव लड़ें’ इस्सर ने यह भी कहा कि शाह को अपनी राय रखने और सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, “लेकिन अगर आपको सत्ता में आई सरकार पसंद नहीं है, तो राजनीतिक मैदान में उतरिए। चुनाव लड़िए, जीतिए और इस सरकार को हराइए। यह सरकार मनमाने तरीके से सत्ता में नहीं आई है। देश की जनता ने इसे चुना और निर्वाचित किया है।” वहीं, नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी को लेकर परेश रावल ने कहा, “नसीर भाई की अपनी राय है। मैं उसके बारे में कुछ नहीं बोल सकता। सबको हक है कि वो जो फील करते हैं, वो बोलें।” राजनीतिक मतभेद के बावजूद परेश रावल ने कहा था कि शाह के लिए उनके मन में गहरा सम्मान है। वे एक बहुत अच्छे इंसान भी हैं। जामिया और SRFTI के छात्रों के समर्थन में बोले थे शाह नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो कहते हैं, “मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या।” उन्होंने आगे कहा, “टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?” उन्होंने यह भी कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा। सब याद रखा जाएगा। शाह बोले- युवाओं का हौसला कभी नहीं टूटेगा नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में मीडिया और बीजेपी आईटी सेल के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया था। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा, शिक्षा संस्थान बर्बाद नहीं होंगे और लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ेगा। वीडियो के आखिर में उन्होंने देश के युवाओं को सलाम किया और कहा कि उनकी दुआएं उनके साथ हैं। बीजेपी के लिए अपशब्द कहे थे; झूठी पार्टी बताया था इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह ने वीडियो में कहा था कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









