‘ऑपरेशन टाइगर’ फिर दहाड़ रहा है? सांसद उद्धव की एकनाथ शिंदे से मुलाकात से शुरू हुई दलबदल की चर्चा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:19 मई, 2026, 12:18 IST हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर के बारे में पहले भी कहा गया था कि वे महायुति के नेताओं के संपर्क में हैं और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। नागेश पाटिल अष्टिकर (एक्स) चूंकि महाराष्ट्र में बहुचर्चित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर राजनीतिक चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है, ऐसे में शिवसेना (यूबीटी) के एक सांसद द्वारा कथित तौर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात के बाद नई अटकलें सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर ने हाल ही में शिंदे से उनके मुंबई स्थित आवास नंदनवन में मुलाकात की। हालांकि बैठक के सटीक एजेंडे का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इस घटनाक्रम ने एक बार फिर से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के भीतर संभावित दरार को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब शिंदे की शिवसेना के नेता आक्रामक रूप से “ऑपरेशन टाइगर” की कहानी को आगे बढ़ा रहे हैं – एक राजनीतिक कदम जिसका उद्देश्य कथित तौर पर प्रतिद्वंद्वी ठाकरे खेमे के नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने पाले में लाना है। पिछले कुछ हफ्तों में अटकलें तेज हो गई हैं कि ठाकरे गुट के कई सांसद अंततः पाला बदल सकते हैं। हालांकि, अष्टिकर के समर्थकों ने राजनीतिक अटकलों को खारिज कर दिया है और दावा किया है कि बैठक पूरी तरह से विकास कार्यों और हिंगोली निर्वाचन क्षेत्र में परियोजनाओं के लिए धन सुरक्षित करने से संबंधित थी। स्पष्टीकरण के बावजूद, बैठक के परिदृश्य ने महाराष्ट्र के सत्ता गलियारों में नई राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। यह पहली बार नहीं है जब अष्टिकर का नाम राजनीतिक क्रॉसओवर अफवाहों में सामने आया है। पहले भी ऐसी खबरें आई थीं कि हिंगोली सांसद महायुति गठबंधन के नेताओं के संपर्क में थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अष्टिकर को व्यक्तिगत रूप से फोन कर जन्मदिन की बधाई देने के बाद इन अटकलों को बल मिला। इस इशारे ने राजनीतिक हलकों में गहन चर्चा छेड़ दी थी, जिसके तुरंत बाद उद्धव ठाकरे भी सांसद के पास पहुंचे और उनसे बात की। इस बीच, ठाकरे खेमे के भीतर स्थानीय स्तर पर क्षरण के संकेत भी दिखाई देने लगे हैं। मुंबई में सेना (यूबीटी) नेता अनिल परब के करीबी समर्थक माने जाने वाले रामशरण चंदेलिया हाल ही में 500 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए। पदभार ग्रहण समारोह शिंदे और स्थानीय पार्टी नेताओं की मौजूदगी में आयोजित किया गया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस तरह के घटनाक्रम से शिंदे खेमे को इस धारणा को मजबूत करने में मदद मिल रही है कि “ऑपरेशन टाइगर” सक्रिय है, भले ही अब तक आधिकारिक तौर पर कोई बड़ा दलबदल नहीं हुआ है। महाराष्ट्र की राजनीति अनिश्चितता के एक और चरण में प्रवेश करने के साथ, गहरे संकेतों के लिए अब हर बैठक और राजनीतिक इशारे पर कड़ी नजर रखी जा रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘ऑपरेशन टाइगर’ फिर दहाड़ रहा है? एकनाथ शिंदे के साथ सांसद उद्धव की मुलाकात से दलबदल की चर्चा शुरू हो गई है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ऑपरेशन टाइगर महाराष्ट्र(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)एकनाथ शिंदे मुलाकात(टी)नागेश पाटिल अष्टिकर(टी)उद्धव ठाकरे गुट(टी)महाराष्ट्र राजनीतिक अटकलें(टी)महायुति गठबंधन राजनीति(टी)शिवसेना दलबदल
अमेरिका ने ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर को मारा:ट्रम्प बोले- वह दुनिया का सबसे एक्टिव आंतकी, अफ्रीका में घुसकर ऑपरेशन किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आतंकी संगठन ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर अबू बिलाल अल मिनुकी के मारे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने नाइजीरियाई सेना के साथ मिलकर अफ्रीका में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। हालांकि ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि हमला अफ्रीका में कहां हुआ। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन बहुत ही प्लानिंग के साथ और बेहद मुश्किल तरीके से अंजाम दिया गया। वह छिपा हुआ था तभी उसे निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक यह आतंकी दुनिया के सबसे एक्टिव आतंकियों में से एक था और उसे खत्म करने के लिए काफी समय से उस पर नजर रखी जा रही थी। मिनाकी के और भी कई नाम बताए गए थे, जिनमें अबुबकर मैनोक और अबोर मैनोक भी शामिल थे। ट्रम्प के मुताबिक, मिनुकी के मारे जाने से आईएसआईएस के वैश्विक ऑपरेशन को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार को धन्यवाद दिया और ‘गॉड ब्लेस अमेरिका’ भी लिखा। अमेरिका ने 3 साल पहले ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था अल मिनुकी का जन्म 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में हुआ था। यह इलाका कैमरून, चाड और नाइजर की सीमा से लगता है। जून 2023 में बाइडेन सरकार ने मिनुकी को ‘स्पेशली डिजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित किया था। जब अमेरिका किसी व्यक्ति या संगठन को दुनिया के लिए खतरनाक आतंकवादी मान लेता है, तो उसे इस सूची में डाल देता है। जिस व्यक्ति या संगठन को यह दर्जा मिल जाता है, उसके ऊपर कई सख्त पाबंदियां लग जाती हैं। जैसे उसकी अमेरिका में मौजूद सारी संपत्ति फ्रीज कर दी जाती है, कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी उससे लेन-देन नहीं कर सकती और उसे आर्थिक व वित्तीय तौर पर पूरी तरह अलग-थलग करने की कोशिश की जाती है। पिछले महीने ISIS ने नाइजीरिया के अदामावा राज्य में हुए एक हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें कम से कम 29 लोगों की मौत हुई थी। यह हमला गोम्बी लोकल गवर्नमेंट एरिया के गुयाकू इलाके में हुआ, जहां हथियारबंद हमलावरों ने स्थानीय लोगों को निशाना बनाया। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी अमेरिका ने नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिम में ISIS के खिलाफ बड़ा हमला किया था। उस समय ट्रम्प ने कहा था कि यह कार्रवाई उन आतंकियों के खिलाफ थी, जो काफी समय से खासकर निर्दोष ईसाइयों को निशाना बना रहे थे। ट्रम्प ने उस वक्त धमकी दी थी कि अगर आतंकियों ने ईसाइयों की हत्या बंद नहीं की, तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
पथरी की समस्या से हैं परेशान? इस पौधे के पत्तों का करें सेवन, ऑपरेशन कराने की नहीं आएगी नौबत

पाली. कहते हैं कि पुराने समय में जब बीमारियां होती थीं, तब हमारे बुजुर्गों के पास ऐसे कई जादुई आयुर्वेदिक नुस्खे होते थे, जिनसे वे बिना दवाइयों के ही कई रोगों को दूर कर देते थे. माना जाता है कि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज छिपा है, बस जरूरत सही पहचान की होती है. आज हम आपको एक ऐसे ही करिश्माई पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका नाम ही उसकी खासियत बयां करता है ‘पत्थरचट्टा’. नाम से ही साफ है, पत्थर को चट कर जाने वाला. अगर आप या आपका कोई अपना पथरी की समस्या से परेशान है, तो यह छोटा सा पौधा बड़े काम का साबित हो सकता है. पाली की नर्सरियों में इन दिनों इस पौधे की मांग अचानक बढ़ गई है. आखिर क्या है इस पौधे का राज और कैसे यह शरीर की पथरी को गला देता है? पत्थरचट्टा एक औषधीय पौधा है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है. इसकी पत्तियां खासतौर पर फायदेमंद मानी जाती हैं. यह पौधा पेट की समस्याओं, किडनी स्टोन, खांसी, सूजन और कई अन्य बीमारियों में उपयोगी माना जाता है. आजकल लोग प्राकृतिक उपचार की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं, जिससे इस पौधे की मांग तेजी से बढ़ रही है. यही कारण है कि किसान इसे उगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. क्यों कहते हैं इसे ‘पत्थरचट्टा’? आयुर्वेद में इस पौधे का नाम इसके सबसे बड़े गुण के कारण पड़ा है. इसको ‘पत्थर को चटकाने वाला’ कहा जाता है. इसमें शरीर के भीतर मौजूद स्टोन (पथरी) को धीरे-धीरे घोलकर (Dissolve) बाहर निकालने की अद्भुत शक्ति होती है. इसके साथ ही पत्थरचट्टा केवल एक पौधा नहीं, बल्कि बायोएक्टिव कंपाउंड्स की एक प्रयोगशाला है. एल्कलॉइड्स, फ्लेवोनोइड्स, ग्लाइकोसाइड्स, लिपिड और स्टेरॉयड. आयरन, कॉपर, जिंक, पोटेशियम, कैल्शियम और सोडियम.इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भी पाया जाता है. पथरी हो तो ऑपरेशन की नहीं पड़ती जरूरत वर्षों से नर्सरी का संचालन करने वाले विशेषज्ञ दिनेश प्रजापत ने कहा कि पत्थर चट्टा का पौधा स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है. कई तरह के रोगों में यह राहत प्रदान करता है. खासकर जिनको पथरी होती है उन लोगों को अगर इसके पत्तों को पानी के साथ मिलाकर दिया जाए तो उनकी पथरी भी ठीक हो जाती है ओर किसी प्रकार के ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं पड़ती है. जानिए पत्थरचट्टा के चमत्कारी फायदे किडनी और यूरीनरी हेल्थ: पत्थरचट्टा किडनी स्टोन को खत्म करने के साथ-साथ यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) को दूर करने में बेहद असरदार है. यह पेशाब की जलन और रुक-रुक कर आने वाली समस्या में राहत देता है. जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत: एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर पत्थरचट्टा हड्डियों के टिशूज को हेल्दी रखता है. यह जोड़ों की सूजन को कम कर दर्द में स्थायी राहत दिलाता है. कैंसर और अल्सर की रोकथाम: वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, यह कैंसर पैदा करने वाली सेल्स के प्रभाव को कम कर सकता है. साथ ही, यह पेट में अल्सर बनने की प्रक्रिया को रोकता है. शुगर और इम्यूनिटी: यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत करने में सहायक है. इसमें एंटी-फंगल और एंटी-माइक्रोबियल गुण भी होते हैं. Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
अमेरिका का होर्मुज से सुरक्षित जहाज निकालने का ऑपरेशन बंद:ट्रम्प बोले- पाकिस्तान की अपील पर फैसला लिया; 2 दिन में सिर्फ 3 जहाज गुजरे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार रात अचानक ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रोकने का ऐलान किया। अमेरिका ने सोमवार सुबह होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक ट्रम्प ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से यह ऑपरेशन रोकने की अपील की गई थी। ईरान के साथ समझौते को लेकर बात आगे बढ़ी है, इसलिए यह फैसला लिया गया है। उधर ईरान के सरकारी मीडिया ने इसे अपनी जीत बताया। उनका कहना है कि ट्रम्प को पीछे हटना पड़ा क्योंकि वो इस रास्ते को खुलवाने में नाकाम रहे। अमेरिका इस ऑपरेशन के तहत सोमवार को 2 और मंगलवार को सिर्फ 1 जहाज सुरक्षित निकाल पाया था। जबकि जंग से पहले हर दिन होर्मुज से औसतन 130 जहाज गुजरते थे। ऑपरेशन शुरू करने के बाद ईरान के हमले शुरू इससे कुछ ही घंटे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई पूरी कर ली है और अब सिर्फ ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ पर ध्यान है। प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू होने के बाद ईरान नाराज हो गया था। उसने चेतावनी दी थी कि उसकी इजाजत के बिना कोई जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकता। इसके बाद ईरान ने होर्मुज में साऊथ कोरिया के एक जहाज पर हमला किया। साथ ही UAE में भी मिसाइल हमले किए। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज पर UN में नया प्रस्ताव: अमेरिका ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए UNSC में नया प्रस्ताव पेश किया है। इसमें ईरान से हमले, माइंस बिछाना और टोल वसूली तुरंत रोकने को कहा गया है। 2. UAE पर फिर हमला: ईरान ने UAE पर लगातार दूसरे दिन मिसाइल और ड्रोनों से हमला किया। UAE ने कहा कि उसके डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल और ड्रोन को आसमान में ही रोक लिया। 3. USS जॉर्ज बुश वॉरशिप होर्मुज पहुंचा: अमेरिका ने होर्मुज में प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश वॉरशिप भेजा। इसका मकसद उन जहाजों को सुरक्षित निकालना था, जो होर्मुज में फंसे हुए हैं। 4. फुजैराह हमले के बाद भारत नाराज: भारत ने कहा कि तीन भारतीय नागरिकों का घायल होना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है। साथ ही कहा कि आम लोगों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। 5. चीन की देशी कंपनियों को धमकी: चीनी कंपनियों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए वहां की सरकार ने एक कानून बनाया है। इसके तहत विदेशी प्रतिबंधों को मानने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जा सकती है। दरअसल, अमेरिका ने ईरान से व्यापार करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
ग्वालियर में सरकारी अस्पताल का कमाल:जटिल ऑपरेशन कर महिला की बच्चेदानी बचाई, डॉक्टरों ने बड़ी फाइब्रॉइड गांठ हटाकर दी नई जिंदगी

ग्वालियर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बार फिर भरोसा मजबूत किया है। कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के मार्गदर्शन में जिले के चिकित्सक लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में सिविल अस्पताल हजीरा के डॉक्टरों ने शुक्रवार को एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 28 वर्षीय महिला की बच्चेदानी सुरक्षित बचा ली। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव के अनुसार, इटावा निवासी ज्योति सिंह लंबे समय से बच्चेदानी में बड़ी गांठ (फाइब्रॉइड) की समस्या से जूझ रही थीं। अत्यधिक रक्तस्राव और असहनीय पेट दर्द के कारण उनका जीवन प्रभावित हो रहा था। कई निजी अस्पतालों में परामर्श के दौरान उन्हें बच्चेदानी निकालने की सलाह दी गई, लेकिन महंगे इलाज के कारण वे परेशान थीं। आखिरकार उन्होंने हजीरा सिविल अस्पताल में संपर्क किया, जहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत नायक के मार्गदर्शन में डॉ. राहुल श्रीवास्तव (जनरल सर्जन) और उनकी टीम ने विस्तृत जांच कर ऑपरेशन की योजना बनाई। गुरुवार को हुई सर्जरी में डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक बड़ी गांठ निकाल दी और बच्चेदानी को सुरक्षित रखा। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ. अनुपम कुलश्रेष्ठ की भी अहम भूमिका रही। पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञ निगरानी में सावधानीपूर्वक पूरी की गई। मरीज और उनके परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में इतनी बेहतर सुविधा और समर्पित सेवाएं मिलना सराहनीय है। अस्पताल प्रबंधन ने आमजन से अपील की है कि यहां आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा जटिल ऑपरेशन एवं उपचार उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाया जा सकता है।
06 वारंटी गिरफ्तार, 3 इनामी आरोपी पकड़े गए:मंदसौर में रातभर सर्च ऑपरेशन, अवैध शराब भी जब्त

मंदसौर जिले में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त चलाकर कुल 106 वारंटियों को गिरफ्तार किया। इनमें 56 स्थायी वारंटी और 44 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। इसके साथ ही 5-5 हजार रुपये के तीन इनामी आरोपियों को भी पकड़ा गया। तीन इनामी आरोपी भी गिरफ्तार कॉम्बिंग गश्त के दौरान दलौदा थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 107/16 में 5 हजार रुपये के इनामी स्थायी वारंटी जाबीर मुल्तानी को गिरफ्तार किया। वहीं शामगढ़ थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी वारंटी सुल्तान सिंह (निवासी हरनावदा, थाना डग, जिला झालावाड़) को पकड़ा। भानपुरा थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 46/26 में 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी जे.के. भील को गिरफ्तार किया। जिलेभर में वारंटियों की धरपकड़ की इस कार्रवाई में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 56 स्थायी वारंटी गिरफ्तार किए गए, जबकि 44 गिरफ्तारी वारंटियों की तामील कराई गई। कोतवाली, वायडी नगर, नई आबादी, नाहरगढ़, पिपलियामंडी, शामगढ़, गरोठ, भानपुरा सहित अन्य थाना क्षेत्रों में यह कार्रवाई की गई। कॉम्बिंग गश्त के दौरान 47 निगरानीशुदा बदमाशों और 48 अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई। इस तरह कुल 95 लोगों की सघन चेकिंग की गई। अवैध शराब पर भी कार्रवाई अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 19 प्रकरण दर्ज किए गए और 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 105.34 लीटर अवैध शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 31,200 रुपये आंकी गई है। शांति भंग की आशंका के मामलों में धारा 151 के तहत 10 प्रकरण दर्ज कर 10 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह अभियान 31 अप्रैल और 1 मई 2026 की दरमियानी रात जिलेभर में चलाया गया, जिसमें 450 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। सभी थाना और चौकी स्तर पर कार्रवाई की गई। देखें तस्वीरें
छतरपुर में बंदर के हमले से रिक्शा पलटा:9 साल की बच्ची का पैर फ्रैक्चर; ऑपरेशन के बाद ट्रॉमा वार्ड में भर्ती

छतरपुर जिले में मंगलवार को एक बंदर के अचानक हमले से बैटरी ऑटो रिक्शा पलट गया। हादसे में 9 साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका पैर फ्रैक्चर हो गया। बच्ची का जिला अस्पताल में ऑपरेशन किया गया है और उसे ट्रॉमा वार्ड में ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, राम अवतार अहिरवार का परिवार सटई थाना क्षेत्र के भैरा गांव से काबर गांव शादी समारोह में शामिल होने गया था। शादी के बाद परिवार बैटरी ऑटो रिक्शा से वापस लौट रहा था। तभी रास्ते में जंगल क्षेत्र से गुजरते समय अचानक एक बंदर पेड़ से कूदकर ऑटो पर आ गिरा। बंदर से ड्राइवरा का बिगड़ा था संतुलन घायल की मां भारती बताती है कि बंदर के ऑटो के अगले हिस्से पर गिरने से चालक संतुलन खो बैठा और वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के दौरान ऑटो में सवार 9 वर्षीय श्रद्धा अहिरवार वाहन के नीचे दब गई, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बमुश्किल बच्ची को ऑटो के नीचे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। हादसे में उसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया और शरीर पर भी कई चोटें आईं। गंभीर हालत में जिला अस्पातल रेफर घटना के तुरंत बाद बच्ची को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन कर पैर में रॉड डाली है। फिलहाल बच्ची को ट्रॉमा वार्ड में निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उसे कुछ दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
CM बोले-BJP में गए सांसदों ने पंजाबियों से की गद्दारी:कहा-भाजपा हमारी सरकार के कामों से डरी; संजय सिंह बोले-यह ऑपरेशन लोटस

आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इस बीच विदेश दौरे से लौटे मुख्यमंत्री भगवंत मान चंडीगढ़ पहुंच गए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम भगवंत मान ने कहा, “मैं पहले भी कहता रहा हूं कि BJP की पंजाबियों से बनती नहीं है, जिससे पंजाबी खुश होते हैं, उसे यह खराब करने की कोशिश करती है। जब हमारी सरकार बनी तो हमारा आरडीएफ का पैसा रोका गया। “पार्टी बड़ी होती है, संगठन बड़ा होता है, व्यक्ति नहीं। ये छह-सात लोग जो गए हैं, वे पंजाबियों के साथ गद्दारी करके गए है। यहां बैठे-बैठे इन्हें पद मिल गए , इन्हें किसी से वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ी। अब ये अपनी राजनीतिक नहीं जान बचाने के लिए वहां गए हैं, लेकिन वहां भी इनका कुछ नहीं होना है। वहां भी इन्हें इस्तेमाल करके छोड़ दिया जाएगा। पहले देख लो कैप्टन साहब की बात कोई नहीं सुनता। सिंधिया का हाल भी सबके सामने है।” किसान आंदोलन के समय भी बीजेपी ने की गद्दारी उन्होंने कहा कि हमारे एमएमएस (या संबंधित) ग्रुप बनाकर उन्हें मान्यता देने की कोशिश की गई। किसान आंदोलन के समय भी बीजेपी ने गद्दारी की।” “अब हमारे सांसदों को अपने साथ शामिल किया जा रहा है, क्योंकि पंजाब में उनका अपना कोई मजबूत आधार नहीं है। लेकिन वे पूछते हैं कि भगवंत मान सरकार का विकल्प क्या है।” मान ने कहा कि भाजपा हमारी सरकार के कामों से डरे हुए हैं। इन्होंने जरूर सर्वे करवाया होगा, जिसमें उन्हें पता चला होगा कि उनकी स्थिति बिल्कुल मजबूत नहीं है। इसलिए हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई। पंजाबी दिल से प्यार करते हैं, लेकिन अगर कोई उनसे धोखा करता है, तो वे उसे पीढ़ियों तक याद रखते हैं।” मान ने कहा कि मैं सख्त शब्दों में इस चीज की निंदा करता हूं। अमित शाह को यह बात पसंद नहीं आई होगी कि भगवंत मान का कोई विकल्प नहीं है। रवनीत बिट्टू तीन-चार दिन पहले राघव चड्ढा को गालियां निकाल रहे थे। अब कैसे मिलेंगे। गद्दारी करने वाले नेताओं को माफ नहीं करेगी जनता: संजय सिंह इससे पहले दिल्ली में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे “ऑपरेशन लोटस” बताया और कहा कि जिन नेताओं पर कल तक अशोक मित्तल ईडी की कार्रवाई हो रही थी, वे अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस पर बीजेपी को जवाब देना चाहिए। गद्दारी करने वाले नेताओं को लोग कभी माफ नहीं करेंगे।
बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन:चेन्नई में ली अंतिम सांस, पत्नी के ऑपरेशन के लिए परिवार के साथ गए थे

बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में चेन्नई में थे। गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी का हाल ही में हार्ट बायपास का ऑपरेशन हुआ था। डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। इसी कारण शिवरतन अग्रवाल परिवार सहित वहां के एक होटल में ठहरे हुए थे। बीकानेर के सार्दुलगंज के रहने वाले शिवरतन 10 दिन पहले परिवार के साथ चेन्नई गए थे। सुबह असहज महसूस कर रहे थे गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे शिवरतन अग्रवाल कुछ असहज महसूस कर रहे थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया था। जहां उनका निधन हो गया। शिवरतन अग्रवाल ने साल 1993 में बीकानेर में बीकाजी ब्रांड की स्थापना की थी। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार आज एक बड़े फूड ब्रांड के रूप में स्थापित है। बीकानेर से साल 1986 में हुई थी शुरुआत बिजनेस के बंटवारे के बाद शिव रतन अग्रवाल ने अपने खानदानी बिजनेस ‘हल्दी राम’ से अलग होकर खुद का बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा। अपनी अलग पहचान बनाने की जिद के साथ शिव रतन अग्रवाल बीकानेर पहुंच गए। यहां उन्होंने ‘शिवदीप फूड्स प्रोड्क्ट्स’ के नाम से भुजिया बनाने का बिजनेस शुरू किया। इसके साथ ही भारतीय स्नैक मार्केट की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बीकाजी ब्रांड की शुरुआत हुई। एक यूनीक पहचान बनाने के लिए नाम रखा बीकाजी शिव रतन चाहते थे कि असली भारतीय टेस्ट को पूरी दुनिया में पहचान मिले। उन्हें लगा कि ब्रांड का नाम ऐसा हो जो सभी को आसानी से याद हो जाए और एक यूनीक पहचान भी दे। यह नाम बीकानेर शहर के संस्थापक राव बीका के नाम पर है। बीकानेर शहर का नाम भी राव बीका के नाम पर ही रखा गया था। 8वीं पास शिव रतन ने क्रिएटिव विजन से बनाया ब्रांड शिव रतन अग्रवाल ने केवल 8वीं तक पढ़ाई की है। उन्होंने अपने क्रिएटिव विजन से बीकाजी को एक ब्रांड बनाया। जब वे अपने बिजनेस की शुरुआत कर रहे थे तो उन्होंने कई देशों की यात्रा की। दरअसल, उस समय तक भुजिया केवल हाथों से ही बनाई जाती थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि इस इंडियन स्नैक को मशीनों से भी बनाया जा सकता है। मगर शिव रतन ने मशीन से भुजिया बनाने का सेट-अप बनाया। बीकाजी भारत का पहला ऐसा ब्रांड बना जिसने मशीन से भुजिया बनाई। इससे बीकाजी की प्रोडक्टिविटी और क्वालिटी दोनों बढ़ी। बीकाजी के प्रोडक्ट्स की मेकिंग से लेकर पैकिंग तक हर काम मशीन से होने लगा। बीकाजी आज इंटरनेशनल ब्रांड है इसलिए प्रोडक्ट्स में सभी पैरामीटर्स का ध्यान रखा जाता है।
ऑपरेशन के बाद युवक की मौत पर सतना में हंगामा:परिजनों ने शव रखकर जाम किया; 20 करोड़ मुआवजा और डॉक्टरों पर केस की मांग

सतना में कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण सोमवार को एक युवक की रीवा में मौत हो गई। किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद युवक को रीवा रेफर किया गया था। इस घटना से नाराज परिजनों ने सतना पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। परिजनों ने पहले कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम किया। पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद, उन्होंने पाठक हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर धरना प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। परिजनों की मांग है कि अस्पताल के डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, मृतक के परिवार को 20 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया था परिजनों का आरोप है कि युवक को किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी दूसरी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें धागा बांधकर उसे रीवा रेफर कर दिया गया। रीवा में मरीज की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित स्टार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। 4 अप्रैल को पाठक नर्सिंग होम में मरीज का करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन चला। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। रीवा पहुंचने पर जांच और इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसके बाद मरीज की मौत हो गई। दूसरी किडनी में बंधा था धागा बताया गया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था, जिसे धागे से बांध दिया गया था। इससे खून का रिसाव हुआ और किडनी ने काम करना बंद कर दिया। रीवा के डॉक्टरों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन संक्रमण और आंतरिक क्षति अधिक होने के कारण दूसरी किडनी को भी निकालना पड़ा। इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंतत: उसकी मौत हो गई। पिता ने लगाए डॉक्टरों पर गंभीर आरोप मृतक के पिता गिरधारीलाल रजक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को मामूली पथरी की समस्या थी, लेकिन पाठक अस्पताल के डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ राजीव पाठक और डॉ राजीव सिंह लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने बताया कि पहले सोनोग्राफी में पथरी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें किडनी विशेषज्ञ के पास भेजा गया। डॉक्टरों के कहने पर बेटे को पाठक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया और ऑपरेशन कर दिया गया, लेकिन इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही की गई। सीएसपी से भिडीं महिलाएं घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार देर रात उन्होंने कोलगवां थाना के सामने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इसके बाद पाठक हॉस्पिटल के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीएसपी देवेन्द्र सिंह और महिलाओं के बीच झड़प भी देखने को मिली। दरअसल महिलाओं को अस्पताल की ओर नहीं जाने दिया जा रहा था, ऐसे में वह आक्रोशित हो गईं। वायरल वीडियो में गिड़गिड़ाते नजर आए डॉक्टर पाठक हॉस्पिटल में किडनी का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह का एक वीडियो भी सामने आया। इसमें डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत हो रही है। इस बातचीत में डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकारी। साथ ही इस मामले में तूल न देने की गुजारिश कर रहे हैं। यही नहीं वे अपनी जिम्मेदारी रीवा के अस्पताल पर थोपते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीएमएचओ को पहले दे चुके थे शिकायत परिजनों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराया जाए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बताया जाता है कि डॉक्टरों की लापरवाही के संबंध में परिजनों ने चार दिन पहले सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। सतना सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। टीम बनाकर प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित पाए गए तो संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









