मिल गया सुबह का सुपर ड्रिंक! एनर्जी, वजन और पेट रोग में रामबाण, जानें All-in-One लौकी जूस के फायदे

Last Updated:May 04, 2026, 12:14 IST लौकी का जूस, जो अपने आप में औषधीय गुणों से भरपूर हैं, लेकिन आज हम आपको बलिया के खास लौकी जूस के बारे में बताने जा रहे हैं, जो किसी संजीवनी से कम नहीं है. जी हां लौकी, आंवला, कच्ची हल्दी, थोड़ी मात्रा में हरा धनिया और हरा पुदीना का मेल अनेक रोगों में रामबाण सिद्ध हो सकता हैं. आगे विस्तार से जानिए… राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, लौकी का जूस त्वचा और बालों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन त्वचा को निखारकर उसे चमकदार बनाते हैं. साथ ही, यह बालों की जड़ों को मजबूत कर उनके झड़ने को कम करने में मदद करता है, जिससे प्राकृतिक स्वास्थ्य बेहतर होता है. जनपद बलिया के द्वाबा क्षेत्र में लौकी की बहुल मात्रा में खेती की जाती है, जहां से यह देश-विदेश तक भेजी जाती है. यही वजह है कि यहां की लौकी के सेवन का अलग ही महत्व है. बलिया शहर में एक ऐसी दुकान भी है, जहां इससे बने खास जूस मिलते हैं. ग्रेजुएट दुकानदार राज प्रकाश के अनुसार, उनकी यह दुकान श्री राम जानकी मंदिर, आर्य समाज रोड के ठीक सामने ‘प्रकाश जी जूस कॉर्नर’ नाम से स्थित है. लौकी के जूस का सेवन करते समय सावधानी रखना बहुत जरूरी है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लौकी कड़वी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि कड़वी लौकी का जूस हानिकारक हो सकता है. इसलिए सेवन से पहले इसका स्वाद जरूर जांच लें. इसे सुबह खाली पेट पीना अधिक लाभकारी माना जाता है और एक बार में सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए. मरीजों को बिना चिकित्सक की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए. Add News18 as Preferred Source on Google लौकी का जूस पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी असरदार माना जाता है. इसके नियमित सेवन से गैस, कब्ज, एसिडिटी और जलन जैसी पेट की समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह आंतों को साफ रखने में सहायक होता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर को पूरा पोषण मिल पाता है. यह खास लौकी का जूस शरीर को अंदर से साफ करने में असरदार माना जाता है. यह डिटॉक्स प्रक्रिया को सपोर्ट करता है, जिससे शरीर में जमा विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है. इससे लीवर की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है और सूजन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. इसके चलते शरीर हल्का और अधिक ऊर्जावान महसूस करता है. लौकी का जूस हृदय स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है. लौकी अपने आप में औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इसमें पाया जाने वाला पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है. इसके नियमित सेवन से दिल से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है. लौकी के जूस को बनाना आसान है. इसके लिए एक कप कटी हुई लौकी, एक आंवला, एक इंच कच्ची हल्दी, थोड़ी मात्रा में हरा धनिया और पुदीना लिया जाता है. इन्हें पानी के साथ ब्लेंड कर छान लेना चाहिए. स्वाद के लिए इसमें नींबू का रस या काला नमक मिलाया जा सकता है, जिससे इसका स्वाद और भी ताजगी भरा हो जाता है. दुकानदार राज प्रकाश के अनुसार, जब इसमें आंवला, कच्ची हल्दी, पुदीना और हरा धनिया मिलाया जाता है, तो यह एक शक्तिशाली डिटॉक्स ड्रिंक बन जाता है. आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. कच्ची हल्दी में कई गुण होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से बचाते हैं. यह मिश्रण शरीर को अंदर से मजबूत बनाने की क्षमता रखता है. लौकी का जूस वजन घटाने की चाह रखने वालों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और अनावश्यक भूख नहीं लगती. इसके नियमित सेवन से वजन नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
फिल्म वाराणसी के मेकर्स की बढ़ीं मुश्किलें:शूटिंग के लिए 150 पानी के टैंकर देने से जल आपूर्ति बोर्ड का इनकार, 18 मई को इस्तेमाल होना था

एसएस राजामौली की मोस्ट अवेटेड फिल्म वाराणसी की शूटिंग में दिक्कतें आ सकती हैं। इस फिल्म की शूटिंग हैदराबाद फिल्मसिटी में चल रही है। फिल्म के कुछ सीन के लिए मेकर्स को एक तालाब बनाना था, जिसके लिए उन्हें हजार लीटर पानी चाहिए था, लेकिन अब जल आपूर्ति बोर्ड ने इससे इनकार कर दिया है। फिल्म वाराणसी की प्रोडक्शन कंपनी श्री दुर्गा आर्ट्स ने हाल ही राजेंद्रनगर के गगनपहाड़ स्थित फिल्मसिटी में तालाब बनाने के लिए हैदराबाद महानगर जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड को एक लेटर लिखकर 150 वॉटर टैंकर की मांग की थी। प्रोडक्शन द्वारा बोर्ड के प्रबंध निदेशक अशोक रेड्डी को लिए गए लेटर में कहा गया था कि पानी के लिए कंपनी उन्हें टैंकर का किराया भी देगी। हालांकि बोर्ड द्वारा लेटर को रिजेक्ट कर दिया गया है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सेट पर पहले ही तालाब बनवा लिया गया है, जिसमें 10 हजार लीटर प्रति टैंकर की कैपेसिटी के 150 टैंकर इस्तेमाल होने थे। पानी को 18 मई को होने वाली शूटिंग के लिए शुद्ध करवाया जाना था। लेकिन गर्मी से बढ़ने जल संकट को देखते हुए जल आपूर्ति बोर्ड ने प्रोडक्शन की सभी मांगें खारिज कर दी हैं। देखना होगा कि बोर्ड द्वारा लेटर खारिज किए जाने के बाद मेकर्स अब किस तरह पानी की डिमांड पूरी करेंगे और शूटिंग जारी रखेंगे। अप्रैल 2027 में रिलीज होगी फिल्म एसएस राजामौली के निर्देशन में बन रही फिल्म वाराणसी 7 अप्रैल 2027 में रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। इस फिल्म से प्रियंका चोपड़ा इंडियन सिनेमा में कमबैक कर रही हैं। फिल्म में उनके साथ महेश बाबू लीड रोल में नजर आने वाले हैं।
वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल में 1500 से ज्यादा अधिकारी हटाए गए, बालेन सरकार का दावा 'राजनीतिक नियुक्तियां' रद्द कीं

नेपाल की नई सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1500 से ज्यादा सरकारी नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को अध्यादेश जारी कर 26 मार्च से पहले की सभी नियुक्तियों को समाप्त करने का आदेश दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के तहत 1594 पदों पर बैठे अधिकारियों को हटाया गया है। सरकार ने इन्हें ‘राजनीतिक नियुक्तियां’ बताते हुए खत्म किया है। इस कदम से नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी, बीपी कोइराला इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज और नेपाल एयरलाइंस जैसे प्रमुख संस्थानों में शीर्ष पद खाली हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ सकता है, क्योंकि कई जगहों पर निर्णय लेने वाले अधिकारी नहीं बचे हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जरूरी था। हालांकि, नई नियुक्तियों को लेकर अभी कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है। यह फैसला हाल ही में सत्ता परिवर्तन के बाद लिया गया है, जब मार्च में हुए चुनाव में नई सरकार बनी थी। विपक्ष और कुछ विशेषज्ञ इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे प्रशासनिक व्यवस्था के लिए जोखिम बता रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कराची 46°C गर्मी में बेहाल: पानी-बिजली संकट से लोग परेशान, टैंकर माफिया हावी पाकिस्तान के कराची शहर में भीषण गर्मी और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने हालात गंभीर बना दिए हैं। रविवार को तापमान 40.9°C दर्ज किया गया, लेकिन नमी के कारण यह 46°C जैसा महसूस हुआ। इस भीषण गर्मी के बीच शहर में पानी और बिजली का संकट गहरा गया है। कराची वाटर एंड सीवरेज कॉर्पोरेशन के मुताबिक, शहर को रोजाना 650 मिलियन गैलन पानी की जरूरत है, जबकि फिलहाल सिर्फ 610 मिलियन गैलन ही मिल रहा है। यानी करीब 40 मिलियन गैलन की कमी है। लांधी, बल्दिया टाउन और ओरंगी टाउन जैसे इलाकों में पानी की स्थिति बेहद खराब है और लोग मजबूरी में महंगे दाम पर टैंकर से पानी खरीद रहे हैं। वहीं, भीषण गर्मी के बावजूद लोडशेडिंग जारी है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कई इलाकों में बिजली कटौती के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है। इस संकट के खिलाफ लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी किया। एमक्यूएम-पाकिस्तान के नेताओं ने इसे सरकार की नाकामी बताते हुए कड़ी आलोचना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब प्रशासन और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कराची में हालात और बिगड़ सकते हैं। चीन का अमेरिका को जवाब: रिफाइनरियों से कहा- ईरान तेल पर US प्रतिबंधों को नजरअंदाज करें चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अपनी घरेलू कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ईरान के तेल व्यापार से जुड़े रिफाइनरियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन न करें। यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी ट्रेजरी ने चीन की निजी ‘टीपॉट’ रिफाइनरियों के साथ लेन-देन पर बैंकों को चेतावनी दी थी। अमेरिका का आरोप है कि इन रिफाइनरियों के जरिए ईरान को आर्थिक मदद मिलती है, जिससे उसके सैन्य और हथियार कार्यक्रमों को समर्थन मिलता है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि बिना संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के लगाए गए प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं और यह देश की संप्रभुता व विकास हितों में दखल है। हालांकि, चीन ने आधिकारिक तौर पर ईरान से तेल खरीदने से इनकार किया है और 2023 के बाद से आयात के आंकड़ों में इसका जिक्र नहीं है, लेकिन अमेरिका का दावा है कि निजी कंपनियां यह व्यापार कर रही हैं। ईरान को लेकर बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ा है। कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के कारण सप्लाई पर असर पड़ा है।
घर पर गन्ने का रस: प्रचंड गर्मी और भीषण लू में अमृत है आलू का ठंडा-ठंडा रस, घर पर 2 मिनट की ट्रिक से जानें; ये है सीक्रेट रेसिपी

4 मई 2026 को 11:24 IST पर अद्यतन किया गया घर पर गन्ने का रस कैसे बनाएं: प्रचंड गर्म और चिलचिलाती धूप में ठंडा और ताजगी देने वाला पेय हर किसी को पसंद आता है। फ़्रांसीसी रस में भी शामिल है नीजी देसी ड्रिंक, जो न केवल प्याज पीती है बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा भी देती है। हालाँकि बाहरी स्टॉल में मिलने वाले सामान में समान साफ-सफाई नहीं रहती है। ऐसे में अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप इस देसी ड्रिंक को बिना मसाले और बिना मशीन के ही दो मिनट में बिल्कुल बाजार में तैयार कर सकते हैं। अनुसरण करना : घर में जिन जरूरी चीजों की जरूरत होती है उन्हें बनाने के लिए, इनमें नींबू का टुकड़ा होता है गुड़, ठंडा पानी, काला नमक, नींबू का रस, पुदीने का रस, ये जरूरी चीजें होती हैं। छवि: एआई फ़ुज़ियान के उत्पादों को ठंडा और ताज़ा बनाने के लिए फ़्रिज़ में जमाई हुई बर्फ़ भी डाली जाती है। साथ ही पुदीने के पत्ते और नींबू का स्वाद लें। छवि: एआई फ़्रांसीसी खाद्य पदार्थ बनाने के लिए सबसे पहले प्लास्टिक में गुड़, ठंडा पानी, काला नमक और नींबू का रस डाला जाता है। इसके बाद पुदीने की नॉट को स्टोइन्ट को एक से दो मिनट तक अच्छे से ब्लेंड करना चाहिए। छवि: फ्रीपिक जब गुड़ पूरी तरह से मोटा हो जाए और हल्का झाग आ जाए, तो कपड़े को प्लास्टिक में निकाल लें। इसमें ऊपर से बर्फ लगाई गई है और ठंडा-ठंडा कांच के शीशे में सर्व किया गया है। छवि: फ्रीपिक इस गुप्त विधि से बनाए गए फार्म हाउस के बिल्कुल सड़क किनारे मिलने वाले फार्म के रस से वैसा ही प्रतीत होता है। बस आप घर पर इसे साफ-सफाई के साथ तैयार कर लें। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 4 मई 2026, 11:24 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)गन्ने का जूस रेसिपी(टी)घर पर गन्ने का जूस कैसे बनाएं(टी)गुड़ जूस रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन पेय भारत(टी)घर का बना गन्ने का रस(टी)ताज़ा पेय(टी)भारतीय ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)स्वस्थ पेय(टी)देसी पेय रेसिपी(टी)त्वरित ग्रीष्मकालीन पेय रेसिपी
ककड़ी और पुदीना की चटनी, गर्मी का परफेक्ट देसी जुगाड़, जो देगा डिहाइड्रेशन से राहत

X ककड़ी और पुदीना की चटनी, गर्मी का परफेक्ट देसी जुगाड़ Summer Special Home Remedy: गर्मी के मौसम में ठंडा, हल्का और ताजगी भरा खाना हर किसी की पसंद होता है. ऐसे में ककड़ी-पुदीना की चटपटी चटनी स्वाद के साथ शरीर को ठंडक भी देती है. 70 वर्षीय दादी चंद्रावती बताती है कि यह चटनी पाचन को दुरुस्त रखती है और डिहाइड्रेशन से बचाती है. इसे बनाने के लिए ककड़ी, ताजा पुदीना, हरी मिर्च, लहसुन, अदरक, नमक, भुना जीरा और नींबू का रस मिक्सर में पीस लें. चाहें तो इसमें थोड़ा दही मिलाकर स्वाद बढ़ा सकते है. यह चटनी रोटी, पराठा, दाल-चावल या स्नैक्स के साथ बेहतरीन लगती है. ककड़ी में पानी की मात्रा अधिक होती है, जबकि पुदीना पेट को ठंडा रखता है. लहसुन और अदरक इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते है. जिससे यह चटनी स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखती है.
शिमला के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी:पेरेंट्स-स्टूडेंट्स में हड़कंप, बच्चों को लेने पहुंचे, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; खाली कराए परिसर

हिमाचल की राजधानी शिमला में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। ईमेल के जरिए धमकी के बाद स्कूल प्रबंधन ने एहतियातन अभिभावकों को मैसेज भेजा और बच्चों को तुरंत घर ले जाने को कहा। इस मैसेज को देखकर अभिभावकों में हड़कंप मच गया। परिजन आनन-फानन में स्कूल पहुंचे और अपने बच्चों को वापस ले गए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। एसपी शिमला गौरव ने बताया कि जनरल थ्रेट आई है। पुलिस जांच में जुटी हुई है और स्कूलों में ड्रिल चल रही है। यह धमकी शहर के चैल्सी, दयानंद, सेंट थॉमस, डीएवी टुटू इत्यादि स्कूलों को मिली है। धमकी की खबर फैलने के बाद दूसरे स्कूलों के परिजन भी घबरा गए और अपने बच्चों के लिए उनकी चिंताएं बढ़ गई। स्कूल परिसर में ली जा रही तलाशी जिन स्कूलों को धमकी मिली है, उनके परिसर में पुलिस ने संदिग्ध वस्तुओं की तलाशी को अभियान चलाया, लेकिन बम जैसी कोई भी चीज नहीं मिली। अब शिमला पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिर यह धमकी किसने दी। इससे पहले हाईकोर्ट-सचिवालय को भी कई बार धमकी मिल चुकी गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश में इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। हाल के महीनों में हिमाचल हाईकोर्ट, राज्य सचिवालय, कई जिलों के डीसी कार्यालयों और जिला कोर्ट को भी कई बार बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। पुलिस की अपील- घबराएं नहीं हालांकि हर बार जांच में ऐसी धमकियां अफवाह या शरारती तत्वों की करतूत ही साबित हुई हैं। फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
तमिलनाडु में विजय की ‘व्हिसल पोडु’ की एंट्री एमजीआर, एनटीआर के समानांतर है: दक्षिण में ‘स्टार पावर’ को डिकोड करना | भारत समाचार

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 11:03 IST शुरुआती रुझानों से पता चलता है कि टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रही है, जो सफलतापूर्वक स्थापित टाइटन्स: डीएमके और एआईएडीएमके के बीच खुद को बचा रही है। जब विजय ने 2 फरवरी, 2024 को आधिकारिक तौर पर टीवीके लॉन्च किया, तो आलोचकों ने इसे “फैन-क्लब प्रयोग” के रूप में खारिज कर दिया। तमिलनाडु चुनाव परिणाम 2026: 1992 में, एक युवा जोसेफ विजय ने एक शांत शुरुआत की नालैया थीरपु. तमिल फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर असफल रही, जिससे कई लोगों को आश्चर्य हुआ कि क्या निर्देशक एसए चंद्रशेखर के बेटे का सिनेमा में कोई भविष्य है। आज तेजी से आगे बढ़ते हुए, “आपदा” का स्थान “राजनीतिक भूकंप” ने ले लिया है। जैसे-जैसे 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आ रहे हैं, विजय की तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) न केवल अपने चुनावी पदार्पण में भाग ले रही है; यह एक ऐसे आरोप का नेतृत्व कर रहा है जो राज्य के इतिहास को फिर से परिभाषित कर सकता है। शुरुआती रुझानों से पता चलता है कि टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रही है, जो 80 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है, और खुद को स्थापित दिग्गजों: डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सफलतापूर्वक पार कर रही है। यदि ये रुझान कायम रहे, तो विजय ने एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) और एनटी रामाराव (एनटीआर) की महान प्रविष्टियों की प्रतिध्वनि करते हुए, आधुनिक भारतीय राजनीति में “सर्वकालिक महानतम” (बकरी) का दर्जा हासिल कर लिया होगा। तमिलनाडु चुनाव परिणाम 2026 लाइव एनटीआर समानांतर: 1983 “तेलुगु आत्मा गौरवम” लहर विजय की जबरदस्त वृद्धि आंध्र प्रदेश में एनटी रामाराव की 1983 की क्रांति की बानगी पेश करती है। एनटीआर, जो उस समय तेलुगु सिनेमा के निर्विवाद देवता थे, ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) को एक अनोखे युद्ध घोष के साथ लॉन्च किया: तेलुगु वारी आत्म गौरवम (तेलुगु लोगों का स्वाभिमान)। दिल्ली में हाईकमान द्वारा राज्य नेतृत्व के कथित “अपमान” से आहत होकर, एनटीआर अपनी चैतन्य रथम – एक संशोधित शेवरले वैन – में सड़कों पर उतर आए। उन्होंने 75,000 किलोमीटर की दूरी तय की, वैन में सोए और ग्रामीणों के साथ भोजन किया, विजय ने तमिलनाडु भर में अपने व्यापक 2025-26 रोड शो के साथ एक जमीनी स्तर की रणनीति को प्रतिबिंबित किया। 9 जनवरी, 1983 को एनटीआर ने 294 सीटों में से 201 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया और लगभग 30 वर्षों के कांग्रेस शासन को समाप्त कर दिया। उनकी जीत इतनी गहरी थी कि 1984 तक, टीडीपी लोकसभा में प्राथमिक विपक्षी दल बन गई – एक उपलब्धि जो पहले कभी किसी क्षेत्रीय पार्टी ने हासिल नहीं की थी। यह भी पढ़ें | विजय के पास तमिलनाडु की अगली सरकार की ‘मास्टर’ कुंजी हो सकती है: वह किस गुट में शामिल होंगे? 5 परिदृश्यों की व्याख्या एमजीआर विरासत: डीएमके कोषाध्यक्ष से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री तक तमिलनाडु में, सिनेमाई-राजनीतिक बदलाव के लिए स्वर्ण मानक एमजी रामचंद्रन बने हुए हैं। नियोजित प्रवेश के विपरीत, एमजीआर का उदय द्रमुक के भीतर “टूट” से हुआ था। 1972 में, पार्टी के कोषाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए, एमजीआर ने सार्वजनिक रूप से डीएमके मंत्रियों द्वारा रखी गई व्यक्तिगत संपत्ति का हिसाब मांगा। 10 अक्टूबर, 1972 को परिणामी निलंबन, अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एडीएमके) के लिए उत्प्रेरक बन गया, जो ठीक एक सप्ताह बाद शुरू हुआ। खुद को सीएन अन्नादुरई की विरासत के सच्चे उत्तराधिकारी के रूप में पेश करते हुए, एमजीआर ने डीएमके के प्रभुत्व को खत्म करने के लिए अपनी “जनता के आदमी” की स्क्रीन छवि का इस्तेमाल किया। 1977 तक एमजीआर ने अन्नाद्रमुक को 144 सीटों के साथ निर्णायक जीत दिलाई। विजय की सुपरस्टार एंट्री जब विजय ने 2 फरवरी, 2024 को आधिकारिक तौर पर टीवीके लॉन्च किया, तो आलोचकों ने इसे “फैन-क्लब प्रयोग” कहकर खारिज कर दिया। केवल 2026 राज्य विधानसभा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 2024 के लोकसभा चुनावों को छोड़कर, विजय ने एक लंबा खेल खेला जिसका अब लाभ मिल रहा है। जबकि संशयवादियों ने तर्क दिया कि उनकी विक्रवंडी और करूर रैलियों में भारी भीड़ केवल “सिनेमा प्रशंसक” थी जो बूथ पर नहीं दिखेगी, 23 अप्रैल को 84.8% मतदान ने उन्हें गलत साबित कर दिया। विजय ने स्टारडम और बैलेट बॉक्स के बीच की खाई को पाटते हुए सफलतापूर्वक “स्क्रीन आइडल्स” को “वोटिंग सिटीजन” में बदल दिया है, जो एमजीआर या एनटीआर के बाद से नहीं देखा गया है। करूर में भगदड़, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई, ने विजय और टीवीके की गति को एक महत्वपूर्ण झटका दिया। इस घटना पर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा और बाद में दिल्ली में सीबीआई ने उनसे पूछताछ की। विवाद से आगे बढ़ते हुए, टीवीके का अभियान एक परिष्कृत, परिणाम-उन्मुख कल्याण मॉडल पर बनाया गया था जिसने डीएमके की स्थापित योजनाओं को चुनौती दी थी। डीएमके के मगलिर उरीमाई थोगाई के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए, विजय ने “थाइक्कू थलाईमाई” (माताओं के लिए नेतृत्व) योजना शुरू की। महिला प्रधान परिवारों को ₹2,500 का मासिक अनुदान और सालाना छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा करके, टीवीके ने महत्वपूर्ण महिला वोट बैंक में सफलतापूर्वक प्रवेश किया। उनकी “हर घर के लिए नौकरी” पहल बयानबाजी से परे चली गई, जिसमें त्रिची, सेलम और तिरुनेलवेली जैसे टियर -2 शहरों में विशिष्ट एआई-संचालित तकनीकी केंद्रों का प्रस्ताव रखा गया। शायद उनका सबसे प्रमुख वादा तमिलनाडु में एनईईटी को स्थायी रूप से हटाना था। पूरी तरह से 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल प्रवेश की वकालत करके, विजय ने उन लाखों छात्रों और अभिभावकों के साथ जुड़ाव पैदा किया, जो राष्ट्रीय परीक्षण प्रणाली द्वारा दरकिनार किए गए महसूस करते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया तमिलनाडु में विजय की ‘व्हिसल पोडु’ की एंट्री एमजीआर, एनटीआर के समानांतर है: दक्षिण में ‘स्टार पावर’ को डिकोड करना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से
बंगाल चुनाव रिजल्ट का पंजाब पर क्या असर:BJP जीती तो AAP में टूट का खतरा, कांग्रेस को डेंट; 3 एक्सपर्ट के हवाले से सब कुछ जानिए

बंगाल में BJP और ममता बनर्जी की TMC के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है। शुरूआती रूझान में भाजपा बढ़त बनाए हुए हैं। बंगाल में भाजपा की परफॉर्मेंस पर पंजाब के पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स की भी नजर टिकी हुई है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पॉलिटिकल एक्सपर्ट मान रहे हैं कि अगर BJP बंगाल में ममता बनर्जी का किला ढहाने में कामयाब रही तो अगली बारी पंजाब की होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे बंगाल में भाजपा कभी सरकार नहीं बना सकी, उसी तरह पंजाब में अकेले दम पर सत्ता पाना भी भाजपा के लिए किसी सपने से कम नहीं। अगर भाजपा बंगाल में सरकार बना गई या फिर TMC से हार गई तो इसका पंजाब चुनाव पर क्या असर होगा, इस बारे में दैनिक भास्कर ने पंजाब के 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बात की। उनका कहना है कि भाजपा बंगाल जीती तो पंजाब में एग्रेसिव ढंग से पॉलिटिकल कैंपेन करेगी। इससे AAP में टूट का खतरा बढ़ेगा। चुनाव हार गई तो फिर भाजपा पंजाब को लेकर और इंतजार कर सकती है। एक्सपर्ट बंगाल चुनाव का असर कांग्रेस पर भी मान रहे हैं। … पढ़िए उनकी क्या राय? बंगाल जीती तो BJP पर भरोसा बढ़ेगा, विधायकों की टूट होगी जालंधर की DAV यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन प्रो. डॉक्टर केके रत्तू कहते हैं- अगर BJP बंगाल जीत गई तो पंजाब में भी साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाएगी। BJP के लिए पंजाब भी बंगाल की तरह सियासी कामयाबी की बड़ी पहेली है, ऐसे में भाजपा का बंगाल में जो अभी परफॉर्मेंस दिख रहा है, उसे पंजाब में भी लागू करेगी। इतना जरूर है कि अगर भाजपा ने बंगाल जीता तो AAP में टूट का खतरा बढ़ेगा। विधायक समझेंगे कि अगर भाजपा बंगाल में सरकार बना सकती है तो पंजाब में भी चौंका सकती है। उनका भरोसा बढ़ेगा और टूट के मौके ज्यादा बनेंगे। हालांकि ये टूट अभी नहीं होगी। इसकी वजह डॉ. रत्तू बताते हैं कि अभी कोई टूटकर गया तो AAP सरकार उसे नहीं छोड़ेगी। रेड होंगी या फिर केस भी हो सकता है। फिर जमानत के चक्कर या फिर जेल जाना होगा। ऐसा ही AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सांसदों के साथ हुआ। राजिंदर गुप्ता पर रेड हुई, राघव चड्ढा और हरभजन भज्जी की सिक्योरिटी वापस ले ली, संदीप पाठक पर भी FIR की चर्चा है। ऐसे में कोई रिस्क नहीं लेगा। असली टूट चुनाव आने के 1-2 महीने के बाद होगी। पर यह तभी है, जब भाजपा बंगाल में सरकार बना लेती है। वर्ना विधायक भी समझ लेंगे कि भाजपा भले ही केंद्र में तीसरी बार सरकार बना गई लेकिन अभी पंजाब को जीतना संभव नहीं है। बंगाल के बाद भाजपा पंजाब को सीरियसली लेगी, कांग्रेस-आप डेंट दे सकती पॉलिटिकल एक्सपर्ट एडवोकेट नईम खान कहते हैं- बंगाल में भाजपा जीती तो इसका इंपैक्ट बिल्कुल पंजाब में दिखेगा। भाजपा यहां सरकार बनाने के लिए कितना जोर लगाएगी, यह तो देखना होगा लेकिन बंगाल के बाद भाजपा पंजाब में भी चौंकाने वाली परफॉर्मेंस दिखा सकती है। ऐसा भी लग रहा है कि पंजाब में RSS भी चुनाव में भाजपा की प्लानिंग को लेकर एक्टिव है। भाजपा पंजाब को बंगाल के बाद ही ज्यादा सीरियस लेगी, हालांकि अभी भी डेरा फैक्टर की गोटियां बिल्कुल भाजपा सैट कर रही है। इसमें डेरा बल्लां हो या ब्सास व डेरा सच्चा सौदा, तीनों जगह भाजपा संपर्क में है। हालांकि इसका वोट बैंक पर कितना असर होता है, यह कभी सामने नहीं आता, लेकिन एक परसेप्शन जरूर भाजपा बनाने की कोशिश कर रही है। बंगाल चुनाव से बड़ा मैसेज कांग्रेस के लिए भी आ रहा है। रूझानों में BJP और TMC के बीच फाइट है लेकिन कांग्रेस डबल फिगर के आंकड़े तक नहीं पहुंची है। पंजाब में भी अगर भाजपा का वोट शेयर बढ़ा तो कांग्रेस-आप को डेंट लग सकता है। ऐसा भी संभव है कि 2027 में पंजाब का चुनावी मुकाबले का शोर AAP और BJP के बीच का ज्यादा हो। बंगाल रिजल्ट पंजाब की 2027 की चुनावी राजनीति तय करेगा इस बारे में हमने पॉलिटिकल एक्सपर्ट व पूर्व VC डॉ. किरपाल सिंह औलख से बात की। उनका कहना था- बंगाल चुनाव में BJP की परफॉर्मेंस पंजाब की चुनावी राजनीति को तय करेगा। भाजपा अगर जीत गई तो मानकर चलिए कि 2027 में भाजपा मिशन पंजाब को इनडेप्थ तरीके से लागू करेगी। जो फॉर्मूला बंगाल में कामयाब रहेगा, उसे पंजाब के लिहाज से भी देखा जाएगा। विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर AAP में भी टूट दिखाई दे सकती है। यही वजह है कि अभी राघव चड्ढा और संदीप पाठक पंजाब को लेकर बहुत एक्टिव नजर नहीं आ रहे। अभी बैकएंड प्लानिंग होगी, फिर भाजपा मैदान में आएगी और पंजाबियों को यकीन दिलाएगी कि बंगाल में लोगों ने भरोसा किया तो इस बार पंजाब को भी भाजपा को मौका देना चाहिए।
समुद्र में क्रूज शिप पर हंतावायरस फैलने का शक:3 यात्रियों की मौत, अफ्रीका तट पर जहाज रोका गया, यात्रियों को उतरने की इजाजत नहीं

अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर हंतावायरस संक्रमण का संदिग्ध मामला सामने आया है। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई है और कम से कम तीन लोग बीमार हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और दक्षिण अफ्रीका स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को इसकी पुष्टि की। MV होंडियस नाम के इस क्रूजशिप को फिलहाल अफ्रीकी देश केप वर्डे की राजधानी प्राया में रोका गया है। अभी यात्रियों को उतरने की अनुमति नहीं मिली है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि संक्रमण फैलने के खतरे को नियंत्रित किया जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, जहाज पर 6 लोगों में संक्रमण जैसे लक्षण मिले हैं। इनमें से एक मामले की पुष्टि लैब में हो चुकी है। एक मरीज दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है, जबकि दो को जहाज से निकालने की तैयारी की जा रही है। यह भी अभी पता नहीं है कि सभी बीमार लोग हंतावायरस से संक्रमित हैं या नहीं। यह बीमारी आखिर कैसे और कहां से फैली है, इसकी जांच चल रही है। 7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई थी। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया। उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है। संक्रमण कैसे फैला, इसकी जांच की जा रही सबसे बड़ा सवाल यह है कि संक्रमण आया कहां से। अर्जेंटीना के जिस इलाके से जहाज रवाना हुआ, वहां हंतावायरस का कोई मामला दर्ज नहीं है। जहाज ऐसे क्षेत्रों में भी नहीं गया जहां यह वायरस आम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि संक्रमण जहाज के अंदर हो सकता है। चूहों के संपर्क में आने से फैलता है हंतावायरस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के मुताबिक, हंतावायरस व्यक्ति के चूहे या गिलहरी के संपर्क में इंसान के आने से फैलता है। यह मुख्य रूप से चूहों में होता है। इसके कारण चूहों में कोई बीमारी नहीं होती, लेकिन इंसानों की मौत हो जाती है। हंतावायरस का 1993 में पहली बार पता चला था। तब अमेरिका में एक कपल संक्रमित होने के कारण मर गया था। इसके बाद कुछ ही महीनों में इस बीमारी से 600 लोगों की मौत हो गई थी। चूहे के यूरिन, मल और लार के संपर्क में आने पर इंसान संक्रमित हो जाते हैं। इसकी वजह से पल्मोनरी सिंड्रोम नाम की बीमारी होती है। यह वायरस तीन तरह से फैलता है- पहला: अगर वायरस का वाहक चूहा किसी इंसान को काट ले, हालांकि ऐसे मामले कम ही सामने आते हैं। दूसरा : किसी जगह या चीज पर मौजूद चूहे का मल-मूत्र या लार के संपर्क में इंसान आता है और अपने नाक-मुंह को छूता है। तीसरा : अगर इंसान ऐसी चीज खाता है जिस पर चूहे का मल-मूत्र या लार मौजूद हो। कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक है हंतावायरस वैज्ञानिकों के मुताबिक, हंतावायरस हवा के जरिए नहीं फैलता फिरभी कोरोना वायरस के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है। वैज्ञानिकों ने अब तक हंतावायरस के 5 स्ट्रेन खोजे हैं, इनमें से सबसे ज्यादा खतरनाक अराराक्वॉरा वायरस है जिसका इन्फेक्शन होने पर डेथ रेट 54% पाया गया है। वही, एक दूसरा स्ट्रेन सिन नॉम्ब्रे वायरस है जिसके केस में डेथ रेट 40% है। तीसरा स्ट्रेन हंतान वायरस होता है। इसका डेथ रेट 5-10% के बीच है। इन तीनों में से किसी से इन्फेक्शन होने पर मौत का खतरा कोरोना की तुलना में कहीं ज्यादा हो सकता है। अब तक इसकी वैक्सीन तैयार नहीं हो सकी है और न ही कोई तय इलाज है। ऐसे मरीजों को विशेष केयर की जरूरत होती है और ऑक्सीजन थैरेपी दी जाती है। जितनी जल्दी मामला पकड़ में आता है उतना ही बेहतर है।
बीजेपी बनाम टीएमसी पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: ममता बाहर की राह पर? सुबह 10 बजे की गिनती के रुझान क्या कहते हैं | भारत समाचार

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 10:01 IST पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुश्किल में फंसती नजर आ रही है, इसकी तुलना में वह केवल 107 सीटों पर आगे चल रही है। 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई. (पीटीआई) क्या ममता बनर्जी खो देंगी अपना ताज? पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राह पर आगे बढ़ता दिख रहा है, सुबह 10 बजे की शुरुआती गिनती के रुझानों के अनुसार भगवा पार्टी 142 सीटों पर आगे चल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुश्किल में दिख रही है, वह इसकी तुलना में केवल 107 सीटों पर आगे चल रही है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये शुरुआती गिनती के रुझान हैं। 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई. विधानसभा चुनाव 2026 में पश्चिम बंगाल का झुकाव किस ओर है, यह जानने के लिए यहां टीएमसी बनाम बीजेपी लाइव अपडेट देखें। शुरुआती रुझानों पर टिप्पणी करते हुए, पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें राज्य में भारी जीत का भरोसा है। भट्टाचार्य ने कोलकाता में एक मतगणना केंद्र के बाहर कहा, “राज्य के लोगों ने पहले ही तृणमूल कांग्रेस सरकार को खारिज कर दिया है, और कुछ ही घंटों में, सीटों का भारी बहुमत इस बात की पुष्टि कर देगा कि ममता बनर्जी और लोगों के बीच लड़ाई में, लोगों ने ममता बनर्जी को खारिज कर दिया है।” ममता बनर्जी की टीएमसी पश्चिम बंगाल में लगातार चौथी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है, जबकि भाजपा राज्य में अपनी पहली सरकार बनाकर इतिहास रचने की उम्मीद कर रही है। हाई-वोल्टेज मतदान चक्र के बाद आज, सोमवार, 4 मई को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में वोटों की गिनती हो रही है। चुनाव परिणाम टीएमसी और डीएमके जैसे प्रमुख सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ भाजपा, कांग्रेस और वाम दलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई, जिसकी शुरुआत डाक मतपत्रों से हुई। पश्चिम बंगाल चुनाव में इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा तैनाती देखी गई और नतीजे वाले दिन तक कटुता भरी स्थिति रही, सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी भाजपा दोनों ने वोटों में कथित हेरफेर पर आशंका व्यक्त की। पश्चिम बंगाल में दो चरणों का चुनाव 29 अप्रैल को समाप्त हुआ, जिसमें आज़ादी के बाद से अब तक का सबसे अधिक 92.47% मतदान हुआ। दक्षिण 24 परगना जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र, फाल्टा में “गंभीर चुनावी अपराधों” के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया था और 21 मई को वहां नए सिरे से चुनाव होंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुख्य विपक्षी भाजपा की उत्साही चुनौती पर काबू पाकर लगातार चौथी बार जीत हासिल करने की उम्मीद कर रही है, जबकि सीपीआई (एम) और कांग्रेस 2021 के चुनावों में अपने सफाए के बाद फिर से पैर जमाने की कोशिश कर रही हैं। हुमायूं कबीर की एजेयूपी और असदुद्दीन ओवसी की एआईएमआईएम जैसी छोटी पार्टियां भी कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। भारत के चुनाव आयोग (ईसी) ने बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड स्थापित करते हुए इस वर्ष मतगणना केंद्रों की संख्या पहले घोषित 87 से घटाकर 77 कर दी है, और 2021 में 108 कर दी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया बीजेपी बनाम टीएमसी पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: ममता बाहर की राह पर? सुबह 10 बजे की गिनती के रुझान क्या कहते हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें








