Friday, 16 Oct 2026 | 12:19 AM

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राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; देश् में -सिगरेट बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है

राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; ई-सिगरेट बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है

PL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ मंगलवार के मैच में वह ड्रेसिंग रूम में ‘ई सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए। लाइव ब्रॉडकास्ट की यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो राजस्थान की बल्लेबाजी के 16वें ओवर का है। इसमें पराग ध्रुव जुरेल और यशस्वी जायसवाल की मौजूदगी में कथित तौर पर ई-सिगरेट पीते दिख रहे हैं। भारत में 2019 से ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है, उल्लंघन पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है रियान पराग का यह कृत्य गंभीर माना जा रहा है। भारत सरकार ने ‘ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA) 2019’ के तहत वेप्स और ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, आयात और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगा रखा है। उल्लंघन पर जुर्माने के साथ जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में एलीट एथलीट और टीम कप्तान द्वारा सार्वजनिक मंच पर इसका इस्तेमाल कानून और खेल की मर्यादा का उल्लंघन माना जा रहा है। BCCI सचिव से जवाब मांगा गया, सख्त कार्रवाई की उम्मीद इस मामले पर BCCI के सचिव देवजीत सैकिया से प्रतिक्रिया मांगी गई है। माना जा रहा है कि बोर्ड इसे गंभीरता से लेगा। एथलीट के लिए वेपिंग (ई सिगरेट) स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक है। यह सुरक्षा मानकों का उल्लंघन भी है, क्योंकि इसके तत्वों की स्पष्ट जानकारी नहीं होती। देश में यह प्रतिबंधित है और एलीट एथलीटों के लिए इसके सुरक्षा मानक तय नहीं हैं। BCCI इस मामले में कप्तान और फ्रेंचाइजी से जवाब तलब कर सकता है। राजस्थान रॉयल्स के साथ इस सीजन का दूसरा विवाद राजस्थान रॉयल्स इस आईपीएल सीजन में दूसरी बार प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर चर्चा में है। इससे पहले टीम के मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े गए थे, जो पीएमओए (PMOA) प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। उस मामले में बीसीसीआई ने जांच के बाद मैनेजर पर जुर्माना लगाया था और चेतावनी दी थी। अब कप्तान का वीडियो सामने आने के बाद टीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खिलाड़ियों की फिटनेस और युवाओं पर असर की चिंता रियान पराग युवा पीढ़ी के रोल मॉडल माने जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, वेपिंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे खिलाड़ियों की फेफड़ों की क्षमता (Lung Capacity) पर बुरा असर पड़ता है। भारत में वेपिंग गैर-कानूनी है, इसलिए बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल इस पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपना सकती है। जांच में दोष सिद्ध होने पर पराग पर मैच बैन या जुर्माना लगाया जा सकता है। ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पंजाब 200+ रन डिफेंड करते हुए सबसे ज्यादा बार हारा:राजस्थान का IPL में तीसरा सबसे बड़ा रनचेज; फरेरा का 105 मीटर लंबा सिक्स राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के 40वें मैच में पंजाब किंग्स को 6 विकेट से हरा दिया। इस हार के साथ पंजाब IPL में 200+ रन डिफेंड करते हुए सबसे ज्यादा बार हारने वाली टीम बन गई। राजस्थान ने अपना तीसरा सबसे बड़ा रनचेज किया। डोनोवन फरेरा ने 105 मीटर लंबा सिक्स लगाया। पूरी खबर

कुपोषण से बच्ची की मौत का मामला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बर्खास्त:निगरानी में चूक पर दो सुपरवाइजर का इंक्रीमेंट दो साल तक रुका

कुपोषण से बच्ची की मौत का मामला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बर्खास्त:निगरानी में चूक पर दो सुपरवाइजर का इंक्रीमेंट दो साल तक रुका

सतना जिले के मझगवां ब्लॉक के सुरांगी गांव में 4 माह की बच्ची सूर्यांशी उर्फ प्रियांशी प्रजापति की कुपोषण से मौत के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बर्खास्त किया और दो सुपरवाइजरों की वेतन वृद्धि रोक दी, जहां जांच में लापरवाही सामने आई। बच्ची की हालत गंभीर, समय पर नहीं मिला इलाज जानकारी के अनुसार, सुरांगी गांव की 4 माह की बच्ची सूर्यांशी उर्फ प्रियांशी प्रजापति लंबे समय से गंभीर कुपोषण से पीड़ित थी। उसकी तबीयत लगातार खराब बनी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद उसे समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती नहीं कराया गया। बुखार आने पर अस्पताल ले जाया गया जब बच्ची को बुखार आया तो परिजन उसे उसके जुड़वा भाई के साथ मझगवां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए दोनों बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में सूर्यांशी को पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। हालत और बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रास्ते में एम्बुलेंस में तोड़ा दम रीवा ले जाते समय बच्ची की हालत और खराब हो गई और उसने रास्ते में ही एम्बुलेंस में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे मामले में लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे। प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्तर पर गंभीर लापरवाही बरती गई। बच्ची की नियमित निगरानी नहीं की गई और उसकी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। एनआरसी रेफर नहीं करने पर जिम्मेदारी तय जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बच्ची अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में थी, फिर भी उसे समय पर एनआरसी रेफर नहीं किया गया। इसके साथ ही परिजनों को सही सलाह और इलाज के लिए मार्गदर्शन भी नहीं दिया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि बच्ची के नियमित टीकाकरण में भी लापरवाही सामने आई है, जिससे उसकी स्थिति और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को किया गया बर्खास्त इन सभी गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूजा पाण्डेय को जिम्मेदार मानते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। जांच में केवल आंगनबाड़ी स्तर ही नहीं, बल्कि पर्यवेक्षण स्तर पर भी कमी पाई गई। संबंधित सुपरवाइजर दीपक विश्वकर्मा और करुणा पाण्डेय नियमित गृहभेंट और निगरानी करने में विफल रहे। जोखिम वाले बच्चों की पहचान में चूक दोनों सुपरवाइजर समय पर जोखिम वाले बच्चों की पहचान नहीं कर पाए और न ही उनका फॉलोअप किया। इसके साथ ही स्वास्थ्य प्रबंधन और काउंसलिंग में भी लापरवाही सामने आई। कलेक्टर के आदेश के अनुसार, परियोजना चित्रकूट-1 में पदस्थ इन दोनों सुपरवाइजरों की दो वित्तीय वर्षों तक वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मोदी ने यूपी के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया:हरिद्वार से भी जुड़ेगा; PM बोले- बंगाल जैसी बंपर वोटिंग दशकों में नहीं देखी

मोदी ने यूपी के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया:हरिद्वार से भी जुड़ेगा; PM बोले- बंगाल जैसी बंपर वोटिंग दशकों में नहीं देखी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई से यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने ऐलान किया कि एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार से भी जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि महिला विरोधी सपा कभी सुधरने वाली नहीं है, इसलिए इनसे सावधान रहिए। इससे पहले, पीएम ने एक्सप्रेस-वे के किनारे पेड़ लगाया। सीएम योगी के साथ एक्सप्रेस-वे पर पैदल भी चले। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। इससे मेरठ से प्रयागराज की दूरी सिर्फ 6 घंटे में पूरी होगी। अब तक 11-12 घंटे लगते थे। 12 जिलों से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे कई मायनों में खास है। यहां पब्लिक कन्वीनियंस सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें ठहरने की सुविधा, इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर और फूड कोर्ट शामिल हैं। सड़क पर रंबल स्ट्रिप (उभरी हुई पट्टियां) बनाई गई हैं। इन पर वाहन के टायर आते ही ड्राइवर को वाइब्रेशन महसूस होता है, जिससे हादसों की आशंका कम होगी। एक्सप्रेस-वे पर एयरफोर्स के फाइटर जेट्स की लैंडिंग के लिए शाहजहांपुर के जलालाबाद के पास 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है। यह देश की पहली नाइट लैंडिंग एयरस्ट्रिप है। हर 75 किमी पर पेट्रोल पंप बनाए गए हैं, जिन्हें भारत पेट्रोलियम खुद संचालित कर रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे से पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे था, जिसकी लंबाई 340 किमी है। यह प्रदेश का छठा एक्सप्रेस-वे है। एक्सप्रेस-वे 5 साल में बनकर तैयार हुआ है। इसे बनाने में करीब 37,350 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस हिसाब से 1 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे की लागत करीब 62 करोड़ 87 लाख रुपए पड़ती है। 18 दिसंबर, 2021 को मोदी ने शाहजहांपुर में एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था। तस्वीरें देखिए- गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जिसे खुजली, कल दरबार आ जाए:श्याम मानव ने 10 लोगों के नाम बताने की दी चुनौती; कहा-बदले में 80 लाख का पुरस्कार देंगे

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जिसे खुजली, कल दरबार आ जाए:श्याम मानव ने 10 लोगों के नाम बताने की दी चुनौती; कहा-बदले में 80 लाख का पुरस्कार देंगे

बागेश्वर बाबा की श्री राम कथा का आयोजन 26 अप्रैल से 30 अप्रैल तक महाराष्ट्र के नागपुर स्थित रेशम बाग में किया जा रहा है। इस बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव के बीच आस्था, अध्यात्म और विज्ञान को लेकर विवाद तेज हो गया है। श्याम मानव ने बाबा बागेश्वर को 80 लाख रुपए की खुली चुनौती दी है, जिसे बाबा ने स्वीकार कर लिया है। बाबा को 10 लोगों के सही नाम बताने की चुनौती दरअसल, श्याम मानव ने बाबा को 10 व्यक्तियों के नाम, उनके पिता का नाम, उम्र और मोबाइल नंबर सटीक बताने की चुनौती दी कहा है। साथ ही, उनकी ‘अतींद्रिय शक्ति’ की परीक्षा के लिए एक बंद कमरे में रखी 10 वस्तुओं की सही पहचान करनी होगी। इन दोनों परीक्षाओ में कम से कम 90 प्रतिशत सटीकता अनिवार्य रखी गई है और यह पूरी प्रक्रिया नागपुर में पत्रकारों की मौजूदगी में कराई जाएगी। समिति का कहना है कि यदि बाबा इस चुनौती को स्वीकार कर उसे सिद्ध करते हैं तो उन्हें 80 लाख रुपए दिए जाएंगे, लेकिन यदि वे ऐसा नहीं कर पाते तो यह माना जाएगा कि वे केवल लोगों की भावनाओं और अंधश्रद्धा का लाभ उठा रहे हैं। यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले जनवरी 2023 में भी बाबा बागेश्वर के नागपुर आगमन पर श्याम मानव ने उन्हें 30 लाख रुपए की चुनौती दी थी। उस समय आरोप लगा था कि बाबा चुनौती मिलने के बाद दो दिन पहले ही कथा छोड़कर चले गए थे, हालांकि बाबा ने इस आरोप का खंडन किया था। बाबा बोले-जिसे खुजली है वह अगले दिन दरबार में आए मंगलवार को कथा के दौरान बाबा बागेश्वर ने चुनौती स्वीकार करते हुए कहा, “कोई भी ‘खुजली’ हो, कल दरबार लगना है, आ जाइए। हमारे पास जो विद्या होगी और जो शक्ति होगी, हम उसका प्रस्तुतिकरण करेंगे। हम जादूगर नहीं हैं। हमें जो ईश्वर प्रेरणा देगा, हम उसी के अनुसार लोगों का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं, श्याम मानव का कहना है कि यदि बाबा 10 लोगों के नाम, उम्र और मोबाइल नंबर सटीक बता देते हैं, तो वे अपनी हार मान लेंगे। इस विवाद के कारण नागपुर का माहौल गरमाया हुआ है। एक ओर लाखों श्रद्धालु बाबा के समर्थन में उमड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ संगठन बाबा के पुराने बयानों को लेकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं। ये खबर भी पढ़े… धीरेंद्र शास्त्री बोले- 4 बच्चे पैदा करो, एक RSS को दो बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- ‘आप चार बच्चे पैदा करो। उनमें से एक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को दे दो, ताकि वह दूसरों को बचाने के काम आए।’ उन्होंने ये बात नागपुर में विश्व के पहले ‘भारतदुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास समारोह में शुक्रवार को कही। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी मौजूद थे। पढ़ें पूरी खबर

राजा रघुवंशी मर्डर: मां बोली सोनम को जमानत कैसे मिली?:भाई विपिन बोला- हाईकोर्ट में अपील करेंगे, शिलांग गया तो सोनम मुझ पर भी करा सकती है हमला

राजा रघुवंशी मर्डर: मां बोली सोनम को जमानत कैसे मिली?:भाई विपिन बोला- हाईकोर्ट में अपील करेंगे, शिलांग गया तो सोनम मुझ पर भी करा सकती है हमला

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने की खबर ने परिवार को झकझोर दिया। परिजनों को इस फैसले की जानकारी उनके वकील से नहीं, बल्कि शिलांग पुलिस के एक फोन से मिली। अचानक आई इस खबर के बाद घर का माहौल बदल गया। दैनिक भास्कर से बातचीत में राजा की मां उमा रघुवंशी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस फैसले पर यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनम इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड है। उमा ने कहा, अभी तक तो सुना था कि कानून अंधा होता है आज देखने को भी मिल गया। उन्होंने मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हस्तक्षेप की अपील की है। उमा रघुवंशी ने कहा कि एक मां को अपने बेटे के लिए न्याय की उम्मीद थी, लेकिन इस फैसले ने उन्हें बड़ा झटका दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर मुख्य आरोपी को जमानत मिल सकती है, तो अन्य आरोपियों को भी राहत मिल सकती है। वह जब भी इंदौर आएगी तो मैं उससे पूछूंगी कि मेरे बेटे का क्या कसूर था? क्यों मारा उसे? सोनम या उसका भाई मुझ पर करा सकता है हमला वहीं, राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि सोनम को सोमवार को ही जमानत मिल गई थी, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी मंगलवार को शिलांग पुलिस से मिली। चार दिन पहले तक उनके वकील ने भी जमानत मिलने की संभावना से इनकार किया था। विपिन ने आरोप लगाया कि सोनम के परिवार, खासकर उसके भाई गोविंद का उसे पूरा समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि पैसों की ताकत के आगे हम अपने भाई को न्याय नहीं दिला पा रहे हैं। वे सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख करेंगे और जरूरत पड़ी तो शिलांग भी जाएंगे। ऐसे में यदि सोनम वापस जेल जाती है तो भाई गोविंद इसका बदला ले सकता है। विपिन ने आशंका भी जताई कि अगर अपील करने के लिए अगर वह शिलांग जाते है तो सोनम उन पर हमला करा सकती है। यदि मेरे साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए गोविंद जिम्मेदार होगा। जमानत के आधार पर भी सवाल उठाते हुए विपिन ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कोर्ट ने यह मानते हुए जमानत दी कि गिरफ्तारी के वक्त सोनम को कारण नहीं बताया गया था। हमें अब तक चार्जशीट की कॉपी नहीं दी गई, जबकि दूसरी ओर आरोपी पक्ष को यह उपलब्ध करा दी गई है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक अन्य आरोपी राज कुशवाह की जमानत पर भी जल्द सुनवाई हो सकती है।

आईपीएल मैच पर सट्टा लगाते एक सटोरी गिरफ्तार:सिवनी में नगदी, मोबाइल जब्त; एक अन्य आरोपी फरार

आईपीएल मैच पर सट्टा लगाते एक सटोरी गिरफ्तार:सिवनी में नगदी, मोबाइल जब्त; एक अन्य आरोपी फरार

सिवनी जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने आईपीएल मैच पर सट्टा लगाते एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से नगदी और एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन जब्त किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने रात्रि के समय बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर जुआ-सट्टा और अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी सचिन पारे के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस को पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे क्षेत्र में आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगाए जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। वहां एक व्यक्ति मोबाइल पर आईपीएल मैच देखते हुए ऑनलाइन लेनदेन कर रहा था। पुलिस को देखकर उसने मोबाइल छिपाने का प्रयास किया, जिसे तत्काल पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 5100 रुपये नगद जब्त किए। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शुभम पटेल (29 वर्ष), निवासी शिवमंदिर के पास, अकबर वार्ड, बारापत्थर, सिवनी बताया। जांच में खुलासा हुआ कि वह डूंडासिवनी निवासी प्रफुल्ल यादव के लिए कमीशन पर अपने मोबाइल के माध्यम से व्हाट्सएप पर चैटिंग कर आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा चला रहा था। आरोपी शुभम पटेल के खिलाफ सट्टा अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। फरार आरोपी प्रफुल्ल यादव की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश तिवारी, प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने, आरक्षक सतीश इनवाती और प्रतीक बघेल सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने बताया कि अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

बंगाल में वोटिंग से पहले चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, यूपी के ‘सिंघम’ के इस अधिकारी को हटाया गया

बंगाल में वोटिंग से पहले चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, यूपी के 'सिंघम' के इस अधिकारी को हटाया गया

पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल यानि आज दूसरे चरण की वोटिंग होगी। इससे ठीक एक दिन पहले चुनाव आयोग ने एक मुख्य स्थानीय अधिकारी सौरव हाजरा की नियुक्ति कर दी थी। दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा विवाद के बीच विरोध प्रदर्शन, राजनीतिक बाजीगरी और याचिका के बाद उठाव हुआ। उन पर आईपीएस अजय पाल शर्मा के सहयोग से एक्शन लिया गया। राम्या भट्टाचार्य को मिली जिम्मेदारी फाल्टा के जाइंट बोल्टन बोरा हाजरा का रेलवे स्टेशन पुरुलिया मुख्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। मंगलवार (28 अप्रैल) को डाइरेक्टर लेकर एक अधिसूचना जारी की गई, जिसमें उनकी जगह स्पेशल ड्यूटी पर तैनात अधिकारी राम्या भट्टाचार्य को नियुक्त किया गया है। हाजरा फाल्टा विधानसभा सीट के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में भी काम कर रहे थे। आयोग ने अपने आदेश को मंजूरी दे दी और स्वचालित रूप से लागू करने का निर्देश दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब चुनाव आयोग के एक पर्यवेक्षक के दौरे पर, कांग्रेस में शामिल प्रतिभागियों ने विरोध प्रदर्शन किया और मतदान से पहले केंद्रीय समर्थन के समर्थन वाली याचिका के बाद फाल्टा सीट एक प्रेरक केंद्र बन गई। कैसे हुई विवाद की शुरुआत? विवाद की शुरुआत तब हुई, जब पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों के विशेष रूप से उत्तर प्रदेश कैडर के सदस्य अजय पाल शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सोमवार देर रात वह कांग्रेस के प्रतियोगी थे, जहां जागीर खान के आवास पर दिखाई दिए। वीडियो में शर्मा ने चेतावनी दी है कि लाइब्रेरी को डराने-धमकाने की कोशिश करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह भी पढ़ें- बंगाल एग्जिट पोल लाइव स्ट्रीमिंग: बीजेपी की सरकार बनेगी या ममता के फिर सिर सजेगा ताज? कब-कहाँ देखें बंगाल चुनाव सर्वेक्षण देहरादून ने किया विरोध इस रिवाल्वर के बाद, नोएडा बिल्डर्स फाल्टा में जमा हो गए और शर्मा के दौरे के नारे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। फ़ोकस ने वोटिंग से पहले पार्टी सोसाइटी पर “डराने-धमकाने” का आरोप लगाया था, क्योंकि उनका काफिला सेंट्रल कॉन्सटी के साथ उस इलाक़े से गुजरा था। दूसरे चरण के लिए वोट आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के लिए सभी मतदान पूर्ण हो चुके हैं। कोलकाता सहित छह मूर्तिकला के 142 विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को मतदान होगा। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक 1,448 बच्चे की किस्मत का फैसला। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 142 पदों पर कुल 3,21,73,837 पंजीकृत पदधारी हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 श्रद्धेय जेंडर शामिल हैं। यह भी पढ़ें – ‘संदेश’ में नागरिकता, बंगाल चुनाव 2026 में मिठाइयों पर टीएमसी-बीजेपी के सिंबल, 142 की जंग में ‘डेमोक्रेसी का स्वाद’ (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)ईसी ने बीडीओ(टी)जहांगीर खान पुष्पा टिप्पणी(टी)टीएमसी विरोध फाल्टा(टी)(टी)चुनाव 2026(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)चुनाव आयोग का एक्शन(टी)जहांगीर खान(टी)एमसीएमसी(टी)आईपीएस अजय पाल शर्मा(टी)सौरव टी हाजरा को निलंबित कर दिया

आज सीएम करेंगे 60 मेगावॉट सोलर प्लांट का लोकार्पण:जलूद में तैयार 271.16 करोड़ की लागत से प्लांट, हर महीने 4 से 4.50 करोड़ बिजली की बचत

आज सीएम करेंगे 60 मेगावॉट सोलर प्लांट का लोकार्पण:जलूद में तैयार 271.16 करोड़ की लागत से प्लांट, हर महीने 4 से 4.50 करोड़ बिजली की बचत

जलूद क्षेत्र में स्थापित 271.16 करोड़ रुपए की लागत से 60 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण 29 अप्रैल को सीएम डॉ.मोहन यादव जलूद में करेंगे। शाम 4.30 लोकार्पण किया जाएगा। इस मौके पर मंत्री, सांसद, विधायक, एमआईसी मेंबर, पार्षद सहित कई लोग शामिल होंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि सोलर प्लांट ट्रायल के दौरान इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और मार्च महीने में ही पंपिंग स्टेशन के बिजली खर्च में लगभग 3.64 करोड़ रुपए की बचत दर्ज की गई है। अनुमान है कि आने वाले समय में यह बचत और बढ़ेगी। वर्तमान में नगर निगम हर महीने केवल जलूद से पानी की सप्लाई और पंपिंग सिस्टम के लिए बिजली पर करीब 22 से 25 करोड़ रुपए खर्च करता है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली खर्च में हर महीने 4 से 4 .50 करोड़ से अधिक की बचत होगी बचत जिससे खर्च में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इंदौर देश का पहला नगरीय निकाय बन गया है, जिसने ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से 244 करोड़ रुपए जुटाकर इस सोलर प्लांट की स्थापना की है। महापौर ने बताया कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से नगर निगम का बिजली बिल लगातार कम होगा और जल आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं अधिक भरोसेमंद बनेंगी। यह 60 मेगावॉट क्षमता का सोलर प्लांट भारत सरकार की CPSU योजना (फेज-2, ट्रेंच-2) के अंतर्गत तैयार किया गया है, जो शहर को स्वच्छ और सस्टेनेबल ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आज सीएम करेंगे 60 मेगावॉट सोलर प्लांट का लोकार्पण:जलूद में तैयार 271.16 करोड़ की लागत से प्लांट, हर महीने 4 से 4.50 करोड़ बिजली की बचत

आज सीएम करेंगे 60 मेगावॉट सोलर प्लांट का लोकार्पण:जलूद में तैयार 271.16 करोड़ की लागत से प्लांट, हर महीने 4 से 4.50 करोड़ बिजली की बचत

जलूद क्षेत्र में स्थापित 271.16 करोड़ रुपए की लागत से 60 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण 29 अप्रैल को सीएम डॉ.मोहन यादव जलूद में करेंगे। शाम 4.30 लोकार्पण किया जाएगा। इस मौके पर मंत्री, सांसद, विधायक, एमआईसी मेंबर, पार्षद सहित कई लोग शामिल होंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि सोलर प्लांट ट्रायल के दौरान इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और मार्च महीने में ही पंपिंग स्टेशन के बिजली खर्च में लगभग 3.64 करोड़ रुपए की बचत दर्ज की गई है। अनुमान है कि आने वाले समय में यह बचत और बढ़ेगी। वर्तमान में नगर निगम हर महीने केवल जलूद से पानी की सप्लाई और पंपिंग सिस्टम के लिए बिजली पर करीब 22 से 25 करोड़ रुपए खर्च करता है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली खर्च में हर महीने 4 से 4 .50 करोड़ से अधिक की बचत होगी बचत जिससे खर्च में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इंदौर देश का पहला नगरीय निकाय बन गया है, जिसने ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से 244 करोड़ रुपए जुटाकर इस सोलर प्लांट की स्थापना की है। महापौर ने बताया कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से नगर निगम का बिजली बिल लगातार कम होगा और जल आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं अधिक भरोसेमंद बनेंगी। यह 60 मेगावॉट क्षमता का सोलर प्लांट भारत सरकार की CPSU योजना (फेज-2, ट्रेंच-2) के अंतर्गत तैयार किया गया है, जो शहर को स्वच्छ और सस्टेनेबल ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दांतों में दर्द और सेंसिटिविटी से हैं परेशान, तो ये आयुर्वेदिक घरेलू उपाय दे सकते हैं तुरंत राहत

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Last Updated:April 29, 2026, 06:15 IST हरियाणा के अंबाला शहर स्थित नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने लोकल 18 को बताया है कि अचानक ठंडी चीजों के संपर्क में आने से दांतों की बाहरी परत (इनैमल) प्रभावित होती है, जिससे अंदर की नसें अधिक संवेदनशील हो जाती हैं. यही कारण है कि ठंडा या गर्म कुछ भी खाते-पीते समय दांतों में झनझनाहट या तेज दर्द महसूस होता है. अंबाला: देशभर में गर्मी का पारा बढ़ने के साथ ही लोगों की खान-पान की आदतों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए लोग आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स और बर्फ जैसे ठंडे पेय पदार्थों का जमकर सेवन कर रहे हैं. हालांकि, यह तात्कालिक राहत अब दांतों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है, क्योंकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक ठंडी और मीठी चीजों के सेवन से दांतों में संवेदनशीलता (सेंसिटिविटी) और दर्द के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. अक्सर लोग गर्मी से बचाव के लिए मीठी व ठंडी चीजों का सेवन तो करने लगते हैं, लेकिन अपने दांतों का ख्याल रखना भूल जाते हैं. कैसे पहुंचता है दांतों को नुकसान हरियाणा के अंबाला शहर स्थित नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि अचानक ठंडी चीजों के संपर्क में आने से दांतों की बाहरी परत (इनैमल) प्रभावित होती है, जिससे अंदर की नसें अधिक संवेदनशील हो जाती हैं. यही कारण है कि ठंडा या गर्म कुछ भी खाते-पीते समय दांतों में झनझनाहट या तेज दर्द महसूस होता है. उन्होंने बताया कि इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, हालांकि कुछ सावधानियां अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है. दांतों के लिए घरेलू रामबाण आयुर्वेदिक उपाय उन्होंने बताया कि दांतों के लिए घरेलू रामबाण आयुर्वेदिक उपाय के रूप में त्रिफला चूर्ण उपयोगी है. यह सरल नुस्खा दांतों की सफाई, मसूड़ों की मजबूती और मुंह की दुर्गंध को दूर करने में सहायक माना जाता है. त्रिफला हरड़ (हरितकी), बहेड़ा (विभीतकी) और आंवला (आमलकी) से मिलकर बनता है. इसके चूर्ण का काढ़ा बनाकर भोजन के बाद कुल्ले के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिससे दांतों पर जमी गंदगी और प्लाक की सफाई में मदद मिलती है. इसके अलावा, सरसों के तेल में दो चम्मच नमक मिलाकर रात में दांतों और मसूड़ों की हल्के हाथों से 1-2 मिनट मालिश करने से सूजन और खून आने की समस्या में राहत मिलती है. इसके बाद गुनगुने पानी से कुल्ला कर लेना चाहिए. उन्होंने बताया कि फिटकरी को भूनकर उसका पाउडर बनाकर रात को सोने से पहले हल्की मालिश करने से कैविटी की समस्या में भी लाभ मिलता है. उन्होंने यह भी बताया कि अमरूद, जामुन और आम के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर उससे कुल्ला करना आयुर्वेद में लाभकारी माना गया है. आंवले का माउथ फ्रेशनर यदि मुंह से दुर्गंध आती है, तो घर पर बना आंवले का माउथ फ्रेशनर उपयोगी हो सकता है. आंवले में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो मुंह की बदबू दूर करने के साथ शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करते हैं. इसे बनाने के लिए 500 ग्राम आंवले को धोकर पानी में उबाल लें. उबालने के बाद उसकी फांकों को अलग कर लें और पानी निकाल दें. फिर इसमें 500 ग्राम मिश्री पाउडर मिलाकर ढककर रख दें. कुछ समय बाद आंवला पानी छोड़ देगा, उस पानी को निकालकर 2 से 3 दिन तक यही प्रक्रिया दोहराएं. अंत में छानकर इसमें भुना जीरा पाउडर, अमचूर पाउडर, काली मिर्च पाउडर और काला नमक मिलाकर अच्छी तरह मिश्रित करें और एयरटाइट कंटेनर में रख लें. यह माउथ फ्रेशनर काफी लाभकारी माना जाता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ambala,Ambala,Haryana First Published : April 29, 2026, 06:15 IST