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'मम्मी-चाचू आखिरी बार देख लो, शायद फिर न दिखूं':फरीदाबाद की पायलट बोलीं- अचानक UAE से भारतीयों को रेस्क्यू के ऑर्डर हुए, हम 6 महिलाएं थीं

'मम्मी-चाचू आखिरी बार देख लो, शायद फिर न दिखूं':फरीदाबाद की पायलट बोलीं- अचानक UAE से भारतीयों को रेस्क्यू के ऑर्डर हुए, हम 6 महिलाएं थीं

हरियाणा में फरीदाबाद की रहने वाली पायलट दीपिका अधाना ने अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के बीच UAE से 169 भारतीयों को रेस्क्यू किया था। 6 मार्च को दीपिका ने UAE जाने से पहले परिवार को कहा- मम्मी-चाचू मुझे आखिरी बार देख लो, शायद फिर देख न पाओ एअर इंडिया एक्सप्रेस की पायलट दीपिका अधाना ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया कि जब मैंने परिवार को वॉर जोन में जाने की बात कही थी तो उन्होंने मुझे रोकने की बजाय हिम्मत से काम लेने की बात कही। 6 मार्च को मेरी दोस्त को इस फ्लाइट में जाना था। सुबह अचानक मेरे UAE जाने के ऑर्डर हुए। फ्लाइट में हम 6 महिलाएं थीं। वापसी के समय कुछ देर के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया था। थोड़ी देर बाद नेटवर्क ठीक हो गया। जिसके बाद हम दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लैंड हुए। दीपिका ने बताई 6 मार्च को UAE जाने की कहानी… सुबह 10 बजे UAE जाने का ऑर्डर मिला दीपिका अधाना ने कहा कि 6 मार्च की सुबह सवा 10 बजे मुझे रेस्क्यू अभियान के तहत UAE के रास अल खैमाह एयरपोर्ट जाने का आदेश मिला। फ्लाइट में 6 महिलाएं थीं, जिनमें कैप्टन जसविंदर कौर, पायलट दीपिका अधाना और चार महिला क्रू मेंबर शामिल थीं। युद्ध के चलते सभी क्रू मेंबर के मन में कुछ डर जरूर था, लेकिन उन्हें सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया गया था। इसलिए वे सामान्य दिनों की तरह ही फ्लाइट लेकर पहुंचे। एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क नहीं हुआ दीपिका ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे रास अल खैमाह एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। एयरपोर्ट पर लोगों की संख्या जरूर कम थी, लेकिन किसी प्रकार का कोई पैनिक नहीं था। करीब एक घंटे बाद 169 यात्रियों को विमान में बैठाया गया और दोपहर साढ़े 3 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी। जब विमान UAE से उड़ान भर रहा था, उसी दौरान कुछ समय के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क बाधित हो गया। कुछ समय बाद नेटवर्क पूरी तरह से ठीक हो गया। पायलट दोस्त जाने वाली थी उन्होंने बताया कि दिल्ली पहुंचने के बाद कई यात्रियों ने विमान से उतरते समय हमें धन्यवाद कहा। जिस फ्लाइट से लोगों को रेस्क्यू करके लाया गया, पहले मैं उसका हिस्सा नहीं थीं। मेरी एक पायलट दोस्त जाने वाली थी, लेकिन फ्लाइट से दो घंटे पहले मुझे उस फ्लाइट में जाने का निर्देश दिया गया, जिसके बाद मैं अपनी टीम के साथ UAE रवाना हुई। अब दीपिका अधाना के बारे में जानिए…. दादा की इच्छा पर बनी पायलट 23 साल की दीपिका मूल रूप से फरीदाबाद के तिगांव विधानसभा क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनके पिता योगेश अधाना आर्किटेक्ट हैं और मां बबली अधाना हाउस वाइफ हैं। दीपिका के बड़े भाई बैंकिंग सेक्टर में मुंबई में काम करते हैं। दीपिका ने बताया कि मेरे स्वर्गीय दादा अमृत सिंह अधाना की इच्छा थी कि मैं पायलट बनूं, इसलिए मैंने इस पेशे को चुना। इसमें परिवार के लोगों ने मेरा पूरा साथ दिया। बल्लभगढ़ से स्कूलिंग, 2021 में लाइसेंस मिला दीपिका ने बताया कि साल 2020 में मैंने बल्लभगढ़ के सेक्टर 3 स्थित टैगोर स्कूल से 12वीं पूरी की। दिल्ली से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के लिए तैयारी शुरू की, लेकिन कोरोना के कारण उन्हें 1 साल घर से पढ़ाई करनी पड़ी। 2021 में कमर्शियल पायलट लाइसेंस मिल गया। साल 2022 में फ्लाइट ट्रेनिंग के लिए मध्य प्रदेश के रीवा में फाल्कन एविएशन एकेडमी चली गई। वहां पर मैंने 200 घंटे की उड़ान पूरी की। ग्रीस और इस्तांबुल से टाइप रेटिंग उन्होंने बताया कि साल 2023 में टाइप रेटिंग लाइसेंस एंडोर्समेंट के लिए ग्रीस और इस्तांबुल चली गई, जहां पर मैंने एयरबस A320 से उड़ान भरी। CPL ट्रेनिंग छोटे विमानों पर होती है, लेकिन एयरलाइंस के पास बड़े और जटिल जेट होते हैं। टाइप रेटिंग यह सुनिश्चित करती है कि पायलट को उस खास एयरक्राफ्ट के सिस्टम, उड़ने की क्षमता और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पूरा ज्ञान है। इसके बिना वे एयरलाइंस में पैसेंजर एयरक्राफ्ट नहीं उड़ा सकते। एअर इंडिया एक्सप्रेस में पहली जॉइनिंग दीपिका ने बताया कि सितंबर 2023 में मैंने एअर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस में रिटर्न और इंटरव्यू दोनों पास कर लिए, जिसके बाद अप्रैल 2024 में मैंने इस एयरलाइंस में पहली जॉइनिंग मिली। अभी भी मैं एअर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस के साथ ही काम कर रही हूं।

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