Friday, 01 May 2026 | 06:48 PM

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KKR ने रसेल की जर्सी नंबर 12 रिटायर की:IPL में 11 साल टीम का हिस्सा रहे, 2 बार खिताब जिताया

KKR ने रसेल की जर्सी नंबर 12 रिटायर की:IPL में 11 साल टीम का हिस्सा रहे, 2 बार खिताब जिताया

कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपने पूर्व ऑलराउंडर आंद्रे रसेल के सम्मान में उनकी जर्सी नंबर 12 को रिटायर कर दिया है। रसेल 2014 से 2025 तक टीम का हिस्सा रहे, सिर्फ 2017 सीजन को छोड़कर। पिछले साल नवंबर में उन्होंने IPL से संन्यास लिया और अब टीम के पावर कोच की भूमिका निभा रहे हैं। KKR के लिए खेले 133 मैच, 11 सीजन तक रहे पिलर आंद्रे रसेल का IPL करियर मुख्य रूप से कोलकाता नाइट राइडर्स के इर्द-गिर्द ही रहा। उन्होंने अपने कुल 140 IPL मैचों में से 133 मैच सिर्फ KKR के लिए खेले। वे 11 सीजन तक टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी बने रहे। रसेल ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से, बल्कि अपनी डेथ ओवर गेंदबाजी से भी टीम को कई मुश्किल मैचों में जीत दिलाई। 2014 और 2024 की खिताबी जीत का रहे हिस्सा रसेल दो बार KKR की खिताबी जीत (2014 और 2024) का हिस्सा रहे। 2014 में उन्होंने सिर्फ 2 मैच खेले थे, लेकिन 2024 में टीम को चैंपियन बनाने में उनकी भूमिका सबसे बड़ी रही। उस सीजन में रसेल ने 15 मैचों में 185 के स्ट्राइक रेट से 222 रन बनाए और 19 विकेट भी झटके। गेंदबाजी में उनका औसत 15.52 का रहा, जो किसी भी ऑलराउंडर के लिए बेहतरीन आंकड़ा है। कोचिंग पर बोले रसेल- खिलाड़ियों को वापस देने का समय है कोच की नई भूमिका को लेकर रसेल ने कहा,’मुझे नहीं लगता कि कोच बनने से मेरी मानसिकता में कोई बदलाव आया है। यह उन खिलाड़ियों को कुछ वापस देने जैसा है जिनके साथ और जिनके खिलाफ मैं सालों तक खेला हूं। मुझे वापस आकर इन लड़कों की मदद करने में बहुत अच्छा लग रहा है।’ ग्लोबल नाइट राइडर्स फैमिली का भी रहे चेहरा रसेल का नाता सिर्फ IPL वाली KKR से ही नहीं रहा, बल्कि वे नाइट राइडर्स की अन्य फ्रेंचाइजी के लिए भी खेलते रहे हैं। वे ILT20 में ‘अबू धाबी नाइट राइडर्स’ और CPL में ‘त्रिनबागो नाइट राइडर्स’ का भी हिस्सा रहे। इन दोनों ही टीमों के लिए उन्होंने 4-4 सीजन खेले हैं। इसके अलावा 2014-15 के चैंपियंस लीग टी-20 में भी उन्होंने KKR को फाइनल तक पहुंचाने में मदद की थी।

सरबजीत कौर के डिपोर्टेशन मामले की जल्द सुनवाई मंजूर:लाहौर हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया, पाकिस्तान में नूर फातिमा बनकर मुस्लिम से निकाह किया था

सरबजीत कौर के डिपोर्टेशन मामले की जल्द सुनवाई मंजूर:लाहौर हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया, पाकिस्तान में नूर फातिमा बनकर मुस्लिम से निकाह किया था

पाकिस्तान गई पंजाबी महिला सरबजीत कौर के डिपोर्टेशन से जुड़े मामले में 24 मार्च को लाहौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान एडवोकेट अली चंगेजी संधू ने अर्ली हियरिंग की मांग करते हुए इसे मानवीय आधार पर तुरंत सुनने की दलील दी। अदालत ने दलीलों को स्वीकार करते हुए मामले को प्राथमिकता दी और जल्द सुनवाई के लिए आगे बढ़ाया। जस्टिस फारूक हैदर ने सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया और सभी जरूरी दस्तावेज समय पर पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले में कानून के साथ मानवीय पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। अदालत ने अगली सुनवाई 25 मार्च तय की है। मामला वीजा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है, जिसके चलते उनके खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू की गई थी। सरबजीत पाकिस्तान कैसे पहुंची, 3 पॉइंट में जानिए सरबजीत ने बताई लव स्टोरी, 2 पॉइंट में जानिए पहला पति लाहौर हाईकोर्ट पहुंचा, बोला- ब्लैकमेल-रेप किया इस मामले में सरबजीत के पहले पति करनैल सिंह की भी एंट्री हो चुकी है। करनैल ने लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उसकी पत्नी को अश्लील फोटो के जरिए ब्लैकमेल किया गया। करनैल सिंह ने कहा कि मुझे सरबजीत की अश्लील फोटो आई थीं। मुझे, उसके (सरबजीत के) भाई को और मेरे बच्चों को भी भेजी गई थीं। इसके बाद सरबजीत सुसाइड करने लगी थी, जिसे बहुत मुश्किल से बचाया गया था। यह बात पाकिस्तान जाने से 2 साल पहले की है। उस समय हमने पाकिस्तान में वकील किया था कि इसे रोको। मगर वह रुका नहीं। बार-बार फोटो भेजता रहा था। वह सरबजीत को पाकिस्तान आने के लिए मजबूर करता था। वह कहती थी कि नासिर ब्लैकमेल करता है, पैसे मांगता है। इसी कारण वह ठीक भी नहीं रहती थी। सरबजीत डिप्रेशन की मरीज है। पति ने ये भी दावा किया कि वह दुखी होकर और मरने के किनारे जैसी हालत में अब भी कॉल कर देती है। वह कहती है कि मैं दुखी हूं, मरने के किनारे हूं, पता नहीं मैं कब मर जाऊं। करनैल ने लाहौर हाईकोर्ट से मांग की कि सरबजीत को भारत वापस भेजा जाए। नासिर हुसैन के खिलाफ रेप का केस दर्ज किया जाए। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… PAK गई पंजाबी महिला के सिखों पर भड़काऊ बोल:मुस्लिम पति संग बैठकर बोली- पाकिस्तान वाले एक हो जाएं तो इनका रोटी-पानी बंद करें सिख श्रद्धालुओं की आड़ में पाकिस्तान जाकर मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करने वाली पंजाबी महिला सरबजीत का नया VIDEO सामने आया है। यह वीडियो टिकटॉक पर बनाया गया है, जिसमें सरबजीत के साथ उसका मुस्लिम पति नासिर हुसैन भी नजर आ रहा है। इस वीडियो में सरबजीत सिखों को लेकर बेहद आपत्तिजनक कमेंट करती हुई नजर आ रही है। पूरी खबर पढ़ें…

अनूपपुर में हाईवे पर कार ने बाइक को टक्कर मारी:शख्स रोड पर गिरा, सिर में गहरी चोट लगी; बेटी से मिलने जा रहा था

अनूपपुर में हाईवे पर कार ने बाइक को टक्कर मारी:शख्स रोड पर गिरा, सिर में गहरी चोट लगी; बेटी से मिलने जा रहा था

अनूपपुर जिले के नेशनल हाईवे 43 पर मंगलवार रात 8 बजे एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 52 साल के रघुवीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना फुनगा चौकी के पास दैखल गांव में हुई। पुष्पराजगढ़ के लमसराई निवासी रघुवीर सिंह अपनी बाइक से करपा से कोतमा जा रहे थे। उनकी बेटी कोतमा में रहकर कॉलेज की पढ़ाई करती है, जिससे मिलने के लिए वे घर से निकले थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रघुवीर सिंह अपनी बाइक समेत सड़क पर काफी दूर जाकर गिरे। लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया हादसे के बाद आस-पास के लोगों ने तुरंत पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल रघुवीर को फुनगा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। उनके सिर में गहरी चोट आई थी और काफी खून बह रहा था। साथ ही, सड़क पर घिसटने की वजह से उनके शरीर का एक हिस्सा बुरी तरह छिल गया था। पुलिस ने दर्ज किया केस फुनगा चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और घायल को इलाज दिलवाया। प्राथमिक इलाज के बाद थोड़ा ठीक महसूस होने पर रघुवीर अपने किसी परिचित के घर चले गए। पुलिस ने अब कार ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।

उद्धव ठाकरे की विदाई पर: फड़णवीस ने पुरानी दोस्ती को याद किया, शिंदे ने कटाक्ष किया | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:24 मार्च 2026, 23:11 IST टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, ठाकरे ने 2022 में शिवसेना में विभाजन के बाद शिंदे के साथ भाजपा के गठबंधन का परोक्ष संदर्भ दिया। देवेन्द्र फड़णवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे। (पीटीआई फाइल फोटो) महाराष्ट्र विधान परिषद में मंगलवार को गर्मजोशी और राजनीतिक गहमागहमी का मिश्रण देखने को मिला जब शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और कई अन्य सदस्यों को उनके छह साल के कार्यकाल के अंत में विदाई दी गई। जहां मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने ठाकरे के साथ अपनी दीर्घकालिक मित्रता पर विचार किया, वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस अवसर का उपयोग अपने पूर्व गुरु पर सूक्ष्म कटाक्ष करने के लिए किया। फड़नवीस ने 2010 में ठाकरे के साथ अपने संबंधों को याद किया, जब भाजपा और अविभाजित शिवसेना सहयोगी थे। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद उनका व्यक्तिगत संबंध और गहरा हो गया और उन्होंने ठाकरे को ऐसे व्यक्ति के रूप में वर्णित किया, जिनका मूल स्वभाव टकराव के बजाय मापा और रिश्ते से प्रेरित था। फड़नवीस को अतीत याद आया फड़णवीस ने कहा, “हमने दोस्ती विकसित की। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह अब नहीं है।” हालांकि उन्होंने 2019 में राजनीतिक विभाजन को स्वीकार किया जिसने उन्हें अलग-अलग रास्तों पर ला दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका (ठाकरे का) स्वभाव सामान्य राजनेताओं जैसा नहीं है। फड़णवीस ने कहा, “कई बार उन्हें (ठाकरे) भिड़ते, जोरदार हमला करते, जवाबी हमला करते देखा जाता है। लेकिन यह उनका मूल स्वभाव नहीं है। उनका मूल स्वभाव नपा-तुला है और संबंध बनाए रखना है।” फड़णवीस ने आगे कहा कि ठाकरे ने कभी परिणामों की चिंता नहीं की। टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, ठाकरे ने 2022 में शिवसेना में विभाजन के बाद शिंदे के साथ भाजपा के गठबंधन का परोक्ष संदर्भ दिया। उन्होंने सीधे तौर पर शिंदे का नाम लिए बिना कहा, ”अगर आप मुझे इतनी अच्छी तरह से जानते थे तो आपने किसी और का हाथ क्यों पकड़ा।” उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के कार्यों, विशेष रूप से कोविड-19 महामारी से निपटने के कार्यों को भी सूचीबद्ध किया और राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं की नियुक्ति का आह्वान किया। शिंदे की चुटकी विदाई प्रस्ताव पेश करने वाले शिंदे ने शुरुआत में सौहार्दपूर्ण लहजे में कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता है। हालाँकि, उपसभापति नीलम गोरे का जिक्र करते हुए, उन्होंने टिप्पणी की कि वह “चांदी के चम्मच के साथ पैदा नहीं हुई थीं”, जो कि ठाकरे के स्पष्ट विपरीत था, जिन्हें पार्टी का नेतृत्व अपने पिता बाल ठाकरे से विरासत में मिला था। शिंदे और नीलम गोरे दोनों ने बाल ठाकरे के नेतृत्व में काम किया है। अपने भाषण में, उद्धव ठाकरे ने स्वयंभू बाबा अशोक खरात के मामले का जिक्र किया, जिन्हें अनुष्ठान के बहाने एक महिला से बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने रहस्यमय तरीके से कहा, ”सांडों को स्वार्थी कारणों से मारा जा रहा है।” 2022 में ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार को गिराकर मुख्यमंत्री बनने के बाद शिंदे ने नासिक जिले में खरात द्वारा निर्मित एक मंदिर का दौरा किया था और खरात की हालिया गिरफ्तारी के बाद उनकी तस्वीरें वायरल हो गईं। सेना (यूबीटी) के नेताओं ने अतीत में आरोप लगाया है कि जब शिंदे और उनके गुट के विधायकों ने 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद असम का दौरा किया, तो गुवाहाटी के एक मंदिर में बैल की बलि दी गई। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) पहले प्रकाशित: 24 मार्च 2026, 23:11 IST समाचार राजनीति उद्धव ठाकरे की विदाई पर: फड़नवीस ने पुरानी दोस्ती को याद किया, शिंदे ने कटाक्ष किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महाराष्ट्र विधान परिषद विदाई(टी)उद्धव ठाकरे विदाई(टी)देवेंद्र फड़नवीस उद्धव ठाकरे संबंध(टी)शिवसेना यूबीटी एमएलसी का कार्यकाल समाप्त(टी)एकनाथ शिंदे भाजपा गठबंधन(टी)महाराष्ट्र विपक्षी नेता पद(टी)महाराष्ट्र परिषद बजट सत्र(टी)उद्धव ठाकरे कोरोनोवायरस कार्यकाल

सेंट्रल यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों ने की भूख हड़ताल:सागर में महर्षि पतंजलि भवन से योग शिक्षा विभाग को शिफ्ट किए जाने का कर रहे विरोध

सेंट्रल यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों ने की भूख हड़ताल:सागर में महर्षि पतंजलि भवन से योग शिक्षा विभाग को शिफ्ट किए जाने का कर रहे विरोध

सागर के डॉ हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि योग शिक्षा विभाग को महर्षि पतंजलि भवन में संचालित किया जा रहा था। लेकिन कुलपति द्वारा योग विभाग को कंप्यूटर साइंस विभाग में विस्थापित करने का आदेश जारी किया है। जिसका विद्यार्थी विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के चलते विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार की शाम 5 बजे तक विद्यार्थी हड़ताल पर बैठे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि विश्वविद्यालय में योग शिक्षा विभाग शुरू से ही महर्षि पतंजलि भवन में संचालित होता आ रहा है। लेकिन कुलपति द्वारा विभाग को कंप्यूटर साइंस भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। छात्रों ने विभाग को शिफ्ट करने का किया विरोध इस भवन में किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। क्षतिग्रस्त अवस्था में है। इससे योग विभाग के छात्र-छात्राओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। योग शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं की मांग है कि भवन को यथावत रखा जाए, वरना जब तक विश्वविद्यालय के कुलपति आश्वासन नहीं देंगे, भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।

Beauty Tips: 20 साल के होते ही Gen Z लड़कों के झडने लगे हैं बाल, तो 40 में तो हो जाएंगे गंजे! एक्सपर्ट ने बताई वजह

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आजकल बालों का झड़ना सिर्फ 40–50 की उम्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 20–25 साल के लड़कों में भी तेजी से गंजापन देखने को मिल रहा है. हाल ही में एक्सपर्ट्स ने बताया कि Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी में हेयर फॉल एक आम समस्या बनती जा रही है. Traya Health के आंकड़ों के अनुसार यह समस्या तेजी से बढ़ रही है. उनके 5 लाख पुरुषों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे 50% लोग 25 साल से कम उम्र के हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह केवल जेनेटिक समस्या नहीं है, बल्कि आज की खराब लाइफस्टाइल इसका सबसे बड़ा कारण बनती जा रही है. यह सिर्फ लुक्स का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रहा है. पहले जहां बाल झड़ना उम्र बढ़ने का संकेत माना जाता था, वहीं अब कॉलेज जाने वाले लड़के भी हेयरलाइन पीछे जाने की चिंता में हैं. Traya Health की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. दिव्या के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण आज की बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल है. लगातार बढ़ता स्ट्रेस, अनियमित नींद और डिजिटल लाइफस्टाइल बालों की जड़ों को कमजोर कर रही है. आज की Gen Z देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप पर रहती है, जिससे शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ता है. इससे बालों की ग्रोथ साइकिल प्रभावित होती है और बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं. इसके अलावा पढ़ाई, करियर और सोशल प्रेशर के कारण लगातार तनाव बना रहता है, जिससे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है और हेयर फॉल तेज हो जाता है. खराब खानपान भी इस समस्या को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है. आज की युवा पीढ़ी घर के खाने से ज्यादा फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड पर निर्भर हो गई है. ऐसे खाने में जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, आयरन, जिंक और विटामिन D और B12 की कमी होती है, जिससे बाल कमजोर और पतले होने लगते हैं. इसके साथ ही प्रदूषण और खराब पानी भी स्कैल्प को नुकसान पहुंचाती है, जिससे बाल जल्दी टूटने लगते हैं. शहरों में रहने वाले युवाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है. इसके अलावा जेनेटिक कारण भी अहम भूमिका निभाते हैं. अगर परिवार में पहले से गंजेपन की समस्या रही है, तो अगली पीढ़ी में इसके जल्दी दिखने की संभावना बढ़ जाती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि DHT नाम का हार्मोन बालों की जड़ों को छोटा कर देता है, जिससे धीरे-धीरे बाल पतले होकर गिरने लगते हैं. हालांकि, आज की लाइफस्टाइल इस प्रक्रिया को और तेज कर देती है, इसलिए पहले के मुकाबले अब कम उम्र में ही गंजापन दिखने लगा है. इस समस्या से बचने के लिए समय रहते कदम उठाना बहुत जरूरी है. सबसे पहले अपनी डाइट सुधारें और प्रोटीन, हरी सब्जियां, फल और नट्स को शामिल करें. अच्छी नींद लें और स्ट्रेस को कम करने के लिए योग या एक्सरसाइज करें. साथ ही बालों में ज्यादा केमिकल प्रोडक्ट्स और हीट स्टाइलिंग से बचें. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर शुरुआती स्टेज में ध्यान दिया जाए, तो बालों के झड़ने की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है. वरना 20 की उम्र में शुरू हुआ हेयर फॉल 40 तक गंजेपन में बदल सकता है.

‘क्या ईडी अधिकारी काम करते समय अधिकार खो देते हैं?’: I-PAC मामले की सुनवाई के दौरान SC ने ममता सरकार से सवाल किया | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:मार्च 24, 2026, 17:56 IST सुप्रीम कोर्ट ने ईडी और पीएसी की तलाशी में बाधा पर पश्चिम बंगाल से सवाल किए, ईडी अधिकारियों की धारा 32 की याचिकाएं सुनीं, कपिल सिब्बल की आपत्तियों को खारिज कर दिया और चुनाव से जुड़ी देरी से इनकार किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (छवि: पीटीआई) सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC की तलाशी में कथित हस्तक्षेप को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से तीखे सवाल पूछे। सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने पूछा कि अगर भूमिकाएं उलट जाने पर ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होती है तो राज्य की स्थिति क्या होगी। “क्या होगा यदि आपकी सरकार केंद्र में सत्ता में है और कोई अन्य राजनीतिक दल राज्य स्तर पर भी ऐसा ही करता है?” पीठ ने केंद्रीय एजेंसी के संचालन में बाधा पर चिंताओं को रेखांकित करते हुए यह टिप्पणी की। ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के अधिकारियों पर इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के हिस्से के रूप में जनवरी की शुरुआत में की गई जांच और तलाशी अभियान में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। जस्टिस पीके मिश्रा और एनवी अंजारिया की पीठ संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत ईडी की याचिका की विचारणीयता पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने कहा कि एक संस्था के रूप में ईडी के अलावा, एजेंसी के व्यक्तिगत अधिकारियों ने भी अपने अधिकारों के उल्लंघन का दावा करते हुए उससे संपर्क किया है। न्यायमूर्ति मिश्रा ने टिप्पणी की, “कृपया ईडी के उन अधिकारियों के मौलिक अधिकार पर ध्यान केंद्रित करें जिनके खिलाफ अपराध किया गया है। अन्यथा, आप मुद्दे से चूक जाएंगे।” उन्होंने राज्य के वकील को व्यक्तिगत अधिकारियों द्वारा दायर याचिकाओं को नजरअंदाज करने के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा, “आप दूसरी याचिका को नहीं भूल सकते… सिर्फ ईडी, ईडी, ईडी मत कहिए।” पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि ईडी ऐसे मामले में अनुच्छेद 32 को लागू नहीं कर सकता, क्योंकि वैकल्पिक वैधानिक उपाय उपलब्ध हैं। सिब्बल ने कहा, “वैधानिक कर्तव्य के प्रदर्शन में कोई भी बाधा मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं है। एक वैधानिक उपाय है। अन्यथा, प्रत्येक पुलिस अधिकारी अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करेगा।” उन्होंने यह भी तर्क दिया कि किसी मामले की जांच करना मौलिक अधिकार नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, “एक ईडी अधिकारी को क़ानून के तहत केवल जांच करने का अधिकार है। उस अधिकार का उल्लंघन मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं है।” हालाँकि, पीठ असंबद्ध दिखाई दी, जिससे संकेत मिलता है कि कथित बाधा और व्यक्तिगत अधिकारियों पर इसके प्रभाव की बारीकी से जांच करने की आवश्यकता है। अदालत ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के कारण सुनवाई टालने के सुझाव को भी दृढ़ता से खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति मिश्रा ने कार्यवाही में देरी के अनुरोधों को खारिज करते हुए कहा, “हम चुनाव में पक्षकार नहीं बनना चाहते, हम किसी अपराध में भी पक्षकार नहीं बनना चाहते। हम अदालत के समय को जानते हैं।” मामला अभी भी विचाराधीन है, अदालत से उम्मीद है कि वह जांच एजेंसियों की कथित रुकावट से जुड़े मामलों में मौलिक अधिकारों के दायरे की और जांच करेगी। जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 24, 2026, 17:56 IST न्यूज़ इंडिया ‘क्या ईडी अधिकारी काम करते समय अधिकार खो देते हैं?’: I-PAC मामले की सुनवाई के दौरान SC ने ममता सरकार से सवाल किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुप्रीम कोर्ट ईडी पश्चिम बंगाल मामला(टी)सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 32 याचिका(टी)ईडी हस्तक्षेप आई-पीएसी खोजें(टी)ममता बनर्जी ईडी जांच(टी)पश्चिम बंगाल सरकार बनाम प्रवर्तन निदेशालय(टी)ईडी अधिकारियों के मौलिक अधिकार(टी)कपिल सिब्बल तर्क अनुच्छेद 32(टी)जांच एजेंसियों में बाधा भारत

इंदौर में कांग्रेस की बैठक में हंगामा:भोजन को लेकर धक्का-मुक्की, प्रदेश प्रभारी चौधरी ने निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को बताया BJP का एजेंट बताया

इंदौर में कांग्रेस की बैठक में हंगामा:भोजन को लेकर धक्का-मुक्की, प्रदेश प्रभारी चौधरी ने निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को बताया BJP का एजेंट बताया

इंदौर में मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के दौरे के दौरान पार्टी की रणनीति को लेकर मंथन हुआ। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने की दिशा में चर्चा की गई। इस बैठक में शहर कार्यकारिणी, विभिन्न मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद कार्यालय में भोजन को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की की स्थिति बन गई। मालवा-निमाड़ पर फोकस, इंदौर बनेगा केंद्र कांग्रेस अब मालवा-निमाड़ में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इंदौर को केंद्र बनाकर रणनीति तैयार कर रही है। बैठक में शहर की 9 विधानसभा सीटों के साथ पूरे क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। पार्टी बूथ स्तर से अभियान शुरू करने की तैयारी में है, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा सके। हरीश चौधरी की सख्त चेतावनी बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने साफ कहा कि जो नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच नहीं जा रहे, वे पार्टी के नहीं बल्कि बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सक्रिय होकर मैदान में उतरने की नसीहत दी। बैठक के बाद अव्यवस्था, धक्का-मुक्की बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस कार्यालय में अव्यवस्था भी देखने को मिली। भोजन वितरण के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिससे संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल उठने लगे।

अनूपपुर में अवैध रेत उत्खनन करते ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:तीन आरोपी गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

अनूपपुर में अवैध रेत उत्खनन करते ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:तीन आरोपी गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ग्राम पंगना में की गई इस कार्रवाई में रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई। एसपी के निर्देश पर कार्रवाई थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के निर्देश पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की। रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। पूछताछ के बाद ट्रैक्टर चालक मोहन सिंह (25), मालिक कुमान सिंह और ट्रैक्टर उपलब्ध कराने वाले सुलोचन सिंह को गिरफ्तार किया गया। कई धाराओं में मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, खान-खनिज अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जब्त रेत और ट्रैक्टर-ट्रॉली की कुल कीमत करीब 7.03 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी रेत कारोबारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाई से रेत माफियाओं में भय का माहौल है और पुलिस आगे भी सख्ती जारी रखेगी।

कॉन्स्टेबल की बेटी ने AI से सुलझाए सवाल:10वीं में किसान की बेटी के 99.83% नंबर आए; मजदूर मां के बेटे ने भी चौंकाया

कॉन्स्टेबल की बेटी ने AI से सुलझाए सवाल:10वीं में किसान की बेटी के 99.83% नंबर आए; मजदूर मां के बेटे ने भी चौंकाया

राजस्थान बोर्ड के 10वीं के रिजल्ट में कई स्टूडेंट्स ने चौंका दिया। सीकर में किसान की बेटी के 99.83% नंबर आए। अलवर में मजदूरी करने वाली मां के बेटे ने 96.67 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं कॉन्स्टेबल की बेटी ने आधुनिक तकनीक(AI) का सहारा लेते हुए पढ़ाई में नया मुकाम हासिल किया। मिस्त्री की बेटी ने घर का काम करके भी 96.83 प्रतिशत नंबर हासिल किए। आइए जानते हैं उनमें से कुछ कहानी। सीकर के शेखावाटी स्कूल लोसल की छात्रा प्रियांशी सुंडा ने 99.83% अंक हासिल किए। अब तक के रिजल्ट के मुताबिक प्रियांशी सुंडा स्टेट के टॉप स्टूडेंट्स में शामिल है। प्रियांशी ने रेगुलर पढ़ाई करके यह सफलता हासिल की। उन्होंने एग्जाम के दौरान भी टीवी और मोबाइल देखना नहीं छोड़ा, हालांकि इसका टाइमिंग कम कर दिया था। आज रिजल्ट आने के बाद दैनिक भास्कर ने प्रियांशी से बातचीत की। तब उन्होंने अपनी जर्नी के बारे में बताया। प्रियांशी सुंडा का कहना है कि उन्होंने एग्जाम के लिए रेगुलर स्कूल में पढ़ाई की। प्रियांशी बताती है कि उसके पिता सीताराम सुंडा किसान हैं। प्रियांशी अपने नाना के पास रहती थी, जो आर्मी रिटायर्ड पर्सन है। उनकी गाइडेंस में रहकर ही पढ़ाई की। इसके अलावा फैमिली का भी काफी ज्यादा सपोर्ट रहा। प्रियांशी बताती है कि स्कूल में रोजाना करीब 7 से 8 घंटे पढ़ाई करने के बाद जब वह घर पर आती तो एक से डेढ़ घंटे पढ़ लेती। ऐसे में रूटीन में जो पढ़ाई होती थी, उसका दोबारा से रिवीजन भी हो जाता था। एग्जाम नजदीक थे तो पढ़ाई का लोड नहीं था, क्योंकि सब कुछ पहले ही क्लियर था। उसकी बदौलत ही आज उनका यह परिणाम आया है। प्रियांशी बताती है कि वह अब फ्यूचर में इंजीनियर बनना चाहती है। इसके लिए JEE की तैयारी करेगी। प्रियांशी का दूसरे स्टूडेंट्स को मैसेज है कि स्कूलिंग की पढ़ाई ज्यादा हार्ड नहीं होती। यदि रेगुलर पढ़ाई करके उसका सेम डे रिवीजन कर लिया जाए। पिता ने ध्यान नहीं दिया तो मामा के घर पहुंचा नवीन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल मालाखेड़ा के छात्र आदेश कुमार ने 96.67 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए। छात्र के पिता ने कभी उसकी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया। जब घर में पढ़ाई का माहौल नहीं बना तो मामा के घर चला गया। उसके बाद वहीं रहकर पढ़ाई की। पिछले कई सालों से वह मालाखेड़ा में मामा के घर पर रहता है, यहां उसने पढ़ाई पर फोकस किया। कभी मोबाइल यूज नहीं किया। मामा रूपसिंह ने बताया कि उसका भांजा आदेश कुमार पढ़ाई में होशियार है। जब लगा कि वह खुद के गांव में घर पर नहीं पढ़ पा रहा है। वहां पढ़ाई का माहौल नहीं है। पिता भी सहयोग कम कर रहे थे। इसके बाद उसे खुद के घर ले आया। अब उसका रिजल्ट देखकर सबको खुशी हुई है। वह आगे भी नाम रोशन करेगा। वह खुद ही पढ़ाई करता है। हमेशा मां की याद रहती है। मां ने मेहनत मजदूरी कर बेटे को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। AI से सवाल सॉल्व कर लिए अच्छे अंक अलवर में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट में कार्यरत कॉन्स्टेबल मंजू देवी की बेटी सलोनी ने 10वीं में 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। खास बात ये है कि सलोनी ने मोबाइल का उपयोग बहुत बेहतरीन किया। जब उसे किसी सवाल में उलझन होती तो वह AI से उसके सटीक जवाब समझती। फिर उसे जो सटीक समझ आता उसे याद करती। ऐसा उसने बहुत बार कई विषय में किया। सलोनी ने बताया कि पहले तो मम्मी ने टोका कि पढ़ाई के समय फोन नहीं मिलेगा, लेकिन जब उनको समझाया कि केवल सवाल को सॉल्व करने के लिए AI का यूज करती हूं। इसके बाद मां को समझ आने पर उन्होंने एआई का यूज करने दिया। जिसके कारण कई बार अटकने के बाद सवाल सॉल्व हो गए। कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ी। अच्छे अंक आने में AI की मदद मिली है। मां खेत पर जाती तो बेटी पूरा काम करती अलवर के थानागाजी के दुहार चौगान निवासी छात्रा कनक प्रजापत ने 10वीं में 96.83 प्रतिशत नंबर हासिल किए। छात्रा के पिता कृष्ण कुमार टाइल्स मिस्त्री है। वही मां मनभरी देवी गृहिणी हैं और खेती बाड़ी करती हैं। पिता कृष्ण कुमार ने बताया कि बेटी अपनी मां के काम में पूरा हाथ बंटाती थी। जब मां को खेत से आने में देर हो जाती तो बेटी पहले ही घर में खाना बनाकर रखती थी। ताकि मां आकर परेशान नहीं हो। घर का छोटा मोटा काम भी कर लेती थी। इसके बाद पढ़ाई पर भी फोकस रखती। सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करती थी। पिता भी मजदूर होने के कारण सुबह जल्दी घर से निकल जाते थे। पिता ने बताया कि पिछले साल उसके बेटे गोविंद प्रजापत के भी 10वीं में अच्छे मार्क्स आए थे। दोनों बहन-भाई एक दूसरे का पूरा सहयोग करते हैं। बेटे ने अपनी बहन को अच्छे अंक लाने में सहयोग किया है। बड़े भाई ने पिछले साल 10th में गांव में टॉप किया था। उसी को देखते हुए उसने भी टॉप कर लिया। ———– ये खबर भी पढ़िए… 10वीं में जुड़वा बहनों के 98 % नंबर आए:सब्जी बेचने वाले की बेटी के 98.67 प्रतिशत; कोटा में परिणाम देख डांस करने लगे स्टूडेंट राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की ओर से मंगलवार को 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया गया। इस बार परिणाम 94.23 प्रतिशत रहा है। यह पिछले साल से 1.17 प्रतिशत ज्यादा है। पिछले साल 93.06 प्रतिशत परिणाम रहा था। लड़कों का 93.63 और लड़कियों का 94.90% रिजल्ट रहा है।(पूरी खबर पढ़ें)