Sunday, 23 Aug 2026 | 04:04 AM

Trending :

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में प्लान लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

शहरों को गर्मी से बचाने के लिए बनाया गया हीट एक्शन प्लान ज्यादातर शहरों में प्याऊ लगाने, एडवाइजरी जारी करने और अस्पतालों में अस्थायी इंतजाम तक सीमित है। 2016 में सरकार ने पहले चरण में दिल्ली, अहमदाबाद, इंदौर, भोपाल, जयपुर और चेन्नई समेत 20 शहरों के लिए यह योजना शुरू की थी। मकसद था लू के असर को कम करना और गर्मी के दौरान सामान्य कामकाज बनाए रखना, लेकिन ज्यादातर शहरों में स्थायी उपाय लागू नहीं हुए। अहमदाबाद को छोड़कर ज्यादातर शहरों में कूल रूफ, ग्रीन कवर बढ़ाने और गर्मी के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की पहचान जैसे कदमों पर काम नहीं हुआ। 2024 में हीट स्ट्रोक के 25 हजार मामले और 56 मौतें दर्ज हुई थीं। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 40 हजार केस और 110 मौतों तक पहुंच गया। 2026 में महाराष्ट्र अकेले अब तक 236 केस और 6 मौतें दर्ज कर चुका है। ‘लू’ घोषित करने के नियम बदलने की तैयारी बढ़ती गर्मी और अल नीनो के असर को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग लू घोषित करने के मानकों में बदलाव की तैयारी में है। अभी लू घोषित करने के नियम सिर्फ तापमान पर आधारित हैं, जो केरल जैसे तटीय राज्यों के लिए पूरी तरह सटीक नहीं माने जाते। नए मानकों में उमस और हीट स्ट्रेस को भी शामिल किया जा सकता है। इससे उन इलाकों में भी सटीक चेतावनी दी जा सकेगी, जहां तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद गर्मी का असर ज्यादा होता है। अहमदाबाद ने ऐसे तैयार किया मॉडल 9 चीजें करनी थीं, कई शहरों में अधूरी रहीं किन शहर ने क्या किया और क्या नहीं किया
1. दिल्ली क्या किया: इस साल 11,000 ‘कूलिंग पॉइंट्स’ (पेयजल, शेड) का लक्ष्य। मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप पर छबीलें लगाईं। क्या नहीं किया: कूलिंग सेंटर्स की संख्या दावों से काफी कम रही। कूल रूफ नहीं बनाईं। 2. भोपाल क्या किया: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में ‘लू वार्ड’ बनाने के निर्देश दिए। न शेड बनाए, न कूल रूफ, न हीव वेव अलर्ट सिस्टम लागू किया और न पौधरोपण में तेजी। क्या नहीं किया: कोई विस्तृत बजट या ठोस हीट एक्शन प्लान लागू नहीं हुआ। 1990 में ग्रीन कवर 66% था, जो अब 6% रह गया है। 3. इंदौर: क्या किया: 12 अस्पतालों में लू केंद्र बनाए गए। ट्रैफिक सिग्नल पर दोपहर में रेड लाइट का समय कम किया गया। क्या नहीं किया: संवेदनशील जगह कूलिंग शेड नहीं लगाए गए। 1990 में ग्रीन कवर 33% था, जो 2026 में घटकर 10% रह गया।
4. जयपुर क्या किया: अस्पतालों में विशेष वार्ड और ओआरएस कॉर्नर बनाए गए। निर्माण कार्य के घंटों में बदलाव की सलाह दी गई। क्या नहीं किया: श्रमिकों के लिए पर्याप्त शेल्टर व सार्वजनिक कूलिंग स्टेशन नहीं बने। कूल रूफ से 2-5 डिग्री, पौधरोपण से 3 डिग्री तक ​घट सकता है पारा एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर शहर हीट एक्शन प्लान को सिर्फ इमरजेंसी इंतजाम की तरह लागू कर रहे हैं। यानी गर्मी बढ़ने पर एडवाइजरी, अस्पतालों में अस्थायी तैयारी और पानी की व्यवस्था तक सीमित हैं। लंबे समय में तापमान कम करने वाले उपायों पर काम नहीं हो रहा। जनाग्रह की जना अर्बन स्पेस टीम की एसोसिएट मैनेजर सुर्ज्यतपा रे के मुताबिक, कूल रूफ से घरों का तापमान 2 से 5 डिग्री तक कम किया जा सकता है। बड़े स्तर पर पौधरोपण से 10-15 साल में शहर का तापमान करीब 3 डिग्री तक घट सकता है, जबकि शहरों के बाहरी हिस्सों में ग्रीन बेल्ट विकसित करने से तापमान करीब 2 डिग्री तक कम हो सकता है। उनके मुताबिक, सबसे बड़ी समस्या जवाबदेही की कमी है। राष्ट्रीय स्तर पर दिशा-निर्देश जारी होते हैं, लेकिन नगर निकायों को न पर्याप्त बजट मिलता है, न समर्पित स्टाफ। इसी वजह से कई शहरों में हीट एक्शन प्लान कागजों तक सीमित रह जाता है। ———— ये खबर भी पढ़ें… भारत में सूखा-भीषण गर्मी पड़ने की आशंका:सुपर अल नीनो मई-जुलाई से सर्दियों तक जारी रहने के आसार; इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है भारत में इस साल सामान्य से कम बारिश के अनुमान के बीच सुपर अल-नीनो भी एक्टिव हो सकता है। अमेरिकी मौसम एजेंसी ‘नेशनल ओशेनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (नोआ) के अनुसार यह मई-जुलाई के दौरान ही दस्तक दे सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
कनाडा सरकार का पंजाबियों को झटका:PR होने पर भी पेरेंट्स, दादा-दादी को साथ नहीं बसा पाएंगे; अब सिर्फ सुपर वीजा का सहारा

July 17, 2026/
5:00 am

कनाडा में रह रहे लाखों भारतीयों, खासकर पंजाबी समुदाय को बड़ा झटका लगा है। कनाडा सरकार ने 15 जुलाई 2026...

श्योपुर के अमित को 10वीं में प्रदेश में 9वीं रैंक:संजना को 12वीं में 10वां स्थान; टॉपर्स सूची में बेटियों का दबदबा

April 15, 2026/
8:13 pm

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में श्योपुर जिले के विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय प्रावीण्य सूची...

अयोध्या में बुर्का पहनकर लूट करने वाली लड़की हिंदू:खिलौना पिस्टल से की वारदात, दोस्त के साथ बाइक से भागी; दोनों गिरफ्तार

April 3, 2026/
11:28 am

अयोध्या में ज्वेलरी शॉप में बुर्का पहनकर लूट करने वाली लड़की और उसके दोस्त को पुलिस ने गुरुवार देर रात...

खरगोन में तीन दिन ओला-बारिश का अलर्ट:खेतों में पड़ी 60% गेहूं की फसल पर खतरा; 70-80 km/h की रफ्तार से चली हवाएं

March 19, 2026/
10:47 am

खरगोन में गुरुवार को अचानक मौसम बदल गया और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं...

Shubman Gill (left) and Abhishek Sharma (AP Photo)

May 12, 2026/
6:41 pm

आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 18:41 IST 30 विधायकों वाला एक विद्रोही अन्नाद्रमुक गुट महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण से ठीक 24 घंटे...

IPL में आज DC-RR का मैच:3 छक्के लगाते ही वैभव बन जाएंगे भारत के नए सिक्सर किंग, अबतक 11 मैचों में बनाए हैं 440 रन

May 17, 2026/
3:19 pm

IPL में आज दिल्ली कैपिटल्स (DC) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मुकाबला खेला जाएगा। नई दिल्ली के अरुण जेटली...

कैदी पर आया लेडी जेल अफसर का दिल:उम्रकैद की सजा पूरी होने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से की शादी, विश्व हिंदू परिषद ने कराया कन्यादान

May 7, 2026/
8:17 am

सतना सेंट्रल जेल की सहायक अधीक्षक फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में सजा काट चुके अभिलाष नाम के युवक...

Riyan Parag Vaping Video Controversy; BCCI Penalty

April 30, 2026/
2:29 pm

स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को...

राजनीति

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में प्लान लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

शहरों को गर्मी से बचाने के लिए बनाया गया हीट एक्शन प्लान ज्यादातर शहरों में प्याऊ लगाने, एडवाइजरी जारी करने और अस्पतालों में अस्थायी इंतजाम तक सीमित है। 2016 में सरकार ने पहले चरण में दिल्ली, अहमदाबाद, इंदौर, भोपाल, जयपुर और चेन्नई समेत 20 शहरों के लिए यह योजना शुरू की थी। मकसद था लू के असर को कम करना और गर्मी के दौरान सामान्य कामकाज बनाए रखना, लेकिन ज्यादातर शहरों में स्थायी उपाय लागू नहीं हुए। अहमदाबाद को छोड़कर ज्यादातर शहरों में कूल रूफ, ग्रीन कवर बढ़ाने और गर्मी के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की पहचान जैसे कदमों पर काम नहीं हुआ। 2024 में हीट स्ट्रोक के 25 हजार मामले और 56 मौतें दर्ज हुई थीं। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 40 हजार केस और 110 मौतों तक पहुंच गया। 2026 में महाराष्ट्र अकेले अब तक 236 केस और 6 मौतें दर्ज कर चुका है। ‘लू’ घोषित करने के नियम बदलने की तैयारी बढ़ती गर्मी और अल नीनो के असर को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग लू घोषित करने के मानकों में बदलाव की तैयारी में है। अभी लू घोषित करने के नियम सिर्फ तापमान पर आधारित हैं, जो केरल जैसे तटीय राज्यों के लिए पूरी तरह सटीक नहीं माने जाते। नए मानकों में उमस और हीट स्ट्रेस को भी शामिल किया जा सकता है। इससे उन इलाकों में भी सटीक चेतावनी दी जा सकेगी, जहां तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद गर्मी का असर ज्यादा होता है। अहमदाबाद ने ऐसे तैयार किया मॉडल 9 चीजें करनी थीं, कई शहरों में अधूरी रहीं किन शहर ने क्या किया और क्या नहीं किया
1. दिल्ली क्या किया: इस साल 11,000 ‘कूलिंग पॉइंट्स’ (पेयजल, शेड) का लक्ष्य। मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप पर छबीलें लगाईं। क्या नहीं किया: कूलिंग सेंटर्स की संख्या दावों से काफी कम रही। कूल रूफ नहीं बनाईं। 2. भोपाल क्या किया: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में ‘लू वार्ड’ बनाने के निर्देश दिए। न शेड बनाए, न कूल रूफ, न हीव वेव अलर्ट सिस्टम लागू किया और न पौधरोपण में तेजी। क्या नहीं किया: कोई विस्तृत बजट या ठोस हीट एक्शन प्लान लागू नहीं हुआ। 1990 में ग्रीन कवर 66% था, जो अब 6% रह गया है। 3. इंदौर: क्या किया: 12 अस्पतालों में लू केंद्र बनाए गए। ट्रैफिक सिग्नल पर दोपहर में रेड लाइट का समय कम किया गया। क्या नहीं किया: संवेदनशील जगह कूलिंग शेड नहीं लगाए गए। 1990 में ग्रीन कवर 33% था, जो 2026 में घटकर 10% रह गया।
4. जयपुर क्या किया: अस्पतालों में विशेष वार्ड और ओआरएस कॉर्नर बनाए गए। निर्माण कार्य के घंटों में बदलाव की सलाह दी गई। क्या नहीं किया: श्रमिकों के लिए पर्याप्त शेल्टर व सार्वजनिक कूलिंग स्टेशन नहीं बने। कूल रूफ से 2-5 डिग्री, पौधरोपण से 3 डिग्री तक ​घट सकता है पारा एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर शहर हीट एक्शन प्लान को सिर्फ इमरजेंसी इंतजाम की तरह लागू कर रहे हैं। यानी गर्मी बढ़ने पर एडवाइजरी, अस्पतालों में अस्थायी तैयारी और पानी की व्यवस्था तक सीमित हैं। लंबे समय में तापमान कम करने वाले उपायों पर काम नहीं हो रहा। जनाग्रह की जना अर्बन स्पेस टीम की एसोसिएट मैनेजर सुर्ज्यतपा रे के मुताबिक, कूल रूफ से घरों का तापमान 2 से 5 डिग्री तक कम किया जा सकता है। बड़े स्तर पर पौधरोपण से 10-15 साल में शहर का तापमान करीब 3 डिग्री तक घट सकता है, जबकि शहरों के बाहरी हिस्सों में ग्रीन बेल्ट विकसित करने से तापमान करीब 2 डिग्री तक कम हो सकता है। उनके मुताबिक, सबसे बड़ी समस्या जवाबदेही की कमी है। राष्ट्रीय स्तर पर दिशा-निर्देश जारी होते हैं, लेकिन नगर निकायों को न पर्याप्त बजट मिलता है, न समर्पित स्टाफ। इसी वजह से कई शहरों में हीट एक्शन प्लान कागजों तक सीमित रह जाता है। ———— ये खबर भी पढ़ें… भारत में सूखा-भीषण गर्मी पड़ने की आशंका:सुपर अल नीनो मई-जुलाई से सर्दियों तक जारी रहने के आसार; इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है भारत में इस साल सामान्य से कम बारिश के अनुमान के बीच सुपर अल-नीनो भी एक्टिव हो सकता है। अमेरिकी मौसम एजेंसी ‘नेशनल ओशेनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (नोआ) के अनुसार यह मई-जुलाई के दौरान ही दस्तक दे सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.