Wednesday, 05 Aug 2026 | 02:55 AM

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मानसून मच्छर रोग: बारिश में बढ़ा मच्छरों का आतंक? इन आसान नामांकन से करें आरक्षण; नहीं रहेगा सूची-मलेरिया का खतरा

मानसून मच्छर रोग

24 जुलाई 2026 को 19:27 IST पर अपडेट किया गया डेंगू मलेरिया से बचाव के उपाय: बारिश के मौसम में मच्छरों का आतंक काफी बढ़ जाता है। इस प्रकार के लेबल और मलेरियल जैसे पदार्थों का खतरा रहता है। तो जानिए क्या हैं मच्छरों से बचने के कुछ बेहद आसान तरीके। अनुसरण करना : पानी जमा होने न दें: मच्छर हमेशा अंकित रहते हैं पानी में पठते हैं। अपने घर के होने के नाते, छतों पर या खाली गैमलों और टायरों में पानी बिल्कुल जमा न हो। येही किताब के मंत्रों का सबसे बड़ा घर है। छवि: फ्रीपिक पूरी तरह से आरामदायक सुविधा: शाम के वक्ता मच्छर सबसे ज्यादा समुदाय के लोग हैं। बाहर जाने का समय या पार्क में वॉक करते समय पूरी तरह से झूलते हुए खिलौने। बच्चों को भी हमेशा पूरे कपड़े ही कपड़े, बाहरी सजावटी सामान। छवि: फ्रीपिक ब्लॉकचेन और टंकियों की सफाई: घर में रखे तालाबों, पानी की टंकियों और पक्षियों के तालाबों का पानी हर सप्ताह कम हो जाता है। अगर पानी बनाने वाले मशहूर न हों, तो इसमें थोड़ा सा मिट्टी का तेल या नीम का तेल दाल शामिल है। छवि: एआई मच्छरदानी का उपयोग: रात को मच्छरदानी मच्छरों से बचने का सबसे सुरक्षित और पुराना तरीका है। इसके अलावा आप मॉस्किटो रिपेलेन्ट क्रीम, स्प्रे या डिटर्जेंट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक मच्छरों को भगाने के लिए शाम के समय घर में नीम के दोस्त या कपूर का धूम्रपान करें। घर में मौजूद तुलसी, बाला और लेमनग्रास जैसे उपचारों से भी मच्छर दूर रहते हैं। छवि: एआई तेज बुखार, सिरदर्द, या शरीर और जोड़ों में दर्द होना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है। यह विनाशकारी या मलेरियल हो सकता है। तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें और खूब पानी लें। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 24 जुलाई 2026, 19:27 IST

लौकी पनीर का चीला रेसिपी: बेसन नहीं, सिर्फ 10 मिनट में तैयार करें लौकी और पनीर का चीला, जानें हाई प्रोटीन; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 लोकी, छोटी जीरा, ½ कप चावल का आटा, 2 बड़ी बड़ी सूजी, 2 हरी मिर्च, हरा धनियां, स्लाइस अदरक, ½ छोटी काली मिर्च, स्वादानुसार नमक, ½ छोटी काली मिर्च पाउडर, आवश्यकता अनुसार पानी, तेल या घी छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले कद्दू की हुई लौकी का अतिरिक्त पानी प्रभाव-सा चित्र लें, लेकिन उसे फेंके नहीं। छवि: इंस्टाग्राम अब एक बड़े बाउल में लौकी, पनीर, चावल का आटा, सूजी, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनियां, जीरा, नमक और काली मिर्च के मसाले अच्छी तरह मिला लें। छवि: एआई अब जरूरत है लोकी का बचा हुआ पानी या थोड़ा सा सामान्य पानी माइक्रोवेव बैटर तैयार करने की। बैटर को 5 मिनट के लिए बढ़ा कर रख दें ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए। छवि: एआई इसके बाद नॉन-स्टिक तवा गर्म करें और प्रभाव-सा तेल या घी लगाएं। एक करछी बैटरमैनेटेबल गोल आकार में फैला हुआ डेक। मीडियम एक तरफ दोनों तरफ से सोना और कुरकुरा होने तक सेक लें। छवि: एआई गरमा-गरम लौकी और पनीर का चीला हरी धनिया की चटनी, दही या टमाटर की गरमा गरम चटनी के साथ बनायें। यह शाम के गरीब जंगल या बच्चों के टिफ़िन के अलावा भी शानदार विकल्प है। छवि: एआई प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह पदार्थ स्वादिष्ट होता है। लोकी में मौजूद मदद से पाचन तंत्र को बेहतर बनाया जा सकता है। लंबे समय तक पेट भरने में मदद मिलती है। छवि: एआई कम तेल में तैयारी के कारण यह नामांकन का होना अच्छा विकल्प है। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी इसे आसानी से पसंद कर सकते हैं। छवि: इंस्टाग्राम अगर आप ऐसा नाश्ता चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ भी हो, तो बिना बेसन के बनने वाला लौकी और पनीर का चीला जरूर ट्राई करें। यह झटपट तैयार हो जाता है और आपकी सुबह की शुरुआत देता है। छवि: एआई

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया:कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया:कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद (जातीय संसद) के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। राष्ट्रपति ने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया है। अपने इस्तीफे में शहाबुद्दीन ने लिखा कि वह लंबे समय से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। हाल ही में डॉक्टरों ने उनमें ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी नाम की बीमारी का पता लगाया है। इस बीमारी की वजह से उन्हें कई बार अचानक कुछ समय के लिए बेहोशी आ जाती है। उन्होंने कहा कि शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए अब राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारियां निभाना संभव नहीं है और उन्हें लंबे समय तक इलाज की जरूरत है। पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेशी मीडिया में उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही थीं। कई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि लंदन दौरे पर उन्होंने पूर्व पीएम शेख हसीना से फोन पर बातचीत की कोशिश की थी। इस खबर के बाहर आने के बाद प्रधानमंत्री नाराज हो गए थे। अब स्पीकर राष्ट्रपति की जिम्मेदारी निभाएंगे बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 54 के मुताबिक, नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके बाद संसद को 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुनना होगा, जो मौजूदा कार्यकाल का बाकी समय पूरा करेगा।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया:कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया:कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद (जातीय संसद) के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। राष्ट्रपति ने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया है। अपने इस्तीफे में शहाबुद्दीन ने लिखा- मैं लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी की बीमारी से जूझ रहा हूं। हाल ही में डॉक्टरों ने मुझमें ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी नाम की बीमारी का पता लगाया है। इस बीमारी की वजह से कई बार अचानक कुछ समय के लिए बेहोशी आ जाती है। शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए अब राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारियां निभाना संभव नहीं है। पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेशी मीडिया में उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही थीं। कई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उन्होंने पूर्व पीएम शेख हसीना से फोन पर बातचीत की कोशिश की थी। इस खबर के बाहर आने के बाद प्रधानमंत्री नाराज हो गए थे। हसीना के देश छोड़ने के बाद भी पद नहीं छोड़ा था मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति पद संभाला था। जुलाई-अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलन के बाद अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। उस आंदोलन के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद शहाबुद्दीन ही अवामी लीग सरकार के दौर के एकमात्र संवैधानिक पदाधिकारी थे, जो 2 साल बाद भी पद पर बने हुए थे। लंदन दौरे पर शेख हसीना से बातचीत का आरोप वह 9 मई को इलाज के लिए लंदन गए थे और 18 मई को ढाका लौटे थे। बांग्लादेशी समाचार पत्रों की रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ने भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की थी। जैसे ही इस बातचीत की भनक बीएनपी (BNP) के शीर्ष नेतृत्व को लगी, उन्होंने इसे बहुत गंभीरता से लिया। इसके बाद राष्ट्रपति तक यह मैसेज पहुंचाया कि शेख हसीना से संपर्क साधना या बातचीत करना मौजूदा राजनीतिक माहौल में स्वीकार्य नहीं है और उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। अखबार प्रोथोम आलो ने भी सरकार के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से बताया कि सरकार इस बात से नाराज है कि राष्ट्रपति ने हाल ही में शेख हसीना से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की थी। वहीं द डेली स्टार ने बीएनपी के एक सीनियर नेता के हवाले से लिखा था कि शहाबुद्दीन और शेख हसीना के बीच कथित फोन पर हुई बातचीत ही इस्तीफे की एकमात्र वजह नहीं है। दरअसल शेख हसीना ने इसी साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया है। इससे देश का राजनीतिक माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। अब स्पीकर राष्ट्रपति की जिम्मेदारी निभाएंगे बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 54 के मुताबिक, नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके बाद संसद को 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुनना होगा, जो मौजूदा कार्यकाल का बाकी समय पूरा करेगा। मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 अप्रैल 2023 को बांग्लादेश के 22वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। वह सत्तारूढ़ अवामी लीग के उम्मीदवार थे और निर्विरोध चुने गए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था। स्पीकर इलाज के लिए बैंकॉक गए थे स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद 19 जुलाई को इलाज के लिए थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक गए थे। उनकी वापसी रविवार को तय थी, लेकिन उन्होंने अपना दौरा बीच में ही खत्म कर दो दिन पहले ढाका लौटने का फैसला किया। ढाका हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि विदेश में होने के कारण उन्हें राष्ट्रपति के इस्तीफे के फैसले की जानकारी नहीं थी।

नेपाल के प्रधानमंत्री पर सुप्रीम कोर्ट में दखल का आरोप:3 जजों पर इस्तीफे का दवाब बना रहे बालेन शाह; अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी

नेपाल के प्रधानमंत्री पर सुप्रीम कोर्ट में दखल का आरोप:3 जजों पर इस्तीफे का दवाब बना रहे बालेन शाह; अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को अपने पक्ष में करने की कोशिश के आरोप लगे हैं। तीन अंतरराष्ट्रीय संगठनों एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच और इंटरनेशनल कमीशन ऑफ ज्यूरिस्ट्स (ICJ) ने संयुक्त बयान जारी कर यह आरोप लगाया है। संगठनों का कहना कि सरकार तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों पर इस्तीफा देने का दबाव बना रही है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ महाभियोग लाया जा सकता है। संगठनों का कहना है कि सरकार का मकसद सुप्रीम कोर्ट की संरचना बदलना है। उनका आरोप है कि हाल के महीनों में ऐसे कई कदम उठाए गए हैं, जिनसे अदालत की स्वतंत्रता कमजोर हो सकती है और संवैधानिक मामलों की सुनवाई प्रभावित हो सकती है। मुख्य न्यायधीश की नियुक्ति को लेकर भी विवाद बयान में मनोज कुमार शर्मा को नेपाल का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठनों का कहना है कि नेपाल में लंबे समय से यह परंपरा रही है कि सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को ही मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है। इस बार इस परंपरा का पालन नहीं किया गया और मनोज शर्मा को उस समय मुख्य न्यायाधीश बना दिया गया, जब उनसे तीन सीनियर चीफ जस्टिस सपना प्रधान मल्ला, कुमार रेग्मी और हरि फुयाल मौजूद थे। तीन सीनियर जजों पर इस्तीफे का दबाव बयान में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के तीन सीनियर जस्टिस सपना प्रधान मल्ला, कुमार रेग्मी और हरि फुयाल पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है। संगठनों का कहना है कि अब तक इन तीनों के खिलाफ ऐसा कोई सार्वजनिक आरोप या ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि उन्होंने कोई गंभीर संवैधानिक या कानूनी गलती की है। नेपाल के संविधान के अनुसार किसी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को केवल गंभीर आरोप साबित होने और महाभियोग जैसी संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हटाया जा सकता है। अगर बिना ऐसी प्रक्रिया अपनाए या सिर्फ राजनीतिक दबाव के कारण इन न्यायाधीशों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जाता है, तो इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठेंगे। संवैधानिक परिषद में बदलाव पर आपत्ति जताई इन संगठनों ने मई 2026 में संवैधानिक परिषद अधिनियम में अध्यादेश के जरिए किए गए संशोधन पर भी आपत्ति जताई है। नेपाल में संवैधानिक परिषद एक अहम संस्था है। यही परिषद मुख्य न्यायाधीश, चुनाव आयोग, मानवाधिकार आयोग और अन्य संवैधानिक निकायों के प्रमुखों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश करती है। विवाद इस बात पर है कि बालेन शाह सरकार ने मई 2026 में संसद से कानून पारित कराने के बजाय अध्यादेश के जरिए परिषद के काम करने के नियम बदल दिए। पहले बैठक के लिए ज्यादा सदस्यों की मौजूदगी जरूरी थी। नियुक्तियों पर व्यापक सहमति या पूरे परिषद के बहुमत की जरूरत पड़ती थी। लेकिन संशोधन के बाद कम सदस्यों की मौजूदगी में भी बैठक हो सकती है। इतना ही नहीं बैठक में मौजूद सदस्यों के साधारण बहुमत से फैसला लिया जा सकता है।

क्वांटस के प्रोजेक्ट सनराइज की पहली टेस्ट फ्लाइट ऑस्ट्रेलिया पहुंची:फ्रांस से 19 घंटे की उड़ान भरकर इतिहास बनाया; अक्टूबर 2027 से शुरू होंगी डायरेक्ट फ्लाइट्स

क्वांटस के प्रोजेक्ट सनराइज की पहली टेस्ट फ्लाइट ऑस्ट्रेलिया पहुंची:फ्रांस से 19 घंटे की उड़ान भरकर इतिहास बनाया; अक्टूबर 2027 से शुरू होंगी डायरेक्ट फ्लाइट्स

ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटस के विमान ने सबसे लंबी दूरी तय करने का रिकॉर्ड बनाया है। इस कॉमर्शियल एयरक्राफ्ट ने शुक्रवार 24 जुलाई की सुबह ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में लैंडिंग की। 19 घंटे 13 मिनट में तय किया 17,000 किमी का सफर विमान ने फ्रांस के टूलूज शहर से स्थानीय समयानुसार गुरुवार सुबह 7:33 बजे उड़ान भरी थी। 19 घंटे और 13 मिनट का लंबा सफर तय करके इसने मेलबर्न में टचडाउन किया। खास फ्यूल सिस्टम की जांच: 20,000 लीटर का एक्स्ट्रा टैंक अक्टूबर 2027 से सिडनी-लंदन और न्यू यॉर्क रूट की शुरुआत क्वांटस ने साल 2017 में पहली बार ‘प्रोजेक्ट सनराइज’ का ऐलान किया था और 2022 में एयरबस को 12 कस्टमाइज्ड A350-1000ULR एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया था। पहले विमान की डिलीवरी इसी साल होनी थी, लेकिन अब इसमें देरी हुई है और पहला विमान अप्रैल 2027 में मिलेगा। इसके बाद बाकी 11 विमान अगले ढाई सालों में डिलीवर किए जाएंगे। प्रोजेक्ट सनराइज का पहला कॉमर्शियल रूट सिडनी-लंदन होगा। टिकटों की बिक्री फरवरी में शुरू होगी और उड़ानें अक्टूबर 2027 से शुरू होंगी। सिडनी-न्यू यॉर्क रूट भी 2027 के आखिरी महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। प्रत्येक रूट पर रोजाना सर्विस के लिए क्वांटस को 3 एयरक्राफ्ट की जरूरत होगी। मेलबर्न को कब मिलेगी नॉन-स्टॉप फ्लाइट? भले ही टेस्ट फ्लाइट मेलबर्न में उतरी है, लेकिन मेलबर्न से लंदन या न्यू यॉर्क के लिए सीधी फ्लाइट कब शुरू होगी, इस पर फिलहाल कोई स्पष्ट समयसीमा तय नहीं है। क्वांटस की सीईओ वैनेसा हडसन ने बताया कि सिडनी रूट शुरू होने के बाद ही मेलबर्न पर चर्चा की जाएगी। कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) रॉब मार्कोलिना ने बताया कि बाजार का बड़ा आकार होने के कारण सिडनी को मेलबर्न के मुकाबले प्राथमिकता दी गई है। क्वांटस का इरादा पहले 6 विमानों के बाद आने वाले एयरक्राफ्ट्स को पर्थ-लंदन और ऑकलैंड-न्यू यॉर्क जैसे मौजूदा रूट्स पर तैनात करने का है। इससे पुराने बोइंग 787 विमान फ्री होंगे, जिन्हें शिकागो, कनाडा, दक्षिण अमेरिका या पर्थ से एथेंस व अफ्रीका जैसे नए रूट्स पर लगाया जा सकेगा। नॉर्थ पोल वाला अनोखा रूट: हवाओं से बचकर दूरी बचेगी क्वांटस के चीफ टेक्निकल पायलट एलेक्स पासेरिनी ने बताया कि सिडनी-लंदन नॉन-स्टॉप फ्लाइट के लिए एक अनोखा ‘नॉर्थ पोलर फ्लाइट पाथ’ इस्तेमाल किया जाएगा। लगभग 20% उड़ानों में, खासकर उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों में, इसी रूट का उपयोग होगा। दूरी के हिसाब से यह लंबा लग सकता है, लेकिन साल के खास समय में तेज हवाओं से बचने और कम एयर ट्रैफिक के कारण यह रूट असल में सबसे तेज साबित होता है। इसमें विमान नॉर्थ पैसिफिक, अलास्का, ग्रीनलैंड और आइसलैंड के ऊपर से गुजरते हुए उत्तर दिशा से लंदन में प्रवेश करेगा। क्वांटस की प्लानिंग के मुताबिक, सिडनी से लंदन की सबसे तेज उड़ान 19 घंटे 25 मिनट और सबसे धीमी 20 घंटे 55 मिनट की होगी। वहीं लंदन से सिडनी की उड़ान 18 से 20 घंटे के बीच तेज रहेगी। 12 घंटे अंधेरा रहेगा: जेट लेग से बचाने के लिए स्पेशल लाइट्स और खाना इस यात्रा के दौरान यात्री 9 से 11 टाइम जोन पार करेंगे (न्यू यॉर्क रूट पर 14 से 16 टाइम जोन)। 21 घंटे तक लगातार प्लेन में रहने से यात्रियों को नींद की कमी, थकान, जेट लेग और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे निपटने के लिए सिडनी यूनिवर्सिटी के चार्ल्स पर्किन्स सेंटर के प्रोफेसर पीटर सिस्टुली की मदद ली गई है। उन्होंने बताया कि सही समय पर खाना और लाइटिंग का सही इस्तेमाल बॉडी क्लॉक को एडजस्ट करने में बहुत मददगार होता है। क्या है क्वांटस का ‘प्रोजेक्ट सनराइज’? ‘प्रोजेक्ट सनराइज’ ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटस की एक ऐतिहासिक योजना है, जिसका मकसद दुनिया के किसी भी कोने को ऑस्ट्रेलिया से सीधे (नॉन-स्टॉप) जोड़ना है। इसका नाम द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उड़ने वाली उन गुप्त उड़ानों पर रखा गया है, जो इतने लंबे समय तक हवा में रहती थीं कि यात्री अपनी यात्रा के दौरान दो बार सनराइज देखते थे। इस प्रोजेक्ट के तहत सिडनी से लंदन (19+ घंटे) और सिडनी से न्यू यॉर्क की सीधी उड़ानें शुरू की जा रही हैं। ये खबर भी पढ़ें… खुद की एयरलाइंस शुरू नहीं करेगा अडाणी ग्रुप: अभी एयरपोर्ट ऑपरेशन संभालता है ग्रुप, नियमों में ढील देने की बात चल रही थी अडाणी ग्रुप ने उन सभी खबरों और अटकलों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि ग्रुप खुद की एयरलाइन शुरू करने की योजना बना रहा है। कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर इन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद बताया है। पूरी खबर पढ़ें…

क्वांटस के प्रोजेक्ट सनराइज की पहली टेस्ट फ्लाइट ऑस्ट्रेलिया पहुंची:फ्रांस से 19 घंटे की उड़ान भरकर इतिहास बनाया; अक्टूबर 2027 से शुरू होंगी डायरेक्ट फ्लाइट्स

क्वांटस के प्रोजेक्ट सनराइज की पहली टेस्ट फ्लाइट ऑस्ट्रेलिया पहुंची:फ्रांस से 19 घंटे की उड़ान भरकर इतिहास बनाया; अक्टूबर 2027 से शुरू होंगी डायरेक्ट फ्लाइट्स

ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटस के विमान ने सबसे लंबी दूरी तय करने का रिकॉर्ड बनाया है। इस कॉमर्शियल एयरक्राफ्ट ने शुक्रवार 24 जुलाई की सुबह ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में लैंडिंग की। 19 घंटे 13 मिनट में तय किया 17,000 किमी का सफर विमान ने फ्रांस के टूलूज शहर से स्थानीय समयानुसार गुरुवार सुबह 7:33 बजे उड़ान भरी थी। 19 घंटे और 13 मिनट का लंबा सफर तय करके इसने मेलबर्न में टचडाउन किया। खास फ्यूल सिस्टम की जांच: 20,000 लीटर का एक्स्ट्रा टैंक अक्टूबर 2027 से सिडनी-लंदन और न्यू यॉर्क रूट की शुरुआत क्वांटस ने साल 2017 में पहली बार ‘प्रोजेक्ट सनराइज’ का ऐलान किया था और 2022 में एयरबस को 12 कस्टमाइज्ड A350-1000ULR एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया था। पहले विमान की डिलीवरी इसी साल होनी थी, लेकिन अब इसमें देरी हुई है और पहला विमान अप्रैल 2027 में मिलेगा। इसके बाद बाकी 11 विमान अगले ढाई सालों में डिलीवर किए जाएंगे। प्रोजेक्ट सनराइज का पहला कॉमर्शियल रूट सिडनी-लंदन होगा। टिकटों की बिक्री फरवरी में शुरू होगी और उड़ानें अक्टूबर 2027 से शुरू होंगी। सिडनी-न्यू यॉर्क रूट भी 2027 के आखिरी महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। प्रत्येक रूट पर रोजाना सर्विस के लिए क्वांटस को 3 एयरक्राफ्ट की जरूरत होगी। मेलबर्न को कब मिलेगी नॉन-स्टॉप फ्लाइट? भले ही टेस्ट फ्लाइट मेलबर्न में उतरी है, लेकिन मेलबर्न से लंदन या न्यू यॉर्क के लिए सीधी फ्लाइट कब शुरू होगी, इस पर फिलहाल कोई स्पष्ट समयसीमा तय नहीं है। क्वांटस की सीईओ वैनेसा हडसन ने बताया कि सिडनी रूट शुरू होने के बाद ही मेलबर्न पर चर्चा की जाएगी। कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) रॉब मार्कोलिना ने बताया कि बाजार का बड़ा आकार होने के कारण सिडनी को मेलबर्न के मुकाबले प्राथमिकता दी गई है। क्वांटस का इरादा पहले 6 विमानों के बाद आने वाले एयरक्राफ्ट्स को पर्थ-लंदन और ऑकलैंड-न्यू यॉर्क जैसे मौजूदा रूट्स पर तैनात करने का है। इससे पुराने बोइंग 787 विमान फ्री होंगे, जिन्हें शिकागो, कनाडा, दक्षिण अमेरिका या पर्थ से एथेंस व अफ्रीका जैसे नए रूट्स पर लगाया जा सकेगा। नॉर्थ पोल वाला अनोखा रूट: हवाओं से बचकर दूरी बचेगी क्वांटस के चीफ टेक्निकल पायलट एलेक्स पासेरिनी ने बताया कि सिडनी-लंदन नॉन-स्टॉप फ्लाइट के लिए एक अनोखा ‘नॉर्थ पोलर फ्लाइट पाथ’ इस्तेमाल किया जाएगा। लगभग 20% उड़ानों में, खासकर उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों में, इसी रूट का उपयोग होगा। दूरी के हिसाब से यह लंबा लग सकता है, लेकिन साल के खास समय में तेज हवाओं से बचने और कम एयर ट्रैफिक के कारण यह रूट असल में सबसे तेज साबित होता है। इसमें विमान नॉर्थ पैसिफिक, अलास्का, ग्रीनलैंड और आइसलैंड के ऊपर से गुजरते हुए उत्तर दिशा से लंदन में प्रवेश करेगा। क्वांटस की प्लानिंग के मुताबिक, सिडनी से लंदन की सबसे तेज उड़ान 19 घंटे 25 मिनट और सबसे धीमी 20 घंटे 55 मिनट की होगी। वहीं लंदन से सिडनी की उड़ान 18 से 20 घंटे के बीच तेज रहेगी। 12 घंटे अंधेरा रहेगा: जेट लेग से बचाने के लिए स्पेशल लाइट्स और खाना इस यात्रा के दौरान यात्री 9 से 11 टाइम जोन पार करेंगे (न्यू यॉर्क रूट पर 14 से 16 टाइम जोन)। 21 घंटे तक लगातार प्लेन में रहने से यात्रियों को नींद की कमी, थकान, जेट लेग और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे निपटने के लिए सिडनी यूनिवर्सिटी के चार्ल्स पर्किन्स सेंटर के प्रोफेसर पीटर सिस्टुली की मदद ली गई है। उन्होंने बताया कि सही समय पर खाना और लाइटिंग का सही इस्तेमाल बॉडी क्लॉक को एडजस्ट करने में बहुत मददगार होता है। क्या है क्वांटस का ‘प्रोजेक्ट सनराइज’? ‘प्रोजेक्ट सनराइज’ ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटस की एक ऐतिहासिक योजना है, जिसका मकसद दुनिया के किसी भी कोने को ऑस्ट्रेलिया से सीधे (नॉन-स्टॉप) जोड़ना है। इसका नाम द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उड़ने वाली उन गुप्त उड़ानों पर रखा गया है, जो इतने लंबे समय तक हवा में रहती थीं कि यात्री अपनी यात्रा के दौरान दो बार सनराइज देखते थे। इस प्रोजेक्ट के तहत सिडनी से लंदन (19+ घंटे) और सिडनी से न्यू यॉर्क की सीधी उड़ानें शुरू की जा रही हैं।

मियामी बना अरबपतियों का नया गढ़:अमेरिका का नया दुबई; 870 करोड़ के पेंटहाउस और 1,000 फीट ऊंचे टावर

मियामी बना अरबपतियों का नया गढ़:अमेरिका का नया दुबई; 870 करोड़ के पेंटहाउस और 1,000 फीट ऊंचे टावर

कार रखने के लिए लिफ्ट, 80वें माले पर स्विमिंग पूल वाले बैकयार्ड, सोने-संगमरमर से सजे टावर और हेलिपैड। यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म का सेट नहीं, बल्कि अमेरिका के मियामी शहर का नया नजारा है। कभी समुद्र तटों और नाइटलाइफ के लिए पहचाना जाने वाला मियामी आज दुनिया भर के अरबपतियों और लग्जरी डेवलपर्स का ‘प्लेग्राउंड’ बन चुका है। इतिहास में पहली बार मियामी, न्यूयॉर्क और लॉस एंजिल्स जैसे दिग्गजों को पछाड़कर अमेरिका का दूसरा सबसे महंगा महानगर बन गया है। हाल ही में 950 फीट ऊंचे ‘सिप्रियानी रेजिडेंसेस’ ने मियामी की सबसे ऊंची इमारत का खिताब हासिल किया था, लेकिन यह बादशाहत महज कुछ महीनों की है। इस साल के अंत तक 1,049 फीट ऊंचा ‘वॉल्डऑर्फ एस्टोरिया’ इसे पीछे छोड़कर शहर का पहला ‘सुपरटॉल’ (984 फीट से ऊंचा) बन जाएगा। मियामी के आसमान को छूने की इस होड़ में डॉल्चे एंड गबाना, बेंटले और लेम्बोर्गिनी जैसे ग्लोबल लग्जरी ब्रांड्स भी उतर चुके हैं। रियल एस्टेट के विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 महामारी के बाद अमेरिका के धनकुबेरों ने कम टैक्स और उदार कानूनों वाले फ्लोरिडा राज्य का रुख किया। शिकागो से सिटाडेल ग्रुप के प्रमुख केन ग्रिफिन के हेडक्वार्टर शिफ्ट करने के बाद मार्क जुकरबर्ग, पीटर थील और लैरी पेज जैसे दिग्गजों ने यहां अपने ठिकाने बनाए। फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी से लेकर टोनी रॉबिंस तक ने यहां करोड़ों डॉलर के पेंटहाउस खरीदे हैं। 2010 से 2022 के बीच फ्लोरिडा में करोड़पतियों की संख्या चार गुना बढ़ गई। यही वजह है कि वित्तीय जगत में अब मियामी को ‘वॉल स्ट्रीट साउथ’ कहा जा रहा है। हालांकि स्विस इन्वेस्टमेंट बैंक यूबीएस ने मियामी को दुनिया भर में ‘रियल एस्टेट बबल’ की सूची में सबसे ऊपर रखा है। गल्फ जैसी चमक, पर यहां जमीन धंस रही है मियामी में अचानक आए इस बदलाव पर यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी के आर्किटेक्चर प्रोफेसर जीन-फ्रांस्वा लेज्यून कहते हैं, ‘यह शहर का विकास नहीं, बल्कि सीईओ पावर का प्रदर्शन है।’ जहां अरबपतियों के लिए 90वें माले पर निजी गार्डन हैं, वहीं आम निवासियों के लिए आय की असमानता की खाई बढ़ रही है। मियामी यूनिवर्सिटी के 2024 के अध्ययन के अनुसार, मियामी बीच से गोल्ड बीच तक तटीय इलाकों में बनी दर्जनों लग्जरी बहुमंजिला इमारतें हर साल 3 इंच तक धंस रही हैं। अमेरिकी शहर की रेस – कौन कितना महंगा? सैन फ्रांसिस्को अमेरिका का सबसे महंगा शहर मियामी – न्यूयॉर्क को पछाड़कर दूसरे नंबर पर न्यूयॉर्क – तीसरे स्थान पर खिसका

दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के लुक पर उठाए सवाल:कहा- रामायण में सीता के घुंघराले बालों का कहीं वर्णन नहीं; मेकर्स ने पोस्टपोन किया ट्रेलर

दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के लुक पर उठाए सवाल:कहा- रामायण में सीता के घुंघराले बालों का कहीं वर्णन नहीं; मेकर्स ने पोस्टपोन किया ट्रेलर

रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायणः पार्ट-1 का ट्रेलर पोस्टपोन हो चुका है। ये ट्रेलर पहले 24 जुलाई यानी आज रिलीज किया जाना था, लेकिन आखिरी वक्त में इसे टाल दिया गया है। इस फैसले से फैंस काफी नाराज दिखे। वहीं दूसरी तरफ रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म में तथ्यों को गलत तरह दिखाने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फिल्म रामायण, टीवी शो रामायण को टक्कर नहीं दे पाएगी। दीपिका चिखलिया ने तथ्य गलत दिखाने पर उठाए सवाल रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता बनीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म रामायण में सीता बनीं साई पल्लवी के घुंघराले बाल दिखाए जाने पर सवाल उठाए। वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में दीपिका ने साई पल्लवी पर कहा, “तुलसीदास की रामायण में सीता का वर्णन बादाम जैसी आंखों वाली, एक निश्चित कद-काठी, लंबे बालों और गौर वर्ण वाली स्त्री के रूप में किया गया है। यही बात रामानंद सागर भी तलाश रहे थे और उन्हें वह रूप मुझमें दिखाई दिया।” आगे उन्होंने कहा, “मेरी पहचान आज भी सीता के रूप में है। कई बार लोग मेरा नाम भूल जाते हैं, लेकिन उन्हें याद रहता है कि मैंने सीता का किरदार निभाया था। यही मेरी पहचान है। मुझे लगता है कि हमारी रामायण का प्रभाव फिल्म ‘रामायण’ पर बहुत गहरा रहेगा। महामारी के दौरान जब हमारी रामायण का दूरदर्शन पर दोबारा प्रसारण हुआ था, तब नई पीढ़ी ने भी उसे देखा। ऐसे में उस छवि को मिटा पाना बहुत मुश्किल है। रामायण में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि सीता जी के घुंघराले बाल थे।” अन्नू कपूर भी उठा चुके हैं साई पल्लवी की कास्टिंग पर सवाल सीनियर एक्टर अन्नू कपूर ने हाल ही में रणबीर कपूर स्टारर फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी को देने पर सवाल खड़े किए हैं। अन्नू कपूर ने हाल ही में जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत में बायोपिक नहीं बनानी चाहिए। आगे अन्नू कपूर ने नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म रामायण पर कहा, ‘क्या बनाएंगे, जो बनाएंगे, वो रामानंद सागर की रामायण को टेक्नोलॉजिकली बहुत शू शां और फूं फां और शोशेबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसको आपने सीता का रोल दिया है। सीता मां हैं, इस देश का हिंदू श्री राम चंद्र को नारायण का अवतार मानते हैं और किनको लिया है माता सीता के रोल में। अब आप सोचिए।’ रामायण का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने ऑफिशियल सोशल मीडिया से स्टेटमेंट जारी कर ट्रेलर पोस्टपोन होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट से पार्टनरशिप होने के बाद ट्रेलर टाला गया है, क्योंकि वो अब इसे वर्ल्ड लेवल पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। स्टेटमेंट के आखिर में नमित मल्होत्रा ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा, मैं रामायण पर विश्वास रखने वाले सभी प्रशंसकों और समर्थकों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी वजह से यह संभव हो पाया। हमारे देश का युवा ही हमारा भविष्य है। आइए, हम सभी मिलकर अपने भविष्य की रक्षा और उसे बेहतर बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। जय हिंद। 8 नवंबर को रिलीज होगी रामायणः पार्ट-1 बता दें कि एपिक सागा फिल्म रामायण, इंडियन सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं। ये फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के लुक पर उठाए सवाल:कहा- रामायण में सीता के घुंघराले बालों का कहीं वर्णन नहीं; मेकर्स ने पोस्टपोन किया ट्रेलर

दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के लुक पर उठाए सवाल:कहा- रामायण में सीता के घुंघराले बालों का कहीं वर्णन नहीं; मेकर्स ने पोस्टपोन किया ट्रेलर

रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायणः पार्ट-1 का ट्रेलर पोस्टपोन हो चुका है। ये ट्रेलर पहले 24 जुलाई यानी आज रिलीज किया जाना था, लेकिन आखिरी वक्त में इसे टाल दिया गया है। इस फैसले से फैंस काफी नाराज दिखे। वहीं दूसरी तरफ रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म में तथ्यों को गलत तरह दिखाने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फिल्म रामायण, टीवी शो रामायण को टक्कर नहीं दे पाएगी। दीपिका चिखलिया ने तथ्य गलत दिखाने पर उठाए सवाल रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता बनीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म रामायण में सीता बनीं साई पल्लवी के घुंघराले बाल दिखाए जाने पर सवाल उठाए। वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में दीपिका ने साई पल्लवी पर कहा, “तुलसीदास की रामायण में सीता का वर्णन बादाम जैसी आंखों वाली, एक निश्चित कद-काठी, लंबे बालों और गौर वर्ण वाली स्त्री के रूप में किया गया है। यही बात रामानंद सागर भी तलाश रहे थे और उन्हें वह रूप मुझमें दिखाई दिया।” आगे उन्होंने कहा, “मेरी पहचान आज भी सीता के रूप में है। कई बार लोग मेरा नाम भूल जाते हैं, लेकिन उन्हें याद रहता है कि मैंने सीता का किरदार निभाया था। यही मेरी पहचान है। मुझे लगता है कि हमारी रामायण का प्रभाव फिल्म ‘रामायण’ पर बहुत गहरा रहेगा। महामारी के दौरान जब हमारी रामायण का दूरदर्शन पर दोबारा प्रसारण हुआ था, तब नई पीढ़ी ने भी उसे देखा। ऐसे में उस छवि को मिटा पाना बहुत मुश्किल है। रामायण में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि सीता जी के घुंघराले बाल थे।” अन्नू कपूर भी उठा चुके हैं साई पल्लवी की कास्टिंग पर सवाल सीनियर एक्टर अन्नू कपूर ने हाल ही में रणबीर कपूर स्टारर फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी को देने पर सवाल खड़े किए हैं। अन्नू कपूर ने हाल ही में जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत में बायोपिक नहीं बनानी चाहिए। आगे अन्नू कपूर ने नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म रामायण पर कहा, ‘क्या बनाएंगे, जो बनाएंगे, वो रामानंद सागर की रामायण को टेक्नोलॉजिकली बहुत शू शां और फूं फां और शोशेबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसको आपने सीता का रोल दिया है। सीता मां हैं, इस देश का हिंदू श्री राम चंद्र को नारायण का अवतार मानते हैं और किनको लिया है माता सीता के रोल में। अब आप सोचिए।’ रामायण का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने ऑफिशियल सोशल मीडिया से स्टेटमेंट जारी कर ट्रेलर पोस्टपोन होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट से पार्टनरशिप होने के बाद ट्रेलर टाला गया है, क्योंकि वो अब इसे वर्ल्ड लेवल पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। स्टेटमेंट के आखिर में नमित मल्होत्रा ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा, मैं रामायण पर विश्वास रखने वाले सभी प्रशंसकों और समर्थकों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी वजह से यह संभव हो पाया। हमारे देश का युवा ही हमारा भविष्य है। आइए, हम सभी मिलकर अपने भविष्य की रक्षा और उसे बेहतर बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। जय हिंद। 8 नवंबर को रिलीज होगी रामायणः पार्ट-1 बता दें कि एपिक सागा फिल्म रामायण, इंडियन सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं। ये फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-