Wednesday, 10 Jun 2026 | 10:46 AM

Trending :

EXCLUSIVE

भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे:देशभर में 14 साल तक के 45 हजार भिखारी; राजस्थान दूसरे नंबर पर

भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे:देशभर में 14 साल तक के 45 हजार भिखारी; राजस्थान दूसरे नंबर पर

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की मानें तो देशभर में 14 साल से कम उम्र वाले सिर्फ 45 हजार 296 बच्चे ही ऐसे हैं, जो भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए गए। उसमें भी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 10 हजार बच्चे भीख मांगते पाए गए, जबकि दूसरे नंबर पर राजस्थान है, जहां इन बच्चों की संख्या सात हजार से अधिक है। यह जानकारी 2011 की जनगणना के आधार पर दी गई है। राज्य सभा में एक अतारांकित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी गई है। राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि आंकड़े भारत के महारजिस्ट्रार की वेबसाइट की सूचना पर आधारित है। ऐसे बच्चों के पुनर्वास की योजना 23 अक्टूबर, 2023 में शुरू की गई थी और तब से अब तक 2653 बच्चों का पुनर्वास किया गया है। इनमें 1507 बच्चों को उनके माता-पिता अथवा परिवारों से मिलवाया गया। वहीं, 305 बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ा गया। 206 बच्चों को बाल कल्याण समिति को सौंपा गया है। साथ ही 625 बच्चों को स्कूलों में नामांकन की सुविधा प्रदान की गई है। सरकार ने कहा कि विभाग पहले से ही भिक्षावृत्ति के कार्य में लिप्त व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए योजना चला रहा है। जिसमें बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में इस समय नए कानून अथवा योजना चलाने की आवश्यकता नहीं है। दो केंद्रशासित प्रदेशों में एक भी भिखारी नहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि केंद्र शासित प्रदेश दादरा-नगर हवेली और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में एक भी बच्चा भिक्षावृत्ति में लिप्त नहीं पाया गया। वहीं, लक्ष्यद्वीप और सिक्किम में एक-एक, मिजोरम में छह, दमन और दीव में आठ और पुदुचेरी में नौ बच्चे ऐसे कार्यों में लिप्त पाए गए।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
चंडीगढ़ BJP दफ्तर ब्लास्ट, 9 आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लाए:क्राइम सीन रिक्रिएशन किया, ₹2 लाख में टास्क, सोशल मीडिया के जरिए हुई मुलाकात

April 17, 2026/
5:30 am

चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट के मामले में चंडीगढ़ पुलिस 9 आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट...

RR VS DC IPL 2026 Live Score

May 1, 2026/
7:59 pm

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 19:59 IST यह कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा मतगणना केंद्रों में पर्यवेक्षकों के रूप में केंद्र सरकार...

सतना में MPPSC परीक्षा में 78% रही उपस्थिति:8 केंद्रों पर 3515 अभ्यर्थी पंजीकृत, दोनों पालियों में कड़ी निगरानी

April 26, 2026/
8:21 pm

सतना में राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को जिला मुख्यालय के 8 परीक्षा केंद्रों पर...

नेपा मिल में फिर शुरू हुआ उत्पादन:3 दिन में 310 मीट्रिक टन कागज तैयार, 71 साल हुए पूरे

April 26, 2026/
8:47 am

बुरहानपुर स्थित एशिया की पहली अखबारी कागज मिल नेपा लिमिटेड ने बिना किसी आर्थिक पैकेज के उत्पादन फिर से शुरू...

तस्वीर का विवरण

May 31, 2026/
4:37 pm

चुकंदर लिप बाम बनाने की सामग्री के लिए: 1 छोटा चम्मच, 1 छोटा नारियल तेल, 1 बड़ा चम्मच वैसलीन या...

इजराइल बोला- पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भरोसा नहीं:वहां हमास नेता बहुत दौरे कर रहे; ईरान की चेतावनी- हमला हुआ तो पलटवार करेंगे

June 5, 2026/
6:54 am

भारत में इजराइल के राजदूत रियुवेन अजार ने पाकिस्तान को समस्याग्रस्त देश बताते हुए कहा है कि उस पर क्षेत्रीय...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे:देशभर में 14 साल तक के 45 हजार भिखारी; राजस्थान दूसरे नंबर पर

भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे:देशभर में 14 साल तक के 45 हजार भिखारी; राजस्थान दूसरे नंबर पर

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की मानें तो देशभर में 14 साल से कम उम्र वाले सिर्फ 45 हजार 296 बच्चे ही ऐसे हैं, जो भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए गए। उसमें भी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 10 हजार बच्चे भीख मांगते पाए गए, जबकि दूसरे नंबर पर राजस्थान है, जहां इन बच्चों की संख्या सात हजार से अधिक है। यह जानकारी 2011 की जनगणना के आधार पर दी गई है। राज्य सभा में एक अतारांकित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी गई है। राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि आंकड़े भारत के महारजिस्ट्रार की वेबसाइट की सूचना पर आधारित है। ऐसे बच्चों के पुनर्वास की योजना 23 अक्टूबर, 2023 में शुरू की गई थी और तब से अब तक 2653 बच्चों का पुनर्वास किया गया है। इनमें 1507 बच्चों को उनके माता-पिता अथवा परिवारों से मिलवाया गया। वहीं, 305 बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ा गया। 206 बच्चों को बाल कल्याण समिति को सौंपा गया है। साथ ही 625 बच्चों को स्कूलों में नामांकन की सुविधा प्रदान की गई है। सरकार ने कहा कि विभाग पहले से ही भिक्षावृत्ति के कार्य में लिप्त व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए योजना चला रहा है। जिसमें बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में इस समय नए कानून अथवा योजना चलाने की आवश्यकता नहीं है। दो केंद्रशासित प्रदेशों में एक भी भिखारी नहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि केंद्र शासित प्रदेश दादरा-नगर हवेली और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में एक भी बच्चा भिक्षावृत्ति में लिप्त नहीं पाया गया। वहीं, लक्ष्यद्वीप और सिक्किम में एक-एक, मिजोरम में छह, दमन और दीव में आठ और पुदुचेरी में नौ बच्चे ऐसे कार्यों में लिप्त पाए गए।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.