Friday, 01 May 2026 | 09:29 PM

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बदलता दौर या कुछ और.. सुनामी की तरह देश में क्यों फैल रही हैं ये 2 खतरनाक बीमारी? डॉक्टर ने बताए कारण

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आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में डायबिटीज और ब्लड प्रेसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. चिकित्सक ने बताया कि यह एक चिंता का विषय है कि दोनों ही बीमारी भारत में तेजी से फैल रही है. डायबिटीज और बीपी अब कम उम्र और बच्चों में भी देखने को मिल रही है. चिकित्सक ने बताया कि बदलते समय के साथ बदलती जीवनशैली और अनहेल्दी फूड इन सब बीमारियों का मुख्य कारण है. चिकित्सक ने कहा कि पहले लोग पैदल और शारीरिक मेहनत करते थे, लेकिन अब हर किसी के पास बाइक, कार और अन्य वाहन है, कोई भी पैदल नहीं चलना चाहता है. मेहनत की जगह अब कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक आइटम आ गए हैं, जिससे लोग आलसी होते जा रहे हैं. बाजार का खाना, जंग फूड, पैकट फूड लोगों को बीमार कर रहा है. जंक फूड से बनाएं दूरीउन्होंने कहा कि यही सभी कारण है कि लोग ब्लड प्रेसर, डायबिटीज और मोटापे के शिकार हो रहे हैं. चिकित्सक ने कहा कि इससे बचने के लिए सबसे अच्छा और बेहतर उपाय शारीरिक मेहनत, सुबह के समय वॉक, हेल्दी फूड और जंग फूड से दूरी बनाना है. उन्होंने कहा कि घर का बना शुद्ध खाना ही खाना चाहिए. मोमोज, चाउमीन, बर्गर और अन्य सभी इस तरह के फूड से बचना चाहिए. सुनामी की तरह फैल रही है ये बीमारीआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि डायबिटीज और बीपी की बीमारी सुनामी की तरह फैलती जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य ने अपनी लाइफस्टाइल नहीं बदली, तो यह बीमारी आम हो जाएगी और हर व्यक्ति इसकी चपेट में आ सकता है. इससे बचना बेहद जरूरी है और उसके लिए सही खान-पान और शारीरिक मेहनत करना जरूरी है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि डायबिटीज (शुगर) और हार्ड ब्लड प्रेशर से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 30 मिनट का व्यायाम, कम नमक और चीनी वाला संतुलित आहार, पर्याप्त नींद (कम से कम 7 से 8 घंटे) लेनी चाहिए. डॉ. ने कहा कि स्वस्थ्य रहने के लिए धुम्रपान, शराब और पान मसाले से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने वजन को नियंत्रण में रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि साल में कम से कम 6-6 महीने के अंतराल में अपना शारीरिक जांच कराते रहना चाहिए. अनहेल्दी फूड से करें बचावआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि बीमारियों से बचने के लिए अनहेल्दी फ़ूड से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि जंक फूड, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड में चीनी, नमक, खराब फैट और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है, जो शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाने का कार्य करती है. अनहेल्दी फ़ूड से पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा उन्होंने कहा कि इस अनहेल्दी फ़ूड के कारण मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लीवर और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि हेल्दी फ़ूड हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद होता है. हेल्दी प्रोटीन युक्त भोजन मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. इसके सेवन से वजन नियंत्रित रहता है. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि हेल्दी फ़ूड खाने से यह त्वचा, बाल और नाखूनों के स्वास्थ्य को सुधारने के साथ-साथ हड्डियों को मजबूत और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का भी कार्य करता है, जिससे आसानी से व्यक्ति बीमार नहीं पड़ता है. Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

युवती की हत्या के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन:आरोपी का मकान-दुकान तोड़ने की मांग, पुलिस ने 5 आरोपियों पर दर्ज किया है केस

युवती की हत्या के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन:आरोपी का मकान-दुकान तोड़ने की मांग, पुलिस ने 5 आरोपियों पर दर्ज किया है केस

बुरहानपुर के आलमगंज मालीवाड़ा में 17 मार्च को निकिता सुरागे की हत्या के मामले में परिजन एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने आरोपी अर्जुन सुगंधी का मकान और दुकान तोड़ने की मांग की। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों सहित कुल पांच आरोपियों पर FIR दर्ज की है। मृतका निकिता की बहन स्नेहा सुरागे ने बताया कि हत्या को आठ दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक आरोपी का मकान-दुकान नहीं तोड़ा गया है। आलमगंज के अधिवक्ता राजेश बिडियारे ने भी समाजजनों के साथ मिलकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और संपत्ति तोड़ने की मांग की। उन्होंने बताया कि पहले भी आवेदन दिया गया था, अब यह एक स्मरण पत्र है। नेपानगर के तहसीलदार जगन्नाथ वास्कले ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि वे वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे। आगे जैसे भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग समेत 5 आरोपियों पर केस यह घटना 17 मार्च को हुई थी जब 23 वर्षीय निकिता सुरागे, जो मालीवाड़ा में एक फर्नीचर मार्ट में फर्नीचर डिजाइनिंग का काम करती थी, को आरोपी अर्जुन सुगंधी और उसके परिजनों ने घर बुलाया था। वहां उसके साथ मारपीट की गई और अर्जुन ने चाकू मारकर निकिता की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में अर्जुन और उसके भाई सागर सुगंधी पर हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि घटना के समय अजय सुगंधी की पत्नी मनीषा सुगंधी, उसकी बेटी और अर्जुन का बेटा भी मौजूद थे। इन तीनों ने भी निकिता के साथ मारपीट की थी। सबूत मिटाने के लिए निकाले सीसीटीवी और डीवीआर आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर भी निकाल लिए थे। पुलिस ने बाद में इन तीनों पर हत्या, सामूहिक अपराध, साक्ष्य छिपाने का प्रयास, मारपीट और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। मनीषा सुगंधी को खंडवा जेल और दोनों नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।

सीने में दर्द को न करें नजरअंदाज | symptoms of heart attack

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Last Updated:March 24, 2026, 14:58 IST सीने में अचानक होने वाला दर्द एक गंभीर संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है और समय पर इलाज न मिलने पर हार्ट अटैक का कारण बन सकती है. मऊ. अक्सर देखा जाता है छोटी-छोटी समस्याओं को लोग नजर अंदाज करते हैं, लेकिन उन्हें या नहीं पता कि छोटी सी लापरवाही उनकी जान ले सकती है. वर्तमान में देखा जा रहा है लोगों के सीने में दर्द अधिक हो रहा है और इस दर्द को नजर अंदाज करना लोगों को भारी पड़ जा रहा है. इस बीमारी को लेकर एक्सपर्ट क्या सलाह दे रहे हैं. लोकल 18 से बात करते हुए प्रेमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर अरमान अली बताते हैं कि सीने में दर्द कई कारणों से अचानक शुरू हो रही हैं, जिसमें ज्यादा शिकार युवा हो रहे हैं. यह समस्या हर उम्र के लोगों में देखी जा रही है और यह बड़ी बीमारी बनती चली जा रही है और छोटी सी लापरवाही इस बीमारी में जान तक ले रह रही है, क्योंकि इस बीमारी में सीने में तीव्र गति से अचानक दर्द शुरू हो रहा है. इसमें लोगों को पसीना अधिक आना शुरू हो जा रहा है और उनकी सांस फूलने लगा रही हैं. यदि आप के सीने में अचानक दर्द शुरू हो रहा है तो किसी नजदीकी योग्य चिकित्सक को दिखाकर अपना इलाज शुरू कर दें नहीं आपकी समस्या बढ़ सकती है. छोटी सी लापरवाही में जा सकती है जानयदि इस बीमारी में आप लापरवाही बढ़ाते हैं तो अचानक सीने का दर्द हार्ट अटैक हो सकता है और दिल की गड़बड़ी की वजह से अचानक हृदय गति रुक सकती है और मौत भी हो सकती है. सीने के दर्द को हल्के में ना ले किसी योग्य चिकित्सक को दिखाकर इलाज शुरू कर दें, नहीं तो छोटी सी लापरवाही आपकी जान ले सकती है. यदि आप बीपी, थायराइड या शुगर जैसी बीमारी से ग्रसित हो तो इस बीमारी में आप सावधानी बरतना जरूरी हैं क्योंकि इन बीमारियों में यह समस्या तेजी से आती है और लोगों के सीने में अचानक दर्द होने लगता है जो हृदय गति को रोक देता है. सीने में दर्द से बचने के लिए शुगर बीपी को करें मेंटेनइस समस्या से बचने के लिए यदि आप शुगर के पेशेंट हैं तो शुगर के अनुसार अपना खान-पान रखें, शुगर को मेंटेन रखें. यदि बीपी के मरीज है तो नमक कम खाएं यदि कोलेस्ट्रॉल ज्यादा रहता है तो नियमित व्यायाम करें. हाई-फाई डाइट को अवॉइड करें और हरी सब्जियों का ज्यादा सेवन करें.  सीने का दर्द अचानक शुरू होता है और बहुत तीव्र गति से पहुंचता है यह दर्द अधिकतर कुछ सेकंड या मिनट का होता है, लेकिन कुछ लोगों का दर्द घंटे चला जाता है. जिसमें मरीज की हालत गंभीर बन जाती है और कभी-कभी जान चली जाती है. यदि छाती में दर्द के साथ पसीने आए तो यह हार्ट अटैक के कारण बन सकते हैं. ऐसे में सावधान रहें यदि सेने में दर्द शुरू हो तो किसी योग्य चिकित्सक को दिखाकर इलाज शुरू कर दें. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Mau,Uttar Pradesh First Published : March 24, 2026, 14:58 IST

लाल-काले शहतूत ने खींचा ध्यान, गर्मियों में सिर्फ 20 दिन मिलता ये खास फल; गजब के फायदे

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Last Updated:March 24, 2026, 14:21 IST Mulberry Benefits: विटामिन सी से भरपूर होने के चलते शहतूत शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है. फाइबर की वजह से गैस, कब्ज और अपच से राहत मिलती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में मददगार हैं. खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा में गर्मी की शुरुआत होते ही बाजारों में शहतूत लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है. लाल और काले रंग का यह छोटा सा फल भले ही दिखने में साधारण लगे लेकिन इसके फायदे इतने जबरदस्त हैं कि लोग सालभर इसका इंतजार करते हैं. शहतूत एक मौसमी फल है, जो गर्मियों में करीब 15 से 20 दिन ही बाजार में देखने को मिलता है. यही वजह है कि इसका सीजन आते ही इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है. यह फल ज्यादातर जंगलों या पेड़ों पर प्राकृतिक रूप से उगता है और सीमित मात्रा में ही बाजार तक पहुंच पाता है. शहतूत का स्वाद मीठा, हल्का खट्टा और थोड़ा कसैला होता है, जो इसे और भी खास बनाता है. इसमें छिलका या बड़े बीज नहीं होते, इसलिए इसे सीधे खा सकते हैं. बच्चे हों या बड़े, हर किसी को इसका स्वाद पसंद आता है. सेहत का खजाना शहतूतडॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार, शहतूत में विटामिन सी, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. शहतूत के फायदेशहतूत विटामिन सी से भरपूर होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है. फाइबर की वजह से कब्ज, गैस और अपच से राहत मिलती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड सर्कुलेशन सुधारते हैं. शहतूत में मौजूद तत्व शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं. यह स्किन को ग्लो देता है और आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मददगार है. वहीं कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने से वजन घटाने में मदद मिलती है. शरीर को देता है ठंडकगर्मी में शरीर को ठंडा रखना सबसे जरूरी होता है. ऐसे में शहतूत काफी फायदेमंद माना जाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जिससे शरीर को राहत मिलती है और डिहाइड्रेशन से भी बचाव होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना आधा से एक कप ताजा शहतूत खाना सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है. शहतूत सिर्फ एक फल नहीं बल्कि गर्मियों का नैचुरल हेल्थ टॉनिक है. कम समय के लिए मिलने वाला यह फल स्वाद और सेहत दोनों का जबरदस्त कॉम्बिनेशन है, इसलिए मौका मिले तो इसे जरूर ट्राई करें. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. Location : Khandwa,Madhya Pradesh First Published : March 24, 2026, 14:21 IST

'ये मेरी बहन है, बीवी नहीं':फरदीन खान ने बहन लैला को पत्नी समझने पर पैपराजी की गलती सुधारी, देखें वीडियो

'ये मेरी बहन है, बीवी नहीं':फरदीन खान ने बहन लैला को पत्नी समझने पर पैपराजी की गलती सुधारी, देखें वीडियो

मुंबई में हाल ही में एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान एक्टर फरदीन खान अपनी बहन लैला के साथ नजर आए, जहां पैपराजी ने लैला को उनकी पत्नी समझ लिया। इस पर फरदीन ने मौके पर ही साफ करते हुए कहा कि वह उनकी बहन हैं, पत्नी नहीं, जिससे कन्फ्यूजन दूर हुआ। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में फरदीन पैपराजी की गलती सुधारते नजर आते हैं। वह कहते हैं, “ये बहन है मेरी, बीवी नहीं। बहुत सारे हैंडल्स लिखते हैं कि ये मेरी बीवी है।” इस पर उनकी बहन लैला हंस पड़ती हैं और फरदीन भी मुस्कुराते दिखते हैं। फरदीन की शादी मुमताज की बेटी से हुई फरदीन खान की शादी एक्ट्रेस मुमताज की बेटी नताशा माधवानी से हुई। दोनों के दो बच्चे बेटी डायनी और बेटा अजेरियस हैं। फरदीन लंबे समय तक लंदन में रहे, लेकिन अब उन्होंने मुंबई में फिर से अपना बेस बना लिया है। उनके मुंबई शिफ्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर नताशा से अलग होने की अफवाहें सामने आई थीं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में फरदीन ने बच्चों से दूर रहने को मुश्किल बताया था और कहा था कि वह उनसे रेगुलरली वीडियो कॉल पर कनेक्ट रहते हैं। मुमताज ने तलाक की खबरों को खारिज किया था वहीं, मुमताज ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि इस मामले में कुछ भी सीरियस नहीं है। फरदीन और नताशा अब भी पति-पत्नी हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा था कि शायद अब उनकी आपस में नहीं बनती, लेकिन हर शादी में उतार-चढ़ाव आते हैं। फरदीन ने 2024 में हीरामंडी से कमबैक किया फरदीन खान ने लंबे समय के बाद फिल्म इंडस्ट्री में वापसी की है। फिल्म दूल्हा मिल गया (2010) के बाद लंबे ब्रेक के पश्चात उन्होंने 2024 में वेब सीरीज हीरामंडी से कमबैक किया। इसके बाद वह ‘खेल खेल में’, ‘विस्फोट’ और ‘हाउसफुल 5’ जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आए। बता दें कि 1998 में ‘प्रेम अगन’ से करियर शुरू करने वाले फरदीन ‘जंगल’, ‘प्यार तूने क्या किया’ और ‘नो एंट्री’ जैसी फिल्मों में दिखे हैं।

खरगोन ने सेमीफाइनल में बड़वानी को हराया:आदित्य व्यास के 6 विकेट, फाइनल में खंडवा से मुकाबला

खरगोन ने सेमीफाइनल में बड़वानी को हराया:आदित्य व्यास के 6 विकेट, फाइनल में खंडवा से मुकाबला

खरगोन में चल रही संभागीय अंडर-13 लेदर बॉल क्रिकेट स्पर्धा के सेमीफाइनल में मेजबान खरगोन ने बड़वानी को 7 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। खरगोन की जीत में आदित्य व्यास की घातक गेंदबाजी का अहम योगदान रहा, जिन्होंने 6 विकेट चटकाए। अब फाइनल मुकाबला मंगलवार को खरगोन और खंडवा के बीच खेला जाएगा। सोमवार को स्टेडियम मैदान पर खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में बड़वानी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। हालांकि, खरगोन के गेंदबाज आदित्य व्यास (6 विकेट) की शानदार गेंदबाजी के सामने बड़वानी की टीम 17 ओवर में महज 56 रन पर ऑल आउट हो गई। मन नरूला और अथर्व दांगी ने भी 2-2 विकेट लिए। बड़वानी की ओर से काव्यांश मालवीय ने सर्वाधिक 37 रन बनाए। जवाब में, खरगोन की टीम ने 14 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 7 विकेट से मैच जीत लिया। खरगोन के लिए पार्थ मुकाती ने 20 और विभोर पवार ने 12 रन का योगदान दिया। बड़वानी के सौरभ मालवीय ने 2 विकेट लिए। मैच के दौरान जिला आयकर अधिकारी कैलाश मीणा ने खिलाड़ियों का परिचय लिया और उन्हें बेहतर सोच के साथ खेलने व हार से निराश न होने की सलाह दी। इस अवसर पर आयकर निरीक्षक अजय गुप्ता, जिला क्रिकेट एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज रघुवंशी, सचिव जितेंद्र गोस्वामी, स्पर्धा ऑब्जर्वर जयंत वानखेड़े, अंपायर सार्थक कुलकर्णी व कार्तिक अय्यर, और स्कोरर विक्की निषाद भी उपस्थित थे। संभागीय अंडर-13 क्रिकेट स्पर्धा का दो दिवसीय फाइनल मुकाबला मंगलवार को खरगोन और खंडवा के बीच खेला जाएगा, जिसके लिए दोनों टीमों ने जमकर अभ्यास किया है।

अमृतसर के बलविंदर ने रणवीर-अक्षय के लिए पगड़ी:फिल्म धुरंधर-2 में बॉलीवुड अभिनेताओं ने पहनी, बोले- AI पोस्टर की पगड़ी मेरी नहीं

अमृतसर के बलविंदर ने रणवीर-अक्षय के लिए पगड़ी:फिल्म धुरंधर-2 में बॉलीवुड अभिनेताओं ने पहनी, बोले- AI पोस्टर की पगड़ी मेरी नहीं

अमृतसर के कोट खालसा इलाके के इंदर पगड़ी हाउस के मालिक बलविंदर सिंह ने फिल्म “धुरंधर 2” में अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना जैसे अभिनेताओं के लिए पगड़ियां तैयार कीं। बलविंदर सिंह ने हाल ही में चल रहे AI पोस्टर विवाद पर भी बात की, जिसमें उन्होंने कहा कि पोस्टर में दिख रही पगड़ी उनके हाथ की नहीं लगती। बलविंदर सिंह को यह अवसर पहले एक हॉलीवुड प्रोजेक्ट में किए गए काम के कारण मिला था। उस प्रोजेक्ट में उन्होंने अभिनेता अनुपम खेर से जुड़े एक किरदार के लिए पगड़ी तैयार की थी, जिससे उन्हें पहचान मिली। “धुरंधर 2” के लिए उनसे लगभग डेढ़ साल बाद संपर्क किया गया। वे करीब ढाई महीने तक फिल्म की टीम के साथ जुड़े रहे। इस दौरान, उन्होंने रणवीर सिंह के लिए पटियाला शाही और सेमी पटियाला शाही स्टाइल की पगड़ियां बनाईं। अक्षय खन्ना के लिए उन्होंने बलोचिस्तानी स्टाइल की पगड़ी तैयार की, जिसे उन्होंने वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से सीखा और घर पर अभ्यास किया। रणबीर सिंह के साथ काम करना शानदार अनुभव : बलविंदर सिंह बलविंदर सिंह ने रणवीर सिंह के साथ काम करने के अनुभव को बेहद शानदार बताया। शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़, पटियाला, हरियाणा बॉर्डर और दिल्ली सहित कई स्थानों पर रणबीर सिंह से हुई। उन्होंने एक घटना साझा करते हुए बताया कि जब वे बीमार हो गए थे, तो रणवीर सिंह ने व्यक्तिगत रूप से उनका हाल-चाल पूछा, जिससे उन्हें बहुत गर्व महसूस हुआ। AI पोस्टर विवाद पर बोले- पगड़ी में काफी अंतर AI पोस्टर को लेकर चल रहे विवाद पर बलविंदर सिंह ने अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह निश्चित नहीं हैं, लेकिन पोस्टर में दिखाई गई पगड़ी उनके द्वारा बनाई हुई नहीं लगती। उनके अनुसार, पोस्टर की पगड़ी और उनकी बनाई पगड़ी में काफी अंतर है, जिससे यह संभावना बनती है कि वह AI के जरिए तैयार की गई हो। युवाओं को संदेश देते हुए बलविंदर सिंह ने कहा, “केश रखें, पगड़ी सजाएं और सिखी से जुड़ें। बलविंदर सिंह ने पंजाब के युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने केशों को संभालें, पगड़ी बांधने की परंपरा अपनाएं और सिखी से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि जो युवा सिखी से दूर हो गए हैं, वे वापस जुड़ें और इसे मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो युवा पगड़ी बांधना सीखना चाहते हैं, वे उनसे संपर्क कर सकते हैं।

गोल्डमैन सैक्स ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया:2026 के लिए 7% से 5.9% किया; युद्ध-कच्चे तेल की कीमतों के चलते रेपो रेट 0.50% बढ़ने के आसार

गोल्डमैन सैक्स ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया:2026 के लिए 7% से 5.9% किया; युद्ध-कच्चे तेल की कीमतों के चलते रेपो रेट 0.50% बढ़ने के आसार

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने साल 2026 के लिए भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है। बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की GDP ग्रोथ अब 5.9% रहने की उम्मीद है, जो कि ईरान युद्ध से पहले लगाए गए 7% के अनुमान से काफी कम है। गोल्डमैन ने चेतावनी दी है कि रुपए की कमजोरी और महंगाई को काबू करने के लिए RBI को ब्याज दरों में 0.50% (50 बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। कच्चे तेल की कीमतों ने कैलकुलेशन बिगाड़ा गोल्डमैन सैक्स ने ग्रोथ अनुमान में कटौती की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई में आ रही दिक्कतों को बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई अप्रैल के मध्य तक बंद रह सकती है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से देश का विदेशी मुद्रा भंडार, राजकोषीय घाटा और महंगाई तीनों पर बुरा असर पड़ता है। ब्रेंट क्रूड $115 तक जा सकता है बैंक के एनालिस्ट्स का मानना है कि मार्च में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत $105 और अप्रैल में $115 प्रति बैरल रह सकती है। हालांकि, साल की चौथी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) तक इसके गिरकर $80 प्रति बैरल पर आने की उम्मीद है। इसी अस्थिरता को देखते हुए गोल्डमैन ने 13 मार्च को भी भारत की ग्रोथ का अनुमान घटाकर 6.5% किया था, जिसे अब और कम कर दिया गया है। महंगाई 4.6% तक पहुंचने का अनुमान गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, भारत में महंगाई दर 2026 में 4.6% तक जा सकती है। इससे पहले बैंक ने इसके 3.9% रहने का अनुमान जताया था। हालांकि, यह अभी भी रिजर्व बैंक के 2% से 6% के कंफर्ट जोन में है, लेकिन रुपए की गिरती वैल्यू RBI की चिंता बढ़ा सकती है। 0.50% तक बढ़ सकती है ब्याज दर रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरते रुपये को सहारा देने और महंगाई के ‘सेकंड राउंड इफेक्ट’ को रोकने के लिए RBI रेपो रेट में 0.50% की बढ़ोतरी कर सकता है। बाजार के जानकारों का तो यहां तक मानना है कि आने वाले एक साल में 0.25-0.25% की 3 से 4 बढ़ोतरी (कुल 0.75% से 1%) देखने को मिल सकती है। डॉलर के मुकाबले 4% टूटा रुपया भारतीय रुपया इस साल (2026) अब तक डॉलर के मुकाबले 4% कमजोर हो चुका है। पिछले साल भी इसमें 4.7% की गिरावट देखी गई थी। जब रुपया कमजोर होता है, तो आयात महंगा हो जाता है, जिससे रिटेल मार्केट में चीजों के दाम बढ़ जाते हैं। करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ेगा गोल्डमैन ने अनुमान लगाया है कि 2026 में भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट जीडीपी का 2% तक पहुंच सकता है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही में यह 1.3% था। तेल की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर इस घाटे को बढ़ाने का काम करती हैं। क्या है ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ और यह क्यों जरूरी है? यह ओमान और ईरान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान युद्ध या किसी भी तनाव की स्थिति में अगर यह रास्ता बंद होता है, तो ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई रुक जाती है और कीमतें तेजी से बढ़ती हैं। GDP क्या है? इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए GDP का इस्तेमाल होता है। ये देश के भीतर एक तय समय में बनाए गए सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को दिखाती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं उन्हें भी शामिल किया जाता है। दो तरह की होती है GDP GDP दो तरह की होती है। रियल GDP और नॉमिनल GDP। रियल GDP में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। फिलहाल GDP को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। वहीं नॉमिनल GDP का कैलकुलेशन करंट प्राइस पर किया जाता है। कैसे कैलकुलेट की जाती है GDP? GDP को कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। GDP=C+G+I+NX, यहां C का मतलब है प्राइवेट कंजम्प्शन, G का मतलब गवर्नमेंट स्पेंडिंग, I का मतलब इन्वेस्टमेंट और NX का मतलब नेट एक्सपोर्ट है। GDP की घट-बढ़ के लिए जिम्मेदार कौन है? GDP को घटाने या बढ़ाने के लिए चार इम्पॉर्टेंट इंजन होते हैं। पहला है, आप और हम। आप जितना खर्च करते हैं, वो हमारी इकोनॉमी में योगदान देता है। दूसरा है, प्राइवेट सेक्टर की बिजनेस ग्रोथ। ये GDP में 32% योगदान देती है। तीसरा है, सरकारी खर्च। इसका मतलब है गुड्स और सर्विसेस प्रोड्यूस करने में सरकार कितना खर्च कर रही है। इसका GDP में 11% योगदान है। और चौथा है, नेट डिमांड। इसके लिए भारत के कुल एक्सपोर्ट को कुल इम्पोर्ट से घटाया जाता है, क्योंकि भारत में एक्सपोर्ट के मुकाबले इम्पोर्ट ज्यादा है, इसलिए इसका इम्पैक्ट GPD पर नेगेटिव ही पड़ता है। ये खबर भी पढ़ें… सोने ₹56 रुपए घटा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.39 लाख: चांदी में ₹1 हजार रुपए की तेजी, दाम 2.20 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंचे सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 24 मार्च को मामूली उतार-चढ़ाव है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 56 रुपए गिरकर 1.39 लाख रुपए के करीब है। चांदी में 1093 रुपए की तेजी है। ये 2.20 लाख रुपए प्रति किलो पर है। पूरी खबर पढ़ें…

शाजापुर में गर्मी बढ़ी, तेज धूप ने बढ़ाई परेशानी:जमकर तपाएगा अप्रैल का पहला सप्ताह, तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने के आसार

शाजापुर में गर्मी बढ़ी, तेज धूप ने बढ़ाई परेशानी:जमकर तपाएगा अप्रैल का पहला सप्ताह, तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने के आसार

शाजापुर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। तीन दिन पहले बादलों के कारण मिली राहत के बाद, मंगलवार को तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। सुबह से ही आसमान साफ रहा और तीखी धूप का असर महसूस किया गया। दोपहर के समय शहर के व्यस्त इलाकों में भी चहल-पहल कम दिखी। गर्मी से बचने के लिए लोग गमछा, टोपी और चश्मे का उपयोग करते नजर आए। बाजारों में भी दोपहर के वक्त सन्नाटा पसरा रहा, जिससे बढ़ते तापमान का जनजीवन पर स्पष्ट प्रभाव दिखा। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। गौरतलब है कि तीन दिन पहले अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री के बीच था, जिसमें अब तेजी से बढ़ोतरी हुई है। मौसम विशेषज्ञ सत्यंत्र धनोतिया ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान लगातार 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। वहीं, 2 अप्रैल तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में लोगों को आगामी दिनों में और अधिक गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

अपने मन से वेट लॉस की दवा बेची तो खैर नहीं, सरकार ने उठाया सख्त कदम,देश में 49 जगहों पर छापेमारी

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Last Updated:March 24, 2026, 13:12 IST Govt Warn on Weight Loss Drugs: वेट लॉस की दवा पर पेटेंट खत्म होने के बाद बाजार में करीब 40 कंपनियों की जेनरिक दवा आ गई है. ये दवा बेहद सस्ती है. लेकिन इस दवा को कोई भी बिना डॉक्टरों की पर्ची से न खरीद सकता है न ही बेच सकता है.लेकिन अभी से ऐसा होने लगा है. इसी कारण सरकार ने हिदायत देते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है. इस सिलसिले में 49 जगहों पर छापेमारी भी की गई है. सरकार को अंदेशा है कि सस्ती दवा की आड़ में लोग या केमिस्ट शॉप वाले खुद से ही दवा को दे सकते हैं. वेट लॉस दवा के गलत इस्तेमाल पर सरकार सख्त. Govt Warn on Weight Loss Drugs: वजन कम करने वाली दवा के सस्ती होने के बाद अगर किसी ने इस GLP-1 दवा को अपने मन से खरीदने या बेचने की कोशिश की तो उसकी खैर नहीं. ड्रग नियामक संस्था सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने इस पर काबू पाने के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है.इतना ही नहीं, इसके लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी है. विभाग ने 49 जगहों पर छापेमारी की है. दरअसल, भारत में पहले से ही GLP-1 श्रेणी की वीगोभी और ओजेंपिक इंजेक्शन बहुत ज्यादा बिक रहे हैं. ये दवा बेहद महंगी होती है लेकिन हाल ही में सरकार ने इसे पेटेंट फ्री कर दिया है जिसके बाद कई कंपनियां इस दवा का जेनरिक वर्जन ला रही है. ये दवा अब बेहद सस्ती हो जाएगी. इसलिए सरकार को डर है कि लोग बिना डॉक्टरों की सलाह इस दवा को खरीद न लें क्योंकि बिना डॉक्टरों की सलाह यह दवा बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है. क्यों सरकार ने उठाया ये कदम यही कारण है कि वजन घटाने की सस्ती दवाओं (GLP-1) को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है. भारत के ड्रग्स कंट्रोलर ने इन दवाओं की सप्लाई चेन पर कड़ी नजर रखते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. जेनरिक वर्जन दवाओं की बाजार में भरमार हो गई है. ये दवाएं मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेलनेस क्लीनिक पर आसानी से मिलने लगी हैं. लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह इनका इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है. इसी को देखते हुए सरकार ने दवा कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी तरह का भ्रामक विज्ञापन या छिपा प्रचार न करें, जिससे लोग गुमराह हों या बिना जरूरत दवा लें. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पिछले कुछ हफ्तों में बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 49 जगहों पर छापेमारी और जांच की गई. इनमें ऑनलाइन फार्मेसी, थोक विक्रेता, मेडिकल स्टोर और स्लिमिंग क्लीनिक शामिल हैं. जांच में जहां-जहां गड़बड़ी मिली, वहां नोटिस भी जारी किए गए हैं. सरकार का साफ कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. बिना डॉक्टर की निगरानी के इन दवाओं का इस्तेमाल करने से गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं. नियमों के मुताबिक, ये दवाएं सिर्फ एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर और कुछ मामलों में कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह पर ही दी जा सकती हैं. सरकार ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने, जुर्माना लगाने और कानूनी कार्रवाई जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे. मरीजों की सुरक्षा सर्व प्रमुख 10 मार्च को सीडीएससीओ ने दवा कंपनियों को विस्तृत गाइडलाइन जारी की थी जिसमें कहा गया था कि किसी भी हाल में इस दवा से संबंधित भ्रामक विज्ञापन नहीं दिखाया जाएगा. अगर दिखाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि GLP-1 दवाएं केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही दी जाती हैं और इन्हें मेडिकल निगरानी में ही इस्तेमाल करना चाहिए. भारत में इस दवा को एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ और कुछ मामलों में कार्डियोलॉजिस्ट ही लिख सकते हैं. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का इस्तेमाल गंभीर साइड इफेक्ट और स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है. सीडीएससीओ ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सबसे जरूरी है और इस कार्रवाई का उद्देश्य दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है. आने वाले समय में निगरानी और सख्त की जाएगी और नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : March 24, 2026, 13:12 IST