Wednesday, 21 Oct 2026 | 10:02 AM

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AC के पानी का उपयोग: बड़ा ही काम का है AC का टपकने वाला पानी, घर के इन 5 टिप्स के लिए ये है कोई ‘वरदान’ से कम नहीं, पड़ोसी भी होंगे मशहूर

AC के पानी का उपयोग: बड़ा ही काम का है AC का टपकने वाला पानी, घर के इन 5 टिप्स के लिए ये है कोई 'वरदान' से कम नहीं, पड़ोसी भी होंगे मशहूर

एसी जल का उपयोग: एयर सानिध्य से आख़री वाला पानी, जिसे कंडेन्सेशन पानी कहा जाता है, अक्सर लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं। जबकि यह पानी कई घरेलू सामग्रियों में बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। हालाँकि यह पीने योग्य नहीं होता है, लेकिन स्वच्छता, प्रमाणित की सील और अन्य गैर-खाद्य नौकरियों में इसका उपयोग पानी की बचत की जा सकता है। आज जब पानी की कमी एक गंभीर समस्या बनी हुई है, ऐसे में एसी के पानी का सही उपयोग स्मार्ट और पर्यावरण के लिए एक जादुई कदम है। आइए जानें आपको नौकरी कैसे मिलती है… एसी से बचा हुआ पानी काफी हद तक साफ होता है, इसलिए इसे घर के इंटीरियर और गार्डन के नारियल में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे प्रमाणित की अच्छी बिक्री होती है और पानी की बचत भी होती है। यह एक आसान तरीका है जिससे प्राकृतिक तत्वों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इस पानी का उपयोग मशीनरी, स्केल और प्लास्टर की सफाई के लिए किया जा सकता है। इससे जुड़ी सलाह में साफ पानी की विलासिता कम होती है और घर में भी साफ रहता है। यह प्राकृतिक पर्यावरण के लिए भी उपयोगी है। एसी का पानी वाहन धोने के लिए भी एक अच्छा विकल्प है। इससे कार और बाइक को आसानी से साफ किया जा सकता है और साफ पानी की बचत होती है। यह एक आम और उपयोगी औषधि है। प्रोडक्ट की प्री-वॉश के उपयोग के लिए सबसे पहले इस पानी में कपड़े धोने से पहले उनकी लकड़ी के कपड़े निकल जाते हैं। इसके बाद में कम नमी की जरूरत होती है और कपड़े आसानी से साफ हो जाते हैं। यह उपाय पानी और साबुन दोनों की बचत है। लैपटॉप की सफाई में उपयोग कुत्ते या बिल्ली के खाने-पीने के पोश्चर और उनके आस-पास की जगह को साफ करने के लिए भी इस पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे साफ-सफाई बनी रहती है और पीने योग्य पानी की बचत होती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)एसी जल का उपयोग(टी)संघनन जल का पुन: उपयोग(टी)घर पर पानी बचाएं(टी)पर्यावरण अनुकूल युक्तियाँ भारत(टी)एसी जल लाभ(टी)घरेलू जल बचत विचार(टी)एसी पानी का पुन: उपयोग(टी)टिकाऊ जीवन युक्तियाँ(टी)जल संरक्षण गृह(टी)स्मार्ट होम हैक्स

सऊदी क्राउन प्रिंस का सलाहकार बनना चाहता था एपस्टीन:प्राइवेट आइलैंड पर ‘मस्जिद’ बनवाई, सोने का गुंबद, मक्का से कपड़े और उजबेकिस्तान से टाइल्स मंगवाए

सऊदी क्राउन प्रिंस का सलाहकार बनना चाहता था एपस्टीन:प्राइवेट आइलैंड पर ‘मस्जिद’ बनवाई, सोने का गुंबद, मक्का से कपड़े और उजबेकिस्तान से टाइल्स मंगवाए

सेक्स अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में कई साल तक अपने संबंध बनाए। वह एक तरफ बिजनेस के मौके ढूंढ रहा था, और दूसरी तरफ इस्लाम से जुड़ी दुर्लभ और धार्मिक चीजें भी इकट्ठा कर रहा था। उसने इन चीजों को अपने कैरेबियन द्वीप पर बनी एक विवादित इमारत को सजाने में इस्तेमाल किया, जिसे वह ‘मस्जिद’ कहता था। उसने मक्का की काबा से किस्वा मंगवाई। किस्वा वह कपड़ा होता है जिस पर सोने से कुरान की आयतें कढ़ी होती हैं और इसे काबा पर चढ़ाया जाता है। इसके अलावा उजबेकिस्तान की एक मस्जिद से हाथ से बनी टाइल्स लाई गईं। सोने का गुंबद भी बनाया गया, जिसकी डिजाइन पुराने सीरिया की इमारतों जैसी थी। नार्वे राजदूत के जरिए खास लोगों से संपर्क बनाया एपस्टीन का मकसद सिर्फ इस्लामी चीजें जुटाना नहीं था, बल्कि ताकतवर और अमीर लोगों से अपने रिश्ते भी मजबूत करना था। नॉर्वे के राजनयिक टेरजे रोड-लार्सन के जरिए एपस्टीन को सऊदी अरब के खास लोगों तक पहुंच मिली। इनमें क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, सलाहकार राफत अल सब्बाग और शाही सहयोगी अजीजा अल अहमदी शामिल थीं। इसी नेटवर्क की मदद से उसे काबा से जुड़े खास कपड़े भी मिले थे। 2014 की एक फोटो में एपस्टीन न्यूयॉर्क में अपने घर के अंदर फर्श पर फैले ऐसे ही एक कपड़े को देख रहा है। उसके साथ अमीरात के बड़े कारोबारी सुल्तान अहमद बिन सुलयेम भी मौजूद थे। बाद में एपस्टीन से जुड़े होने की वजह से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा और उन्हें दुबई की बंदरगाह कंपनी डीपी वर्ल्ड के प्रमुख पद से इस्तीफा देना पड़ा। एपस्टीन की इस्लामिक डिजाइन में काफी दिलचस्पी थी दस्तावेजों से उसके प्राइवलेंट आइलैंड लिटिल सेंट जेम्स पर बनी एक रहस्यमयी इमारत का सच भी सामने आया। पहले इसे म्यूजिक रूम, मंडप, चैपल या कोई रहस्यमयी मंदिर कहा जाता था, लेकिन उसके ईमेल और साथ काम करने वाले कलाकार की बातों से पता चला कि वह इसे ‘मस्जिद’ कहता था, हालांकि इसका इस्तेमाल कभी धार्मिक इबादत के लिए हुआ हो, इसका कोई सबूत नहीं है। इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले रोमानियाई कलाकार आयन निकोला ने भी बताया कि एपस्टीन इसे मस्जिद ही कहता था। यह भी पता चला कि इस मस्जिद की दीवारों या हिस्सों पर अरबी लिखावट (जैसे अल्लाह) डालने का प्लान था। एक ईमेल में एपस्टीन ने यहां तक सुझाव दिया कि ‘अल्लाह’ लिखे अरबी शब्दों की जगह उसके अपने नाम के अक्षर J और E लिख दिए जाएं। रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि एपस्टीन को इस्लामी डिजाइन में काफी दिलचस्पी थी। 2003- उसने कहा था कि उसके पास बहुत बड़ा फारसी कालीन है जो शायद किसी मस्जिद से आया होगा। 2008- जब वह जेल में था, तब भी उसने अपने द्वीप पर एक हमाम (तुर्की स्नानघर) और इस्लामी शैली के बगीचे बनाने की योजना बनाई थी। 2009- जेल से बाहर आने से पहले उसने आर्किटेक्ट्स को ये डिजाइन तैयार करने के लिए कहा। 2011- उसने उजबेकिस्तान के एक संपर्क को लिखा कि उसे असली टाइल्स चाहिए जो मस्जिद की अंदरूनी दीवारों जैसी हों। 2013- उसने सीरिया के अलेप्पो में बने 15वीं सदी के यालबुगा हमाम की फोटो भेजकर कहा कि उसी तरह की डिजाइन बनाई जाए, जिसमें सुनहरी गुंबद, मेहराब और खास तरह की दीवारें हों। एपस्टीन खुद को ईमेल करके डिजाइन आइडिया भेजता था, जिनमें पुराने मिडिल ईस्ट की मस्जिदों की तस्वीरें शामिल होती थीं। क्राउन प्रिंस का सलाहकार बनना चाहता था एपस्टीन करीब 2010 के आसपास, एपस्टीन की दोस्ती नॉर्वे के राजनयिक टेरजे रोड-लार्सन से हुई। दोनों के बीच बिजनेस और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर लगातार बातचीत होती रहती थी। 2016 में उनकी बातचीत में सऊदी अरब ज्यादा आने लगा, क्योंकि उस समय मोहम्मद बिन सलमान देश की तेल कंपनी अरामको को शेयर बाजार में लाने की तैयारी कर रहे थे। एपस्टीन चाहता था कि वह उनका फाइनेंशियल सलाहकार बने। रोड-लार्सन ने उसकी मुलाकात राफत अल सब्बाग (शाही सलाहकार) और अजीजा अल अहमदी (शाही सहयोगी) से करवाई। इनके जरिए एपस्टीन ने क्राउन प्रिंस तक पहुंच बनाने की कोशिश की। उसने न्यूयॉर्क में इनसे मुलाकात की और प्रिंस से सीधे मिलकर अपने अलग तरह का आइडिया पेश करना चाहा, जैसे मुसलमानों के लिए ‘शरिया’ नाम की नई करेंसी बनाना। फिर उसे सऊदी अरब आने का न्योता मिला। अजीजा अल अहमदी ने एपस्टीन से कहा कि जब वह सऊदी अरब के दूतावास जाए, तो वहां के अधिकारियों से यह बोले कि उसे खुद मोहम्मद बिन सलमान ने बुलाया है। सऊदी पहुंचने के बाद एपस्टीन ने रोड-लार्सन को अपनी और प्रिंस की दो तस्वीरें भेजीं, जिन्हें बाद में उसने अपने घर में भी लगाया। 2017 की शुरुआत में अजीजा अल अहमदी और एपस्टीन न्यूयॉर्क में मिले। उसी समय उनके नीचे काम करने वाले लोग आपस में ईमेल या मैसेज के जरिए बात कर रहे थे। वे यह तय कर रहे थे कि सऊदी अरब से कुछ सामान जैसे एक तंबू और दूसरी चीजें एपस्टीन के प्राइवेट आइलैंड पर भेजी जाएं। एपस्टीन के स्टाफ ने एक कस्टम एजेंट से कहा कि उन्हें काबा से 3 कपड़ें मिल रहे हैं। । एक जो काबा के अंदर इस्तेमाल हुआ था, दूसरा किस्वा जो बाहर ढका रहता है, और तीसरा उसी खास फैक्ट्री का बना हुआ था। किस्वा का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व होता है। इसे हर साल सैकड़ों कारीगर बनाते हैं। इसमें करीब 700 किलो रेशम और 115 किलो सोने-चांदी के धागे का इस्तेमाल होता है। इसकी कीमत करीब 50 लाख डॉलर होती है। जब इसे बदला जाता है, तो इसके टुकड़े खास संस्थाओं या सम्मानित लोगों को दे दिए जाते हैं। अजीजा अल अहमदी ने एक ईमेल में लिखा कि जो काला कपड़ा भेजा गया है, उसे कम से कम 1 करोड़ मुसलमान छू चुके हैं। लोग काबा के सात चक्कर लगाते हैं और इस कपड़े को छूकर अपनी दुआएं और उम्मीदें जोड़ते हैं। यह साफ नहीं है कि ये चीजें उन्हें कैसे मिलीं। इस बारे में न तो उन्होंने और न ही सऊदी सरकार ने कोई जवाब दिया। सलाहकार नहीं बन पाने पर नाराज हुआ था एपस्टीन 2017 में हरिकेन मारिया तूफान आया, जिससे एपस्टीन के आइलैंड पर काफी नुकसान हुआ और उसकी मस्जिद में

सऊदी क्राउन प्रिंस का सलाहकार बनना चाहता था एपस्टीन:प्राइवेट आइलैंड पर ‘मस्जिद’ बनवाई, सोने का गुंबद, मक्का से कपड़े और उजबेकिस्तान से टाइल्स मंगवाए

सऊदी क्राउन प्रिंस का सलाहकार बनना चाहता था एपस्टीन:प्राइवेट आइलैंड पर ‘मस्जिद’ बनवाई, सोने का गुंबद, मक्का से कपड़े और उजबेकिस्तान से टाइल्स मंगवाए

सेक्स अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में कई साल तक अपने संबंध बनाए। वह एक तरफ बिजनेस के मौके ढूंढ रहा था, और दूसरी तरफ इस्लाम से जुड़ी दुर्लभ और धार्मिक चीजें भी इकट्ठा कर रहा था। उसने इन चीजों को अपने कैरेबियन द्वीप पर बनी एक विवादित इमारत को सजाने में इस्तेमाल किया, जिसे वह ‘मस्जिद’ कहता था। उसने मक्का की काबा से किस्वा मंगवाई। किस्वा वह कपड़ा होता है जिस पर सोने से कुरान की आयतें कढ़ी होती हैं और इसे काबा पर चढ़ाया जाता है। इसके अलावा उजबेकिस्तान की एक मस्जिद से हाथ से बनी टाइल्स लाई गईं। सोने का गुंबद भी बनाया गया, जिसकी डिजाइन पुराने सीरिया की इमारतों जैसी थी। नार्वे राजदूत के जरिए खास लोगों से संपर्क बनाया एपस्टीन का मकसद सिर्फ इस्लामी चीजें जुटाना नहीं था, बल्कि ताकतवर और अमीर लोगों से अपने रिश्ते भी मजबूत करना था। नॉर्वे के राजनयिक टेरजे रोड-लार्सन के जरिए एपस्टीन को सऊदी अरब के खास लोगों तक पहुंच मिली। इनमें क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, सलाहकार राफत अल सब्बाग और शाही सहयोगी अजीजा अल अहमदी शामिल थे। इसी नेटवर्क की मदद से उसे काबा से जुड़े खास कपड़े भी मिले थे। 2014 की एक फोटो में एपस्टीन न्यूयॉर्क में अपने घर के अंदर फर्श पर फैले ऐसे ही एक कपड़े को देख रहा है। उसके साथ अमीरात के बड़े कारोबारी सुल्तान अहमद बिन सुलयेम भी मौजूद थे। बाद में एपस्टीन से जुड़े होने की वजह से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा और उन्हें दुबई की बंदरगाह कंपनी डीपी वर्ल्ड के प्रमुख पद से इस्तीफा देना पड़ा। एपस्टीन की इस्लामिक डिजाइन में काफी दिलचस्पी थी दस्तावेजों से उसके प्राइवलेंट आइलैंड लिटिल सेंट जेम्स पर बनी एक रहस्यमयी इमारत का सच भी सामने आया। पहले इसे म्यूजिक रूम, मंडप, चैपल या कोई रहस्यमयी मंदिर कहा जाता था, लेकिन उसके ईमेल और साथ काम करने वाले कलाकार की बातों से पता चला कि वह इसे ‘मस्जिद’ कहता था, हालांकि इसका इस्तेमाल कभी धार्मिक इबादत के लिए हुआ हो, इसका कोई सबूत नहीं है। इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले रोमानियाई कलाकार आयन निकोला ने भी बताया कि एपस्टीन इसे मस्जिद ही कहता था। यह भी पता चला कि इस मस्जिद की दीवारों या हिस्सों पर अरबी लिखावट (जैसे अल्लाह) लिखने का प्लान था। एक ईमेल में एपस्टीन ने यहां तक सुझाव दिया कि ‘अल्लाह’ लिखे अरबी शब्दों की जगह उसके अपने नाम के अक्षर J और E लिख दिए जाएं। रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि एपस्टीन को इस्लामी डिजाइन में काफी दिलचस्पी थी। 2003- उसने कहा था कि उसके पास बहुत बड़ा फारसी कालीन है जो शायद किसी मस्जिद से आया होगा। 2008- जब वह जेल में था, तब भी उसने अपने द्वीप पर एक हमाम (तुर्की स्नानघर) और इस्लामी शैली के बगीचे बनाने की योजना बनाई थी। 2009- जेल से बाहर आने से पहले उसने आर्किटेक्ट्स को ये डिजाइन तैयार करने के लिए कहा। 2011- उसने उजबेकिस्तान के एक संपर्क को लिखा कि उसे असली टाइल्स चाहिए जो मस्जिद की अंदरूनी दीवारों जैसी हों। 2013- उसने सीरिया के अलेप्पो में बने 15वीं सदी के यालबुगा हमाम की फोटो भेजकर कहा कि उसी तरह की डिजाइन बनाई जाए, जिसमें सुनहरी गुंबद, मेहराब और खास तरह की दीवारें हों। एपस्टीन खुद को ईमेल करके डिजाइन आइडिया भेजता था, जिनमें पुराने मिडिल ईस्ट की मस्जिदों की तस्वीरें शामिल होती थीं। क्राउन प्रिंस का सलाहकार बनना चाहता था एपस्टीन करीब 2010 के आसपास, एपस्टीन की दोस्ती नॉर्वे के राजनयिक टेरजे रोड-लार्सन से हुई। दोनों के बीच बिजनेस और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर लगातार बातचीत होती रहती थी। 2016 के दौरान उनकी बातचीत में सऊदी अरब ज्यादा आने लगा, क्योंकि उस समय मोहम्मद बिन सलमान देश की तेल कंपनी अरामको को शेयर बाजार में लाने की तैयारी कर रहे थे। एपस्टीन चाहता था कि वह उनका फाइनेंशियल सलाहकार बने। रोड-लार्सन ने उसकी मुलाकात राफत अल सब्बाग (शाही सलाहकार) और अजीजा अल अहमदी (शाही सहयोगी) से करवाई। इनके जरिए एपस्टीन ने क्राउन प्रिंस तक पहुंच बनाने की कोशिश की। उसने न्यूयॉर्क में इनसे मुलाकात की और प्रिंस से सीधे मिलकर अपने अलग तरह के आइडिया पेश करना चाहा, जैसे मुसलमानों के लिए ‘शरिया’ नाम की नई करेंसी बनाना। फिर उसे सऊदी अरब आने का न्योता मिला। अजीजा अल अहमदी ने एपस्टीन से कहा कि जब वह सऊदी अरब के दूतावास जाए, तो वहां के अधिकारियों से यह बोले कि उसे खुद मोहम्मद बिन सलमान ने बुलाया है। सऊदी पहुंचने के बाद एपस्टीन ने रोड-लार्सन को अपनी और प्रिंस की दो तस्वीरें भेजीं, जिन्हें बाद में उसने अपने घर में भी लगाया। 2017 की शुरुआत में अजीजा अल अहमदी और एपस्टीन न्यूयॉर्क में मिले। उस समय उनके नीचे काम करने वाले लोग आपस में ईमेल या मैसेज के जरिए बात कर रहे थे। वे यह तय कर रहे थे कि सऊदी अरब से कुछ सामान जैसे एक तंबू और दूसरी चीजें एपस्टीन के प्राइवेट आइलैंड पर भेजी जाएं। एपस्टीन के स्टाफ ने एक कस्टम एजेंट से कहा कि उन्हें काबा से 3 कपड़ें मिल रहे हैं। एक जो काबा के अंदर इस्तेमाल हुआ था दूसरा किस्वा जो बाहर ढका रहता है और तीसरा उसी खास फैक्ट्री का बना हुआ था किस्वा का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व होता है। इसे हर साल सैकड़ों कारीगर बनाते हैं। इसमें करीब 700 किलो रेशम और 115 किलो सोने-चांदी के धागे का इस्तेमाल होता है। इसकी कीमत करीब 50 लाख डॉलर होती है। जब इसे बदला जाता है, तो इसके टुकड़े खास संस्थाओं या सम्मानित लोगों को दे दिए जाते हैं। अजीजा अल अहमदी ने एक ईमेल में लिखा कि जो काला कपड़ा भेजा गया है, उसे कम से कम 1 करोड़ मुसलमान छू चुके हैं। लोग काबा के सात चक्कर लगाते हैं और इस कपड़े को छूकर अपनी दुआएं और उम्मीदें जोड़ते हैं। यह साफ नहीं है कि ये चीजें उन्हें कैसे मिलीं। इस बारे में न तो उन्होंने और न ही सऊदी सरकार ने कोई जवाब दिया। सलाहकार नहीं बन पाने पर नाराज हुआ था एपस्टीन 2017 में हरिकेन मारिया तूफान आया, जिससे एपस्टीन के आइलैंड पर काफी नुकसान हुआ और उसकी मस्जिद में

SC ने केंद्र से कहा:रेप विक्टिम के अबॉर्शन पर टाइम लिमिट हटाइए, समय के साथ कानून बदलना चाहिए; अभी 6 महीने तक गर्भपात का नियम

SC ने केंद्र से कहा:रेप विक्टिम के अबॉर्शन पर टाइम लिमिट हटाइए, समय के साथ कानून बदलना चाहिए; अभी 6 महीने तक गर्भपात का नियम

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 15 साल की रेप विक्टिम की 30 हफ्ते की प्रेग्नेंसी खत्म करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग को जबरन मां बनने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और ऐसे मामलों में फैसला पीड़िता का ही होना चाहिए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र से कहा कि ऐसे मामलों में अबॉर्शन के लिए टाइम लिमिट से जुड़े कानून में बदलाव किया जाए। कोर्ट ने कहा- कानून ऐसा होना चाहिए जो समय के साथ बदलता रहे और वर्तमान हालात के अनुसार चले। AIIMS की ओर से कहा गया था कि 30 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में भ्रूण एक ‘वायबल लाइफ’ है और इस स्टेज पर अबॉर्शन सफल नहीं हो सकता। AIIMS डॉक्टरों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि विक्टिम के माता-पिता से बात कर यह तय किया जाए कि गर्भ जारी रखना है या नहीं।

इंदौर में युवती से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप:नौकरी दिलाने के बहाने फंसाया, वीडियो बनाकर लंबे समय तक दबाव बनाया

इंदौर में युवती से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप:नौकरी दिलाने के बहाने फंसाया, वीडियो बनाकर लंबे समय तक दबाव बनाया

इंदौर में एक युवती ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे दोस्ती की, फिर नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया और वीडियो बनाकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा। युवती ने जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव और मारपीट के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि पुलिस ने फिलहाल दुष्कर्म के मामले में ही कार्रवाई की है। पलासिया थाना पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने बताया कि उसकी पहचान साल 2022 में सोशल मीडिया के जरिए आरोपी लकी उर्फ सोहेल पुत्र रईस खान, निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी से हुई थी। पहली मुलाकात शहर के 56 दुकान क्षेत्र में हुई, जहां आरोपी ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और उससे दोस्ती कर ली। युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने बुधवार देर रात केस दर्ज किया है। नशीला पदार्थ देकर किया दुष्कर्म युवती ने बताया कि 20 दिसंबर 2023 को आरोपी उसके तिलक नगर स्थित घर पहुंचा। उस समय घर में कोई नहीं था। आरोप है कि उसने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया, जिससे वह अचेत हो गई। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया। होश में आने पर आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे अपने साथ रहने के लिए मजबूर किया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसे डराकर अपने साथ किराए के कमरे में रखता रहा। मार्च 2024 में उसे अजमेर ले जाया गया, जहां उसके साथ जबरन धार्मिक क्रियाएं करवाई गईं और शारीरिक संबंध बनाए गए। गर्भपात का लगाया आरोप युवती के अनुसार अक्टूबर 2024 में वह गर्भवती हो गई। उसने आरोपी से शादी की बात कही, लेकिन आरोपी ने इनकार कर दिया और दबाव बनाकर गर्भपात करा दिया, जिससे उसकी तबीयत भी खराब हो गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे चंदन नगर क्षेत्र में एक व्यक्ति के पास ले जाया गया, जहां अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियां करवाई गईं। इसके साथ ही उस पर धर्म परिवर्तन कर धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने का दबाव बनाया गया। मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई और धमकाया गया। पीड़िता ने करणी सेना के पदाधिकारी मानसिंह राजावत, लक्की बाहुबली और रक्षा शुक्ला से संपर्क किया। इसके बाद सभी उसे लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचे, जिसके बाद देर रात पलासिया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया फिर साथ दिखेंगे:‘कपिल के शो में इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के बाद पहली बार साथ नजर आएंगे

समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया फिर साथ दिखेंगे:‘कपिल के शो में इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के बाद पहली बार साथ नजर आएंगे

वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर नेटफ्लिक्स पर ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का एक स्पेशल एपिसोड आने वाला है। इस एपिसोड में कपिल शर्मा के साथ समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया नजर आएंगे। यह स्पेशल एपिसोड 2 मई को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा। शो का एक टीजर भी सामने आया है, जिसमें समय रैना कहते हैं, “फ्रेंड्स, मैं आखिरकार अपने फेवरेट शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में आ रहा हूं, लेकिन मुझे नहीं बताया गया कि मेरा गेस्ट कौन होगा। उन्होंने कहा कि अभी बताएंगे—3, 2, 1।” इसके बाद रणवीर अल्लाहबादिया एंट्री करते हैं। इस पर समय रैना कहते हैं, “नो वे, ब्रो!” समय रैना के शो में विवाद हुआ था गौरतलब है कि पिछले साल रणवीर अल्लाहबादिया जब समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में आए थे, तब बहुत विवाद हुआ था। एपिसोड के दौरान रणवीर ने अश्लील और आपत्तिजनक जोक किया था। इसका वीडियो वायरल होते ही देशभर में भारी विरोध हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि समय रैना को अपने यूट्यूब चैनल से ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के सभी एपिसोड हटाने पड़े थे। इस विवाद के कारण समय रैना, रणवीर अल्लाहबादिया, आशीष चंचलानी, अपूर्वा मखीजा और जसप्रीत सिंह के खिलाफ महाराष्ट्र, असम (गुवाहाटी) और राजस्थान (जयपुर) जैसे राज्यों में FIR दर्ज की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए रणवीर के दिमाग को “गंदा” बताया और कहा कि ऐसी बातें समाज में शर्मिंदगी लाती हैं। कोर्ट ने उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का भी आदेश दिया था।

समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया फिर साथ दिखेंगे:‘कपिल के शो में इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के बाद पहली बार साथ नजर आएंगे

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बंगाल में एग्जिट पोल में टीएमसी-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर दिखाई गई है। क्या महिला मतदाता संतुलन बना सकती हैं? | चुनाव समाचार

CBSE Class 12 Result 2026 Date and Time LIVE Updates: Scorecards expected soon on cbse.gov.in.

आखरी अपडेट:30 अप्रैल, 2026, 14:04 IST 2026 के चुनावों में, महिलाओं ने न केवल पुरुषों को पछाड़ दिया, बल्कि 93.24 प्रतिशत मतदान के साथ पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। महिलाएं अब बंगाल के चुनावों में सिर्फ भागीदार नहीं हैं; वे इस बात के केंद्र में हैं कि परिणाम कैसे आकार लेते हैं। (पीटीआई) पश्चिम बंगाल में कड़े मुकाबले का फैसला आ सकता है, एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मजबूत प्रदर्शन और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की ओर से मजबूत चुनौती का संकेत दिया जा रहा है। इस बीच, एक रुझान स्पष्ट रूप से सामने आया है- महिला मतदाता रिकॉर्ड संख्या में सामने आई हैं और परिणाम को आकार देने में निर्णायक साबित हो सकती हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा की सभी 294 सीटों पर दो चरणों में मतदान हुआ और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। वोटिंग पैटर्न पर जाने से पहले आइए समझें कि एग्जिट पोल ने राज्य के लिए क्या भविष्यवाणी की है। राज्य में किसी भी पार्टी के लिए आराम से सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 148 है। ज्यादातर एग्जिट पोल में कड़ी टक्कर का अनुमान है, कई अनुमानों में बीजेपी आगे है। चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ ने अनुमान लगाया है कि बीजेपी 150-160 सीटें जीतेगी, जबकि टीएमसी 30-40 सीटें जीतेगी और अन्य को छह से 10 सीटें मिल रही हैं। मैट्रिज़ ने अनुमान लगाया कि बीजेपी को 146-161 सीटें मिलेंगी, जबकि टीएमसी को 125-140 सीटें और अन्य को 6-10 सीटें मिलेंगी। जेवीसी ने अनुमान लगाया कि बीजेपी को 138-159 सीटें और टीएमसी को 131-152 सीटें, कांग्रेस को 0-2 सीटें और वाम दलों को 0-1 सीटें मिलेंगी। पी-मार्क एग्जिट पोल में बीजेपी को 150-175 सीटें, टीएमसी को 118-138 सीटें और अन्य को 2-6 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। पीपुल पल्स ने बीजेपी को 95-100 सीटें, टीएमसी को 177-187 सीटें, कांग्रेस को 1-3 सीटें और लेफ्ट पार्टियों को 0-1 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। इस बीच, पोल डायरी एग्जिट पोल में बीजेपी को 142-147 सीटें, टीएमसी को 99-127 सीटें, कांग्रेस को 3-5 सीटें, लेफ्ट पार्टियों को 2-3 सीटें और अन्य को 0-1 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। सर्वेक्षणों ने लिंग-वार कोई विवरण नहीं दिया है, लेकिन पिछले आंकड़े बढ़ती महिला भागीदारी का एक सुसंगत पैटर्न दिखाते हैं। इस बार महिलाओं के मन में क्या है? भारत के अधिकांश हिस्सों की तरह, पश्चिम बंगाल में भी पुरुष-प्रधान मतदान पैटर्न था। लेकिन 2011 में पैटर्न बदल गया और राज्य के इतिहास में पहली बार महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक हो गई। परिणाम: राज्य में उच्च मतदान प्रतिशत के साथ ही ममता बनर्जी पहली महिला मुख्यमंत्री बन गईं। तब से, राज्य में महिलाओं और बनर्जी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2016 और 2021 में भी महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही और बनर्जी ने अपना नियंत्रण जारी रखा। 2026 के चुनावों में, महिलाओं ने न केवल पुरुषों को पछाड़ दिया, बल्कि 93.24 प्रतिशत मतदान के साथ पिछले सभी रिकॉर्ड भी तोड़ दिए। इसका मतलब है कि राज्य में प्रत्येक 100 पात्र महिला मतदाताओं में से लगभग 94 वोट देने के लिए बाहर निकलीं। पुरुषों के मामले में यह लगभग 92 था। 2011 में, महिलाओं का मतदान 84.45 प्रतिशत था – जो बुधवार तक एक रिकॉर्ड था। भले ही 2016 और 2021 में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक थी, फिर भी मतदान 2011 की तुलना में कम था। 2026 में जो बदलाव आया है वह यह है कि महिलाओं ने पिछले सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। नतीजा? 4 मई को वोटों की गिनती से पता चलेगा कि क्या महिलाएं अभी भी बनर्जी के साथ खड़ी हैं या उन्होंने पाला बदल लिया है। एग्जिट पोल के मुताबिक, किसी भी स्थिति में, सत्ता पक्ष या विपक्ष, बीजेपी अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार करने के लिए तैयार है। पिछले परिणाम टीएमसी ने 2011 में 184 सीटें जीतीं, जो 2006 में 30 सीटें थीं। 2011 में टीएमसी को कुल वोटों का 38.93 प्रतिशत हासिल हुआ, जो 2006 में 26.64 प्रतिशत था। 2016 में ममता बनर्जी के दूसरे कार्यकाल में पार्टी का वोट शेयर बढ़कर 44.91 फीसदी (211 सीटें) हो गया। जैसे ही उन्होंने 2021 में लगातार तीसरी बार राज्य की कमान संभाली, चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि टीएमसी का वोट शेयर बढ़कर 47.9 प्रतिशत (215 सीटें) हो गया। 2011 में तृणमूल को 1.85 करोड़ वोट मिले थे. 2016 में यह संख्या बढ़कर 2.45 करोड़ वोट हो गई। 2021 में यह संख्या 2.87 करोड़ तक पहुंच गई – 2011 के बाद से 54.92 प्रतिशत की वृद्धि। 2016 के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वामपंथी दलों और कांग्रेस पर कब्ज़ा कर लिया और राज्य में प्राथमिक विपक्षी दल बन गई। 2016 में तीन सीटों (10.16 प्रतिशत वोट शेयर) से, बीजेपी ने 2021 में 77 सीटें जीतीं और वोट शेयर 38.15 प्रतिशत तक पहुंच गया। क्या महिला मतदाताओं की यह अभूतपूर्व लामबंदी सत्ता को मजबूत करती है या बदलाव का संकेत देती है, यह 4 मई को ही स्पष्ट होगा। हालाँकि, यह निश्चित है कि महिलाएँ अब केवल बंगाल के चुनावों में भागीदार नहीं हैं; वे इस बात के केंद्र में हैं कि परिणाम कैसे आकार लेते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 30 अप्रैल, 2026, 14:04 IST समाचार चुनाव बंगाल में एग्जिट पोल में टीएमसी-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर दिखाई गई है। क्या महिला मतदाता संतुलन बना सकती हैं? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल(टी)महिला मतदाताओं का मतदान(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)महिला मतदाता भागीदारी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा सीटें(टी)बीजेपी वोट शेयर

भोपाल के ऋषिपुरम में शराब दुकान का विरोध:26 दिन से धरना दे रहे; कहा- 5 दिन में दुकान नहीं हटी तो उग्र प्रदर्शन करेंगे

भोपाल के ऋषिपुरम में शराब दुकान का विरोध:26 दिन से धरना दे रहे; कहा- 5 दिन में दुकान नहीं हटी तो उग्र प्रदर्शन करेंगे

भोपाल के अवधपुरी स्थित ऋषिपुरम में शराब दुकान की शिफ्टिंग का मामला तूल पकड़ रहा है। रहवासी 80 फीट स्थित पेट्रोल पंप पर ठेके का विरोध पिछले 26 दिन से कर रहे हैं। अब उन्होंने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। कहा कि 5 दिन में यदि शराब दुकान नहीं हटी तो हजारों लोग सड़क पर उतरकर विरोध जताएंगे। रहवासियों का कहना था कि दुकान के कारण इलाके का माहौल बिगड़ रहा है और आए दिन आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। रहवासी रमन तिवारी ने बताया कि मोहल्ले के लोग लंबे समय से इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है। रहवासियों ने आरोप लगाया कि यहां से गुजरने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके अलावा झगड़े और अन्य अपराध भी बढ़ गए हैं। जिससे आम लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। पहले भी विरोध जता चुके रहवासियों ने बताया कि पिछले एक वर्ष से यह शराब की दुकान यहां चल रही है। जिसका तब भी विरोध किया था, लेकिन आबकारी विभाग अब दुकान हटाने की बजाय फिर से यहीं पर संचालित करने दे रहा है। लगातार 26 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी सुनवाई के लिए नहीं पहुंचा। इसलिए अब उग्र प्रदर्शन करेंगे। कानून व्यवस्था बिगड़ी तो प्रशासन जिम्मेदार होगा शराब दुकान को लेकर गुरुवार को रहवासियों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी। कहा कि 5 दिन में ठेके को अन्य जगह पर शिफ्ट करने की मांग की गई है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो क्षेत्र के करीब 10 हजार लोग सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।

AIIMS Doctor Naval Kishore Vikram tips to protect heatwave | एम्स के डॉक्टर नवल किशोर ने बताए लू से बचने का तरीका

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Last Updated:April 30, 2026, 13:48 IST AIIMS Doctor Suggestion on Heatwave: भीषण गर्मी का प्रकोप देश के अधिकांश हिस्सों में शुरू हो गया है. इस गर्मी में कमजोर लोगों को हीटवेव का खतरा दोगुना हो जाता है. इस गर्मी में अक्सर हम वही पुरानी गलतियां दोहराते हैं जो हमारे शरीर के कूलिंग सिस्टम को ठप कर सकती हैं. ऐसे में एम्स के बहुत बड़े डॉक्टर और प्रोफेसर डॉ. नवल किशोर विक्रम ने इस हीट इमरजेंसी से निपटने के लिए खास टिप्स दिए हैं. एम्स के प्रोफेसर डॉ. नवल विक्रम. AIIMS Doctor Suggestion on Heatwave: भीषण गर्मी को देखते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के बड़े डॉक्टर नवल किशोर विक्रम ने खास सलाह दी है. उन्होंने कहा कि इस तपिश भरी गर्मी से बचने के लिए लोगों को गलतियां नहीं दोहरानी चाहिए. इससे शरीर का कुदरती कूलिंग सिस्टम कमजोर हो सकता है और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ सकती है. ऐसे में हर व्यक्ति को सतर्क रहने की जरूरत है. डॉ. नवल विक्रम ने कहा कि इस गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को खास ध्यान देना चाहिए. इन लोगों पर गर्मी का असर बहुत तेजी से हो सकता है. डॉ. नवल विक्रम ने इस भीषण गर्मी से बचने के लिए खान-पान पर भी बात की है. आइए इसके बारे में जानते हैं. डॉ. नवल विक्रम की सलाह 1. धूप से बचाव और पहनावा- डॉ. नवल विक्रम कहते हैं कि इस भीषण गर्मी में सबसे पहले गर्मी से बचना अपनी प्राथमिकता में रखें. जहां तक संभव हो धूप के सीधे संपर्क में आने से बचे. कोशिश करें कि दोपहर के समय जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं, तब बाहर न निकलें. यदि बाहर जाना एकदम जरूरी हो तो पूरे शरीर को ढीले कपड़े से ढककर बाहर निकले. टाइट कपड़े न पहनें. सूती कपड़े पहनें क्योंकि ये पसीने को सोखने और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. 2. हाइड्रेशन – शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें. जैसे ही प्यास लगे तुरंत पानी पिएं. शरीर में पानी की कमी गर्मी की सबसे बड़ी समस्या है. डॉ. नवल विक्रम बताते हैं कि गर्मी में पसीने के जरिए शरीर का पानी और जरूरी सॉल्ट तेजी से बाहर निकल जाते हैं.इस स्थिति में प्यास लगने का इंतजार न करें. नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें. अगर आपको पसीना ज्यादा आता है तो जल्दी-जल्दी पानी पिए. शरीर को बेहतर तरीके से इलेक्ट्रोलाइट्स देना चाहिए. इसके लिए सिर्फ सादा पानी ही काफी नहीं है. नींबू पानी, शिकंजी, लस्सी, छाछ और आम पन्ना जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों का भी सेवन करें. इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बना रहता है. 3. हीट एक्सर्शन के लक्षणों को पहचानें-अगर आपको गर्मी लग रही है तो इसके लक्षणों को पहचानें. बीमारी गंभीर रूप ले, उससे पहले लक्षणों को पहचानना जरूरी है. डॉ. नवल विक्रम ने चेतावनी दी है कि यदि आपको गर्मी के दिनों में ज्यादा थकान, कमजोरी, सिर दर्द या चक्कर जैसी समस्याएं आ रही है या महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. अगर मांसपेशियों में ऐंठन या दर्द हो तो व्यक्ति को तुरंत किसी ठंडी या छायादार जगह पर जाकर आराम करना चाहिए और ओआरएस या अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए. 4. बाहर काम करने वालों को सावधानी-कई लोगों को इतनी धूप में भी बाहर काम करना पड़ता है. ऐसे लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि खुले में कड़ी मेहनत करने वालों में हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक होता है. ऐसे लोगों को धूप में काम के बीच-बीच में ब्रेक लेना चाहिए और खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए लगातार तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए. बीच-बीच में छांव में जाना चाहिए और नमक-चीनी और पानी वाला घोल का ज्यादा सेवन करना चाहिए. 5. क्या खाएं-गर्मी के मौसम में ऐसी चीजों का सेवन ज्यादा करना चाहिए जिसमें पानी की मात्रा ज्यादा हो. तरबूज, खीरा, ककड़ी आदि फलों का सेवन करें और हरी पत्तीदार सब्जियों को भोजन में ज्यादा शामिल करें. क्या न खाएंडॉ. नवल विक्रम कहते हैं कि गर्मी में अगर आप बाहर से खाने-पीने की खरीददारी करते हैं तो किसी भी हाल में अगर कोई भी खाद्य पदार्थ कटा हुआ है तो उसे न खरीदे. इससे इंफेक्शन का खतरा रहता है. हमेशा साबुत फल खरीदें और उन्हें घर पर अच्छी तरह धोकर ही खाएं. भोजन में अधिक नमक, तला-भुना और फैट वाली चीजों का सेवन कम करें, क्योंकि ये शरीर के तापमान और पाचन पर बुरा असर डालते हैं. जिन लोगों को डायबिटीज, हार्ट, किडनी या लिवर की बीमारी है उन्हें धूप में नहीं निकलना चाहिए. उन्हें घर के अंदर रहना चाहिए. इन लोगों को खान-पान में अपने डॉक्टरों की बात माननी चाहिए. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 30, 2026, 13:48 IST