Wednesday, 06 May 2026 | 01:41 AM

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मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर दिया, खुद भी पीया:पिता-पुत्री की मौत, पत्नी ICU में; ऑनलाइन गेम के चलते कर्ज में डूबा था

मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर दिया, खुद भी पीया:पिता-पुत्री की मौत, पत्नी ICU में; ऑनलाइन गेम के चलते कर्ज में डूबा था

शहडोल में ऑनलाइन गेम की लत और इसके चलते कर्ज से परेशान होकर मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर पिला दिया। फिर खुद पी लिया। इलाज के दौरान पहले बेटी, फिर कारोबारी की जान चली गई। पत्नी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में मौत से जंग लड़ रही है। मामला शहडोल के कोतवाली थाना इलाके में पुरानी बस्ती का है। यहां रहने वाले शंकर लाल गुप्ता (40) को ऑनलाइन गेम ‘बीडीजी’ खेलने की लत थी। वह इस खेल में करीब 4 लाख रुपए हार चुका था। इसके लिए लोगों से कर्ज भी लिया था। कर्ज के बढ़ते बोझ और आर्थिक तंगी की वजह से शंकर लाल काफी समय से तनाव में चल रहा था। कभी खुद की मोबाइल दुकान चलाने वाला शंकर अब सड़क किनारे छोटी सी दुकान लगाकर गुजारा करने को मजबूर था। घर से बाहर होने की वजह से बचा बेटा 24 फरवरी की रात शंकर लाल बाजार से कोल्ड ड्रिंक खरीदकर लाया। इसमें जहर मिला दिया। फिर पत्नी राजकुमारी और बेटी स्वाति (16) को पिला दी। खुद भी पी ली। शंकर लाल का 15 वर्षीय बेटा घर से बाहर गया था। रात में चीखपुकार सुनकर पड़ोसी शंकर लाल के घर पहुंचे। देखा कि तीनों लोगों की तबीयत खराब है। एम्बुलेंस की मदद से तीनों को अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान 25 फरवरी की सुबह स्वाति की मौत हो गई। शाम करीब 6 बजे शंकर लाल ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कोतवाली के एसआई उपेंद्र त्रिपाठी ने कहा- शुरुआती जांच में खुदकुशी की वजह आर्थिक तंगी ही लग रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

संभागायुक्त ने किसानों से उन्नत तकनीक की खेती, मुनाफा जाना:देवास में आधुनिक खेती से लाखों कमा रहे किसान; बैलेंस शीट भी बनाते हैं

संभागायुक्त ने किसानों से उन्नत तकनीक की खेती, मुनाफा जाना:देवास में आधुनिक खेती से लाखों कमा रहे किसान; बैलेंस शीट भी बनाते हैं

देवास में संभागायुक्त आशीष सिंह ने देवास जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर आधुनिक कृषि पद्धतियों का उपयोग करने वाले प्रगतिशील किसानों के खेतों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों द्वारा अपनाई जा रही उन्नत तकनीकों और उनसे मिल रहे मुनाफे को समझा। ग्राम मेंढकी धाकड़ में संभागायुक्त ने किसान जगदीश नागर के खेत का दौरा किया। नागर ने बताया कि वे 5 हजार वर्ग फीट जमीन से 55 हजार रुपये की लौकी का उत्पादन कर रहे हैं। पहले वे पारंपरिक फसलें उगाते थे, लेकिन अब उद्यानिकी फसलों जैसे टमाटर, ड्रैगन फ्रूट, गोभी, धनिया और खरबूजा की खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। वे सिंचाई के लिए ड्रिप और मल्चिंग जैसी आधुनिक पद्धतियों का उपयोग करते हुए साल में तीन फसलें लेते हैं। इसके बाद संभागायुक्त ने ग्राम जामगोद में किसान कैलाश पटेल द्वारा किए जा रहे केंचुआ खाद उत्पादन कार्य का अवलोकन किया। पटेल ने बताया कि उन्होंने 30 हजार रुपये की पूंजी से यह काम शुरू किया था, जिसे अब मेहनत और सही तकनीक से 3 लाख रुपये के टर्नओवर वाले सफल व्यवसाय में बदल दिया है। वे जैविक और केंचुआ खाद 6 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच रहे हैं। उनके इस नवाचारी प्रयास से कई अन्य किसान भी जुड़कर जैविक खेती कर रहे हैं। ग्राम अरनिया जागीर में किसान नारायण सिंह सेंधव के खेत पर पहुंचकर संभागायुक्त सिंह और कलेक्टर ऋतुराज आश्चर्यचकित रह गए। सेंधव ने बताया कि वे खेती को एक उद्योग के रूप में करते हैं और हर काम की बैलेंस शीट तैयार रखते हैं। इसमें पौधे लगाने, खर्च, पानी और खाद देने का पूरा विवरण दर्ज होता है। वे एक एकड़ में साल भर में 8 लाख रुपये तक का करेला बेच देते हैं। हाल ही में उनके करेले की फसल 80 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से मंडी में बिकी है। वे जल्द ही सफेद करेले की फसल भी तैयार कर रहे हैं, जिसे अनुमानित 105 से 110 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने की उम्मीद है।

इस दातून ने बूढ़े को बना दिया जवान! 70 की उम्र में 35 साल वाले दांत, रोज करें… 1 महीने में असर का दावा

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Last Updated:February 25, 2026, 18:32 IST Healthy Teeth Remedy: मध्य प्रदेश में रहने वाले एक शख्स की उम्र 60 साल थी, जब उनके दांत हिलने लगे थे. वो परेशान हो गए और उन्होंने एक पौधे की जड़ से दातून करना शुरू कर दिया. अब दस साल बीत गए. उनकी उम्र 70 साल है और उनके दांत 35 साल के व्यक्ति जैसे मजबूत हैं. जानें उनका दावा और औषधि का नाम… Healthy Teeth Tips. एमपी के छतरपुर में रहने वाले रामसहाय सेन के दांत 10 साल पहले हिलने लगे थे. इसके बाद इन्होंने अलग-अलग टूथपेस्ट का इस्तेमाल किया, लेकिन दांत मजबूत नहीं हुए . रामसहाय आयुर्वेदिक वैद्य के पास पहुंचे. वहां उनको एक झाड़ीनुमा औषधि के बारे में बताया गया. इसके बाद उन्होंने टूथपेस्ट छोड़, उसकी की दातून शुरू कर दी. आज उनके सारे दांत वापस मजबूत हो चुके हैं. रामसहाय ने कहा, जहां भी जाते हैं इस दातून को साथ लेकर जाते हैं. 12 महीने यही करते हैं. बूढ़े को बनाया जवान… लवकुश नगर के रामसहाय सेन ने लोकल 18 को बताया, जब मैं 60 वर्ष का था तब मेरे दांत हिलने लगे थे. मुझे लग रहा था कि अब मेरे दांत नहीं रहेंगे तो मैं फिर भोजन नहीं ठीक से कर पाऊंगा. इससे और जल्दी बूढ़ा हो जाउंगा. मैंने इसके बाद बहुत से टूथपेस्ट और टूथब्रश यूज किए, लेकिन रिजल्ट नहीं मिल रहा था. एक औषधि इतने नामरामसहाय बताते हैं उनकी टेंशन बढ़ती जा रही थी. क्योंकि, अब एक नहीं कई दांत हिलने लगे थे. उन्होंने अपनी ये चिंता भागवत कथावाचक जो वैद्य भी हैं, को बताई. उन्होंने वज्रदंती मंजन करने को कहा. उन्होंने बताया ये दांतों के लिए रामबाण औषधि है. इसका उपयोग युगों से होता आया है. ये सड़क या खेत किनारे देखने को मिल जाती है. इसे आयुर्वेद में अपामार्ग कहा जाता है. वहीं, क्षेत्रीय भाषा में इसे चिरचिटा या अझ्झाझार औषधि के नाम से भी जाना जाता है. रामसहाय बताते हैं कि जैसे ही गुरुजी ने यह उपाय बताया, मैंने इसे ढूंढना शुरू कर दिया. हर दिन ही इसकी जड़ों की दातून करने लगा. अगर कहीं बाहर भी जाना है तो इकट्ठी दातून बना लेता हूं और साथ लेकर चला जाता हूं.‌ नीम, बबूल से भी तगड़ीरामसहाय बताते हैं कि इस दातून को वज्रदंती मंजन भी कहते हैं. 10 साल से हर दिन ये दातून कर रहा हूं. आज 70 साल का हो गया हूं, लेकिन दांत मजबूत हैं. नीम, बबूल की दातून तो सभी करते हैं, लेकिन चिरचिटा की जड़ों को दातून का रूप देकर पहले चबाना होता है, फिर दांतों में घिसना होता है. इससे दांत तो साफ होते ही हैं, मसूड़े भी मजबूत बनते हैं. हिलते दांत भी मजबूत हो जाते हैं. 1 महीने में परिणाम रामसहाय बताते हैं कि अगर दांत हिलने लगे हैं या मसूड़ों में दर्द रहता है या पायरिया हो गया है, दांतों से खून निकलता है तो चिरचिटा पौधे की जड़ों की दातून एक महीने तक बंधकर करें. इससे आपके हिलते दांत भी मजबूत हो जाएंगे. मैं इसे 10 साल से कर रहा हूं. 12 महीने दातून कर सकते हैं रामसहाय बताते हैं कि चिरचिटा या अझ्झाझार वैसे तो बरसात और ठंड सीजन में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है, लेकिन बढ़ती गर्मी में ये कम दिखाई देता है. लेकिन आप इसकी जड़ों को पानी में डालकर रखते हैं तो आप गर्मी के मौसम में भी इसकी दातून कर सकते हैं. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : February 25, 2026, 18:32 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

‘भूत बंगला’ के पहले गाने का टीजर रिलीज:‘रामजी आके भला करेंगे’ में अक्षय कुमार कॉमिक अंदाज में दिखे; प्रीतम ने गाना कंपोज किया

‘भूत बंगला’ के पहले गाने का टीजर रिलीज:‘रामजी आके भला करेंगे’ में अक्षय कुमार दिखे कॉमिक अंदाज में; प्रीतम ने गाना कंपोज किया

फिल्म ‘भूत बंगला’ के पहले गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ का टीजर मेकर्स ने बुधवार को रिलीज किया। गाने में अक्षय कुमार कॉमिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में हाई-एनर्जी विजुअल्स और तेज बीट्स देखने को मिलती हैं। गौरतलब है कि फिल्म ‘भूत बंगला’ को 2026 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में गिना जा रहा है। कई सालों बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ लौट रही है। दोनों ने पहले ‘हेरा फेरी’, ‘भागम भाग’ और ‘गरम मसाला’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी फिल्में दी हैं, जिससे दर्शकों में खास उत्साह है। फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज होगी। देखें गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ की झलक गाने को प्रीतम ने कंपोज किया है गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ को प्रीतम ने कंपोज किया है। इसे देव अरिजीत ने गाया है, जबकि मेलो डी ने रैप सेगमेंट लिखा और परफॉर्म किया है। गाने की झलक को दर्शकों से पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहा है। हालांकि, फिल्म की कहानी को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की गई है। फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। इसमें अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आएंगे। फिल्म को अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर. कपूर ने प्रोड्यूस किया है।

‘भूत बंगला’ के पहले गाने का टीजर रिलीज:‘रामजी आके भला करेंगे’ में अक्षय कुमार दिखे कॉमिक अंदाज में; प्रीतम ने गाना कंपोज किया

‘भूत बंगला’ के पहले गाने का टीजर रिलीज:‘रामजी आके भला करेंगे’ में अक्षय कुमार दिखे कॉमिक अंदाज में; प्रीतम ने गाना कंपोज किया

फिल्म ‘भूत बंगला’ के गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ का टीजर मेकर्स ने बुधवार को रिलीज किया है। फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज होगी। फिल्म ‘भूत बंगला’ को 2026 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में गिना जा रहा है। कई सालों बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ लौट रही है। दोनों ने पहले ‘हेरा फेरी’, ‘भागम भाग’ और ‘गरम मसाला’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी फिल्में दी हैं, जिससे दर्शकों में खास उत्साह है। मेकर्स ने फिल्म के पहले गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ का जो टीजर जारी किया, उसमें अक्षय कुमार कॉमिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में हाई-एनर्जी विजुअल्स और तेज बीट्स देखने को मिलती हैं। गाने को प्रीतम ने कंपोज किया है इस गाने को प्रीतम ने कंपोज किया है। इसे देव अरिजीत ने गाया है, जबकि मेलो डी ने रैप सेगमेंट लिखा और परफॉर्म किया है। गाने की झलक को दर्शकों से पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहा है। हालांकि, फिल्म की कहानी को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की गई है। फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। इसमें अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आएंगे। फिल्म को अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर. कपूर ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म 10 अप्रैल, 2026 को थिएटर में रिलीज होगी।

ईशान किशन टी-20 बैटर्स की रैंकिंग में नंबर-5 पर आए:बॉलर्स में बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई, सिकंदर रजा टॉप ऑलराउंडर

ईशान किशन टी-20 बैटर्स की रैंकिंग में नंबर-5 पर आए:बॉलर्स में बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई, सिकंदर रजा टॉप ऑलराउंडर

ICC की ताजा टी-20 रैंकिंग में भारतीय ओपनर ईशान किशन 3 स्थान की छलांग लगाकर 5वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने 7 स्थान का उछाल लेते हुए 8वां स्थान हासिल किया है। ICC ने बुधवार को टी-20 इंटरनेशनल खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग जारी की। भारतीय ओपनर ईशान किशन को शानदार प्रदर्शन का फायदा मिला है। वे 742 रेटिंग अंक के साथ 8वें से 5वें नंबर पर पहुंच गए हैं। अभिषेक शर्मा टॉप पर कायम अभिषेक शर्मा खराब प्रदर्शन के बावजूद टी-20 बैटर्स की रैंकिंग की टॉप पोजिशन पर कायम हैं। वर्ल्ड कप में साधारण शुरुआत के बावजूद वे इंग्लैंड के फिल सॉल्ट से 62 अंक आगे हैं। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान 2 पायदान के फायदे के साथ नंबर-3 पर आ गए हैं। फरहान के 810 रेटिंग पॉइंट्स हैं। बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई है। पिछले हफ्ते 15वें नंबर पर रहे बुमराह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट लेने के बाद 669 अंक के साथ 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। कॉर्बिन बॉश 21 स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर आ गए हैं, जबकि वरुण चक्रवर्ती नंबर-1 गेंदबाज बने हुए हैं। सिकंदर रजा नंबर-1 ऑलराउंडर बने ऑलराउंडरों में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा फिर से नंबर-1 बन गए हैं। शिवम दुबे दो स्थान ऊपर चढ़कर 7वें नंबर पर पहुंचे हैं। वहीं, अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी 8वें स्थान पर पहुंचकर टॉप-10 में शामिल हो गए हैं। ———————————————– क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें —————————————————– टी-20 क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचा, आज श्रीलंका-न्यूजीलैंड के लिए करो या मरो मुकाबला इंग्लैंड टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। टीम ने मंगलवार को ग्रुप-2 में पाकिस्तान को 2 विकेट से हराया और नॉकआउट राउंड में एंट्री की। 2010 और 2022 की चैंपियन टीम ने लगातार पांचवें एडिशन के सेमीफाइनल में जगह बनाई। पढ़ें पूरी खबर

'बड़े नेता-अफसर समुदाय विशेष को टारगेट नहीं कर सकते':सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धर्म या जाति के आधार पर बदनाम करने का अधिकार नहीं

'बड़े नेता-अफसर समुदाय विशेष को टारगेट नहीं कर सकते':सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धर्म या जाति के आधार पर बदनाम करने का अधिकार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि ऊंचे संवैधानिक पदों पर बैठे नेता-अफसर किसी समुदाय को धर्म-जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर निशाना नहीं बना सकते। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना संविधान के खिलाफ है। किसी भी माध्यम से समुदाय को बदनाम करना अस्वीकार्य है। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुसार राज्य या गैर-राज्य अभिनेता सहित कोई भी व्यक्ति भाषण, मीम, कार्टून या दृश्य कला जैसे किसी भी माध्यम से किसी समुदाय को बदनाम या अपमानित नहीं कर सकता। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जवल भुयान की बेंच ने नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर रोक की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अलग से यह टिप्पणी की। बेंच ने 19 फरवरी को फिल्म निर्माता नीरज पांडे के हलफनामे को रिकॉर्ड में लेकर याचिका खत्म कर दी। अदालत ने उम्मीद जताई कि विवाद अब खत्म हो जाएगा। जस्टिस भुयान ने अपने 39 पन्नों के अलग फैसले में कहा कि संविधान की प्रस्तावना में सभी नागरिकों के बीच भाईचारा बढ़ाने और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का वादा किया गया है। मामले से जुड़ी पिछली सुनवाई- 19 फरवरी : SC के आदेश पर ‘घूसखोर पंडत’ नाम हटाया गया, नीरज पांडेय बोले- नया टाइटल अभी तय नहीं मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोर पंडत का नाम बदल दिया गया है। फिल्ममेकर नीरज पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल करके इसकी जानकारी दी। जिसमें बताया गया कि फिल्म का विवादित टाइटल हटा दिया गया है। अब इसका कहीं इस्तेमाल नहीं होगा। नया नाम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन जो भी रखा जाएगा, वह पुराने नाम जैसा या उससे मिलता-जुलता नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी को टीजर के साथ फिल्म के नाम का ऐलान हुआ था नेटफ्लिक्स ने 3 फरवरी 2026 को मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडत’ का ऐलान भी टीजर रिलीज करके किया गया था। लेकिन जैसे ही इसका टीजर जारी किया गया तो इसके टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया है। लोग सड़कों पर उतर गए। इसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया। ब्राह्मण समाज ने फिल्म का विरोध किया अलग-अलगह जगहों पर ब्राह्मण समाज ने नेटफ्लिक्स की ‘घूसखोर पंडत’ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा मुंबई के वकील आशुतोष दुबे का आरोप है कि ‘पंडत’ जैसे सम्मानजनक शब्द को भ्रष्टाचार के साथ जोड़ना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे पूरे समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचती है। नोटिस में कहा गया है कि यह फिल्म जानबूझकर एक समुदाय की छवि को खराब करने की कोशिश कर रही है।

संजय लीला भंसाली को हार्ट अटैक की खबर गलत:टीम ने बताया- वह पूरी तरह स्वस्थ, केवल रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गए थे

संजय लीला भंसाली को हार्ट अटैक की खबर गलत:टीम ने बताया- वह पूरी तरह स्वस्थ, केवल रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गए थे

फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली को लेकर हाल ही में खबरें आईं कि उन्हें हार्ट अटैक के बाद मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन खबरों को गलत बताते हुए बुधवार को उनके परिवार ने बयान जारी कर कहा कि वह बिल्कुल ठीक हैं और सिर्फ रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल गए थे। दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मंगलवार को उनके 63वें जन्मदिन के दिन भंसाली को हार्ट अटैक आया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हालांकि परिवार ने अब हार्ट अटैक की बात की पुष्टि नहीं की। परिवार की तरफ से कहा गया, “संजय लीला भंसाली बिल्कुल ठीक हैं। वह रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गए हैं। चिंता की कोई बात नहीं है। सभी के प्यार और दुआओं के लिए धन्यवाद।” फिल्म ‘लव एंड वॉर’ पर काम कर रहे हैं संजय लीला भंसाली इन दिनों वह अपनी अगली फिल्म ‘लव एंड वॉर’ पर काम कर रहे हैं। इसमें आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और विक्की कौशल नजर आएंगे। संजय लीला भंसाली ने अपने करियर की शुरुआत विदु विनोद चोपड़ा के साथ असिस्टेंट के रूप में की। डायरेक्शन में उनकी पहली फिल्म ‘खामोशी: द म्यूज़िकल’ रही, जिसे समीक्षकों ने खूब सराहा। उन्हें असली पहचान ‘हम दिल दे चुके सनम’ से मिली। इसके बाद ‘देवदास’ आई, जो बड़ी हिट साबित हुई। भंसाली ने ‘ब्लैक’ जैसी संवेदनशील और प्रभावशाली फिल्म बनाई, जिसने कई पुरस्कार जीते। हालांकि ‘सांवरिया’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘पद्मावत’ जैसी ऐतिहासिक फिल्में भी बनाईं। इसके अलावा, 2024 में उन्होंने वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू किया।

शत्रुघ्न सिन्हा ने ‘धुरंधर’ की तारीफ की:रणवीर सिंह की फिल्म को मास्टरपीस बताया, बोले – कौन-सी प्रोपेगैंडा फिल्म?

शत्रुघ्न सिन्हा ने ‘धुरंधर’ की तारीफ की:रणवीर सिंह की फिल्म को मास्टरपीस बताया, बोले - कौन-सी प्रोपेगैंडा फिल्म?

एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म धुरंधर की तारीफ की। उन्होंने फिल्म को एब्सोल्यूट मास्टरपीस बताया और इसे प्रोपेगैंडा फिल्म कहे जाने के दावों को खारिज किया। गौरतलब है कि धुरंधर पिछले साल 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, लेकिन फिल्म को लेकर चर्चा अब भी जारी है। ऋतिक रोशन समेत कई बॉलीवुड सेलेब्स ने फिल्म की तारीफ की है। अब शत्रुघ्न सिन्हा ने भी फिल्म देखकर अपनी प्रतिक्रिया दी। X अकाउंट पर अपने पोस्ट में शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा, “वाह! अभी-अभी सबसे ज्यादा चर्चित फिल्म ‘धुरंधर’ देखी, एक एब्सोल्यूट मास्टरपीस। कैसी ‘प्रोपेगैंडा’ फिल्म? फिल्म तो फिल्म होती है। यह एक शानदार, ग्रिपिंग, दिलचस्प और भरपूर मनोरंजन से भरी फिल्म है, जिसे पूरी ईमानदारी से बनाया गया है। बैंकॉक, थाईलैंड में बनाए गए सेट्स (जो पाकिस्तान को दर्शाते हैं) बेहद खूबसूरत और रियलिस्टिक हैं।” उन्होंने आगे कहा, “तकनीकी रूप से फिल्म बेहतरीन है, एडिटिंग शानदार है। सिनेमैटोग्राफर की उत्कृष्ट मेहनत काबिल-ए-तारीफ है। पूरी टैलेंटेड कास्ट और क्रू को बधाई, जिन्होंने इस फिल्म को विजुअल डिलाइट बना दिया। सभी कलाकारों ने शानदार काम किया है।” रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ की शत्रुघ्न सिन्हा ने खासतौर पर रणवीर सिंह, संजय दत्त और अक्षय खन्ना की परफॉर्मेंस की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि रणवीर सिंह अपने किरदार में आउटस्टैंडिंग हैं, जबकि संजय दत्त को एक योग्य पिता का योग्य पुत्र कहा। अक्षय खन्ना की एक्टिंग को भी उन्होंने बेहद शानदार बताया। पोस्ट में उन्होंने राकेश बेदी के रोल को “केक पर आइसिंग” बताया और कहा कि म्यूजिक व कोरियोग्राफी ने सिनेमा में नई एनर्जी भरी है। साथ ही, सौम्या टंडन के कैमियो को भी दमदार बताया। लास्ट में उन्होंने आदित्य धर के डायरेक्शन की तारीफ करते हुए फिल्म को अनफॉरगेटेबल सिनेमैटिक ट्रीट / मास्टरस्ट्रोक कहा और लिखा – “लॉन्ग लिव इंडियन सिनेमा! जय हिंद!” बता दें कि फिल्म का सीक्वल ‘धुरंधर: द रिवेंज’ अगले महीने रिलीज होने वाला है। इसमें रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त, सारा अर्जुन और आर माधवन नजर आएंगे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ से टकराएगी। दोनों फिल्में 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होंगी।

मैक्स साकेत में डॉक्टरों ने ईराकी मरीज की आंख से कैंसर हटाया

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Last Updated:February 25, 2026, 15:43 IST मैक्स साकेत के डॉक्टरों ने भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर की स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर ईराक के मरीज की आंख का इलाज क‍िया है. डॉक्‍टरों ने न केवल उसकी आंख से मटर जैसा ट्यूमर हटाया बल्‍क‍ि उसकी आंखों की रोशनी भी बचा ली. आइए व‍िस्‍तार से जानते हैं पूरी खबर.. मैक्‍स साकेत के डॉक्‍टरों ने ईराकी मरीज की आंख से कैंसर न‍िकाला है और उसकी रोशनी भी बचा ली है. सांकेत‍िक तस्‍वीर. Eye cancer Treatment news: भारतीय डॉक्टर और भारत में तैयार स्वदेशी चीजें सबसे बेहतर हैं, ये मैक्स साकेत के डॉक्टरों ने साबित कर दिया है. यहां के डॉक्टरों ने ईराक से आए एक मरीज की आंख से न केवल दुर्लभ ट्यूमर को बाहर निकाला है, बल्कि उसकी दोनों आंखों की रोशनी भी जैसी की तैसी बची हुई है. यह कुशल भारतीय हेल्थकेयर का एक नायाब उदाहरण है कि आंख में से कैंसर को हटाने के बावजूद भी आंखों की रोशनी को नुकसान नहीं पहुंचा. बता दें कि ईराक के रहने वाले एक 41 साल के मरीज को पिछले छह महीने से दायीं आंख से दिखने में कुछ परेशानी होने लगी थी. पहले इसे उन्होंने आंख की सामान्य समस्या समझा लेकिन धीरे-धीरे परेशानी बढ़ने लगी तो वे एक्सपर्ट मेडिकल केयर के लिए भारत आ गए. यहां मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल साकेत में विस्तार से की गई जांच में पता चला कि उनकी आंख में 9.5 गुणा 13.5 मिमी बड़ा ट्यूमर था. यह लगभग एक छोटे मटर के दाने जितना बड़ा था. यह दरअसल कोरोइडल मेलानोमा था, जो आंखों के कैंसर का एक दुर्लभ और जानलेवा प्रकार है. सबसे बड़ी बात है कि अगर समय पर इलाज नहीं मिलता तो यह पूरी आंख में फैल सकता था. अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज के इलाज के लिए प्लेक ब्रैकीथेरेपी का प्रयोग करने का फैसला किया और ऑफ्थेल्मोलॉजी की एचओडी और प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. अनीता सेठी के नेतृत्व में ऑफ्थेल्मोलॉजी टीम ने सर्जरी को अंजाम दिया. इसमें रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉ. डोडुल मंडल ने भी सहयोग दिया. यह आंखों के इलाज के क्षेत्र में एडवांस्ड रेडिएशन ट्रीटमेंट है, जिसमें रेडियोएक्टिव प्लेक को सीधे ट्यूमर तक पहुंचाया जाता है. इससे डॉक्टरों को आसपास की कोशिकाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचाते हुए कैंसर सेल्स को निशाना बनाने में आसानी हुई जबकि कुछ अन्य थेरेपी में पूरी प्रभावित आंख को निकालने की नौबत आ जाती है. सबसे खास बात इस इलाज की ये रही कि डॉक्टरों ने इसके लिए देश में विकसित रुथेनियम-106 प्लेक का इस्तेमाल किया, जिसे भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर ने तैयार किया है. इससे आयातित विकल्पों की तुलना में किफायती समाधान मिल गया. फिर रेडिएशन की जरूरी डोज मिलने तक मरीज को अस्पताल में रखा गया और प्लेक को हटा दिया गया. इस थेरेपी की मदद से मरीज का ट्यूमर तो हटा ही उसकी दोनों आंखों की रोशनी भी बनाए रखने में मदद मिली. इस केस को लेकर डॉ. अनीता सेठी ने कहा, ‘बहुत से मरीजों में डर होता है कि आंख में कैंसर का पता चलने का अर्थ है कि आंखों की रोशनी चली जाएगी. इस मामले में हमारा लक्ष्य था कि मरीज की आंखों की रोशनी बचाए रखते हुए प्रभावी तरीके से ट्यूमर हटाया जाए. सही समय पर जांच हो जाने से हमें उपयुक्त इलाज चुनने और मरीज को गुणवत्तापूर्ण जीवन देने में मदद मिली. यह केस दिखाता है कि कैसे सही समय पर मल्टीडिसिप्लिनरी प्लानिंग से आंख के कैंसर के जटिल मामलों में भी आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है.’ वहीं डॉ. डोडुल मंडल ने कहा, ‘रेडियोथेरेपी आज के समय में सभी के लिए सटीक और पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट देने का माध्यम बन गई है. प्लेक ब्रैकीथेरेपी में रेडिएशन सोर्स को सीधे ट्यूमर के पास लगा दिया जाता है, जिससे आंख के स्वस्थ हिस्सों तक बहुत कम रेडिएशन पहुंचता है और अनावश्यक नुकसान का खतरा कम होता है.’ इस केस ने दिखाया है कि कैसे सटीक और मल्टीडिसिप्लिनरी केयर से आंख के कैंसर के जटिल मामलों में भी शानदार नतीजे मिल सकते हैं. बता दें कि भारत में कुछ चुनिंदा अस्पताल ही यह इलाज देते हैं. एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक पहुंच आसान होने से इस तरह के एप्रोच की मदद से भारत में आंखों के कैंसर के इलाज भी हो जाता है और रोशनी भी बनी रहती है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें First Published : February 25, 2026, 15:43 IST