‘वाटरगेट’ के नायक बटरफील्ड का निधन:इनके विस्फोटक सच ने अमेरिकी राष्ट्रपति निक्सन की कुर्सी हिला दी थी; पहली बार किसी राष्ट्रपति को देना पड़ा था इस्तीफा

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की सत्ता गिराने में अहम रोल निभाने वाले वाइट हाउस के पूर्व अधिकारी (डिप्टी असिस्टेंट टू द प्रेसिडेंट) अलेक्जेंडर बटरफील्ड का 99 की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 1973 में अमेरिकी सीनेट के सामने गवाही देते हुए ‘वाटरगेट जासूसी कांड’ का खुलासा किया और बताया कि वाइट हाउस में बातचीत रिकॉर्ड करने वाला गुप्त टेप सिस्टम मौजूद है। दरअसल, 1972 में वाटरगेट कॉम्प्लेक्स में डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी में जासूसी करते 5 लोग पकड़े गए। इनके संबंध निक्सन की पार्टी से जुड़े थे। दबाव बढ़ने पर 1974 में निक्सन को इस्तीफा देना पड़ा। ऐसा करने वाले वह पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने। पढ़िए अलेक्जेंडर की गवाही की वो कहानी… 2 साल से चल रही रिकॉर्डिंग में जासूसी छिपाने की बातें भी दर्ज जांच में जब राष्ट्रपति के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिल रहे थे, तभी बटरफील्ड की गवाही ने मामला पलट दिया। सीनेट के वकील ने पूछा कि क्या ओवल ऑफिस में रिकॉर्डिंग डिवाइस है। बटरफील्ड ने जवाब दिया, ‘हां, वहां टेप मौजूद है।’ उन्होंने बताया कि निक्सन के आदेश पर लगातार टेप दो साल से ओवल ऑफिस समेत अन्य जगहों पर सभी बातचीत व फोन कॉल रिकॉर्ड करता था। यह आवाज से सक्रिय होकर राष्ट्रपति, सहयोगियों, कांग्रेस नेताओं की बात सहेजकर रखता था। इसमें जासूसी छिपाने से जुड़ी बातें भी दर्ज थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से खुले टेप, महाभियोग के डर से दिया इस्तीफा घटना के बाद अमेरिकी राजनीति में तूफान सा आ गया। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जब ये टेप सार्वजनिक हुए, तो निक्सन बेनकाब हो गए। स्थिति महाभियोग तक पहुंचती उससे पहले ही डर से निक्सन ने इस्तीफा दे दिया। बटरफील्ड निक्सन के चीफ ऑफ स्टाफ के पुराने दोस्त थे। उन्होंने ही वाइट हाउस में सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर यह रिकॉर्डिंग सिस्टम लगवाया था। बटरफील्ड ने बाद में माना कि उन्होंने भारी मन से गवाही दी, लेकिन वे राष्ट्रपति के झूठ के साथ नहीं रह सकते थे। निक्सन के विदाई भाषण पर उन्होंने कहा था ‘इंसाफ की जीत हुई है, मैं भीतर से इस बात को लेकर बेहद खुश था।’ बतौर पायलट युद्ध में दुश्मन की मिसाइल से बचे थे बटरफील्ड बटरफील्ड का जन्म 6 अप्रैल 1926 को फ्लोरिडा में हुआ था। वाइट हाउस जाने से पहले वह अमेरिकी एयरफोर्स में पायलट थे। वे 21 साल तक सेवाएं दे चुके थे। 1955 में वियतनाम युद्ध के दौरान उन्होंने कई खतरनाक मिशनों को अंजाम दिया। उस दौरान 98 कॉम्बैट मिशन उड़ाए। उन्हें वायु सेना का सर्वोच्च सम्मान ‘डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस’ मिला था। एक बार उनका विमान लगभग दुश्मन की मिसाइल की जद में आ गया था, लेकिन उनकी सूझबूझ ने उन्हें बचा लिया था। यही नहीं राष्ट्रपति रहते निक्सन के पास तीन कुत्ते थे। जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी बटरफील्ड को दी गई थी।
आसाराम ने रामलला का VIP दर्शन किया:अति विशिष्ट शंकराचार्य द्वार से 3 वाहनों के काफिले के साथ पहुंचा, हनुमानगढ़ी की सीढ़ियां नहीं चढ़ सका

अयोध्या पहुंचे नाबालिग से रेप केस में सजायफ्ता आसाराम ने बुधवार को रामलला का दर्शन किया। 3 वाहनों का काफिला आदि शंकराचार्य द्वार से राम मंदिर के अंदर पहुंचा। उसे विशिष्ट मेहमान की तरह रामलला का दर्शन कराया गया। हनुमानगढ़ी की सीढ़ियां अधिक होने के कारण वे वहां दर्शन करने नहीं जा सका। राममंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल जी ने आसराम को राम मंदिर के बारे में बताया। मंदिर निर्माण की जानकारी दी। आसाराम ने करीब 10 मिनट तक रामलला का दर्शन किया। इस दौरान रामलला की मोहिनी सूरत को अपलक निहारता रहा। मंदिर के सोने के दरवाजों और दीवारों पर उकेरी गई कलाकृतियों सहित मंदिर की भव्यता को निहारा। करीब 30 मिनट तक राममंदिर में बिताने के लक्ष्मण किला वापस आ गया। अयोध्या के बाद उसका अगला पड़ाव क्या होगा, इसकी जानकारी देने से सेवादार बच रहे हैं। जिस गेट से पीएम-सीएम को एंट्री, उसे से प्रवेश आसाराम को जिस आदि शंकराचार्य गेट से अंदर जाने की अनुमति मिली है, उससे केवल वीआईपी ही जाते हैं। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री इसी गेट से जाते हैं। बाकी श्रद्धालुओं को दूसरे गेट से एंट्री मिलती है। बिना राम मंदिर ट्रस्ट पुलिस और प्रशासन की अनुमति के कोई भी वहां वहां प्रवेश नहीं करता है। आसाराम के साथ 6 लोग दर्शन करने पहुंचे। जमानत पर 6 महीने के लिए जेल से बाहर दरअसल आसाराम मंगलवार शाम को ही अयोध्या पहुंचा है। वह सरयू तट पर घूमा। इस दौरान तमाम लोग उसके सामने हाथ जोड़ते नजर आए। इसी कड़ी में बुधवार की सुबह रामलला का दर्शन किया। आसाराम लक्ष्मण किला में रुका है। सरयू तट स्थित इस आचार्य पीठ में आसाराम का आवास भी सरयू के बेहद करीब है। आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को 6 महीने की जमानत दी थी। इसके आधार पर 6 नवंबर को आसाराम को गुजरात हाई कोर्ट से भी 6 महीने की अंतरिम जमानत मिल गई थी। गुजरात हाईकोर्ट में आसाराम की ओर से जमानत की याचिका पर सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को 6 महीने के लिए जमानत दी है। वे हृदय से संबंधित बीमारी से पीड़ित हैं। सरयू तट पर 300 मीटर तक पैदल घूमा आसाराम मंगलवार दोपहर 3 बजे झुनकी घाट से सद्गुरु कुटी तक पैदल घूमा। फिर कार से लक्ष्मण किला गया। यहां पर आराम किया। शाम करीब 6 बजे लक्ष्मण किला से बाहर निकला। यहां से सरयू तट पहुंचा। करीब 300 मीटर तक पैदल घूमा। इस दौरान उसके अनुयायियों ने उनके पैर छुए। अयोध्या में आसाराम ने कहा- भारत में कई ऐसे तीर्थ स्थान हैं, जहां प्राण त्यागने या जाने मात्र से मनुष्य का कल्याण होता है। शास्त्रों में सात मोक्षदायी स्थान बताए गए हैं। इनमें अयोध्या, मथुरा, माया (हरिद्वार), काशी, कांची, अवंतिका और पुरी हैं। मानव शरीर में वात, कफ और पित्त तीन दोष होते हैं और तीर्थ स्थलों पर जाने से इन दोषों का प्रभाव कम होता है। शास्त्रों में अयोध्या को पहला स्थान है। मथुरा में रहने वाला व्यक्ति चाहे साधु के वेश में रहा हो, लेकिन साधु का दायित्व न निभाया हो, फिर भी वहां मृत्यु होने पर उसे नरक नहीं जाना पड़ता है। अब पढ़िए आसाराम को उम्रकैद क्यों हुई… भूत-प्रेत का साया बताकर लड़की से आश्रम में रेप किया यूपी में शाहजहांपुर में रहने वाला एक परिवार आसाराम का अनुयायी था। परिवार की नाबालिग लड़की आसाराम के छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) स्थित आश्रम में 12वीं की पढ़ाई कर रही थी। साल-2013 की बात है। एक दिन लड़की क्लास में बेहोश हो गई। बाबा के साधक ने उस पर भूत-प्रेत का साया बताया और कहा कि इसका इलाज आसाराम बापू ही करेंगे। इसके बाद 14 अगस्त, 2013 को लड़की को छिंदवाड़ा से करीब 1 हजार किलोमीटर दूर जोधपुर के मनई आश्रम में ले जाया गया। 15 अगस्त, 2013 की रात कुटिया में रसोइया एक गिलास दूध लेकर आया। इसके बाद आसाराम ने लड़की से रेप किया। इस वारदात के 5 दिन बाद यानी 20 अगस्त, 2013 को पीड़ित लड़की ने दिल्ली पुलिस में FIR दर्ज कराई। इसमें पीड़ित लड़की ने बताया कि आसाराम ने उससे ओरल सेक्स करने को कहा और गलत तरीके से भी छुआ। दिल्ली के निर्भया रेप केस की वजह से उस वक्त तक रेप-छेड़खानी के नए कानून लागू हो चुके थे। इसलिए आसाराम पर नए कानून के तहत कठोर धाराएं लगीं। 31 मार्च, 2013 को इस मामले में आसाराम गिरफ्तार हो गया। 25 अप्रैल, 2018 को जोधपुर की अदालत ने इस मामले में दोषी आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तभी से आसाराम सेंट्रल जेल जोधपुर में बंद है। इतने साल में आसाराम पहली बार पैरोल पर बाहर आया है। 7 जनवरी, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बेस पर उसको 31 मार्च, 2025 तक जमानत दी थी। फिर राजस्थान और गुजरात हाईकोर्ट से मिली थी राहत जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को आसाराम को बढ़ती उम्र और लगातार गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इलाज के लिए 6 महीने की अंतरिम जमानत दी थी। इसी आदेश के आधार पर 6 नवंबर को गुजरात हाईकोर्ट ने भी रेप के एक अन्य मामले में उसे जमानत दे दी थी। लेकिन, उसमें आसाराम के साथ तीन पुलिसकर्मी रखने और समूह में साधकों से नहीं मिलने की शर्त भी थी। इन दोनों शर्तों को हटाने के लिए आसाराम की ओर से दोबारा गुजरात हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। …………………. ये खबर भी पढ़िए- ‘आसाराम को कोई बीमारी नहीं’:यूपी की रेप विक्टिम के पिता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, बोले- बाहर रहने से जान का खतरा यूपी की रहने वाली रेप पीड़िता के पिता आसाराम की जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। पिता ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें आसाराम को इलाज के लिए 6 महीने की जमानत मिली है। पीड़िता के पिता ने कहा, आसाराम पूरी तरह स्वस्थ है। उसे कोई बीमारी नहीं है। वह ऋषिकेश से लेकर महाराष्ट्र तक घूम रहा है। पिता ने कहा, उसे आम कैदियों की तरह जेल में ही इलाज मिलना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर
नवजात को छह दिन बाद मिली मां की गोद:परिजन नहीं पहुंचे तो डॉक्टरों ने संभाली जिम्मेदारी, कम वजन के कारण हुई थी भर्ती

दतिया जिला अस्पताल में छह दिनों से भर्ती 15 दिन की एक नवजात बच्ची आखिरकार मंगलवार को अपनी मां की गोद में पहुंच गई। बच्ची को 4 मार्च को कम वजन और सांस लेने में परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ समय बाद परिजन घर चले गए और कई दिनों तक अस्पताल नहीं पहुंचे। इस दौरान डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने ही बच्ची की देखभाल की। डॉक्टरों की निगरानी में रखा जानकारी के अनुसार संध्या पत्नी आशीष की नवजात बेटी को जन्म के बाद स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्ची का वजन सामान्य से कम था और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। इसी वजह से डॉक्टरों ने उसे विशेष निगरानी में रखा। कई दिनों तक अस्पताल नहीं पहुंचे परिजन भर्ती के बाद कुछ समय तक परिजन अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन बाद में वे घर चले गए और कई दिनों तक वापस नहीं आए। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगातार बच्ची की जांच करते रहे और उसे जरूरी इलाज देते रहे। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से संपर्क करने की भी कोशिश की, ताकि वे बच्ची के पास आ सकें। पिता के आने के बाद मां को बुलाया गया सोमवार शाम बच्ची के पिता आशीष अस्पताल पहुंचे थे। उस समय अस्पताल स्टाफ ने उन्हें बताया कि नवजात को मां की देखभाल की जरूरत है। इसके बाद उन्हें मां को भी अस्पताल लाने के लिए कहा गया। मंगलवार शाम बच्ची की मां संध्या जिला अस्पताल पहुंची। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को उसकी मां को सौंप दिया। डॉक्टरों ने मां को बच्ची की देखभाल और नियमित रूप से दूध पिलाने की सलाह दी। डॉक्टरों का कहना है कि जन्म के बाद कम वजन वाले नवजातों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे बच्चों के लिए मां की मौजूदगी बहुत जरूरी होती है, क्योंकि मां के दूध और देखभाल से बच्चे की सेहत में जल्दी सुधार होता है। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं।
मॉडल ने पति पर लगाए लव जिहाद के आरोप:कहा- जबरदस्ती इस्लाम कबूल करवाया, प्रताड़ना से तंग आकर हिंदू संगठनों की मदद से दोबारा हिंदू बनीं

मिस इंडिया अर्थ 2019 रह चुकीं पॉपुलर मॉडल सयाली सुर्वे ने पति पर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाने और शारीरिक-मानसिक शोषण करने के कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मॉडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इन सभी आरोपों का खुलासा किया है। वो पिछले 10 सालों से इस स्थिति में थीं, हालांकि अब उन्होंने हिंदू संगठनों की मदद से पति से छुटकारा पाते हुए दोबारा हिंदू धर्म अपना लिया है। इसके लिए उन्होंने हवन और शुद्धिकरण करवाया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सयाली ने बताया कि उन्होंने लंबे समय तक आतिफ तासे के साथ रिलेशनशिप में रहने के बाद साल 2019 में उनसे शादी की थी। सयाली का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था, इसके बावजूद वो परिवार के खिलाफ गईं और इस्लाम कबूल कर शादी की। धर्म बदलकर उनका नाम अतीजा कर दिया गया था। वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका पति आतिफ जबरदस्ती और दबाव बनाकर उनसे स्ट्रिक्ट इस्लामिक चीजें करवाता था। वो उनका शोषण भी करता था। दोबारा करवाया धर्म परिवर्तन हिंदू संगठनों की मदद से सयाली अब दोबारा हिंदू बन चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी लव मैरिज हुई थी। शादी के लिए उन्हें धर्म बदलना पड़ा, जिसके बाद उनका निकाह हुआ। मॉडल का कहना है कि उन्होंने बच्चा होने के बाद रिश्ते में रहने की काफी कोशिश की, लेकिन उनके साथ दिन भर गाली गलौज की जाती थी और बेवजह मारपीट भी होती थी। मॉडल बोलीं- ये लव जिहाद है प्रेस कॉन्फ्रेंस में मॉडल से पूछा गया कि क्या ये लव जिहाद का मामला है, तो जवाब में उन्होंने कहा, हां, बिल्कुल। लोग कहते हैं ये खुद मर्जी से शादी करने गई थी। लेकिन जब मैं गई थी, तब मुझे समझ नहीं थी। मैं भरोसे से गई थी। एक अच्छा इंसान है समझकर गई थी। इतना बड़ा फैसला लिया था। मॉडल ने ये भी बताया है कि इस्लाम कबूल करने के बाद भी वो हिंदू धर्म का पालन करती थीं, लेकिन फिर खुलेआम उसका विरोध किया जाने लगा। वहां उन्हें कहा गया कि इस्लाम के आगे दूसरे धर्म की वैल्यू नहीं है। उन्हें नमाज पढ़ना सिखाया गया, लेकिन तब भी लोग उनके साथ इंसानियत से पेश नहीं आते थे। पति के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायत मॉडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि उन्होंने मुंबई में पति आतिफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। इसके बाद से ही वो पुणे में रह रही हैं। अपनी और बच्चों की सुरक्षा के लिए वो मुंबई नहीं जा रही हैं। ऐसे में पुलिस उनका बयान दर्ज करवाने पुणे आएगी। शादी से पहले मैं मॉडल थी, मास्टर्स किया हुआ है एविएशन में। मैं 20-21 साल की थी, जब मेरी शादी हुई। शादी से लेकर आज तक मैं हाउस वाइफ थी। शादी से उन्हें 4 बच्चे हुए, जिनके नाम भी मुस्लिम थे। बच्चों का नाम आरिस, फातिमा, खालिद और गाजी थे। लेकिन खुद हिंदू धर्म में वापसी करने के बाद मॉडल ने बच्चों के भी नाम बदलवाकर हिंदू कर दिए हैं।
वर्ल्ड कप फाइनल में अभिषेक शर्मा की फिफ्टी:बासित अली बोले- काश ऐसे 2-3 खिलाड़ी पाकिस्तान में होते; आमिर ने उन्हें 'स्लॉगर' कहा था

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने भारतीय युवा ओपनर अभिषेक शर्मा पर की गई टिप्पणी को लेकर मोहम्मद आमिर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आमिर को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। आमिर ने टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान खराब फॉर्म के बाद अभिषेक को स्लॉगर कहा था। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अभिषेक ने शानदार वापसी की। न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में उन्होंने तेज अर्धशतक लगाकर भारत को तेज शुरुआत दिलाई। इसके बाद भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। हालांकि टूर्नामेंट की शुरुआत अभिषेक के लिए अच्छी नहीं रही थी। बाएं हाथ के इस ओपनर ने शुरुआती तीन मैचों में लगातार तीन बार शून्य पर आउट होकर निराश किया था। इसी दौरान आमिर ने उनकी आलोचना करते हुए उन्हें स्लॉगर कहा था। बासित अली बोले-फॉर्म अस्थायी है, लेकिन क्लास स्थायी होती है पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने एक टीवी शो के दौरान कहा, कि अगर किसी खिलाड़ी ने तीन बार शून्य भी बनाया हो तो इससे उसकी क्लास खत्म नहीं हो जाती। फॉर्म अस्थायी होती है, लेकिन क्लास हमेशा रहती है। उन्होंने कहा कि अभिषेक जैसे खिलाड़ी को इस तरह के नाम देना ठीक नहीं है और काश पाकिस्तान की टीम में भी ऐसे दो तीन खिलाड़ी होते। अभिषेक बोले- तीन डक्स के बाद खुद पर शक होने लगा था खिताबी जीत के बाद अभिषेक शर्मा भावुक नजर आए थे। उन्होंने कहा था,’ईमानदारी से कहूं तो एक समय मुझे खुद पर शक होने लगा था क्योंकि यह मेरे लिए आसान टूर्नामेंट नहीं था। मैंने पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं किया था, यह मेरा पहला वर्ल्ड कप था। टीम मैनेजमेंट के सपोर्ट ने बदला खेल अभिषेक ने बताया कि मुश्किल समय में टीम के माहौल ने उन्हें टूटने नहीं दिया। फाइनल के बाद अभिषेक शर्मा ने भी टूर्नामेंट के मुश्किल दौर के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि खराब प्रदर्शन के दौरान टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा। अभिषेक ने बताया कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया। टीम का भरोसा ही उन्हें कठिन दौर से निकलने में मदद कर गया। टीम के सभी साथी मुझसे यही कहते थे कि तुम एक बड़ा मैच जिताओगे। मैंने बस अपनी प्रोसेस पर ध्यान दिया। भारत तीन टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बना भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले टीम इंडिया ने 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पहला और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में दूसरा टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। —————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जसप्रीत बुमराह टी-20 कम, वनडे ज्यादा खेलेंगे:2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी पर रहेगा फोकस, वर्कलोड मैनेज करेगा बोर्ड भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब टी-20 सीरीज कम खेलेंगे। वे 2027 वर्ल्ड कप तक ज्यादा वनडे मैच खेलेंगे। टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स उनके वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए यह रणनीति बना रहे हैं। ताकि 2027 वर्ल्ड कप के लिए उनकी तैयारी बेहतर हो सके। पूरी खबर
वर्ल्ड कप फाइनल में अभिषेक शर्मा की फिफ्टी:बासित अली बोले- काश ऐसे 2-3 खिलाड़ी पाकिस्तान में होते; आमिर ने उन्हें 'स्लॉगर' कहा था

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने भारतीय युवा ओपनर अभिषेक शर्मा पर की गई टिप्पणी को लेकर मोहम्मद आमिर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आमिर को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। आमिर ने टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान खराब फॉर्म के बाद अभिषेक को स्लॉगर कहा था। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अभिषेक ने शानदार वापसी की। न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में उन्होंने तेज अर्धशतक लगाकर भारत को तेज शुरुआत दिलाई। इसके बाद भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। हालांकि टूर्नामेंट की शुरुआत अभिषेक के लिए अच्छी नहीं रही थी। बाएं हाथ के इस ओपनर ने शुरुआती तीन मैचों में लगातार तीन बार शून्य पर आउट होकर निराश किया था। इसी दौरान आमिर ने उनकी आलोचना करते हुए उन्हें स्लॉगर कहा था। बासित अली बोले-फॉर्म अस्थायी है, लेकिन क्लास स्थायी होती है पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने एक टीवी शो के दौरान कहा, कि अगर किसी खिलाड़ी ने तीन बार शून्य भी बनाया हो तो इससे उसकी क्लास खत्म नहीं हो जाती। फॉर्म अस्थायी होती है, लेकिन क्लास हमेशा रहती है। उन्होंने कहा कि अभिषेक जैसे खिलाड़ी को इस तरह के नाम देना ठीक नहीं है और काश पाकिस्तान की टीम में भी ऐसे दो तीन खिलाड़ी होते। अभिषेक बोले- तीन डक्स के बाद खुद पर शक होने लगा था खिताबी जीत के बाद अभिषेक शर्मा भावुक नजर आए थे। उन्होंने कहा था,’ईमानदारी से कहूं तो एक समय मुझे खुद पर शक होने लगा था क्योंकि यह मेरे लिए आसान टूर्नामेंट नहीं था। मैंने पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं किया था, यह मेरा पहला वर्ल्ड कप था। टीम मैनेजमेंट के सपोर्ट ने बदला खेल अभिषेक ने बताया कि मुश्किल समय में टीम के माहौल ने उन्हें टूटने नहीं दिया। फाइनल के बाद अभिषेक शर्मा ने भी टूर्नामेंट के मुश्किल दौर के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि खराब प्रदर्शन के दौरान टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा। अभिषेक ने बताया कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया। टीम का भरोसा ही उन्हें कठिन दौर से निकलने में मदद कर गया। टीम के सभी साथी मुझसे यही कहते थे कि तुम एक बड़ा मैच जिताओगे। मैंने बस अपनी प्रोसेस पर ध्यान दिया। भारत तीन टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बना भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले टीम इंडिया ने 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पहला और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में दूसरा टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। —————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जसप्रीत बुमराह टी-20 कम, वनडे ज्यादा खेलेंगे:2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी पर रहेगा फोकस, वर्कलोड मैनेज करेगा बोर्ड भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब टी-20 सीरीज कम खेलेंगे। वे 2027 वर्ल्ड कप तक ज्यादा वनडे मैच खेलेंगे। टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स उनके वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए यह रणनीति बना रहे हैं। ताकि 2027 वर्ल्ड कप के लिए उनकी तैयारी बेहतर हो सके। पूरी खबर
इंदौर में युवक की मौत,परिजन ने पुलिस पर लगाए आरोप:कलेक्टोरेट जनसुनवाई में जांच की मांग, मां की तबीयत बिगड़ी

इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में ताप्ती परिसर निवासी 23 वर्षीय राज मकवाना की मल्टी से कूदकर मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को राज के परिजन कलेक्टोरेट में जनसुनवाई में पहुंचे और घटना की जांच की मांग की। जनसुनवाई के बाद लौटते समय राज की मां रेखा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें एम्बुलेंस से एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। मां ने पुलिसकर्मियों पर धमकी देने का आरोप लगाया मंगलवार को राज मकवाना के परिजन कलेक्टोरेट पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। परिजनों का कहना है कि घटना से पहले पुलिसकर्मियों ने राज को धमकाया था। राज की मां रेखा, पिता मनोज मकवाना और बहन निकिता ने आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मियों ने राज को मर्डर केस में फंसाने की धमकी दी थी। परिवार का कहना है कि इसी डर से उसने मल्टी की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। सांस की तकलीफ के कारण रात में टहलने निकला था राज परिजनों के अनुसार राज को काफी समय से सांस की समस्या थी। घटना वाली रात वह इसी कारण टहलने के लिए घर से बाहर निकला था। नीचे मौजूद गार्ड ने उससे देर रात बाहर घूमने की वजह पूछी। परिवार का आरोप है कि उसी दौरान पुलिस की गाड़ी वहां पहुंची और दो पुलिसकर्मियों ने राज को रोककर पूछताछ की। इस दौरान उसे चांटे भी मारे गए और किसी को फोन लगाकर उसे मर्डर केस में फंसाने की बात कही गई। पांचवीं मंजिल से कूदने पर मौके पर मौत परिजनों के अनुसार धमकी से घबराकर राज मल्टी की पांचवीं मंजिल पर पहुंच गया और नीचे कूद गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का कहना है कि जहां घटना हुई वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक उनकी जांच नहीं की। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब वे थाने पहुंचे तो संबंधित पुलिसकर्मी वहां से तुरंत चले गए। शराब पीने के आरोप को परिजनों ने बताया गलत परिजनों ने पुलिस के उस दावे को भी खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि राज ने शराब पी रखी थी। उनका कहना है कि वह दवाइयां ले रहा था और शराब पीने का सवाल ही नहीं उठता।
'मम्मी-चाचू आखिरी बार देख लो, शायद फिर न दिखूं':फरीदाबाद की पायलट बोलीं- अचानक UAE से भारतीयों को रेस्क्यू के ऑर्डर हुए, हम 6 महिलाएं थीं

हरियाणा में फरीदाबाद की रहने वाली पायलट दीपिका अधाना ने अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के बीच UAE से 169 भारतीयों को रेस्क्यू किया था। 6 मार्च को दीपिका ने UAE जाने से पहले परिवार को कहा- मम्मी-चाचू मुझे आखिरी बार देख लो, शायद फिर देख न पाओ एअर इंडिया एक्सप्रेस की पायलट दीपिका अधाना ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया कि जब मैंने परिवार को वॉर जोन में जाने की बात कही थी तो उन्होंने मुझे रोकने की बजाय हिम्मत से काम लेने की बात कही। 6 मार्च को मेरी दोस्त को इस फ्लाइट में जाना था। सुबह अचानक मेरे UAE जाने के ऑर्डर हुए। फ्लाइट में हम 6 महिलाएं थीं। वापसी के समय कुछ देर के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया था। थोड़ी देर बाद नेटवर्क ठीक हो गया। जिसके बाद हम दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लैंड हुए। दीपिका ने बताई 6 मार्च को UAE जाने की कहानी… सुबह 10 बजे UAE जाने का ऑर्डर मिला दीपिका अधाना ने कहा कि 6 मार्च की सुबह सवा 10 बजे मुझे रेस्क्यू अभियान के तहत UAE के रास अल खैमाह एयरपोर्ट जाने का आदेश मिला। फ्लाइट में 6 महिलाएं थीं, जिनमें कैप्टन जसविंदर कौर, पायलट दीपिका अधाना और चार महिला क्रू मेंबर शामिल थीं। युद्ध के चलते सभी क्रू मेंबर के मन में कुछ डर जरूर था, लेकिन उन्हें सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया गया था। इसलिए वे सामान्य दिनों की तरह ही फ्लाइट लेकर पहुंचे। एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क नहीं हुआ दीपिका ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे रास अल खैमाह एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। एयरपोर्ट पर लोगों की संख्या जरूर कम थी, लेकिन किसी प्रकार का कोई पैनिक नहीं था। करीब एक घंटे बाद 169 यात्रियों को विमान में बैठाया गया और दोपहर साढ़े 3 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी। जब विमान UAE से उड़ान भर रहा था, उसी दौरान कुछ समय के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क बाधित हो गया। कुछ समय बाद नेटवर्क पूरी तरह से ठीक हो गया। पायलट दोस्त जाने वाली थी उन्होंने बताया कि दिल्ली पहुंचने के बाद कई यात्रियों ने विमान से उतरते समय हमें धन्यवाद कहा। जिस फ्लाइट से लोगों को रेस्क्यू करके लाया गया, पहले मैं उसका हिस्सा नहीं थीं। मेरी एक पायलट दोस्त जाने वाली थी, लेकिन फ्लाइट से दो घंटे पहले मुझे उस फ्लाइट में जाने का निर्देश दिया गया, जिसके बाद मैं अपनी टीम के साथ UAE रवाना हुई। अब दीपिका अधाना के बारे में जानिए…. दादा की इच्छा पर बनी पायलट 23 साल की दीपिका मूल रूप से फरीदाबाद के तिगांव विधानसभा क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनके पिता योगेश अधाना आर्किटेक्ट हैं और मां बबली अधाना हाउस वाइफ हैं। दीपिका के बड़े भाई बैंकिंग सेक्टर में मुंबई में काम करते हैं। दीपिका ने बताया कि मेरे स्वर्गीय दादा अमृत सिंह अधाना की इच्छा थी कि मैं पायलट बनूं, इसलिए मैंने इस पेशे को चुना। इसमें परिवार के लोगों ने मेरा पूरा साथ दिया। बल्लभगढ़ से स्कूलिंग, 2021 में लाइसेंस मिला दीपिका ने बताया कि साल 2020 में मैंने बल्लभगढ़ के सेक्टर 3 स्थित टैगोर स्कूल से 12वीं पूरी की। दिल्ली से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के लिए तैयारी शुरू की, लेकिन कोरोना के कारण उन्हें 1 साल घर से पढ़ाई करनी पड़ी। 2021 में कमर्शियल पायलट लाइसेंस मिल गया। साल 2022 में फ्लाइट ट्रेनिंग के लिए मध्य प्रदेश के रीवा में फाल्कन एविएशन एकेडमी चली गई। वहां पर मैंने 200 घंटे की उड़ान पूरी की। ग्रीस और इस्तांबुल से टाइप रेटिंग उन्होंने बताया कि साल 2023 में टाइप रेटिंग लाइसेंस एंडोर्समेंट के लिए ग्रीस और इस्तांबुल चली गई, जहां पर मैंने एयरबस A320 से उड़ान भरी। CPL ट्रेनिंग छोटे विमानों पर होती है, लेकिन एयरलाइंस के पास बड़े और जटिल जेट होते हैं। टाइप रेटिंग यह सुनिश्चित करती है कि पायलट को उस खास एयरक्राफ्ट के सिस्टम, उड़ने की क्षमता और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पूरा ज्ञान है। इसके बिना वे एयरलाइंस में पैसेंजर एयरक्राफ्ट नहीं उड़ा सकते। एअर इंडिया एक्सप्रेस में पहली जॉइनिंग दीपिका ने बताया कि सितंबर 2023 में मैंने एअर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस में रिटर्न और इंटरव्यू दोनों पास कर लिए, जिसके बाद अप्रैल 2024 में मैंने इस एयरलाइंस में पहली जॉइनिंग मिली। अभी भी मैं एअर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस के साथ ही काम कर रही हूं।
जरूरत की खबर- रिंगवार्म क्या है:क्या यह संक्रामक हो सकता है, डॉक्टर से जानें फैलने का कारण, लक्षण और इलाज, न करें ये 9 गलतियां

आमतौर पर स्किन पर कहीं हल्की खुजली को लोग सामान्य एलर्जी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह रिंगवार्म भी हो सकता है। रिंगवार्म एक तरह का फंगल इन्फेक्शन है, जो पूरे शरीर में कहीं भी हो सकता है। यह संक्रमित व्यक्ति, जानवर या संक्रमित वस्तुओं के संपर्क से फैलता है। समय पर इलाज न किया जाए तो यह पूरे शरीर में फैल सकता है। इसलिए जरूरत की खबर में आज रिंगवार्म की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. प्रियंका अग्रवाल, कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम सवाल- रिंगवार्म क्या है? क्या दाद को ही रिंगवार्म कहा जाता है? जवाब- रिंगवार्म एक फंगल इन्फेक्शन है, जिसमें स्किन पर गोल या छल्ले जैसे दाने बन जाते हैं और खुजली होती है। इसे आमतौर पर ‘दाद’ भी कहा जाता है। यह संक्रमण स्किन की सबसे ऊपरी लेयर में मौजूद ‘डर्मेटोफाइट’ फंगस के कारण होता है। यह फंगस हाथ, पैर, कमर या चेहरे पर ज्यादा होता है। इसलिए दाद भी अक्सर शरीर के इन्हीं हिस्सों पर होता है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल सकता है। सवाल- वार्म का मतलब कीड़ा होता है तो क्या रिंगवार्म किसी कीड़े के कारण होता है? जवाब- रिंगवार्म नाम से ऐसा लगता है कि यह किसी कीड़े के काटने से जुड़ी बीमारी है, लेकिन वास्तव में इसका कीड़े से कोई लेना–देना नहीं है। स्किन पर गोल–गोल दाग (रिंग के आकार के दाग) के कारण इसका नाम रिंगवार्म है। यह फंगस नमी और गर्म वातावरण में तेजी से बढ़ता है और संपर्क के जरिए फैल सकता है। सवाल- शरीर के किन हिस्सों में रिंगवार्म हो सकता है? जवाब- रिंगवार्म शरीर के सभी हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। यह अक्सर स्किन के खुले रहने वाले हिस्सों (हाथ, पैर, गर्दन, चेहरा और पेट) पर दिखाई देता है। इसके अलावा यह जांघ के अंदरूनी हिस्से, बगल (आर्मपिट), दाढ़ी, सिर की स्किन (स्कैल्प) और नाखूनों में भी हो सकता है। सवाल- रिंगवार्म कितनी तरह का होता है? जवाब- रिंगवार्म को शरीर के प्रभावित हिस्से के आधार पर अलग-अलग प्रकारों में बांटा जा सकता है। सवाल- रिंगवार्म के संकेत क्या हैं? जवाब- रिंगवार्म का सबसे कॉमन लक्षण स्किन पर गोल या छल्ले जैसा दाग है। ये दाने लाल या भूरे रंग के हो सकते हैं और इनमें खुजली होती है। दाग के किनारे हल्के उभरे हुए और बीच का हिस्सा साफ या सूखा दिख सकता है। रिंगवार्म के सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- रिंगवार्म किन कारणों से फैलता है? जवाब- रिंगवार्म संक्रमित व्यक्ति की स्किन के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसके अलावा संक्रमित जानवर जैसे कुत्ते, बिल्ली या गाय को छूने से भी ये फंगस इंसानों में फैल सकता है। सभी कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या रिंगवार्म छूने से फैल सकता है? जवाब- हां, रिंगवार्म बेहद संक्रामक होता है और संक्रमित स्किन को छूने से फैल सकता है। फंगस स्किन की ऊपरी परत में मौजूद रहता है और सीधे संपर्क से दूसरी जगह या दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। इसके अलावा संक्रमित कपड़े, तौलिया, बिस्तर या जिम टूल्स इस्तेमाल करने से भी संक्रमण फैल सकता है। सवाल- किन लोगों को रिंगवार्म का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- इन्हें रिंगवार्म का ज्यादा रिस्क होता है- सवाल- क्या पसीना, गंदगी या टाइट कपड़े पहनने से रिंगवार्म का जोखिम बढ़ सकता है? जवाब- हां, ये सभी फंगस के पनपने-बढ़ने के लिए अनुकूल कंडीशंस हैं। लंबे समय तक गीले या टाइट कपड़े पहनने से स्किन में एयर फ्लो (हवा का प्रवाह) कम हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। गंदगी या स्किन की साफ-सफाई न रखने से भी फंगस तेजी से पनप सकता है। सवाल- रिंगवार्म का इलाज क्या है? जवाब- इसका इलाज संक्रमण की गंभीरता और संक्रमित हिस्से के आधार पर किया जाता है। हल्के संक्रमण में एंटीफंगल क्रीम, लोशन या पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। यह कुछ हफ्तों में ठीक हो जाता है। अगर संक्रमण सिर, नाखून या किसी ऐसे हिस्से में है, जहां एयर फ्लो बहुत कम है तो डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें। सवाल- रिंगवार्म होने पर कौन-सी गलतियां संक्रमण को बढ़ा सकती हैं? जवाब- रिंगवार्म होने पर कुछ कॉमन गलतियां संक्रमण को बढ़ा सकती हैं। जैसे- सभी कॉमन गलतियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या घरेलू नुस्खों से रिंगवार्म ठीक हो सकता है? जवाब- कुछ घरेलू उपाय जैसे विनेगर या हर्बल तेल हल्के संक्रमण में खुजली कम करने में मदद कर सकते हैं। इनमें हल्के एंटीफंगल गुण होते हैं, जो ट्रीटमेंट में मदद कर सकते हैं, लेकिन ये इलाज का विकल्प नहीं हैं। इन कंडीशंस में डॉक्टर से कंसल्ट करके दवा जरूर लें- रिंगवॉर्म के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल सवाल- रिंगवार्म आमतौर पर कितने दिनों में ठीक हो जाता है? जवाब- सही इलाज और एंटीफंगल क्रीम के इस्तेमाल से यह आमतौर पर 2-4 हफ्तों में पूरी तरह ठीक हो जाता है। हालांकि, अगर संक्रमण शरीर के बड़े हिस्से में फैल गया है या बालों में है, तो इसे ठीक होने में कुछ महीने भी लग सकते हैं। सवाल- क्या नमक से रिंगवॉर्म ठीक हो सकता है? जवाब- नमक का पानी प्रभावित हिस्से को साफ रखने और खुजली कम करने में मदद तो कर सकता है, लेकिन यह फंगस को जड़ से खत्म नहीं करता। फंगल इंफेक्शन को पूरी तरह खत्म करने के लिए डॉक्टर की बताई एंटीफंगल दवाएं ही सबसे असरदार होती हैं। सवाल- क्या नारियल तेल लगाने से रिंगवॉर्म ठीक होता है? जवाब- नारियल तेल में हल्के एंटीफंगल और मॉइश्चराइजिंग गुण होते हैं, जो खुजली और इन्फेक्शन कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यह अकेले रिंगवार्म को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकता है। सवाल- क्या रिंगवॉर्म से हमेशा के लिए निशान पड़ जाते हैं? जवाब- अधिकतर मामलों में रिंगवार्म ठीक होने के बाद स्किन सामान्य हो जाती है और निशान नहीं पड़ते हैं। लेकिन लंबे समय तक संक्रमण रहने या खुजलाने से स्किन पर दाग पड़ सकते हैं या स्किन का रंग बदल सकता है। ……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- मसल-फैट रेशियो सही तो ब्रेन रहता एक्टिव: घटता बीमारियों का रिस्क, पतला होना काफी नहीं, मसल-फैट का सही बैलेंस जरूरी ‘जर्नल
रंगपंचमी की सुबह स्कॉर्पियो ने मारी थी टक्कर:100 से ज्यादा कैमरे देखने के बाद पकड़ाया आरोपी ड्राइवर

छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में रंगपंचमी की सुबह तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पुलिस ने फरार स्कॉर्पियो चालक को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चकमा देने के लिए अलग-अलग जगह से गाड़ी को भगाकर ले गया था। दो दिन तक लगातार सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची है। छत्रीपुरा पुलिस के मुताबिक रंगपंचमी की अलसुबह सिलावटपुरा गणेश मंदिर के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे खड़े तनवीर खान (19) और उसके दोस्त फैजान मंसूरी (22) को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल यूनिक अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान तनवीर की मौत हो गई थी। वहीं फैजान घायल था। इस मामले में पुलिस ने स्कॉर्पियो के ड्राइवर शाहरुख पुत्र सलीम लोहार निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि रमजान के चलते सेहरी के समय कई युवक घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वहां से गुजरी और दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया था। खुद भी सेहरी के लिए पहुंचा था शाहरुख ने पूछताछ में बताया कि वह ग्रीन पेलेस कॉलोनी में रहने वाली व्यक्ति की गाड़ी चलाता है। रविवार को वह दो लोगों को लेकर सेहरी के लिए बंबई बाजार आया था। यहां से वापस जाते समय उसे नींद का झोंका आ गया। वह हादसे के बाद घबरा गया। इसके बाद स्कॉर्पियो को भगाकर वहां से ले गया। दोस्त ने किया था पीछा,100 से ज्यादा फुटेज देखे हादसे के बाद तनवीर ओर फैजान के दोस्त इरफान ने गगवाल,फूटी कोठी,महूनाका से होते हुए फूटी कोठी और चंदन नगर चौराहे तक पीछा किया था। इसके बाद आरोपी ने स्कॉर्पियो धार रोड की तरफ मोड़ दी थी। इरफान हादसे के बाद गाड़ी के नंबर नहीं देख पाया था। पुलिस के जवान धमेन्द्र,भूपेन्द्र और अरूण ने करीब 100 से ज्यादा कैमरो के फुटेज देखे ओर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने टक्कर मारने वाली स्कॉर्पियो भी जब्त कर ली है।









