Friday, 16 Oct 2026 | 01:18 PM

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'विराट के खिलाफ बयान देने के लिए पैसे ऑफर हुए':जर्मन मॉडल लिजलाज बोलीं- मुझे अलग-अलग मैगजीन से बहुत सारे कॉल आए

'विराट के खिलाफ बयान देने के लिए पैसे ऑफर हुए':जर्मन मॉडल लिजलाज बोलीं- मुझे अलग-अलग मैगजीन से बहुत सारे कॉल आए

जर्मन मॉडल लिजलाज ने हाल ही में दावा किया कि विराट कोहली द्वारा कथित तौर पर उनकी फोटो लाइक करने के बाद कुछ पत्रकारों ने उन्हें क्रिकेटर के खिलाफ गलत बयान देने के लिए पैसे ऑफर किए थे। फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में लिजलाज ने बताया कि विराट कोहली द्वारा कथित तौर पर पोस्ट लाइक किए जाने के बाद उन्हें लगातार लोगों के फोन आने लगे। सभी यही कह रहे थे कि विराट ने उनकी पोस्ट लाइक की है। अपने फेवरेट क्रिकेटर विराट द्वारा कथित तौर पर उनकी तस्वीर लाइक किए जाने पर लिजलाज ने कहा, ‘मैं इससे बहुत खुश थी और थोड़ा इमोशनल भी हो गई थी, लेकिन मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि ऐसा कुछ होगा। मुझे अलग-अलग मैगजीन से इतने सारे कॉल आने लगेंगे।’ लिजलाज ने यह भी दावा किया, ‘कुछ लोग आप पर ऐसी बातें बोलने का दबाव भी डालते हैं, जो आप कहना नहीं चाहते। कुछ पत्रकारों ने तो मुझे पैसे ऑफर किए ताकि मैं उनके (विराट कोहली) बारे में गलत बातें कहूं और ऐसे आरोप लगाऊं, जो उन्होंने कभी किए ही नहीं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन मैं ऐसा क्यों करूंगी? मैंने खुद कहा था कि वो मेरे पसंदीदा क्रिकेटर हैं। फिर मैं पैसों के लिए उनके बारे में गलत बातें क्यों बोलूं? मैं ऐसी इंसान नहीं हूं।’ बता दें कि लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने पिछले महीने इंस्टाग्राम पर एक स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया था कि विराट कोहली के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की पुरानी फोटो लाइक की गई थी। अद्वैत ने इस पर एक वीडियो भी पोस्ट किया था। अद्वैत ने कैप्शन में लिखा था, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें… जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रही हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं… हाहा… धन्यवाद GOAT।’

पीएम मोदी की अपील के बाद ज्वेलरी शेयर 10% टूटे:एक साल सोना न खरीदने को कहा; डिमांड 10% तक घट सकती है

पीएम मोदी की अपील के बाद ज्वेलरी शेयर 10% टूटे:एक साल सोना न खरीदने को कहा; डिमांड 10% तक घट सकती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद आज 11 मई को ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 10% तक लुढ़क गए। पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें। इस बयान के बाद निवेशकों में घबराहट है। कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयर 10-10% तक टूट गए। वहीं, देश की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयर में 7% की गिरावट है। इसके अलावा पीएन गाडगिल 8%, थंगमयिल ज्वेलरी 6% और अन्य छोटे ज्वेलरी शेयरों में भी कमजोरी आई है। पीएम मोदी ने क्यों की ऐसी अपील? हैदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए ये अपील की है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम में तीन सुझाव दिए… 1. एक साल तक सोना न खरीदे। 2. वर्क फ्रॉम होम कल्चर अपनाए। 3. अनावश्यक यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय दौरों से बचे गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार सेन्को गोल्ड के सुवंकर सेन ने CNBC से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी के बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि सरकार सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सोने की डिमांड में 10% से 12% तक की कमी आ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। 30 साल के निचले स्तर पर पहुंच सकता है आयात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में भारत का सोना आयात पिछले तीन दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकता है। बैंकों पर अचानक 3% इंटीग्रेटेड GST की मांग आने के बाद उन्होंने शिपमेंट रोक दी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर है। वित्त वर्ष 2026 में भारत ने हर महीने औसतन 60 टन सोना आयात किया है। इस पर हर महीने करीब 6 बिलियन डॉलर यानी करीब 57 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है। नॉलेज पार्ट: इम्पोर्ट ड्यूटी: दूसरे देशों से सामान मंगाने पर सरकार जो टैक्स लगाती है, उसे इम्पोर्ट ड्यूटी कहते हैं। सोने पर यह टैक्स बढ़ने से देश में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं।

नेशनल टेक्नोनॉली-डे स्पेशल:AI सिर्फ चैटबॉट नहीं, खेत-स्कूल-अस्पताल तक पहुंच रहा, IIT डायरेक्टर्स और भाषिनी CEO ने बताए भारत के टेक्नोलॉजी मिशन

नेशनल टेक्नोनॉली-डे स्पेशल:AI सिर्फ चैटबॉट नहीं, खेत-स्कूल-अस्पताल तक पहुंच रहा, IIT डायरेक्टर्स और भाषिनी CEO ने बताए भारत के टेक्नोलॉजी मिशन

भारत में 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जा रहा है। इस मौके पर IIT खड़गपुर, IIT दिल्ली, IIT मद्रास के डायरेक्टर्स और भारत सरकार के AI-बेस्ड ट्रांसलेशन प्लेटपॉर्म, भाषिनी के CEO ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में एडवांस होती टेक्वनोलॉजी और आम लोगों तक पहुंच पर अपने आइडियाज और प्रयोगों के बारे में बताया। IIT खड़गपुर के डायरेक्टर प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि AI सिर्फ लैपटॉप और चैटबॉट तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका इस्तेमाल खेत, क्लिनिक, फैक्ट्री और गांव तक है। IIT दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रंगन बनर्जी ने कहा कि उनके संस्थान के करीब 100 फैकल्टी मेंबर्स हेल्थकेयर से जुड़े AI प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी कामकोटी ने कहा कि देश के 30 करोड़ छात्रों को समान गुणवत्ता की शिक्षा देने में AI बड़ी भूमिका निभा सकता है। भाषिनी AI के CEO अमिताभ नाग ने कहा कि भारत में टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी चुनौती इंटरनेट नहीं, बल्कि भाषा है। चारों शख्सियत की राय सिलसिलेवार पढ़िए… AI सिर्फ लैपटॉप या चैटबॉट तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका असली काम है खेत, क्लिनिक, फैक्ट्री और गांव तक पहुंचना। IIT खड़गपुर में हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं। AI को जमीन पर उतारने का काम। हमारा प्लेटफॉर्म है AI4ICPS (टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब)। इसका लक्ष्य है AI को सीधे रोजाना की समस्याओं से जोड़ना। हमने हेल्थकेयर के क्षेत्र में कई बड़े इनाेवेशन किए हैं और डिवाइस बनाएं हैं। AI हेल्थकेयर के क्षेत्र में बना रहे ये 4 जरूरी डिवाइस हमने खेती के लिए AI रोबोट बनाए हैं, जो खेत में जाकर खुद फसल देख सकते हैं, बीमारी पहचान सकते हैं और जरूरत के हिसाब से दवा डाल सकते हैं। हेल्थ सेक्टर में भी हमने कई लो-कॉस्ट डायग्नोस्टिक टूल्स बनाए हैं। यह एक पेपर-आधारित स्ट्रिप और मोबाइल फोन से चलने वाला सिस्टम है। मरीज की एक छोटी-सी ब्लड सैंपल ड्रॉप स्ट्रिप पर डाली जाती है, फिर मोबाइल कैमरा उसकी रीडिंग लेता है। AI उस डेटा को समझकर तुरंत बता देता है कि खून की कमी है या नहीं। इसका फायदा यह है कि लैब, मशीन या बड़े सेटअप की जरूरत नहीं पड़ती। आंगनवाड़ी, स्कूल या गांव के हेल्थ कैंप में भी जांच हो सकती है। यह एक हैंडहेल्ड डिवाइस है, जो दिखने में टॉर्च जैसा है। इसे मुंह के अंदर लाइट डालकर इस्तेमाल किया जाता है, जहां AI की मदद से शुरुआती कैंसर के संकेत पहचाने जा सकते हैं। हमारा पूरा फोकस लागत कम करने पर है। ओरल कैंसर डिवाइस की कीमत 500 डॉलर (लगभग 40 हजार रुपये) से कम होगी। इसे चलाने के लिए ज्यादा ट्रेनिंग या इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होगी। यह महिलाओं के लिए एक प्राइवेट और आसान स्क्रीनिंग टूल है, खासकर सर्वाइकल हेल्थ के लिए। यह भी स्ट्रिप और मोबाइल आधारित सिस्टम है, जिसमें महिला खुद सैंपल लेकर टेस्ट कर सकती है। सबसे बड़ा फायदा है- प्राइवेसी और सुविधा। बिना अस्पताल गए शुरुआती जांच हो जाती है, जिससे बीमारी जल्दी पकड़ में आ सकती है। यह एक छोटा डिवाइस है, जो टीबी जैसी संक्रामक बीमारियों की जांच कर सकता है। आम तौर पर ऐसे टेस्ट के लिए बड़े लैब सेटअप और समय लगता है, लेकिन यह डिवाइस कम संसाधनों में, तेजी से रिजल्ट देने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे गांवों और मोबाइल हेल्थ कैंप में टीबी की जल्दी पहचान संभव हो जाती है। IIT खड़गपुर में खेतों के लिए ‘रोबोफॉर्म’ तैयार किया है। इसमें फसल की बीमारी पहचानने से लेकर सही मात्रा में कीटनाशक छिड़कने तक के काम ऑटोमेशन से किए जा रहे हैं। इसमें कैमरा आधारित एनालिसिस से फसल में बीमारी पहचान सकते हैं। IIT खड़गपुर ने AI-आधारित अनमेम्ड ग्राउंड व्हीकल (यूजीवी) पेश किया, जिसे उसके इनक्यूबेटेड स्टार्टअप एजफोर्स सोल्यूशंस ने विकसित किया है। इसे बिना ड्राइवर के ऑपरेट किया जा सकता है। इसकी सामान्य ऑपरेटिंग रेंज 5 किलोमीटर तक है। यह 500 किलोग्राम तक वजन ले जा सकता है। 2. प्रोफेसर वी.कामकोटी, IIT मद्रास के डायरेक्टर मैं अक्सर एक बात सोचता हूं, क्या हमारे देश के हर बच्चे तक अच्छी शिक्षा पहुंच रही है? और अगर नहीं, तो टेक्नोलॉजी इसमें क्या बदल सकती है? हमारे देश में करीब 25 करोड़ बच्चे स्कूल सिस्टम में हैं और 5 करोड़ छात्र उच्च शिक्षा में। इतने बड़े स्तर पर हर बच्चे को बराबर क्वालिटी की पढ़ाई देना आसान नहीं है। लेकिन AI इसे संभव बना सकता है। इसमें IIT मद्रास 4 बड़े मोर्चों पर भूमिका निभा रहा है- हमने हाल ही में बोधन AI शुरू किया है। इसका मकसद है कि देश के हर बच्चे को बेहतर पढ़ाई मिल सके। इसके तहत हर छात्र को एक AI साथी मिलेगा, जो पढ़ते समय उसके सवालों का जवाब देगा, जहां समझ नहीं आएगा वहां समझाएगा और उसकी कमजोरी पहचानकर उसी हिसाब से पढ़ने में मदद करेगा। हमने 10 लाख शिक्षकों को AI ट्रेनिंग देने की योजना शुरू की है, ताकि वे टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल कर सकें। इससे टीचर्स बेहतर लेसन प्लान बना पाएंगे, कॉपियां जल्दी और सटीक जांच सकेंगे और हर बच्चे की प्रगति को डेटा के जरिए समझ पाएंगे। हम लंबे समय से शक्ति माइक्रोप्रोसेसर प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं, जिसका मकसद है भारत का अपना प्रोसेसर बनाना। आज भारत डिजाइन के मामले में बहुत मजबूत है। IIT मद्रास और दूसरे संस्थान हर साल सैकड़ों चिप डिजाइन तैयार कर रहे हैं। अब अगला कदम है देश में ही चिप बनाना। गुजरात में 28 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी वाला प्लांट बन रहा है। इसके शुरू होने के बाद अगले 1–2 साल में भारत अपनी करीब 90% जरूरतें खुद पूरी कर सकता है। IIT मद्रास फोटोनिक्स और डिस्प्ले टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रहा है, जो आने वाले समय में हमारे रोजमर्रा के गैजेट्स को बदल सकती है। फोटोनिक्स का मतलब है कि डेटा को रोशनी के जरिए तेजी से ट्रांसफर करना। इससे इंटरनेट स्पीड बढ़ेगी और नेटवर्क ज्यादा एफिशिएंट होगा। वहीं एमोलेड डिस्प्ले टेक्नोलॉजी मोबाइल स्क्रीन को बेहतर बनाती है… कम बैटरी में ज्यादा ब्राइट और क्लियर डिस्प्ले। 3. डॉ. रंगन बनर्जी, IIT दिल्ली के डायरेक्टर हम चाहते हैं कि जो सुविधा आज बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक सीमित है, वह गांव के प्राइमरी हेल्थ

सोना ₹801 गिरकर ₹1.50 लाख पर आया:चांदी की कीमत में ₹300 की गिरावट, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोना ₹801 गिरकर ₹1.50 लाख पर आया:चांदी की कीमत में ₹300 की गिरावट, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोना-चांदी के दाम में आज यानी 11 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 801 रुपए गिरकर 1,50,277 पर आ गया है। वहीं 1 किलो चांदी की कीमत 300 रुपए कम होकर 2,55,300 रुपए पर आ गई है। प्रधानमंत्री मोदी बोले- सालभर तक सोना न खरीदें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि सालभर तक घर में कोई भी कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। क्योंकि ऐसा करने से विदेशी मुद्रा बचेगी। दरअसल, हमें सोना डॉलर में दूसरे देशों से मंगवाना पड़ता है, डॉलर महंगा होने से इस पर खर्च बढ़ जाता है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

‘तमिलनाडु के लिए अनुपयुक्त’: विजय के शपथ समारोह में राज्य गीत तीसरे स्थान पर बजने के बाद विवाद | भारत समाचार

Bangladesh Vs Pakistan 1st Test Day 4 Live (AFP)

आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 10:52 IST दक्षिणी राज्य के रीति-रिवाजों के अनुसार, तमिलनाडु में आधिकारिक समारोहों की शुरुआत में ‘तमिल थाई वाल्थु’ बजाया जाता है, जो “नीरारुम कदलुदुथा…” पंक्ति से शुरू होता है। **ईडीएस: तीसरे पक्ष की छवि** 10 मई, 2026 को पोस्ट किए गए एक वीडियो के इस स्क्रीनग्रैब में, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर राज्य के निर्वाचित मुख्यमंत्री और तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) के प्रमुख सी जोसेफ विजय को उनके शपथ ग्रहण समारोह के दौरान चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शपथ दिलाते हैं। (@TVKVijayHQ-Offl/YT PTI फोटो के माध्यम से)(PTI05_10_2026_000036B) रविवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण के बाद राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद पैदा हो गया, जब तमिलनाडु का राज्य गीत तमीज़ थाई वज़्थु, वंदे मातरम और राष्ट्रगान के बाद तीसरे स्थान पर बजाया गया – राज्य की परंपरा को तोड़ते हुए और सत्तारूढ़ तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) और सीपीआई की ओर से इसकी आलोचना की गई। दक्षिणी राज्य के रीति-रिवाजों के अनुसार, तमिलनाडु में आधिकारिक समारोहों की शुरुआत में ‘तमिल थाई वाल्थु’ बजाया जाता है, जो “नीरारुम कदलुदुथा…” पंक्तियों से शुरू होता है, जबकि अंत में राष्ट्रगान बजाया जाता है। हालाँकि, चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भव्य कार्यक्रम में, क्रम बदल दिया गया था। कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, सबसे पहले ‘वंदे मातरम’ बजाया गया, उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया गया, जबकि तीसरे स्थान पर ‘तमिल थाई वाज़थु’ बजाया गया। प्रोटोकॉल में बदलाव की विपक्षी आवाजों के साथ-साथ सीएम विजय की टीवीके के सहयोगियों ने भी आलोचना शुरू कर दी। सीपीआई प्रश्न प्रोटोकॉल में बदलाव तमिलनाडु सीपीआई सचिव एम वीरपांडियन ने एक पत्र जारी कर ‘थमिज़थाई वाज़थु’ को तीसरे स्थान पर धकेले जाने पर आपत्ति जताई और इसे “स्थापित परंपरा का उल्लंघन” बताया। “राजभवन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, तमिलनाडु सरकार द्वारा आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के कार्यक्रम कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ गीत को प्राथमिकता देना और तमिल को तीसरे स्थान पर रखना स्थापित परंपरा का उल्लंघन है। तमिलनाडु सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि इस चूक के लिए कौन जिम्मेदार था,” उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा। चेन्नई | टीएन सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में वंदे मातरम और राष्ट्रगान के बाद गाए गए थमिझथाई वाज़थु के खिलाफ अपने पत्र पर, तमिलनाडु सीपीआई सचिव एम वीरपांडियन कहते हैं, “राष्ट्रगान का सम्मान किया जाना चाहिए। हमारा देश भारत है। इसका राष्ट्रगान ‘जन गण’ है… pic.twitter.com/jVYJQ1WVdb– एएनआई (@ANI) 10 मई 2026 वीरपांडियन ने नवगठित टीवीके सरकार से इस मामले पर प्रतिक्रिया देने को कहा और मुख्यमंत्री और प्रो-टर्म स्पीकर से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि 17वीं तमिलनाडु विधानसभा के पहले सत्र में सबसे पहले ‘थमिजथाई वाजथु’ गाया जाए और सत्र के समापन पर राष्ट्रगान गाया जाए। उन्होंने कहा, “तमिलगा वेट्री कज़गम को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि थमिज़थाई वाज़थु को प्रधानता दी जाए। इस तरह की त्रुटि को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। टीएन के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और प्रोटेम स्पीकर को यह सुनिश्चित करना है कि विधायकों के शपथ ग्रहण के लिए बुलाए गए कल के विधानसभा सत्र के साथ-साथ सभी सरकारी समारोहों और समारोहों के दौरान पहले थमिज़थाई वाज़थु को गाया जाए और समापन पर राष्ट्रगान बजाया जाए।” टीवीके मंत्री ने केंद्र के परिपत्र को दोषी ठहराया कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि नई व्यवस्था “तमिलनाडु के लिए अनुपयुक्त” थी और कहा कि विजय के नेतृत्व वाली सरकार तमिल मंगलाचरण गीत को तीसरे स्थान पर लाने से सहमत नहीं थी। अर्जुन ने एक बयान में कहा, “तमिल मंगलाचरण गीत एक शताब्दी से अधिक समय से ऐतिहासिक गौरव रखता है। इसे तमिलनाडु सरकार द्वारा राज्य गान घोषित किया गया था और इसे हमेशा सरकारी कार्यक्रमों में सबसे पहले बजाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में, राष्ट्रगान बजाया जाता है। यह सामान्य और उचित अभ्यास है।” ‘நீராரும் கடலுடுத்த…’ எனத் தொடங்கும் தமலுக்கு ऋण समाधान के लिए आवेदन पत्र ठीक है. ‘अच्छी तरह से काम करो…’ के बारे में और जानें होम पेज 10, 2020 मेरे पास एक अच्छा विकल्प है. और पढ़ें 10 मई 2026 उन्होंने कहा कि जिम्मेदार प्राधिकारी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के साथ मामला उठाने पर, उन्हें सूचित किया गया कि राज्यपाल ने केवल केंद्र सरकार के परिपत्र के अनुसार कार्य किया, जिससे यह एक “अपरिहार्य स्थिति” बन गई। अर्जुन ने यह भी तर्क दिया कि राज्य भाषा के मंगलाचरण गीतों को पूरे भारत में प्रमुखता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को “इसके लिए उचित कार्रवाई करनी चाहिए”। मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस प्रथा को बंद कर दिया जाएगा और पूर्व प्रथा के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत में तमिल मंगलाचरण गीत और अंत में राष्ट्रगान बजाया जाएगा। उन्होंने कहा, “जब हमने इस मामले पर राज्यपाल का पक्ष पूछा, तो उन्हें बताया गया कि जिम्मेदार प्राधिकारी के रूप में राज्यपाल को केंद्र सरकार के नए परिपत्र के अनुसार कार्य करना चाहिए। तदनुसार, एक अपरिहार्य स्थिति में, तमिल मंगलाचरण गीत को तीसरे गीत के रूप में बजाया गया।” हालाँकि, भविष्य में इस नई प्रथा का पालन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, पहले की प्रथा के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत में तमिल मंगलाचरण गीत और अंत में राष्ट्रगान बजाया जाएगा! सिर्फ तमिलनाडु में ही नहीं, बल्कि भारत के सभी राज्यों में कार्यक्रम की शुरुआत में राज्य भाषा का मंगलाचरण गीत अवश्य बजाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार को इसके लिए उचित कार्रवाई करनी चाहिए। यह पूरे तमिलनाडु के लोगों की भावना और एकीकृत संकल्प है। यही हमारा दृढ़ रुख भी है. सत्य की ही जीत होगी! तमिल लंबे समय तक जीवित रहें!” उन्होंने जोड़ा। इस बीच, अभिनेता से नेता बने और टीवीके के संस्थापक सी जोसेफ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे राज्य में एक बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत हुई। उनकी जीत लगभग सात दशकों में पहली बार है कि द्रमुक या अन्नाद्रमुक के अलावा किसी अन्य पार्टी ने दक्षिणी राज्य में सरकार बनाई है। विजय तमिलनाडु के नौवें मुख्यमंत्री बन गए हैं। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘तमिलनाडु के लिए अनुपयुक्त’: विजय के शपथ समारोह में राज्य

RCB कोच एंडी फ्लावर पर मैच फीस का 15% जुर्माना:अंपायर से बहस और गलत शब्दों का इस्तेमाल किया, मुंबई के खिलाफ मैच की घटना

RCB कोच एंडी फ्लावर पर मैच फीस का 15% जुर्माना:अंपायर से बहस और गलत शब्दों का इस्तेमाल किया, मुंबई के खिलाफ मैच की घटना

IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हेड कोच एंडी फ्लावर पर BCCI ने सख्त कार्रवाई की है। मैच के दौरान अंपायर से आक्रामक व्यवहार और अपशब्दों के इस्तेमाल पर उन पर मैच फीस का 15% जुर्माना लगाया गया है। यह घटना रविवार 10 मई को रायपुर में RCB Vs MI मैच के दौरान हुई। 18वें ओवर में एंडी फ्लावर चौथे अंपायर से किसी फैसले को लेकर तीखी बहस करते नजर आए। IPL की गवर्निंग बॉडी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए लेवल-1 का अपराध घोषित किया है। अंपायर से उलझे एंडी, माइक में कैद हुए अपशब्द रिपोर्ट के मुताबिक, मैच के रोमांचक मोड़ पर एंडी फ्लावर डगआउट के पास मौजूद चौथे अंपायर से आक्रामक तरीके से बात करने लगे। IPL कोड ऑफ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.3 के तहत मैच के दौरान ‘ऑडिबल ऑब्सेनिटी’ (सुनाई देने वाले अपशब्द) का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। एंडी फ्लावर के शब्द ब्रॉडकास्टिंग माइक में सुनाई दिए, जिसके बाद मैच रेफरी अमित शर्मा ने उन पर पेनल्टी लगाई। एंडी फ्लावर ने गलती मानकर सजा स्वीकार कर ली है। क्या कहता है IPL का आर्टिकल 2.3 IPL के नियमों के मुताबिक, आर्टिकल 2.3 उन खिलाड़ियों या अधिकारियों पर लागू होता है जो मैच के दौरान अभद्र या अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते हैं। चूंकि एंडी फ्लावर ने गलती स्वीकार कर ली है, इसलिए मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। IPL में कोच और सपोर्ट स्टाफ पर जुर्माना लगना दुर्लभ माना जाता है, लेकिन अंपायर के सम्मान को लेकर बोर्ड इस बार गंभीर नजर आ रहा है। IPL 2026 में अनुशासन को लेकर BCCI का रुख कड़ा रहा है। एंडी फ्लावर से पहले कई कप्तान और खिलाड़ी अपनी मैच फीस का बड़ा हिस्सा जुर्माने में गंवा चुके हैं।

RCB कोच एंडी फ्लावर पर मैच फीस का 15% जुर्माना:अंपायर से बहस और गलत शब्दों का इस्तेमाल किया, मुंबई के खिलाफ मैच की घटना

RCB कोच एंडी फ्लावर पर मैच फीस का 15% जुर्माना:अंपायर से बहस और गलत शब्दों का इस्तेमाल किया, मुंबई के खिलाफ मैच की घटना

IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हेड कोच एंडी फ्लावर पर BCCI ने सख्त कार्रवाई की है। मैच के दौरान अंपायर से आक्रामक व्यवहार और अपशब्दों के इस्तेमाल पर उन पर मैच फीस का 15% जुर्माना लगाया गया है। यह घटना रविवार 10 मई को रायपुर में RCB Vs MI मैच के दौरान हुई। 18वें ओवर में एंडी फ्लावर चौथे अंपायर से किसी फैसले को लेकर तीखी बहस करते नजर आए। IPL की गवर्निंग बॉडी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए लेवल-1 का अपराध घोषित किया है। अंपायर से उलझे एंडी, माइक में कैद हुए अपशब्द रिपोर्ट के मुताबिक, मैच के रोमांचक मोड़ पर एंडी फ्लावर डगआउट के पास मौजूद चौथे अंपायर से आक्रामक तरीके से बात करने लगे। IPL कोड ऑफ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.3 के तहत मैच के दौरान ‘ऑडिबल ऑब्सेनिटी’ (सुनाई देने वाले अपशब्द) का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। एंडी फ्लावर के शब्द ब्रॉडकास्टिंग माइक में सुनाई दिए, जिसके बाद मैच रेफरी अमित शर्मा ने उन पर पेनल्टी लगाई। एंडी फ्लावर ने गलती मानकर सजा स्वीकार कर ली है। क्या कहता है IPL का आर्टिकल 2.3 IPL के नियमों के मुताबिक, आर्टिकल 2.3 उन खिलाड़ियों या अधिकारियों पर लागू होता है जो मैच के दौरान अभद्र या अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते हैं। चूंकि एंडी फ्लावर ने गलती स्वीकार कर ली है, इसलिए मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। IPL में कोच और सपोर्ट स्टाफ पर जुर्माना लगना दुर्लभ माना जाता है, लेकिन अंपायर के सम्मान को लेकर बोर्ड इस बार गंभीर नजर आ रहा है। IPL 2026 में अनुशासन को लेकर BCCI का रुख कड़ा रहा है। एंडी फ्लावर से पहले कई कप्तान और खिलाड़ी अपनी मैच फीस का बड़ा हिस्सा जुर्माने में गंवा चुके हैं।

CM विजय ने स्टाफ की टेबल उठाने में की मदद:शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर बगल में खड़े राहुल गांधी भी हैरान हुए

CM विजय ने स्टाफ की टेबल उठाने में की मदद:शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर बगल में खड़े राहुल गांधी भी हैरान हुए

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने अभिनेता-राजनेता विजय ने रविवार को चेन्नई में हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद स्टेज पर रखी टेबल हटाने में स्टाफ की मदद की। कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी यह देखकर हैरान हो गए। विजय के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, शपथ ग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल और अन्य नेताओं के साथ ग्रुप फोटो की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान मंच पर रखी टेबल हटाई जा रही थी। स्टाफ और वर्कर्स टेबल उठाने लगे तो विजय भी आगे आए और उन्होंने खुद टेबल उठाने में मदद की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने विजय के इस जेस्चर की तारीफ की। चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोह हुआ थलापति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राहुल गांधी और तृषा समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। विजय के सीएम की शपथ लेने के बाद एक्टर कमल हासन और प्रकाश राज ने उन्हें बधाई दी। कमल हासन ने कहा, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम के अध्यक्ष और तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री मेरे भाई थिरु विजय को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं।’ वहीं प्रकाश राज ने ट्वीट कर लिखा, ‘मुख्यमंत्री विजय को बहुत-बहुत बधाई। नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में राज्य और तरक्की करेगा।’ आर माधवन ने भी दी बधाई एक्टर आर माधवन ने भी विजय को बधाई दी। माधवन ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर विजय की एक फोटो शेयर की और साथ ही लिखा, ‘भगवान आपका भला करे और मुझे आप पर बहुत गर्व है।’ फोटो में लिखा था, मेरे प्यारे भाई, आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री के तौर पर आपका कार्यकाल हमारे राज्य के लिए सबसे फायदेमंद और असरदार हो। भगवान आपको वह सारी ताकत दे जिसकी आपको वह सब अच्छा करने के लिए जरूरत है जो आपको करना है। आप पर बहुत गर्व है भाई। तृषा ने विजय की मां से मुलाकात की शपथ ग्रहण समारोह में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी पहुंचीं। उन्होंने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलती नजर आईं।

CM विजय ने स्टाफ की टेबल उठाने में की मदद:शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर बगल में खड़े राहुल गांधी भी हैरान हुए

CM विजय ने स्टाफ की टेबल उठाने में की मदद:शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर बगल में खड़े राहुल गांधी भी हैरान हुए

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने अभिनेता-राजनेता विजय ने रविवार को चेन्नई में हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद स्टेज पर रखी टेबल हटाने में स्टाफ की मदद की। कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी यह देखकर हैरान हो गए। विजय के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, शपथ ग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल और अन्य नेताओं के साथ ग्रुप फोटो की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान मंच पर रखी टेबल हटाई जा रही थी। स्टाफ और वर्कर्स टेबल उठाने लगे तो विजय भी आगे आए और उन्होंने खुद टेबल उठाने में मदद की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने विजय के इस जेस्चर की तारीफ की। चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोह हुआ थलापति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राहुल गांधी और तृषा समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। विजय के सीएम की शपथ लेने के बाद एक्टर कमल हासन और प्रकाश राज ने उन्हें बधाई दी। कमल हासन ने कहा, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम के अध्यक्ष और तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री मेरे भाई थिरु विजय को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं।’ वहीं प्रकाश राज ने ट्वीट कर लिखा, ‘मुख्यमंत्री विजय को बहुत-बहुत बधाई। नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में राज्य और तरक्की करेगा।’ आर माधवन ने भी दी बधाई एक्टर आर माधवन ने भी विजय को बधाई दी। माधवन ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर विजय की एक फोटो शेयर की और साथ ही लिखा, ‘भगवान आपका भला करे और मुझे आप पर बहुत गर्व है।’ फोटो में लिखा था, मेरे प्यारे भाई, आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री के तौर पर आपका कार्यकाल हमारे राज्य के लिए सबसे फायदेमंद और असरदार हो। भगवान आपको वह सारी ताकत दे जिसकी आपको वह सब अच्छा करने के लिए जरूरत है जो आपको करना है। आप पर बहुत गर्व है भाई। तृषा ने विजय की मां से मुलाकात की शपथ ग्रहण समारोह में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी पहुंचीं। उन्होंने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलती नजर आईं।

जौ या चना… मई-जून में कौन सा सत्तू शरीर को देता ज्यादा ताकत और ठंडक? एक्सपर्ट से समझें

sattu (AI image)

Last Updated:May 11, 2026, 09:48 IST Jau vs chana sattu : गर्मी बढ़ते ही लोग शरीर को ठंडा रखने वाले देसी ड्रिंक्स की तलाश में जुट जाते हैं. ऐसे में सत्तू का शरबत फिर से लोगों की पहली पसंद बन रहा है. लेकिन अब सवाल यह उठने लगा है कि जौ का सत्तू ज्यादा फायदेमंद है या चने का? दोनों ही देसी सुपरफूड माने जाते हैं और गांव से लेकर शहर तक खूब पिए जाते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि दोनों सत्तू के फायदे अलग-अलग हैं और जरूरत के हिसाब से इनका चुनाव करना चाहिए. प्रयागराज के हेल्थ एक्सपर्ट डॉ सुबोध ने कंफ्यूजन दूर कर दिया है. आयुर्वेद के सतुआ में फायदे – आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, गर्मी के दिनों में लू से बचने के लिए घर से निकलने से पहले सत्तू या सत्तू का शरबत पी लें तो लू लगने का खतरा बहुत कम हो जाता है. सत्तू प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने में मदद करता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स सुबोध बताते हैं कि चने का सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर माना जाता है. यही वजह है कि इसे पीने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और शरीर को एनर्जी मिलती है. गर्मियों में मजदूर, किसान और जिम जाने वाले लोग इसे खूब पसंद करते हैं. कई लोग इसे “देसी प्रोटीन ड्रिंक” भी कहते हैं. वहीं जौ का सत्तू शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए ज्यादा जाना जाता है. इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक जिन्हें गर्मी ज्यादा लगती है या पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या रहती है, उनके लिए जौ का सत्तू बेहतर विकल्प माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग सुबह खाली पेट नमक, नींबू और भुना जीरा डालकर सत्तू का घोल पीते हैं. इससे शरीर में पानी की कमी कम महसूस होती है और लंबे समय तक ताजगी बनी रहती है. कई जगहों पर जौ और चने का सत्तू मिलाकर भी पिया जाता है, ताकि दोनों का फायदा एक साथ मिल सके. फूड एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर वजन घटाना चाहते हैं, तो जौ का सत्तू ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह हल्का होता है. वहीं शरीर को ताकत और प्रोटीन चाहिए, तो चने का सत्तू बेहतर विकल्प हो सकता है. हालांकि दोनों को सही मात्रा में ही पीना चाहिए. जरूरत से ज्यादा सत्तू पीने पर कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने जैसी दिक्कत भी हो सकती है. आजकल बाजार में फ्लेवर्ड और पैकेट वाले सत्तू भी आने लगे हैं, लेकिन गांवों में लोग अब भी देसी तरीके से तैयार सत्तू को ज्यादा पसंद करते हैं. कम खर्च में शरीर को ठंडक, ताकत और भरपूर एनर्जी देने की वजह से सत्तू आज भी गर्मियों का सबसे भरोसेमंद देसी ड्रिंक माना जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।