सीटों पर एक्सट्रा-चार्ज न लगाने पर विमान कंपनियों का विरोध:कहा-हमें हवाई किराया बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा; मंत्रालय से फैसला वापस लेने को कहा

भारत की बड़ी विमान कंपनियां इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइस जेट ने 60 % सीटों पर एक्सट्रा चार्ज ना वसूलने का सरकार के फैसले विरोध किया है। एयरलाइंस का कहना है कि इस कदम से उन्हें अपनी खोई हुई कमाई की भरपाई के लिए हवाई किराया बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा। तीनों एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाली फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सिविल एविएशन मिनिस्ट्री से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है। फेडरेशन ने कहा… इस निर्देश का एयरलाइंस पर वित्तीय प्रभाव काफी अधिक होगा। इसके परिणामस्वरूप, सभी यात्रियों को, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो शायद पहले से सीटें नहीं चुनना चाहते, उन्हें भी अधिक किराया देना पड़ेगा। दरअसल, मिनिस्ट्री ने बुधवार को भारत में हवाई यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए नए नियम जारी किए थे। नए आदेश के मुताबिक एयरलाइंस की हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के बुक होंगी। ये निर्देश घरेलू फ्लाइट्स पर लागू होंगे। FIA ने और क्या कहा… अभी 20% सीटें ही बिना चार्ज बुक होती हैं मौजूदा नियमों में पैसेंजर्स के लिए 20% सीटें ही बिना एक्स्ट्रा चार्ज दिए बुक की जा सकती हैं, जबकि बाकी सीटों के लिए भुगतान करना पड़ता है। ये कदम इसलिए उठाए गए हैं क्योंकि एयरलाइंस सीट चुनने समेत कई सर्विसेस के लिए बहुता ज्यादा शुल्क वसूल रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी एयरलाइंस पंसद की सीटें चुनने पर 500 से 3000 रुपए तक एक्स्ट्रा चार्ज करती हैं। इसके अलावा एक ही PNR (बुकिंग रेफरेंस) पर यात्रा करने वाले यात्रियों को एक साथ बिठाया जाएगा या उन्हें आस-पास की सीटें दी जाएंगी। एडिशनल चार्जेस को सवाल-जवाब में समझिए सवाल: क्या अब सीट चुनने के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे? जवाब: नहीं, अब फ्लाइट की कम से कम 60% सीटें फ्री होंगी, यानी आपको हर बार सीट के लिए अतिरिक्त पैसे नहीं देने पड़ेंगे। सवाल: क्या परिवार या साथ यात्रा करने वाले लोग अलग-अलग बैठेंगे? जवाब: नहीं, अगर आपकी बुकिंग एक ही PNR पर है, तो आपको साथ या पास-पास सीट दी जाएगी। सवाल: क्या खेल का सामान या म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट ले जाना आसान होगा? जवाब: हां, अब इसके लिए स्पष्ट और आसान नियम बनाए जाएंगे, जिससे आपको पहले से पता रहेगा क्या करना है। सवाल: क्या पालतू जानवर (pet) साथ ले जा सकते हैं? जवाब: हां, लेकिन नियम के साथ। एयरलाइंस को इसके लिए साफ पॉलिसी बतानी होगी, ताकि कोई कन्फ्यूजन न रहे। सवाल: अगर फ्लाइट लेट या कैंसिल हो जाए तो क्या मिलेगा? जवाब: आपको अधिकार मिलेंगे, जैसे- रिफंड, दूसरी फ्लाइट या वेटिंग रूम, जो नियम में तय है। सवाल: मुझे अपने अधिकार कैसे पता चलेंगे? जवाब: अब आसानी से एयरलाइंस को वेबसाइट, एप और एयरपोर्ट पर स्पष्ट जानकारी दिखानी होगी। ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं ले सकेंगी एयरलाइंस अक्सर देखा जाता है कि टिकट बुकिंग के बाद जब यात्री वेब चेक-इन करते हैं, तो उन्हें फ्री सीट के नाम पर केवल 20% ऑप्शन ही मिलते थे। बाकी सीटों के लिए कंपनियां ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर भारी वसूली करती थीं। DGCA के नए आदेश के मुताबिक, अब हर फ्लाइट में 60% सीटें ऐसी होनी चाहिए, जिन्हें यात्री बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के चुन सकें। ————– ये खबर भी पढ़ें… एयर टिकट बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो फुल-रिफंड:फ्लाइट से 7 दिन पहले बुकिंग जरूरी, DGCA के नए नियम; जानें बदलाव नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 26 फरवरी को हवाई यात्रा के टिकट रिफंड और कैंसिल करने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल या बदलाव करने पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, यानी टिकट का पूरा अमाउंट रिफंड किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर में प्लास्टिक के लालच में फैक्ट्री में घुसा नाबालिग:सिक्योरिटी इंचार्ज ने बंधक बनाकर पीटा, कुर्सी से बांध दिया, रात को पुलिस पहुंची तो छोड़ा

ग्वालियर में यूनीपेच फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल फांदकर एक नाबालिग प्लास्टिक चोरी कर बेचने के लालच में अंदर दाखिल हो गया। पर उसके बाउंड्री के अंदर पहुंचते ही सिक्योरिटी में तैनात जवानों ने उसे पकड़ लिया। सिक्योरिटी इंचार्ज ने आए दिन हो रही चोरी का इल्जाम उस पर लगाकर उसको एक कमरे में ले जाकर पीटा गया। इतना ही नहीं उसे एक कुर्सी से बांध दिया गया। घटना दोपहर बाद 4 बजे के लगभग यूनीपेच फैक्ट्री भिंड रोड गोला का मंदिर की है। रात को जब अंदर से मारपीट की आवाज बाहर आई तो कुछ लोगों ने मामले की सूचना आसपास के सामाजिक कार्य करने वालों को दी। सूचना मिलते ही DIAL 112 व गोला का मंदिर थाना पुलिस भी पहुंची। हंगामा बढ़ गया तो फैक्ट्री के मैनेजर समेत अन्य लोग वहां पहुंचे और उसके बाद नाबालिग को बाहर निकाला है। शुक्रवार रात 11.30 बजे तक मामले में एफआईआर के लिए नाबालिग के परिजन से बातचीत चल रही थी। मध्यप्रदेश के मुरैना निवासी एक 16 वर्षीय किशोर यहां ग्वालियर के हजीरा में अपनी बहन के यहां रहता है। नाबालिग कबाड़ा का काम करता है। वह लोहा, प्लास्टिक एकत्रित कर बेचता है। शुक्रवार को नाबालिग शहर के गोला का मंदिर भिंड रोड स्थित यूनपेच फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल से अंदर कूद गया। अंदर काफी मात्रा में प्लास्टिक का सामान पड़ा हुआ था। नाबालिग को लगा कि वह यहां से काफी मात्रा में प्लास्टिक चोरी कर ले जा सकता है और बाहर उसकी अच्छी कीमत मिल जाएगी। जैसे ही नाबालिग बाउंड्री वॉल से अंदर पहुंचा तो फैक्ट्री में सिक्योरिटी कर रहे गार्ड्स की नजर उस पर पड़ गई। नजर पड़ते ही गार्ड्स ने उसे पकड़ लिया और एक कमरे में ले गए। कुर्सी से बांधकर पीटा, रात तक बंधक बनाकर रखा इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड नाबालिग को लेकर अंदर कमरे में पहुंचे और मारपीट कर उसे कुर्सी से हाथ-पैर बांधकर छोड़ दिया। कुछ देर बाद सिक्योरिटी इंचार्ज विनोद सिंह वहां पहुंचे। पुरानी चोरियों का आरोप नाबालिग पर लगाते हुए उसे पीटना शुरू कर दिया। दोपहर से रात 10 बजे तक उसे अंदर ही बंधक बनाकर रखा। जब आसपास वालों ने नाबालिग की आवाज सुनी और पूरे मामले का पता लगा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। रात 11.30 बजे तक चल रहा था मामला इसके बाद पास ही रहने वाले सुनील कुमार को यह बात पता लगी तो उन्होंने डायल -112 को कॉल किया। साथ ही मामले की सूचना से गोला का मंदिर पुलिस को अवगत कराया है। इसके बाद पुलिस व डायल 112 भी वहां पहुंच गई। काफी देर हंगामा के बाद कंपनी के प्रबंधक अशोक पांडे को कंपनी ने वहां हालात देखने के लिए भेजा। इसके बाद वहां पुलिस अंदर पहुंची तो नाबालिग खड़ा मिला है। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने उसे बंधक बनाकर कमरे में कुर्सी से हाथ पैर बांधकर पीटने का आरोप लगाया है। इसके बाद घायल नाबालिग के परिजन भी गोला का मंदिर थाना पहुंच गए। पुलिस का कहना इस मामले में गोला का मंदिर थाना पुलिस का कहना है कि एक नाबालिग फैक्ट्री की दीवार फांदकर अंदर पहुंचा था। उसे फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड्स ने मारपीट की है। मामले की जांच की जा रही है।
माउथ फ्रेशनर बनी चाय!, झारखंड के किसान ने बनाई अनोखी औषधीय चायपत्ती

Last Updated:March 20, 2026, 23:46 IST Palamu News:आज के समय में जहां लोग स्वाद के साथ सेहत को भी प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं झारखंड के पलामू के शिव कुमार पांडे ने चाय को एक नया रूप दे दिया है. उन्होंने ऐसी खास चायपत्ती तैयार की है, जो सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि माउथ फ्रेशनर और औषधीय गुणों से भरपूर हेल्थ ड्रिंक भी है. प्राकृतिक तेलों से तैयार इस अनोखी चाय की खुशबू और स्वाद लोगों को आकर्षित कर रही है, वहीं इसके स्वास्थ्य लाभ इसे आम चाय से अलग बनाते हैं. रिपोर्ट- शशिकांत कुमार ओझा चाय हमारे दैनिक खान-पान में शामिल हो गयी है. आज के दौर में लोग सेहत के प्रति पहले से कहीं अधिक जागरूक हो गए हैं. यही वजह है कि सामान्य चाय के साथ-साथ हर्बल और औषधीय चाय की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. लोग ऐसी चाय पसंद कर रहे हैं जो स्वाद के साथ सेहत को भी फायदा पहुंचाए. इसी बीच झारखंड के पलामू जिले के डाल्टनगंज निवासी शिव कुमार पांडे ने चाय की दुनिया में एक अनोखा प्रयोग किया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. उन्होंने एक ऐसी खास चायपत्ती तैयार की है, जो न केवल स्वाद और सुगंध में अलग है, बल्कि माउथ फ्रेशनर के रूप में भी काम करती है. शिव कुमार पांडे का दावा है कि उनकी बनाई हुई यह चायपत्ती औषधीय गुणों से भरपूर है. इस चाय से बनी एक कप चाय सिर्फ ताजगी देने वाला पेय नहीं, बल्कि कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में भी फायदेमंद साबित हो सकती है. उनके अनुसार यह चाय गठिया, जोड़ों के दर्द, सिरदर्द, साइट्रिक समस्या और पाचन संबंधी परेशानियों को कम करने में मदद कर सकती है. यानी एक कप चाय अब सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का खजाना भी साथ लेकर आती है. Add News18 as Preferred Source on Google शिव कुमार पांडे ने लोकल18 को बताया कि यूं तो चाय पीना लगभग हर किसी के खान पान में शामिल है. वहीं चाय कई प्रकार की होती है. लेकिन आयुर्वेदिक चाय स्वास्थ्य के लिए कई लाभ देती है. उन्होंने एक खास प्रकार की चाय बनाई है. इस खास चायपत्ती को तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मसालों के पाउडर का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया है. इसके बजाय उन्होंने बगानों से लाई गई शुद्ध चायपत्ती में विभिन्न प्राकृतिक मसालों के तेलों का मिश्रण किया है. इस चायपत्ती को तैयार करने में इलायची का तेल, गुलाब का तेल, लौंग का तेल, दालचीनी का तेल, जावित्री का तेल, अदरक का तेल और सौंफ के तेल का इस्तेमाल किया गया है. इन प्राकृतिक तेलों के मिश्रण से तैयार चायपत्ती न सिर्फ बेहद सुगंधित हो जाती है, बल्कि इसमें औषधीय गुण भी बढ़ जाते हैं. इस चाय की एक और खासियत यह बताई जा रही है कि इसे पीने के बाद मुंह लंबे समय तक ताजगी से भरा रहता है. शिव कुमार पांडे के अनुसार यदि कोई व्यक्ति चाय पीने के बाद भोजन भी नहीं करता है, तब भी उसके मुंह में ताजगी बनी रहती है. इसी वजह से इसे माउथ फ्रेशनर चायपत्ती कहा जा रहा है. कीमत की बात करें तो यह चायपत्ती पूरी तरह प्राकृतिक और औषधीय तेलों से तैयार की गई है, इसलिए इसकी कीमत सामान्य चायपत्ती से अधिक रखी गई है. इसकी 100 ग्राम की कीमत 600 रुपये तय की गई है. इच्छुक लोग इसे ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं. शिव कुमार पांडे पहले भी कई तरह के प्राकृतिक तेल, पाउडर और खाद्य उत्पाद तैयार कर चुके हैं. अपने नए प्रयोगों के कारण वे अक्सर चर्चा में रहते हैं. इस बार उन्होंने जिस अनोखी चायपत्ती को तैयार किया है, उसे लेकर उनका कहना है कि आने वाले समय में यह न केवल झारखंड बल्कि देश और विदेश में भी अपनी अलग पहचान बनाएगी. First Published : March 20, 2026, 23:46 IST
जोरहाट में कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार ने दम दिखाया, ज्ञानश्री बोरा ने नामांकन किया; बीजेपी का भेद कैसे पता चलेगा?

असम में डेमोनैकी ज़ोरा पकड़ का भुगतान किया गया है। यहां मारियानी और जोरहाट में शुक्रवार को शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। यहां कांग्रेस-रायजोर दल गठबंधन के उम्मीदवार डॉ. ज्ञानश्री बोरा ने अपना नामांकन नामांकन दाखिल किया। लिनेक्स शोरगुल के बीच मेरियानी क्षेत्र राजनीतिक क्षेत्र बन गया है। नामांकन रैली के दौरान भारी भीड़ डॉ. बोरा के समर्थन में देखने को मिला। इस दौरान एक भव्य रैली भी हुई। इसमें सैकड़ा सैकड़ा भाग लिया गया। ढोल की थाप, नारों और जबरदस्त उस्ताह ढोल की थाप में देखने को मिला। जोरहार्ट के कमिश्नर कार्यालय में नामांकित पद पर नियुक्त किया गया। डॉ. बोरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर जनता उन्हें चुनती है, तो वह विधानसभा के हर सत्र में मारियानी से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाएंगे. साथ ही कहा कि उनकी देशी जनता की आवाज प्रभावी ढंग से स्वस्थ रहने को लेकर रहेगी। साथ ही लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने के लिए ठोस कदम की सूची। जनसेवा समर्पित रहेगी मेरी राजनीति: डॉ. बोरा डॉ. बोरा ने कहा कि राजनीति में एक निर्णय क्षेत्र के लोगों के लिए जनसेवा और मारियानी के विकास को लेकर रहेंगे। उन्होंने असम-नागालैंड विवाद, पीने के पानी की कमी, परिवारों की खराब स्थिति और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को संस्थागत सीमा तक सीमित कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने में स्थिर सहयोगी के रूप में ज्योतिकुरमी पर भी अर्थशास्त्री का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में बार-बार मशीन निर्माण के बाद भी मारियानी से जुड़ी समस्याओं को विधानसभा में प्रभावशाली ढंग से नहीं उठाया गया। साथ ही कहा कि जहां एक ओर सागर में एक ओर जनता अपनी स्थिति मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस विद्युत क्षेत्र की आवाज बड़े पैमाने पर अनसुनी हो रही है। क्यों अहम है मरियानी विधानसभा? मरियानी विधानसभा का यह मुकाबला इसलिए भी अहम है, क्योंकि इस क्षेत्र से पांच बार से विधायक के रूप में विधायक ज्योति कुर्मी विधायक हैं। वे 2021 में बीजेपी में शामिल होने से पहले कांग्रेस नेता के तौर पर इस पद पर आसीन थे. पार्टी परिवर्तन के बाद उन्होंने संसदीय चुनाव लड़ा। विधानसभा में फिर से जीत हासिल की. इससे क्षेत्र में उनकी स्थिति और मजबूत हो गई। इसके अलावा डॉ. बोरा ने इलाके में बदलाव की लहर की ओर रुख किया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अलग-अलग परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है। जनता से मिल रहे इस समर्थन ने अविश्वास को अपने पक्ष में आने के लिए उनके विश्वास को और मजबूत किया है। इसके अलावा उन्होंने सरकार पर संवैधानिक अधिकार, और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर दबाव डालने का भी आरोप लगाया। साथ ही धर्म और जाति की राजनीति की भी आलोचना की जाती है। उन्होंने कहा कि यह इलेक्ट्रोनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए एक सामूहिक लड़ाई होगी। यह जनता के लिए लड़की जाने वाली लड़ाई है। आख़िरकार जीत जनता की ही होगी. अगर वह तकनीशियन बनाए जाते हैं, तो वे विधानसभा में मारियानी से जुड़े मुद्दे पर विवाद करेंगे। असलहा, मारियानी बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। लेकिन ऐसे में सवाल है कि डॉ. ज्ञानश्री बोरा कैथोलिक का कट्टर विचारधारा? यह भी पढ़ें: असम चुनाव: कांग्रेस ने जारी की तीसरी सूची, 22 क्लबों का किया ऐलान
असम में कांग्रेस ने जारी की चौथी सूची, 7 का विमोचन

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव (असम विधानसभा चुनाव 2026) के लिए कांग्रेस (कांग्रेस) ने नोबेल की चौथी लिस्ट जारी की है। इस सूची में पार्टी ने अपने सात जंगलों का जंगल की घोषणा की है। इसके अलावा, पार्टी ने 11 वामपंथी गठबंधन में वामपंथियों को शामिल करने की घोषणा की है। सूची में कौन-कौन से अभ्यर्थी शामिल? पार्टी कांग्रेस की ओर से जारी चौथी सूची में सात झुंझुनू के नाम शामिल हैं, जिसमें राज्य के जालुक बाबा विधानसभा क्षेत्र से बिदिशा नियोग को उम्मीदवार बनाया गया है, तांगला से रोहित परिगा, बिश्वनाथ सीट से जयंत बोरा, नौबोइचा की (एससी) रिजर्व सीट से डॉ. जॉय प्रकाश दास, महमोरा सीट से ज्ञानदीप मोहन, तिताबोर सीट से प्राण कुर्मी और हेलकांडी सीट से राहुल रॉय को उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस ने वामपंथियों की दी उपाधि कौन सा मंदिर? पार्टी ने अपने सहयोगी दल के साथ चौथी सूची के साथ 11 विधानमंडल के किले की भी घोषणा की है, जिसे वह अपने सहयोगी सहयोगी दल के लिए छोड़ रही हैं। इसमें मानस, दलगांव, धिंग, कालियाबोर, तेजपुर, सिसिबारगांव, मार्गेरिटा, दिगबोई, सिबसागर, मारियानी और बोकाखाट विधानसभा के नाम शामिल हैं। जोरहाट सीट से चुनाव लड़ेंगे गौरव गोगोई असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने राज्य की प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष और विपक्ष में नामांकन के लिए गौरव गोगोई को जोर-शोर से सीट से उम्मीदवार बनाया है। अब तक कांग्रेस पार्टी ने ब्याज की कुल चार लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में 3 मार्च, 2026 को अपने बॉन्ड के रिलीज की पहली सूची जारी की थी। इसके बाद दूसरी सूची 14 मार्च को, फिर 22 किले के जंगलों के साथ तीसरी सूची 18 मार्च को और अब 7 किले के जंगलों के साथ चौथी सूची जारी की जाएगी। असम में कब होंगे विधानसभा चुनाव? भारतीय चुनाव आयोग ने असम में चुनावी तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने कहा कि असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को एकल चरण में विधानसभा का चुनाव कराया जाएगा। इसके बाद गणित की गिनती और कल्पना की घोषणा 4 मई, 2026 को की जाएगी। यह भी पढ़ें: भारत में प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़े, डीजल ईंधन में बदलाव नहीं, जानें दिल्ली, मुंबई से लेकर यूपी-बिहार तक की कीमतें
सुप्रीम कोर्ट बोला- पत्नी नौकरानी नहीं, लाइफ पार्टनर:तलाक के मामले में कहा- खाना न बनाना क्रूरता नहीं, घरेलू काम पति की भी जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तलाक से जुड़े एक मामले में कहा, ‘पत्नी का खाना न बनाना या घरेलू कामकाज ठीक से न करना क्रूरता नहीं माना जा सकता। आप नौकरानी से शादी नहीं कर रहे, बल्कि जीवनसाथी से कर रहे हैं।’ जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने कहा- अब समय बदल चुका है और पति को भी घर के कामों में बराबर की जिम्मेदारी निभानी होगी। आज के समय में पति को भी खाना बनाना और घर के काम करना चाहिए।’ बेंच ने इस केस में अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। मामले की अगली तारीख पर पति-पत्नी को सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का कहा है। दोनों की शादी 9 साल पहले हुई थी, 8 साल बेटा भी है दोनों की शादी साल 2017 में हुई थी और उनका एक 8 साल का बेटा है। पति सरकारी स्कूल में शिक्षक है, जबकि पत्नी लेक्चरर है। दलीलों के मुताबिक, पत्नी आर्थिक रूप से पति से बेहतर स्थिति में है और उसने अब तक किसी तरह का भरण-पोषण या गुजारा भत्ता नहीं मांगा है। पति का आरोप है कि शादी के एक हफ्ते बाद ही पत्नी का व्यवहार बदल गया। वह उसके साथ गलत तरीके से पेश आने लगी और उसके तथा उसके माता-पिता के खिलाफ गंदी भाषा का इस्तेमाल करती थी। उसने घर का खाना बनाने से भी मना कर दिया। पति ने यह भी कहा कि बच्चे के जन्म के बाद हुए नामकरण संस्कार में उसे नहीं बुलाया गया। वहीं, पत्नी का कहना है कि वह बच्चे के जन्म के लिए पति और उसके परिवार की सहमति से अपने मायके गई थी। लेकिन पति और उसके परिवार के लोग ही नामकरण संस्कार में शामिल नहीं हुए। पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके माता-पिता से नकद और सोने की मांग की गई और उस पर अपनी सैलरी छोड़ने का दबाव बनाया गया। केस हारने के बाद पति ने लगाई थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका मानते हुए क्रूरता के आधार पर तलाक दे दिया था। इसके बाद पत्नी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया और तलाक को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले से नाराज होकर पति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। ………….. तलाक के मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ वॉट्सएप चैट से तलाक नहीं: पत्नी पर क्रूरता के आरोप साबित करने होंगे; फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना सबूत सिर्फ वॉट्सएप चैट के आधार पर तलाक का आदेश नहीं दिया जा सकता। जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की बेंच ने महिला की फैमिली कोर्ट अपील पर सुनवाई में यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…
क्षेत्रीय स्वास्थ्य संस्थान को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, कर्नाटक में शाह अस्पताल ने की मल्टी सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य उत्पादों की शुरुआत

20 मार्च 2026 को 18:13 IST पर अपडेट किया गया वर्ष 1984 में संचालित शाह हॉस्पिटल ने करनाल में अपनी नई मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हेल्थ किट के साथ विस्तार की घोषणा की। (टैग्सटूट्रांसलेट)शाह हॉस्पिटल(टी)करनाल
बुरहानपुर में नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन:36 जोड़ों ने आहुति दी, संस्कार-सद्भाव के संदेश के साथ प्रकृति सेवा का आह्वान

बुरहानपुर के गायत्री शक्तिपीठ में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन शुक्रवार को हुआ। इस आयोजन में 36 जोड़ों ने आहुतियां दीं, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। शिकारपुरा थाना के सामने स्थित गायत्री शक्तिपीठ में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी महायज्ञ के माध्यम से समाज में संस्कार, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है। यज्ञ के साथ विभिन्न संस्कारों का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य जनमानस को संस्कृति से जोड़ना था। यज्ञ के दौरान आचार्य विजय जी ने प्रकृति सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन दिनों मुरझाते पौधों को जल देना, पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना और गौमाता को गौ ग्रास अर्पित करना पुण्यकारी है। उन्होंने नीम की नई कोपलों के सेवन को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया। महायज्ञ की पूर्णाहुति के समय आचार्य देवेंद्र जी ने श्रद्धालुओं को एक बुराई त्यागने और नियमित गायत्री मंत्र जप का संकल्प दिलाया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ता इन नौ दिनों तक निरंतर गायत्री मंत्र जप, साधना और अनुष्ठान कर रहे हैं, जिससे वातावरण में दिव्यता बनी हुई है। वसंत मोड़े ने गायत्री महायज्ञ के महत्व को समझाते हुए इसे आत्मकल्याण और विश्वकल्याण का श्रेष्ठ माध्यम बताया।
नरसिंहपुर में कांग्रेस के कार्यक्रम में झड़प:नकुल नाथ की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं में विवाद, पुलिस ने संभाला मोर्चा

नरसिंहपुर में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने स्वतंत्रता सेनानी रानी अवंतीबाई लोधी का 168वां बलिदान दिवस मनाया। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुल नाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान नकुल नाथ के मंच से उतरते ही स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर झड़प हो गई। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों गुटों को अलग कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रदेश सरकार पर साधा निशाना नकुल नाथ ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में किसान, नौजवान और महिलाएं परेशान हैं। नकुलनाथ ने महिला अत्याचार और बेरोजगारी के बढ़ते मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने किसानों को समर्थन मूल्य न मिलने और हाल ही में ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। नकुल नाथ ने सरकार से जल्द सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की। नहीं हुई किसी भी पक्ष से शिकायत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संदीप भूरिया ने बताया कि कार्यकर्ताओं के बीच छींटाकशी के कारण विवाद हुआ था, जिसे पुलिस ने समय रहते शांत करा दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी पक्ष द्वारा कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये, किसानों को पॉकेट मनी…बंगाल में ममता बनर्जी ने जारी किया घोषणा पत्र

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टीएमसी कांग्रेस (टीएमसी) का मेनिफेस्टो जारी किया। रियल एस्टेट ने ‘लक्ष्मी भंडार’ स्कीम के तहत जनरल क्लास की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और एससी/एसटी को हर महीने 1,700 रुपये देने की घोषणा की है। सीएम ममता बनर्जी ने कहा, जो युवा कहते हैं वे हर महीने 1,500 रुपये पैसे के लिए आम तौर पर पैसे देते हैं। बंगाल इंडस्ट्रीज़ के लिए एक गंतव्य है। हम एमएसएमई में नंबर वन हैं. एमएसएमई के तहत 1.5 करोड़ कर्मचारी काम करते हैं। ‘बंगाल में आर्किटेक्ट इंडस्ट्री सबसे बड़ी है।’ बंगाल में नई बिल्डिंगें बनवाएंगी ममता कंपनी की प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, ‘हम ‘दुआरे चिकित्सा’ (घर-घर स्वास्थ्य सेवा) शुरू करेंगे। हम इसे हर बूथ पर शुरू करेंगे, हम ‘दुआरे चिकित्सा’ कैंप लगाएंगे। हज़ारों की संख्या में ई-लर्निंग सुविधाओं के साथ इलेक्ट्रानिक्स द्वारा निर्मित। आने वाले दिनों में हम 7-8 नए जिले, ब्लॉक, यहां तक कि नए नगर पालिकाएं भी ठंडा करेंगे।’ कोलकाता | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ”मैं बंगाल के लोगों से अपील करती हूं कि बंगाल को बचाने के लिए एकजुट होकर बीजेपी के खिलाफ लड़ें। pic.twitter.com/JgwRXgBUDl – ANI_हिन्दीन्यूज़ (@Aहिन्दीन्यूज़) 20 मार्च 2026 कृषि बजट बढ़ो सरकार अंदेशा ने फिर से सरकार में आने के बाद कृषि क्षेत्र में बजट में वृद्धि की घोषणा की है। ममता बनर्जी ने कहा, ‘खेती पर आश्रित परिवारों की सहायता करने के लिए, भूमिहीन किसानों को समर्थन देने और कृषि क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए 30,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट भी तैयार किया गया है। इसके अलावा हर ब्लॉक और शहर में घर-घर मेडिकल कर्मियों के लिए मेडिकल कैंप का आयोजन किया जाएगा।’ मैं विनम्रतापूर्वक बंगाल के लिए अपनी 10 प्रतिज्ञाएं प्रस्तुत करता हूं, ताकि मेरी सरकार के चौथे कार्यकाल में विकास का पहिया आगे बढ़ता रहे। लक्ष्मीर भंडार के तहत, ₹500 की वृद्धि के साथ, महिलाओं को सामान्य वर्ग के लिए ₹1,500 की मासिक वित्तीय सहायता मिलती रहेगी… pic.twitter.com/qt3TUInByi – ममता बनर्जी (@MamataOfficial) 20 मार्च 2026 बीजेपी पर भड़कीं ममता बनर्जी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैं बंगाल के लोगों से अपील करती हूं कि बंगाल को बचाने के लिए बीजेपी के खिलाफ एकजुट हों. अगर सेंट्रल कॉलेज आपको डराने की कोशिश कर रही हैं, तो डरें नहीं. अगर वे आपको पैसे देने की कोशिश कर रहे हैं, तो न लें। वे समुद्र तट से पैसा और हथियार, माफिया की तलाश कर रहे हैं, यहां अशांति और तबाही की कोशिशें कर रहे हैं। मैं बिजली वाली राजनीति नहीं कर रहा हूं। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सब एक जैसे हैं।’ बीजेपी पर कोई बढ़त नहीं और सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘टीएमसी के अलावा पार्टी बंगाल को बचाया नहीं जा सकता। मोदी के भाषण पर ध्यान मत दीजिए. उन्होंने सबका विकास की जगह सबका विनाश किया है। वे (बीजेपी) बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नाम पर बेटी, महिला, किसान हटाओ और बीजेपी गुंडा बचाओ कर रहे हैं।’ ये भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: आरजी कर रिकॉर्ड की मां हो सकती हैं चुनाव, पिता को उम्मीद बीजेपी मैदान में उतर सकती है (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी घोषणापत्र(टी)(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी घोषणा पत्र(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026









