Wednesday, 06 May 2026 | 12:13 AM

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उज्जैन में महाकाल लोक के सामने होटल में भीषण आग:यात्रियों को सुरक्षित निकाला, दो दमकल ने दो घंटे में पाया आग पर काबू

उज्जैन में महाकाल लोक के सामने होटल में भीषण आग:यात्रियों को सुरक्षित निकाला, दो दमकल ने दो घंटे में पाया आग पर काबू

उज्जैन में बुधवार देर रात महाकाल लोक के सामने स्थित एक होटल में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि समय रहते होटल में ठहरे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग से होटल में भारी नुकसान हुआ है। तीसरी मंजिल पर भड़की आग घटना जयसिंहपुरा क्षेत्र स्थित संतोष पैलेस होटल की है। बुधवार रात करीब 11:30 बजे होटल की तीसरी मंजिल पर आग लग गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही चार दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों, महाकाल थाना पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंगुइशर का भी उपयोग किया गया। पुलिस कर रही जांच महाकाल थाना टीआई गगन बादल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। करीब दो घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच की जाएगी। फायर अधिकारी एलपी साहू ने बताया कि चार दमकल वाहन भेजे गए थे, लेकिन दो गाड़ियों से ही आग पर नियंत्रण पा लिया गया। युवाओं ने दिखाई बहादुरी आग लगने की घटना सबसे पहले कुछ स्थानीय मुस्लिम युवाओं ने देखी। उन्होंने तुरंत होटल प्रबंधन और क्षेत्रवासियों को सूचना दी। मोहम्मद अजान, मोहम्मद सलमान और मोईन खान ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर पानी और आग बुझाने के यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। उनकी सतर्कता और साहस से बड़ा हादसा टल गया।

पीएम मोदी पर अश्लील पोस्ट को लेकर बीजेपी ने युवा कांग्रेस नेता के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत: ‘अपमान…’ | राजनीति समाचार

VIROSH Wedding Live Updates: Rashmika Mandanna, Vijay Deverakonda are getting married in Udaipur. (Photo: X)

आखरी अपडेट:26 फरवरी, 2026, 09:57 IST एपस्टीन फाइलों से जुड़ी पीएम मोदी की एआई-जनरेटेड छवि साझा करने के लिए बीजेपी ने बिंदू गौड़ा के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की। पीएम नरेंद्र मोदी. (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने वाली एक आपत्तिजनक और अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कर्नाटक युवा कांग्रेस सचिव बिंदू गौड़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा की सोशल मीडिया विंग द्वारा मल्लेश्वरम पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें आईवाईसी कर्नाटक सचिव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। भाजपा ने कहा कि 24 फरवरी को “बिंदु सिरा” नाम के एक फेसबुक अकाउंट से प्रधानमंत्री की एआई-जनरेटेड अर्ध-नग्न छवि साझा की गई थी। पार्टी ने आरोप लगाया है कि छवि प्रधान मंत्री को तथाकथित “एपस्टीन फाइल्स” से जोड़ती है और पोस्ट को “अशोभनीय” और एक संवैधानिक कार्यालय का अपमान बताया है। कर्नाटक भाजपा नेताओं ने मांग की है कि राज्य सरकार सख्त कार्रवाई करे और नफरत फैलाने वाले भाषण और अन्य अपराधों से संबंधित प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कांग्रेस पदाधिकारी पर मामला दर्ज करे। भाजपा ने कथित पोस्ट को न केवल प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत बल्कि उनके संवैधानिक पद की गरिमा पर हमला करार दिया। एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम के अंदर भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के “शर्टलेस विरोध” पर चल रहे विवाद के बीच यह बात सामने आई। एआई शिखर सम्मेलन में क्या हुआ? भारत ने दुनिया के सबसे बड़े कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन, एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की मेजबानी की। 16 फरवरी को शुरू हुए शिखर सम्मेलन में तकनीकी दिग्गजों, उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, संस्थापकों और प्रौद्योगिकीविदों की भारत मंडपम में भीड़ के कारण हॉल खचाखच भरे थे और लंबी कतारें देखी गईं। कांग्रेस की युवा शाखा के लगभग 10 कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली में एआई शिखर सम्मेलन स्थल में प्रवेश किया और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाते हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीरों के साथ सरकार पर निशाना साधने वाले नारे छपी सफेद टी-शर्ट पहनी या ली। विरोध प्रदर्शन ने एक राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया, भाजपा नेताओं ने इसे “राष्ट्र-विरोधी” बताया और कांग्रेस पर भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि यह वैध लोकतांत्रिक असहमति है जो युवाओं के गुस्से को दर्शाता है। पहले प्रकाशित: 26 फरवरी, 2026, 09:57 IST समाचार राजनीति पीएम मोदी पर अश्लील पोस्ट को लेकर बीजेपी ने युवा कांग्रेस नेता के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत: ‘अपमान…’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी पुलिस शिकायत(टी)कर्नाटक युवा कांग्रेस(टी)बिंदु गौड़ा(टी)आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट(टी)नरेंद्र मोदी विवाद(टी)एआई-जनित छवि(टी)एपस्टीन फ़ाइलें(टी)भारत मंडपम विरोध

नर्मदापुरम में बुजुर्ग ने गलत योनो एप डाउनलोड किया:6 बार में खाते से गायब हुए 4.47 लाख रुपए; पुलिस बोली- एपीके फाइल से बचे

नर्मदापुरम में बुजुर्ग ने गलत योनो एप डाउनलोड किया:6 बार में खाते से गायब हुए 4.47 लाख रुपए; पुलिस बोली- एपीके फाइल से बचे

नर्मदापुरम में 67 साल के बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। उनसे यह धोखाधड़ी प्ले स्टोर से गलत योनो (एपीके फाइल) डाउनलोड करने की वजह से हुई। ठग ने उनके खाते से 4 लाख 47 हजार 268 रुपए निकाल लिए। 18 से 20 फरवरी के बीच आरोपित ने 6 बार में खाते से यह रकम निकाली। खास बात यह कि 18-19 फरवरी को एक-एक भुगतान हुआ। जिसका उन्हें एक मैसेज तक नहीं आया। जबकि 20 फरवरी को चार बार खाते से भुगतान हुआ। जिनके मैसेज उन्हें आएं। जिससे वो घबरा गए। उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो साइबर ठगी की जानकारी मिली।। जिसकी शिकायत उन्होंने साइबर सेल और कोतवाली थाने में की। पुलिस ने मामले में पांच दिन बाद साइबर ठगी की एफआईआर की। योनो एप की जगह एपीके फाइल डाउनलोड हुई पीड़ित बुजुर्ग के मोबाइल में योनो एप नहीं था। कुछ दिन पहले बैंक कर्मचारियों ने पीड़ित को योनो एप डाउनलोड करने की सलाह दी। पीड़ित ने प्लेस्टोर से एप डाउनलोड किया। एप डाउनलोड करने के बाद जब एप को इंस्टाल किया तो प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। बाद में किसी व्यक्ति का बैंक कर्मी बनकर फोन आया और उसने कहा कि हम एक लिंक भेज रहे हैं उससे प्रक्रिया पूरी होगी और एप शुरू हो जाएगा। पीड़ित ने उसके कहे अनुसार वैसा किया। एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद उनका मोबाइल हैक हो गया लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। सही प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें, एपीके फाइल से बचे साइबर सेल प्रभारी संदीप यदुवंशी ने बताया साइबर ठग आरटीओ चालान, बिजली बिल की लिंक भेजकर, कॉल, व्हाट्सएप कॉल या गलत एप्स समेत अनेक माध्यमों से लोगों से साइबर ठगी करने का प्रयास करते है। साइबर ठग की ओर से भेजी लिंक, फाइल एपीके होती है। पहले को किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। यदि गलती से ऐसा हो भी जाता है तो सबसे पहले अपने मोबाइल को एरोप्लेन मोड पर डाल दें। नेटवर्क के अभाव में आपका मोबाइल हैक होने से बच सकता है। इसके बाद मैनेज एप सेटिंग में जाकर तुरंत उस एप को डिलीट कर दें। अगर हैक होने की जानकारी लग जाएं तो बैंक पहुंचकर अपने खाते को सीज करवाएं जिससे कोई लेनदेन खाते से न हो पाए।

राजस्थान के मंत्री ने कथित तौर पर विधानसभा के अंदर थूका, विपक्ष का विरोध | वीडियो | राजनीति समाचार

VIROSH Wedding Live Updates: Rashmika Mandanna, Vijay Deverakonda are getting married in Udaipur. (Photo: X)

आखरी अपडेट:26 फरवरी, 2026, 09:13 IST मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कथित तौर पर राजस्थान विधानसभा के अंदर थूक दिया, जिससे सदन के अंदर आचरण और शिष्टाचार पर बहस छिड़ गई। राजस्थान के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कथित तौर पर विधानसभा के अंदर थूक दिया राजस्थान के शहरी विकास और आवास (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विपक्षी दलों के एक सवाल का जवाब देते समय राज्य विधानसभा के अंदर कथित तौर पर झगड़ने के बाद राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। कैमरे में कैद हुई घटना में खर्रा को स्पीकर को संबोधित करते समय कथित तौर पर सदन के अंदर थूकते हुए दिखाया गया है। इस प्रकरण ने सदन के अंदर जन प्रतिनिधियों के आचरण और शिष्टाचार पर बहस शुरू कर दी है, विपक्षी सदस्यों ने इस अधिनियम को विधानसभा की गरिमा का उल्लंघन बताया है। उन्होंने मांग की है कि मंत्री के खिलाफ विधानसभा नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाये. इस बीच, विधायी अधिकारियों से मामले की समीक्षा करने और आगे की कार्रवाई पर विचार-विमर्श करने की उम्मीद है। कौन हैं झाबर सिंह खर्रा? अनुभवी राजनेता हरलाल सिंह खर्रा के बेटे, झाबर सिंह खर्रा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं, जो राजस्थान में श्रीमाधोपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। 2013 और 2018 के बीच, उन्होंने श्रीमाधोपुर से विधान सभा सदस्य (एमएलए) के रूप में कार्य किया और 2023 में एक बार फिर, वह निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा के लिए चुने गए। पहले प्रकाशित: 26 फरवरी, 2026, 09:13 IST समाचार राजनीति राजस्थान के मंत्री ने कथित तौर पर विधानसभा के अंदर थूका, विपक्ष का विरोध | वीडियो अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)झाबर सिंह खर्रा(टी)राजस्थान यूडीएच मंत्री(टी)राजस्थान विधानसभा घटना(टी)राजनीतिक विवाद राजस्थान(टी)विधानसभा मर्यादा(टी)विपक्ष का विरोध राजस्थान(टी)श्रीमाधोपुर विधायक(टी)बीजेपी राजस्थान

‘ना जाने कौन आ गया’ सादगी भरी प्रेम कहानी:जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी ने प्यार, आत्ममंथन और सादगी पर खुलकर की बात

‘ना जाने कौन आ गया’ सादगी भरी प्रेम कहानी:जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी ने प्यार, आत्ममंथन और सादगी पर खुलकर की बात

6 मार्च को रिलीज हो रही फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ एक सादगी भरी लव स्टोरी है, जो रिश्तों की जटिलताओं, आत्ममंथन और प्यार की मासूमियत को बड़े पर्दे पर पेश करती है। पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में फिल्माई गई यह कहानी आज के दौर के टॉक्सिक माहौल में प्यार और संवेदनशीलता की बात करती है। फिल्म में जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की रिलीज से पहले दैनिक भास्कर ने स्टारकास्ट से खास बातचीत की। कलाकारों ने अपने किरदार, शूटिंग के अनुभव और फिल्म के संदेश को लेकर खुलकर बातें की हैं। स्क्रिप्ट पढ़ते ही ऐसा कौन-सा पहलू था जिसने आपको महसूस कराया कि यह फिल्म आपको जरूर करनी चाहिए? जतीन सरना- मेरे किरदार की सादगी ने मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित किया। वो एक आम इंसान है, जो जिंदगी को जीने के बजाय सिर्फ सर्वाइव करने में फंसा रहता है। ऐसे लोगों का दर्द, उनकी मासूमियत और जिंदगी को बस जी लेने की चाह यही मुझे छू गया। एक अभिनेता के तौर पर मुझे लगा कि यह एक नया और अनछुआ किरदार है। निर्देशक विकास ने जिस तरह कहानी सुनाई, उसी वक्त तय कर लिया कि यह फिल्म करनी है। ट्रेलर में हेट, लव और बिट्रेयल की झलक दिखती है। क्या आप इससे रियल लाइफ में रिलेट करते हैं? जतीन सरना- जहां प्यार होगा, वहां नफरत भी होगी, धोखा भी और अफसोस भी। लेकिन जिंदगी की खूबसूरती इन्हीं भावनाओं को समझकर आगे बढ़ने में है। यही जीवन का चक्र है। इस फिल्म में आपका किरदार पहले निभाए गए रोल्स से किस तरह अलग है, और उसे पर्दे पर उतारना आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा? मधुरिमा रॉय- मेरे पिछले किरदारों में डार्क शेड्स ज्यादा थे, लेकिन इस फिल्म में मेरा किरदार बहुत मासूम और पॉजिटिव है। वह कमरे में आती है तो माहौल बदल देती है। उसकी सरलता और बचपना निभाना आसान नहीं था। सादगी को निभाना, नेगेटिव किरदारों से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। आज के युवाओं के लिए फिल्म क्या संदेश देती है? मधुरिमा रॉय- आज सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के दौर में रिश्ते बहुत कॉम्प्लिकेटेड हो गए हैं। हम हर चीज को ‘लव बॉम्बिंग’, ‘घोस्टिंग’ जैसे टर्म्स में बांट देते हैं। हमारी फिल्म कहती है थोड़ा रुकिए, खुद को समझिए। हर गलती सामने वाले की नहीं होती, कभी-कभी हमें भी खुद में झांकने की जरूरत होती है। प्यार में पवित्रता और सादगी को फिर से महसूस कीजिए। स्क्रिप्ट सुनते ही आपके मन में पहली प्रतिक्रिया क्या थी, और किस बात ने आपको इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए सबसे ज्यादा उत्साहित किया? प्रणय पचौरी- मुझे बताया गया कि सोचिए अगर ओशो पहाड़ों में एक आम इंसान की तरह रहते तो कैसे होते। यह सुनकर मैं उत्साहित हो गया। एक पहाड़ी लड़का, जो जीप चलाता है, बच्चों को पढ़ाता है और एक लव ट्रायंगल का हिस्सा है यह कॉम्बिनेशन दिलचस्प लगा। साथ ही पहाड़ों में शूटिंग का अनुभव बेहद खास रहा। ठंड, मौसम और लोकेशन की चुनौतियों के बावजूद सेट पर परिवार जैसा माहौल था। रिलीज से पहले दर्शकों के लिए आपका एक संदेश आखिर 6 मार्च को वे आपकी फिल्म देखने सिनेमाघर क्यों जाएं? जतीन सरना- हमने दिल से फिल्म बनाई है। अब इसे पार लगाने की जिम्मेदारी दर्शकों की है। बस एक मौका दीजिए 6 मार्च को सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखिए। मधुरिमा रॉय- आज के टॉक्सिक माहौल में प्यार ही एक ऐसी चीज है जो दुनिया को सॉफ्ट बना सकती है। यह फिल्म उसी सादगी और मासूमियत की बात करती है। प्रणय पचौरी- बहुत समय बाद एक सिंपल लव स्टोरी आई है। यह फिल्म प्यार को समझने और सेलिब्रेट करने की कोशिश है। उम्मीद है दर्शक इसे अपनाएंगे।

‘ना जाने कौन आ गया’ सादगी भरी प्रेम कहानी:जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी ने प्यार, आत्ममंथन और सादगी पर खुलकर की बात

‘ना जाने कौन आ गया’ सादगी भरी प्रेम कहानी:जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी ने प्यार, आत्ममंथन और सादगी पर खुलकर की बात

6 मार्च को रिलीज हो रही फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ एक सादगी भरी लव स्टोरी है, जो रिश्तों की जटिलताओं, आत्ममंथन और प्यार की मासूमियत को बड़े पर्दे पर पेश करती है। पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में फिल्माई गई यह कहानी आज के दौर के टॉक्सिक माहौल में प्यार और संवेदनशीलता की बात करती है। फिल्म में जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की रिलीज से पहले दैनिक भास्कर ने स्टारकास्ट से खास बातचीत की। कलाकारों ने अपने किरदार, शूटिंग के अनुभव और फिल्म के संदेश को लेकर खुलकर बातें की हैं। स्क्रिप्ट पढ़ते ही ऐसा कौन-सा पहलू था जिसने आपको महसूस कराया कि यह फिल्म आपको जरूर करनी चाहिए? जतीन सरना- मेरे किरदार की सादगी ने मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित किया। वो एक आम इंसान है, जो जिंदगी को जीने के बजाय सिर्फ सर्वाइव करने में फंसा रहता है। ऐसे लोगों का दर्द, उनकी मासूमियत और जिंदगी को बस जी लेने की चाह यही मुझे छू गया। एक अभिनेता के तौर पर मुझे लगा कि यह एक नया और अनछुआ किरदार है। निर्देशक विकास ने जिस तरह कहानी सुनाई, उसी वक्त तय कर लिया कि यह फिल्म करनी है। ट्रेलर में हेट, लव और बिट्रेयल की झलक दिखती है। क्या आप इससे रियल लाइफ में रिलेट करते हैं? जतीन सरना- जहां प्यार होगा, वहां नफरत भी होगी, धोखा भी और अफसोस भी। लेकिन जिंदगी की खूबसूरती इन्हीं भावनाओं को समझकर आगे बढ़ने में है। यही जीवन का चक्र है। इस फिल्म में आपका किरदार पहले निभाए गए रोल्स से किस तरह अलग है, और उसे पर्दे पर उतारना आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा? मधुरिमा रॉय- मेरे पिछले किरदारों में डार्क शेड्स ज्यादा थे, लेकिन इस फिल्म में मेरा किरदार बहुत मासूम और पॉजिटिव है। वह कमरे में आती है तो माहौल बदल देती है। उसकी सरलता और बचपना निभाना आसान नहीं था। सादगी को निभाना, नेगेटिव किरदारों से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। आज के युवाओं के लिए फिल्म क्या संदेश देती है? मधुरिमा रॉय- आज सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के दौर में रिश्ते बहुत कॉम्प्लिकेटेड हो गए हैं। हम हर चीज को ‘लव बॉम्बिंग’, ‘घोस्टिंग’ जैसे टर्म्स में बांट देते हैं। हमारी फिल्म कहती है थोड़ा रुकिए, खुद को समझिए। हर गलती सामने वाले की नहीं होती, कभी-कभी हमें भी खुद में झांकने की जरूरत होती है। प्यार में पवित्रता और सादगी को फिर से महसूस कीजिए। स्क्रिप्ट सुनते ही आपके मन में पहली प्रतिक्रिया क्या थी, और किस बात ने आपको इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए सबसे ज्यादा उत्साहित किया? प्रणय पचौरी- मुझे बताया गया कि सोचिए अगर ओशो पहाड़ों में एक आम इंसान की तरह रहते तो कैसे होते। यह सुनकर मैं उत्साहित हो गया। एक पहाड़ी लड़का, जो जीप चलाता है, बच्चों को पढ़ाता है और एक लव ट्रायंगल का हिस्सा है यह कॉम्बिनेशन दिलचस्प लगा। साथ ही पहाड़ों में शूटिंग का अनुभव बेहद खास रहा। ठंड, मौसम और लोकेशन की चुनौतियों के बावजूद सेट पर परिवार जैसा माहौल था। रिलीज से पहले दर्शकों के लिए आपका एक संदेश आखिर 6 मार्च को वे आपकी फिल्म देखने सिनेमाघर क्यों जाएं? जतीन सरना- हमने दिल से फिल्म बनाई है। अब इसे पार लगाने की जिम्मेदारी दर्शकों की है। बस एक मौका दीजिए 6 मार्च को सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखिए। मधुरिमा रॉय- आज के टॉक्सिक माहौल में प्यार ही एक ऐसी चीज है जो दुनिया को सॉफ्ट बना सकती है। यह फिल्म उसी सादगी और मासूमियत की बात करती है। प्रणय पचौरी- बहुत समय बाद एक सिंपल लव स्टोरी आई है। यह फिल्म प्यार को समझने और सेलिब्रेट करने की कोशिश है। उम्मीद है दर्शक इसे अपनाएंगे।

NCERT किताब में ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ चैप्टर पर आज सुनवाई:सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया; CJI बोले- न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे

NCERT किताब में ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ चैप्टर पर आज सुनवाई:सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया; CJI बोले- न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे

सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को NCERT के क्लास 8 की सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े चैप्टर को लेकर विवाद पर सुनवाई करेगा। कोर्ट ने बुधवार को मामले पर खुद संज्ञान लिया था। CJI सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच सुनवाई करेगी। बुधवार को CJI ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को बदनाम करने या उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। इससे पहले सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने अभिषेक सिंघवी के साथ मामले का जिक्र करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया। सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद बुधवार शाम NCERT ने अपनी वेबसाइट से किताब को हटा लिया। सूत्रों के अनुसार, किताब से विवादित चैप्टर हटाया जा सकता है। सरकार ने भी किताब में ज्यूडीशियल करप्शन शामिल करने पर आपत्ति जताई है। सरकार ने कहा- शासन के तीनों अंगों को जोड़ना चाहिए था NCERT चेयरमैन दिनेश प्रसाद सकलानी का इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं आया है। काउंसिल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए वे इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोंलेंगे। इस बीच सरकारी सूत्रों ने कहा कि भले ही NCERT एक ऑटोनॉमस संस्था है, लेकिन चैप्टर जोड़ने से पहले अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए था। सरकारी सूत्रों ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार का मुद्दा शामिल करना था, तो उसमें शासन के तीनों अंगों- कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका को भी जोड़ा जाना चाहिए था। सरकारी सूत्रों ने कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित आंकड़े संसदीय अभिलेखों और नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड में मौजूद हैं, लेकिन फैक्ट्स के क्रॉस वेरिफिकेशन के लिए केंद्र से परामर्श नहीं लिया गया। विवादित चैप्टर NCERT की नई सोशल साइंस टेक्स्टबुक में था NCERT ने 23 फरवरी को क्लास 8 के स्टूडेंट्स के लिए सोशल साइंस की नई टेक्‍स्‍टबुक जारी की थी। किताब का नाम ‘एक्सप्लोरिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियॉन्ड पार्ट 2’ है। इसमें ‘द रोल ऑफ द ज्यूडीशियरी इन अवर सोसायटी’ चैप्टर के अंदर ‘करप्‍शन इन द ज्‍यूडिशियरी’ का टॉपिक जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार, बड़ी संख्या में पेंडिंग मामले और जजों की भारी कमी ज्‍यूडिशियल सिस्टम के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं। जज आचार संहिता से बंधे होते हैं, जो न केवल कोर्ट में उनके व्यवहार को कंट्रोल करता है, बल्कि कोर्च के बाहर उनके आचरण को भी तय करती है। एक टॉपिक का टाइटल- इंसाफ में देरी इंसाफ न मिलने जैसा किताब के एक सेक्शन का टाइटल ‘Justice delayed is justice denied’ है। इसका मतलब है- इंसाफ में देरी इंसाफ न मिलने जैसा है। यहां सुप्रीम कोर्ट में 81 हजार, हाईकोर्ट्स में 62 लाख 40 हजार, डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट के 4 करोड़ 70 लाख पेंडिंग केस की संख्या भी बताई गई है। ये किताब एकेडमिक सेशन 2026-27 से स्‍कूलों में पढ़ाई जानी थी। इसका पहला पार्ट जुलाई 2025 में रिलीज किया गया था। NCERT ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क यानी NCF और NEP-2020 के तहत सभी क्‍लासेज की नई किताबें तैयार की हैं। कोरोना महामारी के बाद पुरानी किताबों के टॉपिक्‍स को बदलकर नए टॉपिक्‍स किताबों में जोड़े जा रहे हैं। पहली से 8वीं क्लास तक की नई किताबें 2025 में ही पब्लिश की जा चुकी हैं। किताब का वो हिस्सा जिसमें करप्शन और पेंडिंग केस का जिक्र… नई किताब में ज्यूडीशियरी से जुड़े अहम पॉइंट्स… किताब में पूर्व CJI बीआर गवई का भी जिक्र किताब में भारत के पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई का भी जिक्र है, जिन्होंने जुलाई 2025 में कहा था कि ज्यूडिशियरी के अंदर करप्शन और गलत कामों के मामलों का पब्लिक ट्रस्ट पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा था, “हालांकि, इस ट्रस्ट को फिर से बनाने का रास्ता इन मुद्दों को सुलझाने के लिए उठाए गए तेज, निर्णायक और ट्रांसपेरेंट एक्शन में है… ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी डेमोक्रेटिक गुण हैं।” —————————— ये खबर भी पढ़ें… NCERT ने 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब में जोड़ा न्यायपालिक से जुड़ा सेक्शन नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने पहली बार 8वीं के बच्चों के लिए ज्यूडीशियरी में करप्शन के बारे में पढ़ाने का फैसला लिया गया। यह पिछले एडिशन के मुकाबले बड़ा बदलाव था। पिछले चैप्टर में ज्यादातर कोर्ट के स्ट्रक्चर और रोल पर फोकस किया गया था। बदले हुए चैप्टर का नाम ‘हमारे समाज में ज्यूडिशियरी की भूमिका’ रखा गया। पढ़ें पूरी खबर…

‘कर्नाटक सरकार घोटाला-मुक्त भर्ती के लिए प्रतिबद्ध’: धारवाड़ विरोध के बाद डीके शिवकुमार ने युवाओं से की अपील | राजनीति समाचार

New Zealand defeat Sri Lanka by 61 runs. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:26 फरवरी, 2026, 02:54 IST उपमुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारी युवाओं को आश्वस्त करते हुए इस बात पर जोर दिया कि राज्य नौकरी देने के लिए स्पष्ट समयसीमा पर काम कर रहा है। सरकारी नौकरी में देरी को लेकर धारवाड़ में हाल ही में युवाओं के विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने पिछले प्रशासन की आलोचना की। (फ़ाइल छवि: News18) बेरोजगारी की बढ़ती चिंताओं और धारवाड़ में युवाओं के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के जवाब में, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को पूरे कर्नाटक में रिक्त सरकारी पदों को भरने के लिए एक पारदर्शी और “घोटाले मुक्त” भर्ती प्रक्रिया का वादा किया। उपमुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारी युवाओं को आश्वस्त करते हुए इस बात पर जोर दिया कि राज्य नौकरी देने के लिए स्पष्ट समयसीमा पर काम कर रहा है। शिवकुमार ने कहा, “हमारी सरकार घोटालों की छाया के बिना रिक्त पदों को भरने के लिए समर्पित है। युवाओं से मैं कहता हूं: बहादुर बने रहें। हम आपके संघर्ष को समझते हैं और उनका समाधान करेंगे।” उन्होंने उल्लेख किया कि प्रशासन एक व्यापक योजना का मसौदा तैयार कर रहा है, उन्होंने कहा, “हमने पहले भी पदों को भरा है, हम अब भी कर रहे हैं और हम भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेंगे। इस संबंध में एक औपचारिक संदेश आगामी कैबिनेट चर्चा के बाद साझा किया जाएगा।” सरकारी नौकरी में देरी को लेकर धारवाड़ में हाल ही में युवाओं के विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने पिछले प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया, ”भाजपा सरकार अपने कार्यकाल के दौरान इन रिक्तियों को भरने में विफल रही और उनका कार्यकाल कई घोटालों से भरा रहा।” “हम अपने युवा नागरिकों के दर्द को पहचानते हैं, और इन कमियों को भरना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने पहले ही केपीएससी और अन्य एजेंसियों को शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भर्ती जिम्मेदारियां सौंप दी हैं।” उन्होंने कहा कि हालांकि आंतरिक आरक्षण के संबंध में कुछ बाधाएं बनी हुई हैं, युवा निधि योजना उन्हें समर्थन देने के सरकार के प्रयासों की आधारशिला बनी हुई है। उपमुख्यमंत्री ने लंबित बिलों को लेकर राज्य के ठेकेदारों के बीच पनप रहे असंतोष को भी संबोधित किया। उन्होंने वित्तीय तनाव के लिए पिछले नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया और कहा, “येदियुरप्पा और बोम्मई सरकारों के तहत, राज्य के आर्थिक स्वास्थ्य पर विचार किए बिना कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिससे वर्तमान स्थिति पैदा हुई।” ठेकेदारों को ऐसे काम न करने की सलाह देने के बावजूद जहां फंडिंग की पुष्टि नहीं हुई है, उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोगों को अब कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने निष्कर्ष निकाला, “मैं ठेकेदारों की शिकायतों को दूर करने के लिए उनके साथ सीधी चर्चा करूंगा।” पहले प्रकाशित: 26 फरवरी, 2026, 02:54 IST समाचार राजनीति ‘कर्नाटक सरकार घोटाला-मुक्त भर्ती के लिए प्रतिबद्ध’: धारवाड़ विरोध के बाद डीके शिवकुमार ने युवाओं से की अपील अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

MANIT में भारतीय ज्ञान परंपरा फेयर का आयोजन:मॉर्डन युग में पुरानी संस्कृति का संगम, छात्रों ने छावा फिल्म के दृश्य की नाट्य प्रस्तुति की

MANIT में भारतीय ज्ञान परंपरा फेयर का आयोजन:मॉर्डन युग में पुरानी संस्कृति का संगम, छात्रों ने छावा फिल्म के दृश्य की नाट्य प्रस्तुति की

भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्लोलॉजी में IKS यानि इंडियन नॉलेज सिस्टम फेयर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन इंस्पायर क्लब द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपरा को आधुनिक युग की शिक्षा के साथ जोड़ना था। मुख्य अतिथि चैतन्य चरण प्रभु और पंडित जसराज से के शिष्य पंडित गौतम काले थे, जिन्हें 2019 में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इंस्पायर क्लब: अनुशासन और आध्यात्मिक जीवन की पहल इंस्पायर क्लब MANIT की एक टेक्नो स्पिरिचुअल सोसाइटी है। इसकी स्थापना प्रोफेसर डॉ. साविता दीक्षित ने रैगिंग जैसी समस्याओं को कम करने और छात्रों को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से की थी। क्लब में करीब 200 छात्र जुड़े हुए हैं। इन छात्रों के लिए अलग हॉस्टल की व्यवस्था है। सदस्य सादा जीवन अपनाते हैं, लहसुन प्याज तक का सेवन नहीं करते और प्रतिदिन सुबह ध्यान, योग, माला जाप और मंदिर में पूजन करते हैं। भारतीय परंपरा का व्यापक स्वरूप है IKS IKS यानी इंडीयन नॉलेज सिस्टम भारतीय ज्ञान परंपरा का व्यापक स्वरूप है। इसमें वेद, आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान, दर्शन और अर्थशास्त्र जैसे विषय शामिल हैं। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सरकार भारतीय पारंपरिक ज्ञान को मुख्यधारा की शिक्षा में शामिल करने पर जोर दे रही है। शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा संस्थाएं इसे पाठ्यक्रम और शोध से जोड़ने का काम कर रही हैं। उद्देश्य यह है कि भारतीय संस्कृति और आधुनिक विज्ञान के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। फिल्म छावा की नाट्य प्रस्तुति IKS फेयर में छात्रों ने फिल्म छावा के एक चर्चित दृश्य पर नाट्य प्रस्तुति दी। मंचन में दिखाया गया कि शिवाजी महाराज के निधन के बाद औरंगजेब दक्कन पर आक्रमण करता है और कैसे वीर छावा धोके से उसके कब्जे में पहुंचते हैं। संवाद, वेशभूषा और भावनात्मक अभिनय ने दर्शकों को उस ऐतिहासिक दौर की गंभीरता से रूबरू कराया। प्रस्तुति के माध्यम से छात्रों ने वीरता, संघर्ष और इतिहास से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। ये खबर भी पढ़ें… उच्च शिक्षा विभाग की नई पहल:मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग से एमओयू आज प्रदेश के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए उच्च शिक्षा विभाग नई पहल करने जा रहा है। बुधवार को मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (पश्चिमी क्षेत्र) के साथ विभाग द्वारा समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…

‘यह एक हिंदू राष्ट्र है’: महाराष्ट्र के मंत्री ने सरकारी कार्यालय में नमाज के बाद कार्रवाई का आह्वान किया | राजनीति समाचार

New Zealand defeat Sri Lanka by 61 runs. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:25 फरवरी, 2026, 23:12 IST एक वीडियो में मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग के अंदर नमाज पढ़ते हुए दिखाए जाने के बाद भाजपा नेता नितेश राणे ने घटना की निंदा की। महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे। महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग के अंदर नमाज अदा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बुधवार को कड़ी कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों से बात करते हुए, राणे ने कड़ी टिप्पणी की, “यह एक हिंदू राष्ट्र है। हमारे देश में किसी को भी इस तरह से धर्म का पालन करने, उपदेश देने या जिहाद करने की अनुमति नहीं है… क्या इन लोगों को मालेगांव के विकास के लिए चुना गया है या जिहाद करने के लिए? ऐसे निकायों को भंग करने की मांग क्यों नहीं की जानी चाहिए?” #घड़ी | मालेगांव नगर निगम बिजली विभाग के कार्यालय के अंदर नमाज अदा करने पर महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे का कहना है, “यह एक हिंदू राष्ट्र है। यहां किसी को भी ऐसा करने की इजाजत नहीं है…क्या इन लोगों को मालेगांव के विकास के लिए चुना गया है या जिहाद करने के लिए?… pic.twitter.com/HFhWYA6JC0– एएनआई (@ANI) 25 फ़रवरी 2026 उन्होंने कहा, “यह सब सिर्फ नाटक है, अगर वे ऐसा करना चाहते हैं तो उन्हें किसी इस्लामिक देश में जाना चाहिए… जब इतनी सारी मस्जिदें हैं तो उन्हें वहां नमाज क्यों पढ़नी चाहिए? हम निश्चित रूप से कार्रवाई के लिए कहेंगे।” राणे ने राज्य में मदरसों की भी आलोचना की, उन्हें “आतंकवादियों के लिए प्रजनन स्थल” कहा और कहा कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से उन्हें बंद करने का आग्रह करेंगे। उन्होंने अपने गृह जिले सावंतवाड़ी के एक अलग वायरल वीडियो का हवाला दिया, जिसमें एक पादरी सदस्य कथित तौर पर एक छात्र की पिटाई कर रहा है। उन्होंने कहा, “आपने बच्चों की पिटाई का मौलवी का वीडियो देखा है। यह मेरे गृह जिले सावंतवाड़ी का है और मैं जिले का संरक्षक मंत्री भी हूं। आपको यह भी पता चल जाएगा कि जल्द ही उस पर क्या सख्त कार्रवाई होने वाली है।” मंत्री ने इस्लामिक स्कूलों की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया, “आपको मदरसों की आवश्यकता क्यों है? यही मूल बिंदु है। ये मदरसे आतंकवाद के केंद्र हैं। वे वहां आतंकवादियों को आकार देते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया, “अगर आप कुरान पढ़ाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पास मस्जिदें हैं। कभी-कभी इन मदरसों में हथियार पाए जाते हैं, और कभी-कभी बच्चों की पिटाई जैसी घटनाएं होती हैं।” राणे ने आगे सवाल किया कि क्या कोई इस्लामिक देश हिंदुओं के लिए ऐसे स्कूलों की इजाजत देगा जहां केवल भगवद गीता पढ़ाई जाती हो। उन्होंने कहा, “मैं सीएम से बात करूंगा और उनसे सभी मदरसों को बंद करने के लिए कहूंगा, क्योंकि ये आतंकवादियों के लिए प्रजनन स्थल हैं।” (एजेंसियों से इनपुट के साथ) जगह : महाराष्ट्र, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 25 फरवरी, 2026, 23:12 IST समाचार राजनीति ‘यह एक हिंदू राष्ट्र है’: महाराष्ट्र के मंत्री ने सरकारी कार्यालय में नमाज के बाद कार्रवाई का आह्वान किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महाराष्ट्र नमाज विवाद(टी)नितेश राणे का बयान(टी)मालेगांव नगर निगम नमाज(टी)महाराष्ट्र में मदरसे(टी)मदरसों पर आतंकवाद के आरोप(टी)मदरसों के खिलाफ कार्रवाई(टी)वायरल नमाज वीडियो(टी)हिंदू राष्ट्र टिप्पणियां