नवजोत सिद्धू बोले- अक्षर तुमने दिल जीत लिया:24 कैरेट सोना बताया, बाउंड्री पर लिए कैच को कहा चमत्कार, कपिल देव-सूर्या के कैच याद किए

पूर्व क्रिकेटर एवं राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भारत-इंग्लैंड के बीच हुए क्रिकेट मैच को लेकर कैचेस विन मैचेस टैग से वीडियो शेयर किया है। सिद्धू ने वीडियो के जरिए इंग्लैंड पर मिली भारत की जीत ने अक्षर पटेल के 2 कैच को टर्निंग पॉइंट बताया। सिद्धू ने वीडियो के जरिए किक्रेट की अपनी यादों को भी ताजा किया। सिद्धू ने कपिल देव की क्लिप जारी करते हुए कहा कि जिस तरह अक्षर ने पीछे मुड़कर दौड़ते हुए कैच पकड़ा, ठीक ऐसा ही कैच कपिल देव ने पकड़ा था। तब भी भारत ने मैच जीता था। सिद्धू ने कहा कि ये जरूरी नहीं है कि क्रिकेट में बल्लेवाज या बॉलर ही मैच जिताते हैं। क्रिकेट का इतिहास गवाह रहा है कि बहुत बार फील्डिंग के कारण टीमों को जीत मिली है। भारत-इंग्लैंड के बीच हुए टी-20 सेमीफाइनल में भी ऐसा ही देखने को मिला। अगर अक्षर पटेल बाउंड्री वाला कैच न पकड़ता तो गेम शायद इंग्लैंड के पाले में चली जाती। सिद्धू ने कहा कि इस मैच की जीत में वह अक्षर पटेल के 2 कैच को महत्वपूर्ण मानते हैं। इन्हीं कैच की बदौलत मैच का रूख बदला और जीत मिल पाई। अक्षर पटेल की बॉलिंग और फील्डिंग की भूमिका इस मैच में वर्थ इट्स वेट इन गोल्ड रही। यही अक्षर पटेल ने मार्श का कैच पकड़ा था। पिछले वर्ल्ड कप में वन हैंडेड कोई नहीं भूला। एक कैच से कपिल ने बदला था मैच का रुख सिद्धू ने कहा कि, वर्ल्ड कप में सबसे पहला वर्ल्ड कप कपिल देव साहब ने विविन रिचर्ड को आउट करके वैसे ही भागते हुए उल्टा भाग के आउट करके वो मैच पलट दिया था। सूर्य कुमार यादव ने भी वही किया था मिलर का कैच पकड़ते हुए और आज ये जो 2 कैच पकड़े पहला ब्रुक का वो बैट्समैन जो अगर 5 ओवर खेल जाता तो मैच पूरी तरह से रुख बदल देता। दूसरा कैच तो बाकमाल चमत्कार था। मेरा नमस्कार है, बापू क्योंकि वो हवा में ऑफ बैलेंस कैच पकड़ते हुए भी प्रेजेंस ऑफ माइंड था। द माइंड वास टिकिंग और सामने फील्डर को गेंद पकड़ाया। इसने पूरी तरह से गेम को घुमा दिया। बापू 24 कैरेट सोना हो तुम। गुरु तुम्हारा किरदार आपत्ति में दर्शाया जाता है। गुरु कमाल करते हो तुम। सोना आग में तप कर ही चमकता है। भारत-इंग्लैंड T-20 को लेकर सिद्धू ने कही अहम बातें…
अनिल-अंबानी की रिलायंस पावर के ठिकानों पर ED का छापा:सुबह होने से पहले ही पहुंची 15 टीमें; बैंक कर्ज और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला

ED ने आज यानी 6 मार्च को उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मुंबई और हैदराबाद में 10 से 12 लोकेशन्स पर एक साथ की गई। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर ED की 15 टीमों ने ये छापेमारी की है। द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सुबह होने से पहले ही ED की टीम इन ठिकानों पर पहुंच गई थी। टीम ने संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों के परिसरों की तलाशी ली। अंबानी से मनी लॉन्ड्रिग मामले में पूछताछ हुई थी इससे पहले 26 फरवरी को अनिल अंबानी रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के दूसरे दौर के लिए दिल्ली में ED दफ्तर पहुंचे थे। आरोप है कि उनकी कंपनियों ने बैंकों से लिए लोन का डायवर्जन किया और विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन किया। अंबानी सुबह करीब 11 बजे जांच एजेंसी के दफ्तर पहुंचे थे। यहां उनसे विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन और फंड के डायवर्जन को लेकर करीब 9 घंटे सवाल-जवाब किए गए थे। ED के मुताबिक, रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी ग्रुप कंपनियों ने देशी और विदेशी बैंकों से भारी कर्ज लिया था। वर्तमान में इन कंपनियों पर कुल बकाया ₹40,185 करोड़ है। ED ने अंबानी रा 17 मंजिला घर ‘अबोड’ कुर्क किया था मामला सरकारी बैंकों से उनकी कंपनियों को मिले लोन में कथित गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। CBI की 2019 की FIR के आधार पर ED इस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले जांच एजेंसी ने मुंबई के उनके 17 मंजिला घर ‘अबोड’ को कुर्क किया था। अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले ग्रुप का हिस्सा है रिलायंस पावर रिलायंस पावर बिजली उत्पादन और वितरण क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी है। ये अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप का हिस्सा है। इसके पोर्टफोलियो में थर्मल (कोयला और गैस), रिन्यूएबल (सौर, पवन और हाइड्रो) और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) शामिल हैं।
रूस से कच्चा तेल खरीद सकेगा भारत:ईरान जंग के कारण अमेरिका ने 3 अप्रैल तक रियायत दी, क्रूड ऑयल की कीमत 89 डॉलर के पार

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 6 मार्च को बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प के ऊर्जा एजेंडे के तहत यह अस्थायी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण पार्टनर हैं और ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई को स्थिर रखने के लिए यह छूट दी गई है। इस बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत आज 4% बढ़कर 89.18 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। यह अप्रैल 2024 के बाद इसका उच्चतम स्तर है। अमेरिका से भी तेल खरीद बढ़ने की उम्मीद बेसेंट ने कहा कि ईरान ग्लोबल एनर्जी मार्केट को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है। इस दबाव को कम करने के लिए हम भारत को यह 30 दिनों की छूट दे रहे हैं। उन्होंने कहा- हमें ये उम्मीद है कि इसके बाद भारत अमेरिकी तेल की खरीद में तेजी लाएगा। अमेरिका का मानना है इस उपाय से ग्लोबल मार्केट में तेल की कमी नहीं होगी। 5 मार्च तक लोड हुए जहाजों का ही तेल खरीद सकेंगे अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ‘ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल’ ने तेल खरीद के लिए ये लाइसेंस जारी किया है। इसके तहत 5 मार्च तक जहाजों पर लोड हो चुके रूसी कच्चे तेल की ही डिलीवरी भारत को की जा सकेगी। यानी, जो जहां पहले से समुद्र में है उनसे सप्लाई होगी। ईरान-इजराइल जंग से कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही मिडिल-ईस्ट में जंग के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है। ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को ब्लॉक कर दिया है, जहां से दुनिया की 20% तेल सप्लाई होती है। राजनाथ सिंह बोले- होर्मुज में रुकावट का तेल-गैस सप्लाई पर असर ईरान संघर्ष के असर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज या पूरा फारस की खाड़ी वाला इलाका दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जब इस क्षेत्र में कोई बाधा या रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ता है.। ये अनिश्चितताएं सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती हैं। मौजूदा स्थिति काफी जटिल हो गई है और ऐसा लगता है कि भविष्य में यह और भी ज्यादा अस्थिर हो जाएगी। जिस तरह से अलग-अलग देश जमीन, हवा, समुद्र और अब अंतरिक्ष में भी एक-दूसरे के साथ मुकाबला कर रहे हैं, वह हम सभी के लिए वास्तव में चिंता का विषय है… मुझे और भी ज्यादा चिंता इस बात की है कि यह असामान्यता अब ‘न्यू नॉर्मल’ बनती जा रही है….” कांग्रेस का आरोप- ट्रेड डील साइन नहीं हुई तो अनुमति कैसी कांग्रेस नेता ने पवन खेड़ा ने इस मामले को व्यापार समझौते से जोड़ते हुए X पर पोस्ट कर कहा कि ट्रेड डील पर हस्ताक्षर नहीं हुए, फिर भी ऐसा लग रहा है जैसे प्रतिबंध लागू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि, अनुमति वहां ली जाती है जहां कोई बंधन होते हैं। बंधन वहां होते हैं जहां कोई समझौता या करार होता है। समझौता वहां होता है जहां हस्ताक्षर हो चुके होते हैं। क्या भारत अमरीका के बीच व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं? जब हस्ताक्षर ही नहीं हुए, तो समझौता कैसा? जब समझौता ही नहीं, तो बंधन कैसा? जब बंधन ही नहीं, तो अनुमति क्यों? क्या यह एपस्टीन का बंधन है? सरकार ने कहा- तेल खरीदने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं विपक्ष के आरोपों के बाद, सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि भारत तेल खरीदने के लिए किसी भी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं है। सरकार का कहना है कि यह छूट सिर्फ काम आसान करती है, लेकिन भारत की नीति इससे तय नहीं होती। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भी जब अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए थे, तब भी रूस से भारत में तेल आता रहा। उस समय भारत ने रूस से तेल की खरीद बढ़ाई थी। रूसी तेल टैंकरों को खरीदने की तैयारी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत उन रूसी तेल कार्गो को खरीदने पर विचार कर रहा है, जो फिलहाल भारतीय समुद्र के करीब या एशियाई जल क्षेत्र में मौजूद हैं। इस समय लगभग 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल टैंकरों में भरकर एशियाई देशों के आसपास वेटिंग मोड में है। भारत इन टैंकरों को तुरंत रिसीव कर सकता है, जिससे ट्रांसपोर्टेशन का समय और लागत दोनों कम होगी। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का उपभोक्ता है। भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। भारत ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी तेल खरीदता रहा है पिछले साल नवंबर में यूक्रेन के साथ जंग के चलते ट्रम्प प्रशासन ने रूसी तेल कंपनियों लुकोइल और रोजनेफ्ट पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। इसके बाद जनवरी में भारत का रूसी तेल आयात गिरकर 11 लाख बैरल प्रति दिन रह गया था, जो नवंबर 2022 के बाद सबसे कम था। हालांकि, फरवरी में यह हिस्सेदारी फिर से बढ़कर 30% तक पहुंच गई है। भारत लगातार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदता रहा है। भारत के लिए क्यों जरूरी है रूसी तेल? सस्ता विकल्प: रूस भारत को बेंचमार्क कीमतों से डिस्काउंट पर तेल ऑफर करता है। सप्लाई सिक्योरिटी: मिडिल ईस्ट में तनाव होने पर स्ट्रैट ऑफ होर्मुज से सप्लाई रुक जाती है, रूस एक सुरक्षित विकल्प है। इकोनॉमी पर असर: सस्ता तेल मिलने से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहती हैं और महंगाई काबू में रहती है। भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की उम्मीद नहीं ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बावजूद, भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और इस अमेरिकी छूट से सप्लाई चेन को मैनेज करने में मदद मिलेगी। ———————————- ये खबर भी पढ़े… ट्रम्प के टैरिफ पर इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट का फैसला:कंपनियों को टैरिफ के 14.5 लाख करोड़ रुपए लौटाने होंगे, सुप्रीम
नेपाल चुनाव- भारत विरोधी केपी ओली 6000 वोटों से पीछे:काठमांडू मेयर रहे बालेन शाह आगे, उनकी पार्टी को 55 सीटों पर बढ़त

नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। 71 सीटों पर आए शुरुआती रुझानों में रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 1 सीट जीतने के साथ 55 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं गगन थापा की पार्टी नेपाली कांग्रेस 8 सीटों पर जबकि केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल 4 सीटों पर आगे है। केपी ओली खुद भी झापा-5 सीट पर काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह से 4 हजार से ज्यादा वोटों से पीछे चल रहे हैं। अभी तक उन्हें 4,087 वोट जबकि बालेन शाह को 10,190 वोट मिले हैं। पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद गुरुवार को हुए चुनाव में 60% से ज्यादा लोगों ने वोट डाले। वोटों की गिनती में 3 से 4 दिन लगने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 9 मार्च तक काउंटिंग पूरी करने की कोशिश की जाएगी। नेपाल चुनाव से जुड़ीं 4 तस्वीरें… नेपाल चुनाव से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लाइव लिंक से गुजर जाइए…
खालिस्तान के खिलाफ बोलने पर हुई नैन्सी ग्रेवाल की हत्या:मां बोली- 20 बार चाकू मारे, जीभ भी काट दी; सुक्खा-हरिके ने जिम्मा लिया

पंजाबी इन्फ्लुएंसर, सिंगर और नर्स नैन्सी ग्रेवाल की हत्या खालिस्तान के खिलाफ बोलने पर की गई थी। गैंगस्टर आकाश हरिके ने नैन्सी की हत्या का जिम्मा लिया है। एक पोस्ट कर कहा कि वो धर्म के खिलाफ बोलती थी, इसलिए उसे निपटा दिया। हालांकि, दैनिक भास्कर इस पोस्ट में किए दावे की पुष्टि नहीं करता। नैन्सी की मंगलवार (3 मार्च) रात को कनाडा के विंडसर में घर में चाकू मारकर हत्या की गई थी। नैन्सी की मां छिंदरपाल कौर ने कहा कि बेटी किसी घर में नर्सिंग केयर करने गई थी। जैसे ही वह बाहर निकली तो उस पर 2 लोगों ने हमला कर दिया। उसके पेट में 20 बार चाकू मारे गए। कनाडा की पुलिस से हुई बातचीत में पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने नैंसी की जुबान (जीभ) भी काट दी थी। नैन्सी 2018 में कनाडा जाने के साथ ही विवादों में रही। हर किसी पर विवादित टिप्पणियां नैन्सी की मौत का कारण बन गईं। खासकर कनाडा के गुरुद्वारों में खालिस्तानियों के कब्जे के वीडियो डालने से नैन्सी कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गई। नैंसी की मां ने बताया कि खालिस्तानी चाहते थे कि वो उनके साथ काम करे। विवादित टिप्पणियों पर माफी मांगे। लेकिन नैन्सी ने ऐसा करने से मना कर दिया था। मां ने कहा कि जंग न होती तो शायद मैं वहां होती और बेटी जिंदा होती। नैन्सी ने अपनी लास्ट पोस्ट में पंजाब के डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि बाबा का तो उसे नाम भी लेना नहीं आता। बाबा ढिल्लों शातिर खिलाड़ी हैं। डेरा प्रमुख राजनेताओं को शरण देते हैं और वोटों की सौदेबाजी करते हैं। नैन्सी ने बिक्रम मजीठिया पर भी पंजाब के युवाओं की जवानी बर्बाद करने का आरोप लगाया था। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज की चूड़ेदार पायजामा को लेकर टिप्पणी की। निज्जर की मौत के बाद नैन्सी ने खालिस्तानियों पर हमले तेज कर दिए। नैन्सी ने निज्जर को आतंकी कहा और बोला कि उसे ये कहने में कोई गुरेज नहीं। इसके साथ निज्जर की संपत्ति पर सवाल उठाया था। इसके साथ गुरपतवंत सिंह पन्नू को किराए का टट्टू कहा था। खालिस्तानियों को खोतेस्तानी कहने पर भी विवाद हो चुका है। गैंगस्टर आकाश हरीके और सुखा संधू ने ली जिम्मेदारी आकाश हरीके और सुखा संधू ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है। इंस्टाग्राम पर आकाश हरीके नाम से बनी आईडी पर लिखा है.. वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह। जो विंडसर, ओंटारियो (कनाडा) में नैंसी ग्रेवाल का कत्ल हुआ है, यह काम हमारे भाइयों ने किया है।इसकी जिम्मेदारी मैं आकाश हरीके और सुखा संधू लेते हैं। यह महिला धर्म और खालिस्तान के बारे में गलत बोलती थी, और उसे इसका परिणाम मिल गया है। बाकी हमारा किसी भी धर्म के साथ कोई दुश्मनी नहीं है। लेकिन जो भी इसके जैसे कौम के खिलाफ बोलेगा, उसका यही हाल होगा। विवादित बयान जो नैन्सी के कत्ल की वजह बने… अब जानें बेटी की मौत पर मां ने क्या कहा.. पापा के ज्यादा क्लोज थी नैन्सी नैन्सी ने अपने पापा के जवानी के वक्त के फोटो भी अपने फेसबुक पेज पर शेयर किए हैं। नैन्सी अपने पापा के ज्यादा क्लोज थी। पापा को यादा करते हुए नैन्सी की कई पोस्ट अपलोड कर रखी हैं। एक पोस्ट पर नैन्सी ने लिखा- जब मेरे पापा जवान थे और सिरसा के नेशनल कॉलेज से अपनी इंजीनियरिंग कर रहे थे, ये तब का फोटो है। लव यू पापा। मैंने पापा को वचन दिया था कि उनके बाद मैं उनके परिवार का ख्याल रखूंगी। मैं मरते दम तक अपने इस वादे पर कायम हूं। काश पापा, आप इस वक्त मेरे साथ होते। गुरुद्वारा के किचन में गोली मारने की कोशिश, घर भी जलाया मां ने बताया कि कनाडा में बेटी को मारने की कई बार कोशिश की गई। कत्ल से कुछ दिन पहले एक लड़का रेकी करने के लिए पहुंचा था। वो सीधा घर में घुस आया था। जब उसने कैमरे लगे देखे तो भाग गया। इससे पहले नैन्सी जिस घर में रह रही थी वो लकड़ी का था। बेटी के घर को भी कुछ लोगों ने आग लगा दी थी। मारने की कोशिश की थी तब वह बच निकली थी। एक बार गुरुद्वारा में बर्तन की सेवा के दौरान उस पर गन से हमला करने की कोशिश की गई थी। 2009 में सिंगिंग से करियर शुरू किया नैन्सी ने जालंधर और लुधियाना में रहते हुए 2009 में सिंगिंग से अपना करियर शुरू किया। उसने पंजाबी में कई हिट सॉन्ग भी दिए। बब्बू मान और कई कलाकारों से साथ आए कंबाइंड ट्रैक में नैन्सी ग्रेवाल का पहला सॉन्ग टौर जट्टी दी आया, जिसने उसे पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में रातों-रात हिट कर दिया। इसके बाद उसने ओखे हुंदे कुड़ियां नूं चन्ना लग्गियां दे बोल पुगोणे और धार्मिक गीत भोले दा डमरू बोल पेया जैसे गीत गाए। नैन्सी ग्रेवाल पंजाब में लगने वाले अखाड़ों में भी गाती रही है। —————– ये खबर भी पढ़ेंः नैन्सी ग्रेवाल के टारगेट पर रहते थे निहंग-खालिस्तानी:जट्ट की जगह ब्राह्मण-बंगाली कहा जाता, पति से तलाक हुआ, कनाडा में कत्ल यूट्यूबर की कहानी कनाडा में कत्ल की गई पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल हमेशा निहंगों और खालिस्तानियों को टारगेट करती थी। खालिस्तानियों को वह गुंडा कहती थी तो निहंगों को क्रिमिनल, हालांकि वह ये भी साफ करती थी कि अच्छे निहंगों का वह दिल से सम्मान करती है। पढ़ें पूरी खबर…
बादशाह के टटीरी सॉन्ग पर पंचकूला-जींद में FIR:लड़कियों को स्कूल बैग फेंकते दिखाया, गंदे शब्द का इस्तेमाल; महिला आयोग ने रैपर को तलब किया

बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह के नए हरियाणवी फोक सॉन्ग ‘टटीरी’ को लेकर पंचकूला के साइबर क्राइम और जींद के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, अभी मामला अज्ञात पर दर्ज हुआ है। रैप के आपत्तिजनक शब्द, लड़कियों को स्कूल की वर्दी में बैग फेंकने और जींद डिपो की हरियाणा रोडवेज की बस का बिना परमिशन इस्तेमाल करने के आरोप हैं। उधर, पानीपत की नारी तू नारायणी संस्था की अध्यक्ष सविता आर्या और शिव आरती फाउंडेशन के प्रमुख शिव कुमार की शिकायत पर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने बादशाह को समन जारी किया है। जिसमें बादशाह को अपना पक्ष रखने के लिए 13 मार्च को आयोग के समक्ष पेश होने को कहा गया है। यह सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था। इस गाने में कैथल की रहने वाली बॉक्सर सिमरन जागलान की भी आवाज है। वह हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी हैं। टटीरी गाने को अभी तक यूट्यूब पर 4 मिलियन से ज्यादा लोग सुन चुके हैं। अब जानिए पंचकूला में दर्ज शिकायत में क्या…. पाठशाल को बैडशाला कहा पंचकूला के चंडी मंदिर एरिया के पास रहने वाले अभय चौधरी ने साइबर थाने में शिकायत देकर कहा कि बादशाह नाम के एक सिंगर का टटीरी नाम का गाना ऑनलाइन और सोशल मीडिया पर चल रहा है। इस गाने में कुछ ऐसे शब्द और दृश्य हैं जो आपत्तिजनक हैं और समाज को गलत संदेश देते हैं। गाने में लड़कियों को स्कूल की वर्दी में दिखाया गया है और स्कूल को “बैडशाला” कहा गया है, जो “पाठशाला” शब्द का गलत रूप है। गलत लाइनें इस्तेमाल कीं शिकायत के मुताबिक, गाने में आपत्तिजनक लाइनें हैं। ये स्कूल की वर्दी में दिख रही लड़कियों के साथ गलत तरीके से इस्तेमाल की गईं। यह सब समाज में गलत और अश्लील संदेश देता है। ये आपत्तिजनक शब्द हमारी बहनों-बेटियों की इज्जत को ठेस पहुंचाते हैं। स्कूल जैसे पवित्र जगह को इस तरह दिखाना समाज में गलत सोच को बढ़ावा दे सकता है। बादशाह पर FIR की मांग शिकायत में मांग की कि इस गाने को फैलने से रोका जाए। सिंगर बादशाह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसा न करे। ऐसे लोगों को जेल में डालना चाहिए ताकि इस तरह की सामग्री बनाने वालों पर रोक लगे और समाज में गलत संदेश जाने से रोका जा सके। मंत्री ढांडा बोले- स्कूल और बस का पता लगा रहे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस प्रकार के गाने हरियाणा की संस्कृति को बदनाम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, गाने में दिखाई गई रोडवेज बस का भी पता लगाया जा रहा है कि उसका ड्राइवर कौन है। इसके अलावा, जिस स्कूल में शूटिंग हुई है, उसका भी पता लगाया जा रहा है। गाने में जिस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है, और बच्चियों को जैसे दिखाया गया है, यह बहुत गलत है। रोडवेज GM बोले- जींद डिपो की छवि खराब हुई जींद रोडवेज डिपो के जनरल मैनेजर राहुल जैन ने आरोप लगाया है कि गाने में बिना अनुमति के हरियाणा रोडवेज की बस का इस्तेमाल किया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से जींद डिपो का नाम लिखा हुआ दिख रहा है। इस वजह से विभाग और जींद डिपो की छवि खराब हुई है। महिला आयोग ने 13 मार्च को पानीपत बुलाया हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि नारी तू नारायणी उत्थान समिति और शिव आरती इंडिया फाउंडेशन ने शिकायत की है कि “टटीरी” गाने में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। इसलिए, शिकायत करने वालों के साथ-साथ सिंगर आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया उर्फ बादशाह को 13 मार्च को सुबह 11:30 बजे पानीपत में डीसी ऑफिस के कॉन्फ्रेंस हॉल में महिला आयोग की अध्यक्ष के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। अब जानिए कौन हैं बादशाह…. ———————— ये खबर भी पढ़ें :- बादशाह संग ‘टटीरी’ सॉन्ग गाने वाली सिमरन की कहानी:पिता हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाकर फेमस हुए, बेटी बॉक्सिंग में स्टेट चैंपियन रही बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह ने हरियाणवी फोक सॉन्ग ‘टटीरी’ लॉन्च किया है। इस गाने में कैथल की रहने वाली सिमरन जागलान ने अपनी आवाज दी है। सिमरन, हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी हैं, जिन्होंने फेमस हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाया है। पढ़ें पूरी खबर…
होली के त्योहार में 948 सड़क हादसे:सागर 67 के साथ टॉप पर; नशा, तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी बनी बड़ी वजह

होली के उत्सव के बीच प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ चिंताजनक रूप से बढ़ गया। 4 मार्च को 108 एंबुलेंस सेवा के डेटा के अनुसार एक ही दिन में 948 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे अधिक 67 हादसे सागर जिले में हुए, जबकि राजधानी भोपाल 39 मामलों के साथ आठवें स्थान पर रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हादसों के प्रमुख कारण हैं। सरकारी अस्पतालों में सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से अधिक घायल इलाज के लिए पहुंचे। सागर टॉप पर, कई जिलों में बढ़े मामले प्रदेश में दर्ज 948 सड़क हादसों में सागर जिला 67 मामलों के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद विदिशा में 55, इंदौर में 46 और जबलपुर में 45 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के जिलों में भी स्थिति गंभीर रही। रीवा और सतना में 42-42 तथा रायसेन में 41 हादसे दर्ज हुए। राजधानी भोपाल में 39 दुर्घटनाएं सामने आईं, जिससे वह सूची में आठवें स्थान पर रहा। वहीं, छिंदवाड़ा (30), धार (28), सिंगरौली (27), खरगोन और बालाघाट (25-25) में भी उल्लेखनीय संख्या में सड़क हादसे हुए। वहीं शाजापुर में 2 और दतिया में 1 हादसा दर्ज किया गया। नशा और तेज रफ्तार बनी बड़ी वजह 108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने बताया कि तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना और यातायात नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि होली के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस बार बीते साल की तुलना में नशे में हुए एक्सीडेंट की संख्या अधिक रही है। भोपाल में सामान्य से दोगुने मामले राजधानी भोपाल के सरकारी अस्पतालों में होली के दौरान सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े 62 घायल इलाज के लिए पहुंचे। जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 20 से 25 के बीच रहती है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, अधिकतर घायलों में बाइक सवार शामिल थे। कई मामलों में हेलमेट का उपयोग नहीं किया गया था, जिससे सिर में गंभीर चोटें आईं। ट्रॉमा मामलों में 30 प्रतिशत तक मृत्यु दर कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप गुप्ता के अनुसार, एक रिसर्च में पाया गया है कि सड़क दुर्घटना के बाद ट्रॉमा में लाए गए 10 गंभीर घायलों में से 3 की जान नहीं बच पाती। उन्होंने कहा कि ज्यादातर मामलों में ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं किया गया था। बाइक चालकों के लिए हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है, क्योंकि सिर की चोटें जानलेवा साबित हो सकती हैं। कई उदाहरण ऐसे भी हैं जहां हेलमेट पहनने के कारण गंभीर हादसे के बावजूद व्यक्ति की जान बच गई। हेलमेट और सीट बेल्ट की अनदेखी तरुण सिंह परिहार ने बताया कि अधिकांश मामलों में लोग हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते। छोटी दुर्घटना भी इसी कारण गंभीर रूप ले लेती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय सभी नियमों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में निजी वाहन से ले जाने के बजाय एंबुलेंस सेवा का उपयोग करें, क्योंकि उसमें जीवन रक्षक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद रहता है। जागरूकता ही बचाव का रास्ता विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। उत्सव का माहौल सड़क सुरक्षा के नियमों को नजरअंदाज करने का कारण नहीं बनना चाहिए। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण बढ़ते हादसे यह संकेत दे रहे हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान और सख्त प्रवर्तन की आवश्यकता है, ताकि आने वाले समय में ऐसे आंकड़ों में कमी लाई जा सके।
डीजी वरुण कपूर ने मैहर सब जेल का निरीक्षण किया:गंदगी पर जताई नाराजगी, बोले- जल्द होगा नई जेल का निर्माण

मध्य प्रदेश के जेल महानिदेशक (डीजी) वरुण कपूर ने गुरुवार को मैहर सब जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान जेल अधीक्षक लीना कोष्ठा, एसडीएम दिव्या पटेल और जेलर रामजी त्रिपाठी भी उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान डीजी कपूर ने बैरकों का दौरा किया। उन्होंने कैदियों के खान-पान की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। डीजी ने बंदियों को दिए जाने वाले अनाज की गुणवत्ता भी जांची। एक बैरक में बने टैंक में पानी और सफाई का अभाव पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और जेलर को तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में डीजी वरुण कपूर ने बताया कि मैहर सब जेल का भवन काफी पुराना और छोटा है। इसकी क्षमता केवल 55 कैदियों की है, जबकि यहां हमेशा क्षमता से अधिक बंदी रहते हैं। उन्होंने कहा कि मैहर में एक नई और बड़ी जेल के निर्माण की सख्त आवश्यकता है। इसके लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गई है और शासन की योजना के तहत जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। जल्द मिल सकती है प्रस्ताव को स्वीकृति पुलिस विभाग की तर्ज पर जेल कर्मचारियों को भी साल में 13 महीने का वेतन दिए जाने के सवाल पर डीजी कपूर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि इस विषय पर काफी समय से विचार चल रहा है और मुख्यालय की ओर से इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। डीजी ने आश्वस्त किया कि मुख्यालय इस प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति दिलाने के लिए प्रयासरत है।
अटरिया मोड़ पर बुलेट फिसलने से युवक घायल:हादसे के बाद बोलेरो ले जाने पर विवाद; पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शांत कराया मामला

मऊगंज थाना क्षेत्र के अटरिया मोड़ के पास गुरुवार शाम एक बुलेट बाइक बेकाबू होकर फिसल गई। इस हादसे में पाड़र निवासी राहुल पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया है। बेकाबू होकर सड़क पर गिरी बाइक राहुल पटेल शाम करीब 5 बजे अपनी बुलेट से साथियों से मिलने छुहिया गांव जा रहे थे। इसी दौरान अटरिया मोड़ के समीप उनकी बाइक बेकाबू हो गई। सड़क पर गिरने से राहुल के पैर में गंभीर चोट आई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे साथियों ने उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल मऊगंज पहुंचाया। बोलेरो ले जाने को लेकर अस्पताल में हंगामा घायल को अस्पताल ले जाने के लिए साथियों ने छुहिया गांव में खड़ी एक बोलेरो मालिक को बिना बताए उठा ली। वाहन न मिलने पर मालिक को गाड़ी चोरी होने का संदेह हुआ। बोलेरो की तलाश करते हुए मालिक और गांव के अन्य युवक अस्पताल पहुंच गए, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर सुलझाया विवाद अस्पताल में तनाव की स्थिति निर्मित होने पर मऊगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद वाहन मालिक अपनी गाड़ी लेकर वापस लौटा। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति सामान्य होने के बाद डॉक्टरों ने घायल राहुल को एंबुलेंस के जरिए रीवा रवाना किया।
‘210 सीटों पर 35% वोट शेयर’: बीजेपी को क्यों लगता है कि बंगाल 2026 के निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ सकता है | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 05, 2026, 20:07 IST भाजपा सूत्रों का कहना है कि कई जमीनी आकलन पश्चिम बंगाल में, विशेष रूप से प्रेसीडेंसी क्षेत्र-कोलकाता और इसके आसपास के शहरी क्षेत्र में एक स्पष्ट बदलाव का संकेत देते हैं। समिक भट्टाचार्य, सुकांत मजूमदार और सुवेंदु अधिकारी सहित पश्चिम बंगाल भाजपा के शीर्ष नेता। फ़ाइल चित्र वर्षों तक पश्चिम बंगाल की राजनीति एक कठोर ढाँचे में बंधी हुई दिखाई दी। लेकिन सतह के नीचे, चुनावी मानचित्र इस तरह से बदल रहा है कि इसे नज़रअंदाज़ करना कठिन होता जा रहा है। कई जमीनी आकलन अब सुझाव देते हैं कि राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से लगभग 210 पर भाजपा को लगभग 35% वोट शेयर हासिल है। ऐसे राज्य में जहां राजनीति अक्सर गति पकड़ते ही नाटकीय रूप से बदल जाती है, ऐसे आंकड़े नियमित विपक्षी वृद्धि से कुछ बड़े होने की ओर इशारा करते हैं। इस बदलाव के सबसे स्पष्ट संकेत प्रेसीडेंसी क्षेत्र-कोलकाता और इसके आसपास के शहरी क्षेत्र से उभर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के लिए जिम्मेदार एक वरिष्ठ भाजपा नेता का दावा है कि वर्षों बाद हुए शहरी निकाय चुनावों में इस क्षेत्र की लगभग 110 सीटों पर भाजपा आगे चल रही थी। शहरी बंगाल परंपरागत रूप से राजनीतिक रूप से निर्णायक रहा है, और यहां बदलाव अक्सर व्यापक चुनावी धाराओं का संकेत देता है। जिसे कभी एक पृथक उछाल के रूप में खारिज कर दिया गया था, वह अब एक संरचनात्मक उपस्थिति में तब्दील होता दिख रहा है। लेकिन केवल चुनावी आंकड़े ही बंगाल में बदलते मूड को स्पष्ट नहीं करते हैं। राज्य के युवाओं का एक बड़ा वर्ग – विशेषकर बेरोजगार – तेजी से बेचैन हो गया है। अवसर के बिना कल्याण का वादा फीका पड़ने लगा है। इस भावना को पहचानते हुए, भाजपा बेरोजगार युवाओं पर लक्षित प्रतिस्पर्धी कल्याण योजनाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है, जो उन्हें सत्तारूढ़ सरकार द्वारा पेश किए गए लोगों के लिए अधिक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रही है। जो संदेश दिया जा रहा है वह सरल है: कल्याण से सशक्तिकरण होना चाहिए, न कि निर्भरता। एक और कथात्मक लड़ाई भी चल रही है-पहचान को लेकर। वर्षों से, ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान ने भाजपा को बंगाल में एक “बाहरी” ताकत के रूप में चित्रित करने का प्रयास किया है। फिर भी भाजपा का कहना है कि यह आरोप खोखला लगता है जब कोई याद करता है कि पार्टी के संस्थापकों में से एक बंगाली राष्ट्रवादी नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे। उनकी विरासत बंगाल के राजनीतिक इतिहास के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। उस वंश का आह्वान करके, पार्टी अपनी बंगाली साख को पुनः प्राप्त करने और इसके खिलाफ तैनात क्षेत्रीयवादी आख्यान को कुंद करने का प्रयास कर रही है। “हम एक बंगाली पार्टी हैं। हमारे संस्थापक एक बंगाली हैं। हमारी बंगाली साख पर सवाल उठाने वाली ममता बनर्जी कौन होती हैं?” बीजेपी नेता पूछते हैं. हालाँकि, राजनीति शायद ही कभी केवल तर्कों से तय होती है। इसका निर्णय उन क्षणों से होता है – वे क्षण जब मतदाता सामूहिक रूप से महसूस करते हैं कि मौजूदा व्यवस्था ने अपना काम कर लिया है। भाजपा नेता इस बात पर जोर देते हैं कि बंगाल में अब वह घड़ी आ सकती है। उनका तर्क है कि शहरी कोलकाता से लेकर अर्ध-शहरी इलाकों तक सभी जिलों में ऐसे संकेत हैं कि मतदाताओं का धैर्य कमजोर हो रहा है। उनका दावा है कि आर्थिक चिंताएं, शासन की थकान और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की बढ़ती इच्छा मिलकर एक ऐसा मूड बना रही है जिसे राजनीतिक पर्यवेक्षक अक्सर “टिपिंग पॉइंट” के रूप में वर्णित करते हैं। यह देखना अभी बाकी है कि क्या वह निर्णायक बिंदु अंततः सत्ता परिवर्तन में तब्दील होता है। बंगाल में आश्चर्यजनक राजनीतिक परिणामों का एक लंबा इतिहास रहा है। सवाल यह है कि क्या 2026 काफी आश्चर्यजनक होगा? पहले प्रकाशित: मार्च 05, 2026, 20:07 IST समाचार राजनीति ‘210 सीटों पर 35% वोट शेयर’: बीजेपी को क्यों लगता है कि बंगाल 2026 के निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)बंगाल(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव





