Sunday, 04 Oct 2026 | 01:00 AM

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भिवाड़ी में गूंजे ठहाके; ‘हंसी’ है हर बीमारी की पक्की दवा, डॉक्टर ने बताया फिट रहने का मंत्र, Video

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X भिवाड़ी में गूंजे ठहाके; ‘हंसी’ है हर बीमारी की पक्की दवा, Video   Alwar Video: विश्व हास्य दिवस 2026 के अवसर पर भिवाड़ी के बाबा मोहन राम मंदिर में लोगों ने सामूहिक रूप से ठहाके लगाकर तनाव दूर करने का संदेश दिया. डॉ. रूप सिंह ने बताया कि रोज़ाना 10 मिनट हंसने से कोर्टिसोल हार्मोन कम होता है, जिससे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोगों का खतरा टलता है. यह दिवस विशेष रूप से कॉरपोरेट क्षेत्र के तनावग्रस्त कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया गया. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|

विंध्य के 9 जिलों में सिक्के नहीं चलते:भास्कर के स्टिंग में दुकानदार बोले-बैंक ही नहीं लेती; पंडित-पुरोहित ने कहा-एक रुपए का शगुन खत्म

विंध्य के 9 जिलों में सिक्के नहीं चलते:भास्कर के स्टिंग में दुकानदार बोले-बैंक ही नहीं लेती; पंडित-पुरोहित ने कहा-एक रुपए का शगुन खत्म

मध्य प्रदेश के रीवा, सीधी, सतना, शहडोल, सिंगरौली, उमरिया, मऊगंज, मैहर और अनूपपुर जिलों के दुकानदार RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) द्वारा जारी सिक्के नहीं ले रहे हैं। ये स्थिति बीते करीब 5 साल से है। जिसके चलते सिक्के आर्थिक व्यवहार से बाहर हो गए हैं। मतलब साफ है कि विंध्य के इन 9 जिलों में RBI नहीं, दुकानदारों के अपने नियम चलते हैं। प्रशासन भी इन पर नकेल नहीं कस पा रहा है। सिक्के न लेने का कारण कोई भी दुकानदार खुलकर नहीं बताता इसलिए भास्कर रिपोर्टर ने स्टिंग ऑपरेशन किया। रिपोर्टर आम ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुंचा और सिक्कों से भुगतान करने की कोशिश की, जिससे जमीनी सच्चाई सामने आ सके। पढ़िए, रिपोर्ट… पंडित-पुरोहितों ने भी किया इनकार भास्कर रिपोर्टर पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, डेयरी, फल, जूस और किराना स्टोर पर पहुंचा। सामान खरीदने के बदले में सिक्कों से भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन हर जगह लगभग एक जैसा जवाब मिला- सिक्के नहीं लेंगे। यहां तक कि पंडित-पुरोहितों ने भी सिक्के लेने में रुचि नहीं दिखाई। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक सिक्के तो दे जाते हैं, लेकिन आगे उन्हें कोई स्वीकार नहीं करता, जिससे उनका पैसा फंस जाता है। बैंक भी बड़ी मात्रा में सिक्के जमा करने में आनाकानी करते हैं। 7 जगहों पर जांची सिक्कों की जमीनी हकीकत पेट्रोल पंप पर नोट लिए, सिक्का वापस किया भास्कर रिपोर्टर सबसे पहले विश्वविद्यालय सिरमौर रोड स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर पहुंचा। यहां उसने अपनी गाड़ी में 310 रुपए का पेट्रोल डलवाया। बदले में 300 रुपयों के नोट दिए और बाकी 10 रुपए का एक सिक्का दिया। पेट्रोल पंप कर्मी ने नोट तो रख लिए लेकिन सिक्के लेने से मना कर दिया। कहने लगा- भैया सिक्के मत दीजिएगा। जब उससे इसके पीछे का कारण पूछा गया तो बोला कि कई सालों से ऐसा ही चल रहा है। रिपोर्टर ने सिक्का देने की कोशिश की लेकिन उसके बाद भी वह नहीं माना। इसके बाद मजबूरी में 10 रुपए का नोट ही देना पड़ा। कोरोना के बाद से सिक्के नहीं ले रहे व्यापारी इसके बाद रिपोर्टर अनंतपुर में एक डेयरी पर पहुंचा। यहां उसने दही खरीदा। भुगतान करते हुए सिक्के देने चाहे तो दुकानदार ने लेने से साफ मना कर दिया। कहा कि कोरोनाकाल के बाद से यहां सिक्के नहीं चल रहे हैं। बातचीत में दुकानदार ने बड़े व्यापारियों को इसकी वजह बताया। बोला कि वो नहीं तो लेते हम क्यों लें? यहां से रिपोर्टर बजरंग नगर में एक फल और जूस की दुकान पर पहुंचा। दो गिलास आम का जूस खरीदा। 40 रुपए का बिल बना। रिपोर्टर ने 30 रुपए के नोट दिए, बाकी बचे 10 रुपए के सिक्के दिए। दुकानदार हैरान होकर बोला कि भैया, ये सिक्के यहां नहीं चलते। इसका कारण पूछा तो कोई ठोस जवाब नहीं मिला। दुकानदार ने यही कहा कि मैं क्या, कोई भी यहां सिक्के नहीं लेता। किराना स्टोर संचालक बोला- सिक्के काम के नहीं रिपोर्टर केके बाजार रोड स्थित एक किराना स्टोर पहुंचा। 60 रुपए का व्रत वाला सेंधा नमक खरीदा। इसके बाद में संचालक को सिक्के देकर टॉफी लेने की कोशिश की। दुकानदार से सिक्के लेने से मना कर दिया। कहने लगा कि भैया ये सिक्के निकालिए ही मत। किसी काम के नहीं हैं। जब उससे इसके पीछे की वजह पूछ तो ज्यादा कुछ नहीं बोला। बस इतना ही कहा- कई सालों से यही हाल है। मेडिकल संचालक बोला- मैं खुद बाहर जाकर चला रहा सिक्का चलाने की कोशिश करने रिपोर्टर दो मेडिकल स्टोर्स पर पहुंचा। सिरमौर चौराहे के मेडिकल स्टोर पर विक्स की गोलियां लीं, लेकिन सिक्के देने पर दुकानदार ने मना कर दिया। उसने कहा कि सिक्के चलते ही नहीं हैं। मैं खुद बाहर ले जाकर चलाता हूं। लाइफ केयर हॉस्पिटल के पास एक दूसरी मेडिकल स्टोर पर रिपोर्टर पहुंचा। ईनो और सिर दर्द की दवा खरीदी। यहां भी दुकानदार ने मुस्कुराते हुए कहा- भैया सिक्के नहीं चल पाएंगे, कोरोना काल से बंद हैं। जब उनसे कारण पूछा तो बताया लोग नहीं लेते, इसलिए मैं भी नहीं लेता। डिलीवरी बॉय ने भी नहीं लिए सिक्के स्टिंग ऑपरेशन के तहत रिपोर्टर ने फूड ऑर्डर किया। डिलीवरी बॉय जब ऑर्डर लेकर पहुंचा तो बिल का आंशिक रूप से भुगतान करने सिक्कों को देने की कोशिश की। डिलीवरी बॉय ने जैसे ही सिक्के देखे उसने तुरंत उन्हें लेने से मना कर दिया। उसने कहा- सर, सिक्के मैं नहीं ले पाऊंगा। कंपनी में जमा करने में दिक्कत होती है। वहां भी कोई नहीं लेता। सिक्के ले भी लेता हूं तो बाद में मुझे ही परेशानी होती है। इसलिए अब सीधे मना ही कर देता हूं। ऑटो ड्राइवर बोला- सिक्के चलाना मुश्किल सिक्के न लेने की वजह जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने सिरमौर चौराहा से नए बस स्टैंड तक ऑटो से सफर किया। उतरते समय सिक्कों में भुगतान करने की कोशिश की तो ऑटो चालक ने हाथ खड़े कर दिए। उसने कहा- भैया सिक्के लेकर क्या करूंगा, कोई लेता ही नहीं है। पूछने पर उसने बताया कि दिनभर की कमाई में अगर सिक्के इकट्ठे हो जाएं तो उन्हें चलाना मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में या तो छोटे दुकानदार ढूंढने पड़ते हैं या फिर नोट में ही लेनदेन करना पड़ता है। आखिरकार हमें नोट में ही किराया देना पड़ा। पंडित बोले- शगुन का धीरे-धीरे हो रहा खात्मा पंडित राजेश शास्त्री ने कहा- शुभ कार्यों में शगुन के तौर पर एक रुपए के सिक्के का विशेष महत्व होता था, लेकिन अब लोग नोट में ही पूरी राशि देने लगे हैं। पुरानी परंपरा धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। कियोस्क संचालक बोला- बैंक अस्वीकार कर देती है कियोस्क संचालक ने कहा- काफी ग्राहक सिक्के लेकर आते हैं, लेकिन इन्हें बैंक में आसानी से स्वीकार नहीं किया जाता। एक-दो बार ज्यादा मात्रा में सिक्के ले जाने पर घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। कई बार वापस लौटा दिया जाता है। इसी वजह से अब मजबूरी में ग्राहकों से सिक्के लेने से मना करना पड़ता है। अगर बैंक स्तर पर सरल व्यवस्था हो जाए तो सिक्के लेने में कोई दिक्कत नहीं है। लोग बोले- बाजार में सिक्के चलाना समस्या बना स्थानीय निवासी अमित तिवारी ने कहा कि बाजार में सिक्के लेकर जाना समस्या बन

इस जड़ी-बूटी के अनगिनत फायदे! महिलाओं के लिए तो रामबाण, आयुर्वेदाचार्य ने खोला राज

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रीवा. महिलाओं की कई समस्याओं का इलाज आयुर्वेद में प्राकृतिक तरीके से किया जा सकता है. यौन समस्याएं हों या फिर गर्भावस्था से जुड़ी परेशानी, हर एक समस्या को दूर करने में आयुर्वेद की जड़ी-बूटियों का खास महत्व होता है. इन्हीं जड़ी-बूटियों में से एक है शतावरी. यह एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जिसकी मदद से शरीर की कई परेशानियों को दूर किया जा सकता है. खासतौर पर महिलाओं की समस्याओं को दूर करने में यह काफी प्रभावी जड़ी-बूटी है. मध्य प्रदेश के रीवा में आयुर्वेद अस्पताल के डीन डॉक्टर दीपक कुलश्रेष्ठ ने लोकल 18 को बताया कि शतावरी महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए लाभकारी हो सकती है. यह एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसका वैज्ञानिक नाम एस्पेरेगस रेसिमोसस है. आयुर्वेद के मुताबिक, शतावरी का इस्तेमाल 100 से अधिक बीमारियों को दूर करने में प्रभावी माना जाता है. जड़ी-बूटी के अलावा इसका इस्तेमाल भारत के कई क्षेत्रों में सब्जी के रूप में भी किया जाता है. आयुर्वेदाचार्य के अनुसार, महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य के लिए शतावरी काफी फायदेमंद होता है. इसके इस्तेमाल से यौन रोगों से लेकर प्रेग्नेंसी से जुड़ी परेशानी को दूर किया जा सकता है. इसके अलावा महिलाओं के लिए शतावरी के कई अन्य फायदे हो सकते हैं. शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव की वजह से इन दिनों महिलाओं का वजन काफी ज्यादा बढ़ रहा है. ऐसे में शतावरी का इस्तेमाल महिलाओं के लिए लाभकारी हो सकता है. शतावरी में सॉल्युबल फाइबर और इन सॉल्यूबल फाइबर मौजूद होता है, जो शरीर के अतिरिक्त फैट को कम करके मोटापे को कंट्रोल करने में प्रभावी हो सकता है. इतना ही नहीं शतावरी में 90 फीसदी से ज्यादा पानी होता है. वहीं कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है. ऐसे में इसका सेवन महिलाओं के बढ़ते वजन को कंट्रोल करने में प्रभावी हो सकता है. माइग्रेन में लाभकारी है शतावरीमाइग्रेन एक ऐसी समस्या है, जिससे पीड़ित मरीजों को काफी ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ता है. इस समस्या से पीड़ित मरीज को अचानक से सिर में तेज दर्द का अनुभव होता है. ऐसे में शतावरी माइग्रेन का इलाज करने में प्रभावी जड़ी-बूटी हो सकती है. इसके इस्तेमाल से माइग्रेन पीड़ित रोगियों का इलाज जल्द से जल्द किया जा सकता है. दरअसल शतावरी में राइबोफ्लेविन नामक विटामिन पाया जाता है, तो माइग्रेन के इलाज में प्रभावी दवा हो सकती है. अगर आपको माइग्रेन की समस्या है, तो 30 ग्राम शतावरी का सेवन रोजाना करें. इससे आपको काफी लाभ हो सकता है. हालांकि ध्यान रखें कि अगर आप पहले से किसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो एक्सपर्ट की सलाह से ही शतावरी का सेवन करें. गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारीगर्भवती महिलाओं के लिए शतावरी का सेवन काफी लाभकारी हो सकता है. दरअसल शतावरी में फोलेट होता है, जो गर्भ में पल रहे बच्चे और मां दोनों के लिए लाभकारी है, इसलिए कई आयुर्वेद एक्सपर्ट गर्भधारण के दौरान महिलाओं को शतावरी का सेवन करने की सलाह देते हैं. इससे भ्रूण में पल रहे बच्चे का मानसिक विकास भी बेहतर तरीके से हो सकता है. शतावरी के इस्तेमाल से यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन की परेशानी को दूर किया जा सकता है. दरअसल, शतावरी में विटामिन ए मौजूद होता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, विटामिन ए यूरिनरी इंफेक्शन को दूर करने में प्रभावी जड़ी-बूटी साबित हो सकती है. इतना ही नहीं, यह किडनी से जुड़ी परेशानी को भी दूर करने में प्रभावी है. शतावरी का सेवन करने से शरीर में यूरिन की मात्रा बढ़ती है, जिसकी वजह से व्यक्ति को बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है. ऐसे में यूरिन के माध्यम से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर हो जाते हैं, जिससे आपकी किडनी लंबे समय तक स्वस्थ रह सकती है. वहीं यह यूरिन इंफेक्शन की परेशानी को भी दूर करने में प्रभावी हो सकती है. मासिक धर्म में लाभकारीमासिक धर्म में शतावरी का सेवन महिलाओं के लिए लाभकारी हो सकता है. दरअसल शतावरी के इस्तेमाल से यह पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करने में प्रभावी होता है. इसके अलावा इस दौरान होने वाली शारीरिक कमजोरी को दूर करने में भी शतावरी लाभकारी हो सकती है, इसलिए आयुर्वेद में पीरियड्स के दौरान महिलाओं को शतावरी का सेवन करने की सलाह दी जाती है. शतावरी यौन क्षमता बढ़ाने में प्रभावी जड़ी-बूटी हो सकती है. इसके सेवन से कामेच्छा की भावना बढ़ती है. ऐसे में जिन महिलाओं में शारीरिक संबंध बनाने के प्रति रुचि घट रही है, उनके लिए शतावरी का सेवन लाभकारी हो सकता है. साथ ही यह शरीर के हार्मोन को बैलेंस करने में प्रभावी जड़ी-बूटी हो सकती है. व्यस्त जीवनशैली जी रहे महिलाओं और पुरुषों के लिए शतावरी का सेवन काफी प्रभावकारी हो सकता है. शतावरी में एंटी-डायबिटीज गुणखराब जीवनशैली और गलत खानपान की वजह से इन दिनों महिलाएं और पुरुष दोनों ही डायबिटीज जैसी कई बीमारियों से प्रभावी हो रहे हैं. शतावरी का नियमित रूप से सेवन करने से डायबिटीज जैसी परेशानी को दूर किया जा सकता है. दरअसल शतावरी में एंटी-डायबिटीज गुण पाया जाता है, जो मधुमेह को कंट्रोल करने में काफी हद तक आपकी मदद कर सकता है. वहीं यह थायराइड, ब्लड प्रेशर, झड़ते बाल और स्ट्रेस जैसी समस्याओं को दूर कने में प्रभावी जड़ी-बूटी हो सकती है. शतावरी के नुकसानशतावरी का सेवन करने से महिला और पुरुष दोनों का स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है लेकिन इसका सेवन अधिक मात्रा में करने से शरीर को कई नुकसान हो सकते हैं, इसलिए हमेशा आयुर्वेद एक्सपर्ट की सलाह पर ही शतावरी का सेवन करें. अगर आप इसका अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, तो इसके नुकसान भी हो सकते हैं. वहीं कुछ परिस्थितियों में मरीजों को गैस, एलर्जी, पेट में दर्द इत्यादि की परेशानी हो सकती है. ध्यान रखें कि शतावरी स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी हो सकती है लेकिन इसका सेवन हमेशा एक्सपर्ट्स की सलाह पर ही करना चाहिए. वरना यह आपके शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. अगर आपको किसी विशेष तरह की परेशानी पहले से है, तो बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन न करें.

CSK के कार्तिक शर्मा ने IPL की पहली फिफ्टी लगाई:सैमसन कैच छूटने के बाद उसी ओवर में आउट हुए, नूर का नो-लूक सेलिब्रेशन; मोमेंट्स

CSK के कार्तिक शर्मा ने IPL की पहली फिफ्टी लगाई:सैमसन कैच छूटने के बाद उसी ओवर में आउट हुए, नूर का नो-लूक सेलिब्रेशन; मोमेंट्स

चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL 2026 के 44वें मैच में मुंबई इंडियंस को 8 विकेट से हरा दिया। 2023 से पिछले 7 मुकाबलों में 6 मैच चेन्नई, जबकि सिर्फ 1 मैच मुंबई जीती है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम पर खेले गए मुकाबले में कार्तिक शर्मा ने IPL का अपना पहला अधर्शतक लगाया। जसप्रीत बुमराह की गेंद पर संजू सैमसन का कैच स्लीप में छूटा और उसी ओवर में संजू विकेटकीपर को कैच थमा बैठे। मुंबई के रायन रिकेल्टन को आउट करने के बाद नूर अहमद ने नो-लूक सेलिब्रेशन किया। पढ़िए बेंगलुरु-गुजरात मैच में बने टॉप-8 मोमेंट्स… 1. डेब्यू पर रामकृष्ण घोष ने शानदार कैच पकड़ा मैच के दूसरे ही ओवर में IPL में डेब्यू कर रहे चेन्नई के रामकृष्ण घोष ने जबरदस्त कैच पकड़ा। अंशुल कंबोज के ओवर की दूसरी गेंद पर विल जैक्स क्रीज से बाहर निकलकर बड़ा शॉट खेलने गए। गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर बैकवर्ड पॉइंट की ओर गई। आगे दौड़ते हुए घोष ने डाइव लगाकर जमीन से महज कुछ इंच ऊपर गेंद को दोनों हाथों से लपका। 2. कंबोज थ्रो से चूके, रिकेल्टन रन-आउट से बचे पारी के चौथे ओवर में रायन रिकेल्टन को एक बड़ा जीवनदान मिला। गेंदबाज अंशुल कंबोज की सटीक यॉर्कर को रिकेल्टन ने डिफेंड किया और क्रीज से काफी बाहर निकल आए। कंबोज ने फुर्ती दिखाते हुए गेंद पकड़ी और कीपर छोर पर निशाना साधा, लेकिन थ्रो स्टंप्स पर नहीं लगा। रिकेल्टन ने क्रीज तक पहुंचने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। थ्रो न लगने पर कंबोज ने हताशा में सिर पकड़ लिया। 3. IPL में प्रशांत के पहले ओवर में 3 छक्के लगे चेन्नई के प्रशांत वीर का IPL में उनका पहला ओवर किसी बुरे सपने की तरह रहा। मैच का 5वां ओवर फेंकने आए प्रशांत को रायन रिकेल्टन ने 3 छक्के जड़ दिए। रिकलटन ने तीसरी गेंद पर 76 मीटर का स्लॉग-स्वीप लगाया। फिर अंतिम दो गेंद पर लगातार दो छक्के लगा दिए। 4. दुबे ने नमन धीर का डॉली कैच छोड़ा मुंबई की पारी के सातवें ओवर में शिवम दुबे ने एक आसान सा कैच छोड़ दिया। ओवर की चौथी गेंद नूर अहमद ने 95 किमी के रफ्तार से डाली। नमन धीर ने बैकफुट पर जाकर कट शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद ने बल्ले का किनारा लिया और शॉर्ट थर्ड मैन पर खड़े दुबे के हाथ में गई, लेकिन दुबे कैच नहीं पकड़ सके। नमन इस समय 19 रन बनाकर खेल रहे थे। 5. नूर अहमद का ‘नो-लुक’ सेलिब्रेशन नूर अहमद ने मुंबई के बैटर रायन रिकेल्टन को आउट करने के बाद अजब-गजब सेलिब्रेशन किया। नूर ने सातवें ओवर की चौथी गेंद पर रिकेल्टन को फंसाया। स्लॉग स्वीप खेलने गए रिकेल्टन गेंद को सीधे डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़े उर्विल पटेल के हाथों में मार बैठे। विकेट लेने के बाद नूर अहमद ने अपनी आंखों पर हाथ रखकर ‘नो-लुक’ सेलिब्रेशन किया। आमतौर पर बैटर्स नो-लुक शॉट्स खेलते हैं। 6. कम्बोज की थ्रो बल्लेबाज के पीठ पर लगी पहली पारी की आखिरी गेंद के बाद अंशुल कंबोज ने बल्लेबाज को सॉरी कहा। दरअसल, कंबोज ने सटीक यॉर्कर डाली, जिसे मुंबई के बल्लेबाज कृष भगत खेल नहीं पाए। बल्लेबाज तेजी से रन चुराने के लिए दौड़े, इस बीच विकेटकीपर संजू सैमसन ने गेंद कंबोज की ओर थ्रो की। कंबोज ने नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रन-आउट करने के लिए निशाना साधा, लेकिन गेंद स्टंप्स पर लगने के बजाय सीधे दौड़ रहे कृष भगत की पीठ पर जा लगी। हालांकि कंबोज ने तुरंत कृष को सॉरी कहा। 7. सैमसन कैच ड्रॉप के बाद उसी ओवर में आउट हुए चेन्नई की पारी का दूसरा ओवर काफी इवेंटफुल रहा। जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद संजू सैमसन के बैट का किनारा लेकर स्लीप में गई, लेकिन विल जैक्स ने आसान कैच छोड़ दिया। इसके बाद बुमराह ने ओवर की आखिरी गेंद बाहर की ओर स्विंग कराई। सैमसन ने कट किया, लेकिन गेंद बैट का बाहरी किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर रायन रिकेल्टन के हाथों में चली गई। सैमसन कैच छूटने के बाद सिर्फ 5 रन और जोड़ सके। 8. कार्तिक शर्मा ने IPL की पहली फिफ्टी लगाई चेन्नई के बल्लेबाज कार्तिक शर्मा ने शनिवार को IPL की अपनी पहली फिफ्टी पूरी की। उन्होंने रनचेज के 18वें ओवर में कृष्ण भगत की पांचवी गेंद पर सिंगल लेकर अपना पचास पूरा किया। इसके बाद अगले ओवर की पहली गेंद पर विनिंग शॉट लगाया। उन्होंने ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर शॉर्ट थर्डमैन के ऊपर से चौका लगाया और चेन्नई को जीत दिलाई।

कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे के पास फिर फायरिंग:सोशल मीडिया पर मिली धमकी के बाद एजेंसियां अलर्ट; फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे के पास फिर फायरिंग:सोशल मीडिया पर मिली धमकी के बाद एजेंसियां अलर्ट; फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

कनाडा के सरे शहर में बॉलीवुड कॉमेडियन कपिल शर्मा से जुड़े एक कैफे के पास एक बार फिर फायरिंग की घटना सामने आई है। यह घटना 120 स्ट्रीट क्षेत्र में हुई, जिसके बाद इलाके में दहशत और सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बन गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस स्थान के पास यह फायरिंग हुई, वहां कपिल शर्मा का कैप्स कैफे और उसके आसपास कुछ अन्य कैफे स्थित हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गोलीबारी का सीधा निशाना कौन सा प्रतिष्ठान था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ कथित धमकी भरे पोस्ट भी सामने आए हैं, जिनमें कपिल शर्मा और उनके कैफे को लेकर चेतावनी जैसी बातें कही गई हैं। इन पोस्ट्स की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, और न ही किसी आधिकारिक एजेंसी ने इन्हें प्रमाणित किया है। पहले की घटना में संपत्ति को नुकसान और शीशे टूटे थे यह पहली बार नहीं है जब इस कैफे को लेकर ऐसी घटनाएं सामने आई हों। वर्ष 2025 में भी इसी प्रतिष्ठान के पास फायरिंग की रिपोर्ट्स आई थीं, जिनमें खिड़कियों के शीशे टूटने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने जैसी बातें सामने आई थीं। उस समय भी स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू की थी, लेकिन मामला धीरे-धीरे शांत हो गया था। सभी एंगल से जांच कर रही पुलिस ताजा घटना के बाद कनाडा पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। इस बीच कपिल शर्मा की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वह फिलहाल अपने आगामी प्रोजेक्ट्स और नेटफ्लिक्स शो को लेकर भी सुर्खियों में हैं।

IPL में आज पहला मैच हैदराबाद vs कोलकाता:सीजन में दूसरी बार होगा सामना, सनराइजर्स ने पिछले पांच मैच लगातार जीते

IPL में आज पहला मैच हैदराबाद vs कोलकाता:सीजन में दूसरी बार होगा सामना, सनराइजर्स ने पिछले पांच मैच लगातार जीते

IPL में आज डबल हेडर (एक दिन में दो मैच) खेला जाएगा। दिन के पहले मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से होगा। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 3:30 बजे से खेला जाएगा। इस सीजन दोनों टीमें दूसरी बार भिड़ेंगी। पिछले मुकाबले में हैदराबाद 65 रन से जीती थी। सनराइजर्स हैदराबाद इस समय पॉइंट्स टेबल पर तीसरे स्थान पर है, जिसने 9 मैचों में से 6 में जीत हासिल की है। टीम बेहतरीन फॉर्म में है जिसमें पिछले पांच मैच लगातार जीते हैं। दूसरी ओर, कोलकाता आठवें स्थान पर है, जिसने 8 मैचों में से केवल 2 में जीत हासिल की है। कोलकाता का पलड़ा भारी दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 31 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता नाइट राइडर्स ने 19 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद केवल 11 मैच ही जीत सकी है। दोनों के बीच एक मुकाबला टाई भी रहा है। उसे सुपर ओवर में कोलकाता ने जीता। राजीव गांधी स्टेडियम में दोनों टीमों की 7 मैच खेले गए। होम टीम हैदराबाद को 3 और कोलकाता को 4 मैचों में जीत मिली। अभिषेक और ईशान मलिंगा फॉर्म में इस सीजन में हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने 9 मैचों में 209.35 के स्ट्राइक रेट से 425 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में ईशान मलिंगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 मैचों में 15 विकेट झटके हैं। रिंकू और कार्तिक पर कोलकाता को भरोसा कोलकाता के लिए रिंकू सिंह ने अब तक 8 मैचों में 215 रन जोड़े हैं। उनका स्ट्राइक रेट 141.44 का रहा है और वे दो अर्धशतक लगा चुके हैं। गेंदबाजी विभाग में कार्तिक त्यागी ने 8 मैचों में 9 विकेट लेकर टीम को मजबूती दी है। पिच रिपोर्ट राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच बैटिंग फ्रेंडली है। इस स्टेडियम में अभी तक 87 IPL मैच खेले गए, जिनमें से 38 मैच पहली बल्लेबाजी करने वाली टीम और 48 मैच चेज करने वाली टीमों ने जीते। यहां का हाइएस्ट टीम स्कोर 286/6 हैं, जो हैदराबाद ने पिछले साल राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बनाया था। वेदर कंडीशन हैदराबाद में 3 मई को बारिश की बिल्कुल भी आशंका नहीं है। दिन में काफी तेज धूप रहेगी। टेम्प्रेचर 27 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 सनराइजर्स हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्ष दुबे, प्रफुल्ल हिंगे, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), सुनील नरेन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, रिंकू सिंह, अनुकूल रॉय, रमनदीप सिंह, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती, मथीशा पथिराना।

Fertility Crisis in India & World | इंसानी स्पर्म और अंडों पर भारी पड़ रहा है प्लास्टिक का जहर, वैज्ञानिकों ने दी फर्टिलिटी संकट की भयानक चेतावनी

Fertility Crisis in India & World | इंसानी स्पर्म और अंडों पर भारी पड़ रहा है प्लास्टिक का जहर, वैज्ञानिकों ने दी फर्टिलिटी संकट की भयानक चेतावनी

होमफोटोनॉलेज सूनी रह जाएगी कोख, खाली होंगे घोंसले! कहीं देर न हो जाए, नेचर का बिगड़ा बैलेंस Last Updated:May 02, 2026, 20:20 IST Fertility Crisis: नई रिसर्च ने खुलासा किया है कि पूरी दुनिया इस समय सिंथेटिक केमिकल्स के समंदर में तैर रही है. इन केमिकल्स की मात्रा इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि हमने पृथ्वी की सुरक्षित सीमा को पार कर लिया है. टॉक्सिकोलॉजिस्ट और बायोलॉजिस्ट की एक टीम ने चेतावनी दी है कि पेस्टिसाइड्स, प्रदूषण और प्लास्टिक मिलकर एक ‘साइलेंट’ फर्टिलिटी संकट को जन्म दे रहे हैं. यह संकट केवल इंसानों तक सीमित नहीं है बल्कि जानवरों की प्रजनन क्षमता को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. रिसर्च के मुताबिक खराब होते क्लाइमेट चेंज और बढ़ते प्रदूषण के तालमेल ने फर्टिलिटी, बायोडायवर्सिटी और हेल्थ के लिए ग्लोबल लेवल पर रिस्क पैदा कर दिया है. इसका सीधा असर इंसानों के अलावा समुद्री स्तनधारियों, पक्षियों, मछलियों और रेंगने वाले जीवों पर दिख रहा है. पिछले 50 सालों में दुनिया की वाइल्डलाइफ आबादी में दो-तिहाई से ज्यादा की कमी आई है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण पॉल्यूटेंट्स और बदलता मौसम ही माना जा रहा है. इसी दौरान इंसानी पुरुषों और महिलाओं में भी बांझपन की दर तेजी से बढ़ी है. हालांकि इसका सटीक कारण पता लगाना मुश्किल है, लेकिन वैज्ञानिक हमारे जीवन में मौजूद हॉर्मोन बिगाड़ने वाले रसायनों को इसका मुख्य जिम्मेदार मान रहे हैं. आज मार्केट में 1000 से ज्यादा ऐसे सिंथेटिक केमिकल्स मौजूद हैं जो हमारे शरीर के नेचुरल हॉर्मोन्स की नकल करते हैं या उन्हें ब्लॉक कर देते हैं. हैरानी की बात यह है कि इनमें से केवल एक प्रतिशत केमिकल्स की ही सुरक्षा जांच सही तरीके से की गई है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इकोसिस्टम और इंसानी हेल्थ एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं. बढ़ता तापमान और केमिकल एक्सपोजर मिलकर शरीर के रिप्रोडक्शन सिस्टम पर भारी दबाव डाल रहे हैं. यह एक ऐसा अनचाहा खतरा है जिससे कोई भी जीव सुरक्षित नहीं बचा है क्योंकि इन केमिकल्स को बिना पूरी जांच के मार्केट में उतार दिया गया है. (File Photo : Reuters) प्रदूषण और फर्टिलिटी के बीच का रिश्ता बहुत पुराना और खतरनाक रहा है. ओरेगन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया कि पुराने समय में भी सिंथेटिक केमिकल्स ने जानवरों की आबादी को तबाह किया था. कीटनाशक यानी इंसेक्टिसाइड्स का इस्तेमाल फसलों को बचाने के लिए किया जाता है, लेकिन अब ये इंसानों के स्पर्म काउंट को कम करने का काम कर रहे हैं. (File Photo : Reuters) डीडीटी जैसा मशहूर कीटनाशक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. इसकी वजह से पक्षियों के अंडों के छिलके पतले हो गए थे, जिससे उनकी आबादी गिर गई थी. समुद्री जीवों में भी इसकी वजह से प्रजनन की कमी देखी गई थी, हालांकि बैन लगने के बाद उनकी संख्या में कुछ सुधार हुआ है. (File Photo : Reuters) Add News18 as Preferred Source on Google आजकल ‘फॉरएवर केमिकल्स’ यानी पीएफएएस (PFAS) का नाम बहुत चर्चा में है. ये ऐसे केमिकल्स हैं जो पर्यावरण में कभी खत्म नहीं होते. रिसर्च बताती है कि ये सीधे तौर पर एंडोक्राइन सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं. यह सिस्टम हमारे शरीर के विकास, मेटाबॉलिज्म और रिप्रोडक्शन को कंट्रोल करता है. 1970 के दशक से कंपनियों को पता था कि ये केमिकल्स जहरीले हैं, लेकिन इसे जनता से छुपाया गया. इसकी वजह से प्रेग्नेंट महिलाओं में मिसकैरेज और बच्चों में जन्मजात बीमारियों का खतरा बढ़ गया. ये केमिकल्स इतने ताकतवर होते हैं कि बहुत कम मात्रा में भी शरीर के हॉर्मोन्स का संतुलन बिगाड़ सकते हैं. (File Photo : Reuters) प्लास्टिक प्रदूषण अब केवल जमीन और पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर के अंदर तक पहुंच चुका है. माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक अब इंसानों और जानवरों के प्रजनन अंगों में जमा हो रहे हैं. सबसे डरावनी बात यह है कि हमें अभी तक इनके सटीक नुकसानों के बारे में पूरी जानकारी भी नहीं है. वैज्ञानिक आशंका जता रहे हैं कि अगर ये स्पर्म, अंडों या भ्रूण के लिए जहरीले साबित हुए, तो इस समस्या से निपटना नामुमकिन होगा. प्लास्टिक अब गहरे समंदर से लेकर ऊंचे पहाड़ों तक मौजूद है और इससे बचने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है. (File Photo : Reuters) वैज्ञानिकों का मानना है कि वर्तमान में चल रही ‘ग्लोबल प्लास्टिक ट्रीटी’ की बातचीत बहुत जरूरी है. यह केवल कचरे की समस्या नहीं है, बल्कि एक प्लैनेटरी हेल्थ क्राइसिस है. हजारों की संख्या में मौजूद ये रसायनों वाले प्लास्टिक हमारे अस्तित्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं. जब ये केमिकल्स लैब से बाहर निकलकर पर्यावरण में एक-दूसरे से मिलते हैं, तो इनका असर और भी भयानक हो जाता है. रिसर्च में साफ कहा गया है कि अगर हमने अभी सख्त कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में फर्टिलिटी का यह संकट पूरी दुनिया की आबादी को खतरे में डाल सकता है. (File Photo : Reuters) इस संकट से बचने के लिए सबसे पहले हमें उन केमिकल्स के बारे में जानना होगा जो हमारे आसपास मौजूद हैं. रोजमर्रा की चीजों में प्लास्टिक का कम इस्तेमाल और सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स का चुनाव करना एक शुरुआत हो सकती है. हालांकि यह लड़ाई व्यक्तिगत स्तर से ज्यादा सिस्टम के स्तर पर लड़ने वाली है. सरकारों को उन केमिकल्स पर तुरंत रोक लगानी होगी जिनकी सुरक्षा जांच नहीं हुई है. जब तक हम अपनी धरती और पर्यावरण को केमिकल फ्री बनाने की दिशा में काम नहीं करेंगे, तब तक प्रजनन क्षमता पर मंडरा रहा यह ‘साइलेंट’ खतरा टलने वाला नहीं है. भविष्य की पीढ़ी को बचाने के लिए हमें आज ही अपनी केमिकल निर्भरता को कम करना होगा. (Photo : Generative AI)

प्रसून जोशी बने प्रसार भारती के नए अध्यक्ष:केंद्र सरकार ने की नियुक्ति, रचनात्मक दुनिया के दिग्गज को मिली बड़ी जिम्मेदारी

प्रसून जोशी बने प्रसार भारती के नए अध्यक्ष:केंद्र सरकार ने की नियुक्ति, रचनात्मक दुनिया के दिग्गज को मिली बड़ी जिम्मेदारी

केंद्र सरकार ने प्रख्यात गीतकार, लेखक और संचार विशेषज्ञ प्रसून जोशी को प्रसार भारती का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि प्रसून जोशी एक जाने-माने क्रिएटिव प्रोफेशनल हैं, जिनका साहित्य, विज्ञापन, सिनेमा और पब्लिक कम्युनिकेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अपनी प्रभावशाली लेखनी और गहरी सांस्कृतिक समझ के चलते उन्होंने भारतीय मीडिया नैरेटिव को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। जोशी के कार्यों में लोकप्रिय फिल्मी गीत, चर्चित विज्ञापन अभियान और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कहानी कहने की शैली शामिल है, जो देशभर के विविध दर्शकों से जुड़ती है। उनके गीतों में संवेदनशीलता, देशभक्ति और सामाजिक सोच की झलक देखने को मिलती है। अश्विनी वैष्णव ने दी बधाई अश्विनी वैष्णव ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रसार भारती को नई ऊर्जा और रचनात्मक दिशा मिलेगी। उन्होंने जोशी को साहित्य, विज्ञापन, कला और सिनेमा जगत में वैश्विक पहचान वाला बहुआयामी व्यक्तित्व बताया। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के रह चुके चेयरपर्सन इस नियुक्ति से पहले प्रसून जोशी अगस्त 2017 से सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के चेयरपर्सन के रूप में कार्यरत थे। उनके कार्यकाल में फिल्म सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को मजबूत करने और क्रिएटिव एक्सप्रेशन व नियामकीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए। अल्मोड़ा में हुआ था जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जन्मे प्रसून जोशी ने शुरुआती शिक्षा के बाद प्रबंधन और संचार के क्षेत्र में भी अध्ययन किया। उन्होंने हिंदी सिनेमा की कई चर्चित फिल्मों जैसे तारे ज़मीन पर, रंग दे बसंती, भाग मिल्खा भाग, फना, हम तुम और ब्लैक के लिए यादगार गीत लिखे हैं।

‘200 से ज्यादा वोट जीतेंगे’, ममता बनर्जी ने टीएमसी की जीत का दावा किया, एलॉगिट पोल को बताया गलत

'200 से ज्यादा वोट जीतेंगे', ममता बनर्जी ने टीएमसी की जीत का दावा किया, एलॉगिट पोल को बताया गलत

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित ममता बनर्जी ने टीएमसी की जीत का विश्वासपात्र है। एकांकीत पोल को शेयर में बाज़ार में बताया गया। सीएपीएफ पर टीएमसी की ओर से बर्बरता का आरोप। दो खंडों पर फिर से मतदान के बीच बयान। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और थोक व्यापारी कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार (2 मई, 2026) को हाल ही में चुनावी मैदान में उतरीं टीएमसी की जीत का भरोसा कायम है। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनावी मैदान में चुनावी मैदान होगा। चुनाव ख़त्म होने के बाद सोमवार (4 मई, 2026) को होने वाली वोटिंग से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार (2 मई) को पार्टी के मतगणना एजेंटों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल को एकजुट करने के लिए एलेक्टिट पोल के अभिलेखों को खारिज कर दिया और इसे बाजार में साझा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, ‘हम बंगाल चुनाव जीत रहे हैं और 200 से अधिक सीटों के अंतर से जीत रहे हैं।’ ऑनलाइन पोल शेयर बाजार में सिर्फ हिस्सेदारी करने की एक कोशिश है। उन्होंने इससे पहले 2021, 2024 में भी ऐसा किया था और वो अब भी यही कर रहे हैं।’ केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल को लेकर क्या बोलें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी? इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की ओर से बंगाल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के सोल ने तीन लोगों को एकजुट किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले कुछ दिनों में कैथोलिक कांग्रेस पार्टी के सभी लोगों ने इस्तीफा दे दिया है, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल सेना की बर्बरता का सामना करने की मांग की गई है। पश्चिम बंगाल की दो विधानसभाओं में फिर से हो रही वोटिंग कांग्रेस कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और सीएम ममता बनर्जी का यह बयान एक बार फिर सामने आया है जब पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के दो जिलों में फिर से वोट बनाया जा रहा है। वहीं, सीएम ममता बनर्जी के बयान से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित इंजील ने आरोप लगाया था कि राज्य में दूसरे चरण के चुनाव के दौरान डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के फाल्टा में कई पोलिंग बूथों पर मतदाताओं ने पार्टी के उम्मीदवारों को समर्थन दिया था। यह भी पढ़ेंः ‘जिस भाव से मुसलमानों को…’, पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम को लेकर कोयला कोयला का बड़ा बयान, जानें क्या कहा (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)अमित मालवीय(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)अमित

रिपोर्ट- ED ने ₹81 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच की:लोगों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए; गिरफ्तारी में 27% की कमी आई, छापेमारी दोगुनी

रिपोर्ट- ED ने ₹81 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच की:लोगों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए; गिरफ्तारी में 27% की कमी आई, छापेमारी दोगुनी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सालाना रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तारियों में कमी आई। वहीं छापों, संपत्ति अटैचमेंट और पीड़ितों को पैसे लौटाने के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। ED ने 712 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर 81,422 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। यह पिछले साल के 30,036 करोड़ रुपए के मुकाबले 171% ज्यादा है। ये अटैचमेंट PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से पुष्टि के बाद स्थायी होते हैं। ED की गिरफ्तारियों में करीब 27% की कमी आई है। ED ने 156 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि FY25 में यह संख्या 214 और FY24 में 272 थी। एजेंसी के मुताबिक अब वह टारगेटेड और सबूत आधारित जांच पर ज्यादा फोकस कर रही है। रेड की संख्या दोगुनी हुई साल 2025-26 में ED ने कुल 2,892 छापे मारे, जो पिछले साल 1,491 के मुकाबले लगभग दोगुने हैं। हालांकि एजेंसी अब सिर्फ फिजिकल रेड पर निर्भर नहीं है, बल्कि डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन ट्रैकिंग और रियल-टाइम फाइनेंशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल कर रही है। पीड़ितों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए रिपोर्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि फ्रॉड पीड़ितों को संपत्ति लौटाना रही। FY26 में ED ने 32,678 करोड़ रुपए की संपत्ति निवेशकों, होमबॉयर्स और बैंकों को वापस दिलाई, जो पिछले साल 15,263 करोड़ रुपए थी। इसमें PACL पोंजी स्कैम केस का बड़ा योगदान रहा, जहां अकेले 15,582 करोड़ रुपए लौटाए गए। केस रजिस्ट्रेशन और चार्जशीट में भी रिकॉर्ड केस रजिस्ट्रेशन 39% बढ़कर 1,080 हो गए हैं। वहीं इस साल 812 चार्जशीट दाखिल की गईं जो पिछले साल 457 थीं। एजेंसी का दावा है कि अब केस की जांच अवधि 3-4 साल से घटकर 1-1.5 साल रह गई है। विदेशों से कानूनी सहयोग बढ़ा मनी लॉन्ड्रिंग जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी बढ़ा है। वहीं भारत को विदेशों से 246 रिक्वेस्ट मिले, जिनमें सबसे ज्यादा UK (79) से हैं। 31 मार्च 2026 तक 353 MLAT/LR रिक्वेस्ट लंबित हैं, जिनमें सबसे ज्यादा: प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED को गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और संपत्ति अटैच करने के व्यापक अधिकार हैं। इस कानून के तहत जमानत मिलना भी मुश्किल होता है।