डायबिटीज से लेकर कब्ज तक की समस्या में कारगर है यह हरी सब्जी! अगर वजन घटाना है, तो इसके जूस का करें सेवन

Last Updated:April 28, 2026, 18:02 IST Health Tips: आयुर्वेद में तोरई के कई फायदे बताए गए हैं. तोरई का सेवन कई प्रकार से फायदेमंद है. ये पेट का मेटाबोलिक रेट बढ़ाता है और फैट कम करने में मदद करता है. इसके अलावा ये पानी से भरपूर है, जो वेट लॉस के लिए बेहद जरूरी है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि तोरई खाने के क्या-क्या फायदे हैं. आयुर्वेद में तोरई खाने के कई फायदे बताए गए हैं. यह पहले तो शरीर में शुगर मेटाबोलिज्म को तेज करता है और दूसरा डायबिटीज को मैनेज करने में मदद करता है. इसके अलावा डायबिटीज में होने वाली कब्ज की समस्या को भी दूर करने में तोरई का सेवन फायदेमंद है. अगर डायबिटीज है, तो आपको इसे अपने खाने में शामिल करना चाहिए. वेट लॉस की समस्या में फायदेमंद: तोरई का सेवन कई प्रकार से फायदेमंद है. ये पेट का मेटाबोलिक रेट बढ़ाता है और फैट कम करने में मदद करता है. इसके अलावा ये पानी से भरपूर है, जो वेट लॉस के लिए बेहद जरूरी है. अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो आपको तोरई की सब्जी या फिर तोरई का जूस पीना चाहिए. वैसे हरी सब्जियां हमारे खानपान का अहम हिस्सा हैं, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत को भी बेहतर बनाती है. इन्हीं में से एक है देसी तोरई, जो कद्दू वर्ग की पौष्टिक सब्जी मानी जाती है. इसमें बहुत सारे पोषक तत्व पाये जाते हैं. यह सब्जी न केवल हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है, बल्कि इसमें मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. तोरई का नियमित सेवन करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा एमडी मेडिसिन का कहना है कि हरी सब्जियों में तोराई एक ऐसी सब्जी है, जिसका सेवन हर घर में होता है. इसकी सब्जी के अलावा इसके पत्ते, बीज, तना भी हमारी सेहत व स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है. इसमें बहुत सारे औषधीय गुण मौजूद होते हैं. इसमें विटामिन सी, विटामिन ए, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं. बस इसका सही से इस्तेमाल करने की जरूरत है. कुष्ठ रोग में फायदेमंद: तोरई तेल की मालिश करने से कुष्ठ रोगों में लाभ होता है. तोरई के फल से बीज और गूदा निकालकर उसमें जल भरकर रात भर रख दें. सुबह 10-15 मिली की मात्रा में इस जल को पीने से कुष्ठ रोग में फायदा होता है. स्किन की समस्या में फायदेमंद: तोरई की सब्जी स्किन में एक्ने की समस्या को कम करने में मदद करती है. इसके अलावा तोरई का पानी स्किन को अंदर से हाइड्रेट करता है, जिससे स्किन अंदर से डिटॉक्स होती है और हमें ग्लोइंग स्किन पाने में मदद मिल सकती है. साथ ही ये बॉडी में हाइड्रेशन बहाल करता है, जिसकी वजह से गर्मियों में इसे खाना आपके लिए और फायदेमंद माना जाता है. कब्ज की समस्या में फायदेमंद: कब्ज की समस्या काे दूर करने के लिए भी ताेरई की सब्जी का सेवन किया जा सकता है. इसमें मौजूद डाइटरी फाइबर कब्ज की समस्या से निजात दिलाता है. इसमें फाइबर और पेट काे साफ करने में मददगार हाेता है, जिससे कब्ज की समस्या नहीं हाेती और पेट लगातार साफ हाेता रहता है. टांसिल के सूजन क़ी समस्या मे फायदेमंद: तोरई फल और पत्तों का काढ़ा बना लें. इसे 10-20 मिली मात्रा में पीने से टांसिल की सूजन और खांसी और सांस फूलना ठीक होता है. 2-4 ग्राम बीज चूर्ण में शहद मिलाकर सेवन करने से भी खांसी और दम फूलना ठीक होता है. First Published : April 28, 2026, 18:02 IST
How much Protein you should need daily | एक दिन में कितने प्रोटीन की जरूरत होत है

Last Updated:April 28, 2026, 18:02 IST How much Protein Your Body Need: डब्ल्यूएचओ के मुताबिक एक दिन में किसी भी व्यक्ति को 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए. कमोबेश यह बात सबको पता है. लेकिन क्या आपको पता है कि इंसानी शरीर के लिए बिल्डिंग ब्लॉक का काम करने वाले प्रोटीन की हमें एक दिन में कितनी जरूरत होती है. यह बात इसलिए भी जरूरी है कि प्रोटीन के बिना हमारी जिंदगी नहीं चल सकती है. इसकी कमी से शरीर खोखला हो जाएगा. इसलिए यहां जान लीजिए कि एक दिन में कितने प्रोटीन की जरूरत होती है और इसके लिए हमें क्या-क्या खाने की दरकार है. प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बिल्डिंग ब्लॉक है. नमक के बिना आपका भोजन बेशक बेस्वाद हो जाए लेकिन यह बात लगभग सबको पता है कि एक दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए. लेकिन जो सबसे जरूरी चीजें हैं वे बात अक्सर हमलोग नजरअंदाज कर देते हैं. प्रोटीन जिंदगी के लिए बिल्डिंग ब्लॉक है. यानी हमारे शरीर के निर्माण में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण चीज प्रोटीन है. प्रोटीन से ही मसल्स, स्किन, एंजाइम, हार्मोन आदि का निर्माण होता है. ऐसे में अगर हमारे शरीर में पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिला तो हमें कितनी परेशानियां होंगी, आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं. मुश्किल यह है कि भारत में अधिकांश व्यक्तियों को प्रोटीन की कमी होती है क्योंकि वे प्रोटीन के लिए आवश्यक चीजों का सेवन नहीं कर पाते हैं. आइए पहले हम यह समझते हैं कि हमें एक दिन में कितने प्रोटीन की जरूरत होती है. एक दिन में कितना प्रोटीन चाहिए सी के बिड़ला अस्पताल में इंटरनल मेडिसीन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तुषार तायल कहते हैं कि किसी व्यक्ति को प्रोटीन की कितनी जरूरत होती है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस व्यक्ति का वजन कितना है और वह किस तरह का काम करता है. अगर व्यक्ति शारीरिक रूप से ज्यादा काम करता है तो उसे ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होगी. इसका गोल्डन फॉर्मूल यह है कि अगर व्यक्ति मेहनत वाला काम नहीं करता है और सामान्य जीवन जी रहा है तो उसके शरीर के प्रति किलोग्राम वजन पर 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है. लेकिन जो व्यक्ति शारीरिक श्रम ज्यादा करता है जैसे कोई जिम में बहुत ज्यादा पसीना बहाता है या मजदूरी वाला काम करता है तो उसे प्रति किलोग्राम वजन पर 1.2 ग्राम से लेकर 2 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होगी. मान लीजिए आपका वजन 70 किलो है और आप सामान्य काम कर रहे हैं तो आपको एक दिन में 56 से 70 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है. लेकिन यदि आप ज्यादा मेहनत वाला काम करते हैं तो आपको 1.2 ग्राम से 2 ग्राम प्रति किलो वजन पर प्रोटीन लेने की जरूरत है. सामान्य तौर पर जितनी एनर्जी आपको मिलती है उसमें 15 से 25 प्रतिशत एनर्जी आपको प्रोटीन से मिली चाहिए. 70 ग्राम प्रोटीन के लिए क्या खाएं डॉ. तुषार तायल कहते हैं कि प्रोटीन को विभिन्न चीजों से प्राप्त करना चाहिए. वैसे एक अंडे से 5 से 6 ग्राम तक आपको प्रोटीन मिल जाएगा लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप रोज 10 अंडे खा लें और उनसे 60 ग्राम प्रोटीन प्राप्त कर लें. ऐसा गलती से भी न करें. इसके लेने के देने पड़ जाएंगे और अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है. आपको विभिन्न स्रोतों से प्रोटीन को प्राप्त करना होगा. भारत में प्रोटीन के लिए दाल सबसे बेहतर विकल्प है. 100 ग्राम दाल में 8 से 10 ग्राम तक प्रोटीन मिल जाएगा. वहीं 100 ग्राम पनीर में 18 से 20 ग्राम तक प्रोटीन मिल जाएगा. सोयाबीन में बहुत प्रोटीन होता है. 100 ग्राम सोयाबीन से आप 30 से 40 ग्राम तक प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं. 100 ग्राम चिकन से भी 30 ग्राम तक प्रोटीन ले सकते हैं. इसी तरह 100 एमएल दूध से 3 से 4 ग्राम प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं. ड्राई फ्रूट्स में ज्यादा प्रोटीन होता है. सौ ग्राम बादाम में आपको 21 ग्राम प्रोटीन मिल जाएगा लेकिन ड्राई फ्रूट्स महंगे होते हैं. पर साग सब्जियों में भी काफी प्रोटीन होता है. पालक के साग में सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है. इसलिए यदि आपकी डाइट बैलेंस है यानी आपके भोजन में सब कुछ सही मात्रा में शामिल है तो आपको सही मात्रा में प्रोटीन भी मिल जाएगा. सामान्य लोगों के लिए सुबह में भींगा हुआ मूंग, चना आदि खाने से बहुत प्रोटीन की जरूरत पूरी हो जाती है. प्रोटीन की कमी से क्या होता है प्रोटीन की कमी से कई तरह की बीमारियां होती है. प्रोटीन की कमी से क्वाशियोरकोर नाम की बीमारी होती है. इससे एडिमा और फैटी लिवर भी होता है. शरीर में पानी भरने लगता है. इतना ही नहीं जब शरीर में प्रोटीन की कमी होगी तो पूरा शरीर खोखला होने लगेगा. प्रोटीन की कमी के लक्षण अगर शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाए तो शरीर टूटने लगता है. पूरा शरीर थकान और कमजोरी से भर जाता है. लगातार थकान रहती है, दिन भर आलस रहता है. बाल पतले होने लगते हैं, स्किन ड्राई होने लगती है, नाखून भी कमजोर होने लगते हैं यहां तक कि अपने आप टूटने लगते हैं. अगर इस तरह शरीर में दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 28, 2026, 18:02 IST
छतरपुर जनसुनवाई में पहुंचा स्टूडेंट बोला- मुझे प्राइवेट कर दिया:प्राचार्य पर अभद्रता का आरोप; प्राचार्य बोले- रिकॉर्ड दिखवाएंगे

छतरपुर में कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान संदीपनी सीएम राइज हाई स्कूल के एक 12वीं के छात्र ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र दयाशंकर अहिरवार ने बताया कि उसे नियमित छात्र से जबरन प्राइवेट छात्र घोषित कर दिया गया है, जिससे उसका शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। छात्र दयाशंकर ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने उसके साथ अभद्रता कर धमकी दी। छात्र के अनुसार, प्राचार्य ने कहा, “बंदूक से गोली निकल जाने पर वापस नहीं आती, तो सर का आशय क्या है।” जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में छात्र ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्राचार्य बोले- रिकॉर्ड दिखवाएंगे मामले में जिला पंचायत सीईओ नम:शिवाय अरजरिया ने बताया कि छात्र ने शिकायत की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने बताया है कि राज्य शासन और बोर्ड की नीति के तहत, जिन छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होती है, उन्हें असंलग्न (प्राइवेट) श्रेणी की मार्कशीट दी जाती है। स्कूल में ऐसे 7 छात्रों के साथ यही प्रक्रिया अपनाई गई है। स्कूल के प्राचार्य ज्ञान प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि छात्र के मामले की पूरी जानकारी बुधवार को स्कूल खुलने के बाद रिकॉर्ड देखने पर ही स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने जांच के आधार पर स्थिति सामने आने की बात कही। कक्षा शिक्षक श्रीपाल अनुरागी ने बताया कि उनसे कम उपस्थिति वाले छात्रों की सूची मांगी गई थी, लेकिन उन्होंने इस छात्र का नाम नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि छात्र को प्राइवेट कैसे किया गया, यह जांच का विषय है। क्लास टीचर यह भी बताते हैं कि जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर और जिनका परफॉर्मेंस अच्छा नहीं होता या जो बच्चे उद्दंड और शैतानी प्रवत्ति के होते हैं। उन्हें भी प्राइवेट कर दिया जाता है ताकि रिजल्ट अच्छा आ सके। अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
भागलपुर में चैंबर में घुसकर ऑफिसर को गोलियों से भूना:नगर परिषद में फायरिंग करते घुसे अपराधी, चेयरमैन बीजेपी नेता के सिर में भी गोली मारी

भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद ऑफिस में मंगलवार को अपराधियों ने घुसकर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की हत्या कर दी। वहीं, नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू को भी सिर में गोली लगी है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। चेयरमैन बीजेपी के नेता बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अपराधी चेयरमैन की हत्या करने पहुंचे थे, लेकिन एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने विरोध किया तो ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दोनों को सिर में गोली मारकर अपराधी भाग निकले। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की पत्नी यूपी में ADM हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो टेंडर प्रक्रिया के साथ-साथ आपसी वर्चस्व को लेकर चेयरमैन-उपचेयरमैन के बीच विवाद है। इस विवाद की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दो अपराधियों की पहचान कर ली गई है। एक शूटर की पहचान की जा रही है। भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… अब वारदात के बाद 2 तस्वीर देखिए… चश्मदीद बोला- ऑफिस में घुसते ही फायरिंग की प्रत्यक्षदर्शी कृष्ण भूषण उर्फ रंजीत कुमार ने बताया, मंगलवार को करीब 3 बजे के आसपास नगर परिषद कार्यालय में चेयरमैन साहब और कार्यपालक पदाधिकारी (EO) बैठे हुए थे। कार्यालय में बाकी लोग भी मौजूद थे। स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी अंदर बैठे थे। इसी दौरान अचानक 3 से 5 की संख्या में अपराधी बुलेट से सवार होकर पहुंचे और सीधे कार्यालय के अंदर घुस आए। अपराधियों ने बिना किसी चेतावनी के ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पहले 2 गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद लगातार 2 से 4 राउंड और फायरिंग की गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। हम सभी लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां देखा कि चेयरमैन साहब और EO साहब गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े थे। इसके बाद हम लोगों ने दोनों घायलों को तत्काल उठाकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इस हमले में दोनों को गोली लगी है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी भाग निकले। BPSC 59वें बैच के अधिकारी थे कृष्णा भूषण कुमार कृष्णा भूषण कुमार BPSC 59वें बैच के अधिकारी थे। वे मूल रूप से मधुबनी शहर के रहने वाले थे। तीन साल पहले उनकी शादी मोतिहारी में हुई थी। उनके ससुराल पक्ष के अधिकांश सदस्य मुजफ्फरपुर के दामोदरपुर में रहते हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 30 जुलाई 2025 को सुल्तानगंज नगर परिषद में पदभार संभाला था। इसी साल फरवरी में सुल्तानगंज नगर परिषद ने बेस्ट अकाउंट्स प्रैक्टिस अवॉर्ड में देशभर में पहला स्थान हासिल किया था, जिसके लिए कृष्णा भूषण कुमार को दिल्ली में सम्मानित किया गया था। लोकल पॉलिटिक्स की वजह से हुई घटना जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन मंडल ने बताया कि, वारदात के पीछे लोकल पॉलिटिक्स हो सकती है। चेयरमैन को 2 गोली लगी है। एक गोली सिर में लगी है, दूसरी फेफड़े में फंसी हुई है। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की मौत हो गई है। ये बहुत ही दुखद घटना है। चेयरमैन की स्थिति ठीक नहीं है। मैंने उन्हें अस्पताल में जाकर देखा है। उन्हें पटना रेफर किया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने X पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव में “मारब सिक्सर की 𝟔 गोली छाती में”….गाकर भाजपाई गुंडों को खूब प्रोत्साहित किया था। अब तो उन अपराधियों का ही CM है। बीजेपी सरकार में हत्या होना अब मंगलराज की श्रेणी में आता है।’ —————————- ये खबर भी पढ़ें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
नरसिंहपुर में अनियंत्रित होकर फिसली बाइक, तीन लोग घायल:अचानक कुत्ता सामने आने से बिगड़ा संतुलन, शादी से लौटते समय हुआ हादसा

नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी कला के पास मंगलवार सुबह एक सड़क हादसे में दो महिलाओं सहित तीन लोग घायल हो गए। अचानक कुत्ता सामने आने से बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। तीनों शादी से वापस लौट रहे थे जानकारी के अनुसार, ग्राम ग्वारी निवासी 50 वर्षीय मालती बाई, उनके बेटे कमलेश भारिया (31) और बहू मालती (28) एक शादी समारोह में शामिल होने बहोरीपार गए थे। कार्यक्रम से लौटते समय यह हादसा हुआ। देवरी कला के पास चलते समय अचानक एक कुत्ता बाइक के सामने आ गया। टक्कर लगने से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और तीनों सवार सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने पहुंचाई मदद हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और उन्हें शासकीय जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद तीनों घायलों की हालत अब सामान्य है और उनका इलाज जारी है।
ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों पर एक्शन, आठ कॉलोनाइजर पर FIR:शासन के नियमों की अनदेखी कर काटी कॉलोनी, कोई एनओसी नहीं ली

ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। दो दिन पहले बिजौली और महाराजपुरा में एक दिन में 17 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इसके बाद सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात आठ और नए प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें दो मामले तिघरा थाना और छह मामले बिजौली थाना में दर्ज हुए हैं। सभी केस में कॉलोनाइजरों ने शासन के नियमों की अनदेखी करते हुए और आम लोगों को गुमराह करते हुए कॉलोनियां काट दी, जबकि उनके पास संबंधित किसी भी विभाग की एनओसी नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, शहर में अवैध रूप से प्लॉटिंग और कॉलोनियों के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इन कॉलोनियों को बिना वैध अनुमति और नियमों के विपरीत विकसित किया जा रहा था, जिस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त जांच में पाया गया कि बिना वैध अनुमति और नियमों के विपरीत कॉलोनियों का विकास किया जा रहा था। इन कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था थी और न ही संबंधित विभागों से मंजूरी ली गई थी, जिससे भविष्य में खरीदारों को नुकसान की आशंका बनी रहती है। बिजौली थाने में इन पर FIR
वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए:कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर

‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को रोकने के लिए वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है। यह कार्रवाई जनवरी 2026 से शुरू हुए 12 हफ्तों के दौरान सरकारी एजेंसियों से मिले इनपुट और कंपनी के इंटरनल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर की गई है। यह जानकारी अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दी गई है। कोर्ट इस समय देश में बढ़ते डिजिटल स्कैम के मामलों पर खुद संज्ञान (suo motu) लेकर सुनवाई कर रहा है, जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ठगते हैं। कंबोडिया जैसे देशों से ऑपरेट हो रहे थे स्कैम सेंटर वॉट्सएप की जांच में सामने आया है कि भारतीय यूजर्स को निशाना बनाने वाले ज्यादातर अकाउंट्स दक्षिण-पूर्व एशिया, खासकर कंबोडिया के स्कैम सेंटर्स से चलाए जा रहे थे। जालसाज लोगों को डराने के लिए अपनी प्रोफाइल पिक्चर और नाम में ‘दिल्ली पुलिस’, ‘मुंबई हेडक्वार्टर’, ‘CBI’ और ‘ATS डिपार्टमेंट’ जैसे आधिकारिक शब्दों और लोगो का इस्तेमाल कर रहे थे। सिर्फ शिकायत का इंतजार नहीं, नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस वॉट्सएप ने कहा कि वे हर इनपुट का इस्तेमाल पूरे क्रिमिनल नेटवर्क को मैप करने और उसे खत्म करने के लिए कर रही है। जहां सरकार ने 3,800 अकाउंट्स की जानकारी दी थी, वहीं वॉट्सएप ने अपनी जांच बढ़ाकर हजारों अन्य लिंक किए गए अकाउंट्स पर भी एक्शन लिया। ठगी रोकने के लिए 4 नए सेफ्टी फीचर्स वॉट्सएप अब प्लेटफॉर्म पर ही धोखाधड़ी रोकने के लिए नए टूल्स ला रहा है: बुजुर्ग दंपत्ति से 1.5 करोड़ की ठगी के बाद शुरू हुई कार्रवाई यह पूरा मामला अक्टूबर 2025 में तब शुरू हुआ जब एक बुजुर्ग दंपत्ति ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा। उनके साथ सीबीआई और आईबी अधिकारी बनकर 1.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। ठगों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए फर्जी अदालती आदेश दिखाकर उन्हें डराया था। कोर्ट ने इसके बाद पूरे देश में बढ़ रहे ऐसे मामलों पर केंद्र और एजेंसियों से जवाब मांगा था। नॉलेज पार्ट: क्या होता है डिजिटल अरेस्ट? यह एक साइबर क्राइम है जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं। वे शिकार को बताते हैं कि उनके नाम से कोई गैरकानूनी पार्सल आया है या वे किसी केस में फंस गए हैं। इसके बाद उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर घंटों कैमरे के सामने रहने को मजबूर किया जाता है और गिरफ्तारी का डर दिखाकर बैंक खातों से रुपए ट्रांसफर करा लिए जाते हैं।
वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए:कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर

‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को रोकने के लिए वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है। यह कार्रवाई जनवरी 2026 से शुरू हुए 12 हफ्तों के दौरान सरकारी एजेंसियों से मिले इनपुट और कंपनी के इंटरनल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर की गई है। यह जानकारी अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दी गई है। कोर्ट इस समय देश में बढ़ते डिजिटल स्कैम के मामलों पर खुद संज्ञान (suo motu) लेकर सुनवाई कर रहा है, जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ठगते हैं। कंबोडिया जैसे देशों से ऑपरेट हो रहे थे स्कैम सेंटर वॉट्सएप की जांच में सामने आया है कि भारतीय यूजर्स को निशाना बनाने वाले ज्यादातर अकाउंट्स दक्षिण-पूर्व एशिया, खासकर कंबोडिया के स्कैम सेंटर्स से चलाए जा रहे थे। जालसाज लोगों को डराने के लिए अपनी प्रोफाइल पिक्चर और नाम में दिल्ली पुलिस, मुंबई हेडक्वार्टर, CBI और ATS डिपार्टमेंट जैसे आधिकारिक शब्दों और लोगो का इस्तेमाल कर रहे थे। सिर्फ शिकायत का इंतजार नहीं, नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस वॉट्सएप ने कहा कि वे हर इनपुट का इस्तेमाल पूरे क्रिमिनल नेटवर्क को मैप करने और उसे खत्म करने के लिए कर रही है। जहां सरकार ने 3,800 अकाउंट्स की जानकारी दी थी, वहीं वॉट्सएप ने अपनी जांच बढ़ाकर हजारों अन्य लिंक किए गए अकाउंट्स पर भी एक्शन लिया। ठगी रोकने के लिए 4 नए सेफ्टी फीचर्स वॉट्सएप अब प्लेटफॉर्म पर ही धोखाधड़ी रोकने के लिए नए टूल्स ला रहा है: बुजुर्ग दंपत्ति से 1.5 करोड़ की ठगी के बाद शुरू हुई कार्रवाई यह मामला अक्टूबर 2025 में तब शुरू हुआ जब एक बुजुर्ग दंपत्ति ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा। उनके साथ CBI और IB अधिकारी बनकर ₹1.5 करोड़ की ठगी की गई थी। ठगों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए फर्जी अदालती आदेश दिखाकर उन्हें डराया था। कोर्ट ने इसके बाद पूरे देश में बढ़ रहे ऐसे मामलों पर केंद्र और एजेंसियों से जवाब मांगा था। नॉलेज पार्ट: क्या होता है डिजिटल अरेस्ट? इसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं। वे शिकार को बताते हैं कि उनके नाम से कोई गैरकानूनी पार्सल आया है या वे किसी केस में फंस गए हैं। इसके बाद उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर घंटों कैमरे के सामने रहने को मजबूर किया जाता है और गिरफ्तारी का डर दिखाकर बैंक खातों से रुपए ट्रांसफर करा लिए जाते हैं।
पन्ना में बीएससी छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी:परिजन ने युवक पर शादी के लिए परेशान का आरोप लगाया, एसपी से की शिकायत

पन्ना जिले में बीएससी प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। छात्रा के परिवार वालों ने एक युवक पर उसे परेशान करने और खुदकुशी के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया है। मंगलवार, 28 अप्रैल को छात्रा के पिता ने पन्ना एसपी को इस मामले में शिकायत की है। 21 साल की पुष्पा अहिरवार अमानगंज के पुरैना गांव की रहने वाली थी। वह पन्ना के साइंस कॉलेज में पढ़ाई करती थी और वहां किराए का कमरा लेकर रह रही थी। परिवार का आरोप है कि विकास अहिरवार नाम का युवक उसे काफी समय से परेशान कर रहा था और उस पर शादी करने के लिए लगातार दबाव डाल रहा था। धमकी से और बढ़ गया तनाव छात्रा के पिता गुटियां अहिरवार ने बताया कि जब उन्होंने इस बात की शिकायत युवक के परिवार से की, तो वे सुधरने के बजाय गाली-गलौज करने लगे और जान से मारने की धमकी दी। इससे छात्रा और ज्यादा तनाव में आ गई। आखिरी फोन पर बयां किया था दर्द पुष्पा की मां सुनीता ने बताया कि 16 अप्रैल को पुष्पा ने अपने पिता को फोन किया था। उसने रोते हुए बताया कि विकास ने उसका जीना मुश्किल कर दिया है और वह अब पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने उसी शाम फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। न्याय की गुहार पीड़ित पिता ने पुलिस से मांग की है कि उनकी बेटी को मौत के लिए उकसाने वाले आरोपी विकास पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है।
मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 52,946 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 42,431 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.76 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,659 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 6.44% कम रहा है। पिछले साल कंपनी को 3,911 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। निवेशकों को ₹140 डिविडेंड देगी कंपनी इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 140 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। रेवेन्यू 28.20% बढ़कर ₹52,462 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी को प्रोडक्ट और सर्विस बेचकर 52,462 करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू हासिल हुआ। सालाना आधार पर यह 28.20% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 40,920 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। चौथी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री 11.8% बढ़ी चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी ने कुल 6,76,209 गाड़ियां बेचीं। घरेलू मार्केट में कंपनी की सेल इस दौरान सालाना आधार पर 3.7% बढ़ी, जबकि एक्सपोर्ट 61.3% ज्यादा रहा। इसके चलते कंपनी की सालाना आधार पर ओवरऑल सेल्स ग्रोथ 11.8% रही। डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी ने 5,38,994 गाड़ियां बेचीं, जबकि 1,37,215 गाड़ियों को एक्सपोर्ट किया। यह कंपनी का ऑल-टाइम-हाई एक्सपोर्ट है। मारुति का शेयर एक साल में 9% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद मारुति सुजुकी का शेयर आज 2.51% गिरकर 12,890 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 21% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 23% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 9% चढ़ा है। मारुति सुजुकी का मार्केट कैप 4.05 लाख करोड़ रुपए है। 1982 में बनी थी मारुति सुजुकी इंडिया मारुति सुजुकी की स्थापना 24 फरवरी 1981 को भारत सरकार के स्वामित्व में मारुति इंडस्ट्रीज लिमिटेड रूप में हुई थी। 1982 में कंपनी ने जापान की सुजुकी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर ‘मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड’ बनाई। भारतीयों के लिए पहली बजट कार 1983 में मारुति 800 लॉन्च हुई। 47,500 रुपए की एक्स शोरूम कीमत पर कंपनी ने देश के एक बड़े तबके को कार खरीदने के लिए सक्षम बनाया था। मारुति सुजुकी पिछले 40 साल में देश में 3 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेच चुकी है।








