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दमोह में युवती का शव फंदे से लटका मिला:व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से परेशान थी; पुलिस ने मोबाइल जब्त किया

दमोह में युवती का शव फंदे से लटका मिला:व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से परेशान थी; पुलिस ने मोबाइल जब्त किया

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में रविवार रात एक 30 वर्षीय युवती ने घर के भीतर फांसी लगा ली। घटना के समय वह घर में अकेली थी। परिजनों ने युवती को फंदे से उतारकर हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से थी परेशान मृतका की पहचान दीपाली (30), पिता स्वर्गीय मुन्ना लाल साहू के रूप में हुई है। भाई उमेश साहू ने पुलिस को बताया कि दीपाली का मोबाइल हैक हो गया था। व्हाट्सएप और निजी डेटा से जुड़ी इस समस्या के कारण वह पिछले तीन दिनों से अत्यधिक मानसिक तनाव में थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दे के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। घर में अकेली पाकर लगाया फंदा घटना रविवार रात की है जब मृतका की मां मंदिर गई हुई थीं और भाई उमेश बाजार में था। जब भाई घर लौटा तो उसने बहन का शव फंदे से झूलते देखा। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर हटा थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू की हटा पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। साइबर सेल की मदद से मोबाइल की जांच की जा रही है ताकि व्हाट्सएप हैकिंग के दावों की पुष्टि हो सके और यह पता लगाया जा सके कि क्या उसे किसी के द्वारा ब्लैकमेल या परेशान किया जा रहा था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

ग्वालियर में युवक ने फांसी लगाकर दी जान:पत्नी से विवाद के बाद डिप्रेशन में चल रहा था युवक, मौत को लगाया गले

ग्वालियर में युवक ने फांसी लगाकर दी जान:पत्नी से विवाद के बाद डिप्रेशन में चल रहा था युवक, मौत को लगाया गले

हजीरा थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रविवार को गदाईपुरा नहर रोड की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गदाईपुरा निवासी 28 वर्षीय मोनू उर्फ कृष्णकांत शर्मा पुत्र रामवीर शर्मा ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। घटना का पता उस समय चला, जब परिजन कमरे में पहुंचे और उसे फंदे पर लटका देखा। परिजनों ने तुरंत उसे नीचे उतारकर बिरला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि मोनू का विवाह जून 2025 में हुआ था। शादी के बाद से ही उसका पत्नी से विवाद चल रहा था, जिसके चलते पत्नी अलग रह रही थी। परिजनों के अनुसार, इसी बात को लेकर वह मानसिक तनाव में था और संभवत: इसी कारण उसने यह कदम उठाया। परिजनों का कहना है कि मोनू ने अपनी मानसिक स्थिति का किसी को आभास नहीं होने दिया। हालांकि, वह वैवाहिक जीवन को लेकर परेशान जरूर था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है।

पति ने पारिवारिक कलह में घर को लगाई आग:कटनी में सिलेंडर फटा, गांव में दहशत फैली; युवक हिरासत में

पति ने पारिवारिक कलह में घर को लगाई आग:कटनी में सिलेंडर फटा, गांव में दहशत फैली; युवक हिरासत में

कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र के विलायत कला गांव में रविवार शाम एक युवक ने पारिवारिक विवाद के बाद अपने घर में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। इस दौरान घर में रखा रसोई गैस सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, विलायत कला निवासी कौशलेंद्र का अपनी पत्नी के साथ किसी घरेलू बात को लेकर गंभीर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर पत्नी घर छोड़कर अपने मायके चली गई। पत्नी के जाने से नाराज कौशलेंद्र ने शाम के वक्त अपने सूने घर में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देखकर ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इसी बीच, घर के अंदर रखा गैस सिलेंडर आग की तपिश से फट गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों में रहने वाले लोग सहम गए। गनीमत रही कि धमाके के वक्त घर के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा थाना प्रभारी केके पटेल पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की सक्रियता और पुलिस के घंटों के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक घर का अधिकांश हिस्सा और कीमती सामान जलकर राख हो चुका था। पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। आगजनी करने वाले आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने लाया गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत हो रहा है। युवक से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

रोटी-चावल बंद करके भी नहीं घट रहा वजन? एक्सपर्ट्स ने बताया असली कारण

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आज के समय में बढ़ता वजन एक आम समस्या बन चुका है, इसलिए लोग तेजी से वजन घटाने के तरीके खोजते रहते हैं. कई लोग जैसे ही डाइट शुरू करते हैं, सबसे पहले कार्बोहाइड्रेट को अपनी थाली से हटा देते हैं. उन्हें लगता है कि रोटी, चावल, ब्रेड या आलू जैसी चीजें सीधे वजन बढ़ाती हैं. लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है. हेल्थ एक्सपर्ट्स और विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट अपने आप में वजन बढ़ाने वाले नहीं होते, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह के कार्ब्स और कितनी मात्रा में उनका सेवन कर रहे हैं. शरीर को रोजमर्रा के काम, दिमागी सक्रियता और ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है. अगर इन्हें पूरी तरह बंद कर दिया जाए, तो थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए कार्ब्स को दुश्मन मानकर छोड़ देना सही तरीका नहीं माना जाता. असल जरूरत सही कार्बोहाइड्रेट चुनने की है. प्रोसेस्ड और रिफाइंड कार्ब्स जैसे मैदा, सफेद ब्रेड, सफेद चावल, मीठे स्नैक्स, बिस्किट, चीनी और कोल्ड ड्रिंक्स शरीर में तेजी से शुगर बढ़ाते हैं और जल्दी भूख लगने का कारण बन सकते हैं. इसके विपरीत, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट फाइबर से भरपूर होते हैं और धीरे-धीरे पचते हैं. इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है, ब्लड शुगर संतुलित रहती है और बार-बार खाने की इच्छा कम होती है. वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए यह बेहतर विकल्प माना जाता है. इसलिए पूरी तरह कार्ब्स छोड़ने के बजाय समझदारी से सही कार्ब्स चुनना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. कौन से कार्बोहाइड्रेट हैं बेहतर विकल्पअगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो साबुत अनाज सबसे अच्छे विकल्पों में गिने जाते हैं. गेहूं, जौ, ओट्स, बाजरा, रागी और ब्राउन राइस जैसे विकल्प शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं. इनमें फाइबर ज्यादा होता है, जिससे पाचन बेहतर रहता है और पेट जल्दी खाली नहीं होता. दालें और बीन्स भी हैं जरूरीदालें, राजमा, छोले, लोबिया और अन्य बीन्स कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन और फाइबर भी देती हैं. ये लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करती हैं और वजन नियंत्रण में उपयोगी हो सकती हैं. इन्हें नियमित भोजन में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है. फल और सब्जियों को न करें नजरअंदाजफल और सब्जियां भी हेल्दी कार्ब्स का अच्छा स्रोत हैं. सेब, केला, संतरा, पपीता, बेरीज जैसे फल शरीर को जरूरी विटामिन और फाइबर देते हैं. वहीं हरी सब्जियां, गाजर, शिमला मिर्च, लौकी और अन्य मौसमी सब्जियां डाइट को पौष्टिक बनाती हैं. नट्स और सीड्स भी करें शामिलबादाम, अखरोट, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स और सूरजमुखी के बीज जैसे विकल्प हेल्दी फैट, फाइबर और पोषण देते हैं. थोड़ी मात्रा में इन्हें खाने से भूख कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. वजन घटाने का सही फॉर्मूलासिर्फ कार्ब्स कम कर देना वजन घटाने का हल नहीं है. सही तरीका यह है कि डाइट में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और हेल्दी फैट का संतुलन रखा जाए. इसके साथ रोजाना व्यायाम, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी जरूरी है.

अक्षय तृतीया पर भिंड में गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह:माता-पिता ने बेटियों के हाथ पीले कर कन्यादान की रस्म निभाई, समाजजनों ने दिए उपहार

अक्षय तृतीया पर भिंड में गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह:माता-पिता ने बेटियों के हाथ पीले कर कन्यादान की रस्म निभाई, समाजजनों ने दिए उपहार

भिंड में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आदर्श प्रजापति समाज सुधार समिति ने तृतीय सामूहिक विवाह सम्मेलन किया। शहर के बीएसएनएल भवन के पीछे स्थित बाबा खाटू श्याम मैरिज गार्डन में सामाजिक सौहार्द और उत्साह के साथ समारोह हुआ। सम्मेलन में समाज के जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। मंडप के नीचे माता-पिता ने परंपरागत रीति से कन्यादान कर अपनी बेटियों को विदा किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में फिजूल खर्चे पर रोक लगाने के साथ एकता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने इसे सामाजिक सहयोग और संस्कारों का प्रतीक बताते हुए सभी नवदंपतियों को एक-एक फ्रिज देने की घोषणा की, जिस पर उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। तस्वीरों में देंखे शादी की झलक… अतिथि बोले- यह काम भागवत कथा के समान पुण्य विशिष्ट अतिथि दीदी हाजी तमन्ना किन्नर गुरु ने कहा कि गरीब कन्या का विवाह कराना भागवत कथा के समान पुण्य का कार्य है। उन्होंने नवविवाहित कन्याओं को आशीर्वाद स्वरूप सोने के आभूषण भेंट किए। समिति के अध्यक्ष राजेश प्रजापति ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन दहेज जैसी कुरीतियों को समाप्त करने में सहायक हैं और समाज को संगठित करते हैं। समाजसेवी ओमप्रकाश अग्रवाल ने भी इसे सामाजिक समरसता का उदाहरण बताया। आयोजन समिति ने प्रत्येक नवदंपति को गृहस्थी का पूरा सामान, जिसमें सोने-चांदी के आभूषण, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं, भेंट की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया।

पश्चिम बंगाल में पीएम ने झालमूड़ी खाई; VIDEO:दुकानदार को ₹10 दिए; उसने पूछा- प्याज खाते हैं, मोदी बोले- प्याज खाता हूं, दिमाग नहीं

पश्चिम बंगाल में पीएम ने झालमूड़ी खाई; VIDEO:दुकानदार को ₹10 दिए; उसने पूछा- प्याज खाते हैं, मोदी बोले- प्याज खाता हूं, दिमाग नहीं

पीएम मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे। झाड़ग्राम में उन्होंने रैली की। इस दौरान रास्ते में वह एक दुकान पर रुके और झालमूड़ी खाई। झालमूड़ी बनाते हुए दुकानदार ने पूछा कि आप प्याज खाते हैं। पीएम ने जवाब दिया- हां प्याज खाता हूं बस दिमाग नहीं। यह सुनकर दुकानदार हंसने लगा। पीएम ने दुकानदार से इस मुलाकात का करीब 40 सेकेंड का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। साथ ही कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। अब पढ़िए दुकानदार और मोदी के बीच बातचीत… पीएम मोदी: भाई, हमें अपने यहां का झालमूड़ी खिलाओ। दुकानदार: आइए सर बिल्कुल। पीएम मोदी: कितने का होता है झालमूड़ी दुकानदार: आप कितने का खाएंगे। मोदी: नहीं, नहीं, अच्छा वाला कितने का होता है? दुकानदार: 10 रुपए का और 20 रुपए का। मोदी: जो भी है बना दो। दुकानदार: ठीक है मोदी: (जेब से पैसे निकालते हुए) कितना 10 रुपए देना है, ये लो दुकानदार: अरे नहीं सर (फिर पीएम के कहने पर उसने ले लिए) दुकानदार: प्याज खाते हैं पीएम: हां प्याज खाता हूं, बस किसी का दिमाग नहीं। बंगाल में पीएम की स्पीच की 4 बड़ी बातें; कहा- टीएमसी ने छल-प्रपंच किया, उन्हें सजा दो ————————– ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- पीएम ने राष्ट्र संबोधन में चुनाव प्रचार किया: चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर राजनीतिक प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी का ‘गलत इस्तेमाल’ करने का आरोप लगाया। हुगली जिले के तारकेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, ममता ने कहा कि मोदी ने महिला आरक्षण बिल के संबंध में राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के जरिए भाजपा का प्रचार किया। हम चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएंगे। पूरी खबर पढ़ें…

डिंडौरी में जनगणना 2027 का प्रशिक्षण शुरू:220 प्रगणक हुए शामिल; एक मई से डोर-टू-डोर सर्वे, मास्टर ट्रेनर्स ने प्रक्रिया समझाई

डिंडौरी में जनगणना 2027 का प्रशिक्षण शुरू:220 प्रगणक हुए शामिल; एक मई से डोर-टू-डोर सर्वे, मास्टर ट्रेनर्स ने प्रक्रिया समझाई

डिंडौरी के डाइट प्रशिक्षण केंद्र में रविवार को जनगणना 2027 के लिए प्रगणकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। मास्टर ट्रेनर्स प्रगणकों को घर-घर जाकर सर्वे करने और मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा अपलोड करने की तकनीकी प्रक्रिया समझा रहे है। प्रशिक्षण से गायब रहने वाले दो प्रगणकों को तहसीलदार ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 31 मई तक चलेगा मोबाइल ऐप आधारित सर्वे प्रगणक 1 मई से 31 मई तक घर-घर जाकर परिवारों की जानकारी एकत्र करेंगे। प्रशिक्षण में बताया गया कि इस सर्वे के दौरान प्रत्येक परिवार से कुल 34 सवाल पूछे जाएंगे। प्रगणकों को मकानों की नंबरिंग करने, गांव का नजरिया नक्शा तैयार करने और डिजिटल डेटा सुरक्षित रूप से अपलोड करने का अभ्यास कराया जा रहा है। 412 गांवों के लिए 569 ब्लॉक तैयार डिंडौरी तहसील के 412 गांवों में गणना कार्य के लिए 569 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया के लिए कुल 703 स्टाफ तैनात किया गया है, जिसमें 513 प्रगणक और 91 सुपरवाइजर शामिल हैं। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति के लिए 10 प्रतिशत स्टाफ को रिजर्व में रखा है। पांच कक्षों में मास्टर ट्रेनर्स दे रहे ट्रेनिंग तहसीलदार शशांक शेडे ने बताया कि पांच अलग-अलग कक्षों में 220 प्रगणकों को 11 मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगा। प्रशिक्षण सत्र में अमरपुर नायब तहसीलदार सुरभि सुलाखे और समनापुर नायब तहसीलदार सुखमन कुलेश भी उपस्थित रहे। स्व-गणना आईडी सुरक्षित रखने के निर्देश प्रशिक्षण में 16 से 30 अप्रैल तक चलने वाली स्व-गणना प्रक्रिया पर भी जोर दिया गया। प्रगणकों को निर्देशित किया गया है कि वे नागरिकों को स्वयं जानकारी भरने के लिए जागरूक करें और उससे प्राप्त होने वाली संदर्भ आईडी को सुरक्षित रखने में मदद करें। ट्रेनिंग के दौरान प्रगणकों के लिए ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की जा रही है।

कूड़े में न फेंकें लौकी के बीज! दिल की बीमारी से लेकर बढ़ते वजन तक में है रामबाण, स्किन के लिए भी फायदेमंद

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Last Updated:April 19, 2026, 16:34 IST Lauki Ke Beej Ke Fayde: अक्सर हम लौकी की सब्जी तो बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन उसके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लौकी के ये छोटे से दिखने वाले बीज असल में प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस हैं. दिल की सेहत सुधारने से लेकर वजन घटाने और चमकती त्वचा पाने तक, इन बीजों के फायदे आपको हैरान कर देंगे. आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल से जानिए कैसे कूड़े में फेंके जाने वाले ये बीज आपकी डाइट का सबसे हेल्दी हिस्सा बन सकते हैं और इन्हें इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है. अक्सर हम लौकी काटते वक्त उसके बीज सीधे कूड़े में फेंक देते हैं, लेकिन ये छोटी-छोटी चीजें सेहत का बड़ा खजाना हैं. आपको शायद पता न हो, लौकी के बीजों में प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही कारण है कि ये पाचन से लेकर दिल की सेहत तक कई फायदे देते हैं. अगर आप रोजमर्रा की डाइट में थोड़ा सा बदलाव करके इन बीजों को शामिल कर लें, तो शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल सकते हैं. आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के मुताबिक, पाचन की समस्या आजकल आम हो गई है, लेकिन लौकी के बीज इसमें काफी राहत दिला सकते हैं. इनमें मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी दिक्कतों को दूर करता है. अगर सुबह खाली पेट या दिन में हल्के स्नैक के तौर पर इनका सेवन किया जाए, तो पेट हल्का महसूस होता है. साथ ही ये आंतों को भी स्वस्थ रखते हैं, जिससे खाना अच्छे से पचता है. इम्युनिटी यानी शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाने में भी लौकी के बीज काफी मददगार होते हैं. इनमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. अक्सर मौसम बदलते ही लोगों को सर्दी-खांसी या कमजोरी महसूस होने लगती है, ऐसे में ये बीज शरीर को एक्स्ट्रा सपोर्ट देते हैं. नियमित रूप से इनका सेवन करने से छोटी-मोटी मौसमी बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google दिल को स्वस्थ रखने के लिए भी लौकी के बीज बहुत फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने में मदद करते हैं. इससे हार्ट पर दबाव कम पड़ता है और दिल सही तरीके से काम करता है. जो लोग हाई बीपी या दिल से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे हैं, उनके लिए ये बीज एक आसान और प्रभावी घरेलू उपाय बन सकते हैं. अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो लौकी के बीज आपके बड़े काम आ सकते हैं. इन्हें हल्का भूनकर खाने से पेट देर तक भरा महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती. इससे ओवरईटिंग की आदत कम होती है और वजन धीरे-धीरे कंट्रोल में आने लगता है. सबसे अच्छी बात यह है कि ये एक हेल्दी स्नैक हैं, जो जंक फूड खाने की क्रेविंग को भी कम करते हैं. सुंदरता के मामले में भी लौकी के बीज पीछे नहीं हैं. इनका पेस्ट बनाकर फेस पैक की तरह इस्तेमाल करने से त्वचा में कुदरती निखार आता है. इसके लिए लौकी के बीजों को धोकर धूप में सुखा लें और फिर पीसकर बारीक पाउडर बना लें. इसमें थोड़ा सा गुलाब जल या दूध मिलाकर पेस्ट तैयार करें और चेहरे पर 15 मिनट के लिए लगाएं. अगर स्किन बहुत सेंसिटिव है, तो इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. यह केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचने का एक बेहतरीन नेचुरल तरीका है. बालों को मजबूत बनाने के लिए भी लौकी के बीज काफी असरदार होते हैं. इनके तेल से सिर की मालिश करने पर बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और हेयर फॉल कम होता है. आजकल बाल झड़ना एक बड़ी समस्या बन गई है, ऐसे में यह घरेलू उपाय बालों को पोषण देने और उन्हें घना बनाने में काफी मदद कर सकता है. अगर आप नेचुरल तरीके से बालों की देखभाल करना चाहते हैं, तो इन्हें जरूर आजमाएं. लौकी के बीजों को इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है. आप इन्हें सुखाकर हल्का भून लें और सेंधा नमक के साथ स्नैक की तरह खा सकते हैं. चाहें तो इनका पाउडर बनाकर सूप या सलाद में भी मिला सकते हैं. हालांकि ध्यान रखें कि इनकी तासीर ठंडी होती है, इसलिए सर्दी या बुखार के समय इनका सेवन थोड़ा कम करें. सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर ये आपकी सेहत के लिए बहुत गुणकारी साबित होंगे. First Published : April 19, 2026, 16:34 IST

‘आदिवासी हैं ममता के विरोधी, बदल रही बंगाल की संस्कृति के घुसपैठिए’, पीएम मोदी ने टीएमसी पर लगाया गंभीर आरोप

'आदिवासी हैं ममता के विरोधी, बदल रही बंगाल की संस्कृति के घुसपैठिए', पीएम मोदी ने टीएमसी पर लगाया गंभीर आरोप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (19 अप्रैल) को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में त्रिलोक कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए एक रैली की। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे युवा विरोधी हैं। पीएम मोदी ने मोटरसाइकल को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए की वजह से बंगाल की भाषा और संस्कृति बदल रही है। उन्होंने महाराजगंज प्लांट पर आरोप लगाया। मोदी ने आरोप लगाया कि ओथियोड ने गरीबों की अनदेखी की, उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया और इस क्षेत्र को बर्बाद कर दिया, भय और बख्तरबंद के चक्र में विस्फोट कर दिया। उन्होंने कहा, ‘घुसपैठ के कारण बंगाल की भाषा और संस्कृति में बदलाव देखा जा रहा है।’ वर्ष 2026 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अस्मिता और नामांकन पर अपना रुख और तेज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जबकि कैथोलिक सरकार के तहत संथाली भाषा और आदिवासी अस्मिता का अपमान हो रहा है, मदरसा शिक्षा के लिए रिकॉर्ड बजट जारी किया जा रहा है। मोदी ने कहा, ‘संथाली भाषा का अपमान किया जा रहा है, जबकि मदरसा शिक्षा के लिए रिकॉर्ड बजट दिया जा रहा है।’ यह सिर्फ तुष्टिकरण है।’ नींव की जमीनों पर अलौकिक टुकड़ों ने कब्ज़ा कर लिया – प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बंगाल के युवाओं में सड़क, रोजगार, बेरोजगारी और भव्यता की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्मों ने फर्मों की जमीनों पर कब्जा कर लिया है। मोदी ने कहा, ‘तृणमूल के महाजंगलराज में ‘कट मनी’ (रिश्वत) के बिना कोई काम नहीं होता।’ उन्होंने ममता बनर्जी सरकार को ‘निर्मम सरकार’ अधिकार देते हुए कहा कि वह केवल ”लूट” में रुचि रखती हैं, अधिकार के कल्याण में नहीं। अंतिम चरण में संग्रहालय का आरोप मोदी ने कहा, ‘तृणमूल ने अत्याचार, लूट, लूट और महाजंगलराज के अलावा कुछ नहीं दिया।’ उन्होंने कहा कि पुरुलिया, बैंका और झाड़फूंक के लोगों ने सबसे पहले भाजपा का समर्थन इसलिए किया था क्योंकि वे ”डर और वैश्या से मुक्ति” चाहते थे। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि पुरुलिया का मराठा साम्राज्य अब शांति के खिलाफ हो गया है। उन्होंने कहा, ‘पूरा पुरुलिया बदलाव चाहता है और कह रहा है’ बदलाव जरूरी है। (पलटानो दरकार)’ इस नारे का प्रयोग करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों में विपक्ष के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ रहा है। मोदी ने आरोप लगाया कि लेकिन लोकतंत्र के ”भ्रष्टाचार अत्याचारी” ने बंगाल के लोगों को आतंकित कर दिया, अब जनता भाजपा को ”एकमात्र विश्वसनीय विकल्प” मान रही है। यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त होंगे पूर्व रेल मंत्री डायना डायना, बंगाल चुनाव से पहले बीजेपी का बड़ा दांव!

पद्मश्री भगवानदास रायकवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई:अखाड़ा कला के उस्ताद को शिष्यों ने करतब से श्रद्धांजलि दी

पद्मश्री भगवानदास रायकवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई:अखाड़ा कला के उस्ताद को शिष्यों ने करतब से श्रद्धांजलि दी

सागर के पद्मश्री भगवानदास रायकवार का भोपाल में इलाज के दौरान शनिवार को निधन हो गया। निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को सागर लाया गया। रविवार को सागर में अंतिम यात्रा निकाली गई। उनकी अंतिम यात्रा सागर के रामपुरा स्थित छत्रसाल अखाड़ा से शुरू हुई। यात्रा में बुंदेलखंड के अखाड़े शामिल हुए। अखाड़ों में कलाकारों ने करतब दिखाए। रास्तेभर लोगों की भीड़ उमड़ती चली गई। शिष्यों, समर्थकों और आम नागरिकों ने नम आंखों से दाऊ भगवानदास रायकवार को विदाई दी। अंतिम यात्रा नरयावली नाका स्थित मुक्तिधाम पहुंची। जहां राजकीय सम्मान गार्ड ऑफ ऑनर के साथ वे पंचतत्व में विलीन हुए। इस दौरान एक भावुक दृश्य तब देखने को मिला। जब उनके बेटे सहित शिष्यों ने अपने गुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए पारंपरिक बुंदेली अखाड़ा मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया। लेजम और लाठी के साथ किए गए, इस प्रदर्शन ने सभी को भावुक कर दिया। यह वही कला थी, जिसे भगवानदास रायकवार ने जीवनभर सहेजा और नई पीढ़ी तक पहुंचाया। इसी कला में उन्हें पद्मश्री सम्मान मिला है। पिता जी गए नहीं, वे कला के रूप में हमारे बीच हैं अंतिम संस्कार में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और शहर के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। उनके बेटे राजकुमार रायकवार ने कहा कि उनके पिता का जाना सिर्फ परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड और देश के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने बताया कि पिता ने अपना पूरा जीवन अखाड़ा कला को समर्पित कर दिया और उसे नई पहचान दिलाई। पिताजी गए नहीं है, वह हमारे बीच हैं। उनकी कला को जिंदा रखेंगे। उन्होंने अपना पूरा जीवन इस कला के लिए दिया। नौकरी छोड़ी, परिवार पर ध्यान नहीं दिया। वे हमेशा कला के लिए काम करते रहे। वह बुंदेलखंड के कलाकारों और अखाड़ों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्होंने अखाड़े को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि पद्मश्री से सम्मानित भगवानदास रायकवार दाऊ ने मार्शल ऑर्ट्स के क्षेत्र में अलख जगाई थी। उन्होंने पूरा जीवन इसके लिए समर्पित किया। बच्चों को आगे लाने की दिशा में काम किया है। वह प्रेरणा के केंद्र हैं। प्राचीन विधा को बुंदेलखंड के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनके जाने से हमसब दुखी हैं।