Health Tips: औषधिय गुणों का खजाना है ये पेड़, जड़ से पत्ती तक सभी उपयोगी, जानें फायदे

Last Updated:April 10, 2026, 22:31 IST Neem ke Fayde: बिहार में छपरा जिले के एक अनोखा गांव है. यहां गांव में कई प्रकार के औषधीय पेड़ पौधे आसानी से मिल जाता है. जो आयुर्वेदिक नजरिया से कई मायने में लाभदायक माना जाता है. जिसका उपयोग करने से कई बीमारी से राहत मिलती है. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे औषधीय गुणों का भंडार माना जाता है. इसके जड़ से लेकर पत्ता तक को औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है. इसे ग्रामीण क्षेत्र के लोग जो जानते हैं, उसका उपयोग बीमारी के शिकार होने पर करते हैं. जिस बीमारी के लिए लोग हजारों रुपए फूंक देते हैं. उस बीमारी को गांव में मिलने वाले इस मामूली पेड़ पौधे के जड़ी बूटी से खत्म किया जा सकता है. इसी तरह अमरूद के दतुवन से मुंह धोने से दांत का हिलना ठीक हो जाता है. जबकि जामुन के दतुवन से मुंह धोने पर शुगर लेवल सामान्य रहता है. यह पेड़ पौधा आपके घर के आसपास आसानी से मिल जाएगा. आज हम बात कर रहे हैं प्रत्येक गांव में मिलने वाले औषधिय गुणों के खजाने नाम से मशहूर नीम के पेड़ के बारे में. इसके जड़ से लेकर पत्ती तक को औषधी के रूप में उपयोग किया जाता है. नीम के जड़ के छिलका का काढ़ा बनाकर पीने से घाव फुंसी नहीं होता है. इसके साथ ही इसका दातुन करने से मुंह का बदबू खत्म हो जाता है. यही नहीं, दांत का हिलना और ब्लड आना भी खत्म हो जाता है. दांत में कीड़ा नहीं लगता है. इसके दातुन करने से दांत भी साफ रहता है. चांदी की तरह चमक दांत से आता है. दांत का लाइफ बढ़ जाता है. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग जो नीम का दातुवन करते हैं. वैसे लोगों का दांत बुढ़ापे के समय तक पूरी तरह से सुरक्षित रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google छपरा के एक्सपर्ट वीरू कुमार ने बताया कि वह बचपन से ही नीम का दतुवन करते आ रहे हैं. आज तक उनके मुंह से कभी बदबू नहीं आया है. उनका दांत चांदी की तरह हमेशा चमकता रहता है. उनके दांत से कभी ब्लड नहीं आता है. नीम के दातुवन करने से पूरे दिन मुंह अच्छा रहता है. किसी प्रकार के घाव फुंसी नहीं होती है. किसी कारणवश अगर घाव हो भी जाता है तो बहुत जल्द ठीक हो जाता है. उन्होंने बताया कि गांव में नीम के पेड़ को औषधिय गुणों का खजाना कहा जाता है. जो लोग जानते हैं. वैसे व्यक्ति कई रोग में नीम के जड़ से लेकर पत्ती तक उपयोग करते हैं, जिससे जटिल से जटिल बीमारी ठीक हो जाती है. उनके ग्रामीण क्षेत्र में आसानी से नीम का पेड़ पौधा मिल जाता है. जिसकी वजह से गांव के लोग भरपूर इसका उपयोग करते हैं. यही वजह है कि कई बीमारी से सुरक्षित रहते हैं. First Published : April 10, 2026, 22:31 IST
कई बीमारियों के लिए काल है नीम का पत्ता! रोजाना बस इतनी पत्तियों का करें सेवन, जानिए आयुर्वेदिक फायदे

Last Updated:March 31, 2026, 20:33 IST Health News: नीम की सबसे बड़ी खासियत इसकी एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक क्षमता है. यही वजह है कि गांवों में आज भी लोग दातुन करते हैं. नीम माउथ को किसी भी टूथपेस्ट से ज्यादा रिफ्रेश करता है. आइए नीम के आयुर्वेदिक फायदों के बारे में जानते हैं. नीम का पौधा आसानी से गांव में मिल जाता है, लेकिन नीम की पत्तियां हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद मानी जाती हैं. डायबिटीज के मरीजों से लेकर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. नीम की पत्तियों से बदलते मौसम के साथ-साथ वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. वायरल फीवर के साथ-साथ टाइफाइड, मलेरिया और सामान्य बुखार से भी बचाव में नीम की पत्तियों का सेवन उपयोगी माना जाता है. वहीं इस समय गर्मियों के मौसम में सबसे अधिक समस्या फंगल इन्फेक्शन को लेकर रहती है. कई बार फंगल इन्फेक्शन के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अगर आप भी फंगल इन्फेक्शन (दाद) की समस्या से अक्सर परेशान रहते हैं, तो सुबह खाली पेट नीम की तीन से चार पत्तियों को चबा सकते हैं. आप नीम की पत्तियों के रस का सेवन कर सकते हैं, तो फंगल इन्फेक्शन जैसी समस्या से आपको राहत मिल जाएगी. नीम की पत्तियां शरीर को अंदर से शुद्ध करने का काम करती हैं और हमारे खून को साफ करती हैं, जिससे रोग प्रतिरोध क्षमता कम होती है. वही नीम की पत्तियों का सेवन सही मात्रा में करना चाहिए. अधिक मात्रा में नीम की पत्तियों का सेवन करने से आप परेशान भी हो सकते हैं. अत्यधिक मात्रा में नीम की पत्तियों का सेवन करने से पेट में दर्द जैसी समस्या हो सकती है. गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जो लोग फंगल इंफेक्शन से एक्शन परेशान रहते हैं, वह सुबह खाली पेट 5 से 7 देसी नीम की कोपल यह पत्तियों को सुबह खाली पेट चला सकते हैं. ध्यान रहे कि पत्तियों को पेड़ से तोड़ने के बाद अच्छी तरीके से साफ पानी में धो लें. करीब 15 दिन तक लगातार नीम की पत्तियों का सेवन करने से कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं. नीम की सबसे बड़ी खासियत इसकी एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक क्षमता है. यही वजह है कि गांवों में आज भी लोग दातुन करते हैं. नीम माउथ किसी भी टूथपेस्ट से ज्यादा रिफ्रेश करता है. यह कैविटी, बदबू, मसूड़ों की सूजन और ओरल हेल्थ से जुड़ी कई परेशानियां दूर करता है. नीम की पत्तियां चबाने से माउथ के हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होते हैं, जिससे दांतों का दर्द और बदबू दोनों से राहत मिल जाती है. नीम के पत्तों का रस पेट को साफ और शुद्ध करता है, यही कारण है कि इसके पत्ते पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं. नीम के पत्ते ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. नीम के पत्तों का रस सुबह खाली पेट पीने से शरीर में इम्युनिटी पावर बढ़ता है, जिससे शरीर को छोटी-मोटी बीमारियों से लड़ने की क्षमता मिलती है. नीम की पत्तियों के रस या पेस्ट लगाने से बालों का झड़ना कम होता है. यही नहीं, यह रूसी से भी निजात मिलती है. First Published : March 31, 2026, 20:08 IST
बीमारियों का काल है ये हरा पत्ता, रोजाना चबाइए 5 पत्ते, फैटी लिवर से लेकर कैंसर तक में लाभकारी – Uttar Pradesh News

Last Updated:February 20, 2026, 23:17 IST नीम को आयुर्वेद में सर्वरोग निवारणी कहा गया है. यानी एक ऐसी जड़ी-बूटी जो कई बीमारियों को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखती है. डॉक्टर के मुताबिक नीम सिर्फ दातुन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी पूरी बॉडी को अंदर से मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है. डॉक्टर का कहना है कि आज भी नीम की एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टी का कोई तोड़ नहीं है. इसलिए इसे रोजमर्रा की लाइफ में जरूर शामिल करना चाहिए. रायबरेलीः मौसम में बदलाव के साथ सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं. ऐसे समय में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखना बेहद जरूरी हो जाता है. आयुर्वेद में नीम को प्राकृतिक औषधि का दर्जा दिया गया है. सुबह खाली पेट नीम की कोमल पत्तियों का सीमित मात्रा में सेवन करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते है. दरअसल, रायबरेली जिले के आयुष विशेषज्ञ गौरव कुमार लोकल 18 से बात करते हुए बताते है कि नीम में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग बदलते मौसम में नीम की पत्तियां चबाने की परंपरा निभाते है. इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक: गौरव कुमार के मुताबिक नीम की पत्तियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करते हैं. नियमित और सीमित सेवन से वायरल संक्रमण का खतरा कम हो सकता है. खून की सफाई और त्वचा के लिए लाभकारी: नीम को रक्त शुद्ध करने वाला माना जाता है. सुबह खाली पेट 4-5 कोमल पत्तियां चबाने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है।.इसका असर त्वचा पर भी दिखाई देता है और मुंहासे या फोड़े-फुंसी जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त: नीम की पत्तियां पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में भी सहायक मानी जाती हैं. यह गैस, अपच और पेट के कीड़ों की समस्या में लाभ पहुंचा सकती हैं. ध्यान रखें ये सावधानियां: हालांकि नीम प्राकृतिक औषधि है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है.गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए. कड़वाहट के कारण इसे अधिक मात्रा में लेने से उल्टी या पेट दर्द की समस्या भी हो सकती है. Location : Rae Bareli,Uttar Pradesh First Published : February 20, 2026, 23:16 IST








