नक्सलियों ने किडनैप किया, सच्चाई जानकर खाना खिलाया,पैसे भी दिए:कमर में इंजरी ने क्रिकेटर बनने का सपना तोड़ा, 20 हजार किमी की पैदल यात्रा की

कमर में हुई इंजरी ने क्रिकेटर बनने का सपना तोड़ दिया। योग की मदद से ठीक हुए तो सभी को जागरूक कपने का संकल्प लिया। इसके लिए पैदल यात्रा पर निकल पड़े। ये हैं मैसूर (कर्नाटक) के रहने वाले 32 साल के कृष्णा नायक। अपनी यात्रा के दौरान ये जयपुर पहुंचे हैं। कृष्णा नायक ने बताया कि 16 अक्टूबर 2022 को मैसूर से पैदल यात्रा शुरू की थी। तीन साल से ज्यादा समय में करीब 20 हजार किलोमीटर चलकर नेपाल और भूटान समेत भारत के 25 राज्यों तक पहुंच चुका हूं। इस दौरान छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने किडनैप भी किया। हकीकत सामने आई तो प्यार से खाना खिलाया, पैसे भी दिए। आगे पढ़िए कृष्णा नायक से पूरी बातचीत… सवाल – योग के प्रति आम जनता को जागरूक करने का यह सफर कहां से और कब शुरू किया? कृष्णा नायक – 16 अक्टूबर साल 2022 को मैं मैसूर से अपनी इस योग यात्रा की शुरुआत की थी। भारत के साथ मैं नेपाल और भूटान में भी आम जनता को योग के प्रति जागरूक करने के लिए यात्रा की है। अब तक मैं 1251 दिनों की यात्रा को पूरा कर चुका हूं। इस दौरान मैं नेपाल और भूटान की यात्रा पूरी कर ली है। फिलहाल में भारत के 25वें राज्य में प्रवेश कर यहां के अलग-अलग शहरों में आम जनता को योग के प्रति जागरूक कर रहा हूं। इस दौरान में अब तक लगभग 20 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा कर चुका हूं। मैं चाहता हूं कि भारत में बच्चा-बच्चा और यूथ यह जाने की योग कितना महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ में देश के स्कूल-कॉलेज में पहुंच उन्हें योग की जानकारी देता हूं। सवाल – तीन देशों की यात्रा करने से पहले आपको बैक इंजरी हुई थी। ऐसे वक्त में यात्रा करने की सोच कैसे आई? कृष्णा नायक – योग पथ पर आने से पहले मैं बतौर क्रिकेटर अपने जीवन को जी रहा था। अचानक मेरी पीठ में इंजरी हो गई। इसकी वजह से मैं ठीक ढंग से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। उस वक्त न मैं क्रिकेट खेल पा रहा था, न ठीक ढंग से उठ और सो पा रहा था। उस वक्त मैं योग के माध्यम से न सिर्फ अपनी इंजरी को ठीक किया, बल्कि खुद को और बेहतर और स्वस्थ भी महसूस किया। इसके बाद मुझे योग ने अपनी ओर बहुत ज्यादा आकर्षित किया। लोग मुझे बोलते थे कि मुझे योग की वजह से नया जीवन मिला है। इसके बाद मैंने अलग-अलग तरह के योग अभ्यास सीखे और यूथ को ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया था। सवाल – 20 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा के दौरान किस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा। छत्तीसगढ़ में आपको नक्सलियों ने भी पकड़ लिया था? कृष्णा नायक – मैंने अपनी यात्रा की शुरुआत मैसूर से की थी। इसके बाद केरला, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश को मैंने अच्छे से पार कर लिया था। जैसे ही मैंने छत्तीसगढ़ में एंट्री ली। उसके कुछ दिन बाद मैं वहां नक्सली क्षेत्र में पहुंचा था। वहां इंद्रावती नेशनल पार्क जो आज भी रेड अलर्ट एरिया है। उसके जंगल के बीच से गुजर रहा था। तभी कुछ नक्सलियों ने मुझे किडनैप कर लिया। वह लोग मुझे पकड़ के जंगल के बीच में ले गए। पूछताछ करने लगे। तब मुझे ठीक ढंग से हिंदी बोलना नहीं आता था। उन्हें ठीक ढंग से इंग्लिश समझ नहीं आ रही थी। मैं वहां काफी परेशान हो गया, रोने लगा। उन लोगों ने मुझे कहा सही-सही बताओ, यहां क्यों आए हो वरना तुम्हें जान से मार देंगे। आखिर में उन लोगों ने मेरे बारे में गूगल किया। लगभग 4 घंटे बाद उन्हें मेरी यात्रा की जानकारी मिली। तब उन्हें मुझ पर विश्वास हुआ। इसके बाद उन लोगों को मेरी सोच अच्छी लगी। उन्होंने न सिर्फ मुझे छोड़ा, बल्कि मुझे अच्छा खाना भी दिया। कुछ पैसे भी दिए। ताकि मैं अपने सफर को ठीक ढंग से पूरा कर सकूं। इसके बाद मणिपुर में भी मुझे इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ा। मैं तिरंगा लेकर अपनी पैदल यात्रा पर था। कुछ लोगों ने मुझे हिरासत में ले लिया। उन्होंने मुझे कहा कि यह भारत का हिस्सा नहीं है। उन लोगों ने मुझे काफी परेशान भी किया। इस तरह समस्याओं का सामना करना पड़ा। फिलहाल मेरी यात्रा भगवान की कृपा से जारी है। मैं देश की 800 से ज्यादा IIT-NIT और स्कूल-कॉलेज में जाकर हजारों बच्चों को योग के प्रति जागरूक कर चुका हूं। सवाल – लंबे वक्त से आप योग यात्रा पर हैं। आखिर आपको मोटिवेट और मदद कौन कर रहा है? जवाब – भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी जवागल श्रीनाथ सर ही मुझे सबसे ज्यादा सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने ही मेरी यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया था। वो ही मेरी यात्रा के सबसे बड़े मददगार हैं। मेरे सफर के दौरान मेरे खाने और पीने का सारा खर्चा वही उठा रहे हैं। उनके साथ परिवार और दोस्त मुझे सपोर्ट करते हैं। मुझे कर्नाटक गवर्नमेंट ने पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट भी दे रखा है। इसकी वजह से मैं जहां भी जाता हूं, वहां के स्कूल, कॉलेज, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर और गुरुद्वारे में मुझे रुकने दिया जाता है। मैं जंगल और पुलिस स्टेशन में भी रात बिता चुका हूं। सवाल – आपकी यात्रा कहां तक जाएगी और कब खत्म होगी? जवाब – नेपाल, भूटान के साथ ही भारत के 25 राज्यों की यात्रा को अब तक पूरा कर चुका हूं। फिलहाल मैं राजस्थान के बाद गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आखिर में चेन्नई पहुंचूंगा। लगभग 6 महीने का वक्त मुझे अभी अपनी यात्रा को पूरा करने में लगेगा। इसके बाद मैं चेन्नई में अपनी यात्रा का समापन करूंगा। सवाल – 3 साल से ज्यादा वक्त बीत गया है। क्या परिवार वालों से मुलाकात हुई। इस दौरान क्या कभी कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया? जवाब – मैं 100% पैदल यात्रा पर हूं। मेरे पास खुद का जीपीएस ट्रैकर है। फैमिली मेंबर्स से मेरी बात होती है। बीच में एक बार वह लोग मुझसे मिलने भी आए थे। मैं भी सब लोगों को मिस करता हूं। लेकिन पूरा देश मेरी फैमिली है। मैं चाहता हूं कि सभी
असम चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका! इस दिग्गज नेता ने कमल ने छोड़ा थामा का ‘हाथ’

असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. हिमंत सरकार में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रहीं नंदिता गरलोसा रविवार (22 मार्च) को मुख्यमंत्री पद से कांग्रेस में शामिल हो गईं। बीजेपी द्वारा टिकटें न जाने के दिए गए निर्देश के अनुसार उन्होंने यह निर्णय लिया है। अब वो कांग्रेस के टिकटों पर अपनी सीलबंद सीट हाफलोंग से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस ने असम कंपनी पर लगाया आरोप असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के महासचिव निर्मल लंगथासा की उपस्थिति में नंदिता गरलोसा कांग्रेस में शामिल हुईं। प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा कि हमें यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि नंदिता गरलोसा कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई हैं। पिछले 5 वर्षों से वो दिमा हसाओ की आवाज रही हैं और वो हमेशा अपने विश्वासों और सिद्धांतों पर मजबूती से कायम रही हैं। लंगथासा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने उन्हें इसकी कीमत चुकाई है क्योंकि हिमंता बिस्वा सरमा की जमीन की मजबूती के लिए बड़ी कंपनी ने ही उन्हें नाटक में शामिल किया है। बीजेपी ने अनकित गरलोसा के टिकट निकालेनिर्मल लंगथासा ने आगे कहा कि कांग्रेस कल उन्हें हाफलोंग सीट से अपना उम्मीदवार घोषित करेगी। इस संबंध में सभी प्रभावकारी जल्द ही पूरी कर ली मांग हैं। बता दें कि गरलोसा असम सरकार में खेल और युवा कल्याण मंत्री वेला और वोलांग विधानसभा क्षेत्र में हाफलोंग सीट का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इस बार बीजेपी ने अपनी जगह नए चेहरे रूपाली लांगथासा को टिकट दिया, उसके बाद गरलोसा ने बीजेपी छोड़ दी। पिछले रविवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आधी लंबी प्रिय नंदिता गरलोसा से अपने घर पर मुलाकात की थी लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही। सीएम सरमा से मुलाकात के कुछ ही घंटे बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया. बता दें कि असम की 126 रांची विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि असम की गिनती 4 मई को होगी. ये भी पढ़ें मौसम पूर्वानुमान: बिहार, राजस्थान समेत 6 राज्यों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी, दिल्ली-यूपी में कैसा रहेगा मौसम, जानें (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)असम चुनाव 2026(टी)नंदिता गरलोसा(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी(टी)नंदिता गरलोसा(टी)कांग्रेस(टी)चुनाव
जरूरत की खबर- इंडक्शन यूज के 10 सेफ्टी टिप्स:ये 12 गलतियां न करें, एक्सपर्ट से जानें इस्तेमाल और क्लीनिंग का सही तरीका

मिडिल ईस्ट में पिछले करीब 25 दिनों से तनाव का माहौल बना हुआ है। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जंग जारी है। इसका असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है। देश में इन दिनों LPG गैस के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं। इससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। ऐसे में अब इंडक्शन का इस्तेमाल बढ़ गया है। लोग तेजी से इंडक्शन कुकटॉप खरीद रहे हैं। यह बिजली से चलने वाला एक सुविधाजनक कुकिंग अप्लायंस है। लेकिन इसके इस्तेमाल के दौरान थोड़ी सी लापरवाही से ओवरहीटिंग, इलेक्ट्रिकल शॉक और बेस डैमेज का रिस्क होता है। हालांकि सही कुकवेयर का चुनाव और समय-समय पर सफाई जैसे छोटे कदम इन खतरों से बचा सकते हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात इंडक्शन यूज के बेसिक सेफ्टी टिप्स की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: अभिषेक मिश्र, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, नागपुर, महाराष्ट्र सवाल- इंडक्शन कुकटॉप क्या है और यह कैसे काम करता है? जवाब- इंडक्शन एक कुकिंग अप्लायंस है, जो बिजली से चलता है। इसमें गैस या डायरेक्ट हीट की जगह मैग्नेटिक फील्ड का इस्तेमाल होता है। इंडक्शन पर बर्तन रखते ही इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा पैदा होती है। यह ऊर्जा सतह को गर्म करने की बजाय सीधे बर्तन के तले को गर्म करती है। इससे ऊर्जा की बचत होती है। बर्तन हटाते ही हीटिंग तुरंत बंद हो जाती है, जिससे यह पर्याप्त सुरक्षित भी माना जाता है। इसे ‘इंडक्शन कुकटॉप’ भी कहते हैं। सवाल- क्या गैस, हीटर, स्टोव में यूज होने वाले सामान्य बर्तन इंडक्शन में भी यूज किए जा सकते हैं? जवाब- हां, आजकल बाजार में मिलने वाले इंडक्शन पर लगभग सभी बर्तन काम करते हैं। हालांकि मैग्नेटिक कुकवेयर जैसे कास्ट आयरन और स्टेनलेस स्टील इसके लिए बेहतर होते हैं। आप एक मैग्नेट की मदद से इसे चेक कर सकते हैं। अगर मैग्नेट बर्तन के तले से चिपक जाए, तो वह इंडक्शन के लिए सही है। एल्युमीनियम, तांबा, कांच या मिट्टी के बर्तन इस पर काम नहीं करते हैं। सवाल- इंडक्शन पर खाना बनाने का तरीका क्या है? स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस बताएं। जवाब- इंडक्शन पर खाना बनाना बहुत आसान है। सही बर्तन, सही सेटिंग और थोड़ी सावधानी से सुरक्षित तरीके से इंडक्शन पर कुकिंग कर सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से स्टेप-बाय-स्टेप इसका पूरा प्रोसेस समझिए- सवाल- इंडक्शन का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करना चाहिए? जवाब- इंडक्शन का इस्तेमाल आमतौर पर सुरक्षित होता है। लेकिन कुछ गलतियां ओवरहीटिंग, इलेक्ट्रिक शॉक या नुकसान का कारण बन सकती हैं। इसलिए इसे यूज करते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- इंडक्शन पर खाना पकाते हुए क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- इंडक्शन पर कुकिंग आसान है, लेकिन कुछ कॉमन गलतियां नुकसान या खतरे का कारण बन सकती हैं। इसलिए इन्हें अवॉइड करना जरूरी है- सवाल- इंडक्शन की सफाई का सही तरीका क्या है? जवाब- डेली सही तरीके से इंडक्शन की सफाई करना जरूरी है, ताकि उसकी परफॉर्मेंस और लाइफ बनी रहे। नीचे दिए ग्राफिक से इसका सही तरीका समझिए- सवाल- किन गलतियों-लापरवाहियों के कारण इंडक्शन जल्दी खराब होता है? इसे कैसे मेंटेन करें कि वह लंबे समय तक चले? जवाब- इंडक्शन की लाइफ इस्तेमाल और रेगुलर मेंटेनेंस पर निर्भर करती है। छोटी-छोटी गलतियां इसे जल्दी खराब कर सकती हैं, जबकि सही देखभाल से यह लंबे समय तक सुरक्षित और बेहतर चलता है। जैसेकि- इंडक्शन से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब सवाल- क्या इंडक्शन गैस चूल्हे से ज्यादा सुरक्षित है? अगर हां, तो कैसे? जवाब- हां, इंडक्शन चूल्हा गैस चूल्हे के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसमें खुली आग नहीं होती, इसलिए आग लगने का खतरा कम रहता है। यह सिर्फ बर्तन के संपर्क में आने पर ही गर्म होता है, जिससे जलने का रिस्क कम होता है। सवाल- क्या इंडक्शन गैस चूल्हे के मुकाबले सस्ता पड़ता है? जवाब- हां, इंडक्शन चूल्हा कई मामलों में गैस के मुकाबले सस्ता पड़ सकता है। यह बिजली पर चलता है और ऊर्जा का उपयोग तेजी से करता है, जिससे हीट लॉस कम होता है। हालांकि कुल खर्च आपके बिजली दर और LPG कीमत पर निर्भर करता है, इसलिए हर घर में फर्क हो सकता है। सवाल- क्या इंडक्शन को देर तक चलाना सुरक्षित है? जवाब- हां, ओवरहीट होने से इंडक्शन ऑटो कट हो जाते हैं। इसे सावधानी के साथ देर तक इस्तेमाल किया जा सकता है। सवाल- क्या इंडक्शन पर खाना बनाने के दौरान वेंटिलेशन जरूरी है? जवाब- हां, इंडक्शन पर खाना बनाते समय भी वेंटिलेशन जरूरी होता है। हालांकि इसमें धुआं या गैस नहीं बनती, लेकिन खाना पकाते समय भाप, स्मेल और तेल के धुएं निकलते हैं, जिन्हें बाहर निकलने के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- ‘मच्छर अगरबत्तियों’ में खतरनाक केमिकल्स: खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स महाराष्ट्र सरकार ने ‘मच्छर अगरबत्तियों’ की जांच में पाया कि इनमें डाइमेफ्लुथ्रिन (Dimefluthrin) जैसे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है। ये सांस के जरिए शरीर में जाकर हमारे फेफड़ों और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। पूरी खबर पढ़िए…
खबर हटके-अजगर के खून से घटेगा मोटापा:पति ने बर्तन नहीं धोया, पत्नी ने पुलिस बुलाई; गर्लफ्रेंड को स्कूल ले जाने के लिए बस चोरी

वैज्ञानिक अजगर के खून से मोटापा घटाने की टेस्टिंग कर रहे हैं। वहीं एक पति ने बर्तन नहीं धोया, तो पत्नी ने पुलिस में शिकायत कर दी। उधर गर्लफ्रेंड को स्कूल छोड़ने के लिए 15 साल के लड़के ने बस चुरा लिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
असम विधानसभा चुनाव 2026: असम विधानसभा चुनाव में डुबोया गया पारा, केंद्र में महिलाओं से मिला राजनीतिक विखंडन; गोगोई ने बीजेपी पर आधारित सैद्धांतिक आधार तैयार किया

असम में घोषणा के बाद से राजनीतिक मसाले तेज हो गए हैं। राज्य में राजनीतिक वाद्ययंत्रों के बीच गठबंधन और प्लॉट बनाने की परंपरा तेजी से बढ़ी है। साथ ही इस चुनाव में महिलाएँ सबसे अधिक आबादी वाली राजनीति का केंद्र बनी हैं। वहीं, नेताओं के बीच प्रत्यारोप का आरोप जारी है। राजनीतिक तर्कों का मानना है कि वामपंथ ने अलग-अलग क्षेत्रीय आश्रमों और राष्ट्रीय आश्रमों के साथ समय-समय पर गठबंधन किया है। कई मशविरे पर बीजेपी के साथ भी इसे मिलाना देखने को मिलता है। ऐसे में जातीय परिषद जैसे क्षेत्रीय दलों से लेकर एक्वैरियम को भी तेजी से शामिल किया गया है। यह इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है। गौरव गोगोई ने महिलाओं के मुद्दे पर दिया बड़ा बयान कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने महिलाओं के मुद्दे पर बयान दिया है. उनकी सरकार बनने पर महिलाओं को किसी भी प्रकार की राजनीतिक पेशकश में नहीं बांधा जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न किसी दल की सदस्यता मिलेगी और न ही किसी पार्टी का झंडा फहराया जाएगा। साथ ही किसी भी तरह से साइन इन करना नहीं चाहेंगे। इसके अलावा कहा गया है कि किसी भी तरह के राजनीतिक सिद्धांत को सुनने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। योग्य महिलाओं को उनका अधिकार सीधे और पूरी तरह से बिना शर्त के पढ़ें। गोगोई ने सीएम हिमंता पर आधारित अध्ययन किया गौरव गोगोई ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का विश्लेषण किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा बीजेपी सरकार में महिलाओं को आर्थिक सहायता के लिए कई युवाओं को समर्थन देना पड़ा। महिलाओं की पार्टी की बैठक में शामिल होना शामिल है। पार्टी का झंडा फहराया गया है. रजिस्टर में साइन करने वाले प्रोजेक्ट हैं. राजनीतिक सक्रियता में सक्रिय भूमिका निभाना बंद कर दिया गया है। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि अगर कोई भी महिला इन रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं करती है, तो उन्हें ड्रैगन की सूची से हटा दिया जाता है। उसे किसी प्रकार की सहायता नहीं दी जाती है। महिलाओं को सीधे बैंक में पहुंचाया जाएगा आर्थिक सहायता फ़ोर्टसी नेताओं ने घोषणा की कि उनकी सरकार महिलाओं को हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में आर्थिक सहायता देगी। यह पूरी तरह से बिना शर्त के होगी. उन्होंने इसे अपनी सरकार की वैधता दी है। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि असम में असल में बीजेपी की वकालत नहीं है. यहां दो तरह की कांग्रेस है, एक जो युवा गोगोई के सिद्धांतों का पालन करती है, दूसरी ओर जो मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बनी है। राजनीतिक सिद्धांतों का मानना है कि इस बार के चुनाव में केवल संवैधानिक ताकतों पर प्रतिबंध नहीं होना चाहिए, बल्कि गठबंधन, राजनीतिक दल का विश्वास, समर्थक महिलाओं का समर्थन में निर्णायक भूमिका निभाना होगा। असम का यह मुकाबला मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। इसमें सामाजिक अर्थशास्त्र के अलावा राजनीतिक अनुपात भी असमान का प्रभाव डाल रहे हैं। यह भी पढ़ें: ’24 साल और एक भी छुट्टी नहीं’, पीएम मोदी ने बनाया सबसे बड़ा रिकॉर्ड तो अमित शाह ने बोला हंगामा (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी):ताजा खबरें(टी)विधानसभा चुनाव(टी)गौरव गोगोई(टी)नवीनतम अपडेट(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)ट्रेंडिंग न्यूज(टी)असम(टी)विधानसभा चुनाव 2026: ताजा खबरें(टी)विधानसभा चुनाव(टी)गौरव गोगोई(टी)ताजा अपडेट(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)ट्रेंडिंग समाचार
पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन करेगी AIMIM, ओवैसी ने कहा | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:22 मार्च, 2026, 21:22 IST ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ गठबंधन में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ेगी। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (पीटीआई छवि) एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के साथ गठबंधन में आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ेगी। एजेयूपी के संस्थापक और पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता हुमायूं कबीर ने पहले कहा था कि उनकी पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। गुरुवार को, कबीर ने खुलासा किया कि उन्होंने पहले ही 15 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और तीन और जोड़े हैं: वह खुद रानीनगर से चुनाव लड़ेंगे, हुमायूँ कबीर नामक एक अन्य उम्मीदवार भगवानगोला से चुनाव लड़ेंगे, और मनीषा पाठक पांडे मुर्शिदाबाद 64 सीट से चुनाव लड़ेंगी। इससे एजेयूपी की वर्तमान घोषित सूची 18 उम्मीदवारों तक पहुंच गई। कबीर ने पुष्टि की कि एआईएमआईएम गठबंधन में भागीदार होगी, जो लगभग आठ सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एआईएमआईएम पश्चिम बंगाल के पर्यवेक्षक एडवोकेट आदिल हुसैन के नेतृत्व में ओवैसी के साथ चर्चा हुई थी, जिसमें सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए आगे की बातचीत तय थी। उन्होंने कहा, “मैंने पहले ही 15 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी। अब, हुमायूं कबीर रानीनगर से चुनाव लड़ेंगे; वह एक अतिरिक्त काम भी कर रहे हैं। फिर, हुमायूं कबीर नाम के एक अन्य व्यवसायी भगवानगोला से चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा, मनीषा पाठक पांडे 64-मुर्शिदाबाद सीट से चुनाव लड़ेंगी। इसलिए, पहले घोषित 15 और अब इन तीन के साथ, हमने आज 18 उम्मीदवारों की सूची खोली है।” उन्होंने कहा, “मेरी पार्टी, जिस गठबंधन में हम हैं, उसके साथ 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) भागीदार होगी और उनमें से लगभग 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।” कबीर ने यह भी पुष्टि की कि वह व्यक्तिगत रूप से मुर्शिदाबाद के रेजीनगर और नवादा दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने भवानीपुर सीट को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दी. पश्चिम बंगाल विधानसभा में 294 सीटें हैं। मतदान 23 और 29 अप्रैल को होना है, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 22 मार्च, 2026, 21:22 IST समाचार चुनाव पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन करेगी AIMIM: ओवैसी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)एआईएमआईएम गठबंधन(टी)असदुद्दीन ओवैसी(टी)आम जनता उन्नयन पार्टी(टी)हुमायूं कबीर(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)एआईएमआईएम पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गठबंधन
प्रोस्टेट का साइज बढ़ जाए, तब क्या ट्रीटमेंट कराएं? यूरोलॉजिस्ट ने बताया आपके लिए क्या बेहतर, देखें वीडियो

Treatment for Enlarged Prostate: बढ़े हुए प्रोस्टेट की समस्या उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में कॉमन है, लेकिन सही समय पर इलाज बेहद जरूरी है. गंगाराम हॉस्पिटल के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक ने यूट्यूब पर अपलोड किए गए एक वीडियो में बताया है कि जब प्रोस्टेट का साइज बढ़ जाए, तो आपके पास उपचार के क्या विकल्प होते हैं. शुरुआती स्टेज में दवाओं से राहत मिल सकती है, लेकिन गंभीर मामलों में सर्जरी अधिक प्रभावी साबित होती है. बार-बार पेशाब आना या पेशाब रुकने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें. यह बढ़े हुए प्रोस्टेट का संकेत हो सकता है.
असम में कांग्रेस ने जारी की 5वीं सूची, सातवीं सूची का खुलासा किया

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 5वीं लिस्ट जारी की है। इस सूची में सात द्वीप के कारखाने का विमोचन किया गया है। कांग्रेस पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव के लिए जिन 7 सीटों पर अपने उम्मीदवार बनाए हैं, उनमें गोसाईंगांव विधानसभा सीट से जोसेफ हासदा, दोतमा की एसटी आरक्षित सीट से बिरखांग बोरा, बिजनी से रजत कांति साहा, भेरगांव से आंचुला गुआरा दैमारी, मजबत से नारायण अधिकारी, हाफलॉन्ग की एसटी रिजर्व सीट से निर्मल लंगथासा और कटिगोरा विधानसभा सीट से अमर चंद जैन कोयर को उम्मीदवार बनाया गया है। घटक कांग्रेस के घटकों की चार सूची होल जारी पार्टी कांग्रेस इससे पहले असम विधानसभा चुनाव के लिए जंगल के जंगलों की चार लिस्ट पहले जारी कर चुकी है। इसके बाद पार्टी ने आज रविवार (22 मार्च, 2026) को 7 असेंबली रिजॉर्ट्स की घोषणा की। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर कहा कि कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति ने असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले चुनाव के लिए 7 समर्थकों को चिन्हित किया है। कांग्रेस के सीईसी ने असम विधान सभा के आगामी चुनावों के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों को कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुना है 👇 pic.twitter.com/lBHoGujobe – कांग्रेस (@INCIndia) 22 मार्च 2026 वामपंथियों को कांग्रेस ने दी उपाधि कांग्रेस ने राज्य में अपनी पार्टी के लिए विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए असम में अपने सहयोगी वामपंथी समर्थकों के साथ नामांकन करने की भी घोषणा की है। कांग्रेस ने दो दिन पहले शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को अपनी चौथी सूची जारी की थी। लिस्ट में पार्टी ने अपने 7 जंगलों के जंगलों की घोषणा की। इसके साथ कांग्रेस ने लेफ्ट को लीज वाली 11 के बारे में जानकारी सार्वजनिक की। कांग्रेस ने असम के मानस, दलगांव, धींग, कालियाबोर, तेजपुर, सिसिबारगांव, मार्गेरिटा, दिगबोई, सिबसागर, मारियानी और बोकाखाट विधानसभा सीटों पर वामपंथी दल को चुनावी मैदान में उतारा है। जबकि असम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और अल्पसंख्यक गौरव गोगोई खुद राज्य के जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले हैं। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को बताया गद्दार तो भड़के शुभेंदु अधिकारी, कहा- ‘वह खुद सांप्रदायिकता’ (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम(टी)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026
MP में LPG संकट…12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को गैस नहीं:छुट्टी वाले दिन अपर प्रमुख सचिव ने सुनी संचालकों की बात; कल कोई ठोस निर्णय लेने की उम्मीद

मध्य प्रदेश में LPG संकट बरकरार है। होटल और रेस्टोरेंट को लगातार 12 दिन से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है। इसे लेकर रविवार को नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया मध्य प्रदेश चैप्टर और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर प्रमुख सचिव रश्मि शमी से मुलाकात की। प्रमुख सचिव शमी ने छुट्टी वाले दिन संचालकों से बात और ऑयल कंपनियों के साथ बैठक भी की। बता दें कि ऑयल कंपनियों की नई गाइडलाइन में 10% कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है, लेकिन सप्लाई के आदेश नहीं आए हैं। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट पर संकट के बादल छाए हुए हैं। वे बंद होने की कगार पर है। भोपाल होटल एवं रेस्तरां संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर सख्त पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर है। जिसके समाधान पर चर्चा की। गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग की और ज्ञापन सौंपा गया है। NRAI प्रतिनिधि अभिषेक बाहेती ने बताया कि कमर्शियल गैस नहीं मिलने की बात से मुश्किलें बढ़ गई हैं। गैस के अभाव में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर बड़ा संकट खड़ा हुआ है। इसे दूर करने की मांग की गई है। भोपाल के 2 हजार होटल में परेशानी एसोसिएशन के अध्यक्ष पाली ने बताया कि भोपाल के होटल, रेस्तरा, ढाबों, खान-पान सेवा आदि रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के अभाव में संचालन व्यवस्था में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि भोपाल के पंजीकृत होटलों और रेस्तरांओं को उनकी वास्तविक परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का एक सीमित कोटा आवंटित किया जाए। प्रत्येक प्रतिष्ठान को आवश्यक रसोई संचालन बनाए रखने और खाद्य सेवाओं में व्यवधान से बचने के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किए जाए। भोपाल में 2 हजार होटल और रेस्टोरेंट है। जहां हालात गंभीर हो गए हैं। केंद्र सरकार के आदेश पर भी नहीं हो रहा अमल मध्य प्रदेश होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि प्रदेश भर के होटल संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि केंद्र के आपूर्ति के आदेश के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जिससे स्थानीय स्तर पर वितरण व्यवस्था ठप पड़ी है। सूरी ने कहा कि हमने सरकार के सामने अपनी मांगे रखी हैं और हमें उम्मीद है कि जल्द से जल्द हमें मदद मिलेगी। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिशन से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। सभी के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सभी होटलों के लिए एक जैसे नियम सही नहीं अध्यक्ष सूरी के अनुसार, संगठन की प्रमुख मांग है कि वर्तमान 20 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए ताकि व्यवसायों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। इसके अलावा उन्होंने एक नया प्रस्ताव भी रखा है कि सभी संस्थानों के लिए आपूर्ति का एक समान नियम नहीं होना चाहिए। होटलों की श्रेणी और उनकी मांग के आधार पर गैस का कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए। बड़े संस्थानों को उनकी खपत के अनुसार अधिक और छोटे संस्थानों को उनके अनुपात में गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही पीएनजी सप्लाई को भी मांग के अनुरूप बढ़ाने की मांग रखी गई है। ये पदाधिकारी रहे मौजूद एनआरएआई के प्रतिनिधि बाहेती ने बताया कि प्रमुख सचिव ने होटल और रेस्टोरेंट को गैस उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। सोमवार तक कोई उचित निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया है। प्रतिनिधिमंडल में सचिन अग्रवाल, दीपेश मोटवानी, श्रीकांत सिंह, अमित बाहेती, गर्वित अग्रवाल, सागर गैरे, विष्णु शर्मा, कुश मनोहर, सपन अरोड़ा, दिनेश डावर, जस्तेज पाली आदि भी मौजूद थे।
40 की उम्र में महिलाओं का कोलेस्ट्रॉल लेवल क्यों होने लगता है गड़बड़? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताई वजह

Last Updated:March 22, 2026, 19:05 IST Menopause and Heart Health: महिलाओं में अक्सर 40 की उम्र के बाद कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या हो जाती है. इसकी वजह हमेशा खराब खान-पान नहीं होती, बल्कि हार्मोनल बदलाव होता है. महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन की कमी होने से कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती हैं. यह हार्मोन हार्ट की सुरक्षा करता है और इसके घटने से रिस्क बढ़ जाता है. एस्ट्रोजन हार्मोन में गिरावट के कारण 40 की उम्र के बाद महिलाओं की हार्ट हेल्थ बिगड़ने लगती है. Cholesterol Spike in Women: महिलाओं की जिंदगी में 40 की उम्र के बाद कई बायोलॉजिकल बदलाव होते हैं. इस समय को पेरिमेनोपॉज कहा जाता है और कुछ साल बाद मेनोपॉज की कंडीशन आ जाती है. मेनोपॉड के बाद महिलाओं की सेहत पूरी तरह बदल जाती है. आमतौर पर इसे केवल रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन असल में इस दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं. मेनोपॉज के बाद मेटाबॉलिज्म, ब्रेन और हार्ट हेल्थ बुरी तरह प्रभावित होती है. यही कारण है कि कई महिलाओं में बिना किसी स्पष्ट वजह के कोलेस्ट्रॉल स्तर में बदलाव देखने को मिलता है. HT की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और फंक्शनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. संजय भोजराज ने एक हालिया पॉडकास्ट में बताया कि 40 की उम्र के आसपास महिलाओं में कोलेस्ट्रॉल का अचानक बढ़ना अक्सर केवल खान-पान या लाइफस्टाइल की वजह से नहीं होता. कई बार इसके पीछे हार्मोनल बदलाव और विशेष रूप से एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट होती है. यह एक ऐसा पहलू है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. अक्सर देखा जाता है कि जिन महिलाओं का बैड कोलेस्ट्रॉल पहले सामान्य रहता था, उनमें अचानक हल्की बढ़ोतरी हो जाती है. ऐसे में अक्सर इसे लाइफस्टाइल से जोड़ देते हैं और मान लेते हैं कि खान-पान या दिनचर्या में बदलाव हुआ होगा. हालांकि हकीकत हार्मोन्स से जुड़ी होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. दरअसल पेरिमेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है. यह हार्मोन लंबे समय तक महिलाओं के हार्ट और धमनियों की रक्षा करता है. जैसे-जैसे इसका स्तर घटता है, यह प्राकृतिक सुरक्षा भी कम होने लगती है. इससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है. यह प्रक्रिया बिना किसी बाहरी संकेत के भी हो सकती है, इसलिए इसे समझना जरूरी है. जब एस्ट्रोजन का सुरक्षात्मक कवर कम होता है, तो हार्ट और ब्लड वेसल्स ज्यादा जोखिम में आ जाती हैं. यही कारण है कि इस उम्र में कोलेस्ट्रॉल और कार्डियोवैस्कुलर रिस्क बढ़ सकता है, भले ही आपकी जीवनशैली पहले जैसी ही क्यों न हो. ऐसे में हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में सामने आती है. डॉ. भोजराज का मानना है कि मेनोपॉज को केवल हॉट फ्लैश या बाल झड़ने जैसे लक्षणों तक सीमित नहीं समझना चाहिए, बल्कि इसे हार्ट हेल्थ के संदर्भ में भी देखना जरूरी है. सही समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेकर HRT पर विचार करना महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह न केवल हार्मोनल संतुलन को सुधारने में मदद करता है, बल्कि दिल की सुरक्षा में भी भूमिका निभा सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 22, 2026, 19:05 IST









