आंदोलन का हिंसक होना बेहद दुख की बात:लंबी चुप्पी के बाद सलमान खान ने किया प्रोटेस्ट का समर्थन, कहा- राजनीतिक रंग न दें, ये शिक्षा का मुद्दा

लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है।
आंदोलन का हिंसक होना बेहद दुख की बात:लंबी चुप्पी के बाद सलमान खान ने किया प्रोटेस्ट का समर्थन, कहा- राजनीतिक रंग न दें, ये शिक्षा का मुद्दा

लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है। प्रोटेस्ट में शामिल हुए कई सितारे सीनियर एक्टर शबाना आजमी और प्रकाश राज 20 जुलाई को जंतर-मंतर में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद से ही कई सेलेब्स अलग-अलग शहरों में हो रहे प्रोटेस्ट का हिस्सा बन रहे हैं। धुरंधर एक्ट्रेस आएशा खान को मंगलवार को मुंबई के प्रोटेस्ट में शामिल होने के दौरान डीटेन किया गया है, जिसके बाद एक्ट्रेस नाराज नजर आईं। वहीं आमिर खान के भांजे इमरान खान भी प्रोटेस्ट में पहुंचे। टीवी एक्टर सेहबान अजीम प्रोटेस्ट में 2 दोस्तों को बचाते हुए लाठीचार्ज का शिकार हो गए, जिससे उनके हाथ में सूजन आ गई है। प्रोटेस्ट के सपोर्ट में उतर रहे हैं बॉलीवुड सेलेब्स एक्टर अनुपम खेर ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को सबसे निष्पक्ष और ईमानदार बताया, साथ ही उन्हें बाहरी राजनीतिक दलों के एजेंडे से सावधान रहने की हिदायत दी। वहीं, रत्ना पाठक शाह ने मौजूदा स्थिति की तुलना पौराणिक कथा के द्रोणाचार्य से की और सीमा पाहवा ने फिल्म इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। छात्रों पर बात कर रो पड़े सीनियर एक्टर रघुबीर यादव, कहा- दरिंदगी दिखाई गई पंचायत फेम एक्टर रघुबीर यादव ने सोशल मीडिया से एक वीडियो जारी की, जिसमें छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर बात कर वो रो पड़े। उन्होंने कहा- ‘बहुत आहत हूं, यकीन नहीं हो रहा है। जिस तरह मासूम बच्चों को बेरहमी और बेदर्दी से मारा-पीटा गया है, क्या कहूं। नकाबपोशों ने खाकी वर्दी पहनकर किसी की भी शय में बच्चों को मारा है, जो दरिंदगी दिखाई है, पूरी कायनात पूरी सृष्टि इन्हें माफ नहीं करेगी। अब क्या है, पीट लिया, मार लिया, बच्चों का कसूर क्या था। जाइए, अपनी तनख्वाह लेकर, बच्चों को खिलाकर चैन की नींद सो जाइए। जो बच्चे हिम्मत लेकर चल रहे हैं, मेरे जिस्म का कतरा-कतरा उनके साथ है। मैं सैल्यूट करता हूं बच्चों को। जो तुमने हौसला दिखाया, जरूर कामयाब होगे।’ नसीरुद्दीन शाह बोले- जाहिल देश चलाए तो चाहेगा सब जाहिल बनें नसीरुद्दीन शाह ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा- अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। मेरी पूरी हमदर्दी छात्रों के साथ है। मैं उन्हें हजार-हजार हर सांस के साथ दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं यह देखकर कि हमारे इन बच्चों के साथ किस तरह ज़ुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा, ‘कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।’ अनुपम खेर बोले- ‘छात्रों का प्रदर्शन सबसे ईमानदार एक्टर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर कर जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए
CJP के प्रोटेस्ट पर एक्टर रघुवीर यादव भावुक:कहा- मासूम बच्चों पर हुई दरिंदगी, नकाबपोशों सृष्टि कभी माफ नहीं करेगी

CJP के जेनजी प्रोटेस्ट के दौरान बच्चों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अब देश के चर्चित अभिनेता रघुवीर यादव भी खुलकर सामने आ गए हैं। इन दिनों वे चर्चित वेब सीरीज ‘पंचायत’ में प्रधान के किरदार के कारण घर-घर में लोकप्रिय हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी कर घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि मासूम बच्चों के साथ जो हुआ, उसने उन्हें भीतर तक आहत कर दिया है। बता दें कि मध्य प्रदेश के रघुवीर यादव ने हाल ही में पंचायत वेब सीरीज में प्रधान का कैरेक्टर निभाया है। जो देखा, उस पर यकीन नहीं हो रहा वीडियो की शुरुआत में रघुवीर यादव ने कहा कि वे बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा, यकीन नहीं हो रहा कि जिस तरह इन मासूम बच्चों को बेरहमी से, बेदर्दी से मारा-पीटा गया।” उनकी आवाज में दर्द साफ महसूस होता है और वे बार-बार इस घटना को इंसानियत के खिलाफ बताते नजर आते हैं। पूरी सृष्टि कभी माफ नहीं करेगी अभिनेता ने कहा कि खाकी वर्दी पहनकर बच्चों पर जिस तरह हाथ उठाया गया, वह केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। उन्होंने कहा, “इन बच्चों पर जो दरिंदगी दिखाई गई है, उसे पूरी कायनात, पूरी सृष्टि कभी माफ नहीं करेगी। बच्चों का कसूर क्या था? रघुवीर यादव ने सवाल उठाया कि आखिर उन बच्चों का अपराध क्या था। उन्होंने कहा, “अब क्या है… पीट लिया, मार लिया। बच्चों का कसूर क्या था? अब जाइए, इस महीने की तनख्वाह लेकर अपने बच्चों को रोटी खिलाइए और चैन की नींद सो जाइए, लेकिन यह सृष्टि आपको कभी माफ नहीं करेगी। यह कहते हुए उन्होंने जिम्मेदार लोगों के अंतर्मन को झकझोरने की कोशिश की। मेरे जिस्म का कतरा-कतरा बच्चों के साथ है वीडियो के अंत में अभिनेता पूरी तरह भावुक दिखाई दिए। उन्होंने आंदोलन में शामिल बच्चों के साहस को सलाम करते हुए कहा, इन बच्चों के लिए मेरे जिस्म का कतरा-कतरा उनके साथ है। मैं इन बच्चों को सलाम करता हूं। बच्चों, मैं तुम्हारे साथ हूं। तुमने जो हौसला दिखाया है, मुझे भरोसा है कि तुम जरूर कामयाब होगे। ‘तनख्वाह लेकर चैन की नींद सो जाइए…’ रघुवीर यादव ने वीडियो में पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए बेहद मार्मिक और तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, अब जाइए… इस महीने की तनख्वाह लेकर अपने बच्चों को रोटी खिलाकर और चैन की नींद सो जाइए। इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि मासूम बच्चों पर हुई इस कथित बर्बरता को न तो इंसानियत भूलेगी और न ही सृष्टि कभी माफ करेगी। छात्रों पर हुई बर्बरता देख भावुक नसीरुद्दीन शाह आदाब, नमस्कार। मैं नसीरुद्दीन शाह दो बातें अर्ज करना चाहता हूं आप सब से। पहली बात तो यह है, कि अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। अभिनय के दो अलग-अलग कोर्स राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और पूना फिल्म इंस्टीट्यूट में पूरे करने के बावजूद मैंने अभिनय के बारे में सबसे ज्यादा जो सीखा है, वह उन बच्चों से, उन तालिब-ए-इल्म से जिन्हें सिखाने की कोशिश मैंने की है।
अमेरिका का ईरान के 4 प्रांतों पर हमला:ट्रम्प बोले- वह बुरी तरह पिट रहा; हूतियों का दावा- सऊदी के 2 तेल टैंकरों पर अटैक किया

अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान पर हमला किया। इस बार खुजेस्तान, बुशेहर, होर्मोजगान और इलाम प्रांतों में कई जगह मिसाइल और हवाई हमले हुए। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक इलाकों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान बुरी तरह पिट रहा है। दूसरी ओर, यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकर एन्सेलिया और लैला को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। ब्रिटेन की UKMTO ने भी सऊदी तट के पास एक जहाज पर हमले और उसमें आग लगने की पुष्टि की है, हालांकि जहाज की पहचान नहीं बताई। हूतियों का कहना है कि यह हमला सऊदी अरब के खिलाफ उनके ‘घेराबंदी के बदले घेराबंदी’ अभियान का हिस्सा है। हूतियों के इस कदम से बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में तनाव पैदा हो गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
मासूम शर्मा बोले-पैग मारने के लिए सोचना नहीं पड़ता था,VIDEO:हरियाणवी सिंगर ने कहा- मां-बाप को भी धमका देता था; सेप्टिक टैंक मशीन भी चलाई

हरियाणवी सिंगर और एक्टर मासूम शर्मा ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कई बड़े खुलासे किए हैं। मासूम ने कहा- अजय हुड्डा के साथ गाए कुछ गानों पर पछतावा होता है। आज जब गानों को सुनता हूं तो शर्मिंदगी महसूस होती है। 18-20 साल की उम्र में भी मां-बाप को धमका देता था। कई बार प्रोग्राम के बाद गालियां देने का मन करता है। उन्होंने कहा, पहले बहुत मजे थे। सोचना नहीं पड़ता था कि कहां, पैग मारने हैं, कहां नहीं। धमकी मिलने के बाद आज टाइम ऐसा कि रेहड़ी पर खड़े होकर गोलगप्पे भी नहीं खा सकता। मासूम ने कहा- आज कलाकार नहीं होता तो दिहाड़ी कर रहा होता। सेप्टिक टैंक साफ करने के लिए ट्रैक्टर भी चलाया है। अब फर्जी संतों को एक्सपोज करने के लिए 3 गानों की सीरीज ला रहा हूं। मासूम ने बताई…सेफ्टी टैंक चलाने से लेकर दारू के पैग तक की कहानी लव- मैरिज को अरेंज में बदलवाया मासूम शर्मा ने कहा कि आज भी 700 रुपए लोअर-टीशर्ट पहनता हूं। पिछले तीन साल इसे ही पहन रहा हूं। मूड होने पर दोस्तों के साथ ड्रिंक भी कर लेता हूं। मासूम ने शादी और राजनीति पर कहा कि लव-मैरिज को अरेंज में बदलकर शादी की थी। वहीं अगर कभी राजनीति में जाने का तो जरूर जॉइन करूंगा। —————- यह खबर भी पढ़ें…. सपना चौधरी ने मासूम शर्मा संग गाने से मना किया:दिल्ली शो में बोलीं-आजकल मेरी आदमियों से बन नहीं रही; सिंगर सिर झुकाए खड़े रहे दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भी सपना चौधरी की बातों में यहीं टीस देखने को मिली। मंच पर उन्होंने हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के साथ गाना गाने से इनकार करते हुए कह दिया- “आजकल मेरी आदमियों से बन नहीं रही है। (पूरी खबर पढ़ें)
सावन 2026 ब्लाउज़ डिज़ाइन: ब्लाउज़ के साथ स्टाइल करें ये ट्रेंडी ब्लाउज़ डिज़ाइन, हर कोई शोभायमान; तस्वीरें देखें

22 जुलाई 2026 को 22:49 IST पर अपडेट किया गया ट्रेंडी ब्लाउज़ डिज़ाइन 2026: सावन 2026 में फैशन के साथ कुछ नया डिज़ाइन करना चाहते हैं? ये ट्रेंडी ब्लाउज डिजाइंस आपको देगा परफेक्ट लुक। हर कोई आपका भव्य स्वागत। तो देखते हैं ये खास डिस्कशन। अनुसरण करना : नेट ब्लाउज: नेट वाले ब्लाउज का फैशन फिर से लौट आया है। मार्केट में नेट मार्केटिंग में आपको कई अलग-अलग पैच वर्कशॉप और शानदार डिस्किंस आसानी से मिल जाएंगे। छवि: एआई हॉल्टर नेक ब्लाउज: रोलेब में स्टाइलिश और आलीशान होटल है? बेमिसाल लेस पसंद है? तो हाल्टर नेक ब्लाउज आपके लिए सर्वोत्तम सर्वोत्तम पद पर बने रहेंगे। इसे सावन में जरूर खरीदें। छवि: एआई डोरी ब्लाउज: डीपी नेक मॉडल के शौकीन हैं? तो पीछे की ओर खूबसूरत डोरी की मूर्तियाँ। ये नेकेरिन को सपोर्टिव लुक के साथ असामीटिव लुक भी मिलता है। मार्केट से रेडीमेड डोरी भी ले सकते हैं। छवि: एआई ऑफ शोल्डर ब्लाउज: अगर आपकी महफ़िल में सबसे अलग आलीशान लड़कियाँ हैं, तो शोल्डर ब्लाउज़ के साथ डिज़ाइन किए गए डिज़ाइन। ये आपका ओवरऑल लुक बेहद शानदार और ग्लैमरस बना देगा। छवि: एआई पीएफ स्लैप्स ब्लाउज: किसी भी सिंपल से ब्लाउज को ट्रेंडी बनाना हो, तो इसमें शामिल हैं पफ स्क्रैप्स ब्रांड लें। यह डिज़ाइन आपको बहुत ही क्लासी और एलिगेंट लुक देने का काम देगा। छवि: एआई वी-नेक ब्लाउज: अगर आपके कंधे सामान्य हैं, तो वी-नेक ब्लाउज आप पर बहुत जचेगा। इसे और भी खूबसूरत मेकिंग के लिए आप नेकलाइन पर अपनी पसंद की गर्लफ्रेंड सी लेस बुक करवा सकते हैं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 22 जुलाई 2026 22:49 IST पर
रिलेशनशिप टिप्स: सोशल मीडिया के जरिए हुआ है प्यार? पहली मुलाकात से पहले इन 8 बातों का रखें ध्यान, टूट सकता है दिल

ऑनलाइन डेटिंग जोड़ों के लिए संबंध सलाह: आज के डिजिटल दौर में प्यार भी डिजिटल हो गया है। फेसबुक, चैट या डेटिंग ऐप्स के जरिए किसी अजनबी से बातचीत शुरू हुई और फिर उस बातचीत का प्यार में बदलाव अब बहुत आम बात है। सोशल मीडिया पर किसी से प्यार होता है बहुत ही खूबसूरत तस्वीरें होती हैं, लेकिन जब बात पहली बार असल जिंदगी में मिलती है, तो मन में चिंता और एक्साइटमेंट दोनों हो जाते हैं। अगर आप भी अपने सोशल मीडिया वाले से पहली बार मिलने जा रहे हैं, तो खुशी के साथ-साथ सावधानी बरतना भी बहुत जरूरी है। वर्चुअल दुनिया और असल दुनिया में काफी फर्क होता है। आपका दिल न दस्तावेज और आपकी पहली मुलाकात यादगार बने, इसके लिए इन 8 बातों का ध्यान जरूर रखें। तो जानें कौन सी हैं वो बातें- मिलने से पहले वीडियो कॉल जरूर करें लोग अक्सर महीनों चैट या कॉल करते रहते हैं, लेकिन वीडियो कॉल करने से कतरा जाते हैं। पहली मुलाकात से पहले कम से कम एक-दो बार वीडियो कॉल जरूर करें। इससे आपको पता चलेगा कि सामने वाला इंसान असल में दिखता ही है या नहीं, जैसा कि उसकी तस्वीर में दिखता है। इस प्रोफाइल का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। हमेशा सार्वजनिक स्थान चुनें पहली बार मिल रहे हैं, तो कभी किसी के घर, सनसन जगह या किसी निजी इंजेक्शन पर भी नहीं। हमेशा कोई भी कैफे, रेस्तरां या मॉल जैसी भीड़भाड़ वाली जगह चुनें। सार्वजनिक स्थान पर आप खुद को सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे और अगर कुछ अजीब लगे तो वहां से संपर्क करना भी आसान है। अपने किसी दोस्त या करीबी को पसंद करें आप जब भी अपने ऑनलाइन ऑफ़लाइन मेगासिटी से मिलें, तो अपने किसी करीबी दोस्त या भाई-बहन के बारे में पूरी जानकारी लें। उन्हें बताएं कि आप किस्से मिल रहे हैं, कहां जा रहे हैं और कितने बजे तक वापस आएंगे। अपना लाइव आकर्षण (लाइव लोकेशन) भी किसी एक करीबी के साथ साझा करें। उम्मीदों का पहाड़ न टूट पड़ा सोशल मीडिया पर इंसान अक्सर अपना सबसे अच्छा रूप ही स्वामी है। ऐसा हो सकता है कि असल जिंदगी में वह इंसानों का प्रत्यक्ष रूप न हो जो ऑनलाइन दिखता हो। इसलिए, मिलने से पहले बहुत अधिक विवरण न पालें। नाम रखने के लिए यदि आप सामने वाला की कल्पना करते हैं तो आपकी रेटिंग पूरी नहीं होती है, तो आपको ज्यादा रेटिंग नहीं मिलती है। नवीनतम समाचार पहली मुलाकात में ही सब कुछ तय कर लें, रुकें नहीं। यह बस एक नाम है ‘गेट-टुगेडर’ की तरह, जहां आप एक-दूसरे को समझने की कोशिश कर रहे हैं। भविष्य की बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाएं या तुरंत कोई कमिट करने से बचें। इंस्टीट्यूट को अपनी विश्वसनीयता से आगे बढ़ने का अवसर। अपनी बहुत सी निजी बातें शेयर न करें खैर आप ऑनलाइन काफी समय से बात कर रहे हैं, लेकिन पहली मुलाकात में अपने मोबाइल फोन, घर का पता या कोई निजी जानकारी तुरंत साझा न करें। जब तक आप पूरी तरह से सामने वाले इंसान को जान और समझ न लें, तब तक एक पहचान बनाए रखें। उनकी सहमति पर ध्यान दें ऑनलाइन चैट पर कोई भी मिठी-मीठी बातें कर सकता है, लेकिन इंसान के असली स्वभाव के बारे में उसकी असलियत पता चल जाती है। नोटिस करें कि वह आपके साथ कैसा व्यवहार कर रहे हैं। वे वेटर या स्टाफ से तमीज़ से क्या बात कर रहे हैं? क्या वे आपकी बातों पर ध्यान से सुन रहे हैं या सिर्फ अपने मोबाइल में लगे हैं? ये छोटी-छोटी बातें उनके असली व्यक्तित्व को दर्शाती हैं। अपनी ‘गट फिलिंग’ पर भरोसा रखें अंदर की आवाज कभी झूठ नहीं बोलती। अगर मिलने के बाद आपको उनकी बातें करने के तरीके, उनके हाव-भाव या किसी भी चीज से अजीब सी दोस्ती महसूस हो रही है, तो अपनी उस गट फीलिंग को इग्नोर न करें। अगर आपको अच्छा नहीं लग रहा है, तो वहां से कोई भी यात्रा करना ही बेहतर है। ऑफ़लाइन प्यार मिलना कोई बुरी बात नहीं है, बस थोड़ी सी समझदारी और समझदारी जरूरी है। पहली मुलाकात को एक परीक्षा न दें, बल्कि एक अनुभव की तरह लें। अगर देखने में अच्छी लग रही है, तो आपके स्थान की एक खूबसूरत शुरुआत होगी और अगर कुछ ठीक नहीं हुआ, तो आपको एक जरूरी काम चाहिए। यह अवश्य पढ़ें: नीता अंबानी ने दिखाया ‘एंटीलिया’ का सबसे खूबसूरत कोना, चांदी के दरवाजे और आलीशान मंदिर, देखें खुली रह संगीत की झलक, वीडियो (टैग्सटूट्रांसलेट)सोशल मीडिया डेटिंग टिप्स(टी)सोशल मीडिया(टी)सोशल मीडिया डेटिंग टिप्स(टी)ऑनोइन डेटिंग टिप्स(टी)रिलेशनशिप टिप्स(टी)युगल टिप्स
ओट्स ढोकला रेसिपी: बनाना है कुछ नया स्वाद? बेसन की जगह घर में सिर्फ 5 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट ओट्स ढोकला, नोट करें विधि

अन्य ढोलकला सामग्री बनाने के लिए: 1 कप ओट्स, ½ कप दही, ¼ कप पानी, 1 छोटा मोटा अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट, ½ छोटा मोटा नमक, ½ छोटा काला हल्दी, 1 छोटा मोटा चीनी, 1 छोटा ईनो छवि: फ्रीपिक धन्यवाद के लिए: 1 बड़ा मूंगा तेल, 1 बड़ा तिल छवि: एआई ओट्स ढोलकला बनाने की विधि: सबसे पहले ओटीएस को पीसकर स्टोन पाउडर बनाया लें। अब एक बड़ा बाउल में ओट्स पाउडर, दही, नमक, हल्दी, अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और थोड़ा-सा पानी के टुकड़े अच्छी तरह से मिलाए जाते हैं। छवि: फ्रीपिक इस बैटर को 5 मिनट के लिए बढ़ा कर रख दें ताकि ओट्स अच्छे तरह से फूल जाएं। अब अंतिम रूप से सॉल्ट और इसमें ऊपर से एक राक्षसी पानी यांत्रिकी हाथ से फिलिंग शामिल है। इंस्टेंट इस बैटर को ग्रीक किए गए पोएशिया में डाला गया। छवि: एआई इसे 12-15 मिनट तक स्टीम करें। टूथपिक मैकेनिकल चेक करें, अगर साफा बाहर आ जाए तो ढोलकला तैयार है। थोड़ा ठंडा होने के बाद इसे आकार में काट लें। ये चित्र और नाममात्र का है। छवि: एआई एक छोटा पैन में तेल गर्म करें। इसमें राय, तिल, कारी पत्ते और हरी मिर्च के प्लास्टर भून लें। अब इस दामाद को ढोलकले के ऊपर डाल दे और ऊपर से हरा धनिया छिड़क दे। छवि: एआई ढोलकले को हरी धनिया की चटनी, नारियल या टमाटर की चटनी के साथ बेचें। क्रूज़ तो एक कप गर्म चाय या कॉफ़ी के साथ इसका आनंद भी ले सकते हैं। बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए स्वादिष्ट और रेगिस्तानी जंगल हैं। छवि: एआई कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होने के कारण पाचन के लिए अच्छा होता है। लंबे समय तक पेट भरना, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। वज़न नियंत्रण की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी अच्छा विकल्प हो सकता है। छवि: एआई अगर आप इस बार अनाउंसमेंट में कुछ नया, झटपट और डॉक्यूमेंट्री बनाना चाहते हैं, तो ओट्स ढोलकला की यह आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें। इसका स्वाद और स्पाइसी टेक्स्टचर हर किसी को पसंद आएगा। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)ओट्स ढोकला रेसिपी(टी)ओट्स ढोकला रेसिपी(टी)हेल्दी स्नैक रेसिपी(टी)ढोकला रेसिपी(टी)हेल्दी रेसिपी(टी)ओट्स ढोकला कैसे बनाएं
फ्रांस में कृषि कानून का विरोध, पर्यावरण मंत्री का इस्तीफा:कीटनाशकों के इस्तेमाल की मंजूरी से मंत्री नाराज, बोलीं- यह मधुमक्खियों के लिए नुकसानहेद

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने यह फैसला उन्होंने विवादित कृषि बिल के विरोध में लिया है, जिसमें दो प्रतिबंधित कीटनाशकों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक वैज्ञानिकों का कहना है कि ये कीटनाशक मधुमक्खियों और दूसरे परागण करने वाले कीड़ों के लिए नुकसानदायक हैं। पर्यावरण मंत्री बनीं बारबू आज राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। फ्रांस की संसद ने मंगलवार को यह बिल पारित किया था। सरकार ने दावा किया कि वह ये कानून किसानों की मदद के लिए लाया जा रहा है। उसका कहना है कि किसानों को घटती कमाई और खेती की बढ़ती लागत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिल के दो प्रावधानों से सबसे ज्यादा विवाद 1. प्रतिबंधित कीटनाशकों एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन के इस्तेमाल की अस्थायी मंजूरी देना। इसका इस्तेमाल चुकंदर, सेब और चेरी की खेती में किया जा सकेगा। 2. अगले 10 वर्षों में किसानों के लिए पानी के भंडारण (वॉटर स्टोरेज) की अनुमति की सीमा दोगुनी करना। इन्हीं प्रावधानों को लेकर पर्यावरणविदों और सरकार के भीतर भी विरोध बढ़ गया। इसके विरोध में पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने पद छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उनसे किए गए वादे के विपरीत इस प्रावधान को हटाने पर कोई चर्चा ही नहीं होने दी। बारबू ने सोशल मीडिया पर लिखा, पिछले नौ महीनों में मैंने जंगलों, साफ पानी, स्वच्छ हवा, उपजाऊ मिट्टी और जैव विविधता की रक्षा के लिए काम किया। लेकिन विरोधी ताकतें इतनी मजबूत हो गई हैं कि मैं अपने मकसद पूरे नहीं कर पा रही। राजनीति मेरी दुनिया नहीं है और अगर राजनीति ऐसी ही होती है, तो यह कभी मेरी दुनिया नहीं बन सकती। वहीं, सरकार का कहना है कि नए प्रावधान लाने का फैसला उन किसानों की मदद के लिए लिया गया है, जो मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। पहले भी विवाद में रहा है यह कीटनाशक एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन रसायन नियोनिकोटिनॉइड नाम के कीटनाशकों के समूह में आते हैं। यूरोपीय संघ (EU) के नियमों के तहत इनका इस्तेमाल कुछ शर्तों के साथ किया जा सकता है, लेकिन फ्रांस में इन पर फिलहाल प्रतिबंध है। एसेटामिप्रिड पर फ्रांस ने 2018 में प्रतिबंध लगाया था, क्योंकि इसे मधुमक्खियों और दूसरे परागण करने वाले कीड़ों के लिए हानिकारक माना गया था। एक साल पहले भी इस रसायन पर बैन हटाने की कोशिशें हुई थीं लेकिन फ्रांस की सुप्रीम कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि यह फैसला पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के अनुरूप नहीं है।
मूवी रिव्यू: मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी:रिश्तों, अकेलेपन और हीलिंग की संवेदनशील कहानी, लेकिन लंबी लेंथ और धीमी रफ्तार दर्शकों की सब्र की परीक्षा लेती है

निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति की ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी’ परिवार, रिश्तों, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक हीलिंग पर आधारित धीमी रफ्तार लेकिन दिल छू लेने वाली कहानी पेश करती है। फिल्म में हायाओ म्याऊजाकी की फिल्मों की गर्मजोशी और बिल्लियों के प्रति प्रेम की झलक महसूस होती है। इसकी लेंथ 2 घंटे 18 मिनट है। दैनिक भास्कर डिजिटल फिल्म को 5 में से 3 स्टार देता है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की शुरुआत मैक्स (सिद्धार्थ मेनन) और उसकी गर्लफ्रेंड मिन (मेधा शंकर) के ब्रेकअप से होती है। कभी दोनों को हायाओ मियाज़ाकी की फिल्में जोड़ती थीं, लेकिन अब उनका रिश्ता खत्म हो चुका है। अब उनके बीच सिर्फ उनकी पालतू बिल्ली म्याऊजाकी का रिश्ता बचा है। मिन कुछ समय के लिए बिल्ली को मैक्स के पास छोड़ देती है। जानवरों के बालों से एलर्जी के कारण मैक्स उसे रखने के लिए तैयार नहीं होता। धीरे-धीरे यही बिल्ली दोनों की जिंदगी में फिर से भावनात्मक जुड़ाव की वजह बनती है। यह सिर्फ ब्रेकअप की कहानी नहीं है। मैक्स मां वसुधा की कैंसर से हुई मौत के सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर पिता रमेश पत्नी के जाने के बाद अकेलेपन, अपराधबोध और अंदरूनी संघर्ष से जूझ रहे हैं। कहानी तीन पीढ़ियों की भावनात्मक उलझनों को जोड़ती है। मैक्स के दादा श्रीधर महादेवन नर्सिंग होम में जीवन को नए नजरिए से देखते हैं। जेनिफर सेक्वेरा और कैरोल जैसे किरदार दिखाते हैं कि उम्र चाहे कोई भी हो, इंसान को अपनापन और प्यार की जरूरत हमेशा रहती है। फिल्म रिश्तों के टूटने, माता-पिता और बच्चों की बढ़ती दूरियों, मानसिक स्वास्थ्य, थेरेपी, अकेलेपन, इस्लामोफोबिया, लैंगिक भूमिकाओं और पारिवारिक जिम्मेदारियों जैसे कई सामाजिक मुद्दों को बिना भाषण दिए स्वाभाविक ढंग से कहानी में पिरोती है। हालांकि कई सब-प्लॉट के कारण फिल्म कुछ जगहों पर बिखरी हुई और जरूरत से ज्यादा लंबी महसूस होती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? सिद्धार्थ मेनन ने मैक्स के किरदार में टूटे इंसान की भावनाओं को ईमानदारी से निभाया है। मां की मौत और रिश्ते के खत्म होने के बाद की उथल-पुथल को वह प्रभावी ढंग से स्क्रीन पर लाते हैं। मेधा शंकर ने मिन के किरदार में संयमित अभिनय किया है। ज्यादा ड्रामेटिक दृश्य नहीं होने के बावजूद वह किरदार को सहज बनाए रखती हैं। फिल्म की सबसे मजबूत परफॉर्मेंस आदिल हुसैन की है। रमेश महादेवन के रूप में उन्होंने अपराधबोध, अकेलेपन और आत्मस्वीकृति के संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से निभाया है। खासकर थेरेपी वाले दृश्य और बेटे मैक्स के साथ उनके भावुक संवाद याद रहते हैं। नासर ने श्रीधर महादेवन का किरदार निभाया है। वह सीमित स्क्रीन टाइम में भी असर छोड़ते हैं। उनकी मौजूदगी फिल्म में अनुभव और भावनात्मक गहराई जोड़ती है। नफीसा अली जेनिफर सेक्वेरा के रूप में गरिमा और संवेदनशीलता लेकर आती हैं। विदात्री बंदी कैरोल के किरदार में सहजता और जीवन से थकी लेकिन सकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित करती हैं। मंदिरा बेदी धारा के किरदार में कहानी को संतुलन देती हैं। हालांकि उनका रोल छोटा है, लेकिन वह प्रभाव छोड़ती हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष कैसा है? निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति ने भावनात्मक विषयों को संवेदनशीलता से पेश किया है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके किरदार हैं, जिन्हें पर्याप्त समय मिला है। हालांकि इसी वजह से फिल्म कई जगह जरूरत से ज्यादा फैली हुई महसूस होती है। सिनेमैटोग्राफी साधारण लेकिन प्रभावी है। कैमरा पात्रों की भावनाओं पर फोकस करता है। प्रोडक्शन डिजाइन मजबूत है। मैक्स का आधुनिक अपार्टमेंट, स्टूडियो घिबली के पोस्टर और कैरोल का बोहेमियन घर किरदारों की मानसिक दुनिया को दर्शाते हैं। कॉस्ट्यूम डिजाइन किरदारों के व्यक्तित्व के अनुरूप है और छोटे-छोटे विजुअल डिटेल्स फिल्म को वास्तविक बनाते हैं। म्यूजिक कैसा है? फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर शांत और भावनात्मक है। संगीत कहानी पर हावी होने की बजाय उसका मूड बेहतर बनाता है। कहीं भी जरूरत से ज्यादा शोर या मेलोड्रामा नहीं है। हालांकि कोई गाना लंबे समय तक याद नहीं रह जाता। फिल्म की कमियां फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी 2 घंटे 18 मिनट की लंबी अवधि है। कई दृश्य और सब-प्लॉट छोटे किए जा सकते थे। कुछ जगहों पर भावुक संवाद लंबे लगते हैं और फिल्म की गति धीमी पड़ जाती है। कुछ कलाकारों का अभिनय निर्देशक की सोच के अनुरूप पूरा प्रभाव नहीं छोड़ पाता। कई गंभीर विषयों को एक साथ शामिल करने से कहानी कुछ हिस्सों में बिखरी हुई लगती है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? अगर आपको तेज रफ्तार मसाला फिल्में पसंद हैं तो ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी’ धीमी लग सकती है। लेकिन रिश्तों, परिवार, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक हीलिंग पर आधारित संवेदनशील कहानियां पसंद हैं तो यह फिल्म पसंद आ सकती है। यह फिल्म मनोरंजन से ज्यादा इंसानी भावनाओं को समझने और महसूस करने का अनुभव देती है। लंबी लेंथ इसकी कमजोरी है, लेकिन ईमानदार कहानी और आदिल हुसैन का दमदार अभिनय इसे एक बार देखने लायक बनाते हैं।








