बड़े प्रोजेक्ट्स:‘तुम्बाड 2’ में हुई आलिया की सरप्राइज एंट्री, आखिरी फेज में है स्पाई ड्रामा ‘अल्फा’

आलिया भट्ट इस समय अपने करियर के बेहद व्यस्त और दिलचस्प दौर से गुजर रही हैं। एक के बाद एक बड़े प्रोजेक्ट्स के बीच अब उनके नाम एक और सरप्राइज जुड़ गया है। खबर है कि वह कल्ट क्लासिक फिल्म ‘तुम्बाड’ के सीक्वल ‘तुम्बाड 2’ में खास भूमिका निभाने जा रही हैं। हालांकि यह रोल कैमियो बताया जा रहा है, लेकिन इसकी अहमियत कहानी में काफी बड़ी मानी जा रही है, क्योंकि उनका किरदार फिल्म के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर नजर आएगा। आलिया ने मुंबई के मड आइलैंड में दो दिनों की शूटिंग पूरी कर ली है। फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि मेकर्स को एक ऐसे चेहरे की जरूरत थी, जो कम स्क्रीन टाइम में भी कहानी में गहराई और रहस्य जोड़ सके। आलिया इस भूमिका के लिए एकदम फिट मानी गईं, क्योंकि उनकी स्क्रीन प्रेजेंस मजबूत है और वह छोटे रोल में भी बड़ा प्रभाव छोड़ने की क्षमता रखती हैं। यही वजह है कि उनका यह कैमियो ‘तुम्बाड 2’ के नैरेटिव में खास महत्व रखेगा। ‘लव एंड वॉर’ में आलिया भी सैनिक के रोल में हैं ‘लव एंड वॉर’ में आलिया के साथ रणबीर कपूर और विकी कौशल हैं। सूत्रों के अनुसार, आलिया इस फिल्म में एक जांबाज सैनिक के रूप में नजर आएंगी। उनके करियर में यह पहली बार होगा जब वह युद्ध की पृष्ठभूमि वाली फिल्म में इस तरह का सशक्त किरदार निभाएंगी। फिल्म की शूटिंग फिलहाल मुंबई में चल रही है, जहां भारतीय सेना के विभिन्न विभागों, मेस और कल्चरल एक्टिविटीज को बड़े पैमाने पर फिल्माया गया है। भंसाली इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद संजीदा हैं। उन्होंने एक्टर्स से लंबी डेट्स ली हैं। महू स्थिति आर्मी बेस कैंप में भी होगी ‘लव एंड…’ के कई हिस्सों की शूटिंग बताया जा रहा है कि ‘लव एंड वॉर’ की लंबाई भी लगभग सवा तीन घंटे होने की संभावना है। पहले इस फिल्म के लिए इटली में 45 दिनों का एक भव्य शूटिंग शेड्यूल तय किया गया था, लेकिन बाद में लॉजिस्टिक चुनौतियों के चलते इसे रद्द करना पड़ा। भंसाली ने इसका तोड़ निकालते हुए मुंबई के गोरेगांव स्थित रॉयल पाम्स के पास ही एक विशाल सेट तैयार करवाया है। फिल्म के ‘वॉर’ वाले बैकड्रॉप के लिए मध्य प्रदेश के महू स्थित ब्रिटिश काल के आर्मी बेस कैंप का भी चयन किया गया है। ‘अल्फा’ में है स्पाई अवतार, एक्शन में दिखेगा एक नया अंदाज इसके अलावा आलिया की ‘अल्फा’ भी चर्चा में है, जिसमें वह एक स्पाई के रोल में दिखेंगी। इसके लिए उन्होंने खास ट्रेनिंग ली है और कई एक्शन सीक्वेंस भी शूट किए हैं। फिल्म की शूटिंग अब अंतिम दौर में है और आलिया अपना मुख्य हिस्सा शूट कर चुकी हैं। ‘अल्फा’ के अनुभव ने आलिया को ‘लव एंड वॉर’ में काफी मदद की है।
कानपुर में बढ़ता कैंसर का खतरा, तंबाकू और खराब लाइफस्टाइल बना रहे मुंह और पेट को निशाना, बढ़ रही मरीजों की संख्या

Last Updated:May 03, 2026, 15:03 IST Kanpur News: कानपुर में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉ. चमन कुमार वनवानी के अनुसार, शहर में मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों का सबसे बड़ा कारण तंबाकू उत्पाद है. गुटखा, पान मसाला और स्मोकिंग की आदत लोगों को धीरे-धीरे इस गंभीर बीमारी की ओर धकेल रही है. कानपुर: कानपुर में मुंह (Oral) और पेट के कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है. डॉक्टरों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह कैंसर शुरुआती स्टेज में पकड़ में नहीं आता. मरीजों को जब तक गंभीर दिक्कतें शुरू नहीं होतीं, तब तक वे डॉक्टर के पास नहीं जाते. इसी वजह से अधिकतर मामलों में बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है. डॉ. चमन कुमार वनवानी के अनुसार, शहर में मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों का सबसे बड़ा कारण तंबाकू उत्पाद है. गुटखा, पान मसाला और स्मोकिंग की आदत लोगों को धीरे-धीरे इस गंभीर बीमारी की ओर धकेल रही है. वहीं पेट के कैंसर के पीछे जंक फूड, तला-भुना खाना, अनियमित खानपान और खराब लाइफस्टाइल बड़ी वजह बन रहे हैं. डॉक्टर बताते हैं कि लगातार रहने वाले मुंह के छाले, सफेद या लाल धब्बे, निगलने में दिक्कत या पेट में लंबे समय तक रहने वाली समस्या को नजर अंदाज करना खतरनाक हो सकता है. समय पर जांच और जागरूकता ही बचाव का रास्ताडॉ. सुरेंद्र कुमार दबस का कहना है कि इन कैंसर की सबसे चिंताजनक बात यह है कि लोग शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते. अगर समय-समय पर हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग कराई जाए तो बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ा जा सकता है और इलाज आसान हो जाता है. वहीं डॉ. हिमांशु शुक्ला बताते हैं कि आज के समय में रोबोटिक सर्जरी और नई तकनीकों की मदद से कैंसर का इलाज पहले से ज्यादा सुरक्षित और असरदार हो गया है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि मरीज समय पर डॉक्टर तक पहुंचे. कानपुर में तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और गलत खानपान की आदतें इस खतरे को और बढ़ा रही हैं. खासकर युवा वर्ग में गुटखा और फास्ट फूड का बढ़ता चलन आने वाले समय में और गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. मुंह और पेट के कैंसर का बड़ा केंद्र डॉक्टरों का साफ कहना है कि अगर अभी से सावधानी नहीं बरती गई, तो कानपुर मुंह और पेट के कैंसर का बड़ा केंद्र बन सकता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तंबाकू से दूरी बनाना, संतुलित आहार लेना, समय पर खाना और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजर अंदाज न करना ही इस बीमारी से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे: ‘ड्यूटी में लगे कर्मचारी शेयर कर रहे डिटेल’, बंगाल चुनाव की गणना से पहले शुभेंदु अधिकारी का बड़ा आरोप

पश्चिम बंगाल में 4 मई 2026 को होने वाली शब्दावली से पहले कैथोलिक और गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने काउंटी स्टॉक एक्सचेंज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुभेंदु अधिकारी ने सोशल प्लेटफॉर्म मीडिया एक्स पर शेयर कर दावा किया कि काउंटी ड्यूटी में लगे कई अधिकारी अभिलेख अपनी से जुड़ी जानकारी बाहर साझा कर रहे हैं। बीजेपी नेताओं के मुताबिक, ये अधिकारी अपने विभाग के संगठनों या संगठनों को अपनी ड्यूटी की जगह, पद और जिम्मेदारी जैसी जानकारी बता रहे हैं. शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि कुछ स्पाइडरज़िट और लिस्ट सर्क ग्लोब हो रही हैं, जिसमें अधिकारी खुद या दबाव में ग्यान अपने इलेक्शन ड्यूटी से जुड़ी जानकारी भर रहे हैं। इस जानकारी में बैंकिंग स्टॉकिंग्स में उनका रोल भी शामिल है। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि यह नामांकन का गंभीर उल्लंघन है और इससे कई तरह की हानियां पैदा हो सकती हैं। उनका मानना है कि अगर किसी अधिकारी के लेबल की जानकारी जैसे कि संबंधित व्यक्ति, संबंधित राजनीतिक व्यक्ति हो सकती है, तो उस पर दबाव बनाया जा सकता है या उसे प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। यह मेरे संज्ञान में आया है कि मतगणना दिवस की ड्यूटी के लिए नियुक्त कई अधिकारी कथित तौर पर अपने संबंधित विभागीय संगठनों और संघों को अपने विशिष्ट कर्तव्य विवरण, स्थान और पदनाम का खुलासा कर रहे हैं।मुझे जानकारी मिली है कि स्प्रेडशीट और… pic.twitter.com/EAiOz0DKJ3 – सुवेंदु अधिकारी (@SuvenduWB) 3 मई 2026 ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव: बंगाल में बिधाननगर काउंटींग सेंटर के बाहर तूफान! टीएमसी-बीजेपी में हुई महंगाई, पुलिस ने की लाठियां बंगाल के बेरोजगारों की जोड़ी पर असर बंगाल विधानसभा के नेताओं ने यह भी कहा कि गणना प्रक्रिया की कार्मिकता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि अभिलेखों की जानकारी गुप्त रखी जाए। यदि यह ऐतिहासिक टूटती है तो स्टाल की सामग्री पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा उन्होंने जोखिम भरा ढांचा तैयार किया है कि इस तरह की जानकारी इकट्ठा करने के लिए कुछ संगठन समूहों की ओर से दबाव बनाने की कोशिश भी की जा सकती है, ताकि गिनती के दौरान किसी खास पार्टी को फायदा मिल सके। चुनाव आयोग से हस्तक्षेप करने की मांग इन आरोपों के साथ शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य अधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी अकाउंटिंग ड्यूटी से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी संगठन या एसोसिएशन के साथ साझा न करें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि ऐसे भक्तों की जांच की जाए जो इस तरह की शैक्षणिक जानकारी एकत्र कर रहे हैं। ये भी पढ़ें: कहानी की मार! दूध की दुकान में 4 रुपये की बढ़ोतरी, इस राज्य ने लिया बड़ा फैसला
लौकी की रोटी रेसिपी: भीषण गर्मी में पेट को मिलेगी बर्फ जैसी ठंडक, तीखा करें ये नरम-नरम लौकी की रोटी; नोट करें विधि

3 मई 2026 को 14:37 IST पर अपडेट किया गया लौकी की रोटी रेसिपी: गर्मी के मौसम में पेट को ठंड़ा रखना बेहद खतरनाक होता है। इसके लिए सूची में लॉकी एक उत्कृष्ट पद है। आम तौर पर लोग इसकी सब्जी या फिर कोफ्ता बेचते हैं। लेकिन इससे आप कुछ नया भी कर सकते हैं और वह है लोकी की रोटी। लौकी में पानी की मात्रा काफी होती है, जो शरीर को स्टॉक में रखने में मदद करती है। यह रोटी सिर्फ खाने में ही टेस्टी नहीं लगती बल्कि सेहत के लिए भी बहुत स्वादिष्ट रहती है। अनुसरण करना : लोकी की रोटी बनाने के लिए जिन सामग्री की आवश्यकता होती है, उनसे कद्दू की बनी लोकी है। साथ में एक कटोरी जेनहु का आटा। नमक का स्वाद, थोड़ी सी लाल मिर्च पाउडर की आवश्यकता होती है। छवि: एआई पहले लोकी को अच्छे से छीलकर और कद्दूकस कर लें। अब एक बाउल में आटे के गुटके में लौकी, नमक और काली मिर्च के पाउडर को गुटके से मिला लें। इसके बाद आटे को गूंथ लें, जरूरत पड़े तो थोड़ा पानी भी मिला लें। छवि: एआई अब तवा गर्म करने के लिए गैस पर चढ़े डेक फिर गुंथे हुए दांतों की लोई रोटी बेल लें। अब इसे टेवे पर नॉमिनी दोनों तरफ से अच्छे से सेंक लें जब तक यह हल्की सुनहरी न हो जाए। छवि: एआई बस इस आसान तरीके से तैयार करें आपकी लोकी की रोटी। रोटी पर चित्र सा घी लगा कर इसे गर्मागर्म सब्जी या फिर चिप्स के साथ खा सकते हैं. छवि: एआई लोकी की रोटी में ही टेस्टी नहीं होती है। इसमें मौजूद अनलैस्ट डॉक्स को शामिल किया जाता है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इसके साथ ही वेट कंट्रोल भी होता है और शरीर को जरूरी पोषण मिलता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 3 मई 2026 14:37 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)लौकी रोटी रेसिपी(टी)बॉटल लौकी रोटी के फायदे(टी)स्वस्थ ग्रीष्मकालीन आहार भारत(टी)आसान भारतीय रोटी रेसिपी(टी)वजन घटाने के लिए लौकी रेसिपी(टी)उच्च फाइबर भारतीय भोजन(टी)गर्मियों के लिए ठंडे खाद्य पदार्थ(टी)भारतीय स्वस्थ रेसिपी(टी)त्वरित रोटी रेसिपी(टी)पाचन के अनुकूल भोजन
एक्टिंग करियर छोड़, कृष्ण भक्त बनीं एक्ट्रेस एना जयसिंघानी:क्राइम पेट्रोल में काम किया था, प्रेमानंद महाराज के सपने के बाद आ गईं वृंदावन

टीवी एक्ट्रेस रहीं एना जयसिंघानी ने मुबई एक्टिंग का करियर छोड़कर आध्यात्म का मार्ग चुन लिया है और वह अब वृंदावन में रहकर भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन हैं। ग्वालियर की रहने वाली एना ने हाल ही में एक यूट्यूब चैनल पर बताया कि वह अब वृंदावन में रह रही हैं और अपनी जिंदगी कृष्ण भक्ति को समर्पित कर चुकी हैं। एना जयसिंघानी ने अब अपना नाम बदलकर एना परी हरिवंशी रख लिया है। एना ने बताया कि उन्होंने एक्टिंग और डांस के सपने के साथ मुंबई का रुख किया था। उन्होंने 2011 में फ्रीलांस कोरियोग्राफर के तौर पर काम शुरू किया और इस दौरान कोरियोग्राफर थॉमस पॉलसन के साथ भी काम करने का मौका मिला। पूर्व एक्ट्रेस के अनुसार, कोरियोग्राफी के बाद उन्होंने एक्टिंग में करियर बनाने के लिए एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस बालाजी टेलीफिल्म्स में एक्टिंग कोर्स किया। इसके बाद उन्होंने ‘क्राइम पेट्रोल’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे शो में काम किया। फिर उन्हें टीवी शो ‘देखा एक ख्वाब’ से खास पहचान मिली थी। ISKCON से जुड़ने के बाद बदली लाइफस्टाइल एना ने बताया कि मुंबई में कुछ दोस्तों के जरिए वह ISKCON से जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपनी लाइफस्टाल बदल ली और मांसाहार, शराब, लहसुन-प्याज छोड़ दिया। वो मुंबई में ISKCON जाने लगी. वो धीरे-धीरे यूटूब पर सत्संग सुनने लगी। एना ने कहा कि फिर एक दिन प्रेमानंद महाराज उनके सपने में आए और उनसे मंत्र जाप करने को कहा। इस अनुभव के बाद, वे वृंदावन आईं, दीक्षा ली और अपना जीवन कृष्ण की भक्ति में लगाने का फैसला किया।
दिल्ली की IAS एकेडमी डायरेक्टर का अपहरण:भोपाल में 4 घंटे बंधक बनाया, पिस्टल सटाकर 2 करोड़ वसूले; विदेश भागने वाला था मास्टरमाइंड

भोपाल में 9 बदमाशों ने बुधवार दोपहर दिल्ली की IAS एकेडमी की डायरेक्टर को किडनैप कर लिया। 4 घंटे बंधक बनाकर रखा। कनपटी पर पिस्टल सटाकर करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। वारदात के बाद मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा विदेश भागने की तैयारी में था, लेकिन रविवार को भोपाल एम्स से पकड़ा गया। मास्टरमाइंड के साथ 5 सहयोगी भी पकड़े गए हैं, जबकि 3 आरोपी फरार हैं। भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि उसी संस्थान की फ्रेंचाइजी चलाने वाला युवक है। आरोपी भेल के एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा है। वह पहले दिल्ली में रहकर आईएएस कोचिंग के जरिए UPSC की तैयारी कर चुका है। नामी होटल में ठहरी थीं शुभ्रा रंजन डायरेक्टर शुभ्रा रंजन के मुताबिक आरोपी ने भोपाल में कोचिंग की दूसरी ब्रांच खोलने और उस जगह का निरीक्षण कराने के बहाने उन्हें बुलाया। वह दिल्ली से भोपाल आई थीं। वह शहर के एक नामी होटल ताज में ठहरी थीं। बुधवार को आरोपी प्रियंक शर्मा उन्हें होटल से 2-3 बजे के करीब अपने साथ ले गया। इसके बाद बागसेवनिया इलाके के एक फ्लैट में ले जाकर बंधक बना लिया। जान से मारने की धमकी दी। कनपटी पर पिस्टल रखी। जान बख्शने के एवज में अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए। फिरौती वसूलने दतिया से बुलाए बदमाश पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने बताया कि प्रियंक पहले से IAS अकादमी की एक फ्रेंचाइजी चला रहा था। उसे अंदाजा था कि डायरेक्टर के पास पर्याप्त पैसा है, इसलिए उसने साजिश रची। उसने दतिया और कालापीपल में रहने वाले अपने साथियों को बुलाया। शोर दबाने के लिए कराया सुंदरकांड पुलिस कमिश्नर ने बताया- जिस फ्लैट में महिला डायरेक्टर को बंधक बनाया गया था, वहां वारदात वाले दिन सोमवार को सुंदरकांड का पाठ कराया गया। मकसद था कि पीड़िता शोर मचाए तो आवाज बाहर तक न पहुंचे। फ्लैट के एक कमरे में उन्हें 4 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया। पैसे मिलने के बाद बुधवार रात को उनकी रिहाई हुई। पुलिस ने सभी खातों में रकम होल्ड करा दी है, ताकि रकम सुरक्षित रहे। एम्स के आईसीयू से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी प्रियंक वारदात के बाद विदेश भागने की तैयारी में था। इसके लिए वह कई एजेंट्स के संपर्क में था। शिकायत के बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। उसके रिश्तेदारों की निगरानी शुरू की। गिरफ्तारी के डर से वह एम्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हो गया। क्राइम ब्रांच को भनक लगते ही टीम ने अस्पताल पहुंचकर आईसीयू से ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसकी मां और पत्नी ने गिरफ्तारी का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई जारी रखते हुए उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने अन्य 5 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। जानिए आरोपियों की प्रोफाइल और भूमिका प्रियंक शर्मा: मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा भोपाल के अयोध्या बाइपास का रहने वाला है। पिता विष्णु शर्मा भेल के रिटायर्ड अधिकारी हैं। आरोपी प्रियंक बीए ग्रेजुएट है। कोचिंग सेंटर चलाता है। पहले यूपीएससी की तैयारी कर चुका है। इसी ने पूरी वारदात की साजिश रची। उसे अंजाम तक पहुंचाया। दीपक भगत: ड्राइवर और करीबी सहयोगी दीपक भगत बागसेवनिया, भोपाल का निवासी है। वह आठवीं तक पढ़ा है और प्रियंक की कार चलाने के साथ उसके निजी काम देखता है। पुलिस की गिरफ्त में आते ही उसने मरने की एक्टिंग की, लेकिन ज्यादा देर नहीं चली और वह पकड़ा गया। रोहित: सफाई कर्मचारी से बना आरोपी रोहित, पिता जगन्नाथ, कालापीपल का रहने वाला है। वह आठवीं तक पढ़ा है और प्रियंक के संस्थान में साफ-सफाई का काम करता था। वारदात के दौरान वह अन्य आरोपियों के साथ मास्क और हथियार लेकर फ्लैट में मौजूद था। विकास: साथ-साथ रहा, मुख्य का सहयोगी विकास उर्फ विक्की दाहिया आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। मार्केटिंग का काम करता है। पूरे घटनाक्रम के दौरान वह प्रियंक के साथ सक्रिय रूप से शामिल रहा और वारदात में अहम भूमिका निभाई। कुनाल यादव: मजदूर, लालच में बना आरोपी कुनाल यादव दतिया का निवासी है, आठवीं तक पढ़ा है और मजदूरी करता है। उसे विक्की ने वारदात में शामिल होने के लिए बुलाया था। काम पूरा होने के बाद उसे पांच लाख रुपए देने का लालच दिया गया था। पंकज अहिरवार: पांचवीं तक पढ़ा, साजिश में शामिल पंकज अहिरवार दतिया का रहने वाला है। पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है। इसे भी विक्की ने वारदात में शामिल होने के लिए बुलाया था। फरार आरोपी: रामजी, निहाल और रामेश्वर की तलाश जारी रामजी उर्फ निहाल प्रजापति और रामू उर्फ रामेश्वर उर्फ शिव फिलहाल फरार हैं। इन्हें भी विक्की ने वारदात में शामिल होने के एवज में पांच-पांच लाख रुपए का लालच देकर बुलाया था। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है। ……………………………… यह खबर भी पढ़ें भोपाल में लिवइन पार्टनर ने किया प्रेमिका की मासूम बेटी को अगवा भोपाल के बजरिया इलाके में एक महिला के लिव इन पार्टनर ने उसकी छह साल की बेटी का अपहरण कर लिया। पुलिस ने पूरे मामले में पड़ताल की तो पता चला कि वह बच्ची को अगवा कर अपने साथ यूपी के सीतापुर लेकर जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
चेन्नई में यात्री ने चलती फ्लाइट का इमरजेंसी गेट खोला:विमान रनवे से टर्मिनल की तरफ जा रहा था, पायलट ने तुरंत रोका; आरोपी गिरफ्तार

चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार सुबह लैंडिंग के दौरान एयर अरेबिया की चलती फ्लाइट में एक यात्री ने इमरजेंसी गेट खोल दिया। यह फ्लाइट शारजाह से चेन्नई पहुंची थी और इसमें 231 यात्री सवार थे। घटना सुबह करीब 3:23 बजे हुई। एयरबस A320 मॉडल की फ्लाइट G9 471 रनवे से टर्मिनल की ओर बढ़ रही थी। घटना के बाद पायलट ने तुरंत विमान को रोक दिया और एयरपोर्ट अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद CISF, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी यात्री को हिरासत में ले लिया है। आरोपी की पहचान 29 साल के मोहम्मद शरीफ मोहम्मद नजमुद्दीन के रूप में हुई है। वह तमिलनाडु के पुडुकोट्टई का रहने वाला है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और उसकी मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। घटना के कारण थोड़ी देर के लिए एयरपोर्ट पर ऑपरेशन भी प्रभावित हुआ। एयरपोर्ट अधिकारियों ने 3:25 बजे मुख्य रनवे (07/25) को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया। इसके कारण कई फ्लाइट्स में देरी हुई और एक उड़ान को डायवर्ट करना पड़ा। एक अधिकारी के मुताबिक, रनवे ऑपरेशन करीब 4:35 बजे फिर से शुरू कर दिए गए।
विवेक विहार में एसी ब्लास्ट से 9 पैसेंजर, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां? रोकथाम के लिए ये हैं 5 सेफ्टी टिप्स

3 मई 2026 को 13:29 IST पर अपडेट किया गया दिल्ली विवेक विहार एसी ब्लास्ट: दिल्ली के विवेक विहार में बहुत बड़ा हादसा हुआ है। यहां एसी ब्लास्ट से 9 लोगों की मौत हो गई। छोटी सी प्रतियोगिता से बड़ी दुर्घटना हो गई है। ऐसे ही कुछ एस्टीमी टिप्स हैं, जिन्हें अपनाकर आप ध्यान रख सकते हैं। अनुसरण करना : एसी के हर सीजन में 6 महीने में कर्मचारी सेवा जरूरी है। समय पर सफाई और चिकअप से कूड़ा, गंदगी या फिर किसी भी प्रकार का ब्लॉकेज हटते हैं। इस मशीन पर दबाव नहीं होता और ब्लास्ट का खतरा कम होता है। छवि: फ्रीपिक घर में वोल्टेज फ्लक्चुएशन AC के लिए खतरनाक हो सकता है। इसी समय पर सही वायरिंग और स्टेबलाइज़र का उपयोग करना आवश्यक है। इससे शॉर्ट सर्किट बचाया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक अगर एसी से सिगरेट खराब हो रही है या कूलिंग कम हो रही है, तो यह गैस लीक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत एसी बंद करें, टेक्नीशियन से चेक करें क्योंकि गैस और स्पार्क मिक्स ब्लास्ट का कारण बन सकते हैं। छवि: फ्रीपिक एसी लगातार लंबे समय तक चलने से लेकर स्पीड से ओवरहीट तक हो सकता है। इसलिए इसे बीच- बीच में ब्रेक देना और सही टेंपरेचर में चलना जरूरी है। ताकि मशीन पर ज्यादा दबाव न पड़े। छवि: फ्रीपिक 10 साल से ज्यादा पुराने एसी में खराबी और ओवरहीटिंग की संभावना सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में समय रहते ही नया एसी लेने पर ही सेफ पद पर नियुक्ति हो जाती है। छवि: फ्रीपिक एसी को हमेशा ऐसी जगह पर लगाना चाहिए जहां हवा का सही उद्देश्य हो, बंद या बहुत गर्म जगह पर इस्तेमाल से मशीन जल्दी गर्म होती है। इससे खतरा बढ़ जाता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 3 मई 2026 13:24 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट) दिल्ली आग विवेक विहार(टी)एसी विस्फोट कारण(टी)एयर कंडीशनर विस्फोट कारण(टी)एसी सुरक्षा युक्तियाँ घर(टी)रेफ्रिजरेंट गैस विस्फोट(टी)कंप्रेसर विफलता एसी(टी)आग दुर्घटना दिल्ली 2026(टी)घरेलू उपकरण सुरक्षा भारत(टी)एसी रखरखाव युक्तियाँ(टी)बिजली की आग एसी का कारण बनती है
विजय के पास तमिलनाडु की अगली सरकार की ‘मास्टर’ कुंजी हो सकती है: वह किस गुट में शामिल होंगे? 5 परिदृश्यों की व्याख्या | भारत समाचार

आखरी अपडेट:03 मई, 2026, 13:23 IST विजय ने पहले द्रमुक को टीवीके का प्राथमिक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और भाजपा को उसका वैचारिक प्रतिद्वंद्वी बताया था। यदि विजय पूर्ण बहुमत हासिल करने में कामयाब होते हैं, तो यह एक ऐतिहासिक परिणाम होगा, जिससे चुनाव बाद गठबंधन या गठबंधन अंकगणित पर कोई निर्भरता खत्म हो जाएगी। (पीटीआई फ़ाइल) तमिलनाडु चुनाव 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गिनती शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले, उम्मीदवार यह देखने के इंतजार में हैं कि मतदाताओं ने उन्हें जनादेश दिया है या नहीं। जबकि एनडीए और इंडिया ब्लॉक परिचित प्रतिद्वंद्वी हैं, इस बार सुर्खियों में अभिनेता से नेता बने विजय और उनका तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) कैसा प्रदर्शन करता है, इस पर है। विशेष रूप से, दशकों में यह पहली बार है कि तमिलनाडु में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिससे दौड़ में अप्रत्याशितता की एक नई परत जुड़ गई है। विजय ने पहले द्रमुक को टीवीके का प्राथमिक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और भाजपा को उसका वैचारिक प्रतिद्वंद्वी बताया था। हालाँकि, यदि चुनाव अनुमान मतगणना के दिन तक सही रहे, तो उनकी पार्टी खुद को एक निर्णायक स्थिति में पा सकती है – अगली सरकार में या तो एक निर्णायक ताकत या एक महत्वपूर्ण किंगमेकर के रूप में उभर सकती है। यहां कुछ परिदृश्य दिए गए हैं जो चुनाव परिणामों के बाद सामने आ सकते हैं यदि विजय असंभव कार्य करने में सफल हो जाते हैं: परिद्रश्य 1 एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल अनुमान के मुताबिक, 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में 98-120 सीटें जीतकर टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। यदि यह वास्तविकता बन जाती है, तो विजय सरकार बनाने के लिए कांग्रेस, जिसने 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था और कुछ अन्य छोटे दलों से संपर्क कर सकते हैं। और पढ़ें | 5 टाइम्स एक्सिस माई इंडिया ने बोल्ड एग्ज़िट पोल भविष्यवाणियों से सभी को चौंका दिया और सही साबित हुए चुनाव से पहले कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने विजय से मुलाकात की थी. हालाँकि, सहमति नहीं बन पाई. टीवीके प्रमुख ने अपनी रैलियों के दौरान कांग्रेस पर ज्यादा हमला नहीं किया था. विजय के पिता एसए चंद्रशेखर ने पहले कांग्रेस से हाथ मिलाने की अपील की थी. परिदृश्य 2 अगर टीवीके खुद को सरकार बनाने की स्थिति में पाती है, तो विजय समर्थन के लिए एआईएडीएमके की ओर देख सकते हैं, जो तमिलनाडु में एनडीए का नेतृत्व कर रही है। हालाँकि, रास्ता सीधा नहीं है। विजय और टीवीके के वरिष्ठ नेताओं ने बार-बार कहा है कि वे “सांप्रदायिक ताकतों” के साथ गठबंधन नहीं करेंगे, इस रुख को व्यापक रूप से भाजपा से जुड़ी किसी भी साझेदारी को खारिज करने के रूप में देखा जाता है। साथ ही, विजय ने एआईएडीएमके की द्रविड़ विरासत के प्रति खुलेपन का संकेत दिया है। अभियान के दौरान, उन्होंने वैचारिक समानता को रेखांकित करते हुए तिरुचिरापल्ली में एमजीआर को श्रद्धांजलि दी। हालांकि इससे अन्नाद्रमुक के साथ संभावित समझ का रास्ता खुला है, लेकिन विजय ने प्रभावी ढंग से भाजपा से दूरी बनाए रखते हुए कहा है कि वह “विचारधारा पर समझौता” नहीं करेंगे। विजय अन्नाद्रमुक या भाजपा जैसी पार्टियों को औपचारिक रूप से सरकार में लाए बिना उनसे बाहर से समर्थन लेने का विकल्प भी तलाश सकते हैं। ऐसी व्यवस्था टीवीके को शासन करने के लिए आवश्यक संख्या सुरक्षित करते हुए नियंत्रण बनाए रखने की अनुमति देगी। ऐसा ही एक मॉडल 2013 में दिल्ली में देखा गया था, जब आम आदमी पार्टी (आप) ने सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद, अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के बाहरी समर्थन से सरकार बनाई थी। हालाँकि, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में वह प्रयोग अल्पकालिक साबित हुआ, जिसने ऐसी व्यवस्थाओं की अंतर्निहित अस्थिरता को उजागर किया। परिदृश्य 3 यदि द्रमुक बहुमत से पीछे रह जाती है और टीवीके एक महत्वपूर्ण संख्या के साथ उभरती है, तो चुनाव के बाद के समीकरण एक दिलचस्प मोड़ ले सकते हैं। एक संभावना यह हो सकती है कि टीवीके किसी विपक्षी गुट को समर्थन दे, हालांकि विजय ने अब तक कांग्रेस के साथ किसी भी गठबंधन से इनकार किया है। ऐसे परिदृश्य में, वह द्रमुक सरकार का समर्थन करने या उसमें भूमिका के लिए बातचीत करने पर विचार कर सकते हैं, संभवतः उपमुख्यमंत्री के रूप में भी। भारतीय राजनीति में पहले भी इसी तरह की व्यवस्था देखी गई है – विशेष रूप से कर्नाटक में, जहां जनता दल (सेक्युलर) के एचडी कुमारस्वामी कम सीटें जीतने के बावजूद मुख्यमंत्री बने, क्योंकि कांग्रेस ने भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए उनका समर्थन किया था। हालाँकि, तमिलनाडु एक अलग गतिशीलता प्रस्तुत करता है। कर्नाटक के विपरीत, जहां कांग्रेस ने केंद्रीय भूमिका निभाई, द्रमुक यहां प्रमुख शक्ति है। ऐसी किसी भी व्यवस्था से द्रमुक को मजबूती से नियंत्रण में देखने की संभावना होगी, जिससे यह विजय और टीवीके के लिए अधिक जटिल और कम पूर्वानुमानित समीकरण बन जाएगा। परिदृश्य 4 यदि अन्नाद्रमुक बहुमत से कम हो जाती है, तो विजय अपने घोषित वैचारिक रुख को देखते हुए, एनडीए के साथ जुड़ने के लिए अनिच्छुक हो सकते हैं। वह अन्य दबावों से भी निपट रहे हैं, जिसमें उनकी फिल्म जन नागायन की लंबित रिलीज और करूर भगदड़ से संबंधित सीबीआई जांच शामिल है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी। जैसा कि कहा गया है, राजनीति अक्सर असंभावित गठबंधन पैदा करती है। चुनाव के बाद के कठिन परिदृश्य में, विजय अभी भी एमके स्टालिन को सत्ता से बाहर रखने के लिए अन्नाद्रमुक को समर्थन देने पर विचार कर सकते हैं, भले ही इसके लिए उन्हें पहले की स्थिति पर फिर से काम करना पड़े। परिदृश्य 3 यदि विजय पूर्ण बहुमत हासिल करने में कामयाब होते हैं, तो यह एक ऐतिहासिक परिणाम होगा, जिससे चुनाव बाद गठबंधन या गठबंधन अंकगणित पर कोई निर्भरता खत्म हो जाएगी। टीवीके कार्यकारी समिति के मुख्य समन्वयक केए सेनगोट्टैयन ने विश्वास जताते हुए दावा किया है कि पार्टी कम से कम 180 सीटें जीतने की ओर अग्रसर है। अन्नाद्रमुक के साथ किसी भी तरह के गठबंधन की जरूरत को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “त्रिशंकु विधानसभा का कोई सवाल ही नहीं है। हम 180 से 200 सीटों का लक्ष्य बना रहे हैं।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक
विनेश फोगाट बोलीं- बृजभूषण के शोषण की मैं भी विक्टिम:गोंडा में कुश्ती लड़ना मुश्किल होगा, यहां मेरे साथ गलत हुआ तो भारत सरकार जिम्मेदार होगी

ओलिंपियन विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए विनेश ने कहा कि गोंडा में ‘सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट’ हो रहा है। आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में, मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है। मेरा उसके घर (गोंडा) में जाकर, कॉम्पिटिशन लड़ना मुश्किल होगा। मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100 फीसद दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा। विनेश ने आगे कहा- मैं और मेरी टीम कॉम्पिटिशन लड़ेगी, अगर किसी के साथ कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी।







