Monday, 13 Apr 2026 | 05:38 PM

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विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: बंगाल में ममता की यूपी में वापसी तय, इस नेता ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: बंगाल में ममता की यूपी में वापसी तय, इस नेता ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

असम, केरल और पुडुचेरी में वोटिंग के बाद अब सभी को 23 और 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में होने वाली वोटिंग का इंतजार है। पश्चिम बंगाल में इस वक्त डेमी की सरकार है तो कहीं ना कहीं बीजेपी की सरकार है। इस बार भी मुख्य बात: राज्य में प्रतिस्पर्धा मित्रता पार्टी के बीच है। हालांकि कांग्रेस और वामदल भी अपनी खोई हुई जमीन तलाश रहे हैं। अब देखिए कि चार मई को जब नतीजे आएंगे तो क्या ममता बनर्जी की सरकार की वापसी होगी, क्या भाजपा पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी। हालाँकि अभी मतदान से पहले जंज़ी जंग जारी है। ममता बनर्जी बंगाल के लिए खतरा- राधा मोहन दास अग्रवाल भाजपा के संयुक्त राज्य अमेरिका के सदस्य राधा मोहन दास अग्रवाल ने रविवार को जिलों में भाजपा की वापसी का दावा किया। उन्होंने कहा, “तीन राज्यों में चुनाव हो चुके हैं और अभी दो साल बाकी हैं। जिन तीन राज्यों में चुनाव जारी हैं, वहां की जनता ने बीजेपी के समरूपता के सिद्धांत का समर्थन किया है। असम और पुदुचेरी दोनों जगहों पर बीजेपी की सरकार बन रही है। जनता ने बीजेपी के साथ मिलकर अलग होने का फैसला किया है। यह बीजेपी के लिए बेहद उत्साहजनक परिणाम है।” राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा, “डॉ. भीमराव कॉम को खत्म करने की पहली कोशिश कांग्रेस पार्टी ने ही की थी। जब देश में पहला चुनाव हुआ था, तब सेंट्रल बॉम्बे सीट से चुनाव लड़ रहे डॉक्टर कॉम ने कांग्रेस के लिए करीब 77,000 फर्जी वोट डलवाए थे। राहुल गांधी को अब डॉ. राहुल गांधी के नाम पर राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं है।” उन्होंने कहा, “राहुल गांधी भी कहते हैं, उन्हें आदरभाव देना चाहिए। आज लोग उनकी बातों पर विश्वास नहीं करते, न भरोसा करते हैं और न ही उन्हें वोट देते हैं। उनकी बातों का अब कोई असर नहीं हो रहा है।” पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बहुमत का दावा करते हुए न्यूनतम राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा, “ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की गरिमा और प्रतिष्ठा को खतरे में डाल रही हैं। आज बंगाल के लगभग 70 प्रतिशत लोग डर के साए में जी रहे हैं। वे समाजवादी कांग्रेस की गुंडागर्दी के साए में सांस ले रहे हैं।” उन्होंने बताया, “हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें 81 साल की एक बुजुर्ग महिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में फूल दोस्त दिख रही थीं। इसके बाद यहां के उद्योगपति ने अपनी दुकान में लूटा, सामान लूटा और कहा कि जब से वह बीजेपी की रैली में फूल फेंकती हैं, इसलिए अब उनकी दुकान में कोई जगह नहीं है।” पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी: हुसैन दलवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर मोदी की सिलीगुड़ी में हुई चुनावी सभा के बाद बीजेपी ने दावा किया कि 4 मई को बंगाल में सरकार बनाई जा रही है. बीजेपी के दावे पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने तंजानिया कासा और कहा कि बीजेपी भले ही बहुत कोशिश कर ले, लेकिन बंगाल में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी. मुंबई में कांग्रेस नेताओं ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन इससे बंगाल की जनता प्रभावित नहीं हो रही है। आरोप पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त बीजेपी कुछ भी आरोप लगाती रहती है. बंगाल में भाजपा को अपनी सरकार लानी है। एस मजबूत के माध्यम से लोगों से वोट देने का अधिकार छीना गया। चुनाव आयोग अपने संस्थापक पर काम करता है, लेकिन फिर भी बंगाल में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी। तमिलनाडु चुनाव प्रचार के दौरान असंबद्धता के संस्थापक रामदास, अस्पताल में भर्ती तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले लीपली मक्कल प्लास्टिक (पीएमके) में चल रहे बेहतर विवाद के बीच पार्टी के संस्थापक एस. रामदास रविवार को सेलम जिले में एक रैली के दौरान अचानक गिर गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना से गोलीबारी और पार्टी की विचारधारा में चिंता फैल गई। इस समय नेतृत्व को लेकर साक्षात् पर प्रबलता दिखाई दे रही है। पार्टी संस्थापक एस. रामदास और उनके बेटे व पार्टी के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास अलग-अलग तरीके से काम कर रहे हैं और दोनों ही अपनी पार्टी पर अपनी नियंत्रण रेखा की कोशिश कर रहे हैं।

सर घेराव मामला: आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी गिरफ्तार, एनआईए जांच कर रही है कि क्या उन्होंने न्यायिक अधिकारियों पर हमले की ‘योजना’ बनाई थी | चुनाव समाचार

LSG vs GT Live Score: Follow match updates from Ekana Stadium in Lucknow

आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 16:43 IST सूत्रों ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मालदा में घटना से एक दिन पहले, आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी ने एक बैठक की और लोगों से विरोध में शामिल होने का आग्रह किया। एनआईए ने कहा कि आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को एक घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। (छवि: न्यूज18) एनआईए ने रविवार को एसआईआर घेराव मामले में आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को हिरासत में लिया, जिसमें पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया था। न्यायिक अधिकारियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था। जानकारी के मुताबिक रब्बानी इस इलाके में आईएसएफ नेता हैं. सूत्रों ने एक्सक्लूसिव तौर पर बताया न्यूज18 कि मोथाबारी में घटना से एक दिन पहले उन्होंने वहां एक बैठक की थी और लोगों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया था. एनआईए ने कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या उसने उस बैठक के दौरान न्यायिक अधिकारियों पर हमला करने की पहले से योजना बनाई थी। इसमें कहा गया कि उसे एक-एक घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 16:36 IST समाचार चुनाव सर घेराव मामला: आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी गिरफ्तार, एनआईए जांच कर रही है कि क्या उन्होंने न्यायिक अधिकारियों पर हमले की ‘योजना’ बनाई थी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एनआईए ने आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को हिरासत में लिया(टी)एनआईए जांच(टी)आईएसएफ नेता की गिरफ्तारी(टी)एसआईआर घेराव मामला(टी)मालदा पश्चिम बंगाल(टी)न्यायिक अधिकारियों पर हमला(टी)चुनावी सूची संशोधन(टी)मोथाबारी विरोध

JDU नेता ने लड़कियों के टॉयलेट-बाथरूम में CCTV लगवाए:पीड़ित बोले- फार्म हाउस में बैठकर देखता, खुद न्यूड घूमता; वीडियो बनाकर सेव करता

JDU नेता ने लड़कियों के टॉयलेट-बाथरूम में CCTV लगवाए:पीड़ित बोले- फार्म हाउस में बैठकर देखता, खुद न्यूड घूमता; वीडियो बनाकर सेव करता

‘वह बहुत गंदा इंसान है साहब। लड़कियों को बिना कपड़े में देखने का शौकीन है। छोटी-छोटी लड़कियों को बिना कपड़े में देखकर उसको मजा आता था। नहाते और वॉशरूम जाते हर जगह लड़कियों पर ही उसकी नजर होती थी। लड़कियों को बिना कपड़े में लाइव देखने के लिए जगह-जगह कैमरे लगाए थे। फार्म हाउस में जहां सिर्फ लड़कियों की एंट्री थी, वहां खुद बिना कपड़ों के रहता था। लड़कियां जहां- जहां बिना कपड़ों के होती थीं, वहां-वहां उसका कैमरा पहले से इंस्टाल रहता। एजेंट से डिमांड कर नॉर्थ ईस्ट की लड़कियां मंगवाता था, ताकि कोई विरोध नहीं कर पाए। पति-पत्नी एकसाथ होते थे, वह भी कैमरे में देखता था।’ ये बयान है सहरसा में JDU नेता ओवैस करनी के फार्म हाउस से रेस्क्यू की गई लड़की के भाई का। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ओवैस के फार्म हाउस पहुंची। जैसा पीड़ित परिवारों ने बताया सब वैसा ही मिला। लड़कियां जहां नहाती थीं वहां 5 CCTV कैमरे लगे थे। पूरे फार्म हाउस और मजदूरों के रहने की जगह पर 16 CCTV कैमरे लगाए गए थे। हमें ओवैस के फार्म हाउस में बिना कपड़ों के घूमते वीडियो भी मिला। ओवैस के यहां से पुलिस ने 29 मार्च को 7 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया था। लड़कियों ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं, साथ ही कई बड़े खुलासे किए। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए JDU नेता का बिना कपड़ों में लड़कियों को देखने का डर्टी शौक… भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम पटना से 250 किलोमीटर दूर सहरसा के नया टोला में स्थित JDU नेता ओवैस करनी के फार्म हाउस पहुंची। इस फार्म हाउस को उसने अपनी अय्याशी का अड्‌डा बना रखा था। पीड़ित के भाई ने बताया, “फार्म हाउस के लग्जरी रूम में पुरुषों की एंट्री नहीं होती थी। हम लोग वहां तक जाने की हिम्मत नहीं कर पाते थे। साफ सफाई के लिए भी महिलाएं ही जाती थीं। वहां वो हर समय बिना कपड़ों के रहता था। महिलाएं और लड़कियां हमेशा उसके टारगेट पर रहती थीं। लड़कियाें के नहाते, टॉयलेट जाते और केड़ा चेंज करने से लेकर हर मूवमेंट को वह CCT कैमरे से लाइव देखता था। जहां लड़कियां, महिलाएं रहती थीं, वहां तक का उसने CCTV लगाए थे। जिसे वो अपने फार्म हाउस में बने आलीशान रूम में बैठकर देखता था।’ लड़कियों के टॉयलेट में भी कैमरे लगे थे 14 साल की पीड़ित के भाई के साथ, पीड़ित सभी लड़कियों का परिवार काफी डरा हुआ है। हिम्मत देने के बाद पीड़ित के भाई ने JDU नेता ओवैस करनी के बारे में हमसे बात की। उसने बताया, हमेशा कोई न कोई मासूम उसके टारगेट पर रहती थी। जब जिसको चाहता घर से बुलवा लिया, नहीं गई तो जबरन उठवा लिया। रिपोर्टर – लड़कियों को हमेशा बिना कपड़ाें के क्यों देखता था? राजेश – सब जगह CCTV कैमरे लगाए थे, लड़कियों को देखता था। रिपोर्टर – कहां-कहां कैमरे लगाए गए थे? राजेश – देखिए, वहां CCTV कैमरा लगा है, हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी। रिपोर्टर – वह काम के लिए आप लोगों पर नजर रख रहा होगा? राजेश – नहीं, लड़कियां, महिलाएं जब टॉयलेट जाती थीं तो वहां भी उसके कैमरे में दिखती थीं। रिपोर्टर – ऐसा कौन करता है, यह सच है क्या? राजेश – कैमरा दिखाते हुए बोला – देखिए यहां से नहाते हुए देखता था, यहां से कपड़े बदलते हुए देखता था। रिपोर्टर – आप लोग विरोध नहीं करते थे कभी? राजेश – नहीं कर सकते थे, वह खतरनाक आदमी है, हम लोग उसके चंगुल में फंसे हुए हैं। रिपोर्टर – आप लोग कहां से आए हैं, पहले पता नहीं था क्या? राजेश – हम लोग असम से आए हैं, यहां का कुछ पता नहीं था। रिपोर्टर – यहां क्या-क्या होता था आप लोगों को पता नहीं चला? राजेश – हम लोग अपने काम में रहते थे, इधर पूरा खेल चलता था। रिपोर्टर – क्या आपको पता था कि लड़कियों को परेशान किया जाता था? राजेश – हां, लड़कियों को खिलौना बनाकर रखा जाता था, हमें अंदर जाने नहीं दिया जाता था। रिपोर्टर – लड़कियां पहले ये बातें बताई थीं कि उन्हें बिना कपड़ों के देखा जाता है? राजेश – नहीं, वे डर से कुछ नहीं बताती थीं, बाद में धीरे-धीरे बातें सामने आईं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम की पड़ताल के दौरान एक 14 साल की पीड़िता के पिता सोना (बदला हुआ नाम) से मुलाकात हुई। वह भी असम का रहने वाला है, इसलिए JDU नेता से काफी डरा हुआ है। बेटी के साथ अश्लील हरकत होने के बाद भी वो कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हो रहा था। काफी कोशिश के बाद उसने कहा कि लड़कियों को बिना कपड़ों के देखना नेता का बड़ा शाैक था। इसके लिए उसके आदमी भी उसका काफी साथ देते थे। सोना ने बताया, “हम लोग पूरी तरह से मजबूर हैं। असम से आए हैं, यहां हमारा कोई नहीं है। कोई ना तो हमारी बात सुनता है और ना ही मदद के लिए आगे आता है। लड़कियों को हमेशा CCTV कैमरा से देखा जाता था। मैंने तो अब तक ऐसा कोई इंसान नहीं देखा जो लड़कियों को इस तरह देखने का शौकीन हो। लड़कियां जहां भी जिस काम में होती थीं, CCTV कैमरे में दिख जाती थीं। वह खुद बिना कपड़ों के अपने कमरे में बैठकर लड़कियों को हर तरह से देखता रहता था। रात में उन लड़कियों को रूम में बुलवाता था जो दिन में उसे पसंद आती थीं।” विरोध करने पर जान से मारने की धमकी मिलती 14 साल की पीड़ित के पिता सोना ने कहा, “यहां परिवार का बहुत शोषण होता है। लड़कियों को जिस तरह से कैमरे में देखा जा रहा है, यह गलत है। ऐसा कहीं नहीं होता है। हम लोग गलती से ठेकेदार के चक्कर में यहां फंस गए हैं। अब दोबारा कभी भी बिहार में काम करने के लिए नहीं आएंगे। मालिक हमारी लड़कियों को बिना कपड़ों के देखता और उनके साथ गलत हरकता करता है, विरोध करने पर जान से मारकर फेंक देने तक की धमकी देता है।” रिपोर्टर – आप लोगों को कुछ भी पता नहीं चलता था? सोना – नहीं, बहुत शातिर है, कैमरे से लड़कियों को देखता है। रिपोर्टर

धार में कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर कार्रवाई:भड़काऊ पोस्ट के आरोप पर केस दर्ज, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

धार में कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर कार्रवाई:भड़काऊ पोस्ट के आरोप पर केस दर्ज, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

धार में सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में कांग्रेसी नेता गोपाल पाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बुधवार को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर तहसीलदार के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजने का निर्देश दिया गया। हालांकि, जेल भेजे जाने से पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली पुलिस ने गोपाल पाल के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में की गई। जानकारी के अनुसार, गोपाल पाल लगातार सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज, देवी-देवताओं और आरएसएस के संबंध में आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कर रहे थे। इन पोस्ट्स के कारण समाज में आक्रोश और तनाव की स्थिति बन रही थी। इस मामले में ब्राह्मण समाज के चेतन शर्मा और दिनेश सोनवानिया ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। ब्लड प्रेशर बढ़ा डॉक्टरों के मुताबिक, गोपाल पाल का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ है। उन्हें फिलहाल आईसीयू में रखकर उपचार दिया जा रहा है। गोपाल पाल को मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का करीबी बताया जाता है। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाने के दो दिन बाद मंगलवार को असम पुलिस ने दिल्ली में पवन खेड़ा के घर छापा मारा। हिमंता की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि छापेमारी के वक्त पवन घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने घर से कुछ डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रिक डिवाइस सीज कीं। पवन के घर पर मौजूद नहीं होने पर हिमंता ने कहा कि गिरफ्तारी की चुनौती देने वाले खेड़ा अब हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हम खेड़ा को पाताल से ढूंढकर ले आएंगे और पता करेंगे कि उन्हें फर्जी दस्तावेज किसने दिए। मुझे लगता है कि ये डॉक्यूमेंट्स शायद राहुल गांधी ने पवन खेड़ा को दिए होंगे। 5 अप्रैल को पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाया था कि उनके पास मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों से इनकार किया। 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने सोमवार को दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि हमने उन दो दुबई अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। कांग्रेस ने ये दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए थे। हमने इस तरह इनका पता लगाया है। आप भी फोन पर देख सकते हैं। इससे पहले पांच अप्रैल को हिमंता ने पवन खेड़ा की कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद ही X पर पर पोस्ट किया था कि उनके दिखाए गए दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं, जो साफ तौर पर इनके फर्जी और डिजिटल छेड़छाड़ होने का सबूत हैं। इन मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर झूठ फैलाने के लिए पवन खेड़ा को जेल जाना होगा और सच्चाई की जीत होगी। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… राजनाथ बोले- पाकिस्तान कितने टुकड़ों में बंटेगा, भगवान ही जाने:बंगाल में नजर डाली तो बुरा नतीजा होगा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमला करने की धमकी पर जवाब दिया। राजनाथ ने कहा कि आसिफ को इस तरह का भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें…

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे; खेड़ा ने कहा था- CM की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाने के दो दिन बाद मंगलवार को असम पुलिस ने दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापा मारा। हिमंता की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि छापेमारी के वक्त पवन घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने घर से कुछ डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रिक डिवाइस सीज कीं। पवन के घर पर मौजूद नहीं होने पर हिमंता ने कहा कि गिरफ्तारी की चुनौती देने वाले खेड़ा अब हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हम खेड़ा को पाताल से ढूंढकर ले आएंगे और पता करेंगे कि उन्हें फर्जी दस्तावेज किसने दिए। मुझे लगता है कि ये डॉक्यूमेंट्स शायद राहुल गांधी ने पवन खेड़ा को दिए होंगे। 5 अप्रैल को पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाया था कि उनके पास मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों से इनकार किया। कांग्रेस बोली- इस रेड का मतलब क्या है पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि ये किस चीज की रेड है? यही तो हम जानना चाहते हैं। अगर उन्होंने कुछ गंभीर बातें कही हैं, तो पुलिस को जांच करनी चाहिए। उन्होनें आगे कहा कि आपको याद होगा, कुछ समय पहले गौरव गोगोई पर उन्होंने बहुत आरोप लगाए थे। उनकी पत्नी पर कि वह पाकिस्तानी हैं, एजेंट हैं और जासूसी करती हैं। ये बहुत गंभीर आरोप थे। तो उस पर क्या हुआ? क्या हिमंता जी के घर पर रेड पड़ी थी? वहीं, कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने कहा कि- पवन जी के घर को पुलिस छावनी बना दिया गया, क्योंकि उन्होंने हिमंता ‘बेशर्मा’ की काली करतूतों का पर्दाफाश किया। कांग्रेस हिमंता ‘बेशर्मा’ जैसे लोगों की गीदड़ भभकियों से डरने वाली नहीं है। 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने सोमवार को दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि हमने उन दो दुबई अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। कांग्रेस ने ये दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए थे। हमने इस तरह इनका पता लगाया है। आप भी फोन पर देख सकते हैं। इससे पहले पांच अप्रैल को हिमंता ने पवन खेड़ा की कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद ही X पर पर पोस्ट किया था कि उनके दिखाए गए दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं, जो साफ तौर पर इनके फर्जी और डिजिटल छेड़छाड़ होने का सबूत हैं। इन मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर झूठ फैलाने के लिए पवन खेड़ा को जेल जाना होगा और सच्चाई की जीत होगी। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… राजनाथ बोले- पाकिस्तान कितने टुकड़ों में बंटेगा, भगवान ही जाने:बंगाल में नजर डाली तो बुरा नतीजा होगा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमला करने की धमकी पर जवाब दिया। राजनाथ ने कहा कि आसिफ को इस तरह का भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें…

‘असम पुलिस पाताल से ढूंढेगी…’, दिल्ली आवास पर नहीं मिले कांग्रेस नेता पवन मंडल तो टूटे से लाल टुकड़े असम सीएम हिमंत, ये चेतावनी दे रहे हैं?

'असम पुलिस पाताल से ढूंढेगी...', दिल्ली आवास पर नहीं मिले कांग्रेस नेता पवन मंडल तो टूटे से लाल टुकड़े असम सीएम हिमंत, ये चेतावनी दे रहे हैं?

असम विधानसभा चुनाव 2026: असम में कांग्रेस प्रवक्ता पवन के सहायक के बाद एसोसिएट पद पर खड़ा हो गया है। अब खुद मुख्यमंत्री सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस नेता पर मोर्चा संभाल लिया है। साथ ही राहुल गांधी पर भी मुकदमा करने की चेतावनी दी है. इससे पहले पवन अयोग्य पर असम पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। असम पुलिस के प्रवक्ता पवन गोस्वामी के दिल्ली स्थित घर सॉप था, लेकिन कांग्रेस के प्रवक्ता नहीं मिले। इस पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम पुलिस उन्हें पाताल में भी खोजेगी. खड़गे जी पागलों जैसी बातें करते हैं: हिमंता बिस्वा सरमा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि विदेश मंत्री से पहले भी कोई आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए। खड़गे जी की उम्र हो गयी है. फिर भी वह पागलों जैसी बातें करती हैं. असम पुलिस तो पाताल से भी लोगों को ढूंढ सकती है। मुझे शक है कि राहुल गांधी ने ये दस्तावेज़ नीचे दिए हैं। इस मामले में राहुल गांधी तक की राय हमें देखने की कोशिश मत करो। यह असमंजस है. हम 17 बार इस्लामिक आक्रमण के विरुद्ध युद्ध लड़कियाँ हैं। #घड़ी | जोरहाट | कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है, “आरोप लगाने से पहले उन्हें विदेश मंत्री से पूछना चाहिए था। खड़गे जी की उम्र हो गई है, फिर भी वह पागलों की तरह बोलते हैं। असम पुलिस ‘पाताल’ से भी लोगों को ढूंढकर ला सकती है। मैं… pic.twitter.com/EgIOsIFcuv – एएनआई (@ANI) 7 अप्रैल 2026 इससे पहले पवन सहचालक को लेकर हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि वह कल गुवाहाटी भाग गए थे। मीडिया से मिली जानकारी से पता चला कि पुलिस उनके दिल्ली वाले आवास पर थी। लेकिन वह भाग गया। कानून अपना काम करेगा. पूरा मामला क्या है? रिश्ता, मामला 5 अप्रैल को हुआ कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस से यात्रा हुई है। इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता पवन प्रशांत ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं. साथ ही पूछा कि तीन पासपोर्ट रखने की आवश्यकता क्यों है? क्या वे कोई अपराधी हैं? इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं. असम चुनाव के बाद हरियाणा में किस तरह की तैयारी की जा रही है? पवन सह-लेखक ने हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीति को पिशाच के आधार पर सही करार दिया। इसके अलावा पवन महासचिव ने पूछा कि इसकी जानकारी क्या है? शाह ने जवाब दिया कि वो क्या मठवासी इस मामले की जांच कराएंगे? यह भी पढ़ें: पवन परमिट नहीं मिले, घर से क्या जब्त कर ली गई असम पुलिस? अनबन ने ही कहा- ‘जहां से भी ढूंढेंगे’ (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट समाचार(टी)असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा(टी)कांग्रेस नेता पवन खेड़ा(टी)राहुल गांधी(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)असम पुलिस ने पवन खेड़ा दिल्ली में छापा मारा सदन(टी)राजनीतिक खींचतान(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)जोराहाट समाचार(टी)असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा(टी)कांग्रेस नेता पवन जेटली(टी)राहुल गांधी(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)असम पुलिस ने दिल्ली हाउस पर डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक बयान

राघव चड्‌ढा विवाद- इससे पहले 30 नेता AAP छोड़ चुके:सबसे ज्यादा 15 पंजाब के, इनमें सांसद-MLA भी; 3 का न इस्तीफा, न निकाला

राघव चड्‌ढा विवाद- इससे पहले 30 नेता AAP छोड़ चुके:सबसे ज्यादा 15 पंजाब के, इनमें सांसद-MLA भी; 3 का न इस्तीफा, न निकाला

राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा का अपनी ही आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच टकराव चल रहा है। AAP ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाने के बाद पार्टी कोटे से बोलने का टाइम न देने तक के लिए कह दिया। अब उनके AAP छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने के कयास भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि राघव चड्‌ढा अकेले ऐसे नेता नहीं हैं, जो अपनी ही पार्टी के निशाने पर हों। AAP की स्थापना से लेकर अब तक 30 बड़े नेता पार्टी से किनारा कर चुके हैं। जिसमें सबसे ज्यादा 15 नेता पंजाब से हैं। पंजाब से पार्टी को अलविदा करने वाले नेताओं में सुच्चा सिंह छोटेपुर, एडवोकेट एचएस फूलका और गुरप्रीत घुग्गी जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। यही नहीं हाल ही में राज्य सभा के डिप्टी लीडर पद से हटाए गए राघव चड्‌ढा भी पंजाब कोटे से ही हैं। आप ने पंजाब के सिटिंग सांसदों धर्मवीर गांधी व हरजीत सिंह खालसा को भी पार्टी से निष्काषित कर दिया था। धर्मवीर गांधी कांग्रेस में शामिल होकर दोबारा सांसद चुने गए। यही नहीं आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सिटिंग एमएलए को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया या विधायकों ने खुद पार्टी छोड़ दी। सुखपाल सिंह खैहरा पार्टी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे जब उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। वहीं एडवोकेट एचएस फूलका ने भी LOP रहते हुए पार्टी छोड़ दी थी। कुछ दिन पहले वह BJP में शामिल हो गए। 26 नवंबर 2012 को पार्टी के गठन से लेकर 2026 तक नेताओं को आम आदमी पार्टी से क्यों निकाला गया या फिर नेताओं ने पार्टी से दूरी क्यों बनाई, इसके बारे में जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… 1. शाजिया इल्मी पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख नेता, 2014 लोकसभा उम्मीदवार। कारण: शाजिया इल्मी ने मई 2014 में आंतरिक लोकतंत्र की कमी, कुछ लोगों द्वारा पार्टी चलाने और मूल मूल्यों से भटकना का आरोप पार्टी नेताओं पर लगाया। उसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ दी। 2. कैप्टन जी.आर. गोपीनाथ पद: संस्थापक सदस्य, प्रमुख राष्ट्रीय नेता। कारण: कैप्टन जीआर गोपीनाथ ने मई 2014 में आम आदमी पार्टी से किनारा कर दिया। उन्होंने पार्टी नेताओं पर आरोप लगाया कि पार्टी की रणनीति और कोर लीडरशिप द्वारा अनदेखी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। 3. योगेंद्र यादव पद: संस्थापक सदस्य, पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (PAC) सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: योगेंद्र यादव को आम आदमी पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण 21 अप्रैल 2015 को पार्टी से निष्काषित कर दिया। योगेंद्र यादव ने अनुशासन भंग, केजरीवाल की तानाशाही और टिकट वितरण में अनियमितताओं का आरोप लगाया। जिसकी वजह से उन्हें पार्टी से निकाला गया। 4.प्रशांत भूषण पद: संस्थापक सदस्य, PAC सदस्य, वरिष्ठ वकील। कारण: प्रशांत भूषण को भी योगेंद्र यादव के साथ ही पार्टी से बाहर निकाला गया। प्रशांत भूषण ने भी तानाशाही और टिकट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप पार्टी नेताओं पर लगाया था। अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें भी अप्रैल 2015 में बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। 5. आनंद कुमार पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, संस्थापक सदस्य। कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियां चलाने के आरोप में पार्टी ने योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण के साथ आनंद कुमार को भी बाहर का रास्ता दिखा। आनंद कुमार ने भी खुलकर AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की खिलाफत की थी। 6. अजीत झा पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: अप्रैल 2015 में इन्हें भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया। इन्होंने भी पार्टी में चल रही तानाशाही का विरोध किया था और कहा था कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक रही है। 7. मयंक गांधी पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, महाराष्ट्र यूनिट प्रमुख। कारण: मयंक गांधी को महाराष्ट्र यूनिट का प्रमुख नियुक्त किया गया था। 2015 में केजरीवाल ने महाराष्ट्र यूनिट भंग की। जिससे नाराज होकर मयंक गांधी ने पार्टी छोड़ दी। 8. अंजलि दामनिया पद: महाराष्ट्र यूनिट प्रमुख, राष्ट्रीय स्तर की नेता। कारण: अंजलि दामनिया के केजरीवाल से मतभेद हो गए थे। उन्होंने केजरीवाल पर हॉर्स ट्रेडिंग यानि कांग्रेस विधायकों को अपने साथ मिलाने के आरोप लगाए। जिसके बाद उनके केजरीवाल से मतभेद बढ़ गए और मार्च 2015 में में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। 9. कपिल मिश्रा पद: दिल्ली की AAP सरकार में मंत्री , करावल नगर से MLA, राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित नेता। कारण: कपिल मिश्रा के सत्येंद्र जैन के साथ मदभेद हो गए थे जिसके बाद केजरीवाल ने उन्हें कैबिनेट से हटा दिया। उन्होंने केजरीवाल व सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और पार्टी ने उन्हें निष्काषित कर दिया। 10. अलका लांबा पद: चांदनी चौक से MLA (2015 दिल्ली चुनाव), दिल्ली यूनिट की प्रमुख महिला नेता। कारण: अलका लांबा ने पार्टी की कार्यशैली पर असहमति, राजीव गांधी पर AAP के प्रस्ताव का विरोध और “खास आदमी पार्टी” बनने का आरोप लगाया। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लगे। उन्होंने सितंबर 2019 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस जॉइन कर ली। 11. आशुतोष पद: प्रमुख प्रवक्ता, पत्रकार-से-राजनेता, केजरीवाल के करीबी। कारण: आशुतोष राज्यसभा जाना चाहते थे लेकिन पार्टी ने उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा। जिसके बाद 2018 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। इसमें उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया। हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी लीडरशिप से मतभेद होने की बात भी कही। 12. अशोक अग्रवाल पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: अशोक अग्रवाल पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 2014 में उन्होंने पार्टी नेतृत्व की मनमानी पर सवाल उठाए और आम आदमी पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का दर्जा दे दिया। जिसके बाद उन्होंने खुद पार्टी से इस्तीफा दे दिया। 13. इलियास आजमी पद: संस्थापक सदस्य, पूर्व सांसद। कारण: इलियास आजमी ने पार्टी में केजरीवाल की तानाशाही और आंतरिक लोकतंत्र की कमी पर सवाल खड़े किए। वो बार-बार कहते रहे कि पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक रही हे। जिसके बाद उन्होंने 2016 में इस्तीफा दे दिया। 14. स्वाति मालीवाल पद: राज्यसभा सांसद (AAP कोटे से), दिल्ली महिला आयोग पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय स्तर की नेता। कारण: स्वाति मालीवाल ने अभी तक पार्टी नहीं छोड़ी है और न ही उसे पार्टी से निष्काषित किया गया है। लेकिन वो आम आदमी पार्टी के खिलाफ जमकर बोलती हैं। 2024

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:खेड़ा ने आरोप लगाया था- CM हिमंता की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी:खेड़ा ने आरोप लगाया था- CM हिमंता की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट

असम पुलिस की टीम कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर पहुंची है। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। पवन घर पर नहीं है। असम पुलिस उनसे पूछताछ के लिए इंतजार कर रही है। दिल्ली पुलिस भी साथ में मौजूद है। दरअसल दो दिन पहले पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों को गलत बताया था। दिल्ली में छापेमारी पर सीएम सरमा ने आज कहा कि वह कल गुवाहाटी से भाग गए। मुझे मीडिया के जरिए पता चला है कि पुलिस दिल्ली में उनके घर गई थी, लेकिन वह हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हिमंता की पत्नी ने सोमवार को FIR भी कराई थी। असम में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। आज शाम 5 बजे प्रचार थम जाएगा। 5 राज्यों में हो रही चुनावी हलचल से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

भाजपा नेता से मारपीट का कांग्रेस ने किया विरोध:एसपी कार्यालय के सामने धरना, आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग

भाजपा नेता से मारपीट का कांग्रेस ने किया विरोध:एसपी कार्यालय के सामने धरना, आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग

नरसिंहपुर जिले में भाजपा नेता पवन पटेल से मारपीट के मामले में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल सोमवार दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। जानकारी के अनुसार, सुनीता पटेल ने शनिवार को एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस से संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। धरने के दौरान सुनीता पटेल ने आरोप लगाया कि पवन पटेल को बुरी तरह पीटा गया, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने प्रेस नोट जारी किया, पर उनके पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। पटेल ने क्षेत्र में अवैध उत्खनन और डंपरों की आवाजाही को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि गाडरवारा में लगातार हादसे हो रहे हैं, जैसे हाल ही में गांधी गांव में एक ट्रक घर में घुस गया, जिससे एक युवक की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह दिसंबर में भी पत्र लिखकर डंपरों के संचालन का समय निर्धारित करने की मांग कर चुकी हैं। सुनीता पटेल ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, वे धरना समाप्त नहीं करेंगी। दूसरी ओर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना 1 तारीख की दरमियानी रात पलोहा थाना क्षेत्र में हुई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और दो-तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। शेष आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। भूरिया ने बताया कि कुछ आरोपी स्थानीय हैं, जबकि कुछ बाहर के हैं। मामले की विस्तृत जानकारी एसडीओपी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि त्वरित कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।