मोदी-राहुल की बातचीत का VIDEO वायरल:संसद परिसर में दोनों ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया, बातचीत भी हुई

PM नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत होती दिखाई दी। यह वीडियो शनिवार को संसद परिसर का है, जहां दोनों नेता समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। वीडियो में दिख रहा है कि मोदी वहां मौजूद नेताओं राहुल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अर्जुन राम मेघवाल से मिले और अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद मोदी राहुल गांधी के पास रुके हैं और उनसे बातचीत की। संसद परिसर में मोदी- राहुल की मुलाकात की 5 तस्वीरें: इसके पहले भी हुई हैं दोनो नेताओं की मुलाकातें: 9 अगस्त 2024: लोकसभा सत्र के बाद चाय पर चर्चा 26 जून 2024: लोकसभा स्पीकर को आसन तक छोड़ने के लिए साथ आए लोकसभा चुनाव के बाद 26 जून 2024 को लोकसभा में ओम बिरला को स्पीकर चुना गया। मोदी, राहुल गांधी स्पीकर बिरला को अध्यक्षीय आसन तक लेकर गए। इस दौरान ओम बिरला से हाथ मिलाने के बाद पीएम मोदी और राहुल गांधी ने एक-दूसरे से भी हाथ मिलाया। 20 जुलाई, 2018: संसद में गले लगाने की घटना 20 जुलाई 2018 को लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी। राहुल गांधी सरकार की आलोचना करने के बाद अपनी सीट से उठकर सीधे PM मोदी के पास गए और उनके सीट पर बैठे रहने के दौरान ही पीएम को गले लगा लिया। प्रधानमंत्री पहले तो हैरान रह गए, लेकिन फिर उन्होंने राहुल को वापस बुलाकर हाथ मिलाया और बातचीत की। मोदी ने बाद में इस घटना को याद करते हुए मजाक में कहा कि मैं यहां (लोकसभा) आया और कई चीजें सीखीं। पहली बार मैंने गले लगाने और गले पड़ने में फर्क भी समझा। 16 दिसंबर 2016: कांग्रेस का दल लेकर मोदी से मिले राहुल 27 मई 2014 और अन्य वर्ष: जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि 2014 में कार्यभार संभालने के कुछ समय बाद पीएम मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री की 50वीं पुण्यतिथि पर शांति वन में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इसके अलावा राजघाट (महात्मा गांधी के समाधि स्थल) और शक्ति स्थल पर भी कई बार दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया है। ————————- ये खबर भी पढ़ें: राहुल गांधी बोले-मोदी जी एपस्टीन फाइल्स में आपका नाम आया:आपने देश को बेचा, शर्म आपको आनी चाहिए; मोदी ने कांग्रेसियों को नंगा बताया था कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया X पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने कहा- मोदी जी एपस्टीन फाइल्स में आपका नाम आया, शर्म आपको आनी चाहिए। आपने अमेरिका से ट्रेड डील करके देश को ट्रम्प के हाथों बेच दिया। पढ़ें पूरी खबर…
अमेरिका से बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन पाकिस्तान पहुंचा:बैठक से पहले लेबनान में सीजफायर की शर्त; अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस भी आज इस्लामाबाद पहुंचेंगे

अमेरिका के साथ प्रस्तावित वार्ता से पहले ईरान का डेलिगेशन पाकिस्तान पहुंच गया है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ के नेतृत्व में शुक्रवार देर रात यह टीम इस्लामाबाद पहुंची है। इस डेलिगेशन में विदेश मंत्री अब्बास अराघची, सुप्रीम नेशनल डिफेंस काउंसिल के सचिव अली अकबर अहमदियन, सेंट्रल बैंक गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती, पूर्व IRGC कमांडर मोहम्मद बाकर जोलगदर और संसद के कई सदस्य शामिल हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं होता और उसके फ्रीज किए गए अरबों डॉलर जारी नहीं किए जाते, तब तक अमेरिका के साथ बातचीत शुरू नहीं होगी। दूसरी तरफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी डेलिगेशन के साथ आज इस्लामाबाद पहुंचेंगे। अमेरिका और ईरान के बीच यह अहम बैठक आज इस्लामाबाद में होनी है। इस पर दुनियाभर की नजर बनी हुई है। ईरानी डेलिगेशन के इस्लामाबाद पहुंचने का वीडियो… ट्रम्प बोले- डील नहीं हुई तो फिर हमला करेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर डील नहीं होती, तो अमेरिका फिर हमला करेगा। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों को सबसे बेहतरीन हथियारों से लैस किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं उपराष्ट्रपति वेंस ने बताया है कि ट्रम्प ने बातचीत के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह ईमानदारी से बातचीत करेगा तो अमेरिका तैयार है, लेकिन ‘खेल’ करने की कोशिश पर सख्त जवाब दिया जाएगा।
कानपुर किडनी कांड का मास्टरमाइंड बोला- करोड़ों फेंक देते हैं:एजेंट से बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली; कन्नौज का डॉक्टर पकड़ाया

कानपुर के चर्चित किडनी कांड के मास्टरमाइंड शिवम अग्रवाल के मोबाइल से पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, यह रिकॉर्डिंग उसने गिरोह में शामिल प्रयागराज के रहने वाले नवीन पांडेय को भेजी थी। ऑडियो में नवीन, शिवम से प्रयागराज के ही दलाल साहिल का जिक्र कर रहा है। वह कहता है कि साहिल ने तुम्हारा नाम लेकर 22 लाख रुपए ले लिए हैं। इस पर शिवम कहता है- उसे नहीं पता कि शिवम और डॉ. रोहित क्या चीज हैं, हम लोग करोड़ों रुपए ऐसे ही फेंक देते हैं। इस बीच पुलिस टीम शनिवार शाम नवीन पांडेय के प्रयागराज स्थित घर पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। इधर, पुलिस ने शिवम की पत्नी को रावपुर थाने पूछताछ के लिए बुलाया। उसने बताया कि नवीन गाजियाबाद के रहने वाले डॉ. रोहित के साथ 4-5 साल से काम कर रहा है। शिवम तो एक साल से ही डॉ. रोहित से जुड़ा था। पुलिस सोमवार को जिला कोर्ट में अप्लीकेशन देकर शिवम की रिमांड मांगेगी। पुलिस के मुताबिक, यह रिकॉर्डिंग पिछले साल दिसंबर महीने की है। हालांकि, पुलिस ने इसे सार्वजनिक नहीं किया है। किडनी कांड में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कन्नौज के डॉक्टर को पुलिस ने हिरासत में लिया पुलिस के अनुसार, रिकॉर्डिंग में शिवम एक महिला का जिक्र कर रहा है। वह कहता है कि जिस महिला को हम दिल्ली लेकर आए थे, उसे द्वारका के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, वह मर गई। इस पर नवीन कहता है कि महिला को एंबुलेंस से लेकर जाना चाहिए था, तुम लोग उसे स्कॉर्पियो से लेकर चले गए। स्कॉर्पियो में कोई मेडिकल व्यवस्था होती है क्या? पुलिस के मुताबिक, ऑडियो में जिस महिला का जिक्र है, उसका दिसंबर महीने में मेडिलाइफ हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे आनन-फानन में दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने महिला की मौत के मामले में कन्नौज के रहने वाले डॉ. रोहन को शनिवार को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। हॉस्पिटल के दो अन्य पार्टनर औरैया निवासी डॉ. नरेंद्र और कन्नौज के डॉ. संदीप अभी फरार हैं। साहिल ने किडनी के नाम पर 20 लाख ठगे पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि शिवम अग्रवाल की तरह साहिल भी डॉ. रोहित के लिए काम करता था। जांच में सामने आया कि एक महिला को किडनी की जरूरत थी। साहिल ने उससे संपर्क कर कहा कि डॉ. रोहित ट्रांसप्लांट के लिए 40 लाख लेते हैं, लेकिन वह 20 लाख रुपए में किडनी ट्रांसप्लांट करा देगा। इसके बाद वह महिला से 20 लाख रुपए लेकर फरार हो गया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि साहिल की तलाश में चित्रकूट और प्रयागराज में छापेमारी की जा रही है। अब तक गिरोह में जिन डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं, उनमें कोई भी सर्जन नहीं है। गिरोह में शामिल डॉ. रोहित एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, डॉ. वैभव डेंटिस्ट, डॉ. अनुराग अल्फा हॉस्पिटल संचालक, डॉ. अफजल फिजिशियन और डॉ. अली ओटी टेक्नीशियन हैं। बीए पास भूपेंद्र बना डॉक्टर ऑफ मेडिसिन डीसीपी ने बताया कि शुक्रवार को शिवम की पत्नी से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान उसने हैलट के सामने स्थित रमाशिव हॉस्पिटल के मैनेजर भूपेंद्र सिंह का नाम लिया। भूपेंद्र सिंह डॉ. रोहित के संपर्क में था। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने लखनऊ में एसजीपीजीआई के सामने एक निजी अस्पताल बनवाया है। डीसीपी वेस्ट के अनुसार, भूपेंद्र के विजिटिंग कार्ड पर एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) लिखा था। पूछने पर उसने बताया कि एमडी का मतलब मैनेजिंग डायरेक्टर है। वह डॉ. रोहित के संपर्क में था। डॉ. रोहित ने उससे अपने अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट कराने को कहा था, लेकिन उसने ट्रांसप्लांट नहीं कराया। मेडिलाइफ के संचालक रोहन, नरेंद्र और अजय से भी पूछताछ की जा रही है। मेरठ का ट्रैवल एजेंट फर्जी नाम से बुक करता था कारें डॉ. अनुराग उर्फ अमित ने की थीं दो शादियां स्कैंडल से जुड़े डॉ. अनुराग की तलाश में पुलिस टीम मेरठ पहुंची। जांच में सामने आया कि मेरठ का अल्फा हॉस्पिटल डॉ. अनुराग के नाम पर है। वह फिजियोथेरेपिस्ट है और उसने दो शादियां की हैं। पुलिस टीम उसकी पहली पत्नी के घर पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस उसकी दूसरी पत्नी की लोकेशन तलाश रही है। अब जानिए मेडिलाइफ हॉस्पिटल से कैसे जुड़े तार डीसीपी आबिदी ने बताया कि ओटी टेक्नीशियन राजेश कुमार और कुलदीप सिंह राघव ने पूछताछ में कहा था कि उन्होंने सभी ऑपरेशन आहूजा हॉस्पिटल में किए थे, लेकिन दोनों के मोबाइल की जांच में शहर के कई अन्य अस्पतालों के नंबर मिले। इनमें मसवानपुर स्थित मेडिलाइफ हॉस्पिटल भी शामिल है। ————————– अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ———————— ये खबर भी पढ़ें… OT टेक्नीशियन ने निकाली थी MBA स्टूडेंट की किडनी:कानपुर में ट्रांसप्लांट किया; मेरठ के 3 डॉक्टरों के भी नाम सामने आए कानपुर में MBA स्टूडेंट आयुष की किडनी किसी डॉक्टर ने नहीं, बल्कि एक ओटी टेक्नीशियन ने निकाली थी। उसी ने पारुल तोमर को किडनी ट्रांसप्लांट भी किया था। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने यह जानकारी दैनिक भास्कर को दी। उन्होंने बताया- आरोपी ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है। उसके घर पर दबिश दी गई, लेकिन वह फरार मिला। जिस मेडिलाइफ हॉस्पिटल में वह काम करता था, उसके तीनों मालिक भी फरार हैं। पढ़ें पूरी खबर
अंगोला से गैस खरीदने की तैयारी में भारतीय कंपनियां:सरकारी स्तर पर भी बातचीत जारी, होर्मुज संकट की वजह से भारत नए ऑप्शन तलाश रहा

भारत में गैस की कमी की वजह से सरकारी तेल और गैस कंपनियां अब नए देशों से सप्लाई का ऑप्शन तलाश रही हैं। इसी कड़ी में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और गेल (इंडिया) लिमिटेड अफ्रीकी देश अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल से रसोई गैस (LPG) और प्राकृतिक गैस (LNG) खरीदने के लिए बात कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कंपनियां अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल के साथ लंबी अवधि के समझौते (टर्म कॉन्ट्रैक्ट) करने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और सरकार से सरकार के स्तर पर भी चर्चा जारी है। यह हालात इसलिए बने हैं क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है। यह रास्ता दुनिया में तेल और गैस सप्लाई के लिए बहुत अहम माना जाता है। इसके बंद होने से भारत समेत कई देशों की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत दुनिया का दूसरा बड़ा LPG उपभोक्ता भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का लगभग 60% इंपोर्ट करता है। वहीं, करीब 50% LNG भी इंपोर्ट करता है। अभी तक भारत को ज्यादातर गैस मिडिल ईस्ट के देशों, खासकर कतर और UAE से मिलती रही है। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण भारत की करीब 90% LPG आयात पर असर पड़ा है। इसी वजह से सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियम सख्त कर दिए हैं। अब शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन के अंतराल पर ही सिलेंडर बुक किया जा सकता है। अंगोला पहली बार भारत को LPG कर सकता है एक्सपर्ट्स का कहना है कि अफ्रीका से गैस सप्लाई अमेरिका की तुलना में 10 से 15 दिन जल्दी भारत पहुंच सकती है। ऐसे में अंगोला भारत के लिए एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है। अगर यह करार होता है, तो अंगोला पहली बार भारत को रसोई गैस सप्लाई करेगा। भारतीय कंपनियां LPG के लिए करीब एक साल और LNG के लिए कम से कम 10 साल का करार करने पर विचार कर रही हैं। अंगोला के पास करीब 4.6 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है और वह पहले से ही भारत को कच्चा तेल और LNG सप्लाई करता रहा है। वित्त वर्ष 2025 में अंगोला भारत का पांचवां सबसे बड़ा LNG सप्लायर था। ऑस्ट्रेलिया-अल्जीरिया और रूस से भी LPG खरीदने की तैयारी भारत सिर्फ अंगोला ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से भी गैस इंपोर्ट के ऑप्शन तलाश रहा है, ताकि किसी एक रीजन पर निर्भरता कम की जा सके। इस गैस संकट का असर उर्वरक (फर्टिलाइजर) और स्टील सेक्टर जैसे उद्योगों पर भी पड़ सकता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो गैस की कीमतें भी बढ़ सकती हैं और भारत को महंगे दामों पर गैस -खरीदनी पड़ सकती है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि देश में गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट की सप्लाई बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में दो बड़े जहाज करीब 94 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत की ओर रवाना हुए हैं। भारत की 92% LPG खाड़ी के 4 देशों से आती है भारत का ज्यादातर LPG आयात फारस की खाड़ी के देशों UAE, कतर, सऊदी अरब और कुवैत से होता है। खास बात यह है कि इन सभी देशों से आने वाली गैस एक ही रास्ते, होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। यह सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा समुद्री रास्ता है, लेकिन दुनिया के करीब 20% तेल और गैस का व्यापार यहीं से होता है। 2024-25 में भारत के करीब 92% LPG आयात इन्हीं चार खाड़ी देशों से आए। इनमें यूएई सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है, जिसकी हिस्सेदारी बढ़कर 40% से ज्यादा हो गई है। वहीं, कतर और सऊदी अरब की हिस्सेदारी में गिरावट आई है। भारत में LPG की मांग बढ़ी लेकिन उत्पादन नहीं भारत में LPG की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन घरेलू उत्पादन लगभग नहीं बढ़ रहा। यही वजह है कि देश को अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाना पड़ रहा है, जिससे सप्लाई को लेकर जोखिम भी बढ़ गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने साल 2024-25 में 20.67 मिलियन टन LPG आयात किया, जो 2019-20 के 14.81 मिलियन टन के मुकाबले करीब 40% ज्यादा है। यानी सिर्फ पांच साल में आयात में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। भारत का घरेलू उत्पादन लगभग स्थिर बना हुआ है। 2019-20 में देश ने 12.82 मिलियन टन LPG का उत्पादन किया था, जो 2024-25 में घटकर करीब 12.79 मिलियन टन रह गया। यानी उत्पादन में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। 2024-25 में भारत ने 31.32 मिलियन टन LPG का इस्तेमाल किया, जो 2019-20 के मुकाबले करीब 19% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में गैस कनेक्शन बढ़ने की वजह से हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को LPG कनेक्शन दिए गए हैं। अब देश में 33 करोड़ से ज्यादा एक्टिव गैस कनेक्शन हैं, जिससे मांग लगातार बढ़ रही है।
बोमन ईरानी ने डोनाल्ड ट्रम्प से मांगा गैस सिलेडर:ईरानियों से बातचीत बयान पर कसा तंज, कहा- मैं तैयार हूं

एक्टर बोमन ईरानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरानियों से बात वाले बयान पर मजाकिया अंदाज में रिएक्ट किया और यहां तक कि उन्होंने ट्रम्प से गैस सिलेंडर लाने को भी कहा। बोमन ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, यह बात वायरल हो रही है कि मिस्टर डोनाल्ड ट्रम्प ईरानियों से बात करना चाहते हैं और तीन लोगों को बुलाया गया है,स्मृति ईरानी, अरुणा ईरानी और मैं यानी बोमन ईरानी। मैं तैयार हूं। हम शांति के लिए कुछ भी कर सकते हैं।” बोमन ने आगे कहा, “मेरी सिर्फ एक शर्त है कि मैं वॉशिंगटन नहीं जाऊंगा। उनकी टीम यहां मुंबई के दादर पारसी कॉलोनी आए। हम उन्हें उनकी पसंद का खाना खिलाएंगे, धानसक और कस्टर्ड खिलाएंगे और अगर ट्रम्प गैस सिलेंडर भी ले आएं, तो मुझे लगता है कि सबके लिए जिंदगी बहुत आसान हो जाएगी।” वेस्ट एशिया में तनाव जारी वेस्ट एशिया में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और जल्द समाधान हो सकता है, लेकिन पेंटागन 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी में है। 22 मार्च को ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों से इजराइल के अराद और डिमोना शहरों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इन हमलों में रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचा। राहत और बचाव दल पूरी रात घायलों की मदद और मलबा हटाने में जुटे रहे। अस्पतालों में कई लोगों का इलाज किया गया, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई।
टीवीके एग्जिट, लेफ्ट पुशबैक, मनाप्पराई टसल: तमिलनाडु चुनाव में डीएमके गठबंधन की बातचीत अशांत हो गई | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 23, 2026, 12:38 IST सबसे प्रमुख टूट तब हुई जब टी वेलमुरुगन की तमिलागा वाझ्वुरिमई काची (टीवीके) उपेक्षा और असंतोष का हवाला देते हुए गठबंधन से बाहर हो गई। तमिलनाडु चुनाव: कांग्रेस नेता राहुल गांधी एमके स्टालिन के साथ तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों की ओर अग्रसर होने के साथ, सीट-बंटवारे की बातचीत द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर स्पष्ट तनाव को उजागर कर रही है। निर्वाचन क्षेत्र के आवंटन पर बातचीत से साझेदारों के बीच मनमुटाव पैदा हो गया है, जो सत्ताधारी दल द्वारा सीटों का बड़ा हिस्सा बरकरार रखने की कोशिश के कारण खुद को निचोड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं। तनाव ज़मीनी स्तर पर भी दिख रहा है, कई सहयोगी दल एक ही निर्वाचन क्षेत्र के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जबकि द्रमुक गढ़ छोड़ने के लिए अनिच्छुक है। यह स्थिति पिछले चुनाव चक्र में गठबंधन के अपेक्षाकृत सहज समन्वय से बदलाव का संकेत देती है और नामांकन के करीब आने पर सौदेबाजी के कठिन चरण का संकेत देती है। सीट आवंटन पर उपेक्षा और असंतोष का हवाला देते हुए टी वेलमुरुगन की तमिलागा वाझ्वुरिमई काची (टीवीके) के गठबंधन से बाहर होने के बाद सबसे प्रमुख टूटन हुई। इस बीच, वामपंथी दल – विशेष रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) – प्रस्तावित सीट कटौती का विरोध कर रहे हैं, और विदुथलाई चिरुथिगल काची अपने बढ़ते चुनावी आधार का तर्क देते हुए एक बड़े हिस्से पर जोर दे रही है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ बातचीत भी नाजुक है, जो गुट के भीतर व्यापक सत्ता-साझाकरण तनाव को दर्शाती है। 2021 के चुनावों में DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन की स्थिति कैसी रही? 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में, DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 234 में से 159 सीटें जीतीं, पिछली AIADMK सरकार को हटा दिया। द्रमुक ने स्वयं 133 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि प्रमुख सहयोगियों ने भी गठबंधन की संख्या में योगदान दिया। कांग्रेस ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा और 18 सीटें जीतीं, विदुथलाई चिरुथिगल काची ने 4 सीटें जीतीं, और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने 2 सीटें हासिल कीं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और मनिथानेया मक्कल काची जैसे अन्य छोटे सहयोगियों को गठबंधन रणनीति के हिस्से के रूप में कुछ सीटें आवंटित की गईं। कुल मिलाकर, इस सीट आवंटन ने एसपीए को अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और उसके सहयोगियों के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर एक आरामदायक अंतर हासिल करने में मदद की। सीपीआई और सीपीआई (एम) जैसी छोटी पार्टियों ने शुरू में अधिक सीटें मांगी थीं, हालांकि, 2026 के विपरीत, ये असहमति ज्यादातर बंद दरवाजों के पीछे रही और चुनाव से पहले सार्वजनिक निकास या खुले विवादों का कारण नहीं बनी। इस चुनाव में DMK को सहयोगियों के साथ किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है? टीवीके ने डीएमके गठबंधन छोड़ दिया टी वेलमुरुगन की तमिलागा वाझ्वुरिमई काची (टीवीके) ने गठबंधन के आवंटन वार्ता में एक से अधिक सीट पाने में विफल रहने के बाद डीएमके के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन से अपना नाम वापस ले लिया है – शुरू में अधिक मांगने के बावजूद। वेलमुरुगन की पार्टी ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल नहीं होने का फैसला किया और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी या कहीं और गठबंधन करेगी। वेलमुरुगन ने कहा कि उनकी पार्टी की अधिकांश मांगों को सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार द्वारा संबोधित नहीं किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। इस चुनाव में डीएमके गठबंधन के भीतर यह पहला और सबसे अधिक दिखाई देने वाला विभाजन है। मनाप्पराई झगड़ा तिरुचिरापल्ली जिले में मनाप्पराई को अपने मिश्रित ग्रामीण-अर्ध-शहरी मतदाता आधार और प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिताओं के इतिहास के कारण राजनीतिक रूप से रणनीतिक सीट माना जाता है। द्रमुक के नेतृत्व वाले मोर्चे में एक से अधिक सहयोगियों ने यहां दावा पेश किया है। कथित तौर पर कांग्रेस इस सीट को अपने स्थानीय कैडर की ताकत और पिछले वोट शेयर के आधार पर जीतने योग्य मानती है, जबकि मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) भी निर्वाचन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में ऐतिहासिक उपस्थिति और जमीनी स्तर के नेटवर्क का तर्क देते हुए इस पर जोर दे रही है। हालाँकि, द्रमुक स्वयं मनाप्पराई को छोड़ने के लिए अनिच्छुक है, इसे एक महत्वपूर्ण गढ़ के रूप में देखते हुए वह इसे अपने प्रतीक के तहत बनाए रखना पसंद करेगी। वाम दलों ने की अधिक सीटों की मांग कम्युनिस्ट पार्टियाँ कम सीटों की पेशकश या सीमित प्रभाव के रूप में जो कुछ भी देखती हैं, उसका विरोध कर रही हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि सीपीआई (एम) कटौती का विरोध कर रही है और द्रमुक की मौजूदा पेशकश से अधिक सीटों की मांग कर रही है – दो अंकों की हिस्सेदारी पर जोर दे रही है। सीपीआई ने इस बार पांच सीटों पर समझौता किया है – 2021 की तुलना में एक कम – और अपनी पसंद के निर्वाचन क्षेत्रों की एक इच्छा सूची प्रस्तुत की है। वीसीके, एक अन्य प्रमुख सहयोगी, काफी बड़ी हिस्सेदारी की मांग कर रही है – दावा कर रही है कि उसकी ताकत बढ़ी है और वह पुडुचेरी सहित दो अंकों की सीटों के लिए दबाव डाल रही है – लेकिन बातचीत अभी तक हल नहीं हुई है। इन साझेदारों की देरी और धक्का-मुक्की गठबंधन के भीतर तनाव दिखाती है, और अंतिम समाधान के बिना बातचीत अभी भी जारी है। पुडुचेरी में डीएमके-कांग्रेस के बीच बातचीत पुडुचेरी के चुनाव में अलग-अलग, डीएमके और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस बात को लेकर गतिरोध में हैं कि प्रत्येक को 30 में से कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए – कांग्रेस बड़ी हिस्सेदारी के लिए जोर दे रही है और डीएमके ताकत के आधार पर संतुलित आवंटन पर जोर दे रही है। विपक्ष ने डीएमके पर साधा निशाना अन्नाद्रमुक नेताओं ने द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन, विशेषकर द्रमुक और कांग्रेस के बीच दिखाई देने वाली दरार का मज़ाक उड़ाया है, यह सुझाव देते हुए कि सीट बंटवारे पर असहमति से पता चलता है कि गठबंधन संकट में है। तमिलनाडु में विपक्ष के नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी ने कहा कि अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन सुसंगत है और सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है, जबकि
फिल्म कैलेंडर का ट्रेलर लॉन्च, महिला जीवन की भावनात्मक कहानी:मूवी के माध्यम से समाज में संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत शुरू करने की नई पहल

मुंबई में आगामी फिल्म ‘कैलेंडर’ की टीम ने रिलीज से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर फिल्म के कॉन्सेप्ट और कहानी के बारे में मीडिया को जानकारी दी। रनिंग हॉर्स क्रिएशन्स के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता और लीड एक्टर आदर्श गुंडूराज हैं। खास बात यह है कि ‘कैलेंडर’ मूल रूप से कन्नड़ फिल्म है, जिसे अब हिंदी में भी रिलीज किया जा रहा है ताकि यह देशभर के दर्शकों तक पहुंच सके। चार्टर्ड अकाउंटेंट से फिल्ममेकर बने आदर्श गुंडूराज ने प्रेस मीट में कहा कि इस फिल्म की कहानी महिलाओं के जीवन से जुड़े भावनात्मक पहलुओं को सामने लाने की कोशिश करती है। उन्होंने बताया कि फिल्म सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का भी प्रयास है। फिल्म की कहानी महिलाओं के जीवन में आने वाले भावनात्मक उतार-चढ़ाव, रिश्तों पर उनके असर और रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है। मेकर्स का कहना है कि ‘कैलेंडर’ एक मजबूत कहानी के साथ दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी। फिल्म में आदर्श गुंडूराज के अलावा रमेश इंदिरा, प्रकाश थुमिनाडु, गुरुनंदन, मालाश्री, सुचेंद्रप्रसाद, चंद्रप्रभा, शिव प्रदीप, सुष्मिता नायक, निविश्का पाटिल और अमृथा जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन नवीन शक्ति ने किया है, जबकि संगीत सुनाद गौतम ने तैयार किया है। सिनेमैटोग्राफी रमेश कोइरा और एडिटिंग सुरेश अरुमुगम ने संभाली है। वहीं एक्शन सीक्वेंस को राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और ‘KGF’ व ‘कांतारा’ फेम एक्शन डायरेक्टर विक्रम मोर ने डिजाइन किया है। फिल्म की कहानी और निर्माण आदर्श गुंडूराज ने किया है, जबकि शिव प्रदीप सह-निर्माता और महंताश आर सह-निर्देशक हैं। ‘कैलेंडर’ 3 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जिसका वितरण वीके फिल्म्स (विजय किरागंदूर फिल्म्स) द्वारा किया जा रहा है।
वायरल ऑडियो क्लिप पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी:8 साल पुरानी प्राइवेट बातचीत लीक होने पर भड़कीं, कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया

रश्मिका मंदाना का एक पुराना ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। रश्मिका ने इसे अपनी प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कंटेंट फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर इस ऑडियो को हटाया नहीं गया, तो वे कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगी। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए बताया कि जो ऑडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी एक निजी बातचीत का हिस्सा लगता है। रश्मिका के मुताबिक, यह बातचीत शायद इसमें शामिल लोगों की जानकारी या सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी और अब इसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। अपने बयान में रश्मिका ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से वे मीडिया के एक हिस्से और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी, ट्रोलिंग और टारगेटेड हमलों का सामना कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई बार उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जबकि कुछ बयान ऐसे भी उनके नाम से फैलाए गए जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे। रश्मिका ने बताया कि अब तक उन्होंने इन सब बातों को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा था और चुप रहना चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों में जो हुआ उसने उनकी सहनशीलता की सीमा पार कर दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से उनके परिवार और करीबी लोगों को भी अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। एक्ट्रेस ने वायरल ऑडियो को भ्रामक और मानहानिकारक बताते हुए मीडिया प्लेटफॉर्म्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस कंटेंट को तुरंत हटा दें और आगे शेयर न करें। उन्होंने साफ कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी। अपने नोट के आखिर में रश्मिका ने अपने फैंस और सपोर्टर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उन्हें समझ, प्यार और समर्थन दिया है, उनके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी। रश्मिका ने यह भी कहा कि अपनी गरिमा, प्राइवेसी और मानसिक शांति की रक्षा के लिए आवाज उठाना अब जरूरी हो गया था।
वायरल ऑडियो क्लिप पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी:8 साल पुरानी प्राइवेट बातचीत लीक होने पर भड़कीं, कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया

रश्मिका मंदाना का एक पुराना ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। रश्मिका ने इसे अपनी प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कंटेंट फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर इस ऑडियो को हटाया नहीं गया, तो वे कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगी। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए बताया कि जो ऑडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी एक निजी बातचीत का हिस्सा लगता है। रश्मिका के मुताबिक, यह बातचीत शायद इसमें शामिल लोगों की जानकारी या सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी और अब इसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। अपने बयान में रश्मिका ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से वे मीडिया के एक हिस्से और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी, ट्रोलिंग और टारगेटेड हमलों का सामना कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई बार उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जबकि कुछ बयान ऐसे भी उनके नाम से फैलाए गए जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे। रश्मिका ने बताया कि अब तक उन्होंने इन सब बातों को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा था और चुप रहना चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों में जो हुआ उसने उनकी सहनशीलता की सीमा पार कर दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से उनके परिवार और करीबी लोगों को भी अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। एक्ट्रेस ने वायरल ऑडियो को भ्रामक और मानहानिकारक बताते हुए मीडिया प्लेटफॉर्म्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस कंटेंट को तुरंत हटा दें और आगे शेयर न करें। उन्होंने साफ कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी। अपने नोट के आखिर में रश्मिका ने अपने फैंस और सपोर्टर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उन्हें समझ, प्यार और समर्थन दिया है, उनके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी। रश्मिका ने यह भी कहा कि अपनी गरिमा, प्राइवेसी और मानसिक शांति की रक्षा के लिए आवाज उठाना अब जरूरी हो गया था।
PM मोदी से मिले कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी:निवेश-ट्रेड डील पर बातचीत होगी, खालिस्तानी चरमपंथियों पर लगाम लगाने पर भी चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी और कनाडाई PM मार्क कार्नी के बीच सोमवार सुबह हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई। कुछ ही देर में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू होगी। इसमें दोनों देशों के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने, ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने, व्यापार विस्तार और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। PM कार्नी के इस दौरे का सबसे बड़ा मकसद भारत-कनाडा के बीच 10 साल का यूरेनियम सप्लाई समझौता है। बताया जा रहा है कि यह डील करीब 3 अरब डॉलर की हो सकती है। बीबीसी के मुताबिक अगर यह समझौता होता है, तो इसे कार्नी की बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक सफलता माना जाएगा। कनाडा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है। भारत और कनाडा के बीच न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट 2013 में लागू हुआ था, जिसके बाद कनाडा ने भारत को यूरेनियम सप्लाई शुरू की थी। भारत अपने तेजी से बढ़ते परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के लिए और अधिक यूरेनियम खरीदना चाहता है। PM कार्नी के भारत दौरे से जुड़ी 4 तस्वीरें… भारत में निवेश को बढ़ावा दे रहा कनाडा भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कनाडा के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 21 अरब डॉलर से ज्यादा है। भारत में 600 से ज्यादा कनाडाई कंपनियां काम कर रही हैं। भारत से कनाडा को मुख्य निर्यात में दवाइयां, रत्न-आभूषण और समुद्री उत्पाद शामिल हैं। कनाडा के बड़े पेंशन फंड पहले से ही भारत में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़ा निवेश कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने भारत में 100 बिलियन डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का निवेश किया है। अब कनाडा इस निवेश को और बढ़ाना चाहता है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि दोनों देशों के बीच कभी-कभी राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कनाडा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा। निज्जर की हत्या के बाद रिश्ते खराब हुए साल 2023 में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हो गए थे। कनाडा ने निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए गए थे। कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने संसद में कहा कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों को सबूत मिले हैं कि भारतीय सरकार के एजेंट इस हत्या में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इसे कनाडा की संप्रभुता पर हमला बताया था। भारत ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज किया था। भारत का कहना था कि कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथी और आतंकवादी खुलेआम सक्रिय हैं, जो भारत के खिलाफ गतिविधियां चलाते हैं और कनाडा उन पर कार्रवाई नहीं करता। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के कई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कनाडा ने भी भारत से व्यापार मिशन रद्द कर दिए, और दोनों तरफ से यात्रा सलाह जारी की गई। बातचीत लगभग बंद हो गई और CEPA जैसी महत्वपूर्ण चर्चाएं ठप पड़ गईं। जस्टिन ट्रूडो के पद से हटने और मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने (मार्च 2025) के बाद दोनों देशों ने रिश्ते सुधारने की कोशिश की। कनाडा में हर चौथा व्यक्ति विदेशी मूल का कनाडा दुनिया के उन देशों में है जहां प्रवासियों (इमिग्रेंट) की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2021 की आधिकारिक जनगणना के मुताबिक, कनाडा में लगभग 83.6 लाख (8.3 मिलियन) लोग विदेश में जन्मे हैं, जो देश की कुल आबादी का करीब 23% है। यह आंकड़ा स्टैटिस्टिक्स कनाडा ने जारी किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कनाडा की अर्थव्यवस्था और जनसंख्या वृद्धि में प्रवासियों का खास रोल रही है, लेकिन हाल के सालों में इस मुद्दे पर बहस भी तेज हुई है। भारतीय विदेश मंत्रायल के मुताबिक, कनाडा में भारतीय मूल के लगभग 16 लाख लोग रहते हैं। वहीं करीब 3 लाख (लगभग 3.03 लाख) लोग पाकिस्तानी मूल के हैं।









