छतरपुर में कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान संदीपनी सीएम राइज हाई स्कूल के एक 12वीं के छात्र ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र दयाशंकर अहिरवार ने बताया कि उसे नियमित छात्र से जबरन प्राइवेट छात्र घोषित कर दिया गया है, जिससे उसका शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। छात्र दयाशंकर ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने उसके साथ अभद्रता कर धमकी दी। छात्र के अनुसार, प्राचार्य ने कहा, “बंदूक से गोली निकल जाने पर वापस नहीं आती, तो सर का आशय क्या है।” जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में छात्र ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्राचार्य बोले- रिकॉर्ड दिखवाएंगे
मामले में जिला पंचायत सीईओ नम:शिवाय अरजरिया ने बताया कि छात्र ने शिकायत की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने बताया है कि राज्य शासन और बोर्ड की नीति के तहत, जिन छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होती है, उन्हें असंलग्न (प्राइवेट) श्रेणी की मार्कशीट दी जाती है। स्कूल में ऐसे 7 छात्रों के साथ यही प्रक्रिया अपनाई गई है। स्कूल के प्राचार्य ज्ञान प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि छात्र के मामले की पूरी जानकारी बुधवार को स्कूल खुलने के बाद रिकॉर्ड देखने पर ही स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने जांच के आधार पर स्थिति सामने आने की बात कही। कक्षा शिक्षक श्रीपाल अनुरागी ने बताया कि उनसे कम उपस्थिति वाले छात्रों की सूची मांगी गई थी, लेकिन उन्होंने इस छात्र का नाम नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि छात्र को प्राइवेट कैसे किया गया, यह जांच का विषय है। क्लास टीचर यह भी बताते हैं कि जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर और जिनका परफॉर्मेंस अच्छा नहीं होता या जो बच्चे उद्दंड और शैतानी प्रवत्ति के होते हैं। उन्हें भी प्राइवेट कर दिया जाता है ताकि रिजल्ट अच्छा आ सके। अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।














































