बैतूल में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत सोमवार को जिले में विराट गौ सम्मान पदयात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों गौभक्त शामिल हुए। पदयात्रा शिवाजी ऑडिटोरियम से शुरू होकर तहसील कार्यालय पहुंची, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। पदयात्रा सुबह 11 बजे शुरू हुई और भजन-कीर्तन व प्रार्थना के साथ शांतिपूर्ण ढंग से शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पहुंची। गौभक्तों ने 9 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का संवैधानिक दर्जा देने की प्रमुख मांग रखी गई। आंदोलन की तीन तस्वीरें देखिए… गौ संरक्षण और सख्त कानून की मांग ज्ञापन में गौशालाओं को सहायता, गौ अभयारण्य निर्माण, तस्करी पर कड़े कानून और आधुनिक गौ चिकित्सालय स्थापित करने की मांग शामिल रही। ज्ञापन में कहा गया कि भूख, दुर्घटनाओं, तस्करी और वध के कारण देशी गोवंश की संख्या लगातार घट रही है, जो चिंता का विषय है। गौवंश वध और तस्करी को संज्ञेय व गैर-जमानती अपराध घोषित करने, आजीवन कारावास का प्रावधान करने और स्वतंत्र गो-पालन मंत्रालय बनाने की मांग की गई। आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी पंचगव्य अनुसंधान केंद्र, गो आधारित उद्योगों को बढ़ावा, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन और किसानों को आर्थिक सहायता देने के सुझाव भी दिए गए। आयोजकों ने बताया कि मई से जुलाई तक शासन से संवाद किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।















































