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महंगी क्रीम छोड़िए, चेहरे पर कुदरती निखार के लिए रोज खाएं गुलाब से बना गुलकंद, गर्मी में शरीर रखता है ठंढा

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Last Updated:April 05, 2026, 16:16 IST डॉ. राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गुलकंद का इस्तेमाल भारत में सदियों से होता आ रहा है, खासकर गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह स्किन के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. गुलकंद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं. जब शरीर अंदर से साफ होता है, तो उसका असर सीधे चेहरे पर दिखता है. स्किन ज्यादा फ्रेश, क्लियर और ग्लो नजर आने लगती है. ख़बरें फटाफट ऋषिकेश: आज के दौर में जहां हर कोई इंस्टेंट ग्लो के लिए महंगी क्रीम्स और केमिकल से भरे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर निर्भर हो गया है, वहीं धीरे-धीरे लोग फिर से पुराने और नेचुरल उपायों की तरफ लौट रहे हैं. बाहरी चमक से ज्यादा अब अंदर से हेल्दी स्किन की जरूरत समझ में आने लगी है. ऐसे में गुलाब से बना गुलकंद एक ऐसा देसी और असरदार उपाय बनकर सामने आया है, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है बल्कि चेहरे पर कुदरती निखार भी लाता है. गर्मी में शरीर को ठंढा रखता है गुलकंद लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ. राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गुलकंद का इस्तेमाल भारत में सदियों से होता आ रहा है, खासकर गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह स्किन के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. गुलकंद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं. जब शरीर अंदर से साफ होता है, तो उसका असर सीधे चेहरे पर दिखता है. स्किन ज्यादा फ्रेश, क्लियर और ग्लोइंग नजर आने लगती है. खानपान से स्किन हो रही प्रभावित आजकल की लाइफस्टाइल में अनहेल्दी फूड, कम पानी पीना और स्ट्रेस जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. इन सबका सबसे ज्यादा असर हमारी स्किन पर पड़ता है. पिंपल्स, डलनेस और ऑयली स्किन जैसी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं. ऐसे में रोजाना सिर्फ एक चम्मच गुलकंद खाना एक छोटा लेकिन असरदार बदलाव साबित हो सकता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है, जिससे पेट साफ रहता है और स्किन पर ब्रेकआउट्स कम होते हैं.गुलकंद की खास बात यह है कि यह नेचुरल कूलेंट की तरह काम करता है. गर्मियों में शरीर में बढ़ी हुई गर्मी कई बार स्किन प्रॉब्लम्स की वजह बनती है. गुलकंद इस गर्मी को संतुलित करता है और अंदर से ठंडक पहुंचाता है. इसका असर चेहरे पर एक सॉफ्ट और नैचुरल ग्लो के रूप में नजर आता है. यही वजह है कि आयुर्वेद में इसे काफी फायदेमंद माना गया है. नेचुरल तरीके से तैयार होता है गुलकंद इसके अलावा, गुलकंद का स्वाद भी इसे रोजाना खाने के लिए आसान बनाता है. आप इसे सीधे खा सकते हैं या दूध के साथ मिलाकर ले सकते हैं. कुछ लोग इसे रोटी या ब्रेड के साथ भी खाते हैं. यानी यह एक ऐसा उपाय है जो न सिर्फ हेल्दी है बल्कि खाने में भी टेस्टी है, इसलिए इसे अपनी डेली रूटीन में शामिल करना मुश्किल नहीं लगता. महंगी क्रीम्स और ब्यूटी प्रोडक्ट्स अक्सर तुरंत रिजल्ट देने का दावा करते हैं, लेकिन लंबे समय में वे स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. वहीं गुलकंद पूरी तरह नेचुरल है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता. यह धीरे-धीरे काम करता है, लेकिन इसका असर लंबे समय तक बना रहता है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : April 05, 2026, 16:16 IST

आइसक्रीम खाने का है मन? घर पर ऐसे बनाएं फ्रूट आइसक्रीम, सेहत को नहीं होगा नुकसान, क्रेविंग होगी पूरी

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Last Updated:April 05, 2026, 15:58 IST Homemade Fruit Ice Cream: गर्मी में आइसक्रीम खाने की क्रेविंग सभी को होती है, लेकिन बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम में शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. ऐसे में आप घर पर फ्रूट आइसक्रीम बनाकर क्रेविंग पूरी कर सकते हैं. इसके लिए आपको ताजा फल, नेचुरल स्वीटनर और दूध का इस्तेमाल करना होगा. ये चीजें इसे पौष्टिक और हेल्दी बनाती हैं. घर पर आसानी से टेस्टी और हेल्दी फ्रूट आइसक्रीम बनाई जा सकती है. (Image- AI) Fruit Ice Cream Simple Recipe: गर्मी का मौसम आते ही आइसक्रीम खाने का मन हर किसी का करता है. बाजार में कई तरह की आइसक्रीम मिलती हैं, लेकिन उनमें शुगर, आर्टिफिशियल फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे में अगर आप अपनी क्रेविंग को हेल्दी तरीके से पूरा करना चाहते हैं, तो घर पर बनी फ्रूट आइसक्रीम एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषण से भरपूर भी होती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो घर पर फ्रूट आइसक्रीम बनाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आप अपनी पसंद के ताजे फल इस्तेमाल कर सकते हैं. आम, स्ट्रॉबेरी, केला, चीकू या ब्लूबेरी जैसे फल न सिर्फ प्राकृतिक मिठास देते हैं, बल्कि विटामिन और फाइबर से भी भरपूर होते हैं. इससे आपको अतिरिक्त चीनी डालने की जरूरत भी कम पड़ती है और यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए सुरक्षित होती है. अगर आप रोजाना कुछ मीठा खाने की इच्छा को कंट्रोल नहीं कर पाते, तो यह हेल्दी आइसक्रीम आपके लिए परफेक्ट विकल्प हो सकती है. सही सामग्री के साथ आप घर पर ही स्वादिष्ट और पौष्टिक आइसक्रीम बना सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. घर पर कैसे बनाएं फ्रूट आइसक्रीम घर पर फ्रूट आइसक्रीम बनाने का तरीका भी बेहद आसान है. सबसे पहले अपने पसंदीदा फलों को अच्छे से धोकर काट लें और उन्हें ब्लेंडर में डालकर स्मूद प्यूरी बना लें. अब इसमें थोड़ा सा दूध या दही मिलाएं, ताकि आइसक्रीम की टेक्सचर क्रीमी बन सके. अगर आप चाहें तो इसमें थोड़ा शहद या खजूर का पेस्ट मिलाकर प्राकृतिक मिठास बढ़ा सकते हैं. इस मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर एयरटाइट कंटेनर में डाल दें. इसके बाद इस मिश्रण को 6-8 घंटे के लिए फ्रीजर में रख दें. बीच-बीच में एक-दो बार इसे निकालकर हल्का सा चलाने से आइसक्रीम ज्यादा स्मूद बनती है और इसमें बर्फ के क्रिस्टल नहीं बनते. जब यह पूरी तरह जम जाए, तो इसे स्कूप करके सर्व करें. ऊपर से कटे हुए फल या ड्राई फ्रूट्स डालकर इसका स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है. होममेड फ्रूट आइसक्रीम के फायदे होममेड फ्रूट आइसक्रीम खाने के कई फायदे हैं, जो इसे बाजार की सामान्य आइसक्रीम से कहीं बेहतर बनाते हैं. सबसे पहले इसमें ताजे फलों का उपयोग होता है, जिससे विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. दूसरी बात इसमें प्राकृतिक मिठास जैसे शहद या गुड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो ब्लड शुगर पर अचानक असर नहीं डालता. होममेड आइसक्रीम में एडिटिव्स, प्रिजर्वेटिव्स और हानिकारक केमिकल्स नहीं होते, जिससे यह पेट और डाइजेशन के लिए सुरक्षित होती है. आप अपनी पसंद के अनुसार लो-फैट या डेयरी फ्री वर्जन भी बना सकते हैं, जिससे वजन नियंत्रण और लैक्टोज इंटॉलरेंस जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 15:58 IST

ट्रम्प बोले- ईरान पर आफत टूटने वाली है:सेंसेक्स-निफ्टी में लगातार तीसरे दिन आएगी बढ़त या फिर गिरावट? 5 फैक्टर्स पर टिका मार्केट

ट्रम्प बोले- ईरान पर आफत टूटने वाली है:सेंसेक्स-निफ्टी में लगातार तीसरे दिन आएगी बढ़त या फिर गिरावट? 5 फैक्टर्स पर टिका मार्केट

6 अप्रैल से शुरू होने वाले हफ्ते में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव दिख सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति की ईरान को धमकी, कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें, विदेशी निवेशकों की एक्टिविटी और ग्लोबल मार्केट की चाल जैसे फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे। पिछले दो कारोबारी सत्र यानी बुधवार और गुरुवार को शेयर बाजार बढ़कर बंद हुआ था। शुक्रवार को गुड फ्राइडे की वजह से ये बंद था। लगातार दो दिन की तेजी के बाद क्या बाजार इस बढ़त को बरकरार रख पाएगा। चलिए समझते हैं… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 22,637 | 22,556 | 22,504 | 22,408 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,320 | 23,814 | 23,875 | 24,142 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. ट्रम्प की डेडलाइन: समझौता नहीं हुआ तो गिर सकता है बाजार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 6 अप्रैल की डेडलाइन दी थी। ऐसे में शनिवार को ट्रम्प ने कहा कि अब वक्त खत्म हो रहा है… उन पर आफत टूटने में सिर्फ 48 घंटे बचे हैं। सैन्य कार्रवाई की आशंका बाजार में तेज गिरावट ला सकती है। 2. RBI की मीटिंग: ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं RBI की मॉनेटरी पॉलिसी में ब्याज दरों पर लिए फैसलों और महंगाई के आउटलुक पर निवेशक करीबी नजर रखेंगे। नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग 6 अप्रैल को शुरू होगी। 8 अप्रैल को गवर्नर मीटिंग में लिए फैसले की जानकारी देंगे। इस बार ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं है। 3. विदेशी निवेशक: मार्च में ₹1.22 लाख करोड़ के शेयर बेचे FPIs ने मार्च महीने में भारतीय बाजार के कैश सेगमेंट में रिकॉर्ड 1.22 लाख करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक आउटफ्लो है। इस बिकवाली से भारतीय शेयरों के वैल्युएशन आकर्षक स्तरों पर आ गए हैं, लेकिन नई खरीदारी के लिए तनाव का कम होना जरूरी है। 4. रुपए की चाल: मुद्रा बाजार में स्थिरता से थोड़ी राहत की उम्मीद डॉलर के मुकाबले गिरते रुपए को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने सख्त कदम उठाए हैं। आरबीआई ने बैंकों को ऑफशोर डेरिवेटिव्स (NDF) में ट्रेडिंग से रोक दिया है। इस फैसले के बाद गुरुवार को रुपया 1.8% की छलांग लगाकर 93.10 के स्तर पर बंद हुआ, जो 12 साल में इसकी एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त है। मुद्रा बाजार में स्थिरता आने से शेयर बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। 5. टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 21,930 का स्तर अहम निफ्टी 50: रेलीगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का मानना है कि निफ्टी धीरे-धीरे अपने क्रिटिकल सपोर्ट लेवल की ओर बढ़ रहा है। लॉन्ग-टर्म वीकली मूविंग एवरेज (200 WEMA) के हिसाब से 21,930 और उसके बाद 21,750 (जो अप्रैल 2025 का निचला स्तर था) अहम सपोर्ट हैं। मिश्रा ने कहा कि मौजूदा स्तरों पर अनिश्चितता दिख रही है। ऊपर की तरफ 23,000–23,200 के जोन में रेजिस्टेंस है और 23,500 एक बड़ी बाधा है। अगर निफ्टी इस लेवल को पार कर लेता है, तो बाजार का रुख सकारात्मक हो सकता है और यह 24,000 की ओर बढ़ सकता है। सेंसेक्स: एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के मुताबिक सेंसेक्स 73,300 के करीब संभलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है। ऊपर की ओर 73,800–74,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं अगर सेंसेक्स 72,000 के नीचे फिसला तो यह 71,500–71,000 के स्तर तक जा सकता है। एक्सपर्ट की राय 1. पोनमुडी आर. के मुताबिक, इस हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है। बाजार की चाल फंडामेंटल्स के बजाय ग्लोबल फैक्टर्स से ज्यादा प्रभावित होगी। निवेशकों का सेंटिमेंट काफी हद तक मिडिल ईस्ट के हालातों, करेंसी और विदेशी निवेशकों पर टिका रहेगा। 2. रेलीगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा का मानना है कि मौजूदा अनिश्चितता को देखते हुए निवेशकों को संभलकर चलना चाहिए। मिश्रा की राय है कि पोर्टफोलियो में उन मजबूत लार्ज-कैप शेयरों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिनकी कमाई की स्थिति और बैलेंस शीट बेहतर हो। गुरुवार को सेंसेक्स 185 अंक चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ सेंसेक्स 2 अप्रैल को दिन के निचले स्तर से 1,773 अंक चढ़कर बंद हुआ। सुबह ये भारी दबाव के साथ खुला और गिरकर 71,545 के स्तर तक आ गया था। बाद में बाजार में खरीदारी आई और यह 185 अंक (0.25%) चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 22,182 का निचला स्तर बनाने के बाद 531 अंकों की रिकवरी दिखी। ये 34 अंक (0.15%) चढ़कर 22,713 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में निफ्टी के आईटी और रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा चढ़ें। इसमें 2.62% और 1.18% की तेजी रही।

‘उनके करीब…’ असम के सीएम हिमंत विश्व सरमा की पत्नी पर कांग्रेस पर गंभीर आरोप, हंगामा हंगामा

'उनके करीब...' असम के सीएम हिमंत विश्व सरमा की पत्नी पर कांग्रेस पर गंभीर आरोप, हंगामा हंगामा

असम विधानसभा चुनाव को लेकर प्रमुख सरगर्मियां तेज हैं। वैल्युएस्ट रायलसेल्स के नेता अपने वर्च्युअल्ट पर उत्पाद सुविधाओं का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। रविवार (5 अप्रैल) को कांग्रेस प्रवक्ता पवन चौधरी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा से प्रेस कॉन्फ्रेंस की। साथ ही उनकी पत्नी पर तीन-तीन देशों के पासपोर्ट होने का आरोप है। वहीं, असम सीएम ने कांग्रेस के प्रवक्ता के पद पर वापसी की है। पवन एसोसिएट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘भारत की राजनीति में मौजूदा प्रमुख मंत्री और उनके परिवार के खिलाफ बड़ा खुलासा शायद ही पहले कभी हुआ हो, हम भी हैरान हो गए।’ असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा और उनकी पत्नी पर जमीन के स्वामित्व वाले घर, मंदिर का चंदा के घर, सरकारी गोदाम, चिट फंड जैसे कई घाटालों में इनके नाम आते रहे हैं, लेकिन आज जो हम आपके सामने दस्तावेज रख रहे हैं। वह ऐसे दस्तावेज रख रहे हैं, जो भारत के बाहर से संबंधित हैं।’ असम के सीएम की पत्नी के पास तीन-तीन पासपोर्ट होने का आरोप दस्तावेज़ ने आगे कहा, एनबीएफ वाली जानकारी यह है कि हिमंत विश्व सरमा की पत्नी के पास एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन पासपोर्ट हैं। तीन पासपोर्ट अभी तक एक्सपायर नहीं हुए हैं। उनके पास प्रॉपर्टी का कार्ड गोल्डन है। यह 14 मार्च 2022 को जारी हुई जो 13 मार्च 2027 को एक्सपायर हो रही है। एंटीगुआ और मिस्र का पासपोर्ट भी है। बाकी भी हो सकते हैं लेकिन हमें मनाही नहीं है।’ असम की जनता पूछ रही है 👇🏼 ⦁ हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीति छवि के खिलाफ़ अपवित्रता पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट लिखती हैं, कैसे? ⦁ भारत के कानून के खाते से आप विदेशी नागरिकता नहीं रख सकते, तो क्या रिंकी बी लाइसेंस सरमा भारत का पासपोर्ट भी लिख सकता है… pic.twitter.com/8sFH7hNF2n – कांग्रेस (@INCIndia) 5 अप्रैल 2026 उन्होंने आगे कहा, ‘कोई और राजनेता बताओ, जिसके पास तीन-तीन देशों के पासपोर्ट हों।’ क्या आप कोई अपराधी हैं, जिन्हें तीन-तीन पासपोर्ट की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सिटिंग सीएम की पत्नी भारत की नागरिक नहीं हैं और वह अवैध हैं। यदि वह भारत के नागरिक हैं तो यह आदिवासियों हैं। यदि यह पासपोर्ट वैध नहीं है तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसके बारे में बताना चाहिए और इस पर जांच करनी चाहिए।’ कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया, ‘असम में कांग्रेस की सरकार है. ये तैयारी हो रही है बेकार की. वह चुनाव हरण पर देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।’ असम सीएम का पलटवार पवन एसोसिएट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम हिमंत विश्व सरमा ने पलटवार किया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, कांग्रेस पार्टी के अंदर गहरी निराशा और बेचैनी है। असम ऐतिहासिक स्थिरता की ओर से स्थिरता के रूप में वृद्धि हो रही है, ऐसे में इस तरह की एकमात्र समाप्ति और निराधार हमले उनकी स्थिति को प्रभावित करते हैं। मैं उनके द्वारा लगाए गए हर आरोप को स्पष्ट रूप से खारिज करता हूं। ये दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठ उद्देश्यपूर्ण असम की जनता को अनारक्षित करना है। उन्होंने कहा, ‘मेरी पत्नी और मैं अगले 48 घंटों के अंदर श्री पवन नाम के अपराधी और दीवानी मानहानी के मामले दर्ज करेंगे। उन्हें उनके दोषी और मनहानी वाले गोदाम के लिए पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा। मुझे दस्तावेज़ी पर पूरा भरोसा है. एक बार जब अदालत में सच्चाई साबित होगी, तो पवन शिष्या को अपने कार्यकर्ताओं के पद देने होंगे और कानून अपना काम करना चाहेगा। असम की जनता इस तरह के दुष्प्रचार से अनाड़ी नहीं होगी। हम जनता से 100 से अधिक पद का नामांकन प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित और संकल्पित हैं।’

इंदौर में कलेक्टोरेट पर किसानों का कल जमावड़ा:भूमि अधिग्रहण में बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग, 4 मांगों को लेकर प्रदर्शन

इंदौर में कलेक्टोरेट पर किसानों का कल जमावड़ा:भूमि अधिग्रहण में बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग, 4 मांगों को लेकर प्रदर्शन

इंदौर में 6 अप्रैल को किसान अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों ने अपील जारी करते हुए कहा है कि वर्तमान में कई मुद्दों को लेकर किसान वर्ग परेशान है, जिनका त्वरित निराकरण आवश्यक है। किसानों की मांग है कि गेहूं की पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे प्रकरणों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में उन्हें दंडित किया जा रहा है। इसके अलावा, समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जल्द से जल्द शुरू करने और मंडियों में तौल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की गई है, ताकि किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो। किसानों का कहना है कि 28 मार्च को अंतिम तारीख मानते हुए लगभग 60 प्रतिशत किसानों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ाई जाए और लगाए गए दंड व ब्याज को माफ किया जाए। किसानों ने भूमि अधिग्रहण योजनाओं में वास्तविक बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।

शरीर के लिए वरदान है मल्टीग्रेन आटा, घर पर इन 5 चीजों से करें तैयार, कई समस्याएं हो जाएंगी दूर

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Last Updated:April 05, 2026, 14:11 IST Multigrain Flour Benefits: मल्टीग्रेन आटा कई अनाजों के मिश्रण से तैयार होता है और यह शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. डाइटिशियन की मानें तो मल्टीग्रेन आटा पाचन सुधारने, वजन कंट्रोल करने और ब्लड शुगर स्टेबल बनाए रखने में मदद करता है. घर पर आसानी से तैयार किया गया यह आटा सेहत सुधारने में कारगर साबित हो सकता है. मल्टीग्रेन आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. Homemade Multigrain Atta Benefits: हमारे शरीर को रोज कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है और ये पोषक तत्व हमें खान-पान से मिलते हैं. आज के समय में खराब खान-पान के कारण लोगों में पोषण की कमी हो जाती है. इसकी वजह से कई बीमारियां पैदा हो रही हैं. अगर आप बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो हेल्दी डाइट अपनाना बेहद जरूरी है. मल्टीग्रेन आटा एक ऐसा ही विकल्प है, जो कई अनाजों के मिश्रण से तैयार होता है और शरीर को भरपूर पोषण प्रदान करता है. इसे घर पर आसानी से तैयार करके आप अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं. अगर आप डायबिटिक हैं, तो यह आटा आपके लिए वरदान है. क्या होता है मल्टीग्रेन आटा? नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि मल्टीग्रेन आटा एक से ज्यादा अनाजों को मिलाकर बनाया जाता है. मल्टीग्रेन आटे में गेहूं, जौ, बाजरा, रागी और चना जैसी चीजों को मिलाया जाता है. हर अनाज अपने-अपने पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिससे यह आटा फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का अच्छा सोर्स बन जाता है. यह सामान्य गेहूं के आटे की तुलना में ज्यादा पौष्टिक होता है और लंबे समय तक एनर्जी प्रदान करता है. अगर आप क्रोनिक डिजीज से जूझ रहे हैं, तब भी यह आटा आपके शरीर को मजबूती प्रदान करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. घर पर कैसे बनाएं मल्टीग्रेन आटा? डाइटिशियन ने बताया कि आप घर पर ही आसानी से 5 मुख्य चीजों से मल्टीग्रेन आटा तैयार कर सकते हैं. इसके लिए आपको गेहूं, जौ, बाजरा, रागी और चना की जरूरत होती है. जौ को पाचन के लिए बेहतर माना जाता है. बाजरा कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होता है. रागी आयरन और हड्डियों के लिए लाभकारी है, जबकि चना प्रोटीन का बढ़िया सोर्स है. इन सभी अनाजों को अच्छी तरह साफ करके हल्का भून लें और फिर चक्की में पिसवा लें. आप अपनी जरूरत के अनुसार इनका अनुपात तय कर सकते हैं, लेकिन गेहूं की मात्रा थोड़ी अधिक रखना बेहतर रहता है. मल्टीग्रेन आटे के हेल्थ बेनिफिट्स एक्सपर्ट की मानें तो मल्टीग्रेन आटा कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या से राहत देता है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह फायदेमंद हो सकता है. यह वजन घटाने में सहायक होता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है. इस आटे में मौजूद मिनरल्स जैसे कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं. फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. यह कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करता है और हार्ट डिजीज से बचाता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 14:11 IST

चार साल बाद अमेरिकी रैपर की वापसी:घूमती पृथ्वी के स्टेज पर हुआ कान्ये का कॉन्सर्ट, अगले महीने दिल्ली में करेंगे परफॉर्म

चार साल बाद अमेरिकी रैपर की वापसी:घूमती पृथ्वी के स्टेज पर हुआ कान्ये का कॉन्सर्ट, अगले महीने दिल्ली में करेंगे परफॉर्म

अमेरिकी रैपर और हिप-हॉप के दिग्गज कलाकार कान्ये वेस्ट ने हाल ही में लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में घूमती हुई पृथ्वी के स्टेज पर परफॉर्म किया। इसे कॉन्सर्ट के इतिहास का सबसे शानदार सेट डिजाइन माना जा रहा है। डार्क लाइट, फॉग और स्पॉट लाइट्स के इस्तेमाल से स्टेज ऐसा दिख रहा था मानो वे अंतरिक्ष में घूमती पृथ्वी पर खड़े हों। एल्युमिनियम फ्रेम से बने स्टेज को केबल और मोटराइज्ड रिगिंग सिस्टम से लटकाया गया था। कान्सर्ट में 70 हजार दर्शक मौजूद थे। टिकट 13 हजार से 65 हजार रुपए तक थे। 23 मई को आ रहे भारत कान्ये ने चार साल बाद स्टेज पर वापसी की है। ‘ये’ नाम से मशहूर कान्ये की पहली पत्नी किम कार्दशियन थीं। कान्ये 23 मई को भारत भी आ रहे हैं और नई दिल्ली में कॉन्सर्ट करेंगे। पहले यह शो 29 मार्च को होना था, लेकिन बाद में इसे 23 मई, 2026 के लिए रिशेड्यूल किया गया। रैपर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस बदलाव की जानकारी देते हुए फैंस के साथ अपडेट शेयर किया था। ईरान और इजराइल के बीच तनाव भारत में इस कॉन्सर्ट के टलने के पीछे ग्लोबल लेवल पर चल रहा युद्ध मुख्य कारण है। अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमला किया था, जिसमें वहां के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है, जिसका असर इंटरनेशनल इवेंट्स और कॉन्सर्ट्स पर भी दिख रहा है।

दतिया हाईवे पर सड़क हादसे में युवक की मौत:डोंगरपुर निवासी सुमित अहिरवार की पहचान, कार डिवाइडर पार कर गलत साइड से आई

दतिया हाईवे पर सड़क हादसे में युवक की मौत:डोंगरपुर निवासी सुमित अहिरवार की पहचान, कार डिवाइडर पार कर गलत साइड से आई

दतिया में ग्वालियर-झांसी हाईवे पर शनिवार शाम एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान देर रात डोंगरपुर निवासी 19 वर्षीय सुमित पुत्र पंजाब सिंह अहिरवार के रूप में हुई है। कोतवाली पुलिस के अनुसार, सुमित दतिया से अपने गांव डोंगरपुर लौट रहा था। असनई चौराहे के पास उसकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई। कार डिवाइडर पार करते हुए रॉन्ग साइड में जा घुसी और सामने से आ रहे एक वाहन से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सुमित की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हादसा शाम करीब 5 बजे हुआ था। झांसी की ओर से ग्वालियर जा रही कार अचानक चालक का संतुलन बिगड़ने से डिवाइडर से टकराई और उछलकर दूसरी लेन में पहुंच गई थी। सूचना मिलते ही डायल 112 और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल युवक को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना के समय युवक की पहचान नहीं हो पाई थी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त कार का नंबर DL 9 CAC 0603 है, जो राजकुमार सोनी के नाम पर दर्ज है। हादसे में शामिल दूसरा वाहन एक क्रेन (क्रमांक MP 07 GA 9144) था, जिसका चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

इंदौर में युवक ने लगाई फांसी:दुकान से घर पहुंचा, फिर फंदे पर झूल गया, छोटे भाई ने परिवार को बताया

इंदौर में युवक ने लगाई फांसी:दुकान से घर पहुंचा, फिर फंदे पर झूल गया, छोटे भाई ने परिवार को बताया

इंदौर के निरंजनपुर में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगा ली। वह रात में किराना दुकान से अपने घर आया और यह कदम उठा लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लसूड़िया पुलिस के मुताबिक, 20 वर्षीय नयन पिता राम सिंह राय ने अपने घर में फांसी लगा ली। रिश्तेदारों ने बताया कि नयन रात में अपनी दुकान से घर पहुंचा था। करीब रात साढ़े नौ बजे उसके भाई मयंक ने उसे फंदे पर लटका हुआ देखा। नयन को फंदे से उतारने पर उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने बताया कि कमरे से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला। पत्नी नहीं थी घर पर परिवार के अनुसार, नयन ने करीब एक साल पहले ही इलाके में रहने वाली युवती से प्रेम विवाह किया था। जब वह घर पहुंचा, तब उसकी पत्नी मायके में थी। वहीं, माता-पिता एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। पुलिस के मुताबिक, संभवतः पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद नयन ने यह कदम उठाया। फिलहाल, परिवार के बयान के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की भारत को धमकी:कहा- अगला युद्ध बॉर्डर तक नहीं रहेगा, कोलकाता तक पहुंचेंगे; उनके घरों में ही उन पर हमला करेंगे

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की भारत को धमकी:कहा- अगला युद्ध बॉर्डर तक नहीं रहेगा, कोलकाता तक पहुंचेंगे; उनके घरों में ही उन पर हमला करेंगे

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए भारत को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत कोई फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला) करता है, तो इस बार संघर्ष सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत अपने लोगों या हिरासत में बंद पाकिस्तानियों का इस्तेमाल करके झूठा ड्रामा रचने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि शवों को कहीं रखकर आतंकवाद का आरोप पाकिस्तान पर लगाया जा सकता है। लेकिन उन्होंने इस दावे के लिए कोई सबूत नहीं दिया। ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भारत को और ज्यादा शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा। भारतीय रक्षा मंत्री बोले थे- पाकिस्तान ने गंदा खेल खेला तो जवाब देंगे ख्वाजा आसिफ के इस बयान पर भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केरलम में एक कार्यक्रम में पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान फिर कोई गलत कदम उठाएगा तो भारतीय सेना निर्णायक जवाब देगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगर पाकिस्तान ने दोबारा गंदा खेल खेला तो भारतीय सैनिक ऐसा जवाब देंगे जो वे कभी नहीं भूलेंगे। भारत पर प्रॉक्सी वॉर चलाने का आरोप लगा चुके ख्वाजा आसिफ ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा था कि भारत और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर हमलों को लेकर नई दिल्ली और काबुल की सोच एक जैसी है। आसिफ ने कहा जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान अफगानिस्तान में दोबारा कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान की ओर से शांति की कोई ठोस गारंटी नहीं मिलती है, तो पाकिस्तान वहां नए हमले करने से पीछे नहीं हटेगा। आसिफ ने यह भी कहा कि भारत के साथ युद्ध की संभावना अभी भी खत्म नहीं हुई है। पूर्व पाक उच्चायुक्त मुंबई और दिल्ली पर हमले की बात कह चुके इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला कर दे, तो पाकिस्तान को बिना एक पल सोचे मुंबई और नई दिल्ली पर हमला कर देना चाहिए। बासित ने कहा, “अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है तो हम अमेरिका तक नहीं पहुंच सकते क्योंकि वह हमारे न्यूक्लियर रेंज में नहीं है। ऐसे में हमारा क्या विकल्प होगा? भारत। बाद में जो होगा देख लेंगे।” उन्होंने यह भी कहाकि यह सबसे खराब स्थिति है, जो संभव नहीं है, लेकिन अगर पाकिस्तान पर कोई खतरा मंडराए तो भारत पर हमला करना पाकिस्तान के पास विकल्प होगा। पहलगाम हमले से बढ़ा तनाव 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में आर्टिलरी, ड्रोन और मिसाइल का इस्तेमाल किया। दोनों देशों के बीच चार दिन तक तनाव रहा, जिसके बाद 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए थे भारत ने 7 मई को रात डेढ़ बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना ने कहा था कि इस स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। पाकिस्तान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, भारत ने कोटली, बहावलपुर, मुरीदके, बाग और मुजफ्फराबाद में अटैक किया था। इसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वॉर्टर और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ठिकाना भी शामिल था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में डीजल 55% और पेट्रोल 43% महंगा: डीजल 184 महंगा होकर 520, पेट्रोल 137 बढ़कर 458 रुपया/लीटर हुआ; ईरान जंग का असर पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) के पार पहुंच गया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 55% का इजाफा किया है। पूरी खबर पढ़ें…