Saturday, 01 Aug 2026 | 08:44 AM

Trending :

पाकिस्तान में गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे लोग:LPG-तेल की किल्लत की वजह से लोग मजबूर, एक्सपर्ट बोले- ये चलता-फिरता बम जैसा

पाकिस्तान में गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे लोग:LPG-तेल की किल्लत की वजह से लोग मजबूर, एक्सपर्ट बोले- ये चलता-फिरता बम जैसा

पाकिस्तान के कराची शहर में गैस की भारी कमी के कारण लोग अब प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरकर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं। ARY न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय से गैस लोड शेडिंग और कम प्रेशर की वजह से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। यह खतरनाक तरीका खास तौर पर कराची के ओरंगी टाउन इलाके में देखा गया है, जिसमें मोमिनाबाद भी शामिल है। वहां के लोगों का कहना है कि अनियमित गैस सप्लाई के कारण उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लोग खास तरह के प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरते हैं। जब थोड़ी देर के लिए गैस सप्लाई आती है, तब इन गुब्बारों को भर लिया जाता है और बाद में दिन भर इन्हीं का इस्तेमाल करके खाना बनाया जाता है। ये गुब्बारे स्थानीय बाजार में भी करीब 1000 से 1500 रुपये में मिल रहे हैं। ईरान जंग की वजह से संकट बढ़ा एक्सपर्ट्स ने इस तरीके को बेहद खतरनाक बताया है। सेफ्टी एनालिस्ट्स का कहना है कि प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरना ‘मोबाइल बम’ जैसा है, क्योंकि हल्की सी घर्षण, गर्मी या चिंगारी भी बड़ा विस्फोट करा सकती है। घरों के अंदर ऐसे गैस से भरे गुब्बारे रखना आग लगने के खतरे को बढ़ाता है, खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सप्लाई पर दबाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम रास्तों पर भी असर पड़ा है। कराची में कई सालों से गैस की कमी, कम दबाव और लंबी कटौती की समस्या चलती रही है। सर्दियों में तो हालत और खराब हो जाती है, क्योंकि उस समय मांग बढ़ जाती है और सप्लाई उतनी नहीं होती। इसी वजह से पहले भी लोग अलग-अलग जुगाड़ करते रहे हैं। गैस रखने के लिए नहीं बने प्लास्टिक के गुब्बारे घरेलू गैस (मीथेन/एलपीजी) बेहद ज्वलनशील होती है। अगर थोड़ी भी गैस लीक हो जाए और पास में चिंगारी, माचिस या बिजली का स्पार्क आ जाए, तो तुरंत आग या विस्फोट हो सकता है। इसी वजह से एक्सपर्ट्स इसे ‘चलता-फिरता बम’ कहते हैं। असल में प्लास्टिक के गुब्बारे गैस रखने के लिए बने ही नहीं होते, ये बहुत कमजोर होते हैं इसलिए उनमें भरी गैस बहुत जल्दी लीक हो सकती है। अगर हल्का सा दबाव पड़े, कहीं रगड़ लगे या ज्यादा गर्मी हो जाए, तो गुब्बारा फट सकता है। फटते ही गैस तेजी से बाहर निकलेगी और तुरंत आग पकड़ सकती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बुरहानपुर में तीन ईदगाहों पर अदा हुई ईद की नमाज:रोजों के बाद गले मिलकर दी मुबारकबाद और बांटी सिवैयां; सुरक्षा में ड्रोन से निगरानी

March 21, 2026/
2:32 pm

बुरहानपुर में मुस्लिम समाज ने शनिवार को ईदुल फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। शहर की तीन प्रमुख ईदगाहों...

Cooper Connolly and Suryansh Shedge are trying to rescue PBKS (Picture credit: AP)

May 7, 2026/
1:37 am

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 01:37 IST अधिकारी के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक चंद्रनाथ रथ को बुधवार देर रात...

वर्ल्ड अपडेट्स:ऑस्ट्रेलिया में पहली बार महिला बनेगी सेना प्रमुख, सुसान कॉयल को जिम्मेदारी

April 13, 2026/
12:06 pm

ऑस्ट्रेलिया ने इतिहास में पहली बार एक महिला को सेना प्रमुख बनाने का फैसला किया है। लेफ्टिनेंट जनरल सुसान कॉयल...

पार्क में बच्चियों से अश्लील हरकत करते पकड़ा शख्स:नीमच में परिजन ने पुलिस को सौंपा, पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज

April 27, 2026/
5:29 pm

नीमच के इंदिरा नगर इलाके में एक धार्मिक स्थल के गार्डन में मासूम बच्चियों के साथ छेड़छाड़ करने वाले अधेड़...

दमोह के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट गिरी, एक की मौत:तेंदूखेड़ा में नपा का कर्मचारी था मृतक, दो लोग घायल

April 17, 2026/
11:22 am

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में गुरुवार रात एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई। इस हादसे में नगर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

पाकिस्तान में गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे लोग:LPG-तेल की किल्लत की वजह से लोग मजबूर, एक्सपर्ट बोले- ये चलता-फिरता बम जैसा

पाकिस्तान में गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे लोग:LPG-तेल की किल्लत की वजह से लोग मजबूर, एक्सपर्ट बोले- ये चलता-फिरता बम जैसा

पाकिस्तान के कराची शहर में गैस की भारी कमी के कारण लोग अब प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरकर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं। ARY न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय से गैस लोड शेडिंग और कम प्रेशर की वजह से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। यह खतरनाक तरीका खास तौर पर कराची के ओरंगी टाउन इलाके में देखा गया है, जिसमें मोमिनाबाद भी शामिल है। वहां के लोगों का कहना है कि अनियमित गैस सप्लाई के कारण उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लोग खास तरह के प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरते हैं। जब थोड़ी देर के लिए गैस सप्लाई आती है, तब इन गुब्बारों को भर लिया जाता है और बाद में दिन भर इन्हीं का इस्तेमाल करके खाना बनाया जाता है। ये गुब्बारे स्थानीय बाजार में भी करीब 1000 से 1500 रुपये में मिल रहे हैं। ईरान जंग की वजह से संकट बढ़ा एक्सपर्ट्स ने इस तरीके को बेहद खतरनाक बताया है। सेफ्टी एनालिस्ट्स का कहना है कि प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरना ‘मोबाइल बम’ जैसा है, क्योंकि हल्की सी घर्षण, गर्मी या चिंगारी भी बड़ा विस्फोट करा सकती है। घरों के अंदर ऐसे गैस से भरे गुब्बारे रखना आग लगने के खतरे को बढ़ाता है, खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सप्लाई पर दबाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम रास्तों पर भी असर पड़ा है। कराची में कई सालों से गैस की कमी, कम दबाव और लंबी कटौती की समस्या चलती रही है। सर्दियों में तो हालत और खराब हो जाती है, क्योंकि उस समय मांग बढ़ जाती है और सप्लाई उतनी नहीं होती। इसी वजह से पहले भी लोग अलग-अलग जुगाड़ करते रहे हैं। गैस रखने के लिए नहीं बने प्लास्टिक के गुब्बारे घरेलू गैस (मीथेन/एलपीजी) बेहद ज्वलनशील होती है। अगर थोड़ी भी गैस लीक हो जाए और पास में चिंगारी, माचिस या बिजली का स्पार्क आ जाए, तो तुरंत आग या विस्फोट हो सकता है। इसी वजह से एक्सपर्ट्स इसे ‘चलता-फिरता बम’ कहते हैं। असल में प्लास्टिक के गुब्बारे गैस रखने के लिए बने ही नहीं होते, ये बहुत कमजोर होते हैं इसलिए उनमें भरी गैस बहुत जल्दी लीक हो सकती है। अगर हल्का सा दबाव पड़े, कहीं रगड़ लगे या ज्यादा गर्मी हो जाए, तो गुब्बारा फट सकता है। फटते ही गैस तेजी से बाहर निकलेगी और तुरंत आग पकड़ सकती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.