स्कूल में महापौर का स्वच्छता सरप्राइज टेस्ट:मेयर ने छात्रों से पूछा- इंदौर स्वच्छता ब्रांड कैसे बना? बताया जनभागीदारी का फॉर्मूला

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंगलवार को चोइथराम स्कूल में स्टूडेंट के साथ स्वच्छता संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ‘सरप्राइज टेस्ट’ लेकर छात्रों की स्वच्छता संबंधी समझ परखी और शहर के लगातार स्वच्छता में नंबर-1 रहने के कारणों पर चर्चा की। ‘अ फॉरवर्ड स्टेप विद मेयर’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस संवाद में महापौर ने क्लास 9वीं से 12वीं तक के छात्रों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि इंदौर लगातार स्वच्छता में अव्वल क्यों है। इस पर छात्रों ने जवाब दिया कि जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन इसकी सबसे बड़ी वजह है। महापौर ने भी इस बात पर जोर देते हुए कहा कि इंदौर अब एक स्वच्छता ब्रांड बन चुका है, जिसमें सबसे बड़ी भूमिका आम नागरिकों और खासतौर पर युवाओं की है। उन्होंने सेग्रीगेशन (कचरा अलग-अलग करने) के महत्व को समझाया और छात्रों से शहर के बारे में उनकी जानकारी भी परखी। सीवरेज पर बड़ा खुलासा, स्टूडेंट्स ने पूछे सवाल महापौर ने बताया कि शहर में रोजाना करीब 900 एमएलडी सीवरेज निकलता है, जबकि इसे ट्रीट करने की क्षमता सिर्फ 500 एमएलडी है। बाकी सीवरेज शहर की दो प्रमुख नदियों में चला जाता है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद के दौरान छात्रों ने सोलर एनर्जी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, ट्रैफिक और फुटपाथ पर अवैध पार्किंग जैसे मुद्दों पर सवाल किए। साथ ही उन्होंने महापौर से यह भी पूछा कि वे नेगेटिविटी और क्रिटिसिज्म को कैसे हैंडल करते हैं। मेयर की अपील महापौर ने छात्रों से अपील की कि वे स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनें और शहर को साफ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट को भी सुझाव दिया कि ऐसे विषयों पर नियमित चर्चा कराई जाए।
पन्ना में दीवार गिरी, एक महिला की मौत:बारिश से बचने रुकी थी, 3 लोग घायल

पन्ना जिले के शाहनगर क्षेत्र के कचौरी गांव में सोमवार और मंगलवार (27 अप्रैल) की दरमियानी रात एक दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। इस घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा तेज आंधी-तूफान के कारण हुआ। प्रत्यक्षदर्शी निर्भय सिंह ने बताया कि अचानक मौसम बदलने से तेज आंधी और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान माया सिंह (40), जो पास की एक पेपर कार्टन फैक्ट्री से काम कर घर लौट रही थीं, बारिश से बचने के लिए निर्भय सिंह के घर के पास रुकीं। उनके साथ एक शादी समारोह से लौट रहे कुछ अन्य ग्रामीण भी बारिश से बचने के लिए वहीं खड़े थे, तभी हवा के तेज झोंके से पक्की ईंटों की दीवार ढह गई। मलबे में दबने से घायल हुई माया सिंह (40 वर्ष, पति प्रेम सिंह, निवासी कचौरी) की कटनी में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना में निर्भय सिंह (42 वर्ष, पिता शंकर सिंह, निवासी कचौरी), रवि शंकर सिंह (35 वर्ष, पिता रोहाणी सिंह, निवासी खमतरा) और परसोत्तम सिंह (35 वर्ष, पिता ईश्वर दीन सिंह, निवासी चोपरा) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज चल रहा है। दीवार गिरने की आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर शाहनगर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन द्वारा नियमानुसार सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे कचौरी गांव को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर शादी की खुशियां थीं, तो दूसरी ओर इस हादसे ने मातम पसार दिया। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
सिंगरौली में तीन सूने घरों में चोरी:ताले तोड़कर घुसे चोरों ने लाखों का सामान चुराया; एक स्कूटी भी लेकर फरार

सिंगरौली जिले के विंध्यनगर थाना अंतर्गत जयंत चौकी क्षेत्र में स्थित एनसीएल जयंत परियोजना की CWS कॉलोनी में चोरी की वारदात हुई है। जिले की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इस कॉलोनी में सोमवार रात अज्ञात चोरों ने तीन बंद पड़े आवासों को निशाना बनाया। चोरों ने घरों के ताले तोड़कर अंदर जमकर उत्पात मचाया। जिन घरों में चोरी हुई, उनके परिवार बच्चे की छुट्टियों और शादी-विवाह के कारण अपने पैतृक गांव गए हुए थे। सूने मकानों का फायदा उठाकर चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। तीनों घरों के लॉकर तोड़ दिए गए और सामान बिखरा मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चोरों ने काफी समय लेकर घरों की तलाशी ली। कॉलोनी से एक स्कूटी भी ले गए चोर चोर कॉलोनी से एक स्कूटी भी चोरी कर ले गए, लेकिन किसी भी गेट पर उसकी एंट्री दर्ज नहीं हुई। इस घटना ने कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जाता है कि कॉलोनी में करीब 15 सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, जिनकी भूमिका पर अब सवाल उठ रहे हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही इस घटना के बाद कॉलोनीवासियों में भारी आक्रोश है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली कॉलोनी में ऐसी वारदात हो सकती है, तो अन्य इलाकों की सुरक्षा का क्या होगा। मामले में थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और घर खाली छोड़ते समय पड़ोसियों व सुरक्षा कर्मियों को सूचित करने की सलाह दी है।
मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को लेकर SC में सुनवाई:मुस्लिम बोर्ड ने कहा था- वे घर पर ही इबादत करें, महिलाओं के खतना पर भी होगी बहस

केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सबरीमाला पर बहस 22 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। अब मुस्लिम धर्म में महिलाओं से जुड़े रीति-रिवाजों पर बहस जारी है। 23 अप्रैल को पिछली सुनवाई में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने कोर्ट से कहा था कि इस्लाम महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिद आने से नहीं रोकता है, लेकिन यह बेहतर है कि वे घर पर ही इबादत करें। उधर मुस्लिम महिलाओं में एफजीएम (फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन) यानि खतना से जुड़ी प्रथा पर भी बहस होगी। 7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक सुनवाई हुई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई थी। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछले 7 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं
43 डिग्री तापमान में अंडा खाना नुकसानदायक या फायदेमंद? डॉक्टर ने बताया पूरा सच

Last Updated:April 28, 2026, 10:54 IST गर्मियों में अंडा खाने को लेकर कई तरह के भ्रम हैं. कुछ लोग मानते हैं कि अंडा शरीर में गर्मी बढ़ाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. सीमित मात्रा में अंडा खाना हर मौसम में फायदेमंद होता है और यह शरीर को जरूरी प्रोटीन प्रदान करता है. फरीदाबाद: फरीदाबाद में इस समय गर्मी अपने चरम पर है. तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. ऐसे में लोग अपने खानपान को लेकर काफी सतर्क हो जाते हैं. खासकर अंडे को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या इतनी भीषण गर्मी में अंडा खाना सही है या नहीं. कई लोगों का मानना है कि अंडा शरीर में गर्मी बढ़ाता है इसलिए इसे गर्मियों में नहीं खाना चाहिए. लेकिन क्या सच में ऐसा है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने डॉक्टर से बात की. अंडा एक कंप्लीट प्रोटीन फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट डॉ. रितिका शर्मा ने बताया अंडे का मौसम से कोई सीधा संबंध नहीं है. चाहे सर्दी हो या गर्मी, शरीर को हर मौसम में संतुलित आहार की जरूरत होती है. अंडा एक कंप्लीट प्रोटीन है जिसमें शरीर के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं. अंडे को सिर्फ मौसम के आधार पर अपनी डाइट से बाहर नहीं करना चाहिए. डॉ. रितिका ने बताया कुछ लोगों को अंडा खाने से पेट में भारीपन, अपच या एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. यह पूरी तरह व्यक्ति की बॉडी सेंसिटिविटी पर निर्भर करता है. हर किसी का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है. अगर किसी को अंडा खाने से परेशानी होती है तो वह इसकी मात्रा कम कर सकता है या डॉक्टर की सलाह ले सकता है. लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए अंडा पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है. गर्मियों में अंडे को सीमित मात्रा में खाना बेहतर डॉक्टर रितिका ने बताया गर्मियों में अंडे को सीमित मात्रा में खाना बेहतर रहता है. अक्सर लोग कहते हैं कि अंडा गर्म होता है लेकिन इसे साबित करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. सर्दियों में लोग ज्यादा अंडे खाते हैं क्योंकि उस समय शरीर को अधिक ऊर्जा और प्रोटीन की जरूरत होती है. वहीं गर्मियों में हल्का भोजन ज्यादा पसंद किया जाता है इसलिए अंडों की मात्रा अपने आप कम हो जाती है. रोज सुबह अंडा खाना बच्चों और बड़ों दोनों के लिए फायदेमंद डॉ. रितिका शर्मा ने बताया रोज सुबह अंडा खाना बच्चों और बड़ों दोनों के लिए फायदेमंद है. एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में दो अंडे आराम से खा सकता है. चार साल से छोटे बच्चों के लिए एक अंडा पर्याप्त होता है. अंडा खाते समय उसकी गुणवत्ता, ताजगी और उसे पकाने का तरीका भी बहुत मायने रखता है. साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए उबला या हल्का पका अंडा सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है. इसलिए गर्मी हो या सर्दी सीमित मात्रा में अंडा आपकी सेहत के लिए हमेशा फायदेमंद रहेगा. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana First Published : April 28, 2026, 10:54 IST
झाबुआ में पारा 43.8°C पहुंचा, लू का प्रकोप:सड़कों पर सन्नाटा; डॉक्टरों ने धूप से बचने, हाइड्रेटेड रहने की दी सलाह

झाबुआ में पिछले सात दिनों में तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल के अंतिम हफ्ते में भीषण गर्मी और लू का असर देखा जा रहा है। इस दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 3.6°C की बढ़ोतरी हुई है। हफ्ते की शुरुआत में तापमान 40.2°C (22 अप्रैल) था, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। 25 अप्रैल को पारा 41.8°C तक पहुंच गया। 26 और 27 अप्रैल को अधिकतम तापमान 43.8°C दर्ज किया गया, जो सप्ताह का सर्वाधिक था। इन दिनों में न्यूनतम तापमान भी 25.5°C से 26.0°C के बीच रहा, जिससे रातें भी गर्म रहीं। 24 अप्रैल को 40.4°C दर्ज किए गए तापमान में 48 घंटों के भीतर 3.4°C की वृद्धि हुई, और 26 अप्रैल को यह 43.8°C पर पहुंच गया। इस तीव्र वृद्धि ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। हफ्ते की शुरुआत में न्यूनतम तापमान 20.6°C (24 अप्रैल) था, लेकिन हफ्ते के अंत तक इसमें 5 डिग्री से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इससे रात के समय भी गर्मी से राहत मिलना मुश्किल हो गया। पिछले दो दिनों की तुलना में आज तापमान में कमी आज मंगलवार को अधिकतम तापमान 42.2°C दर्ज किया गया। यह पिछले दो दिनों की तुलना में थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। मौसम में इस अचानक बदलाव के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखा गया। डॉक्टरों ने बढ़ते तापमान और लू के मद्देनजर लोगों को हाइड्रेटेड रहने और दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है।
गुजरात निकाय चुनाव- 10,050 सीटों में 732 निर्विरोध चुने गए:भाजपा 712 पर आगे; कांग्रेस ने गांधीनगर जिला पंचायत सीट जीती

गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के मंगलवार को वोटों की गिनती जारी है। 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। 10,050 सीटों में से 732 सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुआ है, जिनमें भाजपा 712 सीटों पर आगे है। वहीं, गांधीनगर जिला पंचायत की भोयान सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार मंजुलाबेन ने 1374 वोटों से जीत दर्ज की है। गुजरात में 26 अप्रैल को रविवार को स्थानीय और नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 15 नगर निगमों में 55.1% मतदान हुआ। नगरपालिकाओं में 65.53%, जिला पंचायतों में 66.64% और तालुका पंचायतों में 67.26% वोटिंग दर्ज की गई। पिछले चुनाव में बीजेपी ने 8,470 में से 6,236 सीटें जीती थीं 2021 के स्थानीय चुनाव में BJP ने शानदार जीत हासिल की थी। पार्टी नगरपालिकाओं की 8,470 सीट में से 6,236 सीट जीती थीं। BJP ने तब सभी छह नगर निगमों के अलावा 81 नगरपालिकाओं, 32 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों पर अपना दबदबा बनाए रखा था। वहीं, अहमदाबाद में ओवैसी की पार्टी AIMIM के 7 पार्षद चुने गए थे। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात की राजनीति में एक मजबूत तीसरी ताकत के रूप में एंट्री की थी। सूरत नगर निगम में आप ने 120 में से 27 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था। AAP इस बार 5,000 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। अन्य उम्मीदवारों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, एआईएमआईएम और निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। 2015 के चुनावों में भाजपा को पंचायतों में सबसे बड़ा झटका लगा था। कुल 31 में से भाजपा केवल 8 जिला पंचायतों में ही जीत हासिल कर सकी थी। वहीं कांग्रेस ने 23 जिला पंचायतों में अपना दबदबा कायम रखते हुए भाजपा के कमल को हरा दिया था। ——— ये खबर भी पढ़ें… गुजरात निकाय चुनाव में 57.8% वोटिंग:मतदान के दौरान हार्ट अटैक से जामनगर नगर निगम में AAP कैंडिडेट समेत 3 की मौत गुजरात में स्थानीय और नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान हुआ। इसमें 57.08% मतदान दर्ज किया गया है। 15 नगर निगमों में 49%, 84 नगर निगमों में 58.12%, 34 जिला पंचायतों में 60.21% और 260 तालुका पंचायतों में 61% मतदान दर्ज किया गया। पूरी खबर पढ़ें…
शकीरा के शो से पहले क्रू मेंबर की मौत:ब्राजील में स्टेज तैयार करते समय हुआ हादसा, सिंगर ने दुख जताया

ब्राजील में सिंगर शकीरा के अपकमिंग कॉन्सर्ट की तैयारियों के दौरान एक हादसा हो गया। रविवार को शो के लिए स्टेज तैयार करते समय गैब्रियल डी जीसस फिरमिनो नाम का एक क्रू मेम्बर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। कॉन्सर्ट के ऑर्गनाइजर्स ने इसकी पुष्टि की है। ब्राजील के रियो डी जनेरियो में शकीरा का यह कॉन्सर्ट 2 मई 2026 को होने वाला है। पीपल मैगजीन के अनुसार, यह हादसा रविवार दोपहर को हुआ, जब कर्मचारी शो के लिए स्ट्रक्चर तैयार करने वाली टीम का हिस्सा था। ऑर्गनाइजर्स ने इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि मृतक स्टेज बनाने का काम करता था और हादसे के बाद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। शकीरा ने दुख जताया वहीं, एंटरटेनमेंट वीकली के अनुसार, एक बयान में शकीरा ने कहा, ‘मैं गैब्रियल डी जीसस फिरमिनो के परिवार, दोस्तों और साथ काम करने वालों के लिए बहुत दुखी हूं।’ ऑर्गनाइजर्स ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर मौजूद फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स ने शुरुआती मदद दी। इसके बाद फायर डिपार्टमेंट को बुलाया गया और घायल कर्मचारी को अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। स्टेट फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, हादसा लिफ्टिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते समय हुआ। इस दौरान कर्मचारी के पैर बुरी तरह कुचल गए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। आयोजकों ने कहा कि पीड़ित के परिवार, संबंधित कंपनी और इस घटना से प्रभावित टीम के सदस्यों को हर संभव सहायता दी जा रही है।
सन फार्मा 1 लाख करोड़ में अमेरिकी कंपनी 'ऑर्गेनॉन' खरीदेगी:इसकी कई महंगी पेटेंट दवाएं भी बेचेगी, पूरा सौदा नगद में होगा

भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी सन फार्मा अमेरिका (न्यू जर्सी) की दिग्गज कंपनी ऑर्गेनॉन को 1.10 लाख करोड़ रुपए में खरीदेगी। यह किसी भी भारतीय दवा कंपनी द्वारा किया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा विदेशी सौदा है। डील को लेकर दोनों कंपनियों ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी किया। इसके तहत सन फार्मा ऑर्गेनॉन के सभी बकाया शेयर 14 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर खरीदेगी। पूरा सौदा नकद में होगा। इससे सन फार्मा दुनिया की टॉप-25 दवा कंपनियों में शामिल हो जाएगी। उसकी पहुंच 150 देशों में होगी। दुनिया की 7वीं बड़ी कंपनी बन जाएगी सनफार्मा बायोसिमिलर्स जैविक दवाओं वाली यह दुनिया की 7वीं बड़ी कंपनी बन जाएगी। 900-900 करोड़ रुपए राजस्व वाले 18 बड़े बाजार उसके पास होंगे। डील में ऑर्गेनॉन का 81 हजार करोड़ रु. का कर्ज भी शामिल है। हालांककि सन फार्मा का कहना है कि डील के बाद दोनों कंपनियों का संयुक्त राजस्व 1.16 लाख करोड़ रुपए होगा। सौदा 2027 में पूरा होने की उम्मीद है। जानें इस डील से जुड़ी सवालों के जवाब सवाल 1: दुनिया में सन फार्मा की स्थिति क्या है? जवाब: यह दुनिया की सबसे बड़ी जेनेरिक दवा बनाने की कंपनियों में से एक है। इसकी मार्केट वैल्यू 4 लाख करोड़ रु. है। वैश्विक स्तर पर 2 हजार से ज्यादा प्रोडक्ट हैं। 5 महाद्वीपों में 41 अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। 100 से अधिक देशों में कारोबार फैला है। सवाल 2: ऑर्गेनॉन कितनी बड़ी फार्मा कंपनी है? जवाब: 28 हजार करोड़ रुपए की मार्केट वैल्यू वाली ऑर्गेनॉन 2021 में दवा जगत की दिग्गज मर्क एंड कंपनी से अलग होकर बनी थी। आज चीन, अमेरिका, कनाडा, यूरोप, ब्राजील समेत 140 देशों में इसका बाजार है। 10 हजार कर्मचारी हैं। इनके पास महिला स्वास्थ्य एवं सामान्य दवाओं के क्षेत्र में 70 से अधिक प्रोडक्ट का पोर्टफोलियो है। इनमें सबसे प्रमुख है नेक्सप्लानन, जो गर्भनिरोधक इम्प्लांट है। ये 60 देशों में ऑर्गेनॉन बेचती है। सवाल 3: भारत दुनिया की फार्मेसी क्यों है? जवाब: अमेरिकी जेनेरिक बाजार में भारतीय दवाओं हिस्सेदारी 40% तो यूरोप में 25% है। अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली हर 3 में से एक दवा भारतीय कंपनी की है। यहां पिछले साल भारत से 99 हजार करोड़ रु. की दवाएं भेजी गईं। दोनों बाजारों में सन फार्मा, ऑरोबिंदो, डॉ. रेड्डीज, ल्यूपिन बड़ी हिस्सेदार हैं। सवाल 4: सन फार्मा देश की नंबर वन कंपनी कैसे बनी? जवाब: सन फार्मा 16 साल में छह अधिग्रहण कर चुकी है। 2013 में रेनबैक्सी देश में नंबर वन थी, लेकिन 2014 में सन फार्मा ने अधिग्रहण कर लिया। 2025 में अमेरिकी बायोफार्मा कंपनी चेकपॉइंट थेराप्यूटिक्स के अधिग्रहण से कंपनी की वैश्विक धाक जमीं। 10 हजार रुपए उधार लेकर शुरू की थी कंपनी सन फार्मा के संस्थापक दिलीप सांघवी (71) मूल रूप से गुजरात के अमरेली जिले के हैं। अभी पूरा परिवार मुंबई में रहता है। इनके शुरुआती दिनों का एक किस्सा है। दरअसल, 1983 में दिलीप ने दवा कारोबारी पिता शांतिलाल से 10 हजार रुपए उधार लेकर 5 दोस्तों के साथ एक कमरे में सन फार्मा की नींव रखी। तब वे खुद सेल्समैन थे। एमआर की तरह डॉक्टरों के पास जाकर दवाएं समझाते थे। 1993 में दिलीप ने सिजोफ्रेनिया की दवा क्लोजापाइन लॉन्च करने की योजना बनाई। तभी पता चला कि प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैंडोज भी इसे 22 शहरों में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। सांघवी ने रणनीति बदली और डेडलाइन से तीन हफ्ते ही दवा लॉन्च कर दी। देश के लिए गौरव; फाइजर जैसी कंपनी की लीग में होगी सन फार्मा चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के जमैत्री सेठ कहते हैं कि ऑर्गेनॉन अपने साथ 58 हजार करोड़ रुपए का राजस्व लेकर आएगी। डील दिखाती है कि भारतीय कंपनियां अब अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों को खरीदने की वित्तीय ताकत रखती हैं। इससे सन फार्मा फाइजर और नोवार्टिस जैसी कंपनियों की लीग में खड़ी होगी। भारत इनोवेटिव और स्पेशलिटी दवाओं के क्षेत्र में भी एक वैश्विक शक्ति बन सकता है। हालांकि अभी इस सौदे को कई देशों के नियामक प्राधिकरणों से मंजूरी लेनी होगी। अमेरिका में फेडरल ट्रेड कमीशन इस सौदे की बारीकी से जांच करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा कम न हो।
सन फार्मा 1 लाख करोड़ में अमेरिकी कंपनी 'ऑर्गेनॉन' खरीदेगी:इसकी कई महंगी पेटेंट दवाएं भी बेचेगी, पूरा सौदा नगद में होगा

भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी सन फार्मा अमेरिका (न्यू जर्सी) की दिग्गज कंपनी ऑर्गेनॉन को 1.10 लाख करोड़ रुपए में खरीदेगी। यह किसी भी भारतीय दवा कंपनी द्वारा किया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा विदेशी सौदा है। डील को लेकर दोनों कंपनियों ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी किया। इसके तहत सन फार्मा ऑर्गेनॉन के सभी बकाया शेयर 14 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर खरीदेगी। पूरा सौदा नकद में होगा। इससे सन फार्मा दुनिया की टॉप-25 दवा कंपनियों में शामिल हो जाएगी। उसकी पहुंच 150 देशों में होगी। दुनिया की 7वीं बड़ी कंपनी बन जाएगी सनफार्मा बायोसिमिलर्स जैविक दवाओं वाली यह दुनिया की 7वीं बड़ी कंपनी बन जाएगी। 900-900 करोड़ रुपए राजस्व वाले 18 बड़े बाजार उसके पास होंगे। डील में ऑर्गेनॉन का 81 हजार करोड़ रु. का कर्ज भी शामिल है। हालांककि सन फार्मा का कहना है कि डील के बाद दोनों कंपनियों का संयुक्त राजस्व 1.16 लाख करोड़ रुपए होगा। सौदा 2027 में पूरा होने की उम्मीद है। जानें इस डील से जुड़ी सवालों के जवाब सवाल 1: दुनिया में सन फार्मा की स्थिति क्या है? जवाब: यह दुनिया की सबसे बड़ी जेनेरिक दवा बनाने की कंपनियों में से एक है। इसकी मार्केट वैल्यू 4 लाख करोड़ रु. है। वैश्विक स्तर पर 2 हजार से ज्यादा प्रोडक्ट हैं। 5 महाद्वीपों में 41 अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। 100 से अधिक देशों में कारोबार फैला है। सवाल 2: ऑर्गेनॉन कितनी बड़ी फार्मा कंपनी है? जवाब: 28 हजार करोड़ रुपए की मार्केट वैल्यू वाली ऑर्गेनॉन 2021 में दवा जगत की दिग्गज मर्क एंड कंपनी से अलग होकर बनी थी। आज चीन, अमेरिका, कनाडा, यूरोप, ब्राजील समेत 140 देशों में इसका बाजार है। 10 हजार कर्मचारी हैं। इनके पास महिला स्वास्थ्य एवं सामान्य दवाओं के क्षेत्र में 70 से अधिक प्रोडक्ट का पोर्टफोलियो है। इनमें सबसे प्रमुख है नेक्सप्लानन, जो गर्भनिरोधक इम्प्लांट है। ये 60 देशों में ऑर्गेनॉन बेचती है। सवाल 3: भारत दुनिया की फार्मेसी क्यों है? जवाब: अमेरिकी जेनेरिक बाजार में भारतीय दवाओं हिस्सेदारी 40% तो यूरोप में 25% है। अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली हर 3 में से एक दवा भारतीय कंपनी की है। यहां पिछले साल भारत से 99 हजार करोड़ रु. की दवाएं भेजी गईं। दोनों बाजारों में सन फार्मा, ऑरोबिंदो, डॉ. रेड्डीज, ल्यूपिन बड़ी हिस्सेदार हैं। सवाल 4: सन फार्मा देश की नंबर वन कंपनी कैसे बनी? जवाब: सन फार्मा 16 साल में छह अधिग्रहण कर चुकी है। 2013 में रेनबैक्सी देश में नंबर वन थी, लेकिन 2014 में सन फार्मा ने अधिग्रहण कर लिया। 2025 में अमेरिकी बायोफार्मा कंपनी चेकपॉइंट थेराप्यूटिक्स के अधिग्रहण से कंपनी की वैश्विक धाक जमीं। 10 हजार रुपए उधार लेकर शुरू की थी कंपनी सन फार्मा के संस्थापक दिलीप सांघवी (71) मूल रूप से गुजरात के अमरेली जिले के हैं। अभी पूरा परिवार मुंबई में रहता है। इनके शुरुआती दिनों का एक किस्सा है। दरअसल, 1983 में दिलीप ने दवा कारोबारी पिता शांतिलाल से 10 हजार रुपए उधार लेकर 5 दोस्तों के साथ एक कमरे में सन फार्मा की नींव रखी। तब वे खुद सेल्समैन थे। एमआर की तरह डॉक्टरों के पास जाकर दवाएं समझाते थे। 1993 में दिलीप ने सिजोफ्रेनिया की दवा क्लोजापाइन लॉन्च करने की योजना बनाई। तभी पता चला कि प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैंडोज भी इसे 22 शहरों में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। सांघवी ने रणनीति बदली और डेडलाइन से तीन हफ्ते ही दवा लॉन्च कर दी। देश के लिए गौरव; फाइजर जैसी कंपनी की लीग में होगी सन फार्मा चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के जमैत्री सेठ कहते हैं कि ऑर्गेनॉन अपने साथ 58 हजार करोड़ रुपए का राजस्व लेकर आएगी। डील दिखाती है कि भारतीय कंपनियां अब अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों को खरीदने की वित्तीय ताकत रखती हैं। इससे सन फार्मा फाइजर और नोवार्टिस जैसी कंपनियों की लीग में खड़ी होगी। भारत इनोवेटिव और स्पेशलिटी दवाओं के क्षेत्र में भी एक वैश्विक शक्ति बन सकता है। हालांकि अभी इस सौदे को कई देशों के नियामक प्राधिकरणों से मंजूरी लेनी होगी। अमेरिका में फेडरल ट्रेड कमीशन इस सौदे की बारीकी से जांच करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा कम न हो।







