Thursday, 02 Jul 2026 | 01:45 AM

Trending :

EXCLUSIVE

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में प्लान लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में प्लान लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

शहरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए बनाया गया हीट एक्शन प्लान ज्यादातर शहरों में प्याऊ लगाने, एडवाइजरी जारी करने और अस्पतालों में अस्थायी इंतजाम तक सीमित है। केंद्र सरकार ने 2016 में पहले चरण में दिल्ली, अहमदाबाद, इंदौर, भोपाल, जयपुर और चेन्नई समेत 20 शहरों के लिए यह प्लान बनाया था, ताकि लू के असर को कम किया जा सके और गर्मी के दौरान कामकाज प्रभावित न हो। लेकिन ज्यादातर शहरों में इसके दीर्घकालिक उपाय जमीन पर नहीं दिखते। अहमदाबाद को छोड़कर ज्यादातर शहरों में कूल रूफ, ग्रीन कवर बढ़ाने और गर्मी के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की पहचान जैसे कदमों पर गंभीर काम नहीं हुआ। इसका असर स्वास्थ्य आंकड़ों में दिख रहा है। 2024 में हीट स्ट्रोक के 25 हजार मामले और 56 मौतें दर्ज हुई थीं। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 40 हजार केस और 110 मौतों तक पहुंच गया। 2026 में महाराष्ट्र अकेले अब तक 236 केस और 6 मौतें दर्ज कर चुका है। ‘लू’ घोषित करने के नियम बदलने की तैयारी बढ़ती गर्मी और अल नीनो के असर को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग लू घोषित करने के मानकों में बदलाव की तैयारी में है। अभी लू घोषित करने के नियम सिर्फ तापमान पर आधारित हैं, जो केरल जैसे तटीय राज्यों के लिए पूरी तरह सटीक नहीं माने जाते। नए मानकों में उमस और हीट स्ट्रेस को भी शामिल किया जा सकता है। इससे उन इलाकों में भी सटीक चेतावनी दी जा सकेगी, जहां तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद गर्मी का असर ज्यादा होता है। अहमदाबाद ने ऐसे तैयार किया मॉडल 9 चीजें करनी थीं, कई शहरों में अधूरी रहीं किन शहर ने क्या किया और क्या नहीं किया
1. दिल्ली क्या किया: इस साल 11,000 ‘कूलिंग पॉइंट्स’ (पेयजल, शेड) का लक्ष्य। मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप पर छबीलें लगाईं। क्या नहीं किया: कूलिंग सेंटर्स की संख्या दावों से काफी कम रही। कूल रूफ नहीं बनाईं। 2. भोपाल क्या किया: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में ‘लू वार्ड’ बनाने के निर्देश दिए। न शेड बनाए, न कूल रूफ, न हीव वेव अलर्ट सिस्टम लागू किया और न पौधरोपण में तेजी। क्या नहीं किया: कोई विस्तृत बजट या ठोस हीट एक्शन प्लान लागू नहीं हुआ। 1990 में ग्रीन कवर 66% था, जो अब 6% रह गया है। 3. इंदौर: क्या किया: 12 अस्पतालों में लू केंद्र बनाए गए। ट्रैफिक सिग्नल पर दोपहर में रेड लाइट का समय कम किया गया। क्या नहीं किया: संवेदनशील जगह कूलिंग शेड नहीं लगाए गए। 1990 में ग्रीन कवर 33% था, जो 2026 में घटकर 10% रह गया।
4. जयपुर क्या किया: अस्पतालों में विशेष वार्ड और ओआरएस कॉर्नर बनाए गए। निर्माण कार्य के घंटों में बदलाव की सलाह दी गई। क्या नहीं किया: श्रमिकों के लिए पर्याप्त शेल्टर व सार्वजनिक कूलिंग स्टेशन नहीं बने।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Venugopal has emerged as a key contender in the race for Kerala CM

May 11, 2026/
4:23 pm

आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 16:23 IST टीएमसी नेता और वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि 31 निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर...

US President Donald Trump said negotiations with Iran are progressing behind closed doors and insisted that only a small circle inside his administration knows the true status of the talks. (Reuters)

May 1, 2026/
11:51 am

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 11:51 IST ममता बनर्जी और टीएमसी ने कोलकाता के स्ट्रांगरूम में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप...

LSG vs RCB Live Score, IPL 2026: Follow Lucknow Super Giants vs Royal Challengers Bengaluru IPL match updates from Lucknow. (Picture Credit: Creimas)

May 7, 2026/
7:25 pm

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 19:25 IST तकनीकी विशेषज्ञ फिलहाल धमकी भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए आईपी पते का पता...

Healthy Digestion Diet Plan; Stress-Free Lifestyle

April 22, 2026/
4:30 am

21 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक खराब लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान और स्ट्रेस डाइजेशन को प्रभावित करते हैं। इससे एसिडिटी,...

कच्चा तेल 9% सस्ता होकर 88 डॉलर पर आया:ट्रम्प के 'युद्ध जल्द खत्म' वाले बयान का असर; सेंसेक्स 500 अंक चढ़कर 78,000 पर पहुंचा

March 10, 2026/
8:34 am

शेयर बाजार में आज यानी 10 मार्च को तेजी है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78,000...

Singapore Court Rules Accident, Not Murder

March 25, 2026/
7:47 pm

2 घंटे पहले कॉपी लिंक 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में जुबीन गर्ग की मौत हो गई थी। सिंगापुर की...

चुकंदर डिटॉक्स ड्रिंक रेसिपी: स्किन ग्लोम और डिटॉक्स के लिए पिएं बीटरूट ड्रिंक, नोट कर लें बनाने का आसान तरीका

March 15, 2026/
9:50 pm

चुकंदर डिटॉक्स ड्रिंक रेसिपी: आज की भाग दौड़ वाली लाइफ, बढ़ती स्ट्रेस और अनहेल्डी स्टाइल का असर सबसे पहले हमारी...

राजनीति

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में प्लान लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में प्लान लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें

शहरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए बनाया गया हीट एक्शन प्लान ज्यादातर शहरों में प्याऊ लगाने, एडवाइजरी जारी करने और अस्पतालों में अस्थायी इंतजाम तक सीमित है। केंद्र सरकार ने 2016 में पहले चरण में दिल्ली, अहमदाबाद, इंदौर, भोपाल, जयपुर और चेन्नई समेत 20 शहरों के लिए यह प्लान बनाया था, ताकि लू के असर को कम किया जा सके और गर्मी के दौरान कामकाज प्रभावित न हो। लेकिन ज्यादातर शहरों में इसके दीर्घकालिक उपाय जमीन पर नहीं दिखते। अहमदाबाद को छोड़कर ज्यादातर शहरों में कूल रूफ, ग्रीन कवर बढ़ाने और गर्मी के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की पहचान जैसे कदमों पर गंभीर काम नहीं हुआ। इसका असर स्वास्थ्य आंकड़ों में दिख रहा है। 2024 में हीट स्ट्रोक के 25 हजार मामले और 56 मौतें दर्ज हुई थीं। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 40 हजार केस और 110 मौतों तक पहुंच गया। 2026 में महाराष्ट्र अकेले अब तक 236 केस और 6 मौतें दर्ज कर चुका है। ‘लू’ घोषित करने के नियम बदलने की तैयारी बढ़ती गर्मी और अल नीनो के असर को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग लू घोषित करने के मानकों में बदलाव की तैयारी में है। अभी लू घोषित करने के नियम सिर्फ तापमान पर आधारित हैं, जो केरल जैसे तटीय राज्यों के लिए पूरी तरह सटीक नहीं माने जाते। नए मानकों में उमस और हीट स्ट्रेस को भी शामिल किया जा सकता है। इससे उन इलाकों में भी सटीक चेतावनी दी जा सकेगी, जहां तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद गर्मी का असर ज्यादा होता है। अहमदाबाद ने ऐसे तैयार किया मॉडल 9 चीजें करनी थीं, कई शहरों में अधूरी रहीं किन शहर ने क्या किया और क्या नहीं किया
1. दिल्ली क्या किया: इस साल 11,000 ‘कूलिंग पॉइंट्स’ (पेयजल, शेड) का लक्ष्य। मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप पर छबीलें लगाईं। क्या नहीं किया: कूलिंग सेंटर्स की संख्या दावों से काफी कम रही। कूल रूफ नहीं बनाईं। 2. भोपाल क्या किया: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में ‘लू वार्ड’ बनाने के निर्देश दिए। न शेड बनाए, न कूल रूफ, न हीव वेव अलर्ट सिस्टम लागू किया और न पौधरोपण में तेजी। क्या नहीं किया: कोई विस्तृत बजट या ठोस हीट एक्शन प्लान लागू नहीं हुआ। 1990 में ग्रीन कवर 66% था, जो अब 6% रह गया है। 3. इंदौर: क्या किया: 12 अस्पतालों में लू केंद्र बनाए गए। ट्रैफिक सिग्नल पर दोपहर में रेड लाइट का समय कम किया गया। क्या नहीं किया: संवेदनशील जगह कूलिंग शेड नहीं लगाए गए। 1990 में ग्रीन कवर 33% था, जो 2026 में घटकर 10% रह गया।
4. जयपुर क्या किया: अस्पतालों में विशेष वार्ड और ओआरएस कॉर्नर बनाए गए। निर्माण कार्य के घंटों में बदलाव की सलाह दी गई। क्या नहीं किया: श्रमिकों के लिए पर्याप्त शेल्टर व सार्वजनिक कूलिंग स्टेशन नहीं बने।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.