‘क्या ईडी अधिकारी काम करते समय अधिकार खो देते हैं?’: I-PAC मामले की सुनवाई के दौरान SC ने ममता सरकार से सवाल किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 24, 2026, 17:56 IST सुप्रीम कोर्ट ने ईडी और पीएसी की तलाशी में बाधा पर पश्चिम बंगाल से सवाल किए, ईडी अधिकारियों की धारा 32 की याचिकाएं सुनीं, कपिल सिब्बल की आपत्तियों को खारिज कर दिया और चुनाव से जुड़ी देरी से इनकार किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (छवि: पीटीआई) सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC की तलाशी में कथित हस्तक्षेप को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से तीखे सवाल पूछे। सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने पूछा कि अगर भूमिकाएं उलट जाने पर ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होती है तो राज्य की स्थिति क्या होगी। “क्या होगा यदि आपकी सरकार केंद्र में सत्ता में है और कोई अन्य राजनीतिक दल राज्य स्तर पर भी ऐसा ही करता है?” पीठ ने केंद्रीय एजेंसी के संचालन में बाधा पर चिंताओं को रेखांकित करते हुए यह टिप्पणी की। ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के अधिकारियों पर इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के हिस्से के रूप में जनवरी की शुरुआत में की गई जांच और तलाशी अभियान में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। जस्टिस पीके मिश्रा और एनवी अंजारिया की पीठ संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत ईडी की याचिका की विचारणीयता पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने कहा कि एक संस्था के रूप में ईडी के अलावा, एजेंसी के व्यक्तिगत अधिकारियों ने भी अपने अधिकारों के उल्लंघन का दावा करते हुए उससे संपर्क किया है। न्यायमूर्ति मिश्रा ने टिप्पणी की, “कृपया ईडी के उन अधिकारियों के मौलिक अधिकार पर ध्यान केंद्रित करें जिनके खिलाफ अपराध किया गया है। अन्यथा, आप मुद्दे से चूक जाएंगे।” उन्होंने राज्य के वकील को व्यक्तिगत अधिकारियों द्वारा दायर याचिकाओं को नजरअंदाज करने के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा, “आप दूसरी याचिका को नहीं भूल सकते… सिर्फ ईडी, ईडी, ईडी मत कहिए।” पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि ईडी ऐसे मामले में अनुच्छेद 32 को लागू नहीं कर सकता, क्योंकि वैकल्पिक वैधानिक उपाय उपलब्ध हैं। सिब्बल ने कहा, “वैधानिक कर्तव्य के प्रदर्शन में कोई भी बाधा मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं है। एक वैधानिक उपाय है। अन्यथा, प्रत्येक पुलिस अधिकारी अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करेगा।” उन्होंने यह भी तर्क दिया कि किसी मामले की जांच करना मौलिक अधिकार नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, “एक ईडी अधिकारी को क़ानून के तहत केवल जांच करने का अधिकार है। उस अधिकार का उल्लंघन मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं है।” हालाँकि, पीठ असंबद्ध दिखाई दी, जिससे संकेत मिलता है कि कथित बाधा और व्यक्तिगत अधिकारियों पर इसके प्रभाव की बारीकी से जांच करने की आवश्यकता है। अदालत ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के कारण सुनवाई टालने के सुझाव को भी दृढ़ता से खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति मिश्रा ने कार्यवाही में देरी के अनुरोधों को खारिज करते हुए कहा, “हम चुनाव में पक्षकार नहीं बनना चाहते, हम किसी अपराध में भी पक्षकार नहीं बनना चाहते। हम अदालत के समय को जानते हैं।” मामला अभी भी विचाराधीन है, अदालत से उम्मीद है कि वह जांच एजेंसियों की कथित रुकावट से जुड़े मामलों में मौलिक अधिकारों के दायरे की और जांच करेगी। जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 24, 2026, 17:56 IST न्यूज़ इंडिया ‘क्या ईडी अधिकारी काम करते समय अधिकार खो देते हैं?’: I-PAC मामले की सुनवाई के दौरान SC ने ममता सरकार से सवाल किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुप्रीम कोर्ट ईडी पश्चिम बंगाल मामला(टी)सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 32 याचिका(टी)ईडी हस्तक्षेप आई-पीएसी खोजें(टी)ममता बनर्जी ईडी जांच(टी)पश्चिम बंगाल सरकार बनाम प्रवर्तन निदेशालय(टी)ईडी अधिकारियों के मौलिक अधिकार(टी)कपिल सिब्बल तर्क अनुच्छेद 32(टी)जांच एजेंसियों में बाधा भारत
इंदौर में कांग्रेस की बैठक में हंगामा:भोजन को लेकर धक्का-मुक्की, प्रदेश प्रभारी चौधरी ने निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को बताया BJP का एजेंट बताया

इंदौर में मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के दौरे के दौरान पार्टी की रणनीति को लेकर मंथन हुआ। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने की दिशा में चर्चा की गई। इस बैठक में शहर कार्यकारिणी, विभिन्न मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद कार्यालय में भोजन को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की की स्थिति बन गई। मालवा-निमाड़ पर फोकस, इंदौर बनेगा केंद्र कांग्रेस अब मालवा-निमाड़ में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इंदौर को केंद्र बनाकर रणनीति तैयार कर रही है। बैठक में शहर की 9 विधानसभा सीटों के साथ पूरे क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। पार्टी बूथ स्तर से अभियान शुरू करने की तैयारी में है, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा सके। हरीश चौधरी की सख्त चेतावनी बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने साफ कहा कि जो नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच नहीं जा रहे, वे पार्टी के नहीं बल्कि बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सक्रिय होकर मैदान में उतरने की नसीहत दी। बैठक के बाद अव्यवस्था, धक्का-मुक्की बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस कार्यालय में अव्यवस्था भी देखने को मिली। भोजन वितरण के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिससे संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल उठने लगे।
अनूपपुर में अवैध रेत उत्खनन करते ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:तीन आरोपी गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ग्राम पंगना में की गई इस कार्रवाई में रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई। एसपी के निर्देश पर कार्रवाई थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के निर्देश पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की। रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। पूछताछ के बाद ट्रैक्टर चालक मोहन सिंह (25), मालिक कुमान सिंह और ट्रैक्टर उपलब्ध कराने वाले सुलोचन सिंह को गिरफ्तार किया गया। कई धाराओं में मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, खान-खनिज अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जब्त रेत और ट्रैक्टर-ट्रॉली की कुल कीमत करीब 7.03 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी रेत कारोबारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाई से रेत माफियाओं में भय का माहौल है और पुलिस आगे भी सख्ती जारी रखेगी।
कॉन्स्टेबल की बेटी ने AI से सुलझाए सवाल:10वीं में किसान की बेटी के 99.83% नंबर आए; मजदूर मां के बेटे ने भी चौंकाया

राजस्थान बोर्ड के 10वीं के रिजल्ट में कई स्टूडेंट्स ने चौंका दिया। सीकर में किसान की बेटी के 99.83% नंबर आए। अलवर में मजदूरी करने वाली मां के बेटे ने 96.67 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं कॉन्स्टेबल की बेटी ने आधुनिक तकनीक(AI) का सहारा लेते हुए पढ़ाई में नया मुकाम हासिल किया। मिस्त्री की बेटी ने घर का काम करके भी 96.83 प्रतिशत नंबर हासिल किए। आइए जानते हैं उनमें से कुछ कहानी। सीकर के शेखावाटी स्कूल लोसल की छात्रा प्रियांशी सुंडा ने 99.83% अंक हासिल किए। अब तक के रिजल्ट के मुताबिक प्रियांशी सुंडा स्टेट के टॉप स्टूडेंट्स में शामिल है। प्रियांशी ने रेगुलर पढ़ाई करके यह सफलता हासिल की। उन्होंने एग्जाम के दौरान भी टीवी और मोबाइल देखना नहीं छोड़ा, हालांकि इसका टाइमिंग कम कर दिया था। आज रिजल्ट आने के बाद दैनिक भास्कर ने प्रियांशी से बातचीत की। तब उन्होंने अपनी जर्नी के बारे में बताया। प्रियांशी सुंडा का कहना है कि उन्होंने एग्जाम के लिए रेगुलर स्कूल में पढ़ाई की। प्रियांशी बताती है कि उसके पिता सीताराम सुंडा किसान हैं। प्रियांशी अपने नाना के पास रहती थी, जो आर्मी रिटायर्ड पर्सन है। उनकी गाइडेंस में रहकर ही पढ़ाई की। इसके अलावा फैमिली का भी काफी ज्यादा सपोर्ट रहा। प्रियांशी बताती है कि स्कूल में रोजाना करीब 7 से 8 घंटे पढ़ाई करने के बाद जब वह घर पर आती तो एक से डेढ़ घंटे पढ़ लेती। ऐसे में रूटीन में जो पढ़ाई होती थी, उसका दोबारा से रिवीजन भी हो जाता था। एग्जाम नजदीक थे तो पढ़ाई का लोड नहीं था, क्योंकि सब कुछ पहले ही क्लियर था। उसकी बदौलत ही आज उनका यह परिणाम आया है। प्रियांशी बताती है कि वह अब फ्यूचर में इंजीनियर बनना चाहती है। इसके लिए JEE की तैयारी करेगी। प्रियांशी का दूसरे स्टूडेंट्स को मैसेज है कि स्कूलिंग की पढ़ाई ज्यादा हार्ड नहीं होती। यदि रेगुलर पढ़ाई करके उसका सेम डे रिवीजन कर लिया जाए। पिता ने ध्यान नहीं दिया तो मामा के घर पहुंचा नवीन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल मालाखेड़ा के छात्र आदेश कुमार ने 96.67 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए। छात्र के पिता ने कभी उसकी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया। जब घर में पढ़ाई का माहौल नहीं बना तो मामा के घर चला गया। उसके बाद वहीं रहकर पढ़ाई की। पिछले कई सालों से वह मालाखेड़ा में मामा के घर पर रहता है, यहां उसने पढ़ाई पर फोकस किया। कभी मोबाइल यूज नहीं किया। मामा रूपसिंह ने बताया कि उसका भांजा आदेश कुमार पढ़ाई में होशियार है। जब लगा कि वह खुद के गांव में घर पर नहीं पढ़ पा रहा है। वहां पढ़ाई का माहौल नहीं है। पिता भी सहयोग कम कर रहे थे। इसके बाद उसे खुद के घर ले आया। अब उसका रिजल्ट देखकर सबको खुशी हुई है। वह आगे भी नाम रोशन करेगा। वह खुद ही पढ़ाई करता है। हमेशा मां की याद रहती है। मां ने मेहनत मजदूरी कर बेटे को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। AI से सवाल सॉल्व कर लिए अच्छे अंक अलवर में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट में कार्यरत कॉन्स्टेबल मंजू देवी की बेटी सलोनी ने 10वीं में 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। खास बात ये है कि सलोनी ने मोबाइल का उपयोग बहुत बेहतरीन किया। जब उसे किसी सवाल में उलझन होती तो वह AI से उसके सटीक जवाब समझती। फिर उसे जो सटीक समझ आता उसे याद करती। ऐसा उसने बहुत बार कई विषय में किया। सलोनी ने बताया कि पहले तो मम्मी ने टोका कि पढ़ाई के समय फोन नहीं मिलेगा, लेकिन जब उनको समझाया कि केवल सवाल को सॉल्व करने के लिए AI का यूज करती हूं। इसके बाद मां को समझ आने पर उन्होंने एआई का यूज करने दिया। जिसके कारण कई बार अटकने के बाद सवाल सॉल्व हो गए। कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ी। अच्छे अंक आने में AI की मदद मिली है। मां खेत पर जाती तो बेटी पूरा काम करती अलवर के थानागाजी के दुहार चौगान निवासी छात्रा कनक प्रजापत ने 10वीं में 96.83 प्रतिशत नंबर हासिल किए। छात्रा के पिता कृष्ण कुमार टाइल्स मिस्त्री है। वही मां मनभरी देवी गृहिणी हैं और खेती बाड़ी करती हैं। पिता कृष्ण कुमार ने बताया कि बेटी अपनी मां के काम में पूरा हाथ बंटाती थी। जब मां को खेत से आने में देर हो जाती तो बेटी पहले ही घर में खाना बनाकर रखती थी। ताकि मां आकर परेशान नहीं हो। घर का छोटा मोटा काम भी कर लेती थी। इसके बाद पढ़ाई पर भी फोकस रखती। सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करती थी। पिता भी मजदूर होने के कारण सुबह जल्दी घर से निकल जाते थे। पिता ने बताया कि पिछले साल उसके बेटे गोविंद प्रजापत के भी 10वीं में अच्छे मार्क्स आए थे। दोनों बहन-भाई एक दूसरे का पूरा सहयोग करते हैं। बेटे ने अपनी बहन को अच्छे अंक लाने में सहयोग किया है। बड़े भाई ने पिछले साल 10th में गांव में टॉप किया था। उसी को देखते हुए उसने भी टॉप कर लिया। ———– ये खबर भी पढ़िए… 10वीं में जुड़वा बहनों के 98 % नंबर आए:सब्जी बेचने वाले की बेटी के 98.67 प्रतिशत; कोटा में परिणाम देख डांस करने लगे स्टूडेंट राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की ओर से मंगलवार को 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया गया। इस बार परिणाम 94.23 प्रतिशत रहा है। यह पिछले साल से 1.17 प्रतिशत ज्यादा है। पिछले साल 93.06 प्रतिशत परिणाम रहा था। लड़कों का 93.63 और लड़कियों का 94.90% रिजल्ट रहा है।(पूरी खबर पढ़ें)
रायसेन की अंजलि ने राज्य स्तरीय ओलंपियाड में दूसरा स्थानप्राप्तकिया:ग्वालियर में आयोजित प्रतियोगिता में जिले के चार बच्चों ने लिया था भाग

एमपी के ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय ओलंपियाड प्रतियोगिता 2025-26 में रायसेन जिले की छात्रा अंजलि मेहरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अंजलि सिलवानी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला सिंहपुर की कक्षा 4 की छात्रा हैं। इस प्रतियोगिता में रायसेन जिले से कुल चार विद्यार्थियों ने भाग लिया था। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आयोजित सम्मान समारोह में अंजलि मेहरा को राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारियों और ग्वालियर जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रावत द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अन्य प्रतिभागी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें कक्षा 2 की तेजीबा कुरैशी, कक्षा 3 की खुशबू कुशवाहा, कक्षा 4 की अंजलि मेहरा और कक्षा 5 की निर्मल लोधी शामिल रहीं। शिक्षकों को भी दिया गया सम्मान दूसरे स्थान प्राप्त करने पर अंजलि मेहरा को ट्रॉफी, साइकिल, सिल्वर मेडल, स्टडी टेबल, बैग, बोतल, कॉपी, कंपास और घड़ी सहित अन्य उपहार प्रदान किए गए। वहीं, मार्गदर्शक शिक्षकों का भी सम्मान किया गया। सरोज रघुवंशी को सिल्वर मेडल, प्रमाण पत्र और टिफिन बॉक्स देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा गैरतगंज विकासखंड के संदीपनी विद्यालय की शिक्षिका मीरा व्यास को भी प्रमाण पत्र और टिफिन बॉक्स प्रदान किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के अभिभावक अनीता मेहरा, औसाफ कुरैशी और भगवान सिंह लोधी भी मौजूद रहे। जिले का प्रतिनिधित्व एपीसी विनीत दीक्षित ने किया, जिन्हें राज्य स्तर पर प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
राजस्थान रॉयल्स 15,289 करोड़ में बिकी:काल सोमानी कंसोर्टियम ने खरीदी टीम, 2008 के मुकाबले 24 गुना बढ़ी वैल्यू

Hindi News Sports Cricket Rajasthan Royals, Kal Somani, IPL 2026, Rajasthan Royals Owner, IPL Team Sale, RR Ownership, IPL News Hindi, Cricket News, Rajasthan Royals Deal, IPL Franchise News स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL की पहली चैंपियन राजस्थान रॉयल्स को नए मालिक मिल गए हैं। पिछले कुछ महीनों से चली आ रही प्रक्रिया के बाद आखिरकार 1.63 बिलियन डॉलर यानि करीब 15,289 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बोली के साथ राजस्थान रॉयल्स की बिक्री फाइनल हो गई है। अमेरिका के बिजनेसमैन काल सोमानी और उनके कॉन्सोर्टियम ने फ्रेंचाइजी के लिए ये सबसे बड़ी बोली लगाई है, जिसे मंजूर कर लिया गया है। काल सोमानी टेक्नोलॉजी और निवेश जगत का बड़ा नाम हैं और उन्होंने एड-टेक, डेटा प्राइवेसी, AI गवर्नेंस और स्पोर्ट्स टेक जैसे क्षेत्रों में कई वैश्विक कंपनियां खड़ी की हैं। इस डील के साथ उनका खेल जगत में निवेश और मजबूत हो गया है। राजस्थान रॉयल्स IPL की शुरुआती टीमों में से एक है, जिसने 2008 में पहला खिताब जीता था। RR 24 गुना ज्यादा में बिकी 2008 में जब राजस्थान रॉयल्स को खरीदा गया था, तब इसकी कीमत सिर्फ 67 मिलियन डॉलर थी, जो उस समय लगभग ₹260-270 करोड़ के आसपास बैठती थी। अगर उसी 67 मिलियन डॉलर को आज की वैल्यू में देखा जाए, तो यह करीब ₹628 करोड़ बनता है। अब 2026 में यही फ्रेंचाइजी करीब 1.63 बिलियन डॉलर (लगभग ₹15,289 करोड़) में बिकी है। यानी, मौजूदा वैल्यू की तुलना 2008 की आज की कीमत (₹628 करोड़) से करें, तो राजस्थान रॉयल्स की कीमत में करीब 24 गुना का उछाल आया है। सोमानी 2021 से फ्रेंचाइजी में इन्वेस्टर हैं काल सोमानी पहले से ही राजस्थान रॉयल्स में इन्वेस्टर थे। 2021 में उन्होंने फ्रेंचाइजी में एंट्री ली थी। सोमानी ने तब कहा था- हमें इस निवेश में बहुत बड़ी संभावना दिख रही है और हम IPL के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं। दो साल के लिए बैन हुई थी RR शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स ने IPL का पहला सीजन 2008 में जीता था। लेकिन उसके बाद टीम का प्रदर्शन नीचे जाने लगा। उसके बाद से टीम सिर्फ एक बार 2022 में फाइनल में पहुंची है। तब गुजरात टाइटंस के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उसे हार मिली। फ्रेंचाइजी को 2016 और 2017 में बैन भी होना पड़ा था। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु भगदड़ के मृतकों को अनूठी श्रद्धांजलि:चिन्नास्वामी स्टेडियम में 11 सीटें हमेशा खाली रखी जाएंगी बेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले IPL और इंटरनेशनल मैचों में 11 सीटें हमेशा खाली रखी जाएंगी। वहीं, स्टेडियम के एंट्री गेट पर स्मारक पट्टिका (मेमोरियल प्लाक) और हर मैच से पहले एक मिनट का मौन भी रखा जाएगा, जिसमें दोनों टीमें हिस्सा लेंगी। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बदलता दौर या कुछ और.. सुनामी की तरह देश में क्यों फैल रही हैं ये 2 खतरनाक बीमारी? डॉक्टर ने बताए कारण

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में डायबिटीज और ब्लड प्रेसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. चिकित्सक ने बताया कि यह एक चिंता का विषय है कि दोनों ही बीमारी भारत में तेजी से फैल रही है. डायबिटीज और बीपी अब कम उम्र और बच्चों में भी देखने को मिल रही है. चिकित्सक ने बताया कि बदलते समय के साथ बदलती जीवनशैली और अनहेल्दी फूड इन सब बीमारियों का मुख्य कारण है. चिकित्सक ने कहा कि पहले लोग पैदल और शारीरिक मेहनत करते थे, लेकिन अब हर किसी के पास बाइक, कार और अन्य वाहन है, कोई भी पैदल नहीं चलना चाहता है. मेहनत की जगह अब कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक आइटम आ गए हैं, जिससे लोग आलसी होते जा रहे हैं. बाजार का खाना, जंग फूड, पैकट फूड लोगों को बीमार कर रहा है. जंक फूड से बनाएं दूरीउन्होंने कहा कि यही सभी कारण है कि लोग ब्लड प्रेसर, डायबिटीज और मोटापे के शिकार हो रहे हैं. चिकित्सक ने कहा कि इससे बचने के लिए सबसे अच्छा और बेहतर उपाय शारीरिक मेहनत, सुबह के समय वॉक, हेल्दी फूड और जंग फूड से दूरी बनाना है. उन्होंने कहा कि घर का बना शुद्ध खाना ही खाना चाहिए. मोमोज, चाउमीन, बर्गर और अन्य सभी इस तरह के फूड से बचना चाहिए. सुनामी की तरह फैल रही है ये बीमारीआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि डायबिटीज और बीपी की बीमारी सुनामी की तरह फैलती जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य ने अपनी लाइफस्टाइल नहीं बदली, तो यह बीमारी आम हो जाएगी और हर व्यक्ति इसकी चपेट में आ सकता है. इससे बचना बेहद जरूरी है और उसके लिए सही खान-पान और शारीरिक मेहनत करना जरूरी है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि डायबिटीज (शुगर) और हार्ड ब्लड प्रेशर से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 30 मिनट का व्यायाम, कम नमक और चीनी वाला संतुलित आहार, पर्याप्त नींद (कम से कम 7 से 8 घंटे) लेनी चाहिए. डॉ. ने कहा कि स्वस्थ्य रहने के लिए धुम्रपान, शराब और पान मसाले से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने वजन को नियंत्रण में रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि साल में कम से कम 6-6 महीने के अंतराल में अपना शारीरिक जांच कराते रहना चाहिए. अनहेल्दी फूड से करें बचावआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि बीमारियों से बचने के लिए अनहेल्दी फ़ूड से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि जंक फूड, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड में चीनी, नमक, खराब फैट और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है, जो शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाने का कार्य करती है. अनहेल्दी फ़ूड से पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा उन्होंने कहा कि इस अनहेल्दी फ़ूड के कारण मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लीवर और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि हेल्दी फ़ूड हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद होता है. हेल्दी प्रोटीन युक्त भोजन मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. इसके सेवन से वजन नियंत्रित रहता है. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि हेल्दी फ़ूड खाने से यह त्वचा, बाल और नाखूनों के स्वास्थ्य को सुधारने के साथ-साथ हड्डियों को मजबूत और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का भी कार्य करता है, जिससे आसानी से व्यक्ति बीमार नहीं पड़ता है. Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
युवती की हत्या के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन:आरोपी का मकान-दुकान तोड़ने की मांग, पुलिस ने 5 आरोपियों पर दर्ज किया है केस

बुरहानपुर के आलमगंज मालीवाड़ा में 17 मार्च को निकिता सुरागे की हत्या के मामले में परिजन एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने आरोपी अर्जुन सुगंधी का मकान और दुकान तोड़ने की मांग की। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों सहित कुल पांच आरोपियों पर FIR दर्ज की है। मृतका निकिता की बहन स्नेहा सुरागे ने बताया कि हत्या को आठ दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक आरोपी का मकान-दुकान नहीं तोड़ा गया है। आलमगंज के अधिवक्ता राजेश बिडियारे ने भी समाजजनों के साथ मिलकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और संपत्ति तोड़ने की मांग की। उन्होंने बताया कि पहले भी आवेदन दिया गया था, अब यह एक स्मरण पत्र है। नेपानगर के तहसीलदार जगन्नाथ वास्कले ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि वे वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे। आगे जैसे भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग समेत 5 आरोपियों पर केस यह घटना 17 मार्च को हुई थी जब 23 वर्षीय निकिता सुरागे, जो मालीवाड़ा में एक फर्नीचर मार्ट में फर्नीचर डिजाइनिंग का काम करती थी, को आरोपी अर्जुन सुगंधी और उसके परिजनों ने घर बुलाया था। वहां उसके साथ मारपीट की गई और अर्जुन ने चाकू मारकर निकिता की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में अर्जुन और उसके भाई सागर सुगंधी पर हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि घटना के समय अजय सुगंधी की पत्नी मनीषा सुगंधी, उसकी बेटी और अर्जुन का बेटा भी मौजूद थे। इन तीनों ने भी निकिता के साथ मारपीट की थी। सबूत मिटाने के लिए निकाले सीसीटीवी और डीवीआर आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर भी निकाल लिए थे। पुलिस ने बाद में इन तीनों पर हत्या, सामूहिक अपराध, साक्ष्य छिपाने का प्रयास, मारपीट और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। मनीषा सुगंधी को खंडवा जेल और दोनों नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
सीने में दर्द को न करें नजरअंदाज | symptoms of heart attack

Last Updated:March 24, 2026, 14:58 IST सीने में अचानक होने वाला दर्द एक गंभीर संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है और समय पर इलाज न मिलने पर हार्ट अटैक का कारण बन सकती है. मऊ. अक्सर देखा जाता है छोटी-छोटी समस्याओं को लोग नजर अंदाज करते हैं, लेकिन उन्हें या नहीं पता कि छोटी सी लापरवाही उनकी जान ले सकती है. वर्तमान में देखा जा रहा है लोगों के सीने में दर्द अधिक हो रहा है और इस दर्द को नजर अंदाज करना लोगों को भारी पड़ जा रहा है. इस बीमारी को लेकर एक्सपर्ट क्या सलाह दे रहे हैं. लोकल 18 से बात करते हुए प्रेमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर अरमान अली बताते हैं कि सीने में दर्द कई कारणों से अचानक शुरू हो रही हैं, जिसमें ज्यादा शिकार युवा हो रहे हैं. यह समस्या हर उम्र के लोगों में देखी जा रही है और यह बड़ी बीमारी बनती चली जा रही है और छोटी सी लापरवाही इस बीमारी में जान तक ले रह रही है, क्योंकि इस बीमारी में सीने में तीव्र गति से अचानक दर्द शुरू हो रहा है. इसमें लोगों को पसीना अधिक आना शुरू हो जा रहा है और उनकी सांस फूलने लगा रही हैं. यदि आप के सीने में अचानक दर्द शुरू हो रहा है तो किसी नजदीकी योग्य चिकित्सक को दिखाकर अपना इलाज शुरू कर दें नहीं आपकी समस्या बढ़ सकती है. छोटी सी लापरवाही में जा सकती है जानयदि इस बीमारी में आप लापरवाही बढ़ाते हैं तो अचानक सीने का दर्द हार्ट अटैक हो सकता है और दिल की गड़बड़ी की वजह से अचानक हृदय गति रुक सकती है और मौत भी हो सकती है. सीने के दर्द को हल्के में ना ले किसी योग्य चिकित्सक को दिखाकर इलाज शुरू कर दें, नहीं तो छोटी सी लापरवाही आपकी जान ले सकती है. यदि आप बीपी, थायराइड या शुगर जैसी बीमारी से ग्रसित हो तो इस बीमारी में आप सावधानी बरतना जरूरी हैं क्योंकि इन बीमारियों में यह समस्या तेजी से आती है और लोगों के सीने में अचानक दर्द होने लगता है जो हृदय गति को रोक देता है. सीने में दर्द से बचने के लिए शुगर बीपी को करें मेंटेनइस समस्या से बचने के लिए यदि आप शुगर के पेशेंट हैं तो शुगर के अनुसार अपना खान-पान रखें, शुगर को मेंटेन रखें. यदि बीपी के मरीज है तो नमक कम खाएं यदि कोलेस्ट्रॉल ज्यादा रहता है तो नियमित व्यायाम करें. हाई-फाई डाइट को अवॉइड करें और हरी सब्जियों का ज्यादा सेवन करें. सीने का दर्द अचानक शुरू होता है और बहुत तीव्र गति से पहुंचता है यह दर्द अधिकतर कुछ सेकंड या मिनट का होता है, लेकिन कुछ लोगों का दर्द घंटे चला जाता है. जिसमें मरीज की हालत गंभीर बन जाती है और कभी-कभी जान चली जाती है. यदि छाती में दर्द के साथ पसीने आए तो यह हार्ट अटैक के कारण बन सकते हैं. ऐसे में सावधान रहें यदि सेने में दर्द शुरू हो तो किसी योग्य चिकित्सक को दिखाकर इलाज शुरू कर दें. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Mau,Uttar Pradesh First Published : March 24, 2026, 14:58 IST
लाल-काले शहतूत ने खींचा ध्यान, गर्मियों में सिर्फ 20 दिन मिलता ये खास फल; गजब के फायदे

Last Updated:March 24, 2026, 14:21 IST Mulberry Benefits: विटामिन सी से भरपूर होने के चलते शहतूत शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है. फाइबर की वजह से गैस, कब्ज और अपच से राहत मिलती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में मददगार हैं. खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा में गर्मी की शुरुआत होते ही बाजारों में शहतूत लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है. लाल और काले रंग का यह छोटा सा फल भले ही दिखने में साधारण लगे लेकिन इसके फायदे इतने जबरदस्त हैं कि लोग सालभर इसका इंतजार करते हैं. शहतूत एक मौसमी फल है, जो गर्मियों में करीब 15 से 20 दिन ही बाजार में देखने को मिलता है. यही वजह है कि इसका सीजन आते ही इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है. यह फल ज्यादातर जंगलों या पेड़ों पर प्राकृतिक रूप से उगता है और सीमित मात्रा में ही बाजार तक पहुंच पाता है. शहतूत का स्वाद मीठा, हल्का खट्टा और थोड़ा कसैला होता है, जो इसे और भी खास बनाता है. इसमें छिलका या बड़े बीज नहीं होते, इसलिए इसे सीधे खा सकते हैं. बच्चे हों या बड़े, हर किसी को इसका स्वाद पसंद आता है. सेहत का खजाना शहतूतडॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार, शहतूत में विटामिन सी, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. शहतूत के फायदेशहतूत विटामिन सी से भरपूर होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है. फाइबर की वजह से कब्ज, गैस और अपच से राहत मिलती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड सर्कुलेशन सुधारते हैं. शहतूत में मौजूद तत्व शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं. यह स्किन को ग्लो देता है और आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मददगार है. वहीं कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने से वजन घटाने में मदद मिलती है. शरीर को देता है ठंडकगर्मी में शरीर को ठंडा रखना सबसे जरूरी होता है. ऐसे में शहतूत काफी फायदेमंद माना जाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जिससे शरीर को राहत मिलती है और डिहाइड्रेशन से भी बचाव होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना आधा से एक कप ताजा शहतूत खाना सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है. शहतूत सिर्फ एक फल नहीं बल्कि गर्मियों का नैचुरल हेल्थ टॉनिक है. कम समय के लिए मिलने वाला यह फल स्वाद और सेहत दोनों का जबरदस्त कॉम्बिनेशन है, इसलिए मौका मिले तो इसे जरूर ट्राई करें. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. Location : Khandwa,Madhya Pradesh First Published : March 24, 2026, 14:21 IST









