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RTO दलाली के नेटवर्क की ‘सरगना मैडम’ कौन?:सामने नहीं आतीं, स्टाफ करता है पैकेज की डील; रकम मैडम ही तय करती हैं

RTO दलाली के नेटवर्क की ‘सरगना मैडम’ कौन?:सामने नहीं आतीं, स्टाफ करता है पैकेज की डील; रकम मैडम ही तय करती हैं

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर आरटीओ चेक पॉइंट पर वसूली का नेक्सस चल रहा है, जिसकी कमान एक ‘मैडम’ के हाथ में है। यहां खाकी वर्दी पहने सिपाही मोहरे हैं। असली डील और फाइनल अप्रूवल ‘मैडम’ देती हैं। डिस्काउंट और सख्ती भी उन्हीं के आदेश पर होती है। भास्कर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन टीम ने नेटवर्क की पड़ताल की, जिसमें लगातार ‘मैडम’ का जिक्र हुआ। सामने आया कि इस चेक पॉइंट पर प्रभारी अनामिका कोली समेत 5 महिलाएं तैनात हैं, जिनमें से किसी एक पर नेटवर्क चलाने की आशंका है। 15 दिन पहले भास्कर ने दलाली नेटवर्क का खुलासा किया था, जिसके बाद कॉन्स्टेबल आरपी सिंह हनोतिया और अमित झरबड़े का ट्रांसफर हुआ। इसके बावजूद अब खुलेआम के बजाय छिपकर वसूली जारी है। आखिर कौन हैं ‘मैडम’? और कैसे चलता है यह नेटवर्क, पढ़िए रिपोर्ट… वॉट्सएप से शुरू हुआ ‘मैडम’ का नेटवर्क वसूली नेटवर्क के खुलासे के लिए भास्कर रिपोर्टर ने खिलचीपुर चेक पॉइंट के कर्मचारियों और अफसरों से संपर्क किया। इसी दौरान प्रभारी अनामिका कोली का नंबर मिला और वॉट्सएप पर बातचीत हुई। उन्होंने रिपोर्टर को दोपहर 12 से शाम 6 बजे के बीच ऑफिस आने को कहा, लेकिन बार-बार पुष्टि पर नाराजगी जताई। अगले दिन उन्होंने कहा कि उनका स्टाफ बात करेगा। इसके बाद कर्मचारी अमित झरबड़े का फोन आया, जिसने रिपोर्टर को मिलने बुलाया। चेकपोस्ट का ‘रेट कार्ड’: ₹700 से ₹60,000 तक खिलचीपुर चेकपोस्ट पर रिपोर्टर के पहुंचने पर रिश्वत के तय रेट सामने आए। कॉन्स्टेबल अमित और आरपी सिंह हनोतिया ने 15 गाड़ियों की सूची देखकर वसूली का ‘रेट कार्ड’ बताया। सिपाही ने कहा कि भुगतान होते ही गाड़ियों के नंबर वॉट्सएप ग्रुप में डाल दिए जाएंगे और ड्राइवरों को नहीं रोका जाएगा। जब ‘मैडम’ ने ठुकराया छूट का प्रस्ताव 15 गाड़ियों के लिए ₹60,000 मासिक वसूली तय थी। रिपोर्टर ने ₹40,000 का प्रस्ताव दिया। सिपाही ने ₹50,000 तक की बात कही, लेकिन अंतिम निर्णय ‘मैडम’ पर छोड़ा। बाद में बताया कि ‘मैडम’ ₹50,000 पर सहमत नहीं हैं और ₹4000 प्रति गाड़ी, यानी ₹60,000 ही लेना होगा। अनामिका कोली की सफाई: “कौन सी मैडम, मुझे नहीं पता” स्टिंग में ‘मैडम’ शब्द पर सवाल पूछने पर प्रभारी अनामिका कोली ने खुद को अलग बताया। उन्होंने कहा कि मेरे साथ 3-4 महिलाएं और हैं। सिपाही किस मैडम की बात कर रहे थे। मुझे जानकारी नहीं है। समराथल ट्रांसपोर्ट के प्रतिनिधि से मुलाकात न करने पर बोलीं- संबंधित लोगों को ऑफिस बुलाया था। मीटिंग में व्यस्त होने के कारण बात नहीं हो सकी। उनसे पूछा गया कि उनके अंडर वाले चेक पॉइंट पर क्या मंथली सिस्टम है। उन्होंने इनकार किया और कहा कि यहां कोई मंथली सिस्टम नहीं है। हर वाहन का चालान काटकर रसीद दी जाती है। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… RTO के वसूलीबाज अफसरों को चेक पॉइंट से हटाया एमपी में सरकारी अफसर रिश्वत और वसूली की डील करते हुए कैमरे में कैद हो जाएं, लेकिन सरकार को इससे फर्क नहीं पड़ता। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। भास्कर ने मप्र के परिवहन चेक पॉइंट्स पर तैनात कर्मचारियों और अफसरों से अवैध वसूली की डील की थी। पढ़ें पूरी खबर

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RTO दलाली के नेटवर्क की ‘सरगना मैडम’ कौन?:सामने नहीं आतीं, स्टाफ करता है पैकेज की डील; रकम मैडम ही तय करती हैं

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर आरटीओ चेक पॉइंट पर वसूली का नेक्सस चल रहा है, जिसकी कमान एक ‘मैडम’ के हाथ में है। यहां खाकी वर्दी पहने सिपाही मोहरे हैं। असली डील और फाइनल अप्रूवल ‘मैडम’ देती हैं। डिस्काउंट और सख्ती भी उन्हीं के आदेश पर होती है। भास्कर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन टीम ने नेटवर्क की पड़ताल की, जिसमें लगातार ‘मैडम’ का जिक्र हुआ। सामने आया कि इस चेक पॉइंट पर प्रभारी अनामिका कोली समेत 5 महिलाएं तैनात हैं, जिनमें से किसी एक पर नेटवर्क चलाने की आशंका है। 15 दिन पहले भास्कर ने दलाली नेटवर्क का खुलासा किया था, जिसके बाद कॉन्स्टेबल आरपी सिंह हनोतिया और अमित झरबड़े का ट्रांसफर हुआ। इसके बावजूद अब खुलेआम के बजाय छिपकर वसूली जारी है। आखिर कौन हैं ‘मैडम’? और कैसे चलता है यह नेटवर्क, पढ़िए रिपोर्ट… वॉट्सएप से शुरू हुआ ‘मैडम’ का नेटवर्क वसूली नेटवर्क के खुलासे के लिए भास्कर रिपोर्टर ने खिलचीपुर चेक पॉइंट के कर्मचारियों और अफसरों से संपर्क किया। इसी दौरान प्रभारी अनामिका कोली का नंबर मिला और वॉट्सएप पर बातचीत हुई। उन्होंने रिपोर्टर को दोपहर 12 से शाम 6 बजे के बीच ऑफिस आने को कहा, लेकिन बार-बार पुष्टि पर नाराजगी जताई। अगले दिन उन्होंने कहा कि उनका स्टाफ बात करेगा। इसके बाद कर्मचारी अमित झरबड़े का फोन आया, जिसने रिपोर्टर को मिलने बुलाया। चेकपोस्ट का ‘रेट कार्ड’: ₹700 से ₹60,000 तक खिलचीपुर चेकपोस्ट पर रिपोर्टर के पहुंचने पर रिश्वत के तय रेट सामने आए। कॉन्स्टेबल अमित और आरपी सिंह हनोतिया ने 15 गाड़ियों की सूची देखकर वसूली का ‘रेट कार्ड’ बताया। सिपाही ने कहा कि भुगतान होते ही गाड़ियों के नंबर वॉट्सएप ग्रुप में डाल दिए जाएंगे और ड्राइवरों को नहीं रोका जाएगा। जब ‘मैडम’ ने ठुकराया छूट का प्रस्ताव 15 गाड़ियों के लिए ₹60,000 मासिक वसूली तय थी। रिपोर्टर ने ₹40,000 का प्रस्ताव दिया। सिपाही ने ₹50,000 तक की बात कही, लेकिन अंतिम निर्णय ‘मैडम’ पर छोड़ा। बाद में बताया कि ‘मैडम’ ₹50,000 पर सहमत नहीं हैं और ₹4000 प्रति गाड़ी, यानी ₹60,000 ही लेना होगा। अनामिका कोली की सफाई: “कौन सी मैडम, मुझे नहीं पता” स्टिंग में ‘मैडम’ शब्द पर सवाल पूछने पर प्रभारी अनामिका कोली ने खुद को अलग बताया। उन्होंने कहा कि मेरे साथ 3-4 महिलाएं और हैं। सिपाही किस मैडम की बात कर रहे थे। मुझे जानकारी नहीं है। समराथल ट्रांसपोर्ट के प्रतिनिधि से मुलाकात न करने पर बोलीं- संबंधित लोगों को ऑफिस बुलाया था। मीटिंग में व्यस्त होने के कारण बात नहीं हो सकी। उनसे पूछा गया कि उनके अंडर वाले चेक पॉइंट पर क्या मंथली सिस्टम है। उन्होंने इनकार किया और कहा कि यहां कोई मंथली सिस्टम नहीं है। हर वाहन का चालान काटकर रसीद दी जाती है। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… RTO के वसूलीबाज अफसरों को चेक पॉइंट से हटाया एमपी में सरकारी अफसर रिश्वत और वसूली की डील करते हुए कैमरे में कैद हो जाएं, लेकिन सरकार को इससे फर्क नहीं पड़ता। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। भास्कर ने मप्र के परिवहन चेक पॉइंट्स पर तैनात कर्मचारियों और अफसरों से अवैध वसूली की डील की थी। पढ़ें पूरी खबर

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