पत्नी के सामने पति को पीटा, अपहरण का प्रयास:वारंटी पिता की गिरफ्तारी में मुखबिरी का था शक, सामने आया मारपीट का वीडियो

ग्वालियर में पुलिस मुखबिरी के शक के चलते बाइक सवार तीन युवकों ने एक व्यापारी की उसकी पत्नी के सामने जमकर मारपीट की। मारपीट के बाद बाइक सवार, व्यापारी को बाइक पर बंधक बनाकर ले गए। भीड़ जमा होने पर बदमाशों ने कुछ दूरी पर उसे छोड़ दिया और धमका कर भाग गए। यह पूरी वारदात पास लगे एक CCTV कैमरे में कैद हुई है। घटना बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर में रविवार की है। बाइक सवार युवकों को शक था कि उनके पिता की गिरफ्तारी में इस दुकानदार ने मुखबिरी की थी। बार-बार मारपीट करते हुए वह मुखबिरी का आरोप लगा रहे थे। ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना स्थित शंकरपुर निवासी सोनू खान व्यापारी है। उसकी ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक व ऑटो पार्ट्स की शॉप है। रविवार को वह सुबह 11.30 बजे पत्नी सोनी खान के साथ अपनी दुकान पर पहुंचे थे। इसी समय वहां पर पास ही रहने वाले अमीन खान, फरीद खान, जीशान खान बाइक पर सवार होकर उसके पास पहुंचे। तीनों ने गालियां देते हुए सोनू को दुकान से बाहर बुलाया और फिर उसे गालियां देना शुरू कर दिया जब गाली देने से मना किया तो अमीन और जीशान ने इसकी लात, हाथों से मारपीट कर दी। फरीद ने लोहे की रोड उठाकर उसे पीटा। जब उनका मन नहीं भरा तो सोनू को अपनी बाइक पर बिठाकर अपहरण कर ले गए। पर कुछ दूरी पर ले जाने के बाद जान से मारने की धमकी देकर छोड़ गए। पिता की गिरफ्तारी पर था मुखबिरी का शक मारपीट से सोनू के शरीर में कई जगह चोटे आई। बताया जा रहा है कि फरियादी सोनू पर हमला करने वाले तीनों युवकों को शक था कि पुलिस को मुखबिरी कर उनके पिता को गिरफ्तार कराया है। पुलिस उनके पिता का गिरफ्तारी वारंट था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। उनको पता चला था कि पिता की गिरफ्तारी में सोनू का हाथ था। पुलिस ने घायल दुकानदार की शिकायत पर बाइक सवार तीन हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सीएसपी ग्वालितयर कृष्णपाल सिंह का कहना है- बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक युवक की जमकर मारपीट कर दी। मारपीट के बाद बदमाश युवकों ने बाइक पर बिठाकर उसका अपहरण कर ले जाने का प्रयास किया। पर वह सफल नहीं हो सके हैं। बदमाशों ने मुखबिरी के शक में मारपीट की है। ऐसा फरियादी का कहना है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ग्वालियर में छात्र पर गोली चलाने वाला गिरफ्तार:कॉलेज परिसर में स्मोकिंग से रोकने पर मारपीट कर की थी फायरिंग; 3 अब भी फरार

ग्वालियर में चार दिन पहले कॉलेज परिसर में स्मॉकिंग करने से रोकने पर एक युवक ने छात्र से मारपीट कर फायरिंग कर दी थी। घटना बुधवार दोपहर एमएलबी कॉलेज परिसर की थी। घटना की शिकायत कंपू थाना में हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद फायरिंग करने वाले की तलाश शुरू कर दी थी। रविवार को आरोपी को कोटेश्वर मंदिर के पास से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। अभी इस मामले में सौरभ गुर्जर, राघवेन्द्र सिंह यादव व हर्ष गुर्जर फरार हैं। मुरैना के अंबाह निवासी 22 वर्षीय राजपाल सिंह तोमर छात्र है। वह एमएलबी कॉलेज से लॉ की पढ़ाई कर रहा है। बुधवार दोपहर वह अपने साथियों के साथ कॉलेज परिसर में टहल रहा था। वहीं अंकित बघेल स्मोकिंग कर रहा था। इस पर राजपाल ने उसे समझाया कि यहां छात्र पढ़ने आते हैं, इसलिए स्मोकिंग न करे। यदि सिगरेट पीना है तो कॉलेज परिसर से बाहर जाकर पीए। इस बात पर अंकित नाराज हो गया और कुछ देर बाद हिसाब बराबर करने की बात कहकर वहां से चला गया। राजपाल ने उसकी धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ देर बाद सौरभ गुर्जर, अंकित बघेल, राघवेन्द्र सिंह यादव और हर्ष गुर्जर ने उसे घेर लिया, मारपीट की और उस पर गोली चला दी। फायरिंग करने के बाद हमलावर वहां से भाग गए। घटना के बाद पीड़ित छात्र ने कंपू थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोटेश्वर कॉलोनी में घूमता मिला हमलावर रविवार को कंपू थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि फायरिंग करने वाला बदमाश अंकित बघेल कोटेश्वर कॉलोनी के पास देखा गया है। जिस पर कंपू पुलिस की एक टीम ने आरोपी अंकित की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर अंकित ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कट्टा और फरार साथियों की तलाश जारी कंपू थाना पुलिस का कहना है कि एक आरोपी को पकड़ा गया है। अब उससे पूछताछ की जा रही है कि उसके अन्य साथी कहां हैं?। साथ ही जिस कट्टे से फायरिंग की गई थी, वह किसके पास है।
वार्डन के साथ मारपीट कर चाबी छीनी, तीन लड़कियां भागी:मुरैना के बड़ोखर बालिका सुधार गृह में 2 नाबालिग 1 दिन पहले ही आईं थी

बड़ोखर स्थित बालिका सुधार गृह से मंगलवार रात में सो रही महिला वार्डन के साथ मारपीट कर उससे चाबी छीनकर तीन लड़कियां भाग गईं। इनमें एक बालिग है और दो नाबालिग हैं। इस घटना से बालिका सुधार गृह की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी सुधार गृह से पहले भी कई बार बालिकाएं भाग चुकी हैं। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर भागी लड़कियों की तलाश शुरू कर दी है। तीन लड़कियां भागीं स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के बड़ोखर में स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित “शक्ति सदन बड़ोखर” वार्ड क्रमांक 2 महाकाल वार्ड में मंगलवार रात सुधार गृह की महिला वार्डन रामस्नेही सोलंकी अपने कक्ष में सो रही थीं। तभी तीनों लड़कियों ने एक साथ सो रही वार्डन पर हमला कर दिया, उसके साथ मारपीट की और चाबी छीनकर ताला खोलकर भाग गईं। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने घटना के बाद मौके पर पहुंचकर जांच की और मामला दर्ज कर लड़कियों की तलाश शुरू कर दी है। पहले मारपीट की फिर छीन ली चाबी सुधार गृह की महिला वार्डन रामस्नेही सोलंकी के अनुसार रात में सुधार गृह के मुख्य गेट पर ताला लगाकर वह करीब 11 बजे अपने कमरे में सो रही थीं। अचानक सोते समय उन पर हमला हुआ और उनके साथ मारपीट होने लगी। उन्होंने देखा कि तीनों लड़कियां उन पर टूट पड़ीं और चाबी छीन ली। इसके बाद एक लड़की ने भागकर ताला खोला और तीनों वहां से भाग गईं। इसके बाद मैंने पुलिस को सूचना दी और अधिकारियों से संपर्क किया। ये तीन लड़कियां भागी पहली लड़की 23 फरवरी को लाई गई थी वह कैलारस के समई पंचायत के सिरोधा गांव की रहने वाली है और बालिग है। बाकी दो नाबालिग लड़कियां 9 मार्च को दो दिन पहले ही यहां लाई गई थीं। जिसमें से एक पोरसा की रहने वाली है और दूसरी सबलगढ़ की रहने वाली हैं। स्टेशन रोड थाना प्रभारी एसआई संजय वरैया के अनुसार महिला वार्डन के साथ मारपीट कर सुधार गृह से तीन लड़कियां भागी हैं, जिनमें एक बालिग और दो नाबालिग हैं। तीनों ने मिलकर वार्डन के साथ मारपीट की और चाबी लेकर भाग गईं। मामला दर्ज कर पुलिस टीम उनकी तलाश में लगी हुई है।
स्कूली छात्र से मारपीट का VIDEO:सिवनी में दलसागर तालाब के पास युवकों ने लात-घूसे मारे

सिवनी के कोतवाली थाना क्षेत्र में दलसागर तालाब के पास एक स्कूली छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो मंगलवार, 10 मार्च की रात को सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ, जिसमें कुछ युवक एक छात्र को पीटते और गालियां देते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह घटना मंगलवार दोपहर की है, जब कुछ लड़कों ने एक छात्र को घेरकर उसके साथ हाथापाई की। मौके पर मौजूद किसी शख्स ने इस पूरी वारदात का वीडियो बना लिया। मिशन स्कूल का छात्र बताया जा रहा पीड़ित शुरुआती जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र मिशन अंग्रेजी माध्यम स्कूल का विद्यार्थी लग रहा है। हालांकि, अब तक छात्र या उसके परिवार की तरफ से थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है, लेकिन पुलिस ने वीडियो के आधार पर खुद ही एक्शन लेना शुरू कर दिया है। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। छात्र की स्कूल ड्रेस से उसके स्कूल की पहचान की जा रही है। पुलिस फिलहाल मारपीट करने वाले युवकों और पीड़ित छात्र, दोनों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया है कि पहचान होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बंधुआ मजदूरी का खुलासा, बैतूल के 18 मजदूर मुक्त:16–18 घंटे काम कराया, मारपीट की; मजदूर बोले-ठेकेदार और एजेंट पर FIR हो

बैतूल जिले के 18 मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर से तीन महीने बाद मुक्त कराया गया है। एजेंट और ठेकेदारों द्वारा इन मजदूरों को मजदूरी का झांसा देकर सोलापुर ले जाया गया था, जहां उनसे जबरन गन्ना कटाई का काम कराया जा रहा था। ये मजदूर बैतूल के भीमपुर विकासखंड के ग्राम धुंधरी और हरदा जिले के दिदमंदा गांव के निवासी हैं। मजदूरों ने बताया कि उन्हें महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पानमंगुर गांव में बंधक बनाकर रखा गया था। मजदूरों के अनुसार, उनसे प्रतिदिन 16 से 18 घंटे काम कराया जाता था। विरोध करने या आराम करने पर उन्हें गालियां दी जाती थीं और मारपीट की जाती थी। शौच के लिए जाने पर भी निगरानी रखी जाती थी और देरी होने पर पिटाई की जाती थी। उन्हें मोबाइल फोन पर बात करने की भी अनुमति नहीं थी। एजेंट और ठेकेदार ने पैसे हड़प लिए मजदूरों का आरोप है कि उन्हें कोई मजदूरी नहीं दी गई। एजेंट और ठेकेदार ने उनके पैसे हड़प लिए। एक एजेंट ने 4 लाख रुपये लेकर भुगतान का वादा किया था, लेकिन एक भी रुपया नहीं दिया गया। किसी तरह मजदूरों ने जानसाहस संस्था के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर मदद मांगी। सूचना मिलने पर संस्था की टीम बैतूल से सोलापुर पहुंची और स्थानीय प्रशासन की सहायता से सभी मजदूरों को मुक्त कराया। बैतूल कलेक्टर ने सोलापुर कलेक्टर से समन्वय स्थापित कर मजदूरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। बैतूल लौटने के बाद मजदूरों ने कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा है। उन्होंने एजेंट और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मजदूरों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें उनका बकाया मेहनताना दिलाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से भविष्य में कोई भी ठेकेदार मजदूरों के साथ ऐसी धोखाधड़ी या शोषण नहीं कर पाएगा।
शिवपुरी में अतिक्रमण हटाने गई नगर पालिका टीम पर हमला:महलसराय बस्ती में पथराव, कर्मचारियों से मारपीट; वीडियो सामने आया

शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र की महलसराय आदिवासी बस्ती में मंगलवार दोपहर अतिक्रमण हटाने गई नगर पालिका की टीम पर हमला हुआ। कार्रवाई के दौरान बस्ती के कुछ युवकों और महिलाओं ने टीम पर पथराव किया और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। नगर पालिका के अतिक्रमण प्रभारी अशोक खरे ने बताया कि महलसराय क्षेत्र में हाल ही में एक शासकीय शौचालय का निर्माण किया गया था। उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग इस शौचालय को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हथौड़े से शौचालय की छत तोड़ी सूचना पर अतिक्रमण प्रभारी खरे अपने पांच कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि कुछ लोग हथौड़े से शौचालय की छत तोड़ रहे थे, जिससे छत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। जब नगर पालिका टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। नगर पालिका कर्मचारियों का आरोप है कि उनके विरोध करने पर बस्ती के कुछ युवक और महिलाएं आक्रोशित हो गए और टीम पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख कर्मचारी मौके से मुख्य सड़क की ओर भागे। मुख्य सड़क पर भी कुछ युवकों ने कर्मचारियों को घेर लिया और उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की। इस हमले में कुछ कर्मचारियों को अंदरूनी चोटें आई हैं। घटना के बाद नगर पालिका का अमला देहात थाने पहुंचा और पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।
गुजरात HC बोला-मायके गई पत्नी को थप्पड़ मारना क्रूरता नहीं:अत्याचार साबित करने को मारपीट के ठोस सबूत चाहिए; पति को आरोपों से बरी किया

गुजरात हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि पत्नी के बिना बताए मायके में रात रुकने पर पति द्वारा थप्पड़ मारने की एक घटना को क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने एक पुराने मामले में पति को आरोपों से बरी कर दिया। जस्टिस गीता गोपी ने आदेश में कहा कि क्रूरता साबित करने के लिए लगातार और असहनीय मारपीट के ठोस सबूत जरूरी हैं। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में यह भी दिखाना होगा कि आरोपी के कृत्य और आत्महत्या के बीच नजदीकी कारण संबंध था। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में ऐसा संबंध साबित नहीं हुआ। अब जानिए क्या है पूरा मामला यह फैसला दिलीपभाई मंगलाभाई वरली की अपील पर आया। उन्होंने सेशंस कोर्ट के 2003 के फैसले को चुनौती दी थी। सेशंस कोर्ट ने मई 1996 में पत्नी की आत्महत्या के मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए धारा 306 में सात साल और धारा 498ए में एक साल की सजा सुनाई थी। अपीलकर्ता की ओर से धवल व्यास ने दलील दी कि आरोप सामान्य थे और दहेज मांग या उकसाने का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि विवाद पति के रात में बैंजो बजाने के लिए बाहर जाने और देर से लौटने को लेकर होता था। राज्य की ओर से ज्योति भट्ट ने सजा बरकरार रखने की मांग की। हाई कोर्ट ने कहा कि अभियोजन लगातार क्रूरता, मेडिकल रिकॉर्ड या पूर्व शिकायतें पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट ने पर्याप्त सबूत के बिना सजा दी थी। —————- ये खबर भी पढ़ें… बिना वजह पति से दूरी बनाना मानसिक क्रूरता: 10 साल से मायके में पत्नी पत्नी ने बिना पर्याप्त कारण वैवाहिक जीवन से दूरी बनाई, यह पति के प्रति मानसिक क्रूरता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पारिवारिक विवाद में फैसला सुनाते हुए पति की तलाक मंजूर कर ली है। पत्नी पिछले 10 साल से मायके में रह रही है। पूरी खबर पढ़ें…









