नींबू के विकल्प: ₹300 किलो महंगा तो चिंता छोड़ दें अपनाएं ये 7 देसी चीजें, जो गर्माहट में साबित होंगी बेस्ट कूलिंग हैक्स

1 मई 2026 को 10:11 IST पर अपडेट किया गया नींबू के विकल्प: गर्मी के कारण बाजार में गर्मी के कारण नुकसान बढ़ गया है। इसमें सेलेनियम के रेट भी शामिल हैं, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए और खटास के लिए इसका कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। बढ़ते दाम की वजह से एक आम इंसान के लिए बेहद कीमती है। लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ देसी व्यंजन अभी भी मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप अपने भोजन का जायका खरीद सकते हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसे ही सात विकल्पों के बारे में…. अनुसरण करना : अमचूर पाउडर दाल- पास्ता में खटास के लिए सबसे अच्छा है। आम से बनाया जाता है। पिछली बार सब्जी पकाने के बाद इसे ऊपर से देखने पर खाने वाले का स्वाद बिल्कुल वैसा ही हो गया जैसा कि कहा जाता है। छवि: फ्रीपिक इमली इमली का प्रयोग पुरानी सब्जियों से किया जाता है। इसे पानी में सरलकर पल्प तैयार करके भर, रसेदार सब्जी और लैपटॉप में टेम्पलेट की जगह इस्तेमाल किया जाता है। ये शरीर में ठंडक बाबा का भी काम करता है। छवि: फ्रीपिक केरी गर्मियों में कच्ची आम की बहार बनी रहती है। आप इसे मानकीकृत हुई दाल में डाल सकते हैं। इसके अलावा कीक में नींबू के रस की जगह कद्दू की हुई केरीडो से विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है। छवि: फ्रीपिक देही रायता, केक या कुछ खास ग्रेवी वाले डिशेज में नींबू की जगह पर दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। दही सिर्फ खाने में ही काटा नहीं होता है, बल्कि समरसमान में डस्मों को भी लेबल किया जाता है। छवि: फ्रीपिक कूकुम का शरबत और तड़का कोकम का उपयोग तटीय क्षेत्र में विशेष रूप से किया जाता है। इसकी तासीर बहुत बेकार है। नींबू पानी की जगह कोकम का शरबत प्लांट हेल्थ के लिए बहुत बढ़िया है। छवि: फ्रीपिक अनारदाना पाउडर छोले जैसे नीबेलैण्ड की जगह अनारदाने का प्रयोग करते हैं। यह खाने में अलग-अलग फ्लेवर का स्वाद बढ़ाकर स्वाद बढ़ाता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से यह है ख़ून साफ़ करने और पेट की समस्याओं में मदद। छवि: फ्रीपिक टमाटर अगर आप कीज़ में बिजली कट्टा पाना चाहते हैं, तो देशी टमाटर का उपयोग बढ़ा सकते हैं। इसमें विटामिन सी होती है, जो नींबू की कमी को पूरा करती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 1 मई 2026 को 10:11 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)नींबू के विकल्प(टी)ग्रीष्मकालीन रसोई युक्तियाँ(टी)प्राकृतिक खट्टापन(टी)अमचूर पाउडर(टी)इमली के फायदे(टी)कच्चे आम के व्यंजन(टी)बजट अनुकूल खाना बनाना(टी)विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ
अप्रैल के आखिरी दिनों में 40 डिग्री पर ठहरा पारा:अभी भीषण गर्मी से राहत; मई में एक दशक में नौ बार रहा 42 डिग्री से ज्यादा तापमान

इंदौर में अप्रैल में इस बार भीषण गर्मी ने अपने तेज तेवर दिखाए और अधिकतम तापमान 26 अप्रैल को 43 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद तापमान में लगातार गिरावट रही। आखिरी के दो दिनों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के तापमान में उतार-चढ़ाव रहा। गुरुवार रात तापमान 2 डिग्री लुढ़ककर 23.9 (0) डिग्री सेल्सियस रहा। अभी चार दिनों से गर्मी के तेवर कुछ नरम पड़े हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं का रुख नरम होने से इंदौर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत रहेगी। अब आज से मई शुरू हो गया है। इंदौर के लिए यह माह काफी तपिश वाला रहा है। इंदौर में पिछले एक दशक में मई में 9 बार दिन का पारा 42 डिग्री के पार रहा। इसमें भी दो बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। तब इस तपिश ने लोगों को हलाकान कर दिया था। दरअसल मई में सतही हवाएं सामान्यत: पश्चिम से ही आती हैं। कभी-कभी दोपहर में तेज हवा चलने लगती है। गर्जन के साथ हल्की बारिश से तापमान में कमी आती है जिसकी वजह से तात्कालिक राहत मिलती है। इंदौर में 10 सालों में सिर्फ 2021 में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। दो बार 2016 और 2024 में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा जिसने झुलसा दिया था। इंदौर में मई से जुड़े फैक्ट्स इंदौर में पिछले एक हफ्ते का तापमान
छतरपुर में आंधी के कारण छत से गिरी बच्ची:गेहूं समेटते समय चुनरी में हवा भरने से संतुलन बिगड़ा

छतरपुर: जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत तालगांव में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां तेज आंधी-तूफान के दौरान एक 10 वर्षीय बच्ची छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची की पहचान रूबी (पिता ब्रजभारत पटेल) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार शाम करीब 6 से 7 बजे की है। मौसम में अचानक बदलाव होने के बाद तेज हवा और आंधी शुरू हो गई थी। इसी दौरान रूबी अपने घर की छत पर गेहूं समेटने गई थी। बताया जा रहा है कि बच्ची ने चुनरी ओढ़ रखी थी, तभी तेज हवा के चलते चुनरी में हवा भर गई और दबाव बनने से वह असंतुलित हो गई। छत पर मुंडेर नहीं होने के कारण बच्ची सीधे करीब 10 से 12 फीट नीचे गिर गई। गिरते ही बेहोश हुई, मुंह और शरीर में गंभीर चोटें हादसे के बाद बच्ची मौके पर ही बेहोश हो गई। गिरने से उसके मुंह में गंभीर चोट आई है और दांत भी टूट गए हैं। इसके अलावा शरीर के कई हिस्सों में चोटें बताई जा रही हैं। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और परिजन तुरंत उसे उठाकर स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया और बाद में ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कर लिया गया। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। छत पर सुरक्षा इंतजाम नहीं इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिना मुंडेर की छतों की समस्या को उजागर कर दिया है। तेज हवा या बारिश के दौरान ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि छतों पर सुरक्षा के इंतजाम होना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
राष्ट्रपति मुर्मू आज शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण संस्थान जाएंगी:फिर दिल्ली लौटेंगी, मौसम पर निर्भर करेगी उड़ान; 5 दिन से रिट्रीट में रुकी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज (1 मई) पांच दिन के प्रवास के बाद शिमला से दिल्ली लौटेंगी। वह पिछले पांच दिनों से शिमला के समीप छराबड़ा स्थित राष्ट्रपति निवास ‘रिट्रीट’ में ठहरी हुई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली रवाना होने से पहले राष्ट्रपति शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण संस्थान (आरट्रैक) का दौरा करेंगी। इसके बाद वह हेलिकॉप्टर के माध्यम से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी। हालांकि, राष्ट्रपति की वापसी पूरी तरह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी। हिमाचल प्रदेश में पिछले चार दिनों से लगातार मौसम खराब बना हुआ है, जिसके चलते विजिबिलिटी और उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। यही कारण रहा कि राष्ट्रपति के 29 अप्रैल को अटल टनल रोहतांग, सिस्सू और 30 अप्रैल को एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पालमपुर के प्रस्तावित दौरे भी रद्द करने पड़े थे। आज भी शिमला में आसमान में हल्के बादल छाए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज भी राज्य के कई भागों में बारिश के आसार हैं। ऐसे में आज का दिल्ली प्रस्थान भी मौसम पर निर्भर रहेगा। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं। सेना प्रशिक्षण कमान के लिए राष्ट्रपति की मूवमेंट के दौरान शिमला को अलग-अलग भागों से जोड़ने वाली सड़कों पर ट्रैफिक रोक दिया जाएगा। राष्ट्रपति की मूवमेंट के दौरान रोका जाएगा ट्रैफिक अप्पर शिमला से राजधानी आने वाली गाड़ियां छराबड़ा में रोकी जाएगी, जबकि सुन्नी व करसोग साइड से आने वाले वाहन मशोबरा बाइफरकेशन पर रोके जाएंगे। इसी तरह मशोबरा बाइफरकेशन से ढली चौक-समिट्री टनल-संजौली चौक-नवबहार चौक तक शहर में ट्रैफिक रोक दिया जाएगा। हर साल गर्मियों में रिट्रीट आते रहे राष्ट्रपति बता दें कि, शिमला से लगभग 13 किलोमीटर दूर छराबड़ा में राष्ट्रपति निवास ‘रिट्रीट’ है। यहां पर राष्ट्रपति हर साल गर्मियों में आते रहे हैं और पांच-छह यहां रुकने के बाद वापस लौटते हैं।
राहुल रॉय के सपोर्ट में आया AICWA:पीएम मोदी को लिखा पत्र, 60+ कलाकारों के लिए पेंशन और मेडिकल इंश्योरेंस की मांग की

ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) एक्टर राहुल रॉय के वायरल वीडियो की आलोचना के बीच उनके सपोर्ट में आया है। साथ ही एसोसिएशन ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 60 साल से ज्यादा उम्र के कलाकारों के लिए पेंशन और मेडिकल इंश्योरेंस की मांग की बात कही है। AICWA ने अपने ट्वीट में लिखा, स्टार बनने का सफर समय के साथ बदलता रहा है। राजेश खन्ना से लेकर शाहरुख खान तक, और अब रणवीर सिंह जैसे कलाकार हर दौर के अपने आइकॉन रहे हैं। इनमें राहुल रॉय ने 1990 में आई फिल्म आशिकी की बड़ी सफलता से अपनी अलग पहचान बनाई और अपनी पीढ़ी का चेहरा बने। हाल ही में राहुल रॉय ने मशहूर गाने तेरे दर पर सनम पर एक वीडियो शेयर किया, लेकिन दुख की बात है कि कुछ लोगों ने उनका मजाक उड़ाया और ट्रोल किया। यह व्यवहार गलत और असंवेदनशील है। ट्वीट में आगे लिखा गया, उन्होंने कभी भी गंदे बोल, गानों को बिगाड़कर या भद्दे मजाक से पॉपुलैरिटी पाने की कोशिश नहीं की, जो आजकल आम हो गया है। राहुल रॉय ने हमेशा अपने काम में इज्जत और सच्चाई बनाए रखी है। उन्होंने ध्यान खींचने के लिए कभी किसी का मजाक नहीं उड़ाया और ना ही कला को बिगाड़ा। उनके शब्द उनकी ताकत, आत्मसम्मान और मुश्किल हालात के बावजूद काम करते रहने की सोच दिखाते हैं। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि हमने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 60 साल से ज्यादा उम्र के कलाकारों के लिए पेंशन और मेडिकल इंश्योरेंस शुरू करने की मांग की है। बॉलीवुड और क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री में कई सीनियर आर्टिस्ट उम्र बढ़ने के साथ काम कम मिलने पर आर्थिक और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हैं। यह सच्चाई नजरअंदाज नहीं की जा सकती। एसोसिएशन ने बॉलीवुड से अपील की है कि राहुल रॉय को अच्छे प्रोजेक्ट्स में काम दिया जाए। फिल्म ‘आशिकी’ फेम राहुल रॉय ने हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर के साथ वायरल हुए वीडियो पर रिएक्ट करते हुए एक इमोशनल पोस्ट लिखी थी। एक्टर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, मैं अपना काम ईमानदारी और विनम्रता के साथ करता हूं। मुझे कुछ लीगल मामलों के लिए पेमेंट करना है और ये आज के नहीं हैं, ये उस समय के हैं जब ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, उससे पहले के। अगर आप मेरी सादगी का मजाक उड़ाते हैं या मेरे संघर्षों पर हंसते हैं, तो यह मेरे बारे में कम और आपके बारे में ज्यादा बताता है। उन्होंने आगे यह भी लिखा, अगर आप सच में इतने चिंतित हैं, तो मेरी मदद करें कि मुझे कोई सच्चा और अच्छा काम मिल सके, ताकि मैं इन मामलों का पेमेंट कर सकूं। कम से कम मैं मेहनत करके कमा रहा हूं, दूसरों का मजाक उड़ाकर नहीं और ब्रेन स्ट्रोक के बाद, मेरे लिए एक्टिव रहना जरूरी है। मैं जितने समय तक जीवित हूं, काम करना चाहता हूं। यह मेरे दिमाग को एक्टिव रखता है और मुझे उद्देश्य और जिम्मेदारी का एहसास कराता है कि मैं आज भी काम कर रहा हूं। हां, कभी-कभी थोड़ा दर्द हो सकता है, लेकिन आप मुझे तोड़ नहीं सकते। राहुल रॉय का यह वीडियो डॉ. वनिता घाडगे देसाई नाम के हैंडल से शेयर किया गया था। इसमें राहुल गाने ‘तेरे दर पे सनम’ पर कंटेंट क्रिएटर के साथ नजर आए। यह गाना 1993 की फिल्म ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ का है, जिसमें राहुल के साथ पूजा भट्ट थीं। राहुल रॉय के सपोर्ट में उतरा बॉलीवुड वहीं, राहुल रॉय की पोस्ट पर कमेंट करके बॉलीवुड के कई सेलेब्स उनके सपोर्ट में आए। फिल्ममेकर फराह खान ने कमेंट करते हुए उन्हें ‘गुड लक’ कहा। वहीं, सोनू सूद ने राहुल को भाई बताते हुए लिखा,’कीप रॉकिंग ब्रदर’। एक्टर अनुपम खेर ने भी राहुल का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें ‘बेस्ट’ बताया। वहीं, शिल्पा शिरोडकर ने कहा कि हमें वह करना चाहिए जो हमारे लिए जरूरी है, लोगों को बातें करने दें। इनके अलावा निकितिन धीर, टीना दत्ता, करणवीर बोहरा और माहिका शर्मा जैसे कलाकारों ने भी राहुल के लिए प्रार्थना की और उनके प्रति अपना प्यार जताया
तेल कंपनियों ने 2025-26 में रोजाना ₹116 करोड़ मुनाफा कमाया:पिछले वित्त-वर्ष में कच्चे तेल की कीमत कोविड के बाद सबसे कम रही

Hindi News Business Oil Companies Earned A Daily Profit Of ₹116 Crore In 2025–26, As Crude Oil Prices Remained At Their Lowest Levels Since The COVID 19 Pandemic During The Previous Financial Year मुंबई27 मिनट पहलेलेखक: गुरुदत्त तिवारी कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो 4 साल का उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाद में दाम 116 डॉलर तक आ गए। ऐसे में एजेंसियों के हवाले से बताया जा रहा है कि ईरान युद्ध की वजह से महंगे कच्चे तेल से देश की तेल कंपनियों को रोजाना 2,400 करोड़ का नुकसान हो रहा है। पेट्रोल पर प्रति लीटर 14 रुपए और डीजल पर 18 रुपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इससे तेल कंपनियां पेट्रो मूल्य बढ़ाने का दबाव बना रही हैं। जबकि, हकीकत ये है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कच्चे तेल के औसत दाम महज 71 डॉलर प्रति बैरल रहे, जो कोविड वर्ष 2020-21 के बाद सबसे कम हैं। युद्ध 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था और 27 फरवरी तक दाम 76 डॉलर प्रति बैरल थे। ऐसे में महज 2 महीने में ही क्रूड की कीमतें चढ़ी हैं। जबकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 के शुरुआती 9 महीनों में देश की चार अग्रणी तेल कंपनियों ने कुल 1.37 लाख करोड़ रु. यानी हर रोज 116 करोड़ रुपए का लाभ कमाया। हमारे लिए क्रूड का भाव $50 घट चुका 1. ईरान सीजफायर के बाद क्रूड के भाव? ईरान-अमेरिका युद्धबंदी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इंडियन बास्केट में कच्चे तेल के दाम, जो 150 डॉलर पहुंच गए थे, अब 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गए हैं। 2. सरकार ने क्या किया? सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रु. की कटौती की थी। इससे प्रति माह लगभग 12,000 करोड़ के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया है। 3. सरकार घाटे की भरपाई कैसे कर रही? सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले ‘विंडफाल टैक्स’ का सहारा लिया है। 11 अप्रैल को सरकार ने डीजल निर्यात पर लगने वाले इस टैक्स को 21.50 रु. प्रति लीटर से बढ़ाकर सीधे 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया। 4. विंडफाल टैक्स से कितनी आय हो रही है? भारत से हर महीने औसतन 191 करोड़ लीटर डीजल का निर्यात होता है। विंडफाल टैक्स बढ़ाने के बाद सरकार को केवल डीजल निर्यात से ही करीब 10,500 करोड़ रु. की मासिक आय हो रही है, जो एक्साइज ड्यूटी से हुए नुकसान की काफी हद तक भरपाई कर देती है। 5. तेल कंपनियों ने क्या पाबंदियां लगाईं? कंपनियां घाटा कम करने ‘राशनिंग’ का सहारा ले रही हैं। पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पिछले वर्ष की बिक्री के बराबर ही स्टॉक बेचें। एक बार में किसी भी ग्राहक को 200 लीटर से अधिक डीजल न देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उद्योगों को होने वाली बल्क सप्लाई को रोका जा सके। ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा: ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम भी लागू; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
धार हादसे में किसी ने बेटी खोई, किसी ने पत्नी:शादी तय होने के 3 दिन बाद युवती की मौत; बुजुर्ग बोले-अब पोता ही सहारा

मध्य प्रदेश के धार में टायर फटने से अनियंत्रित होकर पिकअप वाहन डिवाइडर पर चढ़कर पलट गया। वाहन ने 3-4 बार पलटी खाई। इस दौरान सड़क के दूसरी ओर जाकर स्कॉर्पियो से भी टकराया। बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे हुए हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, 13 घायल हैं। मृतकों में 6 बच्चे शामिल हैं। एक्सीडेंट में नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हुई है। जान गंवाने वालों में 5 बच्चे, 8 महिलाएं और 3 युवतियां शामिल हैं। सभी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया गया। 4 महिलाओं के शवों को एक ही चिता पर रखकर अंतिम विदाई दी गई। अपनों को खोने का गम ऐसा था कि कोई पत्नी की तस्वीर हाथ में लेकर बैठा रहा तो कोई उनके कपड़ों को एकटक देख रहा था। पत्नी की मौत से दुखी एक युवक दीवार से सटकर घंटों बैठा ही रहा। कहा- दो छोटे बच्चों को छोड़कर वो चली गई, अब उनका क्या होगा? हादसे में एक ऐसी लड़की की भी जान गई है, जिसकी तीन दिन पहले ही शादी पक्की हुई थी। एक लड़का खुद को कोसता दिखा। बोला- जब कोख में था, तब पिता चल बसे। अब मां का आंचल भी सिर से हट गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद दैनिक भास्कर की टीम पीड़ितों के गांवों में पहुंची। दुखी परिजन से बात कर उनका हाल समझने की कोशिश की। पहले देखिए, तीन तस्वीरें… तीन दिन पहले तय हुई थी रिंकू की शादी पूर्व सरपंच मुन्नालाल ने कहा- धार जिले के तीन गांवों के 46 लोग बुधवार सुबह लेबड़ इलाके में चुकंदर की फसल काटने गए थे। सभी काम खत्म करने के बाद पिकअप में सवार होकर घर लौट रहे थे। मेरे परिवार से पांच लोग- पत्नी सुंदरबाई, ग्यारसीबाई, रिंकू, सवित्री और पोता आयुष भी साथ थे। आयुष परिवार का इकलौता वारिस था। अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि हादसे में नयापुरा निवासी रिंकू पिता कंवरलाल की भी जान चली गई। रिंकू की तीन दिन पहले ही शादी पक्की हुई थी। रिश्ता राजगढ़ के पास करनावद गांव के मेडा परिवार में हुआ था। एक साल बाद शादी की तारीख थी। घर की स्थिति काफी खराब होने के चलते वह अक्सर मजदूरी के लिए जाया करती थी। पिता की मौत के तीसरे दिन जन्मा, अब मां भी नहीं रही सेमलीपुरा गांव की रहने वाली अंगूरी बाई की भी इस एक्सीडेंट में मौत हुई है। उसके परिवार में बुजुर्ग सास-ससुर और 14 साल का बेटा विक्रम भूरिया ही बचे हैं। विक्रम कहता है- मां सुबह काम पर जाने का कहकर निकली थी। बहू सुबह काम पर गई, शाम को मौत की खबर आई विक्रम के दादा भंवर सिंह भूरिया ने कहा- पहले बेटा चला गया। अब बहू भी इस दुनिया में नहीं रही। वह रोज की तरह काम पर गई थी। नहीं पता था कि उसकी मौत की सूचना ही आएगी। अब पोता ही हमारा सहारा है। पड़ोसी अतुल भूरिया ने बताया कि विक्रम के पिता अनिल भूरिया की 2012 में मौत हो गई थी। अनिल की मौत के तीसरे दिन विक्रम का जन्म हुआ है। मां ही उसकी परवरिश कर रही थी। जिस हाल में था, वैसा ही पत्नी-बेटी को देखने भागा गांव के ही रहने वाले पप्पू ने कहा- पत्नी संगीता रोज की तरह काम पर जाने का कहकर निकली थी। बेटी किरण भी उसके साथ गई थी। हर दिन 250 रुपए मजदूरी मिलती थी। काम खत्म कर दोनों पिकअप से वापस लौट रहे थे। रात में एक परिचित का कॉल आया कि पिकअप पलट गई है। मैं जिस हाल में था, वैसा ही घटनास्थल की ओर भागा। यहां पता चला कि पत्नी संगीता नहीं रही। बेटी किरण का पैर फ्रैक्चर हुआ है। खचाखच भरने के बाद ही लेकर जाते थे पिकअप कैलाश ने भी इस हादसे में अपने 12 साल के बेटे चंपालाल को खो दिया है। वे कहते हैं कि चार-पांच दिन पहले ही बेटे ने काम पर जाना शुरू किया था। पिकअप जब तक खचाखच नहीं भर जाती थी, ड्राइवर गाड़ी नहीं बढ़ाता था। उस दिन भी करीब 50 लोगों को बैठा रखा था। तनुश्री के पिता उमेश डावर ने बताया कि मजदूरी पर मां के साथ बेटी भी गई थी। दोनों की मौत हो गई। अब घर में दादा-दादी और मैं ही बचा हूं। हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… एकसाथ जलीं 16 चिताएं, एक चिता पर चार महिलाएं मध्य प्रदेश के धार में बुधवार रात हुए पिकअप हादसे में नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हो गई। सभी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया गया। 4 महिलाओं के शवों को एक ही चिता पर रखा गया। अपनों को खोने वाले परिजन का बुरा हाल है। पढ़ें पूरी खबर… 16 लाशें…चिताएं और रुदन, दर्द की 17 तस्वीरें धार में बुधवार रात इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर चिकलिया फाटा के पास बड़ा सड़क हादसा हुआ। करीब 50 मजदूरों से भरी ओवरलोड पिकअप का टायर फटने के बाद वह अनियंत्रित हो गया। 3-4 बार पलटी खाकर रॉन्ग साइड में स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
सिंगरौली में हाईवा की टक्कर से युवक की मौत:गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम; मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े

सिंगरौली जिले के माड़ा थाना क्षेत्र के छतौली गांव में आज शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान शुभग लाल सिंह गोंड के रूप में हुई है। वह एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। चालक वाहन सहित मौके से फरार हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। इसकी सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे लगभग दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। माड़ा थाना से भारी पुलिस बल मौके पर तैनात स्थिति बिगड़ती देख माड़ा थाना से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश दी और काफी देर तक बातचीत के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा और जाम हटवाया। माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार हाईवा चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
शिवपुरी में ट्रक ने ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारी:एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल, काम खत्म कर घर लौट रहे थे

शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर एक ट्रक ने मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में ट्रॉली पलट गई और एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को कोलारस के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यह घटना गुरुवार देर शाम अनंतपुर मोड़ के पास हुई। जानकारी के अनुसार, रिंकू रघुवंशी के कृषि फार्म पर मजदूरी का काम खत्म कर लगभग 25 मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर लुकवासा के सिद्धपुरा स्थित अपने घरों को लौट रहे थे। टक्कर के कारण कई पुरुष, महिलाएं और बच्चे घायल हो गए। यह मजदूर घायल घायल मजदूरों में रामप्यारी आदिवासी, शिवानी आदिवासी, लाखन बाई, भागनदे, बबलेश, प्रवीण, रजनी, अरविंद, सोनम, रूपा, चंचल, बती, सोनम, पूजा, राधा और एक अन्य रामप्यारी शामिल हैं। 5-6 गंभीर, जिला अस्पताल रेफर सभी घायलों को तत्काल कोलारस के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल 5 से 6 मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल में ग्लेशियर टूटा, लोगों ने भागकर बचाई जान:सड़क बहाली में जुटे थे PWD कर्मचारी, 5 महीने से बंद है पांगी-चंबा मार्ग

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के चुराह में बीती शाम (30 अप्रैल) को ग्लेशियर टूटकर अचानक सड़क पर आ गया। इस दौरान चंबा को पांगी से जोड़ने वाली सड़क पर ग्लेशियर गिरा। इसे गिरते देख बैरागढ़-साचपास-किलाड़ सड़क पर सतरूंडी के कार्थनाला में सड़क बहाली में जुटे कर्मचारी और मजदूरों ने भागकर जान बचाई। बता दें कि, बीते दिनों क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण सड़क यातायात के लिए बंद थी। लिहाजा लोक निर्माण विभाग के मजदूर और कर्मचारी सड़क बहाली में जुटे हुए थे। इस दौरान अचानक ग्लेशियर टूटा और बर्फ की नदी जैसी सड़क की तरफ बहने लगी। ग्लेशियर गिरने की आवाज सुनकर भागे सूचना के अनुसार- सड़क बहाली में जुटे कर्मचारी और मजदूरों ने जैसे ही पहाड़ी से ग्लेशियर गिरने की आवाजें सुनी वह ईधर-उधर भागने लगे। थोड़ी भी देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता है। बताया जा रहा है कि जिस पॉइंट से ग्लेशियर टूटा, उसे वहां से सड़क तक पहुंचने में 50 से 70 सेकेंड का वक्त लगा, इतने समय में कर्मचारी-मजदूर खुद भी भागने में कायमयाब रहे। हालांकि, इस घटना में कुछ मशीनरी को हल्का नुकसान पहुंचने की सूचना है। इसके बाद सड़क बहाली रोक दी गई है। हर साल तीन से चार महीने बंद होती है सड़क अति दुर्गम क्षेत्र पांगी और चंबा को जोड़ने वाली यह सड़क दिसंबर से सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद पड़ी है। इन दिनों PWD की मशीनरी और मजदूर बर्फ हटाने में जुटे हुए हैं। यह सड़क सर्दियों में हर साल भारी बर्फबारी के कारण तीन से चार महीने के लिए बंद हो जाती है। मगर क्षेत्र में ग्लेशियर गिरने का खतरा बना रहता है।






