निवाड़ी जिले की जेरोन खालसा नगर परिषद में अध्यक्ष कुसुम पस्तोर के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव के बीच राजनीतिक घटनाक्रम में नया मोड़ आ गया है। पहले अध्यक्ष के खिलाफ एकजुट बताए जा रहे 12 पार्षदों में से अब 3 पार्षद उनके समर्थन में आ गए हैं। कुछ दिन पहले, 12 पार्षदों ने अध्यक्ष के कामकाज पर नाराजगी जताते हुए निवाड़ी कलेक्टर से मुलाकात की थी। उन्होंने कलेक्टर से कुसुम पस्तोर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी, जिससे परिषद में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी। इस घटनाक्रम के बाद अविश्वास प्रस्ताव की स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। तीन पार्षदों ने अब खुलकर अध्यक्ष कुसुम पस्तोर का समर्थन करने की घोषणा की है, जिससे उनके खिलाफ लाए जा रहे प्रस्ताव को झटका लगा है। अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए महिला पार्षद ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर के समक्ष केवल विकास कार्यों से संबंधित मुद्दे उठाए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वार्ड 3 की पार्षद सगुंती कुशवाहा ने अध्यक्ष कुसुम पस्तोर का समर्थन करते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर उनसे झूठे हस्ताक्षर करवाए गए थे। इसी तरह, पार्षद कल्पना बिदुआ ने भी कुसुम पस्तोर के साथ खड़े होने की बात कही और उन्हें अध्यक्ष पद पर बने रहने की इच्छा व्यक्त की। पार्षदों को गुमराह करने की कोशिश नगर परिषद अध्यक्ष कुसुम पस्तोर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्षदों को गुमराह कर उनसे झूठे हस्ताक्षर करवाए गए थे। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उन्होंने सभी पार्षदों को साथ लेकर काम किया है। पस्तोर ने यह भी कहा कि उन्हें परिषद में पूर्ण बहुमत का समर्थन प्राप्त है और उनके खिलाफ की जा रही गतिविधियों को उन्होंने राजनीतिक षड्यंत्र बताया। अध्यक्ष का कहना है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते नगर परिषद का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जेरोन खालसा नगर परिषद की यह सियासी लड़ाई आगे क्या मोड़ लेती है।
















































