Thursday, 22 Oct 2026 | 11:51 PM

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सड़क के गड्‌ढ़ों में ई-रिक्शा से सफर, तय मानिए चोरी:ग्वालियर में दिल्ली-यूपी का गैंग सक्रिय, स्टेशन-बस स्टैंड से एक किलोमीटर का एरिया डेंजर जोन

सड़क के गड्‌ढ़ों में ई-रिक्शा से सफर, तय मानिए चोरी:ग्वालियर में दिल्ली-यूपी का गैंग सक्रिय, स्टेशन-बस स्टैंड से एक किलोमीटर का एरिया डेंजर जोन

यदि आप ग्वालियर में स्टेशन या रोडवेज व प्राइवेट बस स्टैंड के आसपास से ई-रिक्शा (टमटम) में सवार हो रहे हैं। आगे रास्ता खराब है और आपके बैग में गहने या नकदी है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। ग्वालियर की खुदी सड़कों पर ई-रिक्शा में झटके लगने के बीच उसमें सवार चोर महिलाएं आपके बैग से कब गहने-नकदी निकाल ले जाएंगी यह पता भी नहीं चलेगा। जब तक गहने-नकदी चोरी का पता चलेगा काफी देर हो चुकी होगी। ग्वालियर में पिछले दो महीने में 29 इस तरह की वारदात हुई हैं। जिसमें कुछ न कुछ सामान चोरी हुआ है। वारदात के बाद पुलिस के हाथ में CCTV कैमरे की फुटेज रह जाती है। लगातार वारदात के बाद पुलिस ने ई-रिक्शा में सवार गैंग का पता लगाने क्राइम ब्रांच की टीम भी लगा रखी हैं। एक किलोमीटर के एरिया में वारदात ग्वालियर में ई-रिक्शा में चोरी करने वाला यह यूपी के आगरा, इटावा का गिरोह है। यह स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, गोला का मंदिर बस स्टैंड, झांसी रोड बस स्टैंड के आसपास सक्रिय रहता है। एक किलोमीटर का एरिया इस गिरोह का रोड मैप होता है। बाहर से आने वाले मुसाफिरों के लिए यही डेंजर जोन रहता है। यह गैंग बाहर से आने वाले मुसाफिरों को टारगेट कर उनके साथ ई-रिक्शा में सवार होते हैं। जब सड़क के गड्‌ढों के बीच से ई-रिक्शा गुजर रहा होता है और उसमें सवार लोग झटके खा रहे होते हैं। गैंग के सदस्य मुसाफिर के बैग पर हाथ मारकर गहने-नकदी पार कर देते हैं। गैंग में दो महिलाएं व पुरुष शामिल ग्वालियर में पिछले दो महीने में ई-रिक्शा में 29 चोरी की वारदात हुई हैं। सभी वारदातों में चोरी का संदेह ई-रिक्शा में फरियादी के साथ सवार एक या दो महिलाएं रहीं हैं। गैंग में एक पुरुष साथी भी होता है, जो वारदात के बाद इनको स्पॉट से निकाल ले जाने में एक्सपर्ट होता है। खुदी सड़कें कर रहीं चोरों का काम आसान वैसे ई-रिक्शा में बैठकर किसी के बैग पर हाथ साफ करना आसान नहीं होता है, लेकिन ग्वालियर शहर की खुदी व जर्जर सड़क चोर गिरोह के काम को आसान बना देती हैं। ई-रिक्शा में सॉकर नहीं होते हैं। ऐसे में जब वह खुद सड़क पर आता है तो उसमें आम वाहनों की अपेक्षा ज्यादा तेज झटके लगते हैं। इसी बीच आसपास बैठी महिलां चोर टारगेट के बैग पर हाथ साफ कर जाती हैं। यही कारण है कि सबसे ज्यादा वारदात जर्जर सड़क पर हुई हैं। थानों की सीमा का विवाद बचाता है चोर इस तरह की वारदातों में फरियादी के लिए सबसे बड़ी चुनौती एफआईआर कराना होता है। ई-रिक्शा में सफर के दौरान वारदात में कई थानों की सीमा बदल जाती है। इसके बाद फरियादी वारदात के बाद कई थानों के चक्कर काटता है। वारदात के चार से पांच दिन बाद पुलिस अफसरों के हस्तक्षेप के बाद घटना को दर्ज करती है। वारदात करने वालों को भागने के लिए पूरा मौका मिल जाता है। यह है ई-रिक्शा में चोरी के बड़े मामले केस-1 – थाटीपुर निवासी 28 वर्षीय रीना जाटव अपने पिता लोकेन्द्र सिंह जाटव के साथ 16 अप्रैल को पुरानी छावनी में एक रिश्तेदार के घर शादी समारोह में जा रही थीं पहले वह थाटीपुर से टेंपो में गोला का मंदिर चौराहे तक पहुंचीं, जहां से दोनों नीले रंग के ई-रिक्शा में सवार हुए। कुछ दूरी बाद एक अन्य महिला भी ई-रिक्शा में बैठी, जो रीना के पास आकर बैठ गई। रास्ते में जब-जब ई-रिक्शा गड्ढों से गुजरा, संदेही महिला पर्स से पांच लाख के गहने चोरी कर यादव धर्मकांटा के पास उतर गई। पुरानी छावनी पहुंचकर महिला ने बैग देखा तो घटना का पता लगा। 16 अप्रैल की घटना के बाद पीड़िता गोला का मंदिर, हजीरा व पुरानी छावनी तीन थानों के चक्कर काटती रही। केस-2 – मुरैना निवासी 32 वर्षीय भारत सिंह राठौर, पिता रमेश सिंह राठौर, दिल्ली में ज्वेलरी का कारोबार करते हैं। वह बहन के ससुर के निधन पर मुरैना आए थे और कार्यक्रम के बाद पत्नी के साथ आदित्यपुरम स्थित ससुराल जा रहे थे। गोला का मंदिर पर बस से उतरने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा (MP 07 ZJ 0250) लिया। कुछ दूरी पर दो महिलाएं भी उसमें बैठ गईं। डीडी नगर गेट के पास उतरने के बाद किराया देकर वे आगे बढ़े। तभी बैग की चेन खुली दिखी। बैग चेक करने पर दो लाख के गहने गायब मिले। उन्होंने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची जब तक महिलाएं भाग चुकी थीं। केस-3 – ग्वालियर के करगंवा गांव निवासी 35 वर्षीय संजय सिंह जाटव पत्नी सपना जाटव और बच्चों के साथ भिंड में शादी समारोह में गए थे। 5 अप्रैल को लौटते समय वे बस से गोला का मंदिर चौराहा पर उतरे और वहां से मुरार 6 नंबर चौराहा के लिए एक लाल रंग का ई-रिक्शा किराए पर लिया। कुछ ही दूरी तय करने के बाद गोला का मंदिर स्थित शराब दुकान के पास ई-रिक्शा चालक ने दो महिलाओं को और बैठा लिया। ई-रिक्शा 6 नंबर चौराहा पहुंचा और दंपति उतरा, तब बैग चेक करने पर उसकी चेन खुली मिली। डीएसपी क्राइम मनीष यादव ने बताया ई-रिक्शा में चोरी की वारदात लगातार हो रही हैं। ग्वालियर में बाहर की कुछ गैंग सक्रिय हैं। इन गैंग को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस की टीम स्टेशन-बस स्टैंड के आसपास सक्रिय है। साथ ही घटना के बाद मिले CCTV फुटेज से भी गैंग की तलाश की जा रही है।

सड़क के गड्‌ढ़ों में ई-रिक्शा से सफर, तय मानिए चोरी:ग्वालियर में दिल्ली-यूपी का गैंग सक्रिय, स्टेशन-बस स्टैंड से एक किलोमीटर का एरिया डेंजर जोन

सड़क के गड्‌ढ़ों में ई-रिक्शा से सफर, तय मानिए चोरी:ग्वालियर में दिल्ली-यूपी का गैंग सक्रिय, स्टेशन-बस स्टैंड से एक किलोमीटर का एरिया डेंजर जोन

यदि आप ग्वालियर में स्टेशन या रोडवेज व प्राइवेट बस स्टैंड के आसपास से ई-रिक्शा (टमटम) में सवार हो रहे हैं। आगे रास्ता खराब है और आपके बैग में गहने या नकदी है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। ग्वालियर की खुदी सड़कों पर ई-रिक्शा में झटके लगने के बीच उसमें सवार चोर महिलाएं आपके बैग से कब गहने-नकदी निकाल ले जाएंगी यह पता भी नहीं चलेगा। जब तक गहने-नकदी चोरी का पता चलेगा काफी देर हो चुकी होगी। ग्वालियर में पिछले दो महीने में 29 इस तरह की वारदात हुई हैं। जिसमें कुछ न कुछ सामान चोरी हुआ है। वारदात के बाद पुलिस के हाथ में CCTV कैमरे की फुटेज रह जाती है। लगातार वारदात के बाद पुलिस ने ई-रिक्शा में सवार गैंग का पता लगाने क्राइम ब्रांच की टीम भी लगा रखी हैं। एक किलोमीटर के एरिया में वारदात ग्वालियर में ई-रिक्शा में चोरी करने वाला यह यूपी के आगरा, इटावा का गिरोह है। यह स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, गोला का मंदिर बस स्टैंड, झांसी रोड बस स्टैंड के आसपास सक्रिय रहता है। एक किलोमीटर का एरिया इस गिरोह का रोड मैप होता है। बाहर से आने वाले मुसाफिरों के लिए यही डेंजर जोन रहता है। यह गैंग बाहर से आने वाले मुसाफिरों को टारगेट कर उनके साथ ई-रिक्शा में सवार होते हैं। जब सड़क के गड्‌ढों के बीच से ई-रिक्शा गुजर रहा होता है और उसमें सवार लोग झटके खा रहे होते हैं। गैंग के सदस्य मुसाफिर के बैग पर हाथ मारकर गहने-नकदी पार कर देते हैं। गैंग में दो महिलाएं व पुरुष शामिल ग्वालियर में पिछले दो महीने में ई-रिक्शा में 29 चोरी की वारदात हुई हैं। सभी वारदातों में चोरी का संदेह ई-रिक्शा में फरियादी के साथ सवार एक या दो महिलाएं रहीं हैं। गैंग में एक पुरुष साथी भी होता है, जो वारदात के बाद इनको स्पॉट से निकाल ले जाने में एक्सपर्ट होता है। खुदी सड़कें कर रहीं चोरों का काम आसान वैसे ई-रिक्शा में बैठकर किसी के बैग पर हाथ साफ करना आसान नहीं होता है, लेकिन ग्वालियर शहर की खुदी व जर्जर सड़क चोर गिरोह के काम को आसान बना देती हैं। ई-रिक्शा में सॉकर नहीं होते हैं। ऐसे में जब वह खुद सड़क पर आता है तो उसमें आम वाहनों की अपेक्षा ज्यादा तेज झटके लगते हैं। इसी बीच आसपास बैठी महिलां चोर टारगेट के बैग पर हाथ साफ कर जाती हैं। यही कारण है कि सबसे ज्यादा वारदात जर्जर सड़क पर हुई हैं। थानों की सीमा का विवाद बचाता है चोर इस तरह की वारदातों में फरियादी के लिए सबसे बड़ी चुनौती एफआईआर कराना होता है। ई-रिक्शा में सफर के दौरान वारदात में कई थानों की सीमा बदल जाती है। इसके बाद फरियादी वारदात के बाद कई थानों के चक्कर काटता है। वारदात के चार से पांच दिन बाद पुलिस अफसरों के हस्तक्षेप के बाद घटना को दर्ज करती है। वारदात करने वालों को भागने के लिए पूरा मौका मिल जाता है। यह है ई-रिक्शा में चोरी के बड़े मामले केस-1 – थाटीपुर निवासी 28 वर्षीय रीना जाटव अपने पिता लोकेन्द्र सिंह जाटव के साथ 16 अप्रैल को पुरानी छावनी में एक रिश्तेदार के घर शादी समारोह में जा रही थीं पहले वह थाटीपुर से टेंपो में गोला का मंदिर चौराहे तक पहुंचीं, जहां से दोनों नीले रंग के ई-रिक्शा में सवार हुए। कुछ दूरी बाद एक अन्य महिला भी ई-रिक्शा में बैठी, जो रीना के पास आकर बैठ गई। रास्ते में जब-जब ई-रिक्शा गड्ढों से गुजरा, संदेही महिला पर्स से पांच लाख के गहने चोरी कर यादव धर्मकांटा के पास उतर गई। पुरानी छावनी पहुंचकर महिला ने बैग देखा तो घटना का पता लगा। 16 अप्रैल की घटना के बाद पीड़िता गोला का मंदिर, हजीरा व पुरानी छावनी तीन थानों के चक्कर काटती रही। केस-2 – मुरैना निवासी 32 वर्षीय भारत सिंह राठौर, पिता रमेश सिंह राठौर, दिल्ली में ज्वेलरी का कारोबार करते हैं। वह बहन के ससुर के निधन पर मुरैना आए थे और कार्यक्रम के बाद पत्नी के साथ आदित्यपुरम स्थित ससुराल जा रहे थे। गोला का मंदिर पर बस से उतरने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा (MP 07 ZJ 0250) लिया। कुछ दूरी पर दो महिलाएं भी उसमें बैठ गईं। डीडी नगर गेट के पास उतरने के बाद किराया देकर वे आगे बढ़े। तभी बैग की चेन खुली दिखी। बैग चेक करने पर दो लाख के गहने गायब मिले। उन्होंने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची जब तक महिलाएं भाग चुकी थीं। केस-3 – ग्वालियर के करगंवा गांव निवासी 35 वर्षीय संजय सिंह जाटव पत्नी सपना जाटव और बच्चों के साथ भिंड में शादी समारोह में गए थे। 5 अप्रैल को लौटते समय वे बस से गोला का मंदिर चौराहा पर उतरे और वहां से मुरार 6 नंबर चौराहा के लिए एक लाल रंग का ई-रिक्शा किराए पर लिया। कुछ ही दूरी तय करने के बाद गोला का मंदिर स्थित शराब दुकान के पास ई-रिक्शा चालक ने दो महिलाओं को और बैठा लिया। ई-रिक्शा 6 नंबर चौराहा पहुंचा और दंपति उतरा, तब बैग चेक करने पर उसकी चेन खुली मिली। डीएसपी क्राइम मनीष यादव ने बताया ई-रिक्शा में चोरी की वारदात लगातार हो रही हैं। ग्वालियर में बाहर की कुछ गैंग सक्रिय हैं। इन गैंग को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस की टीम स्टेशन-बस स्टैंड के आसपास सक्रिय है। साथ ही घटना के बाद मिले CCTV फुटेज से भी गैंग की तलाश की जा रही है।

ग्वालियर में PTS परिसर की दीवारें बन गई कैनवास:25 आरक्षक कर रहे दीवारों पर चित्रकारी; राजस्थान से ट्रेनिंग लेने आया है 1020 नवआरक्षकों का बैच

ग्वालियर में PTS परिसर की दीवारें बन गई कैनवास:25 आरक्षक कर रहे दीवारों पर चित्रकारी; राजस्थान से ट्रेनिंग लेने आया है 1020 नवआरक्षकों का बैच

ग्वालियर के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा में एक अनूठी पहल शुरू की गई है। राजस्थान पुलिस से आए 1020 नवआरक्षकों के बैच में से 25 प्रशिक्षुओं को चुना गया है, जिन्हें पेंटिंग का शौक है। ये नवआरक्षक पीटीएस परिसर की 350 से अधिक दीवारों पर चित्रकारी कर रहे हैं। यह रचनात्मक कार्य प्रशिक्षण के साथ-साथ परिसर को आकर्षक बना रहा है और नवाचार का उदाहरण पेश कर रहा है। पीटीएस परिसर की दीवारें अब कैनवास बन गई हैं, जिन पर रंगों के माध्यम से संस्कृति, परंपरा और सामाजिक संदेश उकेरे जा रहे हैं। प्रशिक्षु आरक्षक कड़ी धूप में भी दिन-रात वॉल पेंटिंग का काम कर रहे हैं। अब तक 50 से अधिक दीवारों पर चित्रकारी पूरी हो चुकी है। इन चित्रों में राजस्थान की लोक कला और मध्यप्रदेश की पारंपरिक गोंड कला का संगम देखा जा सकता है। पिछवाई कला, कच्ची घोड़ी जैसी कलाओं को उकेरा दीवारों पर नाथद्वारा की पिछवाई कला, शेखावाटी क्षेत्र की कच्ची घोड़ी और बीकानेर की उस्ता कला को बारीकी से दर्शाया है। मध्यप्रदेश की गोंड कला भी इन चित्रों में प्रमुखता से शामिल है। कलाकार नवआरक्षक पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी चित्रों के माध्यम से संदेश दे रहे हैं। प्रशिक्षु आरक्षकों ने बताया कि उन्हें पीटीएस की इंस्ट्रक्टर निरीक्षक नीलम तंवर ने इस कार्य के लिए प्रेरित किया। एसपी के मार्गदर्शन से उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिला। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे अपनी कला के माध्यम से प्रशिक्षण केंद्र को सुंदर बना रहे हैं। एमपी-राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन प्रशिक्षु अजीत ने जानकारी दी कि उनकी टीम पिछले 15-20 दिनों से लगातार वॉल पेंटिंग कर रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रयास का उद्देश्य केवल सजावट नहीं, बल्कि राजस्थान और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को एक साथ प्रदर्शित करना भी है। सभी साथी इस कार्य को टीमवर्क के रूप में पूरा कर रहे हैं।

PM की सिक्किम में जनसभा आज:राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे; ₹4000 करोड़ की योजनाएं शुरु करेंगे

PM की सिक्किम में जनसभा आज:राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे; ₹4000 करोड़ की योजनाएं शुरु करेंगे

पीएम मोदी दो दिवसीय सिक्किम दौरे पर हैं। आज वो राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे और ₹4000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद सुबह 10ः30 बजे राजधानी गंगटोक में जनसभा भी करेंगे। मोदी सोमवार को सिक्किम पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने लिबिंग हेलिपैड से गवर्नर हाउस (लोक भवन) तक उन्होंने रोड शो किया। 16 मई 2025 को सिक्किम को राज्य बने 50 साल पूरे हुए थे। तब पीएम वर्चुअली 50वें स्थापना दिवस समारोह से जुड़े थे। मंगलवार को एक साल से चल रहे समारोह का समापन होगा। पीएम के रोड शो की 3 तस्वीरें… 4 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम अपने दो दिवसीय दौरे पर शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, पर्यावरण और कृषि से जुड़ी लगभग ₹4 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें नामची में 100 बेड का अस्पताल, देओराली में 30 बेड का अस्पताल, तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील पुल और गंगटोक में सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट शामिल हैं। 16 मई 1975 को सिक्किम भारत का हिस्सा बना 1947- भारत की आजादी के समय नेहरू चाहते थे कि जैसे भूटान के साथ भारत ने मित्रता की संधि की है, वैसे ही सिक्किम के साथ भी हो जाए। 1950 में भारत-सिक्किम शांति समझौता हुआ। इसके तहत सिक्किम भारत का प्रोटेक्टर स्टेट यानी संरक्षित राज्य बना। अब सिक्किम की सुरक्षा और विदेश नीति की जिम्मेदारी भारत की थी। 1967- 1 अक्टूबर, 1967 को चीनी सेना ने नाथू-ला के रास्ते सिक्किम में घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय आर्मी इस हमले को रोकने में सफल रही, लेकिन भारत को समझ आ गया था कि उत्तर पूर्वी भारत में घुसने के लिए चीन, सिक्किम के रूट पर नजर गड़ाए बैठा है। सिक्किम के राजा चोग्याल पाल्डेन थोंडुप नामग्याल सिक्किम को भूटान जैसा दर्जा देने की मांग करने लगे। 1973- इंदिरा गांधी सिक्किम की समस्या का हल चाहती थीं। उन्होंने खुफिया एजेंसी रॉ के चीफ आर. एन. काओ से मदद मांगी। इसके बाद काओ ने 1973 में सिक्किम में ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन का नाम था- ‘जनमत’ और ‘ट्विलाइट’। 1974- विधाससभा चुनाव के बदा काजी मुख्यमंत्री बने। उन्होंने विधानसभा में ‘द गवर्नमेंट ऑफ सिक्किम एक्ट, 1974’ पास कराया, जिससे सिक्किम को भारत के एसोसिएट स्टेट का दर्जा मिला। 25 जून 1974 को चोग्याल सिक्किम का भारत से अलग राज्य का दर्जा बनाए रखने की बात करने भारत आए, लेकिन इस बातचीत से स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। 1975- 9 अप्रैल 1975 को भारतीय सेना की 64 माउंटेन ब्रिगेड सिक्किम के राजमहल पहुंची। एक सैनिक ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसे गोली मार दी गई। नितिन ए. गोखले अपनी किताब, ‘आर. एन. काओ- जेंटलमैन स्पायमास्टर’ में बताते हैं, ’20 मिनट से भी कम समय में भारतीय सेना ने सिक्किम गार्ड्स को निशस्त्र कर दिया।’ चोग्याल को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद 14 अप्रैल 1975 को सिक्किम में एक रेफरेंडम कराया गया, इसमें सिक्किम के लोगों ने भारत में शामिल होने या न होने के लिए वोटिंग की। 97.5% यानी 59,637 लोगों ने भारत में शामिल होने के पक्ष में वोट किए जबकि सिर्फ 1,496 लोगों ने इसका विरोध किया। 26 अप्रैल को सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाने के लिए संसद में 36वां संविधान संशोधन बिल पास किया गया। ———————————————————- ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भारत विश्वगुरु जरूर बनेगा, कोई संदेह नहीं:राम मंदिर बनने को लेकर भी लोग शक करते थे, वैसे ही यह लक्ष्य भी अब तय है राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब लोग अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर संशय में रहते थे। इसे असंभव मानते थे। पूरी खबर पढ़ें…

PM की सिक्किम में जनसभा आज:राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे; ₹4000 करोड़ की योजनाएं शुरु करेंगे

PM की सिक्किम में जनसभा आज:राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे; ₹4000 करोड़ की योजनाएं शुरु करेंगे

पीएम मोदी दो दिवसीय सिक्किम दौरे पर हैं। आज वो राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे और ₹4000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद सुबह 10ः30 बजे राजधानी गंगटोक में जनसभा भी करेंगे। मोदी सोमवार को सिक्किम पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने लिबिंग हेलिपैड से गवर्नर हाउस (लोक भवन) तक उन्होंने रोड शो किया। 16 मई 2025 को सिक्किम को राज्य बने 50 साल पूरे हुए थे। तब पीएम वर्चुअली 50वें स्थापना दिवस समारोह से जुड़े थे। मंगलवार को एक साल से चल रहे समारोह का समापन होगा। पीएम के रोड शो की 3 तस्वीरें… 4 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम अपने दो दिवसीय दौरे पर शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, पर्यावरण और कृषि से जुड़ी लगभग ₹4 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें नामची में 100 बेड का अस्पताल, देओराली में 30 बेड का अस्पताल, तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील पुल और गंगटोक में सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट शामिल हैं। 16 मई 1975 को सिक्किम भारत का हिस्सा बना 1947- भारत की आजादी के समय नेहरू चाहते थे कि जैसे भूटान के साथ भारत ने मित्रता की संधि की है, वैसे ही सिक्किम के साथ भी हो जाए। 1950 में भारत-सिक्किम शांति समझौता हुआ। इसके तहत सिक्किम भारत का प्रोटेक्टर स्टेट यानी संरक्षित राज्य बना। अब सिक्किम की सुरक्षा और विदेश नीति की जिम्मेदारी भारत की थी। 1967- 1 अक्टूबर, 1967 को चीनी सेना ने नाथू-ला के रास्ते सिक्किम में घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय आर्मी इस हमले को रोकने में सफल रही, लेकिन भारत को समझ आ गया था कि उत्तर पूर्वी भारत में घुसने के लिए चीन, सिक्किम के रूट पर नजर गड़ाए बैठा है। सिक्किम के राजा चोग्याल पाल्डेन थोंडुप नामग्याल सिक्किम को भूटान जैसा दर्जा देने की मांग करने लगे। 1973- इंदिरा गांधी सिक्किम की समस्या का हल चाहती थीं। उन्होंने खुफिया एजेंसी रॉ के चीफ आर. एन. काओ से मदद मांगी। इसके बाद काओ ने 1973 में सिक्किम में ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन का नाम था- ‘जनमत’ और ‘ट्विलाइट’। 1974- विधाससभा चुनाव के बदा काजी मुख्यमंत्री बने। उन्होंने विधानसभा में ‘द गवर्नमेंट ऑफ सिक्किम एक्ट, 1974’ पास कराया, जिससे सिक्किम को भारत के एसोसिएट स्टेट का दर्जा मिला। 25 जून 1974 को चोग्याल सिक्किम का भारत से अलग राज्य का दर्जा बनाए रखने की बात करने भारत आए, लेकिन इस बातचीत से स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। 1975- 9 अप्रैल 1975 को भारतीय सेना की 64 माउंटेन ब्रिगेड सिक्किम के राजमहल पहुंची। एक सैनिक ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसे गोली मार दी गई। नितिन ए. गोखले अपनी किताब, ‘आर. एन. काओ- जेंटलमैन स्पायमास्टर’ में बताते हैं, ’20 मिनट से भी कम समय में भारतीय सेना ने सिक्किम गार्ड्स को निशस्त्र कर दिया।’ चोग्याल को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद 14 अप्रैल 1975 को सिक्किम में एक रेफरेंडम कराया गया, इसमें सिक्किम के लोगों ने भारत में शामिल होने या न होने के लिए वोटिंग की। 97.5% यानी 59,637 लोगों ने भारत में शामिल होने के पक्ष में वोट किए जबकि सिर्फ 1,496 लोगों ने इसका विरोध किया। 26 अप्रैल को सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाने के लिए संसद में 36वां संविधान संशोधन बिल पास किया गया। ———————————————————- ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भारत विश्वगुरु जरूर बनेगा, कोई संदेह नहीं:राम मंदिर बनने को लेकर भी लोग शक करते थे, वैसे ही यह लक्ष्य भी अब तय है राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब लोग अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर संशय में रहते थे। इसे असंभव मानते थे। पूरी खबर पढ़ें…

लेडी प्रिंसिपल बोली- लुधियाना मेयर पति ने फिगर फोटो मांगी:हॉट-सेक्सी के मैसेज भेजे, AAP नेताओं ने मदद नहीं की; अश्लील चैटिंग पढ़िए

लेडी प्रिंसिपल बोली- लुधियाना मेयर पति ने फिगर फोटो मांगी:हॉट-सेक्सी के मैसेज भेजे, AAP नेताओं ने मदद नहीं की; अश्लील चैटिंग पढ़िए

लुधियाना की मेयर इंद्रजीत कौर के पति रवि आनंद लक्की पर अश्लील मैसेज भेजने के आरोप लगाने वाली प्रिंसिपल खुलकर सामने आई है। प्रिंसिपल ने कहा कि मेयर का पति मैसेज में उसे हॉट-सेक्सी लिखता था। उसकी फिगर फोटो मांगता था। लॉन्ग ड्राइव पर मनाली चलने का ऑफर देता था। प्राइवेट पार्ट को लेकर कई तरह की बातें कहता था। प्रिंसिपल ने कहा कि पति की मौत के बाद मेयर के पति ने हमदर्दी के बहाने चैटिंग शुरू की। उन्होंने इग्नोर किए और डिमांड नहीं मानी तो उन्हें निगम अफसर भेजकर तंग किया गया। उन्होंने CM भगवंत मान, पंजाब AAP इंचार्ज मनीष सिसोदिया, वुमन कमीशन तक को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक मेयर के पति लक्की का कोई पक्ष नहीं आया है। मेयर इंद्रजीत कौर का कहना है कि महिला को पुलिस कंप्लेंट करनी चाहिए, वहीं से इसकी जांच होगी। मेयर के पति पर लगाए आरोपों को लेकर दैनिक भास्कर ने प्रिंसिपल से बात की, जिसमें उन्होंने मेयर पति को ऑटो ड्राइवर रहते स्कूल से निकालने से लेकर अश्लील चैटिंग तक के बारे में पूरी कहानी बताई… ऑटो ड्राइवर था मेयर का पति, ब्याज पर पैसे लिए इसको लेकर लुधियाना के एक प्ले-वे स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि करीब 7 साल पहले मेयर इंद्रजीत कौर का पति रवि आनंद उर्फ लक्की उनके स्कूल में ऑटो ड्राइवर था। वह ऑटो पर बच्चों को स्कूल लेकर आता था और घर लेकर जाता था। प्रिंसिपल ने बताया कि रवि आनंद की पत्नी इंद्रजीत कौर ने अपनी किसी जानकार महिला को ब्याज पर डेढ़ लाख रुपए उधार दिलाए। 2 महीने बाद महिला ने फिर उनसे 1 लाख रुपए उधार लिए। रुपए नहीं लौटाए, विवाद के बाद मेयर के पति को निकाल दिया 2 महीने बीत गए और लेकिन उसने किस्त नहीं दी तो मेरे पति ने उससे पैसे मांगे। उसने 50 हजार रुपए वापस दिए और कहा कि बाकी के पैसे इंद्रजीत मैडम देंगे क्योंकि वो उन्होंने ही लिए थे। जिसको लेकर विवाद हुआ। इनकी स्थिति अच्छी नहीं थी हमने पैसे नहीं मांगे। इसी विवाद में लक्की को भी स्कूल से निकाल दिया। बाद में पता चला कि उसने भी पैरेंट्स से 2-2 महीने के पैसे एडवांस लिए थे। इंद्रजीत कौर व लक्की ने उनके पैसे अभी तक वापस नहीं दिए। इंद्रजीत मेयर बनीं तो बधाई देने गए प्रिंसिपल ने बताया कि वो आम आदमी पार्टी में महिला विंग की ब्लॉक प्रधान बनी। उसके बाद जब इंद्रजीत कौर मेयर बनी तो वो उन्हें बधाई देने अपने स्टाफ के साथ गई। बधाई दी तो उस दौरान मेयर व लक्की के साथ पूरे स्टाफ ने फोटो खिंचवाई। पति बीमार हुए तो मेयर का पति मैसेज करने लगा प्रिंसिपल ने बताया कि अक्तूबर 2025 में उसके पति बीमार हुए और चंडीगढ़ सेक्टर 32 के अस्पताल में दाखिल थे। मैंने फेसबुक पर पोस्ट डाली कि मेरे पति बीमार हैं उनके लिए दुआ करें। जिस पर मेयर पति लक्की ने उन्हें मैसेज करके कहा कि वो उनके साथ है। जो जरूरत होगी तो बताना। प्रिंसिपल ने बताया कि पति की मौत के बाद दोनों संस्कार पर आए और फिर अफसोस करने भी आए। फिर उसने सांत्वना दी कि वो हमेशा उनके साथ हैं अगर कोई समस्या आएगी तो बताना। निगम से एक्टिवा छुड़वाईं, फिर मैसेज करने लगा प्रिंसिपल ने बताया कि नगर निगम के कर्मचारी उनके स्कूल के बाहर से 2 एक्टिवा उठाकर ले गए। उसके लिए लक्की को कहा था और उसने छुड़वा दिए। उसके बाद उसने मैसेज करने शुरू किए। पहले नॉर्मल मैसेज करता रहा तो मैं भी जवाब देती रही। महिला ने बताया कि पति की मौत के बाद मैंने पार्टी की गतिविधियों में भी जाना कम कर दिया था। मैं फ्री थी तो घर पर क्लाउड किचन का बिजनेस शुरू किया। फेसबुक पर प्रचार के लिए मैं अच्छी ड्रेसेज पहनकर वीडियो डालती थी। उसके बाद इसने अश्लील मैसेज करने शुरू कर दिए। फिगर फोटो मांगे, नहीं दिए तो निगम अफसर भेजे प्रिंसिपल ने बताया कि लक्की लगातार उससे फिगर फोटो मांगता रहा, लेकिन उसने कभी फोटो नहीं भेजी। लक्की बार-बार कहता था कि फिगर की फोटो दे, जब मैंने फोटो नहीं भेजी तो उसने नगर निगम के अफसरों को उनके यहां तंग करने के लिए भेजा। नगर निगम वाले कभी नक्शे की बात करते तो कभी कुछ। फिर मैंने लक्की को कहा कि ये क्यों आ रहे हैं, जिस पर उसने फिर कहा कि मेरा कहना मान लो नहीं आएंगे। बेटे के कहने पर सबूत जुटाने लगी प्रिंसिपल ने बताया कि जब नगर निगम के अफसर रोज आने लगे तो बेटे ने पूछा कि आखिर ये लोग क्यों आ रहे हैं? उन्होंने बताया कि वो बेटे काे नहीं बताना नहीं चाहती थी लेकिन जब ज्यादा हो गया तो उसने बेटे को सबकुछ बता दिया। फिर बेटे ने कहा कि तुम उसके खिलाफ सबूत जुटाओ और उसके कुछ मैसेज का जवाब दो और स्क्रीनशॉट व स्क्रीन रिकार्डिंग करो। उसने बेटे के कहे मुताबिक उसके मैसेज का रिप्लाई करना शुरू किया। मैसेज में कहता- मैडम घर नहीं है, लॉन्ग ड्राइव पर चलो उसके बाद वो ज्यादा अश्लील मैसेज भेजने लगा। वो तब भी फिगर की फोटो की डिमांड करने लगा। बड़ी जिद की लेकिन फोटो नहीं भेजी। उसने यहां तक मैसेज भेजे कि लॉन्ग ड्राइव पर चलो। मेरी मैडम घर पर नहीं है, अकेला हूं। प्रिंसिपल का कहना है कि उसने इस तरह के किसी मैसेज का रिप्लाई नहीं किया। मैसेज भेजकर तुरंत डिलीट कर देता कुलदीप कौर ने बताया कि लक्की इतना शातिर रहा कि वो जो भी मैसेज भेजता था वो साथ के साथ डिलीट कर देता था। फिर भी उसने कुछ मैसेज का स्क्रीनशॉट ले लिया और एक वीडियो कॉल को स्क्रीन रिकार्डिंग कर दी। प्रिंसिपल ने जिन्हें शिकायत दी, उन्होंने क्या किया मेयर को बताया तो कैंप ऑफिस बुलाया प्रिंसिपल ने कहा कि जब उसने सबूत जुटा लिए तो सबसे पहले उसने मेयर इंद्रजीत कौर को लक्की के मैसेज भेजे। उन्होंने दावा किया कि ये मैसेज 11, 15 व 20 अप्रैल को भेजे और उनसे इंसाफ की मांग की। मगर, मेयर की तरफ से कुछ नहीं किया गया। 22 अप्रैल को मेयर

हिमाचल में बारिश के बाद गर्मी से राहत:कई शहरों का पारा 12॰C तक लुढ़का,अगले 6 दिन बरसेंगे बादल; कल ओलावृष्टि की चेतावनी

हिमाचल में बारिश के बाद गर्मी से राहत:कई शहरों का पारा 12॰C तक लुढ़का,अगले 6 दिन बरसेंगे बादल; कल ओलावृष्टि की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश के कई भागों में आज हल्की बारिश हुई। इससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों का तापमान पिछले कल (सोमवार) की तुलना में आज 12 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिरा है। इससे राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री नीचे गिर गया है। सोलन के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 12.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यहां का तापमान गिरकर 20.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। सुंदरनगर का पारा 12.0 डिग्री लुढ़कने के बाद 24.5 डिग्री, भुंतर का 10.4 डिग्री गिरने के बाद 24.0 डिग्री, मंडी का 10.4 डिग्री कम होने के बाद 25.6 डिग्री और ऊना का अधिकतम तापमान 9.4 डिग्री नीचे लुढ़कने के बाद 32.6 डिग्री रह गया है। बीते सोमवार को ऊना का तापमान 42 डिग्री पहुंच गया था। राज्य के अन्य शहरों के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों पर इससे मौसम सुहावना हो गया है। प्रदेशवासियों ने मौसम में बदलाव के बाद भीषण गर्मी से राहत की सांस ली है। सोलन में 2.2 मिमी, शिमला में 0.4 मिमी, कल्पा 0.7 मिमी, भुंतर 0.2 मिमी, मनाली में 1 मिमी और जुब्बड़हट्टी में 2 मिमी बारिश हुई है। रात 9 बजे तक 5 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान इस बीच मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी कर चंबा, मंडी, बिलासपुर, सोलन और शिमला जिला में रात 9 बजे तक हल्की बारिश का पूर्वानुमान लगाया है, जबकि किन्नौर और लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात भी हो सकता है। कल 4 जिलों में भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग (IMD) की माने तो राज्य में अगले छह दिन तक बारिश के आसार हैं। इस दौरान कई भागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अगले कल कांगड़ा, कुल्लू मंडी और शिमला में भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। कल मध्यम ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है। राज्य में 30 अप्रैल और एक मई को भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट दिया गया है। तीन और चार मई को भी बारिश जारी रहेगी। जाहिर है कि अगले एक सप्ताह तक पहाड़ों पर सुहावना मौसम रहने वाला है।

खजुराहो में पारा 46°C, 10 साल में सबसे ज्यादा:एमपी के 4 जिलों में आज लू, 12 में बारिश का अलर्ट; कल से थोड़ी राहत

खजुराहो में पारा 46°C, 10 साल में सबसे ज्यादा:एमपी के 4 जिलों में आज लू, 12 में बारिश का अलर्ट; कल से थोड़ी राहत

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। सोमवार को टूरिस्ट स्पॉट खजुराहो में पारा 46 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह 10 साल में सबसे ज्यादा है। छतरपुर का ही नौगांव दूसरा सबसे गर्म शहर है। मंगलवार को 4 जिलों में लू और 12 में आंधी-बारिश का अलर्ट है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने 27 अप्रैल से 1 मई तक प्रदेश में तेज गर्मी के बीच बारिश की चेतावनी भी जारी की है। ऐसा साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ की वजह से होगा। 28 अप्रैल से हीट वेव यानी, लू से राहत मिल सकती है। इन जिलों में लू का अलर्ट मंगलवार को जिन जिलों में लू का अलर्ट है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक, आंधी के साथ बारिश हो सकती है। 15 शहरों में पारा 44 डिग्री या इससे अधिक इससे पहले सोमवार को खजुराहो में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, नौगांव में 45.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर-दतिया समेत 15 शहर ऐसे रहे, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। भोपाल-ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 42.7 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, श्योपुर में 44.8 डिग्री, दतिया में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.5 डिग्री, रीवा, सीधी-सतना में 44.4 डिग्री, मुरैना, शाजापुर, दमोह, रतलाम, मंडला, गुना और रायसेन में पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सागर में सुबह से तल्ख धूप के बाद दोपहर में मौसम बदला और बादल छा गए। शाम को ग्रामीण इलाकों में बारिश हुई। रहली,बंडा क्षेत्र में हवाओं के साथ बारिश से मौसम खुशनुमा हुआ। खजुराहो में टूट सकता है ओवरऑल रिकॉर्ड मौसम विभाग के आंकड़ों की माने तो खजुराहो में 10 साल में कभी भी इतनी गर्मी नहीं पड़ी। 29 अप्रैल 1993 को दिन का तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। यदि गर्मी का दौर ऐसा ही रहा तो ये रिकॉर्ड भी टूट सकता है। आज से अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले-बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया। 19, 20 और 21 फरवरी को भी बारिश का असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर चला। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश हुई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरे। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी अप्रैल में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर में अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका

RTO दलाली के नेटवर्क की ‘सरगना मैडम’ कौन?:सामने नहीं आतीं, स्टाफ करता है पैकेज की डील; रकम मैडम ही तय करती हैं

RTO दलाली के नेटवर्क की ‘सरगना मैडम’ कौन?:सामने नहीं आतीं, स्टाफ करता है पैकेज की डील; रकम मैडम ही तय करती हैं

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर आरटीओ चेक पॉइंट पर वसूली का नेक्सस चल रहा है, जिसकी कमान एक ‘मैडम’ के हाथ में है। यहां खाकी वर्दी पहने सिपाही मोहरे हैं। असली डील और फाइनल अप्रूवल ‘मैडम’ देती हैं। डिस्काउंट और सख्ती भी उन्हीं के आदेश पर होती है। भास्कर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन टीम ने नेटवर्क की पड़ताल की, जिसमें लगातार ‘मैडम’ का जिक्र हुआ। सामने आया कि इस चेक पॉइंट पर प्रभारी अनामिका कोली समेत 5 महिलाएं तैनात हैं, जिनमें से किसी एक पर नेटवर्क चलाने की आशंका है। 15 दिन पहले भास्कर ने दलाली नेटवर्क का खुलासा किया था, जिसके बाद कॉन्स्टेबल आरपी सिंह हनोतिया और अमित झरबड़े का ट्रांसफर हुआ। इसके बावजूद अब खुलेआम के बजाय छिपकर वसूली जारी है। आखिर कौन हैं ‘मैडम’? और कैसे चलता है यह नेटवर्क, पढ़िए रिपोर्ट… वॉट्सएप से शुरू हुआ ‘मैडम’ का नेटवर्क वसूली नेटवर्क के खुलासे के लिए भास्कर रिपोर्टर ने खिलचीपुर चेक पॉइंट के कर्मचारियों और अफसरों से संपर्क किया। इसी दौरान प्रभारी अनामिका कोली का नंबर मिला और वॉट्सएप पर बातचीत हुई। उन्होंने रिपोर्टर को दोपहर 12 से शाम 6 बजे के बीच ऑफिस आने को कहा, लेकिन बार-बार पुष्टि पर नाराजगी जताई। अगले दिन उन्होंने कहा कि उनका स्टाफ बात करेगा। इसके बाद कर्मचारी अमित झरबड़े का फोन आया, जिसने रिपोर्टर को मिलने बुलाया। चेकपोस्ट का ‘रेट कार्ड’: ₹700 से ₹60,000 तक खिलचीपुर चेकपोस्ट पर रिपोर्टर के पहुंचने पर रिश्वत के तय रेट सामने आए। कॉन्स्टेबल अमित और आरपी सिंह हनोतिया ने 15 गाड़ियों की सूची देखकर वसूली का ‘रेट कार्ड’ बताया। सिपाही ने कहा कि भुगतान होते ही गाड़ियों के नंबर वॉट्सएप ग्रुप में डाल दिए जाएंगे और ड्राइवरों को नहीं रोका जाएगा। जब ‘मैडम’ ने ठुकराया छूट का प्रस्ताव 15 गाड़ियों के लिए ₹60,000 मासिक वसूली तय थी। रिपोर्टर ने ₹40,000 का प्रस्ताव दिया। सिपाही ने ₹50,000 तक की बात कही, लेकिन अंतिम निर्णय ‘मैडम’ पर छोड़ा। बाद में बताया कि ‘मैडम’ ₹50,000 पर सहमत नहीं हैं और ₹4000 प्रति गाड़ी, यानी ₹60,000 ही लेना होगा। अनामिका कोली की सफाई: “कौन सी मैडम, मुझे नहीं पता” स्टिंग में ‘मैडम’ शब्द पर सवाल पूछने पर प्रभारी अनामिका कोली ने खुद को अलग बताया। उन्होंने कहा कि मेरे साथ 3-4 महिलाएं और हैं। सिपाही किस मैडम की बात कर रहे थे। मुझे जानकारी नहीं है। समराथल ट्रांसपोर्ट के प्रतिनिधि से मुलाकात न करने पर बोलीं- संबंधित लोगों को ऑफिस बुलाया था। मीटिंग में व्यस्त होने के कारण बात नहीं हो सकी। उनसे पूछा गया कि उनके अंडर वाले चेक पॉइंट पर क्या मंथली सिस्टम है। उन्होंने इनकार किया और कहा कि यहां कोई मंथली सिस्टम नहीं है। हर वाहन का चालान काटकर रसीद दी जाती है। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… RTO के वसूलीबाज अफसरों को चेक पॉइंट से हटाया एमपी में सरकारी अफसर रिश्वत और वसूली की डील करते हुए कैमरे में कैद हो जाएं, लेकिन सरकार को इससे फर्क नहीं पड़ता। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। भास्कर ने मप्र के परिवहन चेक पॉइंट्स पर तैनात कर्मचारियों और अफसरों से अवैध वसूली की डील की थी। पढ़ें पूरी खबर

जरूरत की खबर- 7 देसी समर ड्रिंक्स:लू और डिहाइड्रेशन से बचाए, शरीर को दे इंस्टेंट कूलिंग, जानें घर पर बनाने के आसान तरीके

जरूरत की खबर- 7 देसी समर ड्रिंक्स:लू और डिहाइड्रेशन से बचाए, शरीर को दे इंस्टेंट कूलिंग, जानें घर पर बनाने के आसान तरीके

गर्मियों में तेज धूप और ज्यादा पसीने के कारण शरीर से पानी के साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं होता है। घर पर बने नेचुरल और पारंपरिक ड्रिंक्स शरीर को अंदर से ठंडक देते हैं। साथ ही डिहाइड्रेशन, थकान व हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं। इसलिए ‘जरूरत की खबर‘ में आज हम आपको 7 नेचुरल समर हाइड्रेशन ड्रिंक्स के बारे में बताएंगे, जो शरीर को अंदर से कूल रखते हैं। एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- कौन से नेचुरल ड्रिंक्स शरीर को हाइड्रेट करते हैं? जवाब- कई नेचुरल ड्रिंक्स शरीर में पानी, ग्लूकोज, विटामिन और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखते हैं। आम-पना, सत्तू, बेल, छाछ और जलजीरा एनर्जी देने के साथ पाचन में मदद करते हैं। नीचे ग्राफिक में बेस्ट समर हाइड्रेशन ड्रिंक्स की लिस्ट देखिए- अब इन ड्रिंक्स को बनाने का तरीका और उनके फायदे देखते हैं- आमपना आमपना गर्मियों में लू और धूप से बचाता है। यह शरीर को ठंडक देता है और इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद ताजगी देता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में आमपना बनाने की विधि देखिए- आमपना के हेल्थ बेनिफिट्स सत्तू का शरबत सत्तू का शरबत गर्मियों में शरीर को ठंडा और एनर्जेटिक रखने वाला देसी ड्रिंक है। भुने चने से बना सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखता है। यह डिहाइड्रेशन से बचाता है और शरीर को कूल रखता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में सत्तू का शरबत बनाने की विधि देखिए- सत्तू शरबत के हेल्थ बेनिफिट्स बेल का शरबत बेल का शरबत एक पारंपरिक और औषधीय ड्रिंक है। यह पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है और कब्ज, एसिडिटी व पेट की गर्मी को कम करता है। नियमित सेवन से शरीर ठंडा रहता है और लू का खतरा कम होता है। इसे गर्मियों में नेचुरल कूलिंग ड्रिंक के रूप में पसंद किया जाता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में बेल का शरबत बनाने की विधि देखिए- बेल का शरबत पीने के फायदे खीरा-पुदीना ड्रिंक यह ड्रिंक शरीर को हाइड्रेट और फ्रेश रखता है। खीरे में ज्यादा पानी होने से ठंडक मिलती है। पुदीना ताजगी देता है और पाचन सुधारता है। यह ड्रिंक डिटॉक्स करता है और स्किन को हाइड्रेट रखता है। इससे पूरा दिन तरोताजा महसूस होता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में खीरा-पुदीना ड्रिंक बनाने की विधि देखिए- खीरा-पुदीना ड्रिंक के फायदे नींबू पानी नींबू-नमक पानी गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट और एनर्जेटिक रखता है। यह इलेक्ट्रोलाइट्स संतुलन बनाए रखता है। यह हल्का ड्रिंक थकान कम करता है और पाचन सुधारता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में नींबू-नमक और पानी वाला ड्रिंक बनाने की विधि देखिए- नींबू-पानी पीने के फायदे छाछ छाछ गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने और पाचन सुधारने वाला पारंपरिक और हेल्दी ड्रिंक है। इसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आंतों के लिए फायदेमंद हैं और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत देते हैं। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में छाछ ड्रिंक बनाने की विधि देखिए- छाछ पीने के फायदे जलजीरा पुदीना, जीरा और काला नमक से बना यह ड्रिंक गैस, अपच और एसिडिटी में राहत देता है। इसका खट्टा-चटपटा स्वाद भूख बढ़ाता है और शरीर को तुरंत तरोताजा करता है। इसे गर्मियों में पसंद किया जाता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में जलजीरा बनाने की विधि देखिए- जलजीरा पीने के फायदे सवाल- ड्रिंक्स बनाते समय क्या सावधानियां बरतनी जरूरी है? जवाब- गर्मी में हाइड्रेशन ड्रिंक्स बनाते समय हाइजीन और संतुलन का खास ध्यान रखना जरूरी है। जैसेकि- ……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- धूप में जाने से पहले सनस्क्रीन जरूरी: जानिए SPF 15, 30 या 50 में फर्क, किस स्किन के लिए कौन-सी क्रीम है बेस्ट गर्मियों में बाहर निकलते ही तेज धूप का सामना करना पड़ता है। असल में सूरज की किरणों में अल्ट्रावॉयलेट रेज (UV रेज) होती हैं। ज्यादा देर धूप में रहने से ये धीरे-धीरे स्किन को डैमेज करती हैं। ऐसे में SPF (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) सनस्क्रीन स्किन को प्रोटेक्ट कर सकता है। आगे पढ़िए…