Wednesday, 21 Oct 2026 | 07:25 AM

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बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों यात्रियों को शीतल जल सेवा:तीसरे हफ्ते भी समिति सक्रिय, भीषण गर्मी में जलदान से राहत

बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों यात्रियों को शीतल जल सेवा:तीसरे हफ्ते भी समिति सक्रिय, भीषण गर्मी में जलदान से राहत

अक्षय तृतीया के अवसर पर श्री बहुचरा माता सेवा समिति राजपुरा ने बुरहानपुर रेलवे स्टेशन परिसर में निःशुल्क शीतल जल सेवा का आयोजन किया। भीषण गर्मी के बीच समिति ने सैकड़ों यात्रियों को शीतल जल उपलब्ध कराया। यात्रियों ने इस पहल की सराहना की। समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि अक्षय तृतीया के महत्व को ध्यान में रखते हुए यह सेवा कार्य किया गया। उनका कहना था कि इस पवित्र दिन पर जल दान को बड़ा धर्म माना जाता है। इसी भावना के साथ समिति के सदस्यों ने स्वयं श्रमदान कर यात्रियों को शीतल जल वितरित किया। इस सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी में यात्रियों को राहत प्रदान करना था। समिति के सभी सदस्यों ने इस आयोजन में सक्रिय रूप से योगदान दिया। समिति ने भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्यों को जारी रखने का संकल्प लिया है। इस सेवा कार्य को स्थानीय लोगों और रेलवे अधिकारियों-कर्मचारियों का भी सहयोग मिल रहा है। लोग स्वयं आगे आकर पानी की कैन उपलब्ध कराने की पेशकश कर रहे हैं। समिति द्वारा यह लगातार तीसरे सप्ताह रविवार को की गई जल सेवा है।

डिंडौरी में जनगणना 2027 का प्रशिक्षण शुरू:220 प्रगणक हुए शामिल; एक मई से डोर-टू-डोर सर्वे, मास्टर ट्रेनर्स ने प्रक्रिया समझाई

डिंडौरी में जनगणना 2027 का प्रशिक्षण शुरू:220 प्रगणक हुए शामिल; एक मई से डोर-टू-डोर सर्वे, मास्टर ट्रेनर्स ने प्रक्रिया समझाई

डिंडौरी के डाइट प्रशिक्षण केंद्र में रविवार को जनगणना 2027 के लिए प्रगणकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। मास्टर ट्रेनर्स प्रगणकों को घर-घर जाकर सर्वे करने और मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा अपलोड करने की तकनीकी प्रक्रिया समझा रहे है। प्रशिक्षण से गायब रहने वाले दो प्रगणकों को तहसीलदार ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 31 मई तक चलेगा मोबाइल ऐप आधारित सर्वे प्रगणक 1 मई से 31 मई तक घर-घर जाकर परिवारों की जानकारी एकत्र करेंगे। प्रशिक्षण में बताया गया कि इस सर्वे के दौरान प्रत्येक परिवार से कुल 34 सवाल पूछे जाएंगे। प्रगणकों को मकानों की नंबरिंग करने, गांव का नजरिया नक्शा तैयार करने और डिजिटल डेटा सुरक्षित रूप से अपलोड करने का अभ्यास कराया जा रहा है। 412 गांवों के लिए 569 ब्लॉक तैयार डिंडौरी तहसील के 412 गांवों में गणना कार्य के लिए 569 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया के लिए कुल 703 स्टाफ तैनात किया गया है, जिसमें 513 प्रगणक और 91 सुपरवाइजर शामिल हैं। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति के लिए 10 प्रतिशत स्टाफ को रिजर्व में रखा है। पांच कक्षों में मास्टर ट्रेनर्स दे रहे ट्रेनिंग तहसीलदार शशांक शेडे ने बताया कि पांच अलग-अलग कक्षों में 220 प्रगणकों को 11 मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगा। प्रशिक्षण सत्र में अमरपुर नायब तहसीलदार सुरभि सुलाखे और समनापुर नायब तहसीलदार सुखमन कुलेश भी उपस्थित रहे। स्व-गणना आईडी सुरक्षित रखने के निर्देश प्रशिक्षण में 16 से 30 अप्रैल तक चलने वाली स्व-गणना प्रक्रिया पर भी जोर दिया गया। प्रगणकों को निर्देशित किया गया है कि वे नागरिकों को स्वयं जानकारी भरने के लिए जागरूक करें और उससे प्राप्त होने वाली संदर्भ आईडी को सुरक्षित रखने में मदद करें। ट्रेनिंग के दौरान प्रगणकों के लिए ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की जा रही है।

तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 16 की मौत:विरुधुनगर में हादसा, 6 घायल, कई मलबे में दबे; आसपास की बिल्डिंग में भी दरारें आईं

तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 16 की मौत:विरुधुनगर में हादसा, 6 घायल, कई मलबे में दबे; आसपास की बिल्डिंग में भी दरारें आईं

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में रविवार को धमाका हुआ। फायर एंड रेस्क्यू विभाग के मुताबिक, हादसे में अब तक 16 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। 6 लोगों को गंभीर घायल होने के कारण अस्पताल ले जाया गया, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री के आसपास की बिल्डिंग्स में भी दरारें आने की खबर है। दमकल, पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। फिलहाल विस्फोट के कारण साफ नहीं हो सके हैं। सीएम स्टालिन ने जताया शोक तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने X पर लिखा- इस हादसे में कई लोगों की मौत की खबर बेहद दुखद है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। सीएम ने मंत्रियों को तुरंत घटनास्थल पर जाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जिला कलेक्टर से बात कर सभी जरूरी सहायता उपलब्ध कराने और समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

खदान में नहाते समय 16 वर्षीय किशोर की डूबकर मौत:सतना में डेढ़ घंटे सर्च के बाद मिला शव, लापरवाही पर सवाल

खदान में नहाते समय 16 वर्षीय किशोर की डूबकर मौत:सतना में डेढ़ घंटे सर्च के बाद मिला शव, लापरवाही पर सवाल

सतना जिले के कोलगवां थाना अंतर्गत बाबूपुर चौकी क्षेत्र में रविवार को एक 16 वर्षीय किशोर की अवैध खदान में डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान साइडिंग निवासी बरकत खान, पिता स्व. राजू खान के रूप में हुई है। बरकत रविवार सुबह करीब 10 बजे अपने दोस्तों के साथ साइडिंग की लालपुर स्थित एक खदान में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह अचानक खदान के बीच गहराई में चला गया और डूब गया। उसके साथ मौजूद दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन अधिक गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके। डेढ़ घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय युवक मौके पर पहुंचे और तुरंत तलाश अभियान शुरू किया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे बरकत खान को पानी से बाहर निकाला गया। परिजन और साथी उसे तत्काल निजी वाहन से नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बाबूपुर पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्षेत्र में संचालित अवैध खदानें लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं, लेकिन इन पर रोक नहीं लगाई जा रही। लोगों ने प्रशासन से ऐसी खदानों को जल्द बंद कराने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

कूड़े में न फेंकें लौकी के बीज! दिल की बीमारी से लेकर बढ़ते वजन तक में है रामबाण, स्किन के लिए भी फायदेमंद

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Last Updated:April 19, 2026, 16:34 IST Lauki Ke Beej Ke Fayde: अक्सर हम लौकी की सब्जी तो बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन उसके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लौकी के ये छोटे से दिखने वाले बीज असल में प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस हैं. दिल की सेहत सुधारने से लेकर वजन घटाने और चमकती त्वचा पाने तक, इन बीजों के फायदे आपको हैरान कर देंगे. आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल से जानिए कैसे कूड़े में फेंके जाने वाले ये बीज आपकी डाइट का सबसे हेल्दी हिस्सा बन सकते हैं और इन्हें इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है. अक्सर हम लौकी काटते वक्त उसके बीज सीधे कूड़े में फेंक देते हैं, लेकिन ये छोटी-छोटी चीजें सेहत का बड़ा खजाना हैं. आपको शायद पता न हो, लौकी के बीजों में प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही कारण है कि ये पाचन से लेकर दिल की सेहत तक कई फायदे देते हैं. अगर आप रोजमर्रा की डाइट में थोड़ा सा बदलाव करके इन बीजों को शामिल कर लें, तो शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल सकते हैं. आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के मुताबिक, पाचन की समस्या आजकल आम हो गई है, लेकिन लौकी के बीज इसमें काफी राहत दिला सकते हैं. इनमें मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी दिक्कतों को दूर करता है. अगर सुबह खाली पेट या दिन में हल्के स्नैक के तौर पर इनका सेवन किया जाए, तो पेट हल्का महसूस होता है. साथ ही ये आंतों को भी स्वस्थ रखते हैं, जिससे खाना अच्छे से पचता है. इम्युनिटी यानी शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाने में भी लौकी के बीज काफी मददगार होते हैं. इनमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. अक्सर मौसम बदलते ही लोगों को सर्दी-खांसी या कमजोरी महसूस होने लगती है, ऐसे में ये बीज शरीर को एक्स्ट्रा सपोर्ट देते हैं. नियमित रूप से इनका सेवन करने से छोटी-मोटी मौसमी बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google दिल को स्वस्थ रखने के लिए भी लौकी के बीज बहुत फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने में मदद करते हैं. इससे हार्ट पर दबाव कम पड़ता है और दिल सही तरीके से काम करता है. जो लोग हाई बीपी या दिल से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे हैं, उनके लिए ये बीज एक आसान और प्रभावी घरेलू उपाय बन सकते हैं. अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो लौकी के बीज आपके बड़े काम आ सकते हैं. इन्हें हल्का भूनकर खाने से पेट देर तक भरा महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती. इससे ओवरईटिंग की आदत कम होती है और वजन धीरे-धीरे कंट्रोल में आने लगता है. सबसे अच्छी बात यह है कि ये एक हेल्दी स्नैक हैं, जो जंक फूड खाने की क्रेविंग को भी कम करते हैं. सुंदरता के मामले में भी लौकी के बीज पीछे नहीं हैं. इनका पेस्ट बनाकर फेस पैक की तरह इस्तेमाल करने से त्वचा में कुदरती निखार आता है. इसके लिए लौकी के बीजों को धोकर धूप में सुखा लें और फिर पीसकर बारीक पाउडर बना लें. इसमें थोड़ा सा गुलाब जल या दूध मिलाकर पेस्ट तैयार करें और चेहरे पर 15 मिनट के लिए लगाएं. अगर स्किन बहुत सेंसिटिव है, तो इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. यह केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचने का एक बेहतरीन नेचुरल तरीका है. बालों को मजबूत बनाने के लिए भी लौकी के बीज काफी असरदार होते हैं. इनके तेल से सिर की मालिश करने पर बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और हेयर फॉल कम होता है. आजकल बाल झड़ना एक बड़ी समस्या बन गई है, ऐसे में यह घरेलू उपाय बालों को पोषण देने और उन्हें घना बनाने में काफी मदद कर सकता है. अगर आप नेचुरल तरीके से बालों की देखभाल करना चाहते हैं, तो इन्हें जरूर आजमाएं. लौकी के बीजों को इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है. आप इन्हें सुखाकर हल्का भून लें और सेंधा नमक के साथ स्नैक की तरह खा सकते हैं. चाहें तो इनका पाउडर बनाकर सूप या सलाद में भी मिला सकते हैं. हालांकि ध्यान रखें कि इनकी तासीर ठंडी होती है, इसलिए सर्दी या बुखार के समय इनका सेवन थोड़ा कम करें. सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर ये आपकी सेहत के लिए बहुत गुणकारी साबित होंगे. First Published : April 19, 2026, 16:34 IST

मसल पेन और नर्व पेन में क्या अंतर है? कैसे पहचानें आप किस दर्द से जूझ रहे, स्पाइन के डॉक्टर से समझिए

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  Muscle Pain vs Nerve Pain Difference: मसल पेन और नर्व पेन दोनों आम लेकिन अलग प्रकार के दर्द हैं, जिन्हें अक्सर लोग एक जैसा समझ लेते हैं, जिससे सही इलाज में देरी हो सकती है. मसल पेन आमतौर पर मांसपेशियों में खिंचाव, थकान, चोट या गलत पोस्चर के कारण होता है और यह एक सीमित जगह पर महसूस होता है, जिसे दबाने पर दर्द बढ़ सकता है. यह अक्सर आराम, गर्म सेक, मसाज और हल्की स्ट्रेचिंग से ठीक हो जाता है. वहीं नर्व पेन नसों से जुड़ा दर्द होता है, जो तेज, जलन जैसा या बिजली के झटके जैसा महसूस हो सकता है और यह शरीर में एक जगह से दूसरी जगह फैल सकता है. डॉक्टर के अनुसार अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे, फैलता जाए या झुनझुनी और सुन्नपन जैसे लक्षण दिखें तो यह नर्व पेन का संकेत हो सकता है.

दादाजी धाम में मनाई गई अक्षय तृतीया व परशुराम जयंती:वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोडशोपचार पूजन, हवन-आरती के साथ हुआ विशेष आयोजन

दादाजी धाम में मनाई गई अक्षय तृतीया व परशुराम जयंती:वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोडशोपचार पूजन, हवन-आरती के साथ हुआ विशेष आयोजन

भोपाल में रायसेन रोड स्थित दादाजी धाम मंदिर में रविवार को अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के साथ मनाई गई। पूजन, अभिषेक और हवन के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। वैदिक मंत्रों के साथ हुआ पूजन कार्यक्रम की शुरुआत समस्त देवी-देवताओं के विधिवत पूजन से हुई। इसके बाद पंडित राजेन्द्र पलिया, रोहित तिवारी, अनुराग पांडे, सौरभ मिश्रा और ब्रह्मस्वरूप तिवारी (विदिशा) के सान्निध्य में भगवान परशुराम का षोडशोपचार पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया गया। अभिजीत मुहूर्त में विशेष पूजा शुभ अभिजीत मुहूर्त में भगवान को पुष्प अर्पित कर विशेष पूजन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आरती, अभिषेक और हवन में भाग लिया। हवन के दौरान वातावरण मंत्रोच्चार और आहुति की सुगंध से आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। ट्रस्ट पदाधिकारियों की रही मौजूदगी इस अवसर पर श्री श्री 1008 श्री दादाजी गुरुदेव चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवरतन नामदेव सहित ट्रस्ट के पदाधिकारी और मंदिर समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। हवन के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। अक्षय तृतीया का महत्व बताया कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। अक्षय तृतीया को स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है, जिसमें बिना किसी विशेष मुहूर्त के विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग की शुरुआत भी इसी तिथि से मानी जाती है।

लू और डिहाइड्रेशन की न करें फिक्र, बाहर निकलने से पहले पी लें यह चमत्कारी ड्रिंक, गर्मी में शरीर रहेगा कूल-कूल

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X लू-डिहाइड्रेशन की न करें फिक्र, बाहर निकलने से पहले पी लें यह चमत्कारी ड्रिंक   गर्मी का मौसम शुरू होते ही लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, चक्कर आना और पेट से जुड़ी परेशानियां आम हो जाती हैं. ऐसे में अगर आप घर से निकलने से पहले एक खास देसी ड्रिंक पी लें, तो इन दिक्कतों से काफी हद तक बचा जा सकता है. Local 18 से बातचीत में डॉक्टर डॉ. अनिल पटेल बताते हैं कि सत्तू एक पारंपरिक और बेहद असरदार पेय है, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और लू से बचाव में भी कारगर साबित होता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और एनर्जी बनी रहती है.

रील लाइफ में देशभक्ति पर जोर:‘बॉर्डर 2’ के बाद अब 'ऑपरेशन सिंदूर' से भी वरुण बदलेंगे इमेज

रील लाइफ में देशभक्ति पर जोर:‘बॉर्डर 2’ के बाद अब 'ऑपरेशन सिंदूर' से भी वरुण बदलेंगे इमेज

वरुण धवन और मृणाल ठाकुर की जोड़ी जल्द ही ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में 22 मई में नजर आनी है। ‘बॉर्डर 2’ के बाद जहां वरुण अपनी इमेज को नए सिरे से गढ़ने के मिशन पर हैं, वहीं मृणाल लगातार स्क्रिप्ट-आधारित चुनावों से करियर को नई दिशा दे रही हैं। ट्रेड सूत्रों के मुताबिक 2027 दोनों कलाकारों के लिए सिर्फ एक और साल नहीं, बल्कि निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है, जहां हर प्रोजेक्ट उनके करियर ग्राफ को नई दिशा देगा। खासतौर पर वरुण के लिए विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ काफी अहम है। प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है फिल्म, स्क्रिप्ट हुई तैयार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है और साल की शुरुआत में रिलीज के लिए आगे बढ़ रही है। वहीं नाग अश्विन वाली फिल्म भी मृणाल के साथ स्क्रिप्टिंग फेज में है और 2027 के मध्य तक रिलीज विंडो देख रही है। अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की स्क्रिप्ट सुनने के बाद वरुण का क्या फैसला होगा। वह अगले साल के लिए सबसे बड़े नैरेटिव को दिशा दे सकता है। अश्विन के एक प्रोजेक्ट में भी दिखेंगी मृणाल वहीं मृणाल की ‘डकैत’ को काफी सराहना मिली है। नाग अश्विन जैसे निर्देशकों द्वारा मधुबाला और स्मिता पाटिल से की गई तुलना ने उनके लिए स्केल काफी ऊंचा कर दिया है। यही वजह है कि मृणाल अब बेहद सोच-समझकर प्रोजेक्ट्स चुन रही हैं। वह रैंडम फिल्मों से दूरी बना रही हैं और 2027 के लिए ऐसे किरदारों पर फोकस कर रही हैं, जिनमें डेप्थ हो और उन्हें सोलो लीड के तौर पर स्थापित कर सकें, साथ ही नाग अश्विन के एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआती बातचीत भी जारी है, जिसकी शूटिंग 2027 के मध्य में शुरू हो सकती है। वरुण के लिए इम्तिहान के जैसी होगी ये फिल्म वरुण के करियर के लिए “ऑपरेशन सिंदूर’ काफी अहम मानी जा रही है। भूषण कुमार के साथ बनने वाली इस फिल्म के लिए वरुण को अप्रोच किया गया है, हालांकि वे स्क्रिप्ट और विजन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही अंतिम फैसला लेंगे। फिल्म को 2027 की शुरुआत में रिलीज करने की प्लानिंग है। इसका विषय एक संवेदनशील सैन्य ऑपरेशन पर बेस्ड है, जो राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस छेड़ सकता है। वरुण के लिए एक बार फिर से यथार्थवादी किरदार निभाने का मौका होगा, जिसे ट्रेड उनकी असल परीक्षा मान रहे हैं। ‘है जवानी तो…’ के बाद भी साथ दिख सकते हैं वरुण और मृणाल डेविड के निर्देशन में बनी ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के बाद भी वरुण और मृणाल की जोड़ी एक थ्रिलर फिल्म में साथ दिखेगी। कई प्रोडक्शन हाउस अपनी निवेश रणनीति दोनों की केमिस्ट्री पर टिका कर बैठे हैं और “है जवानी…’ की सफलता का इंतजार कर रहे हैं।

सागर चौपाटी पर 8-10 नकाबपोश बदमाशों का उत्पात:दुकानों और गाड़ियों में की तोड़फोड़, मची भगदड़; CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी

सागर चौपाटी पर 8-10 नकाबपोश बदमाशों का उत्पात:दुकानों और गाड़ियों में की तोड़फोड़, मची भगदड़; CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी

सागर में कटरा और मोतीनगर के बाद अब सिविल लाइन चौराहे के पास स्थित चौपाटी पर शनिवार रात 8-10 नकाबपोश बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। मुंह पर कपड़ा बांधकर आए इन बदमाशों ने बिना किसी बात के दुकानों के काउंटर तोड़े और पार्किंग में खड़े वाहनों को लात मारकर गिरा दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आ गया है और सिविल लाइन पुलिस फुटेज के आधार पर फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। गाड़ियों से पहुंचे थे बदमाश, अचानक मचाने लगे उत्पात जानकारी के अनुसार, शनिवार रात सिविल लाइन चौराहे के पास बनी चौपाटी पर दुकानें खुली हुई थीं। तभी अचानक गाड़ियों से 8-10 बदमाश वहां पहुंचे। इन सभी ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। इन्होंने बगैर किसी कारण और बातचीत के चौपाटी पर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। फुटपाथ पर खड़ी बाइकों को लात मारकर गिराने लगे और दुकानों के काउंटर में तोड़फोड़ की। यह उत्पात देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई और लोग जान बचाकर भागने लगे। पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हुए आरोपी, दुकानदार दहशत में घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी आनंद सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी बदमाश फरार हो चुके थे। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। कैमरों में पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है। फुटेज में कुछ युवक दुकानों में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय दुकानदार दहशत में हैं। थाना प्रभारी आनंद सिंह ने बताया कि उत्पात मचाकर भागे बदमाशों की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।