बाल झड़ना और स्कैल्प इंफेक्शन से हैं परेशान? डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताए आसान और असरदार उपाय

बालों का झड़ना, स्कैल्प में इंफेक्शन या गंजेपन के धब्बे आजकल आम समस्याएं बनती जा रही हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन सभी परेशानियों की जड़ अक्सर स्कैल्प की खराब सेहत होती है. अगर स्कैल्प हेल्दी नहीं है, तो बाल कमजोर होने लगते हैं और तेजी से झड़ते हैं. इसी वजह से त्वचा विशेषज्ञ स्कैल्प केयर को उतनी ही अहमियत देने की सलाह देते हैं जितनी स्किन केयर को दी जाती है. डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आकांक्षा संघवी के अनुसार, स्कैल्प की सेहत बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है सही तरीके से बालों की सफाई करना. बहुत ज्यादा बार बाल धोना भी नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे स्कैल्प के नैचुरल ऑयल खत्म हो जाते हैं और बाल सूखे व कमजोर हो जाते हैं. वहीं, बहुत कम धोने से गंदगी, पसीना और ऑयल जमा होकर हेयर फॉल को बढ़ा सकते हैं. इसलिए बालों को अपने स्कैल्प टाइप के अनुसार धोना चाहिए और हमेशा माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. स्कैल्प इंफेक्शन भी बालों के झड़ने का एक बड़ा कारण है. जैसे फॉलिकुलाइटिस में बालों की जड़ों में सूजन और छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं, जो खुजली और दर्द का कारण बनते हैं. ऐसे मामलों में एंटीमाइक्रोबियल शैम्पू या एंटी-इंफ्लेमेटरी लोशन का इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही भारी तेल या गंदगी जमा होने से बचना जरूरी है, क्योंकि इससे स्कैल्प की समस्या और बढ़ सकती है. डॉक्टर यह भी बताते हैं कि बालों की देखभाल हमेशा हल्के हाथों से करनी चाहिए. जोर-जोर से कंघी करना, गीले बालों को रगड़ना या बहुत टाइट हेयरस्टाइल बनाना बालों की जड़ों को कमजोर करता है. खासकर गीले बाल ज्यादा नाजुक होते हैं, इसलिए उन्हें धीरे-धीरे सुलझाना चाहिए. इसके अलावा बार-बार हीट स्टाइलिंग और केमिकल ट्रीटमेंट से भी बालों की गुणवत्ता खराब होती है और बाल टूटने लगते हैं. स्कैल्प हेल्थ सिर्फ बाहर से देखभाल करने से ही नहीं, बल्कि अंदर से भी जुड़ी होती है. सही पोषण बालों के लिए बेहद जरूरी है. शरीर में आयरन, प्रोटीन, विटामिन डी और बी-कॉम्प्लेक्स की कमी होने पर बाल तेजी से झड़ सकते हैं. इसलिए डाइट में हरी सब्जियां, फल, नट्स और प्रोटीन युक्त आहार शामिल करना चाहिए. साथ ही स्ट्रेस भी बाल झड़ने का एक बड़ा कारण है, क्योंकि तनाव बालों के ग्रोथ साइकिल को प्रभावित करता है. एक और अहम बात यह है कि स्कैल्प की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर लंबे समय तक डैंड्रफ, खुजली, लालपन या बाल झड़ने की समस्या बनी रहती है, तो खुद इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. डॉक्टर के अनुसार, खुद से अनुमान लगाकर इलाज करने से समस्या और बढ़ सकती है, जबकि सही जांच के बाद ही सही उपचार मिल पाता है.
केरल में बीजेपी ने जारी की चौथी लिस्ट, सिर्फ एक जिओबोल का ऐलान, जानिए कौन है वो?

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने चौथी सूची जारी की है। इसमें एक अभ्यर्थी का नाम जारी किया गया है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए एडवोकेट एस. स्मिता को असुविधा बनी है. घरेलू वर्कशॉप सीट से वेबसाइट ने टिकट दिए हैं। कौन हैं एस. स्मिता? वकील एस स्मिता केरल में कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) में रह चुके हैं। हाल ही में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था. अब बीजेपी ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव में एडवोकेट एस.एस. स्मिता ने अप्रैल में वर्कशॉप सीट से अपना कैंडिडेट बनाया है, जो 2026 में होने वाले हैं। तीसरी सूची में 11 केश का विनाश इससे पहले 21 मार्च को बीजेपी ने केरल विधानसभा चुनाव के लिए 11 क्यूबिक की अपनी तीसरी लिस्ट जारी की थी। पार्टी ने तिरुवंतपुरम से कर्मना जैन को उम्मीदवार बनाया है। पुथुपल्ली से रवींद्रनाथ वकथानम को, चवारा से के आर राजेश को, चदायमंगलम से आरएस अरुण राज को और पीरुमाडे सीट से वी रतीश चुनाव मैदान में उतरेंगे। विवेक गोपन को अरुविक्करा सीट, टी एन सुरेश को कोवलम और एसशेखरन नायर को नैयट्टिनकारा सीट से राज उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने मावेलिकरा सीट से अजिमोन, चिरयिनकीझू से बी एस एस अनूप और अदूर सीट से अनंतम प्रतापन को प्रतियोगी बनाया है। केरल में कब होगा विधानसभा चुनाव? केरल में 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में वोटिंग होगी, जबकि 140 विधानसभा वाले राज्य में किस दल की सरकार होगी, इसका फैसला वहां के कुल 2.71 करोड़ होंगे। चुनाव 20 फरवरी को तैयार और जारी किया जाएगा, अंतिम मतदाता सूची के आधार पर, जिसमें विशेष गहन संशोधन के बाद तैयारी की गई है। चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक आश्रमों ने नामांकन तेज कर दिया है। अत्यंत कठिन प्रतियोगिता होने की संभावना है।
हर वक्त थकान से हो जाता है बुरा हाल? शरीर में बिगड़ गया हार्मोन्स का बैलेंस, ये संकेत न करें नजरअंदाज

Hormones Disrupt Energy and Sleep: जब आप रात में अच्छी तरह नहीं सो पाते हैं, तब अगले दिन थकान महसूस होती है. यह एक कॉमन बात है और पर्याप्त नींद लेने के बाद समस्या दूर हो जाती है. कई बार लोग रात में 7-8 घंटे की पूरी नींद और अच्छी डाइट लेने के बावजूद दिनभर थकान की शिकायत करते हैं. कई बार एनर्जी लेवल स्तर इतना कम रहता है कि छोटे-छोटे काम भी मुश्किल लगने लगते हैं. यह कंडीशन अक्सर आलस या अनुशासन की कमी नहीं होती, बल्कि शरीर के भीतर चल रहे किसी बायोलॉजिकल असंतुलन का संकेत हो सकती है. खासतौर पर हार्मोनल असंतुलन लगातार थकान का बड़ा कारण है. नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉ. सप्तर्षि भट्टाचार्य ने TOI की रिपोर्ट में बताया हमारे शरीर में कोर्टिसोल, थायराइड, इंसुलिन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन एनर्जी बैलेंस को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. ये हार्मोन संदेशवाहकों की तरह काम करते हैं और दिनभर शरीर की एनर्जी जरूरतों को कंट्रोल करते हैं. शरीर में जब इनका संतुलन बिगड़ जाता है, तो शरीर का एनर्जी सिस्टम अनस्टेबल हो जाता है. इसका परिणाम यह होता है कि व्यक्ति पूरी नींद लेने के बाद भी थका हुआ महसूस करता है और दिन के दौरान एनर्जी अचानक गिरने लगती है. हार्मोनल असंतुलन का एक कॉमन लक्षण वायर्ड बट टायर्ड की स्थिति है. इसमें दिमाग सक्रिय रहता है, लेकिन शरीर पूरी तरह थका हुआ महसूस करता है. यह समस्या मुख्य रूप से कोर्टिसोल हार्मोन के असंतुलन से जुड़ी होती है. कोर्टिसोल सुबह अधिक और रात में कम होना चाहिए, लेकिन जब इसका चक्र बिगड़ जाता है, तो शरीर लगातार तनाव की स्थिति में बना रहता है. इससे रात में नींद प्रभावित होती है और सुबह उठने पर भी शरीर तरोताजा महसूस नहीं करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. यह थकान केवल शारीरिक नहीं होती, बल्कि मानसिक स्तर पर भी असर डालती है. इससे ब्रेन फॉग की कंडीशन पैदा हो जाती है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है, सोचने की गति धीमी हो जाती है और सामान्य कार्यों में भी भ्रम महसूस होता है. इसमें थायराइड हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. जब थायराइड का स्तर असंतुलित होता है, तो ब्रेन फंक्शन प्रभावित होता है. इसे लोग अक्सर सामान्य थकान या ध्यान की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. इंसुलिन हार्मोन के असंतुलन से भूख और खाने की आदतों में भी बदलाव आता है. अचानक मीठा या जंक फूड खाने की तीव्र इच्छा होना, फिर ऊर्जा का तेजी से बढ़ना और गिरना, इस असंतुलन के संकेत हो सकते हैं. इसके अलावा बिना वजह के वजन बढ़ना या प्रयास के बावजूद वजन कम न होना भी हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत है. ऐसी स्थिति में शरीर एनर्जी को खर्च करने के बजाय उसे फैट के रूप में जमा करने लगता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है. हार्मोनल बदलावों का असर हमारे मूड और भावनाओं पर भी पड़ता है. कोर्टिसोल और एस्ट्रोजन के इंबैलेंस से चिड़चिड़ापन, चिंता और प्रेरणा की कमी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. ऐसी थकान को केवल आराम या अधिक मेहनत से ठीक नहीं किया जा सकता. जरूरी है कि हम अपने शरीर के संकेतों को समझें और उन्हें नजरअंदाज न करें. अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो किसी डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है, ताकि सही कारण का पता लगाकर ट्रीटमेंट किया जा सके.
बेटे-बहू ने सास-ससुर को डंडों से पीटा:अस्पताल में भर्ती महिला बोली- हमें अधमरा कर दिया, रिपोर्ट तो करेंगे

छतरपुर में पारिवारिक विवाद के चलते बहू और बेटे ने अपने ही माता-पिता पर हमला कर दिया। इस मारपीट में 60 वर्षीय आशा वाल्मीकि और उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। दोनों घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल आशा वाल्मीकि ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने कुछ साल पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही बहू का व्यवहार परिवार के प्रति ठीक नहीं था। आशा के अनुसार, बहू दहेज में कुछ नहीं लाई थी, लेकिन अब घर और संपत्ति में हिस्सा मांग रही है। महिला बोली- पति बीमार रहते हैं, खुद मेहनत करने चली जाती आशा ने बताया कि उनके पति बीमार रहते हैं, और वह स्वयं मेहनत कर घर चलाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बहू घर के काम में सहयोग नहीं करती और अक्सर विवाद करती रहती है। बीती रात यह विवाद इतना बढ़ गया कि बहू ने अपने पति के साथ मिलकर सास-ससुर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। सिर, हाथ-पैर में आई चोट इस हमले में आशा वाल्मीकि के सिर, आंख, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उनके पति का हाथ टूट गया है। मारपीट के बाद दोनों घायल सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल पीड़िता ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन उन्होंने बेटे और बहू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि अक्सर पारिवारिक मामलों में लोग शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं। हालांकि, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘डकैत’ में दिखेगी एंग्री लव स्टोरी:अदिवि शेष ने कहा- इंडियन सोल और अमेरिकन टेक्नीक का मेल है ये फिल्म

अदिवि शेष जल्द ही ‘डकैत: ए लव स्टोरी’ में नजर आने वाले हैं। फिल्म में उनके साथ मृणाल ठाकुर भी हैं। अदिवि ने दैनिक भास्कर से बातचीत की- यह प्रेम कहानी होने के बावजूद आपने शीर्षक ‘डकैत’ क्यों चुना? फिल्म का विचार हमारे सिनेमाई जुनून और पुरानी यादों का मेल है। मैं और मेरे करीबी दोस्त व निर्देशक शनि, हम दोनों ही ‘द मैग्निफिसेंट सेवन’ और ‘द गुड, ‘द बैड एंड द अग्ली’ जैसी क्लासिक काउबॉय फिल्मों के प्रशंसक रहे हैं। काफी समय से मेरा मन एक प्रेम कहानी पर काम करने का था, लेकिन मैं उसे पारंपरिक रूप में नहीं देखना चाहता था। हमने सोचा, क्या होगा अगर तपते रेगिस्तान, रेल की पटरियों, बंदूकों और खून-खराबे के उस खौफनाक काउबॉय माहौल के बीच एक ‘एंग्री लव स्टोरी’ बुनी जाए? बस, इसी कल्पना ने ‘डकैत’ को जन्म दिया। यह असल में डकैती के हिंसक बैकड्रॉप में रची गई एक ऐसी प्रेम कहानी है, जहां दो किरदारों के बीच प्यार और नफरत का एक बेहद बारीक और गहरा संघर्ष चलता है। क्या लीड पेयर पूरी तरह से डकैती से जुड़ा है? देखिए जब माहौल ही इतना कठोर हो, तो किरदारों को भी उसी रंग में ढलना पड़ता है। यही वजह है कि यह कहानी एक बिल्कुल अलग और यूनिक संयोजन बनकर सामने आई है। आमतौर पर दर्शक या तो पूरी तरह एक्शन से भरी फिल्म देखते हैं, या फिर एक ऐसी प्रेम कहानी, जहां भावनाएं आंसुओं और गीतों में बहती हैं। लेकिन हमने इस सोच को थोड़ा मोड़ा। हमने तय किया कि इस बार प्यार की बात तो होगी, लेकिन उस नरम, मासूम अंदाज में नहीं, बल्कि गुस्से, टकराव और तीखे जज्बातों के साथ। यानी यह एक ऐसी प्रेम कहानी है, जहां भावनाएं दबी नहीं रहती, बल्कि खुलकर, तेज और कभी-कभी चिल्लाते हुए सामने आती हैं। इस फिल्म में आपने प्यार का कौन सा अनछुआ पहलू छुआ है? फिल्म ‘डकैत’ की प्रेम कहानी पारंपरिक सामाजिक संघर्षों, जैसे जाति, धर्म या अमीरी-गरीबी तक सीमित नहीं है। इसका केंद्र किरदारों की आंतरिक संवेदनाएं और उनके निजी अनुभव हैं। यहां प्रेम को एक बेहद व्यक्तिगत एहसास की तरह दिखाया गया है, जो माता-पिता और संतान के रिश्ते जितना गहरा हो सकता है। जब भावनाएं इतनी निजी हो जाती हैं, तो उनका प्रभाव भी अनोखा बनता है। कहानी इस बात को टटोलती है कि कोई रिश्ता क्यों खास बनता है और टूटने पर भीतर क्या बदल जाता है, यही इसकी असली ताकत है। ‘ एक्शन और इसकी कोरियोग्राफी आपके लिए कैसी रही? मैं अपनी एक्शन कोरियोग्राफी के लिए जाना जाता हूं। मैं नियमित रूप से ‘मास’ फिल्में नहीं करता, बल्कि मुझे ‘हाइपर-रियल’ एक्शन पसंद है, जो दिखने में असली भी लगे और ग्लैमरस भी। अगर मेरी फिल्म में कोई बंदा हवा में उड़ रहा है, तो उसके पीछे एक तार्किक कारण होना चाहिए। इस फिल्म के निर्देशक सुनील, जो मेरे बहुत अच्छे दोस्त भी हैं, उन्होंने सिनेमैटोग्राफी की थी। वह अब डायरेक्टर बन गया है। हम दोनों की एक्शन को लेकर जो अमेरिकन सेंसिबिलिटी है, उसे हम इस फिल्म में लेकर आए हैं। हॉलीवुड की तकनीक और जिस तरह से वे एक्शन को कट और डायरेक्ट करते हैं, हमने उसे इस्तेमाल किया है। आप इसे इंडियन सोल और अमेरिकन टेक्नीक का मेल कह सकते हैं। अनुराग कश्यप से इस प्रोजेक्ट को लेकर पहली बार कब बात हुई? मेरे दोस्त शोभिता धुलिपाला और नागा चैतन्य की शादी का मौका था, जहां अनुराग कश्यप भी मौजूद थे। मैंने मौका देखते ही अनुराग सर का हाथ पकड़ा और उसी माहौल में उन्हें ‘डकैत’ की कहानी सुनानी शुरू कर दी। शादी के जश्न के बीच ही मैंने उन्हें फिल्म के लिए पिच किया और इसी तरह वे हमारे इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बन गए।
साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराया:चौथे टी-20 में एस्टरहुइजन की फिफ्टी, कूट्जी ने 3 विकेट लिए; सीरीज 2-2 से बराबर

वेलिंगटन में खेले गए चौथे टी-20 में साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराकर सीरीज 2-2 से बराबर कर ली। पांचवां मैच हेग्ले ओवल में 25 मार्च को खेला जाएगा। रविवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 20 ओवर में 164/5 का स्कोर बनाया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 18.5 ओवर में 145 रन पर ऑलआउट हो गई। एस्टरहुइजन के 57 रन साउथ अफ्रीका के लिए कॉनर एस्टरहुइजन ने 36 गेंद में 57 रन की पारी खेली। उनके अलावा रुबिन हरमन ने नाबाद 28 रन जोड़े। अंत में जॉर्ज लिंडे ने तेज 14 रन बनाकर टीम को 160 के पार पहुंचाया। न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन ने शुरुआत में विकेट मेडेन डालकर दबाव बनाया। बाद में बेन सीयर्स ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और आखिरी ओवर में सिर्फ 2 रन दिए। न्यूजीलैंड की तेज शुरुआत लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड को टिम रॉबिन्सन और डेब्यू कर रहे कैटेन क्लार्क ने तेज शुरुआत दिलाई। पावरप्ले में टीम ने 63/2 का स्कोर बना लिया था। रॉबिन्सन ने 32 रन बनाए, जबकि डेन क्लेवर ने भी कुछ अच्छे शॉट लगाए। साउथ अफ्रीका ने लगातार 3 विकेट लिए मध्य ओवर में साउथ अफ्रीका ने मैच पर पकड़ बना ली। टीम ने लगातार विकेट लेकर न्यूजीलैंड को 96/5 पर रोक दिया। प्रेनेलन सुब्रायन ने क्लेवर और बेवन जैकब्स को आउट किया, जबकि ओटनील बार्टमैन और केशव महाराज ने भी अहम विकेट लिए। आखिरी ओवरों में न्यूजीलैंड की कोशिशें जारी रहीं, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। जेराल्ड कूट्जी ने 3 विकेट लेकर जीत पक्की की और 19वें ओवर में आखिरी विकेट लेकर मैच खत्म किया। ——————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें कोहली ने लंदन के लिए चार्टर्डफ्लाइट वाली खबर को नकारा RCB से ऐसी कोई डिमांड नहीं की; इंस्टाग्राम पर हंसने वाली इमोजी लगाई IPL 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज विराट कोहली ने लंदन आने-जाने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट मांगने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताते हुए इंस्टाग्राम पर हंसने वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी। पढ़ें पूरी खबर…
कोहली ने लंदन के लिए चार्टर्ड-फ्लाइट वाली खबर को नकारा:RCB से ऐसी कोई डिमांड नहीं की; इंस्टाग्राम पर हंसने वाली इमोजी लगाई

IPL 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज विराट कोहली ने लंदन आने-जाने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट मांगने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताते हुए इंस्टाग्राम पर हंसने वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी। पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा जोरों पर थी कि कोहली ने RCB मैनेजमेंट के सामने एक खास शर्त रखी है। इन रिपोर्ट्स में कहा गया था कि अगर दो मैचों के बीच 3 दिन से ज्यादा का गैप होता है, तो कोहली चार्टर्ड फ्लाइट से लंदन अपने परिवार के पास जाएंगे और मैच से पहले वापस लौट आएंगे। इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की रिपोर्ट, लाफिंग इमोजी लगाई विराट कोहली ने इन दावों वाली एक न्यूज रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट अपनी स्टोरी पर शेयर किया और साथ में लाफिंग इमोजी (हंसने वाली इमोजी) लगाई। कोहली पिछले कुछ समय से अपने परिवार के साथ लंदन में ही वक्त बिता रहे हैं। 28 मार्च को पहला मैच हैदराबाद से IPL 2026 का आगाज 28 मार्च से होगा, जहां डिफेंडिंग चैंपियन टीम बेंगलुरु में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलेगी। पिछले सीजन में पहली बार खिताब जीतने वाली RCB इस बार भी कोहली के बल्ले से रनों की बारिश की उम्मीद कर रही है। कोहली 18 सालों से इसी फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े हुए हैं। IPL में 9,000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन सकते हैं इस सीजन में विराट कोहली कई बड़े कीर्तिमान अपने नाम कर सकते हैं। वे IPL इतिहास में 9,000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बनने की दहलीज पर हैं। वर्तमान में कोहली के नाम 267 मैचों में 8,661 रन दर्ज हैं, जिसमें 8 शतक और 63 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा, वे किसी एक टी-20 टीम (RCB) के लिए 10,000 रन (IPL और चैंपियंस लीग मिलाकर) पूरे करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी भी बन सकते हैं। अभी उनके नाम 282 मैचों में 9,085 रन हैं। 14,000 रनों के क्लब में शामिल होने का मौका विराट कोहली टी-20 फॉर्मेट के ओवरऑल रिकॉर्ड्स में भी बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। वे टी-20 क्रिकेट में 14,000 रन बनाने वाले पांचवें बल्लेबाज बन सकते हैं। अब तक केवल क्रिस गेल (14,562), कीरोन पोलार्ड (14,482), एलेक्स हेल्स (14,449) और डेविड वॉर्नर (14,028) ही इस आंकड़े तक पहुंच पाए हैं। कोहली के अभी 414 मैचों में 13,543 रन हैं। पिछले सीजन में भी रहा था शानदार प्रदर्शन IPL 2025 में भी विराट कोहली का बल्ला खूब चला था। उन्होंने 15 पारियों में 54.75 की औसत और 144.71 की स्ट्राइक रेट से 657 रन बनाए थे। वे अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे और पूरे टूर्नामेंट में तीसरे स्थान पर थे। ———————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… आकाश दीप IPL 2026 से बाहर हुए KKR के पेसर इंजरी के कारण नहीं खेलेंगे; मेगा ऑक्शन में एक करोड़ में खरीदा था कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को IPL 2026 से पहले एक और झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज आकाश दीप पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। शनिवार को क्रिकेट वेबसाइट क्रिकबज को फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। पूरी खबर
मंडला जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी:पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी ली, मेल दक्षिण भारतीय भाषा में आया

मंडला जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद रविवार को पूरे शहर में हड़कंप मच गया। यह धमकी कोर्ट की ऑफिशियल मेल आईडी पर एक अनजान ईमेल के जरिए भेजी गई थी। खबर मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ता (BDDS) तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को घेरकर तलाशी शुरू कर दी। थाना प्रभारी शफीक खान के मुताबिक, धमकी भरा यह ईमेल दक्षिण भारतीय भाषा में लिखा गया है। पुलिस की विशेष टीमें और बम निरोधक दस्ता कोर्ट के चप्पे-चप्पे की बारीकी से जांच कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वहां आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है। साइबर सेल कर रही है मेल की जांच एसडीओपी पीयूष मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। अब तकनीकी तौर पर ईमेल का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मेल आखिर कहां से और किसने भेजा है। पुलिस का कहना है कि अगर कोई भी संदिग्ध चीज मिलती है, तो तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘कांग्रेस बनाम कांग्रेस’: गौरव गोगोई ने दलबदलुओं पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया, कहा कि असम में कोई बीजेपी नहीं बची | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:22 मार्च, 2026, 15:37 IST यह टिप्पणी 9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से हाई-प्रोफाइल लोगों के बाहर निकलने के बाद आई है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (बाएं) और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई (दाएं)। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) असम कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई ने प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य में कोई भाजपा नहीं बची है क्योंकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पूर्व कांग्रेसियों के एक समूह का नेतृत्व करने की तैयारी कर रहे हैं जो पार्टी में शामिल हो गए हैं। यह टिप्पणी 9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से हाई-प्रोफाइल लोगों के बाहर निकलने के बाद आई है। गौरव गोगोई ने माजुली में कांग्रेस उम्मीदवार डॉ इंद्रनील पेगु के लिए प्रचार करते हुए मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “हमारे सामने जो खड़ा है वह हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली कांग्रेस है; यह केवल भाजपा का टैग रखती है। जिन नेताओं ने तरुण गोगोई के कार्यकाल के दौरान गलत काम किया, वे अब भाजपा में हैं। यह चुनाव तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस और हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली कांग्रेस के बीच लड़ाई होगी।” गोगोई ने कहा कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा अब केवल बीजेपी लेबल के तहत कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने अपने पिता, कांग्रेस के कद्दावर नेता और असम के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले अपने पिता का जिक्र करते हुए कहा, “असम में अब कोई भाजपा नहीं है। हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा लेबल वाली कांग्रेस मौजूद है। उनके नेतृत्व में, कुछ पूर्व कांग्रेस नेता अपने और अपने परिवार के हितों के लिए चुनाव लड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, जो वाजपेयी भवन में एकत्र हुए हैं। दूसरी ओर, हम तरूण गोगोई के आदर्शों से प्रेरित कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हैं।” विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने कुछ बड़े नेताओं को बाहर होते देखा है। पिछले महीने, पूर्व राज्य कांग्रेस प्रमुख भूपेन बोराज भाजपा में चले गए। और अभी हाल ही में, लोकसभा सांसद और पूर्व राज्य मंत्री प्रद्युत बोरदोलोई भाजपा में शामिल हो गए। कथित तौर पर गौरव गोगोई के नेतृत्व वाले राज्य नेतृत्व के साथ दलबदलू नेताओं का टकराव चल रहा था। लोकसभा सांसद और असम में कांग्रेस के प्रमुख नेता गोगोई ने कहा, “असम में कांग्रेस सरकार के दौरान, कुछ नेता और मंत्री जिनके कार्यों ने तरुण गोगोई की सरकार की छवि खराब की थी, अब (राज्य भाजपा मुख्यालय) वाजपेयी भवन में इकट्ठे हुए हैं, मंत्री और विधायक के रूप में पद की मांग कर रहे हैं। हम एक ऐसी कांग्रेस के साथ खड़े हैं जो तरुण गोगोई के आदर्शों के साथ आगे बढ़ती है, जहां लोग नए चेहरों को उभरते हुए देख रहे हैं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावों में विजयी होगी। उन्होंने कहा, “इस बार हम नए चेहरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऊपरी असम में विपक्षी दलों के बीच काफी एकता है, जिससे मुझे आशा है कि असम में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार बनेगी। इस बदलाव के पहले संकेत ऊपरी और उत्तरी असम में दिखाई देंगे, जहां हमें बेहतर परिणाम की उम्मीद है।” असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। पहले प्रकाशित: 22 मार्च, 2026, 15:37 IST समाचार राजनीति ‘कांग्रेस बनाम कांग्रेस’: गौरव गोगोई ने दलबदलुओं पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया, कहा कि असम में कोई बीजेपी नहीं बची है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव(टी)असम कांग्रेस(टी)गौरव गोगोई(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम में बीजेपी(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी असम(टी)तरुण गोगोई विरासत(टी)असम की राजनीति 2026
फुटबॉल क्लब चेल्सी ने शुरू की ‘बॉल-हडल’ की नई परंपरा:खिलाड़ियों को डांस करने, घास पर चलने जैसी प्री-मैच रस्मों से मिलती है ऊर्जा; इन्हें साथ करें तो पूरी टीम में आती है एकाग्रता

फुटबॉल मैदान पर इन दिनों इंग्लिश क्लब चेल्सी का एक नया तरीका सुर्खियों में है। मैच शुरू होने से ठीक पहले खिलाड़ी मैदान के बीचों-बीच रखी गेंद के चारों ओर एक गोल घेरा (हडल) बनाते हैं। मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व दिग्गज गैरी नेविले को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। उनका मानना है कि फैंस इन हरकतों से बेवकूफ नहीं बनेंगे, वे केवल खेल देखते हैं। हालांकि चेल्सी के कोच लियाम रोसेनियोर का नजरिया अलग है। उनका कहना है कि यह घेरा बनाने का फैसला उनका नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के लीडरशिप ग्रुप का था। टीम इसके जरिए अपनी एकजुटता दिखाना चाहती है और ‘गेंद का सम्मान’ करना चाहती है। प्री-मैच रस्में नई बात नहीं खेल जगत में प्री-मैच रस्में (मैच से पहले की आदतें) नई बात नहीं हैं। जीत और हार के बीच के फासले को कम करने के लिए टीमें ऐसे तरीके अपनाती हैं। 2019 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल से पहले ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर ने अपनी टीम को एजबेस्टन के मैदान पर नंगे पैर घास पर चलने को कहा था। उनका मानना था कि इससे खिलाड़ियों को धरती से ‘सकारात्मक ऊर्जा’ मिलती है। वहीं, लिवरपूल के पूर्व मैनेजर जुर्गन क्लॉप मैच से पहले वॉर्म-अप के दौरान मैदान के बीच खड़े होकर विपक्षी टीम को घूरते थे, ताकि विरोधी खिलाड़ियों की शारीरिक भाषा और कमियों को समझ सकें। रग्बी में भी इसके उदाहरण रग्बी में भी इसके दिलचस्प उदाहरण हैं। 2003 में इंग्लैंड के कप्तान मार्टिन जॉनसन अपनी टीम को लेकर विपक्षी टीम आयरलैंड के ‘रेड कार्पेट’ वाले हिस्से पर खड़े हो गए और हटने से साफ इनकार कर दिया। इस जिद ने इंग्लैंड की टीम में जबरदस्त जोश भर दिया। इसका असर मैच के दौरान खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में साफ दिखा और उन्होंने मैच एकतरफा अंदाज में जीत लिया। ‘हाका’ डांस पूरी दुनिया में मशहूर दूसरी ओर, न्यूजीलैंड की रग्बी टीम का पारंपरिक ‘हाका’ डांस पूरी दुनिया में मशहूर है, जो विरोधी टीम को खुली चुनौती देता है। खेल मनोवैज्ञानिक जमील कुरैशी मानते हैं कि इन रस्मों का खिलाड़ियों पर गहरा असर होता है। चेल्सी का ‘गेंद के प्रति सम्मान’ इस बात का प्रतीक है कि खिलाड़ी उन चीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो उनके नियंत्रण में हैं। जीत की नींव रखने वाला मनोवैज्ञानिक हथियार मैच से पहले एक जैसी रूटीन अपनाने से दिमाग एकाग्र होता है। पूर्व रग्बी खिलाड़ी विल ग्रीनवुड का भी मानना है कि जब पूरी टीम मिलकर ऐसा करती है, तो यह सामूहिक ताकत बन जाती है। जाहिर है, सिर्फ गेंद के चारों ओर खड़े होने या नंगे पैर घास पर चलने से कोई टीम मैच नहीं जीत सकती, लेकिन अगर खिलाड़ी इन रस्मों पर पूरी तरह विश्वास करते हैं, तो यह कोई दिखावा नहीं, बल्कि जीत की नींव रखने वाला एक मजबूत मनोवैज्ञानिक हथियार बन सकता है।









