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राजगढ़ में गौ माता आगे-आगे, पीछे भजन-कीर्तन की गूंज:बैलगाड़ी में 10 हजार हस्ताक्षरों का ज्ञापन लेकर निकली रैली, गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे

राजगढ़ में गौ माता आगे-आगे, पीछे भजन-कीर्तन की गूंज:बैलगाड़ी में 10 हजार हस्ताक्षरों का ज्ञापन लेकर निकली रैली, गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में सोमवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत अनोखे अंदाज में रैली निकाली गई। भोजपुर नाके से शुरू हुई रैली में सबसे आगे सजी-धजी गौ माता चल रही थी, जबकि पीछे संत, महिलाएं, व्यापारी और गौ-भक्त भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। रैली का मुख्य आकर्षण बैलगाड़ी रही, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन को सजाकर रखा गया था। रैली तोपखाना गेट, सुभाष चौक, सराफा बाजार, पिपली बाजार, पटवा बाजार और इमली स्टैंड होते हुए काका कॉलोनी पहुंची। यहां ब्रह्माकुमारी आश्रम द्वारा गौ माता की पूजन की और संतों का स्वागत किया गया। इसके बाद रैली तहसील कार्यालय पहुंची, जहां एसडीएम अंकित जैन को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। रैली में संत रोहित नागर, पंडित नारायण वैष्णव, विष्णुदास, नीलू दीदी, मधु दीदी सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल रही। लोग हाथों में गौ-रक्षा के नारे लिखे पोस्टर और ध्वज लेकर चल रहे थे। तीन तस्वीरों में देखिए रैली घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया आयोजकों के अनुसार, पिछले एक महीने से खिलचीपुर और आसपास के गांवों में घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसमें 10 हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग का समर्थन किया। कल्याणराय हवेली मंदिर के मुख्य पुजारी अनिल पारीक ने बताया कि संतों के सानिध्य में देशभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य गौ-हत्या पर पूर्ण रोक लगाना और गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत खिलचीपुर क्षेत्र से 10 हजार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर समर्थन दिया। संत रोहित नागर ने कहा कि पूरे देश में गौ माता के सम्मान में जगह-जगह ज्ञापन दिए जा रहे हैं। गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा मिलना चाहिए। मंदिर टूट जाए तो दोबारा बन सकता है, लेकिन गौ माता कट जाए तो वापस नहीं आ सकती, इसलिए सभी लोगों को इसके सम्मान में आगे आना चाहिए।

Heat Stroke Alert : लू के तांडव के बीच हीट स्ट्रोक से बचने के लिए डॉक्टर की ये बातें जरूर मानें

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Last Updated:April 27, 2026, 19:35 IST Heat Stroke Safety Tips: मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में 30 अप्रैल तक हीट स्ट्रोक की चेतावनी दी है.अप्रैल का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ और सूरज की तपिश ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है. उत्तर भारत के ज्यादातर मैदानी इलाकों में तापमान हद को पार करने लगा है. लू के तांडव के बीच इस हीट स्ट्रोक से खुद को बचाना बेहद चुनौतीपूर्ण है. ऐसे में चेन्नई की डॉक्टर मेलिसा साथियान ने हीट स्ट्रोक से बचने के लिए बेहतरीन सुझाव दिए हैं. हीट स्ट्रोक से कैसे बचें. अप्रैल का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ और सूरज की तपिश ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है. दिल्ली और आसपास के इलाकों में चल रही गर्म हवाएं यानी हीटवेव कहर बरपाने लगी है. यह हीट स्ट्रोक जानलेवा खतरा बन गई हैं. जब शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट (40°C) के पार चला जाता है और पसीना आना बंद हो जाता है, तो समझ लीजिए कि स्थिति गंभीर है. इन लू के तांडव के बीच खुद को बचाना बेहद जरूरी है. इस हीट वेव के तांडव से बचने के लिए राज्यों के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट ने गाइडलाइंस जारी की हैं. इसमें खास तौर पर कहा गया है कि सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और जिनको पहले से कोई बीमारी है, वे घर से बाहर न निकलें. इसके अलावा, बिल्डिंग वर्कर्स और मजदूरों को भी तेज धूप में काम न करने की सलाह दी गई है. अगर लगातार दो दिन ज्यादा गर्मी में रहते हैं तो हीट स्ट्रोक हो सकता है और किडनी फेल होने का खतरा रहता है. आम लोग, बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सुरक्षित रहें इसके लिए तमिलनाडु पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट ने निर्देश जारी किए हैं. इस समय गर्मी में हीट स्ट्रोक से बचने के लिए कौन-कौन सी सावधानियां जरूरी हैं, इस बारे में चेन्नई की डॉक्टर मेलिसा सथ्यान ने हमारे साथ कुछ जरूरी बातें शेयर की हैं. इस भीषण गर्मी के तांडव के बीच डॉक्टर मेलिसा की सलाह बहुत महत्वपूर्ण है.  जिन लोगों को पहले से ब्लड प्रेशर की समस्या है या दिल की बीमारी है, उनके लिए गर्मी का असर आम लोगों से ज्यादा होता है. इसलिए ऐसे लोगों को इस मौसम में खास ध्यान रखना जरूरी है. उन्हें दोपहर में बिल्कुल बाहर जाने से बचना चाहिए. साथ ही शरीर को ठंडा रखने के लिए घर में शीतल वातावरण में रहना चाहिए.  इसी तरह बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं को अगर बाहर जाना जरूरी हो तो छाता और पूरे शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनना चाहिए. बाहर जाते समय सफेद या हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना अच्छा है. इस गर्मी में प्रभावित लोगों को जीन्स, लेगिंग्स जैसी टाइट कपड़े और काले रंग के कपड़े पूरी तरह से अवॉयड करें. दिन में ढाई से तीन लीटर तक पानी पिएं ताकि यूरिन ठीक से आए. अगर आप ज्यादा धूप में रहते हैं तो पांच लीटर तक भी पानी पी सकते हैं. गर्मी के समय में नारियल पानी, फलों का रस, तरबूज, जामुन और साफ-सुथरे ठंडे पेय लेना अच्छा होता है. पानी वाली चीजें और पौष्टिक खाना ज्यादा खाएं. जितना ज्यादा इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस रहेगा, उतना ज्यादा फायदेमंद होगा.  हीट स्ट्रोक तब होता है जब हमारे शरीर का तापमान बाहर के तापमान से ज्यादा बढ़ जाता है. इस हालत में चक्कर आना, सिर घूमना, शरीर में दर्द, सिरदर्द और त्वचा पर बदलाव जैसे लक्षण दिख सकते हैं. इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत खूब पानी पिएं और तत्काल डॉक्टर से मिलें.  About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 27, 2026, 19:35 IST

6वें ब्रदर एसई कॉफी मेमोरियल टेनिस:शौर्य और अराइना का शानदार प्रदर्शन, टीम इवेंट में वेल्हम बॉयज का दबदबा

6वें ब्रदर एसई कॉफी मेमोरियल टेनिस:शौर्य और अराइना का शानदार प्रदर्शन, टीम इवेंट में वेल्हम बॉयज का दबदबा

शहर के सेंट जोसेफ टेनिस एकेडमी में चल रहे 6वें ब्रदर एसई कॉफी मेमोरियल टूर्नामेंट का सोमवार को शानदार समापन हुआ। इस टूर्नामेंट में देहरादून और आसपास के क्षेत्र के उभरते युवा खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। टूर्नामेंट के सिंगल्स मुकाबलों में जहां शौर्य शर्मा, अराइना विशाल और पूर्वी पटवा जैसे खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से दर्शकों का दिल जीता, वहीं टीम इवेंट्स में वेल्हम बॉयज और टोन्सब्रिज स्कूल का दबदबा देखने को मिला।प्रतियोगिता के अंत में ब्रदर जेसी कैरोल और ब्रदर जोसेफ एम जोसेफ ने विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। शौर्य शर्मा ने दिखाया डबल दम लड़कों के वर्ग में शौर्य शर्मा का प्रदर्शन सबसे खास रहा। अंडर-16 सिंगल्स के बहुप्रतीक्षित फाइनल में शौर्य ने एकतरफा मुकाबले में जसकिरत सिंह अरोड़ा को 6-1 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया। वहीं, अंडर-18 डबल्स के फाइनल में भी शौर्य शर्मा और वात्सल्य रावत की जोड़ी ने शानदार तालमेल दिखाते हुए आरुष और अर्णव को 5-1 से हराकर चैंपियनशिप पर कब्जा जमाया। अराइना और पूर्वी ने जीते सिंगल्स खिताब लड़कियों के मुकाबलों में अराइना विशाल ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अराइना ने अंडर-14 सिंगल्स के फाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी अंशिका टंडन को 5-0 से हराकर खिताब जीता। वहीं, अंडर-16 सिंगल्स के कड़े फाइनल मुकाबले में पूर्वी पटवा ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए अराइना विशाल को 5-1 से मात दी। वेल्हम बॉयज ने जीते दो खिताब स्कूलों के बीच हुए टीम इवेंट्स में वेल्हम बॉयज स्कूल का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। अंडर-14 और अंडर-16 दोनों ही श्रेणियों में वेल्हम बॉयज ने पहला स्थान हासिल कर चैंपियनशिप जीती, जबकि दोनों ही वर्गों में सेंट जॉर्ज कॉलेज मसूरी उपविजेता रहा। अंडर-16 टीम इवेंट में घरेलू टीम सेंट जोसेफ एकेडमी ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, अंडर-18 टीम इवेंट का खिताब टोन्सब्रिज स्कूल के नाम रहा, जबकि सेंट जोसेफ एकेडमी इसमें उपविजेता रही। विजेता खिलाड़ियों की सूची (बॉयज सिंगल्स) अंडर-10: प्रखर सिंह ने सिद्धांत गुप्ता को हराया (6-2) अंडर-12: शिवांश रावत ने युवराज सिंह रावत को हराया (6-4) अंडर-14: रेयांश अग्रवाल ने आयुष तोमर को हराया (6-2) अंडर-16: शौर्य शर्मा ने जसकिरत सिंह अरोड़ा को हराया (6-1) अंडर-18: शौर्य शर्मा और अर्जुन सिंह के बीच कड़ा फाइनल मुकाबला खेला गया। बॉयज डबल्स अंडर-18: शौर्य शर्मा और वात्सल्य रावत ने आरुष-अर्णव को हराया (5-1) गर्ल्स सिंगल्स अंडर-14: अराइना विशाल ने अंशिका टंडन को हराया (5-0) अंडर-16: पूर्वी पटवा ने अराइना विशाल को हराया (5-1) टीम इवेंट चैंपियंस अंडर-14: वेल्हम बॉयज़ स्कूल (उपविजेता: सेंट जॉर्ज कॉलेज) अंडर-16: वेल्हम बॉयज़ स्कूल (उपविजेता: सेंट जॉर्ज कॉलेज) अंडर-18: टोन्सब्रिज स्कूल (उपविजेता: सेंट जोसेफ एकेडमी)

समर होम कूलिंग टिप्स: गर्मी में तपकर भट्टी बन गई है रूम? आज ही करें ये बदलाव, बिना एसी के घर रहेंगे ठंडे

तस्वीर का विवरण

भट्टी पर फर्नीचर: दोपहर के समय धूप कक्ष को गर्म कर दिया जाता है। वसीयत के रंग का फर्नीचर। विंडो पर उत्पाद या बांस की चटनी लगाई जा सकती है। इससे धूप आने से रिकार्डगी और रूम ठंडा रहेगा। छवि: एआई पंखों के साथ अपनाएं ये ट्रिक: सिर्फ पंखों से गर्म हवा ही घूमती रहती है। प्रदेश के सामने एक बर्फ़ीला तूफ़ान या ठंडा पानी का स्थान। इससे हवा हवाई जहाज पूरे कमरे में खाली हो जाएगी। छवि: एआई घर में उपाय जरूर रखें: घर के अंदर और बाहर के इलाज से तापमान कम होता है। तुलसी, एलोवेरा, मनी प्लांट जैसे प्लांट प्लांट। मॉडल या विंडो के पास की चीज़ें। ये प्राकृतिक तरीकों से बनाएं ठंडक। छवि: एआई रात में खुला खुला: रात का मौसम ठंडा होता है, इसलिए रात में बचा हुआ सामान। सुबह होते ही बंद कर दें। इससे अनभिज्ञ हवा अंदर रहेगी और दिन में गर्मी कम रहेगी। छवि: एआई अनैतिक का उपयोग किया गया उत्पाद: सॉसेज़ समय पर ठंडे पानी का उपयोग करें। फ़्राईड तो पानी में थोड़ा सा नमक या नींबू मिला सकते हैं। इससे सेमेस्टर ठंडा रहेगा और तापमान भी कम होगा। छवि: फ्रीपिक सूती कपड़े का उपयोग: बेड साइज और स्कर्ट हमेशा सुती जगह। गहरे रंग के स्थान पर गहरे रंग का रंग चुनें। ये गर्मी कम सोखते हैं और ठंडक बनाए रखते हैं। छवि: एआई कम इस्तेमाल किया जाने वाला इलेक्ट्रॉनिक सामान: टीवी, लैपटॉप, एलपीजी आदि हीट का जन्म होता है। जरूरत न हो तो अन्य की तरह। एलईडी बल्ब का उपयोग करें। छवि: एआई छत को ठंडा करके: छत सबसे ज्यादा हॉट होती है। छत पर पानी का साज़िश। सफेद पेंट या टाइल्स लगाए गए। इससे घर का तापमान काफी हद तक कम हो जाता है। छवि: एआई बिना एसी के भी घर को ठंडा रखना बिल्कुल संभव है। बस आपको सरल समझदारी और सही उपाय की आवश्यकता है। ये छोटे-छोटे बदलाव न सिर्फ गर्मी से राहत देंगे, बल्कि बिजली का बिल भी बचाएंगे। छवि: एआई

खतौरा अनाज मंडी में किसानों का हंगामा:तुलाई में देरी और अव्यवस्था पर कर्मचारियों पर आरोप

खतौरा अनाज मंडी में किसानों का हंगामा:तुलाई में देरी और अव्यवस्था पर कर्मचारियों पर आरोप

शिवपुरी जिले की बदरवास तहसील स्थित खतौरा अनाज मंडी में सोमवार को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने आए किसानों ने तुलाई में देरी और अव्यवस्था को लेकर हंगामा किया। किसानों ने आरोप लगाया कि स्लॉट बुक होने के बावजूद उनका अनाज तय समय पर नहीं तोला जा रहा था, जिससे उन्हें परेशानी हो रही थी। भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और खरीदी व्यवस्था पर नाराजगी जताई। कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया किसानों ने तुलाई में लगे कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। उन्होंने बताया कि खरीदी शुरू होने के पहले दिन से ही इस केंद्र पर अव्यवस्था बनी हुई है। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार सतीश कुमार उपाध्याय मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने पूरे मामले को समझा और किसानों से बातचीत की। आईडी लॉक होने से समस्या उपार्जन केंद्र के कर्मचारियों ने अपनी सफाई में बताया कि खरीदी से संबंधित आईडी का पासवर्ड रविवार से लॉक हो गया था। इसी वजह से तुलाई प्रक्रिया प्रभावित हुई और किसानों को इंतजार करना पड़ा। नायब तहसीलदार सतीश कुमार उपाध्याय ने पुष्टि की कि पासवर्ड लॉक होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई थी। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग से संपर्क कर पासवर्ड को अनलॉक करा दिया गया है। इसके बाद केंद्र पर अनाज की तुलाई दोबारा शुरू कर दी गई है।

जहर खाकर 15 दिन की बेटी को लेकर निकली महिला:रास्ते में मौत, गोद में बच्ची लिए 1 किलोमीटर चली, पति के जाने के बाद निकली

जहर खाकर 15 दिन की बेटी को लेकर निकली महिला:रास्ते में मौत, गोद में बच्ची लिए 1 किलोमीटर चली, पति के जाने के बाद निकली

देवास में एक महिला ने सोमवार सुबह जहर खा लिया। जहर खाने के बाद वह 15 दिन की बेटी को गोद में लेकर घर से निकल गई। करीब 1 किमी दूर जमीन पर गिरी और उल्टी करने लगी। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसकी जान नहीं बची। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस के अनुसार- सुतारपुरा (पुंजापुरा) निवासी रामेश्वर सोमवार अलसुबह विवाह कार्यक्रम में शामिल होने खरगोन रवाना हुआ। पति के जाते ही रेशमीबाई ने जहर पी लिया। बिना किसी को बताए, उसने सो रही अपनी 15 दिन की बेटी को गोद में उठाया और घर से निकल गई। तीन बेटियों की नींद खुली तो उन्होंने मां को आवाज लगाई। आसपास नहीं दिखने पर परिवार से पूछा। इसके बाद सभी उसे खोजने लगे। 1 किलोमीटर पैदल चली फिर सड़क पर गिरी करीब एक किमी दूर वह सड़क किनारे उल्टी करते मिली। परिवार वाले उसे तत्काल बागली के स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, जहां से उसे देवास जिला अस्पताल रैफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना था कि पति-पत्नी में कोई विवाद नहीं था। रेशमीबाई ने ऐसा क्यों कदम उठाया, समझ नहीं आई। राधाबाई ने बताया कि भाभी बेटी को लेकर घर से निकल गई थी। ढूंढा तो वह बच्ची को लेकर चल रही थी। बैठकर उल्टी करने लगी, बदबू आई तो समझ आया कि उसने कुछ जहरीला पदार्थ खाया है, सभी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रेमशीबाई को मृत घोषित कर दिया। सुबह से बेटी रो रही है राधाबाई ने बताया कि रेमशीबाई की तीन बेटियां थी, चौथी बेटी का जन्म 15 दिन पहले ही हुआ था। अभी तो उसका नाम भी नहीं रखा। तीन बेटियों के नाम चंदा, एश्वर्या और सीमा है। छोटी बेटी सुबह से रो रही है। घर के पास ही जंगल में प्रसव हुआ था परिजनों ने बताया कि घर पास ही जंगल में उनका परिवार महुआ बीनने जाता है। 15 दिन पहले ही रेशमीबाई का जंगल में प्रसव हुआ था। सास श्यानीबाई ने बताया कि बेटे और बहू घर से कुछ ही दूर रहते हैं। आज सुबह बेटियों ने आकर बताया कि मम्मी रेशमीबाई कहीं चली गई है। मैं नदी तक देखने भी गई थी। पति पत्नी के बीच कोई विवाद नहीं होता था। रविवार रात को मछली लाए थे, दोनों अच्छे से रह रहे थे, कुछ नहीं हुआ था। बेटा सुबह बोलकर गया था श्यानीबाई ने बताया कि बेटा सुबह विवाह कार्यक्रम में शामिल होने खरगोन जाने का कहकर घर से निकला था। मैंने कहा था कि आते समय बेटियों के लिए कपड़े ले आना। गांव में शादी आएगी तो काम आएंगे। कुंवरसिंह ने बताया कि बहू रेशमीबाई ने हमें कुछ नहीं कहा, जब वह रास्ते में गिरी मिली तो उसके पास से दवा की बदबू आ रही थी।

Biryani Watermelon eat and Death Possible Reasons | बिरयानी और तरबूज खाने के बाद मौत के संभावित कारण

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Last Updated:April 27, 2026, 18:53 IST Biryani-Watermelon Death Possible Reason: मुंबई में दिल दहला देने वाली घटना में एक ही परिवार के जिन चार लोगों की मौत हुई है, वे सब रात में बिरयानी के बाद तरबूज का सेवन किए थे. यानी अभी तक यही माना जा रहा है कि फूड प्वाइजनिंग हो सकता है. लेकिन तरबूज से फूड प्वाइजनिंग के क्या है संभावित वैज्ञानिक कारण आइए जानते हैं. तरबूज खाने से फूड प्वाइजनिंग की वजहें. क्या तरबूज खाने से किसी की मौत हो सकती है. ऐसा सुना तो नहीं गया है लेकिन मुंबई इसी बात की आशंका है. 4 लोगों का हंसता-खेलता परिवार की मौत इसी वजह से बताई जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार 40 वर्षीय अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी 35 वर्षीय नसरीन डोकाडिया, 2 बेटियां आयशा डोकाडिया (16) और जैनब डोकाडिया (13) ने रात में डिनर में बिरयानी खाई और उसके बाद फिर तरबूज खाया. देर रात उन सबको बार-बार दस्त और उल्टियां हुई जिसके बाद उन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा लेकिन सुबह होते-होते एक के बाद एक सभी चार की मौत हो गई. अब यह तय नहीं हो पा रहा है कि फूड प्वाइजनिंग हुआ कैसे. क्या बिरयानी और तरबूज में रिएक्शन का कोई संबंध है या तरबूज से फूड प्वाइजनिंग हुआ या तरबूज में कुछ मिला हुआ था. खैर पुलिस इस मामले में छानबीन कर रही है लेकिन अगर फूड प्वाइजनिंग से मौत हुई है तरबूज में क्या होने से फूड प्वाइजनिंग हो सकता है. आइए इसका वैज्ञानिक पड़ताल करें. तरबूज से फूड प्वाइजनिंग के 5 संभावित कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन- तरबूज के सेवन के बाद सामूहिक फूड पॉइजनिंग के पीछे कई वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण हो सकते हैं. मुंबई जैसे उमस भरे माहौल में गर्मियों के दौरान यह खतरा और बढ़ जाता है. तरबूज में पानी और शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल है. इसमें साल्मोनेला और लिस्टेरिया बैक्टीरिया हो सकता है. अगर तरबूज काटने से पहले उसे ठीक से धोया न गया हो, तो उसके छिलके पर मौजूद बैक्टीरिया चाकू के जरिए अंदर चले जाते हैं. अगर कटा हुआ तरबूज फ्रिज में खुला रखा जाए या बहुत अधिक समय (24-48 घंटे से ज्यादा) तक रखा रहे, तो उसमें ‘कैलीफॉर्म’ बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जो पेट में गंभीर संक्रमण पैदा करते हैं. नाइट्रेट का उच्च स्तर –अक्सर तरबूज को तेजी से बढ़ाने और उसका वजन बढ़ाने के लिए नाइट्रोजन आधारित उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग किया जाता है. अगर तरबूज में नाइट्रेट की मात्रा बहुत अधिक हो, तो यह शरीर में जाकर जहर (Toxin) जैसा काम कर सकता है. खेतों में कई ऐसे हानिकारकर कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है जिनकी वजह से तरबूज में पहले से टॉक्सिक रसायन पाए जा सकते हैं. अगर तरबूज काटने पर अंदर बहुत अधिक खोखला दिखे या उसमें गहरे पीले रंग की धारियां हों, तो यह नाइट्रेट की अधिकता का संकेत हो सकता है. आर्टिफिशियल कलरिंग –तरबूज को अंदर से ज्यादा लाल दिखाने के लिए कुछ दुकानदार या बिचौलिए उसमें एरिथ्रोसिन (Erythrosine) जैसे लाल रंग के इंजेक्शन लगाते हैं. यह एक केमिकल डाई है जो पेट में जाकर खतरनाक फूड पॉइजनिंग और उल्टी-दस्त का कारण बनती है.  क्रॉस-कंटामिनेशन –चूंकि पीड़ित के घर में दावत हुई थी, तो यह भी आशंका है कि जिस चाकू या चॉपिंग बोर्ड से मांस या अन्य कच्चा खाना काटा गया हो, उसी का इस्तेमाल बिना धोए तरबूज काटने के लिए किया गया हो. अगर तरबूज को कमरे के तापमान पर कई घंटों तक बाहर छोड़ दिया गया (दावत के दौरान), तो गर्मी में वह खराब (Ferment) होना शुरू हो जाता है. गलत फूड कॉम्बिनेशन –आयुर्वेद और सामान्य चिकित्सा के अनुसार, तरबूज को भारी खाने (जैसे तेल-मसाले वाली दावत) के तुरंत बाद खाने से पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है. तरबूज बहुत जल्दी पचता है, जबकि दावत का खाना देर से. इससे पेट में गैस और एसिडिटी टॉक्सिक रूप ले सकती है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 27, 2026, 18:53 IST

पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में बस शुल्क को लेकर विवाद:जबरन वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, कहा-10 दिन में समाधान करें

पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में बस शुल्क को लेकर विवाद:जबरन वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, कहा-10 दिन में समाधान करें

रीवा में पीएम एक्सीलेंस (मॉडल साइंस कॉलेज) में छात्रों से जबरन बस शुल्क वसूली के विरोध में एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि कॉलेज में बसों की संख्या और उनकी क्षमता सीमित है, साथ ही बसों का संचालन केवल दो राउंड में प्रस्तावित है। ऐसे में सभी छात्रों पर अनिवार्य बस शुल्क थोपना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो छात्र बस सेवा का उपयोग नहीं करते, उनसे भी शुल्क वसूला जाना गलत है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर बढ़ रहा बोझ एनएसयूआई ने कहा कि एक समान शुल्क लागू करने से गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पड़ रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है। संगठन ने मांग की है कि बस शुल्क केवल उन्हीं छात्रों से लिया जाए, जो वास्तव में इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो सैकड़ों छात्र उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

बैतूल में गूंजे नारे-‘गौमाता को राष्ट्रमाता बनाओ’:भजन-कीर्तन के साथ निकली पदयात्रा, कहा- स्वतंत्र गो पालन मंत्रालय बनाया जाए

बैतूल में गूंजे नारे-‘गौमाता को राष्ट्रमाता बनाओ’:भजन-कीर्तन के साथ निकली पदयात्रा, कहा- स्वतंत्र गो पालन मंत्रालय बनाया जाए

बैतूल में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत सोमवार को जिले में विराट गौ सम्मान पदयात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों गौभक्त शामिल हुए। पदयात्रा शिवाजी ऑडिटोरियम से शुरू होकर तहसील कार्यालय पहुंची, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। पदयात्रा सुबह 11 बजे शुरू हुई और भजन-कीर्तन व प्रार्थना के साथ शांतिपूर्ण ढंग से शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पहुंची। गौभक्तों ने 9 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का संवैधानिक दर्जा देने की प्रमुख मांग रखी गई। आंदोलन की तीन तस्वीरें देखिए… गौ संरक्षण और सख्त कानून की मांग ज्ञापन में गौशालाओं को सहायता, गौ अभयारण्य निर्माण, तस्करी पर कड़े कानून और आधुनिक गौ चिकित्सालय स्थापित करने की मांग शामिल रही। ज्ञापन में कहा गया कि भूख, दुर्घटनाओं, तस्करी और वध के कारण देशी गोवंश की संख्या लगातार घट रही है, जो चिंता का विषय है। गौवंश वध और तस्करी को संज्ञेय व गैर-जमानती अपराध घोषित करने, आजीवन कारावास का प्रावधान करने और स्वतंत्र गो-पालन मंत्रालय बनाने की मांग की गई। आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी पंचगव्य अनुसंधान केंद्र, गो आधारित उद्योगों को बढ़ावा, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन और किसानों को आर्थिक सहायता देने के सुझाव भी दिए गए। आयोजकों ने बताया कि मई से जुलाई तक शासन से संवाद किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

संजय दत्त ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोले- लिरिक्स का पता नहीं था; 50 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे

संजय दत्त ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोले- लिरिक्स का पता नहीं था; 50 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे

कन्नड़ फिल्म के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ में अश्लीलता को लेकर संजय दत्त ने माफी मांगी है। 27 अप्रैल को एक्टर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश हुए। संजय ने गाने के बोल और प्रेजेंटेशन के लिए बिना शर्त माफी मांगी। दरअसल आयोग ने गाने में अश्लीलता और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर नोरा फतेही और संजय दत्त समेत फिल्म की टीम को समन भेजा था। लिरिक्स की जानकारी नहीं थी: संजय दत्त सोमवार दोपहर संजय दत्त अपने वकील के साथ दिल्ली स्थित महिला आयोग के ऑफिस पहुंचे। पेशी के बाद उनके वकील ने बताया, “संजय दत्त महिलाओं और महिला आयोग का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने आयोग को बताया कि जब यह गाना रिकॉर्ड हुआ था, तब वह किसी और भाषा में था, इसलिए उन्हें इसके हिंदी लिरिक्स की गहराई का पता नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी ओर से माफी मांगी है।” 50 बच्चों की शिक्षा का लिया जिम्मा संजय दत्त ने न केवल माफी मांगी, बल्कि स्वेच्छा से सामाजिक कदम उठाने का भी प्रस्ताव रखा। एक्टर ने घोषणा की है कि वे आदिवासी समुदाय के 50 बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे। उनके वकील ने स्पष्ट किया कि संजय दत्त ने यह फैसला समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए लिया है। आयोग ने एक्टर के इस कदम को रिकॉर्ड पर लिया है। NCW ने लिया था स्वतः संज्ञान पिछले महीने महिला आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस गाने पर स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग का कहना था कि गाने के बोल और कोरियोग्राफी पहली नजर में यौन संकेत देने वाले और आपत्तिजनक हैं। आयोग ने इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और पोक्सो एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन माना था। विवाद बढ़ने के बाद यूट्यूब से इस गाने के लिरिकल वीडियो को हटा दिया गया है। क्या है पूरा मामला? विवाद फिल्म ‘केडी: द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ से शुरू हुआ, जिसमें नोरा फतेही और संजय दत्त हैं। गाने की शुरुआती लाइनों में ‘डबल मीनिंग’ शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि बाद में गाने में यह दिखाया गया कि वे शब्द शराब की बोतल के लिए थे, लेकिन तब तक इसका कड़ा विरोध शुरू हो गया। नोरा फतेही ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर साफ किया था कि वे ऐसे कंटेंट का समर्थन नहीं करती हैं।