विम्बलडन की ‘घास’ पर ‘हार्ड कोर्ट’ का रोमांच:आधुनिक रैकेट्स, पावर हिटिंग और बेसलाइन टेक्निक ने बदल दिया खेल का व्याकरण

लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब की हरी घास पर सफेद कपड़ों में टेनिस खेलना हमेशा से परंपरा, नजाकत और एक खास शैली का प्रतीक रहा है। एक दौर था जब विम्बलडन वही खिलाड़ी जीतता था, जिसे विशुद्ध रूप से ‘ग्रास-स्पेशलिस्ट’ माना जाता था। पीट सम्प्रास, बोरिस बेकर, स्टीफन एडबर्ग, रोजर फेडरर जैसे दिग्गजों का राज उनकी घातक ‘सर्व-एंड-वॉली’ (सर्विस करके तुरंत नेट पर आना) टेक्निक पर टिका था। लेकिन नए दौर के खिलाड़ियों ने घास पर खेलने के इस पारंपरिक तरीके को इतिहास बना दिया है। अब खिलाड़ी घास की पिचों को भी ‘हार्ड-कोर्ट’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने अपने उपकरणों, फुटवर्क और खेल शैली में ऐसा बदलाव किया है कि टेनिस का पूरा व्याकरण ही बदल गया है। सोमवार से शुरू हो रहे साल के तीसरे टेनिस ग्रैंड स्लैम विम्बलडन से पहले जानिए कैसे आधुनिक खिलाड़ियों ने खेल की दशा और दिशा बदली है… 1. नए उपकरणों से मिली पावर और स्पिन पहले खिलाड़ी भारी रैकेट और प्राकृतिक (नेचुरल गट) स्ट्रिंग्स का उपयोग करते थे। इस कारण कोर्ट के पीछे से भारी स्पिन के साथ गेंद को हिट करना बहुत मुश्किल होता था। अब खिलाड़ी हल्के कार्बन-फाइबर रैकेट और पॉलिएस्टर स्ट्रिंग्स का इस्तेमाल करते हैं। यह नया कॉम्बिनेशन आधुनिक खिलाड़ियों को हाई स्पीड और भारी ‘टॉपस्पिन’ के साथ गेंद को हिट करने की अनुमति देता है। 2. नेट गेम की जगह बेसलाइन गेम का दबदबा पहले खिलाड़ी ‘सर्व-एंड-वॉली’ रणनीति अपनाते थे। वे तेज सर्विस करते और हवा में ही गेंद को हिट करने के लिए तुरंत नेट की ओर दौड़ पड़ते थे। अब आधुनिक रैकेट्स से ताकतवर शॉट्स आसान हो गए हैं, इसलिए नेट की तरफ भागना बेहद जोखिम भरा हो गया है। खिलाड़ी अब बेसलाइन पर ही जमे रहते हैं और तब तक ताकतवर शॉट्स का आदान-प्रदान करते हैं, जब तक कोई गलती न कर दे। 3. टेनिस कोर्ट की सतहें हो गईं धीमी पहले ग्रास और पारंपरिक हार्ड कोर्ट बहुत चिकने और तेज हुआ करते थे। इन पर गेंद बहुत नीची और तेज उछलती थी। अब इन ताकतवर बेसलाइन शॉट्स से निपटने के लिए टूर्नामेंट्स ने अपनी सतहों को धीमा कर दिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब ने कोर्ट को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए घास के मिश्रण को बदल दिया। इससे गेंद ऊंची उछलने लगी और उसकी गति धीमी हो गई, जिससे लंबी रैलियां खेलना संभव हो सका। 4. खिलाड़ियों के फुटवर्क में बड़ा बदलाव पहले घास के कोर्ट पर, खिलाड़ी किसी भी अप्रत्याशित बाउंस से निपटने के लिए छोटे और तेज कदम रखते थे। आधुनिक एथलीट हार्ड कोर्ट पर स्लाइड करना (फिसलना) सीखते हैं। घास की सतह पर भी जूते की विशेष ग्रिप की मदद से हार्ड कोर्ट जैसी आक्रामक स्लाइडिंग करते हैं। वे ‘ओपन स्टांस’ का उपयोग करते हैं और दमदार शॉट मारने के लिए संतुलन बनाए रखते हुए सुरक्षित रूप से रुकने के लिए पैरों को स्लाइड करते हैं।
दुबई के अस्पताल में भर्ती हुईं जैस्मिन भसीन:बर्थडे मनाने बॉयफ्रेंड अली गोनी के साथ गई थीं, गंभीर इन्फेक्शन के कारण बिगड़ी तबीयत

टीवी एक्ट्रेस जैस्मिन भसीन की दुबई में बर्थडे सेलिब्रेशन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। जैस्मिन अपने बॉयफ्रेंड अली गोनी के साथ जन्मदिन मनाने दुबई गई थीं। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर अस्पताल से तस्वीरें और वीडियो शेयर कर बताया कि जैस्मिन को एक गंभीर इन्फेक्शन हुआ है और वे अभी डॉक्टरों की देखरेख में रिकवर कर रही हैं। अली ने प्रशंसकों से जैस्मिन के जल्द ठीक होने के लिए दुआ करने की अपील की है। बर्थडे मनाने गए थे, अस्पताल पहुंच गए अली गोनी ने इंस्टाग्राम पर अस्पताल के कमरे से कई तस्वीरें शेयर की हैं। एक तस्वीर में वे अस्पताल के बेड पर आराम कर रही जैस्मिन को गले लगाते दिख रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में जैस्मिन व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। अली ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें जैस्मिन अस्पताल के कमरे के अंदर ही अपना बर्थडे केक काट रही हैं। इन तस्वीरों के साथ अली ने एक भावुक नोट लिखकर जैस्मिन के बीमार होने की जानकारी दी। बोले- दर्द में देखना सबसे मुश्किल काम अली गोनी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि हम यहां तुम्हारा जन्मदिन मनाने आए थे, लेकिन जिंदगी की कुछ और ही प्लानिंग थी। जन्मदिन की अच्छी यादें बनाने के बजाय हम इस समय अस्पताल के कमरे में हैं। तुम्हें इस तरह दर्द में देखना इस पूरी ट्रिप का सबसे मुश्किल हिस्सा रहा है। अली ने आगे लिखा कि वे जैस्मिन को फिर से स्वस्थ और मुस्कुराते हुए देखने के लिए किसी भी तरह का सेलिब्रेशन छोड़ने को तैयार हैं। अली ने कहा- गंभीर इन्फेक्शन से जूझ रही हैं जैस्मिन लगातार आ रहे फोन और मैसेज के बाद अली गोनी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर हेल्थ अपडेट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि मैसेज और कॉल करने के लिए सभी का शुक्रिया। जैस्मिन अचानक बहुत बीमार हो गईं और गंभीर इन्फेक्शन की वजह से उन्हें अस्पताल में एडमिट करना पड़ा। पिछले कुछ दिन हमारे लिए बहुत मुश्किल और भावुक रहे हैं। अली ने माफी मांगते हुए कहा कि वे अभी किसी का फोन नहीं उठा पा रहे हैं, क्योंकि उनका पूरा ध्यान जैस्मिन की देखभाल पर है। अर्जेंटीना में हुई थी दोनों की पहली मुलाकात जैस्मिन भसीन और अली गोनी की लव स्टोरी की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। दोनों पहली बार अर्जेंटीना में रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ के सेट पर मिले थे। शुरुआत में दोनों के बीच गहरी दोस्ती हुई। इसके बाद साल 2020 में जब दोनों रियलिटी शो ‘बिग बॉस 14’ में शामिल हुए, तब उनका यह रिश्ता प्यार में बदला। इस शो से बाहर आने के बाद दोनों ने अपने रिलेशनशिप को ऑफिशियल किया था और तब से वे लगातार साथ हैं।
दुबई के अस्पताल में भर्ती हुईं जैस्मिन भसीन:बर्थडे मनाने बॉयफ्रेंड अली गोनी के साथ गई थीं, गंभीर इन्फेक्शन के कारण बिगड़ी तबीयत

टीवी एक्ट्रेस जैस्मिन भसीन की दुबई में बर्थडे सेलिब्रेशन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। जैस्मिन अपने बॉयफ्रेंड अली गोनी के साथ जन्मदिन मनाने दुबई गई थीं। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर अस्पताल से तस्वीरें और वीडियो शेयर कर बताया कि जैस्मिन को एक गंभीर इन्फेक्शन हुआ है और वे अभी डॉक्टरों की देखरेख में रिकवर कर रही हैं। अली ने प्रशंसकों से जैस्मिन के जल्द ठीक होने के लिए दुआ करने की अपील की है। बर्थडे मनाने गए थे, अस्पताल पहुंच गए अली गोनी ने इंस्टाग्राम पर अस्पताल के कमरे से कई तस्वीरें शेयर की हैं। एक तस्वीर में वे अस्पताल के बेड पर आराम कर रही जैस्मिन को गले लगाते दिख रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में जैस्मिन व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। अली ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें जैस्मिन अस्पताल के कमरे के अंदर ही अपना बर्थडे केक काट रही हैं। इन तस्वीरों के साथ अली ने एक भावुक नोट लिखकर जैस्मिन के बीमार होने की जानकारी दी। बोले- दर्द में देखना सबसे मुश्किल काम अली गोनी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि हम यहां तुम्हारा जन्मदिन मनाने आए थे, लेकिन जिंदगी की कुछ और ही प्लानिंग थी। जन्मदिन की अच्छी यादें बनाने के बजाय हम इस समय अस्पताल के कमरे में हैं। तुम्हें इस तरह दर्द में देखना इस पूरी ट्रिप का सबसे मुश्किल हिस्सा रहा है। अली ने आगे लिखा कि वे जैस्मिन को फिर से स्वस्थ और मुस्कुराते हुए देखने के लिए किसी भी तरह का सेलिब्रेशन छोड़ने को तैयार हैं। अली ने कहा- गंभीर इन्फेक्शन से जूझ रही हैं जैस्मिन लगातार आ रहे फोन और मैसेज के बाद अली गोनी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर हेल्थ अपडेट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि मैसेज और कॉल करने के लिए सभी का शुक्रिया। जैस्मिन अचानक बहुत बीमार हो गईं और गंभीर इन्फेक्शन की वजह से उन्हें अस्पताल में एडमिट करना पड़ा। पिछले कुछ दिन हमारे लिए बहुत मुश्किल और भावुक रहे हैं। अली ने माफी मांगते हुए कहा कि वे अभी किसी का फोन नहीं उठा पा रहे हैं, क्योंकि उनका पूरा ध्यान जैस्मिन की देखभाल पर है। अर्जेंटीना में हुई थी दोनों की पहली मुलाकात जैस्मिन भसीन और अली गोनी की लव स्टोरी की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। दोनों पहली बार अर्जेंटीना में रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ के सेट पर मिले थे। शुरुआत में दोनों के बीच गहरी दोस्ती हुई। इसके बाद साल 2020 में जब दोनों रियलिटी शो ‘बिग बॉस 14’ में शामिल हुए, तब उनका यह रिश्ता प्यार में बदला। इस शो से बाहर आने के बाद दोनों ने अपने रिलेशनशिप को ऑफिशियल किया था और तब से वे लगातार साथ हैं।
अभिनेत्री उर्वशी रौतेला परिवार के साथ पहुंचीं पिंकसिटी:रामबाग पैलेस में शादी समारोह में होंगी शामिल, बोलीं- जयपुर से मेरा खास लगाव

बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला सोमवार को अपने परिवार के साथ जयपुर पहुंचीं हैं। वे एयर इंडिया की नियमित फ्लाइट से जयपुर हवाई अड्डे पर उतरीं। इस दौरान उनके साथ उनके माता-पिता भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय उर्वशी ने ब्लैक मास्क पहन रखा था, लेकिन जैसे ही मीडिया फोटोग्राफर्स ने उनसे मास्क हटाकर तस्वीरें खिंचवाने का आग्रह किया, उन्होंने मुस्कुराते हुए मास्क हटाया और कैमरों के सामने पोज दिए। मीडिया से बातचीत में उर्वशी ने कहा कि जयपुर से उनका हमेशा खास लगाव रहा है। उन्होंने बताया कि वे यहां एक निजी शादी समारोह में शामिल होने आई हैं और परिवार के साथ इस खूबसूरत शहर में समय बिताना उनके लिए हमेशा यादगार रहता है। एयरपोर्ट से वे सीधे शहर के प्रतिष्ठित रामबाग पैलेस के लिए रवाना हुईं, जहां वे विवाह समारोह में शामिल होंगी। पहले भी कई बार जयपुर आ चुकी हैं उर्वशी उर्वशी इससे पहले भी कई बार जयपुर आ चुकी हैं। फिल्म प्रमोशन, फैशन शो, अवॉर्ड समारोह और निजी आयोजनों के सिलसिले में उनकी शहर में नियमित मौजूदगी रही है। इस बार वे पारिवारिक माहौल में आयोजित एक शादी समारोह का हिस्सा बनने पहुंची हैं। एयरपोर्ट पर उनकी एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों और यात्रियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। मॉडलिंग से बॉलीवुड तक का सफर उर्वशी रौतेला का नाम बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शुमार होता है। उन्होंने बेहद कम उम्र में मॉडलिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2015 में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। वे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी टाइटल अपने नाम कर चुकी हैं। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत ‘सिंह साब द ग्रेट’ से की थी। इसके बाद ‘सनम रे’, ‘ग्रेट ग्रैंड मस्ती’, ‘हेट स्टोरी 4’, ‘पागलपंती’, ‘वर्जिन भानुप्रिया’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया। इसके अलावा वे कई लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो और डांस नंबरों में भी नजर आ चुकी हैं, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया। इंस्टाग्राम सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उर्वशी के करोड़ों फॉलोअर्स उर्वशी रौतेला सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। इंस्टाग्राम सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं। अपने फैशन सेंस, ग्लैमरस लुक और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में मौजूदगी को लेकर वे अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्मों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है, जिससे उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।
इंपैक्ट फीचर:निवेश की सही समझ से ही सुरक्षित होगा भविष्य; दैनिक भास्कर व आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड का कार्यक्रम आयोजित

आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड एवं दैनिक भास्कर ने शनिवार को शहर के होटल में “शिक्षित निवेशक, विकसित भारत एवं सुरक्षित भविष्य” विषय पर निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन की बेहतर समझ देना तथा उन्हें सोच-समझकर निवेश करने के लिए जागरूक बनाना था। मुख्य वक्ता कंपनी के इंवेस्टमेंट एजुकेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन डेवलपमेंट के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद अमीर सुलेमान ने बचत और निवेश के मूल सिद्धांत, कम उम्र से निवेश शुरू करने के लाभ तथा लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की ताकत पर विस्तार से चर्चा की। लॉन्ग टर्म निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प उन्होंने कहा कि अनुशासित और योजनाबद्ध खर्च अपनाकर व्यक्ति अपनी आर्थिक सुरक्षा से समझौता किए बिना बेहतर जीवन जी सकता है। उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट, मेडिकल और लॉन्ग टर्म निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बचत और निवेश के अंतर, जीवन के लक्ष्यों के अनुरूप बजट तैयार करने, लक्ष्य आधारित निवेश, मजबूत पोर्टफोलियो निर्माण तथा एसेट एलोकेशन की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। वित्तीय साक्षरता बढ़ाना जरूरी कार्यक्रम के दौरान पैनल चर्चा में उद्योग विशेषज्ञ आयुषीव्रत मुखर्जी, रविकांत घोष और आशीष कुमार ने निवेश के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। रविकांत ने कहा कि वित्तीय निर्णयों में आत्मनिर्भरता के लिए वित्तीय साक्षरता बढ़ाना जरूरी है। आयुषीव्रत मुखर्जी ने कहा कि देश की विकास यात्रा में निवेश करना लंबी अवधि में संपत्ति सृजन का बेहतर माध्यम बन सकता है। आशीष कुमार ने कहा कि लक्ष्य आधारित निवेश अपनाने से वित्तीय उद्देश्य प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड के जोनल हेड अमित कुमार ने किया। जागरूक होना जरूरी, लालच से बचें : कनिष्क कार्यक्रम के दौरान साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव ने लोगों को निवेश के दौरान साइबर ठगी से बचाव को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित होने के साथ सबसे अहम है जागरूक निवेशक बनना, क्योंकि सबसे अधिक लालच के जरिए लोगों को फंसाया जाता है। उन्होंने कहा कि निवेश करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। यदि कोई आपको 15 प्रतिशत से अधिक रिटर्न देने का भरोसा देता है तो सतर्क हो जाएं। यदि निवेश के दौरान कोई जल्दबाजी या दबाव बनाकर पैसा लगाने के लिए कहता है, तो ठगी होने की आशंका अधिक रहती है। उन्होंने कहा कि यदि ठगी हो जाए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत करें। साइबर थाना के सदस्य एसआई रामकृष्ण ने मोबाइल में सुरक्षित उपयोग और स्पैम/फिशिंग लिंक की पहचान करने के तरीके लोगों को बताए।
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आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड एवं दैनिक भास्कर ने शनिवार को शहर के होटल में “शिक्षित निवेशक, विकसित भारत एवं सुरक्षित भविष्य” विषय पर निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन की बेहतर समझ देना तथा उन्हें सोच-समझकर निवेश करने के लिए जागरूक बनाना था। मुख्य वक्ता कंपनी के इंवेस्टमेंट एजुकेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन डेवलपमेंट के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद अमीर सुलेमान ने बचत और निवेश के मूल सिद्धांत, कम उम्र से निवेश शुरू करने के लाभ तथा लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की ताकत पर विस्तार से चर्चा की। लॉन्ग टर्म निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प उन्होंने कहा कि अनुशासित और योजनाबद्ध खर्च अपनाकर व्यक्ति अपनी आर्थिक सुरक्षा से समझौता किए बिना बेहतर जीवन जी सकता है। उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट, मेडिकल और लॉन्ग टर्म निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बचत और निवेश के अंतर, जीवन के लक्ष्यों के अनुरूप बजट तैयार करने, लक्ष्य आधारित निवेश, मजबूत पोर्टफोलियो निर्माण तथा एसेट एलोकेशन की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। वित्तीय साक्षरता बढ़ाना जरूरी कार्यक्रम के दौरान पैनल चर्चा में उद्योग विशेषज्ञ आयुषीव्रत मुखर्जी, रविकांत घोष और आशीष कुमार ने निवेश के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। रविकांत ने कहा कि वित्तीय निर्णयों में आत्मनिर्भरता के लिए वित्तीय साक्षरता बढ़ाना जरूरी है। आयुषीव्रत मुखर्जी ने कहा कि देश की विकास यात्रा में निवेश करना लंबी अवधि में संपत्ति सृजन का बेहतर माध्यम बन सकता है। आशीष कुमार ने कहा कि लक्ष्य आधारित निवेश अपनाने से वित्तीय उद्देश्य प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड के जोनल हेड अमित कुमार ने किया। जागरूक होना जरूरी, लालच से बचें : कनिष्क कार्यक्रम के दौरान साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव ने लोगों को निवेश के दौरान साइबर ठगी से बचाव को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित होने के साथ सबसे अहम है जागरूक निवेशक बनना, क्योंकि सबसे अधिक लालच के जरिए लोगों को फंसाया जाता है। उन्होंने कहा कि निवेश करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। यदि कोई आपको 15 प्रतिशत से अधिक रिटर्न देने का भरोसा देता है तो सतर्क हो जाएं। यदि निवेश के दौरान कोई जल्दबाजी या दबाव बनाकर पैसा लगाने के लिए कहता है, तो ठगी होने की आशंका अधिक रहती है। उन्होंने कहा कि यदि ठगी हो जाए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत करें। साइबर थाना के सदस्य एसआई रामकृष्ण ने मोबाइल में सुरक्षित उपयोग और स्पैम/फिशिंग लिंक की पहचान करने के तरीके लोगों को बताए।
क्रेड में 8,500 करोड़ का निवेश, भारत के ‘वेल फाइनेंस्ड’:पेमेंट, लोन, बीमा, शॉपिंग; भारतीयों के लेन-देन की 'आदत' बनना चाहती है मेटा

पेमेंट्स के मामले में भारतीयों का मिजाज भांपने में मेटा विफल रही है। भारत में वॉट्सएप पे की हिस्सेदारी 0.4% से भी कम है। दूसरी तरफ फोनपे और गूगल पे मिलकर 80% से ज्यादा यूपीआई लेनदेन संभालते हैं। पेमेंट्स की रेस हार चुकी मेटा ने नया दांव लगाया है। मेटा, क्रेड में 90 करोड़ डॉलर यानी करीब 8,500 करोड़ निवेश करने जा रही है। क्रेड का मौजूदा वैल्युएशन करीब 37,000 करोड़ आंका गया है। यह इसके रिकॉर्ड वैल्युएशन 56,000 करोड़ से लगभग 50% कम है, लेकिन भारत के टॉप फिनटेक स्टार्टअप्स में यह अब भी ऊंचा मुकाम है। क्रेड अभी घाटे में है, फिर भी मेटा इसमें बड़ी पूंजी लगा रही है। बाजार इसे भारत के ‘वेल फाइनेंस्ड’ उपभोक्ताओं तक पहुंच की रणनीति के तौर पर देख रही है। इस डील मेटा को मर्चेंट नेटवर्क, फिनटेक इकोसिस्टम और प्रीमियम यूजरबेस तक पहुंच दिलाएगी। क्रेड की ताकत – 750 से ज्यादा क्रेडिट स्कोर वाले प्रीमियम, हाई-स्पेंडिंग, क्रेडिटवर्दी ग्राहक क्रेड फिनटेक प्लेटफॉर्म है। इसमें 750+ क्रेडिट स्कोर वाले यूजर्स 1 करोड़ से ज्यादा हैं। इसका मतलब है कि इसका यूजरबेस प्रीमियम, हाई-स्पेंडिंग और क्रेडिटवर्दी है। ये वो ग्राहक हैं, जिन्हें बैंक, बीमा कंपनियां और लग्जरी ब्रांड्स वर्षों की मेहनत से हासिल करते हैं। क्रेड की शुरुआत क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट से हुई थी। अब यूपीआई, लोन, रेंट पेमेंट, वेल्थ प्रोडक्ट्स तक फैल चुकी है। मेटा की जरूरत – सटीक आंकड़े मेटा को विज्ञापन से कमाई होती है। 2025 में 18.5 लाख करोड़ की आय का करीब 98% हिस्सा विज्ञापन से आया। लेकिन विज्ञापन के लिए सटीक आंकड़े और उपभोक्ताओं के साथ गहरा संबंध जरूरी है। पेमेंट प्लेटफॉर्म यही देते हैं। जो कंपनी आपके पैसे के लेन-देन की आदत बन जाए, वह लोन, इंश्योरेंस और शॉपिंग का अगला पड़ाव भी बन सकती है। मेटा इसी ‘एम्बेडेड फाइनेंस’ की तरफ बढ़ रही है। वॉट्सएप पे – 8 साल के सफर में सिर्फ 0.4 फीसदी बाजार हिस्सेदारी वॉट्सएप पे 2018 में लॉन्च हुआ था। यह यूपीआई क्रांति में सबसे पहले उतरने वालों में शामिल है। लेकिन सफलता नहीं मिली। एनपीसीआई ने शुरुआत में सिर्फ 10 लाख यूजर्स की सीमा लगाई। बाद में इसे 2 करोड़, फिर 10 करोड़ तक बढ़ाया। 2024 में सीमाएं हटा ली गईं, पर वॉट्सएप पे 0.4% मार्केट शेयर तक ही पहुंच पाया। फोनपे और गूगल पे ने यूपीआई पेमेंट्स के 80% से ज्यादा हिस्से पर कब्जा कर लिया। चुनौती – आधी आय के बराबर घाटा कुल यूजर्स – 1.7 करोड़ यूजर्स में से करीब 1 करोड़ 750 से ज्यादा क्रेडिट स्कोर वाले प्लेटफॉर्म से कुल पेमेंट वॉल्यूम – बीते वित्त वर्ष 8.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा ऑपरेशन से आय – 2,735 करोड़ रुपए शुद्ध घाटा – 1,457 करोड़ रुपए इस्तेमाल – 50% एक्टिव यूजर्स अभी तीन या इससे ज्यादा प्रोडक्ट्स यूज कर रहे
भारतीयों के लेनदेन की आदत बनना चाहती है मेटा:‘वेल फाइनेंस्ड’ उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने की रणनीति का हिस्सा है क्रेड में बड़ा निवेश

पेमेंट्स के मामले में भारतीयों का मिजाज भांपने में मेटा विफल रही है। भारत में वॉट्सएप पे की हिस्सेदारी 0.4% से भी कम है। दूसरी तरफ फोनपे और गूगल पे मिलकर 80% से ज्यादा यूपीआई लेनदेन संभालते हैं। पेमेंट्स की रेस हार चुकी मेटा ने नया दांव लगाया है। मेटा, क्रेड में 90 करोड़ डॉलर यानी करीब 8,500 करोड़ निवेश करने जा रही है। क्रेड का मौजूदा वैल्युएशन करीब 37,000 करोड़ आंका गया है। यह इसके रिकॉर्ड वैल्युएशन 56,000 करोड़ से लगभग 50% कम है, लेकिन भारत के टॉप फिनटेक स्टार्टअप्स में यह अब भी ऊंचा मुकाम है। क्रेड अभी घाटे में है, फिर भी मेटा इसमें बड़ी पूंजी लगा रही है। बाजार इसे भारत के ‘वेल फाइनेंस्ड’ उपभोक्ताओं तक पहुंच की रणनीति के तौर पर देख रही है। इस डील मेटा को मर्चेंट नेटवर्क, फिनटेक इकोसिस्टम और प्रीमियम यूजरबेस तक पहुंच दिलाएगी। क्रेड की ताकत – 750 से ज्यादा क्रेडिट स्कोर वाले प्रीमियम, हाई-स्पेंडिंग, क्रेडिटवर्दी ग्राहक क्रेड फिनटेक प्लेटफॉर्म है। इसमें 750+ क्रेडिट स्कोर वाले यूजर्स 1 करोड़ से ज्यादा हैं। इसका मतलब है कि इसका यूजरबेस प्रीमियम, हाई-स्पेंडिंग और क्रेडिटवर्दी है। ये वो ग्राहक हैं, जिन्हें बैंक, बीमा कंपनियां और लग्जरी ब्रांड्स वर्षों की मेहनत से हासिल करते हैं। क्रेड की शुरुआत क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट से हुई थी। अब यूपीआई, लोन, रेंट पेमेंट, वेल्थ प्रोडक्ट्स तक फैल चुकी है। मेटा की जरूरत – सटीक आंकड़े मेटा को विज्ञापन से कमाई होती है। 2025 में 18.5 लाख करोड़ की आय का करीब 98% हिस्सा विज्ञापन से आया। लेकिन विज्ञापन के लिए सटीक आंकड़े और उपभोक्ताओं के साथ गहरा संबंध जरूरी है। पेमेंट प्लेटफॉर्म यही देते हैं। जो कंपनी आपके पैसे के लेन-देन की आदत बन जाए, वह लोन, इंश्योरेंस और शॉपिंग का अगला पड़ाव भी बन सकती है। मेटा इसी ‘एम्बेडेड फाइनेंस’ की तरफ बढ़ रही है। वॉट्सएप पे – 8 साल के सफर में सिर्फ 0.4 फीसदी बाजार हिस्सेदारी वॉट्सएप पे 2018 में लॉन्च हुआ था। यह यूपीआई क्रांति में सबसे पहले उतरने वालों में शामिल है। लेकिन सफलता नहीं मिली। एनपीसीआई ने शुरुआत में सिर्फ 10 लाख यूजर्स की सीमा लगाई। बाद में इसे 2 करोड़, फिर 10 करोड़ तक बढ़ाया। 2024 में सीमाएं हटा ली गईं, पर वॉट्सएप पे 0.4% मार्केट शेयर तक ही पहुंच पाया। फोनपे और गूगल पे ने यूपीआई पेमेंट्स के 80% से ज्यादा हिस्से पर कब्जा कर लिया। चुनौती – आधी आय के बराबर घाटा कुल यूजर्स – 1.7 करोड़ यूजर्स में से करीब 1 करोड़ 750 से ज्यादा क्रेडिट स्कोर वाले प्लेटफॉर्म से कुल पेमेंट वॉल्यूम – बीते वित्त वर्ष 8.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा ऑपरेशन से आय – 2,735 करोड़ रुपए शुद्ध घाटा – 1,457 करोड़ रुपए इस्तेमाल – 50% एक्टिव यूजर्स अभी तीन या इससे ज्यादा प्रोडक्ट्स यूज कर रहे
टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट:चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा

दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।
टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट:चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा

दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।







