भोपाल में रायसेन रोड स्थित दादाजी धाम मंदिर में रविवार को अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के साथ मनाई गई। पूजन, अभिषेक और हवन के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। वैदिक मंत्रों के साथ हुआ पूजन कार्यक्रम की शुरुआत समस्त देवी-देवताओं के विधिवत पूजन से हुई। इसके बाद पंडित राजेन्द्र पलिया, रोहित तिवारी, अनुराग पांडे, सौरभ मिश्रा और ब्रह्मस्वरूप तिवारी (विदिशा) के सान्निध्य में भगवान परशुराम का षोडशोपचार पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया गया। अभिजीत मुहूर्त में विशेष पूजा शुभ अभिजीत मुहूर्त में भगवान को पुष्प अर्पित कर विशेष पूजन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आरती, अभिषेक और हवन में भाग लिया। हवन के दौरान वातावरण मंत्रोच्चार और आहुति की सुगंध से आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। ट्रस्ट पदाधिकारियों की रही मौजूदगी इस अवसर पर श्री श्री 1008 श्री दादाजी गुरुदेव चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवरतन नामदेव सहित ट्रस्ट के पदाधिकारी और मंदिर समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। हवन के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। अक्षय तृतीया का महत्व बताया कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। अक्षय तृतीया को स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है, जिसमें बिना किसी विशेष मुहूर्त के विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग की शुरुआत भी इसी तिथि से मानी जाती है।















































