Sunday, 13 Sep 2026 | 02:31 AM

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शरारत एक्ट्रेस आएशा खान ने शेयर कीं सगाई की तस्वीरें:मिस्ट्री मैन के साथ डायमंड रिंग फ्लॉन्ट की, करण औजला से जुड़ा नाम

शरारत एक्ट्रेस आएशा खान ने शेयर कीं सगाई की तस्वीरें:मिस्ट्री मैन के साथ डायमंड रिंग फ्लॉन्ट की, करण औजला से जुड़ा नाम

रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के हिट गाने ‘शरारत’ में नजर आईं आयशा खान सगाई की तस्वीरों से सुर्खियों में आ गई हैं। एक्ट्रेस ने हाल ही में सोशल मीडिया पर सगाई की थीम जैसी तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें वो डायमंड रिंग भी फ्लॉन्ट करती दिखी हैं। हालांकि कई फैंस का मानना है कि ये उनके किसी गाने का पब्लिसिटी स्टंट हो सकता है। वहीं कुछ लोग तस्वीरों में दिखे मिस्ट्री मैन की तुलना सिंगर करण औजला से कर रहे हैं। आएशा खान ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है, एक सपना। देखिए आएशा खान की तस्वीरें- आएशा खान की पोस्ट में राखी सावंत, अर्चना गौतम, रश्मि देसाई जैसे सेलेब्स ने उन्हें कमेंट कर बधाई दी। रश्मि ने लिखा है, दुआ है तुम्हारे सारे सपने पूरे हों। वहीं अर्चना ने आएशा को मुबारकबाद दी। क्या आएशा खान ने कर ली है सगाई? आएशा खान की ये तस्वीरें किसी जूलरी ब्रांड का प्रमोशन हो सकती हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट के कैप्शन में एक जूलरी ब्रांड को मेंशन करते हुए लिखा है, अपनी परफेक्ट डायमंड एंगेजमेंट रिंग यहां पाइए। बिग बॉस 17 में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट रहीं, मुनव्वर पर लगाए चीटिंग के आरोप आएशा खान को बिग बॉस 18 से पहचान मिली थी। वो शो में बतौर वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट शामिल हुईं और शो में उन्होंने मुनव्वर फारूकी पर चीटिंग के आरोप लगाए। आएशा ने दावा किया कि मुनव्वर उनके साथ रिलेशनशिप में थे, जबकि बाद में उन्हें पता चला कि वो किसी और लड़की के साथ भी थे। उन्होंने बताया था कि मुनव्वर ने अपनी एक्स वाइफ के साथ भी चीट किया है। आयशा ने यह भी कहा था कि मुनव्वर एक साथ कई लड़कियों के साथ रिश्ते में रहे हैं। आएशा की शो में एंट्री से काफी ड्रामा हुआ था। धुरंधर के शरारत गाने से मिली पहचान ‘धुरंधर’ के गाने ‘शरारत’ में आयशा खान क्रिस्टल डिसूजा के साथ नजर आई थीं। गाना जबरदस्त हिट रहा और आएशा को देश भर में पहचान मिल गई। इस गाने को यूट्यूब पर 810 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं। गाने में पीरियड होने का खुलासा कर हुई थीं ट्रोल पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में आयशा ने कहा था, ‘शूटिंग दो दिन चली। यह बहुत ही व्यस्तता भरा था। शूटिंग के दौरान मुझे पीरियड्स हो रहे थे और आप जानते हैं कि आप फूले हुए होने के कारण अपना बेस्ट परफॉर्मेंस नहीं कर पा रहे होते हैं।’ उन्होंने आगे कहा था, ‘काश, मैं अपने पूरे जोश में होती। दो दिन में इतना सारा काम था, समय बहुत कम था। हम बहुत थक गए थे, इतना नाचने के बाद हमारी हड्डियां दुख रही थीं।’ इस बयान के बाद आएशा खान को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। ट्रोलिंग पर दिया था बेबाक बयान मोजो स्टोरी की समिट में आयशा ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग उनके कपड़ों को लेकर भी कमेंट करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं इंस्टाग्राम पर लगभग हर दिन अपनी बॉडी को लेकर सेक्शुअल कमेंट्स का सामना करती हूं। अगर मैं नॉर्मल टॉप पहनती हूं तो लोगों को समस्या होती है। अगर मैं स्कर्ट पहनती हूं तो भी लोगों को दिक्कत होती है। मुझे कुछ पोस्ट करने से पहले भी सोचना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि कई बार इस तरह की बातें उन्हें इमोशनली परेशान करती हैं। उनके मुताबिक अगर किसी को कपड़े पहनने या फोटो पोस्ट करने से पहले सोचना पड़े, सिर्फ इसलिए कि लोग उसे सेक्शुअल तरीके से देखेंगे, तो यह एक दुखद स्थिति है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से चर्चा में रहीं आएशा खान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट का हिस्सा बनी थीं, जहां उन्हें डीटेन किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद आएशा की जमकर सराहना हुई थी।

इमरान की नौ महीने बाद बहन नूरीन की मुलाकात:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं; पूर्व PM को हॉस्पिटल शिफ्ट किए जाएंगे

इमरान की नौ महीने बाद बहन नूरीन की मुलाकात:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं; पूर्व PM को हॉस्पिटल शिफ्ट किए जाएंगे

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी ने मंगलवार को अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। करीब 9 महीने बाद हुई इस मुलाकात के लिए नोरीन सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद जेल पहुंचीं, जिसमें इमरान को परिवार से हर हफ्ते मिलने की अनुमति दी गई है। करीब 15 मिनट चली मुलाकात में नोरीन ने इमरान की सेहत के बारे में पूछा। उन्होंने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की जानकारी भी दी, जिसमें इमरान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने को कहा गया है। दोनों ने कुछ कानूनी मामलों पर भी बात की। इमरान ने अपनी पत्नी बुशरा बीबी से भी मुलाकात की। दोनों करीब 30 से 35 मिनट साथ रहे। इससे पहले बुशरा ने अपनी बेटी मुबाशरा शेख और ननद मेहरुन्निसा से मुलाकात की थी। पुलिस सिर्फ ने नोरीन को मिलने दिया नोरीन अपनी बहनों अलीमा खान और उजमा खान के साथ अडियाला जेल के रास्ते में डहगल चेकपॉइंट पहुंची थीं। पुलिस ने तीनों को रोक लिया, लेकिन बाद में सिर्फ नोरीन को इमरान से मिलने के लिए जेल जाने दिया। करीब 15 मिनट की मुलाकात के बाद नोरीन ने इमरान से मिलने की पुष्टि की। हालांकि, कोर्ट में दिए भरोसे के मुताबिक उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की। कोर्ट ने कहा- परिवार से मिलना अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इमरान के परिवार से हर हफ्ते मुलाकात कराने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि परिवार से मिलना कोई एहसान नहीं, बल्कि मौलिक अधिकार है। अदालत ने पिछले 3 साल में इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई मुलाकातों का रिकॉर्ड भी मांगा है। उनके बेटों से हुई बातचीत और फोन कॉल की जानकारी देने को भी कहा गया है। इमरान को अस्पताल भेजने का भी आदेश सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को इलाज और मेडिकल जांच के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश भी दिया है। कोर्ट ने उनके इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने को कहा है, जिसमें उनके निजी डॉक्टर और बहन डॉ. उजमा खान को शामिल किया जाएगा। अडियाला जेल की मेडिकल रिपोर्ट में इमरान के ब्लड प्रेशर और तनाव को लेकर चिंता जताई गई थी। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें… PAK सुप्रीम कोर्ट बोला-इमरान को 2 दिन में अस्पताल भेजें:कहा- बहनों से मिलना उनका अधिकार; 2023 से जेल में हैं पूर्व PM पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इमरान को 48 घंटे में शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ट्रांसफर किया जाए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अमेरिका में 27 साल रही भारतवंशी महिला हिरासत में:ICE ने पूछताछ के बाद किया डिटेन; वेंकटा के पास 2013 से ग्रीन कार्ड

अमेरिका में 27 साल रही भारतवंशी महिला हिरासत में:ICE ने पूछताछ के बाद किया डिटेन; वेंकटा के पास 2013 से ग्रीन कार्ड

अमेरिका में 27 साल से रह रहीं भारतीय मूल की वेंकटा वासमसेट्टी को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने हिरासत में ले लिया। 11 अगस्त को शार्लोट स्थित ICE कार्यालय में नियमित चेक-इन के दौरान पूछताछ के बाद उन्हें डिटेन किया गया। वेंकटा के पास 2013 से ग्रीन कार्ड है और वह नॉर्थ कैरोलिना के सरकारी स्कूल में स्पेशल-नीड्स बच्चों को पढ़ाती हैं। भारत जाने के बाद ग्रीन कार्ड पर सवाल उठा वेंकटा जुलाई 2022 में बीमार माता-पिता की देखभाल के लिए भारत आई थीं। वहां उन्हें कोविड हुआ और करीब दो हफ्ते अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वह फरवरी 2023 में करीब 7 महीने बाद अमेरिका लौटीं। अमेरिकी अधिकारियों ने उनकी लंबी गैर-मौजूदगी को आधार बनाकर सवाल उठाया कि क्या उन्होंने अमेरिका में अपना स्थायी निवास छोड़ दिया था। वेंकटा के वकीलों ने कहा कि उनका घर, नौकरी और परिवार अमेरिका में है और उन्होंने स्थायी रूप से भारत लौटने का इरादा नहीं किया था। ग्रीन कार्डधारक 180 दिन से ज्यादा अमेरिका से बाहर रहें तो इमिग्रेशन अधिकारी यह जांच कर सकते हैं कि उन्होंने अमेरिका को अपना स्थायी घर बनाए रखा है या नहीं। मई में जज ने डिपोर्टेशन केस खत्म किया वेंकटा के खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई चल रही थी और उन्हें नियमित रूप से ICE के सामने पेश होना पड़ता था। 19 मई को इमिग्रेशन जज ने केस खत्म कर दिया। जज ने कहा कि सरकार यह स्पष्ट और ठोस सबूत नहीं दे पाई कि वेंकटा को अमेरिका से बाहर किया जा सकता है। इसके बावजूद 11 अगस्त को ICE कार्यालय में चेक-इन के दौरान उन्हें हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल उन्हें जॉर्जिया के इरविन काउंटी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। डायबिटीज की मरीज, वकीलों ने कोर्ट में चुनौती दी वेंकटा को गंभीर डायबिटीज है और उनके वकील के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के समय उनके पास इंसुलिन और जरूरी मेडिकल सप्लाई नहीं थीं। उनके वकीलों ने हिरासत को फेडरल कोर्ट में चुनौती दी है। 13 अगस्त को जज ने ICE से तीन दिन में यह बताने को कहा कि वेंकटा को हिरासत में रखने का कानूनी आधार क्या है। वेंकटा का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उनकी दो बेटियां और दो पोते-पोतियां अमेरिकी नागरिक हैं। ———————– ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- रूस सीक्रेट रूट से ईरान को हथियार भेज रहा:मिसाइल-ड्रोन पार्ट्स और गोला-बारूद शामिल; ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर समुद्री रास्ते का इस्तेमाल रूस सीक्रेट रास्ते के जरिये ईरान के सैन्य भंडार को मजबूत करने में मदद कर रहा है। NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ईरान को TNT विस्फोटक, ड्रोन के पार्ट्स और गोला-बारूद भेज रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ट्रम्प ने होर्मुज को अमेरिका का नया इलाका बताया:सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया; ईरान बोला- ट्रम्प की गलतफहमी जल्द दूर हो जाएगी

ट्रम्प ने होर्मुज को अमेरिका का नया इलाका बताया:सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया; ईरान बोला- ट्रम्प की गलतफहमी जल्द दूर हो जाएगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया है। ट्रम्प के पोस्ट के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताना सिर्फ एक गलतफहमी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ट्रम्प को जल्द ही समझ आ जाएगा कि इस समुद्री रास्ते पर अमेरिका का कोई अधिकार नहीं है। ईरानी मंत्री ने ट्रम्प को पुराने बयान की याद दिलाई गरीबाबादी ने ट्रम्प को उनके पुराने बयान की भी याद दिलाई। दरअसल, कुछ महीने पहले ट्रम्प ने ‘फारस की खाड़ी’ का नाम बदलकर ‘अरब की खाड़ी’ कहने का सुझाव दिया था। इस पर ईरान ने कड़ी आपत्ति जताई थी और कहा था कि यह नाम सदियों से ‘फारस की खाड़ी’ ही है। अब ट्रम्प ने अपने पोस्ट में ‘फारस की खाड़ी’ शब्द का इस्तेमाल किया। इस पर तंज कसते हुए गरीबाबादी ने कहा कि जब ट्रम्प ने इस बार सही नाम का इस्तेमाल किया है, तो उम्मीद है कि उन्हें यह भी समझ आ जाएगा कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका का इलाका नहीं है। ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल (2017) में ईरान पर भाषण देते हुए पहली बार फारस की खाड़ी को अरब की खाड़ी कहा था। ईरान में इसे राष्ट्रीय पहचान का मुद्दा माना जाता है, इसलिए इस पर बहुत विवाद हुआ था। ईरान बोला- शर्तें पूरी होने तक नहीं खुलेगा होर्मुज ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने मंगलवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक बंद रहेगा, जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और समझौता ज्ञापन में किए गए वादों को लागू नहीं करता। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने भाषण में उन्होंने कहा कि तेहरान अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा और अमेरिकी शर्तों के बजाय अपने देश हितों के मुताबिक फैसला लूंगा। ओमान को भी दे चुके हैं धमकी इससे पहले ट्रम्प ने सोमवार को ओमान पर बमबारी की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर ओमान, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में बाधा बना, तो अमेरिका उस पर ‘बमबारी करेगा’। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि ओमान ने ऐसा क्या किया था जिसे वह रुकावट मान रहे हैं। ओमान लंबे समय से खुद को इस संघर्ष में तटस्थ देश बताता रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में भी वह मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। ट्रम्प का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब उन्होंने मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान को सीधे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है।

रिपोर्ट- यूक्रेन ने ब्रिटिश ड्रोन से रूस पर हमला किया:नाराज मॉस्को बोला- ब्रिटेन जंग को और बढ़ा रहा, बड़ी कीमत चुकानी होगी

रिपोर्ट- यूक्रेन ने ब्रिटिश ड्रोन से रूस पर हमला किया:नाराज मॉस्को बोला- ब्रिटेन जंग को और बढ़ा रहा, बड़ी कीमत चुकानी होगी

रूस ने ब्रिटेन पर यूक्रेन जंग में दखल देने का आरोप लगाया है। रूसी सरकार का दावा है कि यूक्रेन ने रूस पर हमले में जिस ड्रोन का इस्तेमाल किया था वह ब्रिटिश कंपनियों ने बनाया। रूस ने कहा कि इसके लिए ब्रिटेन को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। यह मामला ब्रिटिश अखबार द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के बाद सामने आया। दरअसल, इसी रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि यूक्रेन ने रूस में हमला करने के लिए 2 ब्रिटिश कंपनियों के बनाए ड्रोन का इस्तेमाल किया। संडे टाइम्स की यह रिपोर्ट अगर सही है, तो यह पहली बार होगा जब ब्रिटिश तकनीक से बने ड्रोन रूस पर हुए हमलों में इस्तेमाल हुए हैं। ब्रिटेन स्थित रूसी दूतावास ने कहा कि लंदन जानबूझकर यूक्रेन संकट को और भड़का रहा है। वह यूक्रेन के जरिए रूस को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। रूसी दूतावास ने कहा कि इसके गंभीर परिणाम होंगे और ब्रिटेन को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। ब्रिटेन बोला- यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़े हैं वहीं, ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस के हमलों से अपनी रक्षा करने के लिए यूक्रेन को जिन हथियारों की जरूरत होगी, ब्रिटेन उन्हें देता रहेगा। प्रवक्ता ने कहा कि रूस को ब्रिटेन की नीति को लेकर कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। ब्रिटेन यूक्रेन और अपने सहयोगी देशों के खिलाफ रूस की आक्रामकता का विरोध करता रहेगा। यूक्रेन ने रूस के अंदर हमले 3 गुना बढ़ाए यूक्रेन ने इस साल रूस के अंदर ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों से हमले काफी बढ़ा दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने जुलाई में जनवरी के मुकाबले 3 गुना ज्यादा हमले किए। अब यूक्रेन के हमले सिर्फ रूस की सीमा के पास के इलाकों तक सीमित नहीं हैं। यूक्रेन रूस के अंदर काफी दूर तक ड्रोन और मिसाइल भेजकर हमले कर रहा है। इन हमलों में रूस के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा हथियार और ईंधन के भंडार भी निशाने पर हैं। यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों, बंदरगाहों और औद्योगिक ठिकानों पर भी हमला कर रहा है। ब्रिटेन यूक्रेन के समर्थक देशों में शामिल ब्रिटेन यूक्रेन के सबसे बड़े समर्थक देशों में से एक है। युद्ध शुरू होने के बाद से लंदन ने यूक्रेन के लिए 25 अरब पाउंड ( करीब 3.24 लाख करोड़ रुपए ) की सहायता देने का वादा किया है। इसमें 16 अरब पाउंड की सैन्य मदद भी शामिल है। ब्रिटेन ने यूक्रेन को टैंक, मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और अन्य हथियार भी दिए हैं। इसके अलावा ब्रिटेन में 63 हजार से ज्यादा यूक्रेनी सैनिकों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। हाल ही में ब्रिटेन ने यूक्रेन को 1.5 लाख ड्रोन और 350 एयर डिफेंस मिसाइलें देने की भी घोषणा की थी। ये भी पढ़ें… PAK सुप्रीम कोर्ट बोला-इमरान को 2 दिन में अस्पताल भेजें: कहा- बहनों से मिलना उनका अधिकार पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल भेजने का आदेश दिया। पूरी खबर पढ़ें…

रिपोर्ट- यूक्रेन ने ब्रिटिश ड्रोन से रूस पर हमला किया:नाराज मॉस्को बोला- ब्रिटेन जंग को और बढ़ा रहा, बड़ी कीमत चुकानी होगी

रिपोर्ट- यूक्रेन ने ब्रिटिश ड्रोन से रूस पर हमला किया:नाराज मॉस्को बोला- ब्रिटेन जंग को और बढ़ा रहा, बड़ी कीमत चुकानी होगी

रूस ने ब्रिटेन पर यूक्रेन जंग में दखल देने का आरोप लगाया है। रूसी सरकार का दावा है कि यूक्रेन ने रूस पर हमले में जिस ड्रोन का इस्तेमाल किया था वह ब्रिटिश कंपनियों ने बनाया। रूस ने कहा कि इसके लिए ब्रिटेन को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। यह मामला ब्रिटिश अखबार द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के बाद सामने आया। दरअसल, इसी रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि यूक्रेन ने रूस में हमला करने के लिए 2 ब्रिटिश कंपनियों के बनाए ड्रोन का इस्तेमाल किया। संडे टाइम्स की यह रिपोर्ट अगर सही है, तो यह पहली बार होगा जब ब्रिटिश तकनीक से बने ड्रोन रूस पर हुए हमलों में इस्तेमाल हुए हैं। ब्रिटेन स्थित रूसी दूतावास ने कहा कि लंदन जानबूझकर यूक्रेन संकट को और भड़का रहा है। वह यूक्रेन के जरिए रूस को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। रूसी दूतावास ने कहा कि इसके गंभीर परिणाम होंगे और ब्रिटेन को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। ब्रिटेन बोला- यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़े हैं वहीं, ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस के हमलों से अपनी रक्षा करने के लिए यूक्रेन को जिन हथियारों की जरूरत होगी, ब्रिटेन उन्हें देता रहेगा। प्रवक्ता ने कहा कि रूस को ब्रिटेन की नीति को लेकर कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। ब्रिटेन यूक्रेन और अपने सहयोगी देशों के खिलाफ रूस की आक्रामकता का विरोध करता रहेगा। यूक्रेन ने रूस के अंदर हमले 3 गुना बढ़ाए यूक्रेन ने इस साल रूस के अंदर ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों से हमले काफी बढ़ा दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने जुलाई में जनवरी के मुकाबले 3 गुना ज्यादा हमले किए। अब यूक्रेन के हमले सिर्फ रूस की सीमा के पास के इलाकों तक सीमित नहीं हैं। यूक्रेन रूस के अंदर काफी दूर तक ड्रोन और मिसाइल भेजकर हमले कर रहा है। इन हमलों में रूस के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा हथियार और ईंधन के भंडार भी निशाने पर हैं। यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों, बंदरगाहों और औद्योगिक ठिकानों पर भी हमला कर रहा है।

शाहरुख के घर मन्नत में दो सांप दिखे:रेस्क्यू टीम ने एक सांप पकड़ा, लंबाई थी करीब 8 फीट; दूसरा अब भी अंदर मिसिंग

शाहरुख के घर मन्नत में दो सांप दिखे:रेस्क्यू टीम ने एक सांप पकड़ा, लंबाई थी करीब 8 फीट; दूसरा अब भी अंदर मिसिंग

शाहरुख खान के मुंबई स्थित मशहूर बंगले मन्नत में 17 अगस्त को लॉन में दो सांप दिखे। सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम ने एक सांप पकड़ लिया है, हालांकि दूसरा सांप अब भी बंगले में ही है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8 बजे एक स्नेक रेस्क्यूअर को मन्नत के अंदर दो सांप दिखने की जानकारी दी गई। इसके बाद बंगले में तलाशी शुरू की गई, जिसमें एक सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। रेस्क्यू किए गए सांप की लंबाई करीब 8 फीट थी। उसकी पहचान धामन के रूप में हुई, जिसे इंडियन रैट स्नेक भी कहा जाता है। यह सांप गैर-जहरीला होता है और बंगले के परिसर में एक सीढ़ी के नीचे छिपा मिला। दूसरा सांप तलाश के बाद भी नहीं मिला रेस्क्यू की कोशिश पूरी तरह सफल नहीं रही। परिसर में लोगों की आवाजाही शुरू होने पर दूसरा सांप भाग गया। देर शाम तक उसकी तलाश जारी रही, लेकिन वह नहीं मिला। गैर-जहरीला सांप मिलने से स्टाफ को राहत रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांप के गैर-जहरीला होने की जानकारी मिलने के बाद मन्नत के सिक्योरिटी गार्ड्स और स्टाफ ने राहत महसूस की। इस बंगले का आधिकारिक नाम मन्नत लैंड्स एंड है। यह मुंबई के बांद्रा इलाके के बैंडस्टैंड में स्थित है। समुद्र के सामने बना शाहरुख का यह घर समय के साथ मुंबई की मशहूर जगहों में शामिल हो गया है। शाहरुख को देखने की उम्मीद में फैंस अक्सर बंगले के बाहर जमा होते हैं। मन्नत में नहीं रह रहे हैं शाहरुख खान शाहरुख खान के बंगले मन्नत में पिछले कुछ महीनों से रेनोवेशन का काम जारी है, जिसके चलते वह अपनी फैमिली के साथ बांद्रा के एक लग्जरी अपार्टमेंट में रह रहे हैं। पाली हिल बांद्रा के चार मंजिला लग्जरी अपार्टमेंट पूजा कासा का किराया हर महीने 24 लाख है। इस अपार्टमेंट में शाहरुख और उनका परिवार अगले 2 साल तक रहेगा। इस लग्जरी अपार्टमेंट को फिल्म प्रोड्यूसर वासु भगनानी ने बनाया है, जिसका मालिकाना हक प्रोड्यूसर के बेटे जैकी भगनानी और बेटी दीपशिखा देशमुख के पास है। पूरी रकम न होने के बावजूद खरीदा मन्नत शाहरुख ने 1997 में अपनी फिल्म यस बॉस की शूटिंग के दौरान मन्नत को पहली बार देखा। समुद्र के किनारे खड़ा यह बंगला उनकी नजर में बिल्कुल सपनों जैसा था। चुनौती यह थी कि एक सक्सेसफुल एक्टर होने के बावजूद शाहरुख के पास इतने बड़े घर को खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। 2001 में, जब उन्हें यह बंगला खरीदने का मौका मिला, उन्होंने हिम्मत दिखाई और अपने सपने को सच करने का फैसला लिया। शाहरुख की करीबी शबीना खान ने अपने आर्टिकल ‘द एसआरके स्टोरी’ में लिखा था कि जब शाहरुख ने ‘मन्नत’ खरीदा, तब उनके पास केवल 2 करोड़ रुपए थे, जबकि बंगले की कीमत करीब 30 करोड़ रुपए थी। बाकी पैसे उन्होंने लोन लेकर दिए। लेकिन अब समस्या थी घर को सजाना। उन्होंने एक इंटीरियर डिजाइनर से संपर्क किया, लेकिन उसकी फीस इतनी ज्यादा थी जिसके चलते शाहरुख ने गौरी से कहा कि वे खुद ही घर का इंटीरियर डिजाइन करें। गौरी ने यह चुनौती स्वीकार की और घर के हर कोने में अपनी कला का जादू बिखेर दिया। आज शाहरुख के घर मन्नत की कीमत 200 करोड़ रुपए से भी अधिक है। फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे शाहरुख शाहरुख खान अपनी अगली फिल्म ‘किंग’ के लिए तैयार हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बनी यह एक्शन थ्रिलर 24 दिसंबर 2026 को थिएटर में रिलीज होगी। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, सुहाना खान, राघव जुयाल और रानी मुखर्जी अहम भूमिकाओं में हैं।

शाहरुख के घर मन्नत में दो सांप दिखे:रेस्क्यू टीम ने एक पकड़ा, करीब 8 फीट लंबा था; दूसरे की तलाश हो रही

शाहरुख के घर मन्नत में दो सांप दिखे:रेस्क्यू टीम ने एक सांप पकड़ा, लंबाई थी करीब 8 फीट; दूसरा अब भी अंदर मिसिंग

शाहरुख खान के मुंबई स्थित मशहूर बंगले मन्नत में 17 अगस्त को लॉन में दो सांप दिखे। सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम ने एक सांप पकड़ लिया है, हालांकि दूसरा सांप अब भी बंगले में ही है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8 बजे एक स्नेक रेस्क्यूअर को मन्नत के अंदर दो सांप दिखने की जानकारी दी गई। इसके बाद बंगले में तलाशी शुरू की गई, जिसमें एक सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। रेस्क्यू किए गए सांप की लंबाई करीब 8 फीट थी। उसकी पहचान धामन के रूप में हुई, जिसे इंडियन रैट स्नेक भी कहा जाता है। यह सांप गैर-जहरीला होता है और बंगले के परिसर में एक सीढ़ी के नीचे छिपा मिला। दूसरा सांप तलाश के बाद भी नहीं मिला रेस्क्यू की कोशिश पूरी तरह सफल नहीं रही। परिसर में लोगों की आवाजाही शुरू होने पर दूसरा सांप भाग गया। देर शाम तक उसकी तलाश जारी रही, लेकिन वह नहीं मिला। गैर-जहरीला सांप मिलने से स्टाफ को राहत रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांप के गैर-जहरीला होने की जानकारी मिलने के बाद मन्नत के सिक्योरिटी गार्ड्स और स्टाफ ने राहत महसूस की। इस बंगले का आधिकारिक नाम मन्नत लैंड्स एंड है। यह मुंबई के बांद्रा इलाके के बैंडस्टैंड में स्थित है। समुद्र के सामने बना शाहरुख का यह घर समय के साथ मुंबई की मशहूर जगहों में शामिल हो गया है। शाहरुख को देखने की उम्मीद में फैंस अक्सर बंगले के बाहर जमा होते हैं। मन्नत में नहीं रह रहे हैं शाहरुख खान शाहरुख खान के बंगले मन्नत में पिछले कुछ महीनों से रेनोवेशन का काम जारी है, जिसके चलते वह अपनी फैमिली के साथ बांद्रा के एक लग्जरी अपार्टमेंट में रह रहे हैं। पाली हिल बांद्रा के चार मंजिला लग्जरी अपार्टमेंट पूजा कासा का किराया हर महीने 24 लाख है। इस अपार्टमेंट में शाहरुख और उनका परिवार अगले 2 साल तक रहेगा। इस लग्जरी अपार्टमेंट को फिल्म प्रोड्यूसर वासु भगनानी ने बनाया है, जिसका मालिकाना हक प्रोड्यूसर के बेटे जैकी भगनानी और बेटी दीपशिखा देशमुख के पास है। पूरी रकम न होने के बावजूद खरीदा मन्नत शाहरुख ने 1997 में अपनी फिल्म यस बॉस की शूटिंग के दौरान मन्नत को पहली बार देखा। समुद्र के किनारे खड़ा यह बंगला उनकी नजर में बिल्कुल सपनों जैसा था। चुनौती यह थी कि एक सक्सेसफुल एक्टर होने के बावजूद शाहरुख के पास इतने बड़े घर को खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। 2001 में, जब उन्हें यह बंगला खरीदने का मौका मिला, उन्होंने हिम्मत दिखाई और अपने सपने को सच करने का फैसला लिया। शाहरुख की करीबी शबीना खान ने अपने आर्टिकल ‘द एसआरके स्टोरी’ में लिखा था कि जब शाहरुख ने ‘मन्नत’ खरीदा, तब उनके पास केवल 2 करोड़ रुपए थे, जबकि बंगले की कीमत करीब 30 करोड़ रुपए थी। बाकी पैसे उन्होंने लोन लेकर दिए। लेकिन अब समस्या थी घर को सजाना। उन्होंने एक इंटीरियर डिजाइनर से संपर्क किया, लेकिन उसकी फीस इतनी ज्यादा थी जिसके चलते शाहरुख ने गौरी से कहा कि वे खुद ही घर का इंटीरियर डिजाइन करें। गौरी ने यह चुनौती स्वीकार की और घर के हर कोने में अपनी कला का जादू बिखेर दिया। आज शाहरुख के घर मन्नत की कीमत 200 करोड़ रुपए से भी अधिक है। फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे शाहरुख शाहरुख खान अपनी अगली फिल्म ‘किंग’ के लिए तैयार हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बनी यह एक्शन थ्रिलर 24 दिसंबर 2026 को थिएटर में रिलीज होगी। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, सुहाना खान, राघव जुयाल और रानी मुखर्जी अहम भूमिकाओं में हैं।

30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक यौन अपराधी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शाबिर अहमद ब्रिटेन के कुख्यात ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा हुआ है। उसे 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी पाया गया है। ग्रूमिंग गैंग ऐसे अपराधियों का गिरोह होता है, जो बच्चों को दोस्ती, प्यार, पैसे, उपहार या दूसरे लालच देकर अपने जाल में फंसाता है। इसके बाद उनका यौन शोषण करता है। शाबिर मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है लेकिन उसके पास ब्रिटिश नागरिकता है। अब ब्रिटेन शाबिर को पाकिस्तान भेजना चाहता है, लेकिन इस्लामाबाद ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अगर शाबिर को रखने का दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों को वापस लेने, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर फिर से विचार कर सकता है। कौन है शाबिर अहमद? 73 वर्षीय शाबिर अहमद पाकिस्तान मूल का है। बच्चों के यौन शोषण मामले में उसे 22 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह करीब 14 साल जेल में काट चुका है और हाल ही में रिहा हुआ है। ब्रिटेन उसकी नागरिकता समाप्त कर चुका है और अब उसे पाकिस्तान भेजने की कोशिश कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपना अधिकांश जीवन ब्रिटेन में बिताया, वहीं उसका पालन-पोषण हुआ और वहीं उसने अपराध किए, इसलिए उसकी जिम्मेदारी भी ब्रिटेन को ही उठानी चाहिए। वीजा प्रतिबंध की खबरों से भी नाराज पाकिस्तान ब्रिटेन की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर पाकिस्तान शाबिर अहमद को वापस लेने से इनकार करता है, तो ब्रिटिश सरकार पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर सख्ती कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता घटाने की भी बात कही गई है। हालांकि, ब्रिटेन की ओर से इन कदमों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। डेली टेलीग्राफ से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि अगर वीजा और आर्थिक मदद को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शाबिर अहमद केस की टाइमलाइन 2012: 22 साल की जेल की सजा ब्रिटेन की अदालत ने रोचडेल ग्रूमिंग गैंग मामले में शाबिर अहमद को 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 22 साल कैद की सजा सुनाई। 2016: ब्रिटिश नागरिकता खत्म दोषी ठहराए जाने के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता समाप्त कर दी। जुलाई 2026: 14 साल बाद जेल से रिहाई करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद शाबिर अहमद को सख्त शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। उस पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, तय इलाके से बाहर न जाने और कई अन्य प्रतिबंध लगाए गए। जुलाई 2026: ब्रिटेन ने पाकिस्तान भेजने की कोशिश शुरू की रिहाई के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद को पाकिस्तान भेजने के लिए इस्लामाबाद से बातचीत शुरू की। जुलाई 2026: पाकिस्तान ने लेने से इनकार किया पाकिस्तान ने कहा कि वह शाबिर अहमद को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उस पर दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों की वापसी, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर अपने रुख पर दोबारा विचार कर सकता है। ब्रिटेन-पाकिस्तान के बीच अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का समझौता ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 से एक समझौता है। इसके तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने की अनुमति नहीं है। इसमें मुख्य रूप से तीन तरह के लोग शामिल हैं: किसी व्यक्ति को पाकिस्तान वापस भेजने से पहले उसकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि की जाती है। इसके बाद पाकिस्तान उसके लिए जरूरी यात्रा दस्तावेज जारी करता है और उसे वापस भेज दिया जाता है। इस समझौते में सिर्फ लोगों को वापस भेजना ही शामिल नहीं है। दोनों देश अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और संगठित अपराध से निपटने में भी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। समझौते के बाद भी पाकिस्तान शाबिर को क्यों नहीं अपना रहा? इसकी वजह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नागरिकता और कानून से जुड़े कई पेचीदा मुद्दे हैं। 1. पाकिस्तान का दावा- शाबिर उसका नागरिक नहीं ब्रिटेन ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता पहले ही खत्म कर दी थी। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता भी छोड़ दी थी। ऐसे में इस्लामाबाद का दावा है कि उसे पाकिस्तानी नागरिक नहीं मान सकता। 2. 2022 का समझौता हर मामले में लागू नहीं ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 में हुआ रिटर्न्स समझौते के तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है। लेकिन किसी व्यक्ति को वापस भेजने से पहले उसकी राष्ट्रीयता और पहचान की पुष्टि करना जरूरी होता है। अगर पाकिस्तान यह मानने से इनकार कर दे कि संबंधित व्यक्ति उसका नागरिक है, तो उसे वापस भेजने की प्रक्रिया रुक सकती है। 3. ब्रिटेन का कानून भी अड़चन बना शाबिर अहमद का मामला दूसरे मामलों से अलग है। वह 1973 से पहले ब्रिटेन आ गया था। उस समय के कानून के तहत ऐसे कुछ लोगों को देश से बाहर भेजने पर रोक थी। इसलिए ब्रिटेन चाहकर भी उसे पाकिस्तान नहीं भेज सकता था। अब ब्रिटिश सरकार ने इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए कानून में बदलाव किया है। लेकिन इसके बाद भी शाबिर को पाकिस्तान तभी भेजा जा सकता है, जब पाकिस्तान उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हो। क्या 2022 का समझौता टूट सकता है? ब्रिटिश संसद में सरकार ने बताया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा रिटर्न्स व्यवस्था के तहत पिछले साल करीब 1,300 ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजा गया था, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का अधिकार नहीं था। इनमें कई गंभीर अपराधों में दोषी लोग भी शामिल थे। यानी पाकिस्तान आम तौर पर अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार नहीं करता। शाबिर अहमद का मामला उसकी नागरिकता और कानूनी स्थिति की वजह से अलग माना जा रहा है।

30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक यौन अपराधी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शाबिर अहमद ब्रिटेन के कुख्यात ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा हुआ है। उसे 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी पाया गया है। शाबिर मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है लेकिन उसके पास ब्रिटिश नागरिकता है। अब ब्रिटेन शाबिर को पाकिस्तान भेजना चाहता है, लेकिन इस्लामाबाद ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अगर शाबिर को रखने का दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों को वापस लेने, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर फिर से विचार कर सकता है। कौन है शाबिर अहमद? 73 वर्षीय शाबिर अहमद पाकिस्तान मूल का है। बच्चों के यौन शोषण मामले में उसे 22 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह करीब 14 साल जेल में काट चुका है और हाल ही में रिहा हुआ है। ब्रिटेन उसकी नागरिकता समाप्त कर चुका है और अब उसे पाकिस्तान भेजने की कोशिश कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपना अधिकांश जीवन ब्रिटेन में बिताया, वहीं उसका पालन-पोषण हुआ और वहीं उसने अपराध किए, इसलिए उसकी जिम्मेदारी भी ब्रिटेन को ही उठानी चाहिए। वीजा प्रतिबंध की खबरों से भी नाराज पाकिस्तान ब्रिटेन की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर पाकिस्तान शाबिर अहमद को वापस लेने से इनकार करता है, तो ब्रिटिश सरकार पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर सख्ती कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता घटाने की भी बात कही गई है। हालांकि, ब्रिटेन की ओर से इन कदमों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। डेली टेलीग्राफ से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि अगर वीजा और आर्थिक मदद को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शाबिर अहमद केस की टाइमलाइन 2012: 22 साल की जेल की सजा ब्रिटेन की अदालत ने रोचडेल ग्रूमिंग गैंग मामले में शाबिर अहमद को 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 22 साल कैद की सजा सुनाई। 2016: ब्रिटिश नागरिकता खत्म दोषी ठहराए जाने के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता समाप्त कर दी। जुलाई 2026: 14 साल बाद जेल से रिहाई करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद शाबिर अहमद को सख्त शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। उस पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, तय इलाके से बाहर न जाने और कई अन्य प्रतिबंध लगाए गए। जुलाई 2026: ब्रिटेन ने पाकिस्तान भेजने की कोशिश शुरू की रिहाई के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद को पाकिस्तान भेजने के लिए इस्लामाबाद से बातचीत शुरू की। जुलाई 2026: पाकिस्तान ने लेने से इनकार किया पाकिस्तान ने कहा कि वह शाबिर अहमद को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उस पर दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों की वापसी, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर अपने रुख पर दोबारा विचार कर सकता है। ब्रिटेन-पाकिस्तान के बीच अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का समझौता ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 से एक समझौता है। इसके तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने की अनुमति नहीं है। इसमें मुख्य रूप से तीन तरह के लोग शामिल हैं: किसी व्यक्ति को पाकिस्तान वापस भेजने से पहले उसकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि की जाती है। इसके बाद पाकिस्तान उसके लिए जरूरी यात्रा दस्तावेज जारी करता है और उसे वापस भेज दिया जाता है। इस समझौते में सिर्फ लोगों को वापस भेजना ही शामिल नहीं है। दोनों देश अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और संगठित अपराध से निपटने में भी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। समझौते के बाद भी पाकिस्तान शाबिर को क्यों नहीं अपना रहा? इसकी वजह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नागरिकता और कानून से जुड़े कई पेचीदा मुद्दे हैं। 1. पाकिस्तान का दावा- शाबिर उसका नागरिक नहीं ब्रिटेन ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता पहले ही खत्म कर दी थी। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता भी छोड़ दी थी। ऐसे में इस्लामाबाद का दावा है कि उसे पाकिस्तानी नागरिक नहीं मान सकता। 2. 2022 का समझौता हर मामले में लागू नहीं ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 में हुआ रिटर्न्स समझौते के तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है। लेकिन किसी व्यक्ति को वापस भेजने से पहले उसकी राष्ट्रीयता और पहचान की पुष्टि करना जरूरी होता है। अगर पाकिस्तान यह मानने से इनकार कर दे कि संबंधित व्यक्ति उसका नागरिक है, तो उसे वापस भेजने की प्रक्रिया रुक सकती है। 3. ब्रिटेन का कानून भी अड़चन बना शाबिर अहमद का मामला दूसरे मामलों से अलग है। वह 1973 से पहले ब्रिटेन आ गया था। उस समय के कानून के तहत ऐसे कुछ लोगों को देश से बाहर भेजने पर रोक थी। इसलिए ब्रिटेन चाहकर भी उसे पाकिस्तान नहीं भेज सकता था। अब ब्रिटिश सरकार ने इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए कानून में बदलाव किया है। लेकिन इसके बाद भी शाबिर को पाकिस्तान तभी भेजा जा सकता है, जब पाकिस्तान उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हो। क्या 2022 का समझौता टूट सकता है? ब्रिटिश संसद में सरकार ने बताया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा रिटर्न्स व्यवस्था के तहत पिछले साल करीब 1,300 ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजा गया था, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का अधिकार नहीं था। इनमें कई गंभीर अपराधों में दोषी लोग भी शामिल थे। यानी पाकिस्तान आम तौर पर अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार नहीं करता। शाबिर अहमद का मामला उसकी नागरिकता और कानूनी स्थिति की वजह से अलग माना जा रहा है। ग्रूमिंग गैंग क्या है जिससे जुड़ा है शबीर अहमद ग्रूमिंग गैंग ऐसे अपराधियों का गिरोह होता है, जो बच्चों को दोस्ती, प्यार, पैसे, उपहार या दूसरे लालच देकर अपने जाल में फंसाता है। इसके बाद उनका यौन शोषण करता है। इनमें से कई लड़कियां प्रेग्नेंट हुईं और उन्हें अबॉर्शन कराना पड़ा। कई लड़कियों ने अपने