नाती ने रची थी दादी की हत्या की साजिश:शिवपुरी में सुपारी लेकर आए दोस्त ने पैर छूकर मार दी थी गोली

शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के डेहरवारा गांव में 22 अप्रैल को हुई बुजुर्ग महिला रामसखी धाकड़ की हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, इस वारदात का मास्टरमाइंड महिला का नाती निकला, जिसने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। घटना 22 अप्रैल की दोपहर की है, जब तीन युवक बाइक पर सवार होकर डेहरवारा गांव पहुंचे। उन्होंने शादी का कार्ड देने के बहाने रामसखी धाकड़ के घर का दरवाजा खुलवाया। जैसे ही महिला बाहर आईं, एक युवक ने पहले उनके पैर छुए और फिर तुरंत उनके सिर में गोली मार दी। यह वारदात नातिन के सामने हुई थी। बंटवारे से नाखुश था परिवार जांच में सामने आया कि रामसखी धाकड़ की शादी लक्ष्मी नारायण लोधी से हुई थी। परिवार के पास करीब 35 बीघा जमीन थी, जिसका बंटवारा पहले ही हो चुका था। रामसखी अपनी हिस्से की जमीन अपने बेटे मुनेश धाकड़ के नाम करना चाहती थीं, जिससे परिवार में विवाद बढ़ गया था। शुरुआत में शक सौतेले बेटों पर गया था, जिन पर नामांतरण का विरोध करने का आरोप था। एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि पुलिस जांच के बाद इस हत्या का मास्टरमाइंड रामसखी की सौतेली बेटी गुड्डी धाकड़ का बेटा पुष्पराज धाकड़ निकला। पुलिस के मुताबिक, पुष्पराज अपनी मां के साथ रामसखी द्वारा कथित दुर्व्यवहार से नाराज था और इसी का बदला लेने के लिए उसने हत्या की योजना बनाई। पैसों का लालच देकर कराई थी हत्या पुष्पराज की दोस्ती शिवपुरी में रहने वाले निकेंद्र रावत से थी, जो कर्ज में डूबा हुआ था। पुष्पराज ने निकेंद्र को पैसों का लालच देकर हत्या के लिए राजी किया। हत्या के दिन दोनों शादी का कार्ड लेकर घर पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल निकेंद्र की थी और गोली भी उसी ने चलाई थी। वारदात से पहले करीब 36 हजार रुपए खर्च किए गए थे और आगे और पैसे देने की बात तय हुई थी। दोनों आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल बरामद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है। तेंदुआ थाना पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
सनोज मिश्रा पर केरल में पॉक्सो में एफआईआर:कुंभ की वायरल गर्ल के साथ छेड़छाड़ में वीएचपी नेता सहित 4 पर केस दर्ज

प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान अपने एक वीडियो से देशभर में सुर्खियों में आई वायरल गर्ल की शिकायत पर केरल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक वरिष्ठ नेता और फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा सहित चार लोगों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस ने गुरुवार को पुष्टि की कि यह मामला नाबालिग द्वारा लगाए गए उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद सामने आया है। वीएचपी नेता सहित 4 पर केस दर्ज पीटीआई के अनुसार, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की सूची में विहिप नेता और वकील अनिल विलायिल के साथ-साथ फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा का नाम शामिल है। यह मामला तब और अधिक चर्चा में आ गया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ यह दुर्व्यवहार उस समय हुआ जब वह नाबालिग थी। शिकायत के मुताबिक, निर्देशक सनोज मिश्रा ने फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के दौरान कथित तौर पर युवती के साथ दुर्व्यवहार किया था। मुस्लिम दोस्त से शादी के बाद चर्चा में मामला आया कुंभ मेले के वीडियो से वायरल हुई नाबालिग तब विवादों में आई थी, जब उसने केरल के एक मंदिर में अपने एक मुस्लिम दोस्त से शादी कर ली थी। नाबालिग ने आरोप लगाया कि अभिनय के अवसर देने के नाम पर उसका शोषण किया गया। बुधवार को दर्ज की गई एफआईआर के बाद पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना गोपनीय बयान भी दर्ज कराया है। सनोज मिश्रा बोले: ये सोची समझी साजिश दूसरी ओर, फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ झूठे दस्तावेजों के आधार पर मामला दर्ज कराया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और चूंकि कथित घटना स्थल केरल से बाहर का है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले को संबंधित क्षेत्राधिकार वाले पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अब युवती की उम्र और घटना से जुड़े साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है।
बीच सड़क पर नीतू कपूर और रणबीर ने किया डांस:साथ में पोज भी दिए, मां ने बेटे को गले लगाकर किया किस

एक्ट्रेस नीतू कपूर और उनके बेटे रणबीर कपूर बुधवार को पैपराजी के सामने साथ डांस स्टेप्स करते नजर आए। यह वीडियो तब का है जब मुंबई में दोनों एक साथ स्पॉट हुए और पैपराजी को पोज दिए और डांस स्टेप्स भी करते दिखे। नीतू ने बेटे को गले लगाया और उनके गाल पर प्यार से किस किया। इस दौरान रणबीर कपूर ब्लू डेनिम जींस और लेमन कलर की शर्ट में दिखे, जबकि नीतू कपूर डेनिम जींस, व्हाइट-ब्लू शर्ट और ब्लेजर में नजर आईं। दोनों के इस अंदाज पर यूजर्स ने प्रतिक्रिया देते हुए उनकी जोड़ी और बॉन्डिंग की तारीफ की है। नीतू कपूर फिल्म ‘दादी की शादी’ में आएंगी नजर गौरतलब, नीतू कपूर (नीतू सिंह) 70 और 80 के दशक की चर्चित अभिनेत्री रही हैं और उन्होंने ‘अमर अकबर एंथोनी’, ‘दीवार’ और ‘धर्मवीर’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया है। 67 की उम्र में भी वे फिल्मों में एक्टिव हैं। जल्द ही वो फिल्म ‘दादी की शादी’ में नजर आएंगी, जो 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में वह कपिल शर्मा के साथ मुख्य भूमिका में हैं। खास बात यह है कि इस फिल्म से नीतू सिंह की बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी भी अपना एक्टिंग डेब्यू कर रही हैं। वहीं रणबीर कपूर के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाते दिखेंगे और यह फिल्म दिवाली पर रिलीज होने वाली है। इसके अलावा वे संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में आलिया भट्ट और विक्की कौशल के साथ नजर आएंगे। फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
सिंघम बनाम पुष्पा: बंगाल चुनाव चरण 2 से पहले ‘सख्त’ यूपी पुलिसकर्मी और ‘उद्देश्यी’ टीएमसी नेता के बीच मौखिक द्वंद्व | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 00:09 IST जहां टीएमसी ने अजय पाल शर्मा की पेशेवर तटस्थता पर सवाल उठाया है, वहीं भाजपा ने अधिकारी के कार्यों का बचाव किया है खान (आर) ने आईपीएस अधिकारी पर ‘भाजपा एजेंट’ के रूप में कार्य करने के लिए एक तटस्थ पर्यवेक्षक के रूप में अपने संवैधानिक जनादेश को खत्म करने का आरोप लगाया। छवि/एक्स पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के हाई-स्टेक थिएटर में, दूसरे दौर के मतदान से एक दिन पहले राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी और चुनाव आयोग की प्रवर्तन शाखा के बीच एक सिनेमाई टकराव सामने आया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने उत्तर प्रदेश-कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के साथ टकराव के बाद एक वायरल विवाद को जन्म देते हुए कहा, “यह बंगाल है; अगर वह ‘सिंघम’ हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं।” फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं को कथित रूप से डराने-धमकाने के खिलाफ दक्षिण 24 परगना के लिए नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक शर्मा द्वारा जारी की गई कड़ी चेतावनी के बाद यह मौखिक हमला हुआ। फाल्टा में ‘सिंघम’ की चेतावनी यह विवाद मंगलवार को तब भड़क गया, जब एक वीडियो सामने आया, जिसमें आईपीएस अजय पाल शर्मा – जिन्हें अपराध के मामले में सख्त छवि के लिए अक्सर यूपी का “सिंघम” कहा जाता है – जहांगीर खान के आवास और चुनाव कार्यालय का दौरा करते हुए दिखाया गया है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की एक विशाल टुकड़ी के साथ, शर्मा को उम्मीदवार के परिवार और कर्मचारियों को एक स्पष्ट संदेश देते देखा गया। रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयोग ने विशिष्ट शिकायतों पर कार्रवाई की, जिसमें आरोप लगाया गया कि खान के सहयोगी जबरन मतदाता पहचान पत्र एकत्र कर रहे थे और स्थानीय मतदाताओं को धमकी दे रहे थे। वायरल फ़ुटेज में, शर्मा ने चेतावनी दी कि प्रशासन उपद्रवियों के साथ “उचित तरीके से निपटेगा”, और एक भयावह चेतावनी भी दी: “तब रोना या पछताना मत।” बख्तरबंद वाहनों और पहचाने गए “उपद्रवियों” की सूची के साथ आयोजित यह दौरा स्पष्ट रूप से स्वतंत्र और निष्पक्ष चरण 2 के मतदान को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्रवाई का हिस्सा था। ‘पुष्पा’ की अवज्ञा: ‘झुकेगा नहीं’ जिसे उन्होंने “अवैध धमकी” कहा था, उसका जवाब देते हुए जहांगीर खान ने तेलुगु ब्लॉकबस्टर पुष्पा की उद्दंड भावना का आह्वान किया। खान ने आईपीएस अधिकारी पर एक तटस्थ पर्यवेक्षक के रूप में अपने संवैधानिक जनादेश का उल्लंघन कर “भाजपा एजेंट” के रूप में कार्य करने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि ईसीआई दिशानिर्देशों में किसी पर्यवेक्षक को धमकी देने के लिए उम्मीदवार के निजी आवास में प्रवेश करने की अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है। खान ने अपने प्रतिरोध को दोगुना करते हुए संवाददाताओं से कहा, ”अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं। झुकेगा नहीं (मैं नहीं झुकूंगा)।” उन्होंने आगे क्लासिक शोले का हवाला देते हुए कहा कि उनके शब्दकोष में, “डर” मौजूद नहीं है। टीएमसी ने औपचारिक रूप से शर्मा के आचरण पर आपत्ति जताई है, चंद्रिमा भट्टाचार्य जैसे वरिष्ठ राज्य मंत्रियों ने सवाल किया है कि क्या एक पुलिस पर्यवेक्षक गलत काम के ठोस सबूत पेश किए बिना देर रात छापेमारी करने और मौखिक चेतावनी जारी करने के लिए अधिकृत है। बढ़ता राजनीतिक नतीजा “सिंघम बनाम पुष्पा” का आमना-सामना तेजी से एक व्यापक राजनीतिक लड़ाई में बदल गया है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा सोशल मीडिया पर इस लड़ाई में शामिल हो गईं, उन्होंने अधिकारी के संग्रहीत वीडियो साझा किए और उनकी पेशेवर तटस्थता पर सवाल उठाए। इसके विपरीत, भाजपा ने यह कहते हुए अधिकारी के कार्यों का बचाव किया है कि अगर जनता को मतदान करने से रोका गया तो वे विरोध करेंगे और पर्यवेक्षक के तरीकों की वैधता पर चुनाव आयोग अंतिम प्राधिकारी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 00:06 IST समाचार चुनाव सिंघम बनाम पुष्पा: बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले ‘सख्त’ यूपी पुलिस और ‘उद्देश्यी’ टीएमसी नेता के बीच मौखिक द्वंद्व अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)अजय पाल शर्मा(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पुष्पा(टी)जहांगीर खान(टी)सिंघम
भागलपुर में चैंबर में घुसकर ऑफिसर को गोलियों से भूना:नगर परिषद में फायरिंग करते घुसे अपराधी, चेयरमैन बीजेपी नेता के सिर में भी गोली मारी

भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद ऑफिस में मंगलवार को अपराधियों ने घुसकर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की हत्या कर दी। वहीं, नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू को भी सिर में गोली लगी है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। चेयरमैन बीजेपी के नेता बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अपराधी चेयरमैन की हत्या करने पहुंचे थे, लेकिन एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने विरोध किया तो ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दोनों को सिर में गोली मारकर अपराधी भाग निकले। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की पत्नी यूपी में ADM हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो टेंडर प्रक्रिया के साथ-साथ आपसी वर्चस्व को लेकर चेयरमैन-उपचेयरमैन के बीच विवाद है। इस विवाद की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दो अपराधियों की पहचान कर ली गई है। एक शूटर की पहचान की जा रही है। भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… अब वारदात के बाद 2 तस्वीर देखिए… चश्मदीद बोला- ऑफिस में घुसते ही फायरिंग की प्रत्यक्षदर्शी कृष्ण भूषण उर्फ रंजीत कुमार ने बताया, मंगलवार को करीब 3 बजे के आसपास नगर परिषद कार्यालय में चेयरमैन साहब और कार्यपालक पदाधिकारी (EO) बैठे हुए थे। कार्यालय में बाकी लोग भी मौजूद थे। स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी अंदर बैठे थे। इसी दौरान अचानक 3 से 5 की संख्या में अपराधी बुलेट से सवार होकर पहुंचे और सीधे कार्यालय के अंदर घुस आए। अपराधियों ने बिना किसी चेतावनी के ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पहले 2 गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद लगातार 2 से 4 राउंड और फायरिंग की गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। हम सभी लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां देखा कि चेयरमैन साहब और EO साहब गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े थे। इसके बाद हम लोगों ने दोनों घायलों को तत्काल उठाकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इस हमले में दोनों को गोली लगी है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी भाग निकले। BPSC 59वें बैच के अधिकारी थे कृष्णा भूषण कुमार कृष्णा भूषण कुमार BPSC 59वें बैच के अधिकारी थे। वे मूल रूप से मधुबनी शहर के रहने वाले थे। तीन साल पहले उनकी शादी मोतिहारी में हुई थी। उनके ससुराल पक्ष के अधिकांश सदस्य मुजफ्फरपुर के दामोदरपुर में रहते हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 30 जुलाई 2025 को सुल्तानगंज नगर परिषद में पदभार संभाला था। इसी साल फरवरी में सुल्तानगंज नगर परिषद ने बेस्ट अकाउंट्स प्रैक्टिस अवॉर्ड में देशभर में पहला स्थान हासिल किया था, जिसके लिए कृष्णा भूषण कुमार को दिल्ली में सम्मानित किया गया था। लोकल पॉलिटिक्स की वजह से हुई घटना जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन मंडल ने बताया कि, वारदात के पीछे लोकल पॉलिटिक्स हो सकती है। चेयरमैन को 2 गोली लगी है। एक गोली सिर में लगी है, दूसरी फेफड़े में फंसी हुई है। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की मौत हो गई है। ये बहुत ही दुखद घटना है। चेयरमैन की स्थिति ठीक नहीं है। मैंने उन्हें अस्पताल में जाकर देखा है। उन्हें पटना रेफर किया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने X पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव में “मारब सिक्सर की 𝟔 गोली छाती में”….गाकर भाजपाई गुंडों को खूब प्रोत्साहित किया था। अब तो उन अपराधियों का ही CM है। बीजेपी सरकार में हत्या होना अब मंगलराज की श्रेणी में आता है।’ —————————- ये खबर भी पढ़ें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
बीजेपी अब ममता बनर्जी को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी दे रही है, टीएमसी ने बीजेपी नेता का पोस्ट शेयर कर लगाया बड़ा आरोप

पश्चिम बंगाल का पैराग्राफ पैरा रोजमर्रा बढ़ रहा है। चुनाव में डराने-धमकाने को लेकर आईपीएस अजयपाल शर्मा ने हाल ही में आतंकवादियों के नेताओं को चेतावनी दी थी। इसके बाद से विनिर्माण और उद्योग-मुख्यालय हैं। बीजेपी नेता अजय आलोक की एक पोस्ट को लेकर पारंपरिक कांग्रेस ने जोरदार पोस्ट कर पलटवार किया है. टीएमसी की ओर से मंगलवार (28 अप्रैल) को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा गया, “ब्लाकर की धमकियां और फिल्में के बाद बीजेपी ममता अब नारायण को जेल में बंद जान से मारने की धमकियां देने आई है।” आगे ने लिखा, “बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया है कि डरायेगा तो कहलाएगा दीदी, इसका मतलब है कि अगर आप हमें डराने की कोशिश करते हैं, तो हथियार बंद कर देंगे, दोस्त। तीन बार की कंपनी ने मुख्यमंत्री के लिए ये है बीजेपी का प्रस्ताव।” बलात्कार की धमकियों और घृणित, अपमानजनक व्यंग्यचित्रों के प्रसार के बाद, भाजपा अब श्रीमती के खिलाफ खुली मौत की धमकियाँ जारी करने पर उतर आई है। @MamataOfficial. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता @आलोक_अजय उनके एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया: “डरेगा तो बोलेगा दीदी।” @MamataOfficial“, जिसका अर्थ है, “यदि आप प्रयास करें… pic.twitter.com/WsJ3e0jwyo – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 28 अप्रैल 2026 मोदी और अमित शाह को टैग कर क्या कहापोस्ट में आगे कहा गया कि ये है बीजेपी का बंगाल के लिए बदलाव का सपना. वे उत्तर प्रदेश और बिहार की सड़कों पर विकसित अपनी गॉल मारो और दो संस्कृति को बंगाल में स्थापित करना चाहते हैं। इसके बाद मोदी और गृह मंत्री को टैग कर लिखा गया कि इस खतरनाक खतरनाक तानाशाह को टॉप लेवल से मंजूरी मिल गई है खुद पीएम और अमित शाह के कार्यकर्ताओं से। तुम लोगों को हिन्दी समझ नहीं आती क्या? पीड़ित कार्ड खेलने की कोशिश मत करो, गोली मारो और भाग जाओ यह तुम्हारी संस्कृति है हमारी नहीं, अपने गुंडों से लोगों को डराने की कोशिश मत करो। पूर्व वह जगह है जहां बंगाल और भारत के लोगों के लिए सूरज उगता है और आप सभी विनाश के लिए तैयार हैं। https://t.co/MtLcQxijiD – डॉ. अजय आलोक (@alok_ajay) 28 अप्रैल 2026 पोस्ट में आगे कहा गया है कि अगर किसी दोस्त के बारे में वे इस तरह की बात करते हैं, तो यह डायलॉग रोंगटे बिकते हो जाते हैं कि ये भगवा गुंडे बंगाल की आम गुड़िया और बेटी पर क्या खतरा मंडराएगा। पोस्ट में कहा गया कि इन शब्दों में बंगाल भूलेगा नहीं। बंगाल माफ़ नहीं करता. इस अपमान का प्रत्युत्तर से दिया जाएगा। 4 मई को बंगाल अपनी आवाज बुलंद करेगा। ये भी पढ़ें बंगाल में चुनावी प्रचार थमा, बीजेपी ने किया धुआंधार प्रचार, 21 जिलों में पीएम मोदी ने जनता को साधे और गठबंधन को घेरा अजय आलोक का पलटवारकांग्रेस के इस पोस्ट को लेकर बीजेपी नेता अजय आलोक ने पलटवार करते हुए लिखा, “आप लोगों को हिंदी समझ में नहीं आती? पीड़ित होने का नाटक मत करो, लोग आपकी संस्कृति है, हमारी नहीं. अपने गुंडों से लोगों को डराने की कोशिश मत करो. बंगाल और भारत के लोगों के लिए सूरज पूरब से उगता है और आप सब गंदगी की ओर बढ़ रहे हैं.” ये भी पढ़ें टीएमसी के अनमोल यूसुफ़ पुतिन ने बीजेपी की लोकप्रियता में पढ़े कसीदे! ममता-महबूबा से नीतीश तक भी पीछे नहीं, पीछे की मजबूरी क्या?
धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर दमोदर यादव भड़के:आजाद समाज पार्टी के नेता बोले- माफी न मांगने पर प्रदेशभर में करेंगे विरोध प्रदर्शन

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव मंडल बैतूल पहुंचे। बालाघाट दौरे से लौटते समय मीडिया से बातचीत में उन्होंने धार्मिक मंचों से दिए जा रहे बयानों पर सवाल उठाए। दामोदर यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जन्मभूमि है, इसलिए इसे संविधान की धरती के रूप में पहचाना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदेश को आडंबर और पाखंड का केंद्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके विरोध में उनकी पार्टी ने प्रदेशव्यापी जागृति अभियान शुरू किया है। चार बच्चों वाले बयान पर दिया जवाब दमोदर ने धीरेन्द्र शास्त्री के हालिया बयान पर भी निशाना साधा। यादव ने कहा कि जिस मंच से ‘चार बच्चे पैदा करने’ की बात की जा रही है, उसी विचारधारा से जुड़े लोग अविवाहित रहने की सलाह देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि समाज को जिम्मेदारी भरा संदेश देना चाहिए और देशहित से जुड़ी बातें करनी चाहिए, जैसे युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना। दामोदर यादव ने छत्रपति महाराज को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी कड़ी आपत्ति व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती, तब तक पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यादव ने कहा कि यदि जल्द माफी नहीं दी गई तो उनकी पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। यादव ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ साधु-संत एक विशेष राजनीतिक दल के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही। राजनीतिक संदर्भ में, दामोदर यादव ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बात की गई थी, लेकिन अब धार्मिक मुद्दों को आगे बढ़ाकर मूल समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है। यादव ने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर ‘दुकानें’ चलाई जा रही हैं, जिन्हें बंद कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा।
भाजपा नेता अक्षय बम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत:हत्या के प्रयास का आरोप हटा, पिता को भी राहत; दो साल पहले जुड़ी थी धारा

इंदौर के भाजपा नेता अक्षय बम और उनके पिता कांतिलाल बम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने बहुचर्चित इस केस में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) को हटाने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद दोनों इस गंभीर आरोप से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए धारा 307 हटाने का महत्वपूर्ण निर्णय दिया। साथ ही पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप समाप्त हो गया। यह प्रकरण 4 अक्टूबर 2007 की एक घटना से संबंधित है। उस समय दर्ज मामले में हत्या के प्रयास की धारा शामिल नहीं थी। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इस मामले में धारा 307 और धारा 149 जोड़ने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे सेशन कोर्ट और बाद में हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। राजनीतिक साजिश के आरोप अक्षय बम ने अपनी याचिका में दावा किया था कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश के तहत सामने लाया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन पर दबाव बनाकर मामला आगे बढ़ाया गया, जिससे उन्हें चुनावी प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ा। हाई कोर्ट से नहीं मिली थी राहत हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने पहले बम की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मामले में बंदूक के उपयोग और गोली चलाने के आरोपों के आधार पर धारा 307 और 149 के तहत ट्रायल उचित है। शपथपत्र बना विवाद का केंद्र मामले में उस समय नया मोड़ आया जब अक्षय बम द्वारा दायर एक शपथपत्र में राजनीतिक साजिश के आरोप लगाए गए। बाद में यह शपथपत्र विवाद का कारण बना और बम ने अपनी पुरानी याचिका वापस लेकर नए सिरे से संशोधित याचिका दायर की। दो साल बाद मिली राहत करीब दो वर्षों तक चले कानूनी संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस बहुचर्चित मामले को नया मोड़ दिया है। धारा 307 हटने के साथ ही बम परिवार को बड़ी राहत मिली है और लंबे समय से चल रहे विवाद पर विराम लग गया है।
नानी के यहां आया नाती तालाब में डूबा, मौत:बेटे को बचाने पिता भी तालाब में कूदा, 3 घंटे बाद मिला शव

पन्ना जिले के अमानगंज क्षेत्र के ग्राम सप्ताइया में एक शादी समारोह के दौरान 14 वर्षीय किशोर की तालाब में डूबने से मौत हो गई। किशोर को बचाने के लिए उसके पिता भी तालाब में कूद गए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन किशोर को बचाया नहीं जा सका। मृतक की पहचान ग्राम सुनवानी निवासी विकास उर्फ विक्कू अहिरवार (14) के रूप में हुई है। वह अपने पिता सरमन अहिरवार के साथ अपने ननिहाल सप्ताइया में एक शादी समारोह में शामिल होने आया था। रविवार दोपहर विकास अन्य बच्चों के साथ गांव के तालाब में नहाने गया था। नहाते समय गहराई का अनुमान न होने के कारण वह पानी में डूबने लगा। अपने बेटे को डूबता देख पिता सरमन अहिरवार ने उसे बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी। हालांकि, उन्हें तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे भी डूबने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पिता सरमन अहिरवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन विकास पानी में लापता हो गया। घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 और अमानगंज पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य के लिए SDRF प्रभारी सतपाल जैन के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम बुलाई गई। टीम के सदस्यों, जिनमें सैनिक उदित प्रकाश, अमर राज, पुष्पेंद्र सिंह, अखंड प्रताप और अरविंद सिंह शामिल थे, ने लगभग 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों की मदद से बालक के शव को तालाब से बाहर निकाला। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस नेता चौहान को पत्नी–बेटे से जान का खतरा:बैंकर पत्नी बोलीं–IAS को छोड़कर इनसे शादी मेरा गलत फैसला, उनकी नजर मेरी प्रॉपर्टी पर

कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह चौहान और उनकी बैंक ऑफिसर पत्नी शिखा सिंह के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब और तूल पकड़ता जा रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। हाल ही में शिखा सिंह ने भास्कर से पति की शिकायतों और अपने आरोपों को विस्तार से रखा है, जिससे मामला और गरमा गया है। बैंक ऑफिसर पत्नी ने भास्कर को चौहान की वह शिकायत उपलब्ध कराई, जिसमें उन्होंने पत्नी और बेटे से खुद को जान का खतरा बताया है। उन्होंने पति पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं अपने पति से उम्र में 20 साल छोटी हूं। मेरा बेटा नाबालिग है। आखिर उन्हें हमसे कैसे जान का खतरा हो सकता है? बैंकर पत्नी शिखा अपने नेता पति महेंद्र सिंह के खिलाफ दो माह पहले ही दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत दर्ज करा चुकी हैं। ‘आईएएस से शादी तुड़वाकर मुझसे की शादी’ शिखा ने भास्कर से बातचीत में एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि करीब 20 साल पहले महेंद्र सिंह चौहान ने मेरी एक आईएएस अधिकारी से तय शादी तुड़वा दी थी। इसके बाद उन्होंने मुझसे शादी की। शादी के बाद से ही वे लगातार मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैंने अपने पिता को चौहान से शादी करने का फैसला बताया था, तब पिता ने चेतावनी दी थी कि यह फैसला गलत साबित हो सकता है। उस समय मैंने पिता की बात नहीं मानी। उन्होंने कहा था कि तुम चार इमली के सरकारी बंगले से सीधे सड़क पर आ जाओगी। अब लगता है कि यह जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी। मायके की संपत्ति को लेकर दबाव के आरोप शिखा सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही चौहान की नजर उनके मायके की संपत्ति पर है। वे लगातार उन पर दबाव बना रहे हैं कि वे अपने पिता की संपत्ति में हिस्सा लें। हालांकि शिखा ने कहा कि मैं ऐसा नहीं करना चाहतीं, दोनों के बीच विवाद की बड़ी वजह ये भी है। मेरे मायके वाले संपन्न हैं, लेकिन मैं उनकी जिंदगी में दखल नहीं देना चाहती। कांग्रेस प्रभारी को पत्र, मांग-पार्टी चौहान को पद से हटाए शिखा ने बीते दिनों कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को पत्र लिखकर न्याय दिलवाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि पत्नी और बेटे से जान का खतरा बताने वाली शिकायत, चौहान का घिनौना कृत्य है। ऐसे ही घिनौने कृत्य करके उन्होंने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया है। उन्होंने लिखा कि वे मुझसे 20 साल बड़े हैं और अनैतिक कामों से सबका जीवन बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए। राजनीतिक महत्वाकांक्षा बनी विवाद की वजह शिखा ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि महेंद्र सिंह की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते हमारी पारिवारिक जिंदगी बर्बाद होने की कगार पर है। उनकी अनर्गल मांगें लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से पूछा है कि चौहान पर कार्रवाई करने में इतनी देर क्यों हो रही है? शिखा ने इस पत्र की कॉपी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को भी भेजी है। सरकारी मकान को लेकर आपत्ति शिखा ने कहा कि चौहान को यह मकान सरकार ने आवंटित किया है। सरकारी मकान से कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को कैसे बेदखल कर सकता है? धमकी का आरोप-‘अकेले जाती हो, हमला हो सकता है’ शिखा सिंह ने यह भी दावा किया कि उनके पति ने उन्हें धमकी दी है। उनके अनुसार, चौहान ने कहा कि ‘तुम अकेले बैंक जाती हो, तुम पर कभी भी हमला हो सकता है।’ शिखा ने इसे गंभीर धमकी बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है। शिखा ने यह भी बताया कि शिवाजी नगर स्थित सरकारी बंगले में उनका और उनके बेटे का जरूरी सामान रखा हुआ है, लेकिन चौहान ने घर पर ताला लगा दिया है। उन्हें वहां से अपने दस्तावेज, गहने और अन्य जरूरी सामान लेने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस में आवेदन भी दिया है। चौहान का पक्ष-मीडिया ट्रायल से बचने की कोशिश दूसरी ओर, महेंद्र सिंह चौहान पहले ही अपनी पत्नी पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए वे इस पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहना चाहते। हालांकि इस बार जब उनसे उनकी पत्नी के आरोपों पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई जवाब देने से इनकार कर दिया। उनके करीबी लोगों का कहना है कि शिखा के आरोप निराधार हैं और चौहान इस मामले का मीडिया ट्रायल नहीं चाहते।









