बागेश्वर बाबा की श्री राम कथा का आयोजन 26 अप्रैल से 30 अप्रैल तक महाराष्ट्र के नागपुर स्थित रेशम बाग में किया जा रहा है। इस बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव के बीच आस्था, अध्यात्म और विज्ञान को लेकर विवाद तेज हो गया है। श्याम मानव ने बाबा बागेश्वर को 80 लाख रुपए की खुली चुनौती दी है, जिसे बाबा ने स्वीकार कर लिया है। बाबा को 10 लोगों के सही नाम बताने की चुनौती दरअसल, श्याम मानव ने बाबा को 10 व्यक्तियों के नाम, उनके पिता का नाम, उम्र और मोबाइल नंबर सटीक बताने की चुनौती दी कहा है। साथ ही, उनकी ‘अतींद्रिय शक्ति’ की परीक्षा के लिए एक बंद कमरे में रखी 10 वस्तुओं की सही पहचान करनी होगी। इन दोनों परीक्षाओ में कम से कम 90 प्रतिशत सटीकता अनिवार्य रखी गई है और यह पूरी प्रक्रिया नागपुर में पत्रकारों की मौजूदगी में कराई जाएगी। समिति का कहना है कि यदि बाबा इस चुनौती को स्वीकार कर उसे सिद्ध करते हैं तो उन्हें 80 लाख रुपए दिए जाएंगे, लेकिन यदि वे ऐसा नहीं कर पाते तो यह माना जाएगा कि वे केवल लोगों की भावनाओं और अंधश्रद्धा का लाभ उठा रहे हैं। यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले जनवरी 2023 में भी बाबा बागेश्वर के नागपुर आगमन पर श्याम मानव ने उन्हें 30 लाख रुपए की चुनौती दी थी। उस समय आरोप लगा था कि बाबा चुनौती मिलने के बाद दो दिन पहले ही कथा छोड़कर चले गए थे, हालांकि बाबा ने इस आरोप का खंडन किया था। बाबा बोले-जिसे खुजली है वह अगले दिन दरबार में आए मंगलवार को कथा के दौरान बाबा बागेश्वर ने चुनौती स्वीकार करते हुए कहा, “कोई भी ‘खुजली’ हो, कल दरबार लगना है, आ जाइए। हमारे पास जो विद्या होगी और जो शक्ति होगी, हम उसका प्रस्तुतिकरण करेंगे। हम जादूगर नहीं हैं। हमें जो ईश्वर प्रेरणा देगा, हम उसी के अनुसार लोगों का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं, श्याम मानव का कहना है कि यदि बाबा 10 लोगों के नाम, उम्र और मोबाइल नंबर सटीक बता देते हैं, तो वे अपनी हार मान लेंगे। इस विवाद के कारण नागपुर का माहौल गरमाया हुआ है। एक ओर लाखों श्रद्धालु बाबा के समर्थन में उमड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ संगठन बाबा के पुराने बयानों को लेकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं। ये खबर भी पढ़े… धीरेंद्र शास्त्री बोले- 4 बच्चे पैदा करो, एक RSS को दो बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- ‘आप चार बच्चे पैदा करो। उनमें से एक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को दे दो, ताकि वह दूसरों को बचाने के काम आए।’ उन्होंने ये बात नागपुर में विश्व के पहले ‘भारतदुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास समारोह में शुक्रवार को कही। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी मौजूद थे। पढ़ें पूरी खबर
















































