क्या आप भी फ्रिज में रखते हैं कटे फल? ये गलती सेहत पर पड़ सकती है भारी, एक्सपर्ट ने बताया कब बन जाते हैं जहरीले

Cut Fruits Storage: गर्मियों में ज्यादातर लोग तरबूज, खरबूजा, पपीता या अनानास जैसे फलों को काटकर फ्रिज में रख देते हैं ताकि बार-बार काटने की झंझट न रहे और ठंडे फल आसानी से मिल जाएं. देखने में यह आदत काफी आसान लगती है, लेकिन कई बार यही छोटी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है. बहुत से लोग सोचते हैं कि फ्रिज में रखने के बाद फल पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं, जबकि सच यह है कि कटने के बाद फलों की ताजगी तेजी से कम होने लगती है. हवा, नमी और बैक्टीरिया के संपर्क में आने के बाद उनमें खराबी शुरू हो जाती है, अगर सही तरीके से स्टोर न किया जाए तो कटे हुए फल पेट से जुड़ी दिक्कतों की वजह भी बन सकते हैं. खासकर गर्म मौसम में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं और फल जल्दी खराब हो जाते हैं. यही कारण है कि एक्सपर्ट कटे फलों को ज्यादा देर तक स्टोर करने से बचने की सलाह देते हैं, अगर आप भी अक्सर कटे हुए फल फ्रिज में रखते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि उन्हें कितनी देर तक सुरक्षित रखा जा सकता है और स्टोर करने का सही तरीका क्या है. कटे हुए फल जल्दी क्यों खराब होते हैं?जब भी किसी फल को काटा जाता है, उसकी बाहरी सुरक्षा परत हट जाती है. इसके बाद फल सीधे हवा और नमी के संपर्क में आ जाता है. यही वजह है कि उनमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. साल्मोनेला, ई. कोलाई और लिस्टेरिया जैसे हानिकारक बैक्टीरिया कटे फलों में तेजी से बढ़ सकते हैं. फ्रिज बैक्टीरिया की रफ्तार को धीमा जरूर करता है, लेकिन उन्हें पूरी तरह खत्म नहीं करता. इसलिए यह मान लेना गलत है कि फ्रिज में रखा हर कटे फल पूरी तरह सुरक्षित है. ऑक्सीडाइजेशन से कम हो जाते हैं पोषक तत्वआपने कई बार देखा होगा कि कटने के कुछ देर बाद सेब या केला भूरा पड़ने लगता है. यह ऑक्सीडाइजेशन की वजह से होता है. हवा के संपर्क में आने पर फलों में मौजूद विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व धीरे-धीरे कम होने लगते हैं. यानी फल सिर्फ स्वाद ही नहीं खोते, बल्कि उनका न्यूट्रिशन भी कम होने लगता है. लंबे समय तक कटे फल रखने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. कितने समय तक सुरक्षित रहते हैं कटे फल?कटे फलों की सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है कि उन्हें किस तापमान पर रखा गया है. अगर फल कमरे के तापमान पर रखे हैं, तो उन्हें 4 से 6 घंटे के अंदर खा लेना चाहिए. अगर फ्रिज का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से कम है, तो ज्यादातर कटे फल करीब 24 घंटे तक ठीक रह सकते हैं. तरबूज, खरबूजा, पपीता और अनानास जैसे ज्यादा पानी वाले फल जल्दी खराब होते हैं. केला और सेब जैसे फल जल्दी रंग बदलते हैं, इसलिए इन्हें काटने के तुरंत बाद खाना बेहतर माना जाता है. लोग स्टोर करते समय कौन सी गलतियां करते हैं?कई लोग कटे फलों को प्लेट में खुला छोड़ देते हैं या हल्के फॉयल में ढककर फ्रिज में रख देते हैं. इससे फल लगातार हवा के संपर्क में बने रहते हैं और जल्दी खराब हो जाते हैं. इसके अलावा बार-बार फ्रिज खोलने से अंदर का तापमान बदलता रहता है. तापमान में उतार-चढ़ाव होने पर फलों में खराबी तेजी से बढ़ती है. कई बार लोग एक ही कंटेनर को बार-बार खोलते रहते हैं, जिससे बाहर की दूषित हवा अंदर पहुंचती रहती है. कटे फलों को सुरक्षित रखने का सही तरीका 1. एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करेंकटे हुए फलों को हमेशा कांच या अच्छी क्वालिटी के एयरटाइट कंटेनर में रखें. इससे हवा अंदर कम जाती है और फल ज्यादा समय तक ताजे बने रहते हैं. 2. साफ-सफाई का ध्यान रखेंफल काटने से पहले हाथ, चाकू और कटिंग बोर्ड अच्छी तरह साफ करें. गंदे बर्तन या चाकू से बैक्टीरिया सीधे फल के अंदर पहुंच जाते हैं. 3. तुरंत फ्रिज में रखेंफल काटने के बाद उन्हें ज्यादा देर बाहर न छोड़ें. तुरंत फ्रिज में रखना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. 4. छोटे हिस्सों में स्टोर करेंअगर ज्यादा फल काट रहे हैं, तो उन्हें छोटे-छोटे कंटेनर में रखें. इससे हर बार पूरा कंटेनर खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कैसे पहचानें कि फल खराब हो चुके हैं?कई बार फल देखने में ठीक लगते हैं, लेकिन अंदर से खराब हो चुके होते हैं. ऐसे में इन संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है. फल से खट्टी या फर्मेंटेशन जैसी गंध आना, फल का चिपचिपा हो जाना, ज्यादा पानी छोड़ना, रंग का बहुत ज्यादा गहरा या काला पड़ जाना, स्वाद में बदलाव महसूस होना. अगर इनमें से कोई भी संकेत दिखे, तो ऐसे फल खाने से बचना चाहिए. बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा जरूरी सावधानीकटे हुए खराब फल बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए ज्यादा नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे लोगों में फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए उनके लिए हमेशा ताजे और तुरंत कटे फल देना ज्यादा सुरक्षित रहता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
इमली की चटनी रेसिपी: गरमा गरम चाट-पकौड़ी का मजा होगा दोगुना, घर पर खास हलवाई स्टाइल इमली की चटनी, नोट करें रेसिपी

18 मई 2026 को 16:06 IST पर अद्यतन किया गया इमली की चटनी रेसिपी: गर्मियों में अगर आप समोसे, कचौड़ी, चाट या पकौड़े का स्वाद लेना चाहते हैं, तो घर पर बनी खट्टी-मीठी इमली की रेसिपी सबसे बेहतरीन है। यह चिप्स स्वाद में बिल्कुल हलवाई स्टाइल में दिखता है और इसे बनाना भी बेहद आसान है। खास बात यह है कि सही तरीके से स्टोर करने पर 2 से 3 महीने तक बुरा नहीं होता। आइये जानते हैं इसकी आसान रेसिपी के बारे में। अनुसरण करना : सामग्री 150 ग्राम इमली 150 गुड़ ग्राम 1 से 2 चीनी चीनी 2 कप गरम पानी 1 मूल तेल आधा भाग जीरा 2 चुटकियाँ आधा आधा दरदारी पिसी सौंफ 1 काली मिर्च पाउडर आधा काला नमक स्वाद नमक आधा सोंठ छवि: फ्रीपिक सबसे पहले इमली को 20 से 30 मिनट तक गर्म पानी में अकेलाकर रख दें। इसके बाद हाथों से अच्छी तरह से मसलकर गूदा निकाला जाता है। अब छलनी की मदद से इसे अच्छा लें ताकि रेशे और बीज अलग-अलग हो जाएं। छवि: फ्रीपिक कड़ाही में 1 मसाला तेल गर्म करके, तड़का लगाने के लिए इसमें जीरा, हींग और दारदारी पिसी सौंफ मॉड्यूल पाइलन भून लें। आईमली की पल्प दाल डे और मूर्ति की आने तक की तैयारी हो गई। छवि: फ्रीपिक इमली के गूदे में गुड़ और चीनी डालें। गुड़ के अच्छे प्रकार के पिघलने के बाद रात्री लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, सादा नमक, सोंठ पाउडर और खरबूजे के बीज की दाल दें। सभी विकलांगों को अच्छी तरह से मध्यम आकार के बेंचमार्क पर ग्रेड। छवि: फ्रीपिक लगभग 5 से 7 मिनट तक अंतिम संस्कार पर अंतिम मिनट तक। जब मॅकॅमिनेशन पर अच्छी तरह का कोट होने लगे, तब गैस बंद कर दे। ध्यान रखें कि अनैतिकता के बाद लालच और अधिकता हो जाती है। छवि: फ्रीपिक पूरी तरह से निजीकरण के बाद इसे एयर टाइट कांचन के जार में पिज्जा में रखा गया। इसे सही तरीके से स्टोर करके 2 से 3 महीने तक आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 18 मई 2026 को 16:06 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)इमली चटनी रेसिपी(टी)इमली चटनी रेसिपी(टी)मीठी इमली चटनी(टी)हलवाई स्टाइल चटनी(टी)भारतीय चटनी रेसिपी(टी)खट्टी मीठी चटनी(टी)स्ट्रीट फूड चटनी(टी)घर का बना इमली सॉस(टी)इमली की चटनी कैसे बनाएं(टी)आसान चटनी रेसिपी
तलाक पर बोले मौनी के पति सूरज:हमारे बीच कोई विवाद या एलिमनी का लेनदेन नहीं; अफवाहें फैलाना बंद करे

एक्ट्रेस मौनी रॉय और उनके पति सूरज नांबियार ने पिछले गुरुवार को अलग होने का फैसला किया था। अब इस मामले पर बिजनेसमैन सूरज नांबियार का स्टेटमेंट सामने आया है। सोमवार को जारी किए गए इस बयान में सूरज ने मीडिया में चल रही अफवाहों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ किया है कि उनके अलग होने के फैसले में कोई विवाद, एलिमनी (गुजारा भत्ता) या कोई तीसरा शख्स शामिल नहीं है। दोनों ने आपसी सहमति और सम्मान के साथ अलग होने का फैसला किया है। मौनी रॉय ने भी इस पोस्ट को दोबारा शेयर किया है। अफवाहों को बताया बेबुनियाद और गलत सूरज नांबियार ने अपने ऑफिशियल बयान में कहा कि मीडिया के कुछ हिस्सों की तरफ से हमारी पर्सनल लाइफ में जरूरत से ज्यादा दखल दिया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से हमारे अलग होने को लेकर जो भी खबरें चलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं। सूरज ने कहा कि हम दोनों आपसी सहमति से अलग हो रहे हैं और इस मामले को निजी तौर पर सुलझाने के लिए समय ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर चल रही मनगढ़ंत बातें सिर्फ लोगों को बदनाम करने की कोशिश हैं। गुरुवार को अलग होने की घोषणा की थी गुरुवार को मौनी और सूरज ने इंस्टाग्राम पर एक जॉइंट नोट जारी कर बताया था कि वे अपनी शादी खत्म कर रहे हैं। मौनी और सूरज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था, हमें दुख है कि मीडिया के कुछ लोगों ने हमारी निजी जिंदगी में बेवजह और जरूरत से ज्यादा दखल दिया है। हम यह कहना चाहते हैं कि हमने अलग होने का फैसला किया है और इस समय को शांति और समझदारी के साथ निजी तौर पर संभाल रहे हैं। हमारी निजी जिंदगी को लेकर कई झूठी कहानियां और गलत बातें फैलाई गई हैं, जो हमारे रिश्ते की सच्चाई नहीं दिखातीं। काफी सोच-विचार के बाद हमने आपसी सम्मान और समझदारी के साथ अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। न कोई विवाद है और न ही एलिमनी का मामला सूरज ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज करते हुए लिखा कि मैं कुछ बातें बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं। हमारे बीच कोई एलिमनी का लेनदेन नहीं हो रहा है। हमारे बीच किसी तरह का कोई झगड़ा या विवाद नहीं है। इस अलगाव के पीछे कोई तीसरा शख्स भी नहीं है। मौनी और मैंने एक-दूसरे की भलाई को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है। यही सच है और इसके अलावा जो कुछ भी मीडिया में दिखाया जा रहा है, वह सिर्फ काल्पनिक है। चुप रहना सही नहीं समझा सूरज ने आगे लिखा कि इस मुश्किल समय में मौनी और मैंने हमेशा गरिमा बनाए रखी है। हम मीडिया से भी इसी सम्मान की उम्मीद करते हैं। मैं इन अफवाहों का जवाब सीधे तौर पर इसलिए दे रहा हूं क्योंकि जानबूझकर फैलाई जा रही झूठी खबरों पर चुप रहना मुझे सही नहीं लगा। गलत जानकारी के खिलाफ बोलना बेहद जरूरी था। इस पूरे बयान को एक्ट्रेस मौनी रॉय ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर री-शेयर किया है। साल 2022 में हुई थी दोनों की शादी मौनी रॉय और सूरज नांबियार की शादी जनवरी 2022 में गोवा में हुई थी। दोनों की शादी बंगाली और साउथ इंडियन रीति-रिवाजों से हुई थी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। दोनों की मुलाकात साल 2018 में दुबई के एक क्लब में हुई थी, जिसके बाद उन्होंने करीब तीन साल तक एक-दूसरे को डेट किया। शादी के चार साल पूरे होने से पहले ही दोनों ने पिछले हफ्ते एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर तलाक का ऐलान किया था।
LLB छात्रा से रेप के आरोपी ने जुलूस निकाला:गाजियाबाद जेल से छूटने पर समर्थकों ने फूल बरसाए, हिंदू युवा वाहिनी का नगर अध्यक्ष रहा

गाजियाबाद में रविवार को LLB छात्रा से रेप का आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आया। हिंदू युवा वाहिनी का नगर अध्यक्ष रह चुका है। 8 महीने बाद डासना जेल से निकलते ही उसके समर्थकों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद उसे कंधे पर बैठाकर जेल परिसर से सड़क तक ले गए। फिर गाड़ियों का काफिला निकालकर जुलूस निकाला गया। समर्थकों ने इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। 8 अगस्त 2025 को आरोपी सुशील प्रजापति ने LLB की एक छात्रा के साथ रेप किया था। इसके बाद उसे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। देर रात करीब 11 बजे छात्रा मुरादनगर थाने पहुंची। उसके समर्थन में बजरंग दल के लोग भी पहुंचे और हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। 11 अगस्त 2025 को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 17 मई को सुशील प्रजापति जेल से बाहर आया। देखिए 3 तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला… 2021 में हुई थी मुलाकात पुलिस के मुताबिक, नवंबर 2021 में गाजियाबाद निवासी सुशील प्रजापति की मुलाकात LLB की एक छात्रा से हुई थी। इसके बाद सुशील उसे लगातार फोन कर हालचाल लेने लगा। छात्रा ने उससे बताया कि वह लॉ की पढ़ाई के साथ मेरठ कोर्ट में एक सीनियर वकील के पास प्रैक्टिस भी करती है। इस पर सुशील ने उससे कहा कि वह गाजियाबाद कोर्ट में बैठना शुरू कर दे। उसने दावा किया कि उसके जानकार वहां सीनियर एडवोकेट हैं, जो उसे हर महीने पैसे भी दिलवा देंगे। साथ ही, उसके जानने वाले लोग भी छात्रा के पास केस लेकर आएंगे। सुशील ने यह भी कहा कि गाजियाबाद, मोदीनगर के ज्यादा करीब है। इस पर छात्रा ने उससे गाजियाबाद कोर्ट में बैठने की व्यवस्था कराने को कहा। थार में बैठाकर ले गया था सुशील 8 अगस्त 2025 की सुबह करीब 11 बजे सुशील ने छात्रा को फोन कर कहा कि उसकी गाजियाबाद के एक सीनियर वकील से बात हो गई है और वह उसी दिन मुलाकात करा देगा। इसके बाद छात्रा मेरठ से बस के जरिए गाजियाबाद के मुरादनगर पहुंची। वहां सुशील पहले से थार गाड़ी लेकर खड़ा था। उसने कहा, “जल्दी बैठो, वकील साहब इंतजार कर रहे हैं। अभी उनसे मिलना है। इसके बाद वह छात्रा को एक फ्लैट पर ले गया। वहां उसने उसे कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए दी और कहा कि वकील साहब आने वाले हैं। आरोप है कि कोल्ड ड्रिंक पीते ही छात्रा को नींद आने लगी। इसी दौरान सुशील प्रजापति ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद सुशील ने उसे धमकी दी कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो उसकी हत्या करवा देगा। उसने कहा कि उसके बड़े-बड़े लोगों से संबंध हैं और वह हिंदू युवा वाहिनी संगठन से जुड़ा हुआ है। इसके बाद वह छात्रा को अपनी कार से सड़क पर छोड़कर चला गया और कहा कि यहां से चुपचाप मेरठ लौट जाओ। छात्रा के पक्ष में जुटे कई संगठन होश आने के बाद छात्रा रात करीब 11 बजे मुरादनगर थाने पहुंची। सूचना मिलते ही उसके समर्थन में गोरक्षक दल और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी सुशील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब 8 महीने तक डासना जेल में रहने के बाद वह रविवार को जमानत पर जेल से बाहर आया। —————- यह खबर भी पढ़िए… लखनऊ में ढाबा संचालक की हत्या:झगड़े का वीडियो बनाने पर दबंगों ने सिर में मारी गोली, 3 संदिग्ध हिरासत में लखनऊ में दबंगों ने एक ढाबा संचालक के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। उसने ढाबे के सामने रोड पर लड़ाई कर रहे युवकों का वीडियो बनाया था। इससे नाराज होकर दबंग युवकों ने घटना को अंजाम दिया। ढाबा संचालक को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी ऑपेरशन के दौरान मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें
योगी बोले- नमाज पढ़नी है तो शिफ्ट में पढ़िए:सड़क पर नहीं पढ़ी जाएगी; प्यार से मानेंगे तो ठीक, नहीं तो दूसरा तरीका अपनाएंगे

यूपी में बकरीद से पहले सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी ने चेतावनी दी है। लखनऊ में सोमवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा- सड़कें नमाज पढ़ने या किसी तरह की भीड़ जुटाने के लिए नहीं हैं। लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या यूपी में सड़कों पर नमाज होती है? मैं कहता हूं- कतई नहीं। उन्होंने कहा- सड़कें आम लोगों के चलने के लिए हैं। कोई भी आकर ट्रैफिक डिस्टर्ब करे, यह अधिकार किसी को नहीं है। नमाज पढ़नी है तो तय जगह पर पढ़िए। संख्या ज्यादा है तो शिफ्ट में पढ़ लीजिए। हम नमाज नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़क पर अराजकता नहीं होने देंगे। योगी ने आगे कहा- सरकार पहले संवाद से समाधान चाहती है। लेकिन, कानून तोड़ने वालों पर सख्ती भी होगी। प्यार से मानेंगे तो ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। सीएम योगी ने बरेली में हुए बवाल का भी जिक्र किया। कहा- बरेली में लोगों ने हाथ आजमाया था, ताकत भी देख ली। कानून सभी के लिए बराबर है। किसी को भी सड़क जाम करने या अव्यवस्था फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी। दरअसल, यूपी में सितंबर 2025 में आई लव मोहम्मद को लेकर विवाद हुआ था। बरेली में मुस्लिम नेता मौलाना तौकीर रजा ने नमाज के बाद धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया। पुलिस ने रोका तो पथराव हो गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। CM बोले- पहले कट्टा-बम बनते थे, अब ब्रह्मोस मिसाइल बन रही योगी ने यूपी के विकास और निवेश का जिक्र किया। कहा- पहले प्रदेश की पहचान कट्टा और बम से होती थी, लेकिन अब यहां ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। नकारात्मक माहौल होगा तो ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ पैदा होगा। सकारात्मक माहौल होगा तो ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ बनेगा। यूपी में तेजी से निवेश आ रहा है। रोजगार बढ़ रहे हैं। यूपी जल्द 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनेगा। यूपी में महिलाओं की सुरक्षा बेहतर हुई योगी ने कहा- यूपी में पहले महिलाएं दिन में भी बाहर निकलने से डरती थीं। अब वे नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं। सुरक्षित घर लौट रही हैं। अब कोई बेटी से छेड़खानी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा- यूपी अब ‘बीमारू राज्य’ नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है। पिछले 6 साल से यूपी लगातार रेवेन्यू सरप्लस में है। अब प्रदेश को किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती। यूपी के पास कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं की ताकत जैसी अपार संभावनाएं हैं। सरकार सभी 75 जिलों के संतुलित विकास पर काम कर रही है। बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान सड़क पर नमाज का मुद्दा उठाया था सीएम योगी ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान सड़कों पर नमाज के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि दीदी सड़कों पर नमाज पढ़वाती हैं और हिंदू त्योहारों पर पाबंदी लगाती हैं। यूपी में कोई सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ सकता। सड़कें यातायात के लिए हैं, नमाज के लिए नहीं। नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा। योगी सरकार ने सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाई थी योगी सरकार ने 2022-2023 में सड़कों पर नमाज पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। आदेश दिया कि ईद, अलविदा जुमा या किसी भी अन्य दिन सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। धार्मिक कार्यक्रम केवल ईदगाह, मस्जिदों या निर्धारित धार्मिक स्थलों के अंदर ही होने चाहिए। ———————- ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ में हंगामा, पथराव और लाठीचार्ज: बुलडोजर से वकीलों के 240 चैंबर ढहाए; अखिलेश बोले- भाजपा किसी की सगी नहीं लखनऊ जिला कोर्ट के बाहर रविवार को जमकर हंगामा हुआ। बुलडोजर से चैंबर तोड़े जाने के विरोध में वकील भड़क गए। वकीलों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर लाठियां बरसाईं। इस दौरान भीड़ में से कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। VIDEO में देखिए पूरा बवाल…
सुप्रीम कोर्ट ने कहा-उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाले अपने पिछले फैसले पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने सोमवार को यह बयान सैयद इफ्तिखार अंद्राबी से जुड़े नार्को-टेररिज्म मामले पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने माना कि किसी आरोपी को बेल देना एक नियम है, जबकि उसे जेल भेजना अपवाद होना चाहिए। जस्टिस उज्जल भुयान और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने केए नजीब मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में माना था कि मौलिक अधिकार का उल्लंघन होने पर अदालतें यूएपीए (UAPA) मामलों में जमानत दे सकती हैं। लेकिन उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज करते समय कोर्ट ने इस फैसले पर ध्यान नहीं दिया था। कोर्ट बोला- छोटी बेंच को बड़ी बेंच के फैसले मानने पड़ेंगे सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब कोई बड़ी बेंच फैसला सुना देती है, तो छोटी बेंच को उसे मानना ही पड़ेगा। आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि छोटी बेंच सीधे-सीधे मना तो नहीं करतीं, लेकिन घुमा-फिराकर बड़े फैसले के असर को कमजोर कर देती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक साल तक अपील करने पर रोक लगाई इस साल 4 जनवरी को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने फैसले को रिव्यू करने से भी मना कर दिया था। कहा था कि दोनों आरोपी एक साल तक दिल्ली दंगे मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते हैं। दरअसल, उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद दिल्ली दंगों के आरोप में 5 साल 3 महीने से तिहाड़ में हैं। इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उन्हें गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जमानत देने से इनकार किया गया था। खालिद ने अब तक 6 बार जमानत याचिकाएं लगाईं, किसी में राहत नहीं उमर जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगा चुका है। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं। ट्रायल कोर्ट हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट: ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों:एक एयरलाइन ₹8000 चार्ज करती है, दूसरी ₹18000; सरकार से कहा- लोगों को थोड़ी राहत दें सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही दिन, एक ही सेक्टर में उड़ान भरने वाली एक एयरलाइन कुछ अलग हवाई किराया लेती है, जबकि दूसरी एयरलाइनल अलग किराया लेती है। इसे सही किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार यात्रियों को राहत दे। पूरी खबर पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट बोला- उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाले अपने पिछले फैसले पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने सोमवार को यह बयान सैयद इफ्तिखार अंद्राबी से जुड़े नार्को-टेररिज्म मामले पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने माना कि किसी आरोपी को बेल देना एक नियम है, उसे जेल भेजना अपवाद होना चाहिए। जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने केए नजीब मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में माना था कि मौलिक अधिकार का उल्लंघन होने पर अदालतें गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) मामलों में जमानत दे सकती हैं। लेकिन खालिद की जमानत याचिका खारिज करते समय कोर्ट ने इस फैसले पर ध्यान नहीं दिया था। कोर्ट बोला- छोटी बेंच को बड़ी बेंच के फैसले मानने पड़ेंगे सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब कोई बड़ी बेंच फैसला सुना देती है तो छोटी बेंच को उसे मानना ही पड़ेगा। आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि छोटी बेंच सीधे-सीधे मना तो नहीं करतीं, लेकिन घुमा-फिराकर बड़े फैसले के असर को कमजोर कर देती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक साल तक अपील करने पर रोक लगाई थी इस साल 4 जनवरी को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने फैसले को रीव्यू करने से भी मना कर दिया था। कहा था कि दोनों आरोपी एक साल तक दिल्ली दंगे मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते। दरअसल, उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद दिल्ली दंगों के आरोप में 5 साल 3 महीने से तिहाड़ में हैं। इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उन्हें UAPA के तहत जमानत देने से इनकार किया गया था। खालिद ने अब तक 6 बार जमानत याचिकाएं लगाईं, किसी में राहत नहीं उमर जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगा चुका है। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं। खालिद ने ऐसे लगाईं याचिकाएं… ट्रायल कोर्ट हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट: ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों:एक एयरलाइन ₹8000 चार्ज करती है, दूसरी ₹18000; सरकार से कहा- लोगों को थोड़ी राहत दें सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही दिन, एक ही सेक्टर में उड़ान भरने वाली एक एयरलाइन कुछ अलग हवाई किराया लेती है, जबकि दूसरी एयरलाइनल अलग किराया लेती है। इसे सही किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार यात्रियों को राहत दे। पूरी खबर पढ़ें…
गैस और एसिडिटी होने पर गटक लेते हैं कोल्ड ड्रिंक, सावधान हो जाइए, डॉक्टर ने दी वॉर्निंग

Last Updated:May 18, 2026, 12:57 IST Cold Drinks for Acidity Relief: कई लोग गैस और एसिडिटी होने पर तुरंत कोल्ड ड्रिंक पी लेते हैं. उन्हें लगता है इससे गैस और एसिडिटी से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन यह सिर्फ गलतफहमी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह आदत समस्या को कम करने के बजाय बढ़ा भी सकती है. सही खानपान से गैस-एसिडिटी की समस्या को नेचुरली कम किया जा सकता है. कोल्ड ड्रिंक पीने से गैस और एसिडिटी की समस्या खत्म नहीं होती है. Does Soda Help With Gas Problems: खाना खाने के बाद कई लोगों को गैस बनने लगती है और एसिडिटी की समस्या हो जाती है. गर्मी के मौसम में पेट की परेशानियां ज्यादा होती हैं. कई लोग गैस और एसिडिटी होने पर कोल्ड ड्रिंक पी लेते हैं. अक्सर यह माना जाता है कि कोल्ड ड्रिंक पीने से डकार आती है और पेट की गैस निकल जाती है. कोल्ड ड्रिंक की तुलना एसिडिटी से रिलीफ देने वाली कई चीजों से भी की जाती है. अब सवाल है कि क्या वाकई कोल्ड ड्रिंक गैस और एसिडिटी से राहत दिलाने में कारगर होती है? एक्सपर्ट से इसका जवाब जानने की कोशिश करते हैं. दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पैंक्रियाटिको बिलियरी साइंसेज के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने News18 को बताया कोल्ड ड्रिंक में कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है, जिसकी वजह से इसे पीने पर डकार आती है. कई लोगों को डकार आने के बाद पेट हल्का महसूस होता है, जिससे उन्हें लगता है कि गैस खत्म हो गई है. हालांकि यह राहत कुछ देर की होती है और असल समस्या पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ता है. कोल्ड ड्रिंक गैस और एसिडिटी को ठीक नहीं करती, बल्कि कई मामलों में समस्या बढ़ा सकती है. कोल्ड ड्रिंक में मौजूद कार्बोनेशन, ज्यादा चीनी और एसिडिक तत्व पेट में एसिड की मात्रा बढ़ा सकते हैं. इससे एसिडिटी, पेट में जलन और ब्लोटिंग बढ़ सकती है. एक्सपर्ट ने बताया कि कोल्ड ड्रिंक में फॉस्फोरिक एसिड और कार्बोनिक एसिड जैसे तत्व मौजूद होते हैं. ये पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकते हैं और एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ा सकते हैं. खासकर खाली पेट या बहुत ज्यादा मात्रा में कोल्ड ड्रिंक पीना नुकसानदायक हो सकता है. इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक कुछ लोगों में पाचन प्रक्रिया भी प्रभावित कर सकती है. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में गैस होने के कारण कुछ समय के लिए डकार जरूर आ सकती है, लेकिन इससे पेट में और ज्यादा गैस बनने की संभावना भी रहती है. यही वजह है कि कई लोगों को कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद पेट फूलना या भारीपन महसूस होता है. डॉक्टर के मुताबिक गैस और एसिडिटी से बचने के लिए खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना कम खाएं, खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं, पर्याप्त पानी पिएं, खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें, छाछ, सौंफ, अदरक और जीरा जैसे घरेलू उपाय अपनाएं और ज्यादा चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाएं. जिन लोगों को पहले से एसिड रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस, अल्सर या पाचन संबंधी समस्या है, उन्हें कोल्ड ड्रिंक अवॉइड करनी चाहिए. बार-बार एसिडिटी होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. डॉक्टर की मानें तो गैस और एसिडिटी का ट्रीटमेंट उसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है. सामान्य मामलों में डॉक्टर खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह देते हैं. कुछ मरीजों को एंटासिड और गैस कम करने वाली दवाएं दी जा सकती हैं. अगर समस्या बार-बार हो रही हो, पेट में तेज दर्द, उल्टी, वजन कम होना या निगलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर एंडोस्कोपी या अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं, ताकि अल्सर, GERD या किसी दूसरी पाचन संबंधी बीमारी का पता लगाया जा सके. सटीक कारण जानने के बाद उसकी प्रॉपर ट्रीटमेंट किया जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
चांदी ₹1,722 गिरकर ₹2.67 लाख पर आई:सोना 389 सस्ता होकर ₹1.58 लाख हुआ, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 18 मई को गिरावट है। 1 किलो चांदी का दाम 1,722 रुपए कम होकर 2.67 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत 2.69 लाख रुपए पर थी। वहीं इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 389 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns18 मई, 2026 सोना इस साल 24 हजार और चांदी 37 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 24 हजार रुपए और चांदी 37 रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.58 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.67 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सरकार ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
चांदी ₹1,722 गिरकर ₹2.67 लाख पर आई:सोना ₹389 सस्ता होकर ₹1.58 लाख हुआ, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 18 मई को गिरावट है। 1 किलो चांदी का दाम 1,722 रुपए कम होकर 2.67 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत 2.69 लाख रुपए पर थी। वहीं इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 389 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है। सोना इस साल 24 हजार और चांदी 37 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 24 हजार रुपए और चांदी 37 रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.58 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.67 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सरकार ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।






