Friday, 23 Oct 2026 | 12:41 AM

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ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी शख्स जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारियों ने खाता धारक को लाने को कहा। जीतू बैंक में पहले ही कलारा की मौत की जानकारी दे चुका था। फिर भी उसे कोई मदद नहीं मिली, इससे परेशान होकर उसने कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में पेश किया। बहन का कंकाल कंधे पर लेकर जीतू करीब 3 किमी पैदल चला। फिर मल्लिपसी में बने ओडिशा ग्रामीण बैंक ब्रांच के बरामदे में कंकाल को रख दिया। इसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, जीतू अनपढ़ है और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था। प्रशासन ने उसे नियम समझाए और जल्द पैसे दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बैंक के बरामदे में रखे कंकाल की तस्वीर… कंकाल देखकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस बुलाई पटना पुलिस के अनुसार, जीतू पढ़ा-लिखा नहीं है। आदिवासी जनजाति का है और कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान है। स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) किरण प्रसाद साहू ने कहा, “जीतू को नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी भी उसे मृतक के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया नहीं समझा पाए। पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में, पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। आखिर क्यों चाहिए थे जीतू को बहन के खाते में जमा रुपए डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा जिस महिला का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, वह उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा थी। कालरा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो गई थी। कालरा मुंडा के बैंक खाते में नॉमिनेट पति और बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसलिए, उनके नाम पर जमा पैसे का जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके लिए यह राशि बेहद अहम थी और जीवनयापन का सहारा मानी जा रही थी।

ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी शख्स जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारियों ने खाता धारक को लाने को कहा। जीतू बैंक में पहले ही कलारा की मौत की जानकारी दे चुका था। फिर भी उसे कोई मदद नहीं मिली, इससे परेशान होकर उसने कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में पेश किया। बहन का कंकाल कंधे पर लेकर जीतू करीब 3 किमी पैदल चला। फिर मल्लिपसी में बने ओडिशा ग्रामीण बैंक ब्रांच के बरामदे में कंकाल को रख दिया। इसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, जीतू अनपढ़ है और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था। प्रशासन ने उसे नियम समझाए और जल्द पैसे दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बैंक के बरामदे में रखे कंकाल की तस्वीर… कंकाल देखकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस बुलाई पटना पुलिस के अनुसार, जीतू पढ़ा-लिखा नहीं है। आदिवासी जनजाति का है और कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान है। स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) किरण प्रसाद साहू ने कहा, “जीतू को नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी भी उसे मृतक के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया नहीं समझा पाए। पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में, पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। आखिर क्यों चाहिए थे जीतू को बहन के खाते में जमा रुपए डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा जिस महिला का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, वह उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा थी। कालरा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो गई थी। कालरा मुंडा के बैंक खाते में नॉमिनेट पति और बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसलिए, उनके नाम पर जमा पैसे का जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके लिए यह राशि बेहद अहम थी और जीवनयापन का सहारा मानी जा रही थी।

ट्रेन से टुकड़ों में कटा किसान…मौत से पहले का VIDEO:बोला- पूर्व विधायक भार्गव हत्या कराना चाहते थे, शिवराज मामा को गोली मारने रिवॉल्वर दी

ट्रेन से टुकड़ों में कटा किसान…मौत से पहले का VIDEO:बोला- पूर्व विधायक भार्गव हत्या कराना चाहते थे, शिवराज मामा को गोली मारने रिवॉल्वर दी

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सोमवार शाम 4 बजे किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। रेलवे ट्रैक पर किसान का सिर और धड़ अलग-अलग हालत में मिले। मृतक की पहचान बेहलोट गांव निवासी गोविंद गुर्जर के रूप में हुई है। किसान ने मरने से पहले वीडियो बनाया था, जिसे अलग-अलग लोगों को भेजा। वीडियो में वह कह रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उससे हत्या कराना चाह रहे हैं। भार्गव कहते हैं कि शिवराज मामा और मुकेश टंडन की हत्या करेगा, तभी पैसे मिलेंगे। वह उनकी प्रताड़ना से तंग आ गया था। जानकारी के मुताबिक, किसान ने पांच वीडियो बनाए थे। अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे। कुछ वीडियो ग्राम पंचायत बेहलोट के सरपंच पुत्र लकी गुर्जर को भी भेजे गए। वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें उसने अपनी आपबीती बयान की है। फसल बोने के लिए कर्ज लिया था गोविंद सिंह गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वे पिछले तीन साल (2023, 2024 और 2025) से पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन पर बटाईदारी के आधार पर खेती कर रहे थे। उन्होंने धान और गेहूं की फसल बोने के लिए कर्ज लिया था। समझौते के अनुसार, फसल की आमदनी दोनों के बीच बराबर बांटी जानी थी। भार्गव ने धान की फसल से हुई पूरी आमदनी रोक ली गोविंद के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने के बाद भार्गव ने धान की फसल की पूरी आमदनी रोक ली। इसके बाद गेहूं की फसल के पैसे भी अपने पास रख लिए। जब वे पैसे मांगने गए, तो उन्हें स्टांप पेपर लाने के लिए कहा गया। गोविंद का दावा है कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए उनसे ऐसे दस्तावेज पर दस्तखत करवा लिए गए, जिसे किसी और ने लिखा था। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगले दिन भुगतान कर दिया जाएगा। तीन साल से कर्ज लेकर कर रहा था खेती गोविंद गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वह पिछले तीन साल से शशांक भार्गव की जमीन बटाई पर लेकर कर्ज के सहारे खेती कर रहा था। उसने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग लगने के बाद दो साल तक फसल की रकम रोक ली गई। जब वह पैसा लेने पहुंचा, तो उससे स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी कर हस्ताक्षर कराए गए। अगले दिन भुगतान का आश्वासन दिया गया। हत्या के लिए दबाव और धमकाने के आरोप गोविंद के अनुसार, जब वह दोबारा पैसे लेने पहुंचा, तो आरोप है कि शशांक भार्गव ने उसे रिवॉल्वर थमा दिया। कहा कि शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को मार दे। मना करने पर अपने गुंडों के जरिए दबाव बनाया और मारपीट भी करवाई। उसने पांच-छह लोगों पर हमले के आरोप भी लगाए। बेटे ने लगाए गंभीर आरोप मृतक के बेटे दीपक गुर्जर ने बताया कि उनके पिता पूर्व विधायक शशांक भार्गव के यहां जमीन संभालते थे, लेकिन उन्हें काम का पैसा नहीं दिया गया। पैसे मांगने पर उन्हें धमकाया गया। बेटे का दावा है कि भार्गव ने कहा था कि पैसे तभी मिलेंगे, जब वह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को गोली मार देगा। साथ ही धोखे से हस्ताक्षर कराकर जमीन भी हड़प ली गई। बेटे ने पिता की मौत के लिए सीधे तौर पर शशांक भार्गव को जिम्मेदार ठहराया है। समाज और नेताओं से लगाई मदद की गुहार अन्य वीडियो में गोविंद गुर्जर ने गुर्जर समाज से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई। कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह चूड़ी पहन लेगा। साथ ही उसने राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट और उत्तर प्रदेश के सपा नेता अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाई। पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला संवेदनशील होने के कारण हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया साजिश वहीं, पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

ट्रेन से टुकड़ों में कटा किसान…मौत से पहले का VIDEO:बोला- पूर्व विधायक मुझसे हत्या कराना चाहते थे; शिवराज मामा को गोली मारने रिवॉल्वर दी

ट्रेन से टुकड़ों में कटा किसान…मौत से पहले का VIDEO:बोला- पूर्व विधायक मुझसे हत्या कराना चाहते थे; शिवराज मामा को गोली मारने रिवॉल्वर दी

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सोमवार शाम 4 बजे किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। रेलवे ट्रैक पर किसान का सिर और धड़ अलग-अलग हालत में मिले। मृतक की पहचान बेहलोट गांव निवासी गोविंद गुर्जर के रूप में हुई है। किसान ने मरने से पहले वीडियो बनाया था, जिसे अलग-अलग लोगों को भेजा। वीडियो में वह कह रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उससे हत्या कराना चाह रहे हैं। भार्गव कहते हैं कि शिवराज मामा और मुकेश टंडन की हत्या करेगा, तभी पैसे मिलेंगे। वह उनकी प्रताड़ना से तंग आ गया था। जानकारी के मुताबिक, किसान ने पांच वीडियो बनाए थे। अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे। कुछ वीडियो ग्राम पंचायत बेहलोट के सरपंच पुत्र लकी गुर्जर को भी भेजे गए। वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें उसने अपनी आपबीती बयान की है। फसल बोने के लिए कर्ज लिया था गोविंद सिंह गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वे पिछले तीन साल (2023, 2024 और 2025) से पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन पर बटाईदारी के आधार पर खेती कर रहे थे। उन्होंने धान और गेहूं की फसल बोने के लिए कर्ज लिया था। समझौते के अनुसार, फसल की आमदनी दोनों के बीच बराबर बांटी जानी थी। भार्गव ने धान की फसल से हुई पूरी आमदनी रोक ली गोविंद के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने के बाद भार्गव ने धान की फसल की पूरी आमदनी रोक ली। इसके बाद गेहूं की फसल के पैसे भी अपने पास रख लिए। जब वे पैसे मांगने गए, तो उन्हें स्टांप पेपर लाने के लिए कहा गया। गोविंद का दावा है कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए उनसे ऐसे दस्तावेज पर दस्तखत करवा लिए गए, जिसे किसी और ने लिखा था। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगले दिन भुगतान कर दिया जाएगा। तीन साल से कर्ज लेकर कर रहा था खेती गोविंद गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वह पिछले तीन साल से शशांक भार्गव की जमीन बटाई पर लेकर कर्ज के सहारे खेती कर रहा था। उसने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग लगने के बाद दो साल तक फसल की रकम रोक ली गई। जब वह पैसा लेने पहुंचा, तो उससे स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी कर हस्ताक्षर कराए गए। अगले दिन भुगतान का आश्वासन दिया गया। हत्या के लिए दबाव और धमकाने के आरोप गोविंद के अनुसार, जब वह दोबारा पैसे लेने पहुंचा, तो आरोप है कि शशांक भार्गव ने उसे रिवॉल्वर थमा दिया। कहा कि शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को मार दे। मना करने पर अपने गुंडों के जरिए दबाव बनाया और मारपीट भी करवाई। उसने पांच-छह लोगों पर हमले के आरोप भी लगाए। बेटे ने लगाए गंभीर आरोप मृतक के बेटे दीपक गुर्जर ने बताया कि उनके पिता पूर्व विधायक शशांक भार्गव के यहां जमीन संभालते थे, लेकिन उन्हें काम का पैसा नहीं दिया गया। पैसे मांगने पर उन्हें धमकाया गया। बेटे का दावा है कि भार्गव ने कहा था कि पैसे तभी मिलेंगे, जब वह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को गोली मार देगा। साथ ही धोखे से हस्ताक्षर कराकर जमीन भी हड़प ली गई। बेटे ने पिता की मौत के लिए सीधे तौर पर शशांक भार्गव को जिम्मेदार ठहराया है। समाज और नेताओं से लगाई मदद की गुहार अन्य वीडियो में गोविंद गुर्जर ने गुर्जर समाज से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई। कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह चूड़ी पहन लेगा। साथ ही उसने राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट और उत्तर प्रदेश के सपा नेता अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाई। पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला संवेदनशील होने के कारण हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया साजिश वहीं, पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

डेली कॉलेज चुनाव: नए संविधान पर लगी मुहर:अब सिर्फ दो श्रेणियों में होगा मुकाबला; ओडीए में विरोध के स्वर तेज

डेली कॉलेज चुनाव: नए संविधान पर लगी मुहर:अब सिर्फ दो श्रेणियों में होगा मुकाबला; ओडीए में विरोध के स्वर तेज

डेली कॉलेज के आगामी चुनाव को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। फर्म एंड सोसायटी ने कॉलेज के नए संविधान संशोधन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है, जिसकी आधिकारिक प्रति मुख्य चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस सुशील गुप्ता के पास पहुंच गई है। शासन की इस हरी झंडी के साथ ही अब यह तय हो गया है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया नए नियमों के तहत ही संपन्न कराई जाएगी। नए बदलावों के बाद अब निर्वाचन का दायरा सीमित हो गया है और केवल दो श्रेणियों के लिए ही वोट डाले जाएंगे। संशोधित संविधान के प्रावधानों के अनुसार, अब चुनाव मुख्य रूप से ‘न्यू डोनर कैटेगरी (2B2)’ और ‘पुराने डोनर कैटेगरी (2B1)’ के लिए आयोजित किए जाएंगे। जहां पुराने डोनर्स की श्रेणी से दो सदस्यों का चयन मतदान के जरिए होगा, वहीं न्यू डोनर कैटेगरी के लिए भी चुनावी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव ‘ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन’ (ओडीए) यानी कैटेगरी 2C में देखने को मिला है। पहले इस श्रेणी से दो सदस्यों का चुनाव होकर बोर्ड में जाने का प्रावधान था, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अब ओडीए के अध्यक्ष और सचिव सीधे बोर्ड का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा, एक प्रतिष्ठित छात्र को भी बोर्ड में शामिल किया जाएगा, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया चयन (Selection) पर आधारित होगी, न कि निर्वाचन पर। प्रबंधन और बोर्ड इस बदलाव को कॉलेज के हित में बता रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे बार-बार चुनाव कराने की जटिलता खत्म होगी। साथ ही, ओडीए के निर्वाचित पदाधिकारी जब सीधे बोर्ड में बैठेंगे, तो वे पूर्व छात्रों की समस्याओं और सुझावों को अधिक प्रभावी ढंग से शासन के सामने रख सकेंगे। हालांकि, इस फैसले ने ओडीए के भीतर एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। एसोसिएशन का एक गुट इस संशोधन का पुरजोर विरोध कर रहा है। विरोधियों का कहना है कि मतदान का अधिकार छीनने से ओडीए के लोकतांत्रिक अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। विरोधी गुट का मुख्य तकनीकी ऐतराज चुनाव के शेड्यूल और संविधान लागू होने की तारीख को लेकर है। उनका तर्क है कि जब 21 अप्रैल को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई थी, तब पुराना संविधान ही प्रभावी था। फर्म एंड सोसायटी से नए संविधान की सत्यापित प्रति 23 अप्रैल को प्राप्त हुई है, ऐसे में प्रक्रिया के बीच में नए नियमों को थोपना नियम विरुद्ध है। माना जा रहा है कि यह मामला जल्द ही कानूनी मोड़ ले सकता है और विरोधी गुट इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की नामांकन प्रक्रिया 28 और 29 अप्रैल को संपन्न होगी। इसके बाद 4 मई से 19 मई के बीच डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) जारी किए जाएंगे, जिन्हें 20 मई तक वापस जमा करना होगा। चुनाव का मुख्य चरण 21 मई को होगा, जिसमें स्थानीय मतदाता वोट डालेंगे। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी और देर शाम तक चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी। फिलहाल, नए संविधान की मंजूरी ने कॉलेज की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और सबकी नजरें अब हाईकोर्ट के संभावित रुख पर टिकी हैं।

जीजा ने साले को 24 बार मारे चाकू, VIDEO:बहन को परेशान करते थे, समझाने आया था; जीजा के भाई और पिता ने भी किया हमला

जीजा ने साले को 24 बार मारे चाकू, VIDEO:बहन को परेशान करते थे, समझाने आया था; जीजा के भाई और पिता ने भी किया हमला

ग्वालियर में एक साले को उसके ही जीजा ने चाकू से 24 वार किए हैं। घटना का एक VIDEO भी सामने आया है जिसमें जीजा सब्जी काटने वाला चाकू मारता हुआ दिख रहा है। चाकू पेट, गर्दन, पीठ व सीने पर लगा है। हमले में बहनोई, उसका भाई व पिता भी शामिल हैं। गंभीर हालत में घायल युवक को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना दो दिन पहले की है, लेकिन पुलिस ने हमलावरों को सोमवार को गिरफ्तार किया है। घटना का एक वीडियो भी सोमवार को सामने आया है, जिसमें साले पर उसका जीजा चाकू मारता नजर आ रहा है। आखिर में वह उसे सड़क पर पड़ा छोड़कर बाइक लेकर भाग जाता है। घटना मेहरा कॉलोनी थाटीपुर की है। पुलिस ने जीजा-उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। देखिए युवक पर हमले की तस्वीरें… ऐसे समझिए पूरा मामला मुरैना निवासी देवेन्द्र रजक की बहन की शादी 4 साल पहले ग्वालियर के थाटीपुर मेहरा कॉलोनी में रहने वाले कृष्णा रजक के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही देवेन्द्र की बहन को उसका पति कृष्णा, देवर सोनू व ससुर रामअवतार परेशान करते थे। 25 अप्रैल को मुरैना से देवेन्द्र बहन की ससुराल बातचीत करने पहुंचा था, लेकिन उसके आते ही उसके बहनोई कृष्णा ने अभद्रता कर दी और पत्नी को भेजने से मना कर दिया। जिस पर वहां मुंहवाद शुरू हो गया। चाकू से ताबड़तोड़ किए वार देवेन्द्र ने गाली गलौज की तो उसका बहनोई कृष्णा, उसका भाई सोनू व पिता रामअवतार नाराज हो गए। सबसे पहले बहनोई अंदर गया और सब्जी काटने वाला चाकू उठा लाया। इसके बाद वह देवेन्द्र पर टूट पड़ा। घायल पड़ा छोड़कर भाग गए साले पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला करने के बाद जीजा कृष्णा रजक बाइक उठाकर भाग गया। उसका भाई सोनू व पिता वहां कुछ देर खड़े रहे, लेकिन उसके बाद वह भी वहां से भाग गए। कुछ स्थानीय लोगों की मदद से बहन ने घायल भाई को अस्पताल पहुंचाया है, जहां उसकी हालत गंभीर है। सीएसपी मुरार अतुल सोनी ने बताया कि युवक का गला रेत कर हत्या का प्रयास करने वाले उसके बहनोई कृष्णा और देवर सोनू को पकड़ लिया है। ससुर अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगी हुई है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।

गर्मियों में मटका पानी: 99% लोगों को नहीं पता कि मटके में रखा पानी कब मिलना चाहिए? जान लें सही उपाय; अन्य पढाई स्वास्थ्य पर भारी

तस्वीर का विवरण

ज्यादातर लोग इस बात को जरूर स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन मटके का पानी हर 24 घंटे में एक बार बदलना चाहिए। अगर बहुत ज्यादा गर्मी है, तो 12-18 घंटे के भीतर पानी बेहतर होता है। छवि: सोशल मीडिया मटके में लंबे समय तक पानी में रहने वाले बैथने का कारण बन सकते हैं। पानी का स्वाद और क्वालिटी ख़राब हो जाती है। इससे पेट खराब, गैस या संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छवि: एआई पुराना पानी पूरी तरह खाली करें। मटके को साफ पानी से 2-3 बार एक्सचेंज करें। सप्ताह में 1-2 बार मटके कोम्पोन या सोडा सोडा से साफ करें। पूरी तरह से अनइंस्टॉल के बाद ही नया पानी भरना शामिल है। छवि: एआई मटके को हमेशा पढ़ें। पानी निकालने के लिए साफ लोटा या नाल का उपयोग करें। हाथ से चलने वाली पानी की बोतलें। छवि: एआई मटके को वांछनीय और छायादार जगह पर रखें। रोज़ ताज़ा पानी भरना। जरूरत हो तो थोड़ा ठंडा पानी का औसत तापमान। छवि: सोशल मीडिया मटके का वॉटर प्लांट स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन उसकी सही देखभाल और पानी पर समय देना बहुत जरूरी है। छवि: एआई यदि आप प्रतिदिन ताज़ा पानी का उपयोग करते हैं, तो आप और आपका परिवार गर्मी में सुरक्षित और स्वस्थ रहेंगे। छवि: एआई अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

बैठने का तरीका और ये एक चीज है कमर दर्द की असली वजह, एक्सपर्ट की मानें बात, मिलेगा जल्दी आराम

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Last Updated:April 27, 2026, 23:18 IST Treatment Of Back Pain In Women: जीवनशेली ऐसी हो चली है कि आजकल महिलाओं में कमर दर्द के मामले बढ़ते जा रहे हैं. समय रहते महिलाएं इसपर ध्यान भी नहीं देती हैं. लापरवाही बाद में समस्या का रूप धारण कर लेता है. डॉ हरीश ने फिजियोथेरेपी, स्ट्रेचिंग, सही पोश्चर में सोने और जीवनशैली में बदलाव से राहत की सलाह दी. उनका कहना है कि जब भी ऐसा महसूस हो कि कमर में तेज दर्द है तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें. जोधपुर. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाओं के बीच कमर दर्द एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है. ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करना, घर के कामों का दबाव, बच्चों की देखभाल और लगातार शारीरिक मेहनत इसकी बड़ी वजह बन रही है. विशेषज्ञों के अनुसार कई महिलाएं शुरुआती दर्द को नजरअंदाज कर देती हैं, जो आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है. अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान दिया जाए, तो बिना दवाइयों के भी राहत पाई जा सकती है. फिजियोथेरेपी के जरिए इसका प्राकृतिक उपचार संभव है. इस वजह से कमर दर्द से पीड़ित हैं महिलाएं कमर दर्द के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं. खराब पोश्चर यानी गलत तरीके से बैठना या खड़े रहना, मांसपेशियों की कमजोरी, विटामिन D और B12 की कमी, भारी सामान उठाना और लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना इस समस्या को बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा हार्मोनल बदलाव भी महिलाओं में कमर दर्द को बढ़ाने वाले कारणों में शामिल हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते इन कारणों की पहचान कर सही समाधान अपनाना जरूरी है. विशेषज्ञों की मानें तो इस चीज से मिलेगी राहत फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ हरीश के मुताबिक इस समस्या का बिना दवा प्राकृतिक तरीके से इलाज संभव है. नियमित फिजियोथेरेपी, स्ट्रेचिंग और जरूरी एक्सरसाइज के जरिए कमर दर्द में काफी हद तक राहत मिल सकती है. साथ ही यदि दर्द हार्मोनल बदलाव या अन्य शारीरिक कारणों से जुड़ा है, तो डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है. सही समय पर उपचार मिलने से गंभीर स्थिति बनने से रोका जा सकता है और बेहतर जीवनशैली अपनाई जा सकती है. ये एक काम करना बहित जरूरी डॉ हरीश का मानना है कि महिलाएं अगर अपने दैनिक जीवन में कुछ जरूरी बदलाव करें, तो कमर दर्द से काफी हद तक बचा जा सकता है. सही पोश्चर अपनाना, नियमित व्यायाम करना, लंबे समय तक लगातार बैठने या खड़े रहने से बचना और शरीर को पर्याप्त आराम देना बेहद जरूरी है. जागरूकता, सावधानी और समय पर उपचार के जरिए महिलाएं घर बैठे भी इस समस्या से राहत पा सकती हैं और स्वस्थ जीवन जी सकती हैं. डिस्क्लेमर- वीडियो में बताए गए व्यायाम या उपाय घर पर करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह जरूर लें. बिना फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ या डॉक्टर के परामर्श के किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज न करें. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan First Published : April 27, 2026, 23:18 IST

प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला, स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा:पन्ना में बारिश के बीच परिजन को 27 किमी दूर सलेहा अस्पताल ले जाना पड़ा

प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला, स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा:पन्ना में बारिश के बीच परिजन को 27 किमी दूर सलेहा अस्पताल ले जाना पड़ा

जिले में सोमवार रात कल्दा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान इलाज के लिए घंटों भटकना पड़ा। जानकारी के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे सकतरा गांव की रहने वाली वंदना वर्मा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन ने 108 एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें रात 9:30 बजे कल्दा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। बाहर तेज बारिश हो रही थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि वहां मुख्य द्वार पर ताला लगा है। तेज बारिश में भटकना पड़ा महिला के ससुर रामखिलावन के अनुसार, अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर था और न ही कोई कर्मचारी। काफी देर तक मदद न मिलने के बाद एम्बुलेंस को वापस मोड़ना पड़ा। मजबूर होकर परिजन इस गंभीर स्थिति और खराब मौसम के बीच वंदना को 27 किलोमीटर दूर सलेहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। परिजन ने स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही पर भारी नाराजगी जताई है। जांच की बात कह रहे अधिकारी इस घटना के बाद पन्ना के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) राजेश प्रसाद तिवारी ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे इस बात की जांच कराएंगे कि आखिर रात के समय स्वास्थ्य केंद्र पर ताला क्यों लगा था और स्टाफ ड्यूटी से गायब क्यों था।

विदिशा में किसान ट्रेन के सामने कूदा, मौत:वीडियो में पूर्व विधायक पर केंद्रीय कृषि मंत्री की सुपारी देने का आरोप लगाया

विदिशा में किसान ट्रेन के सामने कूदा, मौत:वीडियो में पूर्व विधायक पर केंद्रीय कृषि मंत्री की सुपारी देने का आरोप लगाया

विदिशा में सोमवार को किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। ट्रेन के सामने कूदने से पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने पूर्व विधायक शशांक भार्गव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में किसान बोलते हुए सुनाई दे रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदिशा विधायक मुकेश टंडन की हत्या करने के लिए दबाव बना रहे थे। बेटे ने भी दोहराई बात मृतक किसान के बेटे दीपक गुर्जर ने भी इन आरोपों का समर्थन किया है। परिवार का कहना है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव किसान पर यह दबाव बना रहे थे कि उसे पैसे तभी मिलेंगे जब वह इन नेताओं को नुकसान पहुंचाएगा। जानकारी के अनुसार, मृतक किसान पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन लीज पर लेकर खेती करता था। पुलिस ने किसान के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में कराया है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो की भी जांच की जा रही है। पूर्व विधायक बोले- जांच हो, जनता के सामने सच आना जरूरी वहीं, इस मामले में पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस वीडियो की पूरी जांच की जानी चाहिए। जांच में वे पूरा सहयोग करेंगे। यह राजनीतिक षडयंत्र है जनता के सामने सच आना जरूरी है।