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मुख्य सचिव को कोर्ट की अवमानना से बचाने के निर्देश:GAD ने जारी की गाइडलाइन, स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए कहा

मुख्य सचिव को कोर्ट की अवमानना से बचाने के निर्देश:GAD ने जारी की गाइडलाइन, स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए कहा

मध्य प्रदेश में विभागीय अफसरों की लापरवाही से होने वाली सरकार की फजीहत और मुख्य सचिव को कोर्ट की अवमानना से बचाने के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था तय की है। इसमें सरकार की सम्पत्ति की सुरक्षा के साथ मुख्य सचिव को कोर्ट में घसीटने से बचाने पर फोकस किया है। सभी विभाग प्रमुखों और विभागाध्यक्षों से सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि कोर्ट के मामले में पक्षकार के रूप में मुख्य सचिव का नाम हटाए जाने की कार्यवाही कराना है क्योंकि मुख्य सचिव किसी विभाग के भारसाधक सचिव नहीं होते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए जारी ताजा निर्देशों में कहा है कि विभाग के सचिव और कलेक्टर की यह जिम्मेदारी होगी कि वह यह देखें कि जिन मामलों में मुख्य सचिव के माध्यम से पक्षकार बनाकर राज्य शासन के विरुद्ध कोर्ट में केस या याचिका लगाई जाती है उसमें समय पर मुख्य सचिव का नाम हटाने का काम कराया जाए। जीएडी ने इसको लेकर जारी निर्देश में कहा है कि सभी विभागों द्वारा मध्यप्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 के अनुरूप कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए संस्थागत व्यवस्था बनाई जाएगी और सेवा विवादों से संबंधित अभ्यावेदनों का समय पर निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। कोर्ट में पक्ष रखने विधि अधिकारियों, स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति करें निर्देशों में यह भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष तेजी से रखने के लिए राज्य के विधि अधिकारियों को तथा सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जानी चाहिए। अगर किसी मामले में कानूनी जटिलता हो और किसी और को अधिवक्ता नियुक्त किया जाना हो तो ऐसा प्रस्ताव विभागीय मंत्री के प्रशासकीय अनुमोदन के साथ विधि विभाग को भेजा जाएगा। इसमें प्रशासनिक विभाग द्वारा उनके नाम और सेवा शर्तों का साफ तौर पर उल्लेख किया जाएगा। इसके लिए विधि विभाग द्वारा अन्तरविभागीय समिति गठित की गई है जिसमें भारसाधक सचिव वित्त विभाग के होंगे और कमेटी के अध्यक्ष होंगे। सदस्य के रूप में भारसाधक सचिव विधि विभाग तथा संबंधित प्रशासकीय विभाग के भारसाधक सचिव शामिल किए जाएंगे। सरकार को नुकसान तो वसूली अफसर से हो जारी निर्देशों में कहा है कि अगर किसी प्रकरण में विलंब, गलती, चूक और विषय वस्तु से भिन्नता के कारण सरकार के खिलाफ आदेश जारी होता है तो विभाग की यह जिम्मेदारी होगी कि ऐसे मामले में संबंधित अफसर की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही करें और अगर सरकार को क्षति हुई है तो संबंधित अधिकारी से वसूली की जाए। इसके लिए प्रभारी अधिकारी के दायित्व तय किए गए हैं। जीएडी ने सरकारी जमीन से संबंधित मामलों को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा है कि कलेक्टर और जिला प्राधिकारी अपने क्षेत्र में कोर्ट द्वारा सरकार के खिलाफ दिए गए आदेश के मामले में शासकीय अधिवक्ता से सलाह लेकर अपील पेश करेंगे। जहां कलेक्टर के सक्षम होने की स्थिति न हो, वहां विभाग प्रमुख को निर्णय के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने अवमानना के मामलों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के लिए कहा है। प्रशासनिक प्रकरणों के निराकरण के लिए नई कार्यप्रणाली लागू सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अनुसार प्रशासनिक प्रकरणों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही समयसीमा में पूरी करें। साथ ही, हर स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी निर्धारित की गई है। निर्देशों में कहा गया है कि प्रकरणों के परीक्षण के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच अनिवार्य होगी। यदि किसी प्रकरण में जानकारी अधूरी पाई जाती है, तो संबंधित पक्ष से तत्काल जानकारी प्राप्त कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सभी विभाग लंबित कोर्ट मामलों की नियमित समीक्षा करेंगे सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपील, पुनरीक्षण और समीक्षा से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इन मामलों में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करना होगा। विशेष रूप से विलंब से प्राप्त प्रकरणों में ‘कंडोनेशन ऑफ डिले’ (विलंब क्षमा) के प्रावधानों का उचित उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी विभाग नियमित रूप से अपने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करेंगे और उनकी प्रगति की जानकारी उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही, रिकॉर्ड संधारण और दस्तावेजों के सुरक्षित रख-रखाव पर भी बल दिया गया है।

‘बंगला में घुसपैठ के लिए टीएमसी जिम्मेदार’, अमित शाह ने भड़के अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए शेख हसीना को लेकर क्या कहा?

'बंगला में घुसपैठ के लिए टीएमसी जिम्मेदार', अमित शाह ने भड़के अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए शेख हसीना को लेकर क्या कहा?

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित अभिषेक ने कश्मीर, दिल्ली में गृह मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठाया। गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपनी सभी पार्टियों में राज्य में घुसपैठियों के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं और इसके लिए वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी लोकतांत्रिक कांग्रेस (टीएमसी) को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। शाह के आरोप-प्रस्ताव पर टीएमसी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश से घुसपैठ के मामले में शाह की रिहाई पर पलटवार करते हुए बांग्लादेश के अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भी ज़िक्र किया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह स्पष्ट करने को कहा कि बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को बंधक बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, अभिषेक अंबानी ने पहलगाम और नई दिल्ली में पिछले साल हुए हमले में गृह मंत्रालय की भूमिका पर भी रोक नहीं लगाने का सवाल उठाया। शेख़ ख़ुशना को लेकर क्या बोले अभियोग…? न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने शाह से यह स्पष्ट करने की मांग की कि शेख हसीना को क्या कहा जाए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शरण दी है। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें दूर-दराज़ के निवासियों से खोजा गया है, जो कि फ्लॉवर के शाह के संकल्प का ज़िक्र करते हुए अभियोग ने केंद्रीय गृह मंत्री पर बार-बार आरोप लगाया है- एक ही बात दोहराई जा रही है और इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम घुसपैठियों की बात करें तो बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की क्या स्थिति है, जो पिछले साल से भारत में रह रही हैं? क्या हैं वे बांग्लादेशी घुसपैठिए?’ लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से अमित शाह असफलः अभिवचन अभिषेक ने कहा, ‘अमित शाह पहले गाम में हुए आतंकवादी हमलों में कैसे नाकाम रहे, जिसमें 26 भारतीय मारे गए? दिल्ली में हमलावरों ने कैसे घुसे और 10 लोगों को मार डाला? ‘शाह इन लोगों की सुरक्षा क्यों विफल हो रही है?’ यह भी पढ़ें: ओडिशा के गंजाम में ‘दंड नाच’ के दौरान दो संप्रदायों में मामूली बहस के बाद हिंसक हुई घटना (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)बांग्लादेश(टी)शेख हसीना(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)बांग्लादेश(टी)शेख हसीना(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी

अनूपपुर में हाथियों ने खड़ी फसलें रौंदी:सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ी, 103 दिनों से मचा रहे तबाही

अनूपपुर में हाथियों ने खड़ी फसलें रौंदी:सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ी, 103 दिनों से मचा रहे तबाही

छत्तीसगढ़ से आए चार हाथियों ने अनूपपुर जिले में पिछले 103 दिनों से डेरा डाल रखा है। हाथियों के लगातार उत्पात और वन विभाग की सुस्ती की वजह से ग्रामीणों में भारी गुस्सा और डर का माहौल है। ये हाथी फिलहाल दो हिस्सों में बंटकर आतंक मचा रहे हैं। तीन हाथियों का दल करनपठार के जंगलों में छिपा है, जबकि एक अकेला हाथी (लोन टस्कर) जिला मुख्यालय से सिर्फ 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी और खांड़ा के इलाकों में फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। इस अकेले हाथी ने बरबसपुर के सरपंच समेत कई किसानों के खेत रौंद दिए और सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ डालीं। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उन्हें समय पर हाथियों के आने की सूचना (मुनादी) नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ दूर खड़े होकर तमाशा देखते हैं। न तो विभाग पटाखे दे रहा है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम कर रहा है। मजबूर होकर ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर मशालों के सहारे हाथियों को खदेड़ रहे हैं। मौत के दो महीने बाद भी नहीं मिला मुआवजा प्रशासन की लापरवाही का एक बड़ा मामला भी सामने आया है। बरबसपुर में 12 फरवरी को हाथी के हमले (दीवार गिरने) से घायल 70 साल के रामविशाल भैना की मौत हो गई थी। इस घटना को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन मृतक के परिवार को अब तक सरकारी सहायता राशि नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग न तो जान की परवाह कर रहा है और न ही नुकसान की भरपाई।

मिर्गी आने से पहले कर लेगी पता! IIT कानपुर ने बना डाली ऐसी डिवाइस, जेब में रखकर कहीं भी घूमिए

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Last Updated:April 10, 2026, 22:36 IST IIT Kanpur News : ये डिवाइस दिमाग की हर गतिविधि पर नजर रखेगी और किसी भी गड़बड़ी के संकेत पहले ही दे देगी. इसकी मदद से ब्रेन स्ट्रोक और मिर्गी के मरीजों की जान बचाना आसान हो जाएगा. इसे खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहां बड़े अस्पतालों की सुविधा आसानी से नहीं मिलती. इस डिवाइस का लैब टेस्ट सफल रहा है और अब इसे क्लिनिकल ट्रायल के लिए भेजा गया है. कानपुर. अब ब्रेन से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा पहले ही पहचाना जा सकेगा. इसकी मदद से ब्रेन स्ट्रोक और मिर्गी के मरीजों की जान बचाना आसान हो जाएगा. आईआईटी कानपुर में तैयार की गई एक नई “प्वाइंट ऑफ केयर” डिवाइस दिमाग की हर गतिविधि पर नजर रखेगी और किसी भी गड़बड़ी के संकेत पहले ही दे देगी. यह डिवाइस आईआईटी कानपुर के इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर में काम कर रहे स्टार्टअप मेंटीव हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार की है. स्टार्टअप के सीईओ हर्ष अरोड़ा के अनुसार, इस तकनीक का मकसद इलाज को अस्पतालों तक सीमित न रखकर सीधे मरीज तक पहुंचाना है, खासकर गांवों में. कैसे करेगी काम यह डिवाइस दिमाग की गतिविधियों को लगातार मॉनिटर करती है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह डेटा को समझकर संभावित खतरे का अंदाजा लगा सकती है. अगर मस्तिष्क में किसी तरह की असामान्य गतिविधि शुरू होती है, तो यह डिवाइस पहले ही अलर्ट दे देगी. इससे डॉक्टर समय रहते इलाज शुरू कर सकेंगे. यह डिवाइस मिर्गी के दौरे आने से पहले भी संकेत दे सकती है, जो मरीजों के लिए राहत भरी बात है. हर्ष अरोड़ा बताते हैं कि डिवाइस का लैब टेस्ट सफल रहा है और अब इसे क्लिनिकल ट्रायल के लिए भेजा गया है. आईआईटी कानपुर की लैब में इसकी टेस्टिंग अभी भी जारी है. पॉकेट में फिट इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसका छोटा और पोर्टेबल होना है. यह पॉकेट साइज की है और पूरी तरह से चार्जेबल है, यानी मरीज इसे कहीं भी आसानी से साथ रख सकता है. हर्ष के मुताबिक, उनकी कंपनी ऐसी डिवाइसेस पर काम कर रही है जिन्हें पहनना और इस्तेमाल करना आसान हो. यही वजह है कि इसे खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहां बड़े अस्पतालों की सुविधा आसानी से नहीं मिलती. पूरी तरह स्वदेशी इस डिवाइस को पूरी तरह भारत में तैयार किया गया है और इसकी कीमत भी विदेशी डिवाइसेस के मुकाबले काफी कम रखी जाएगी. हर्ष अरोड़ा का कहना है कि यह डिवाइस आधे से भी कम कीमत में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें. इस प्रोजेक्ट को आईआईटी कानपुर और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय से फंडिंग भी मिली है, जिससे इसे आगे और बेहतर बनाने का काम चल रहा है. उम्मीद की नई किरण ब्रेन से जुड़ी बीमारियां अक्सर अचानक और खतरनाक होती हैं, लेकिन यह डिवाइस समय से पहले चेतावनी देकर मरीजों की जिंदगी बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है.खा सकर गांवों में रहने वाले मरीजों के लिए यह तकनीक किसी वरदान से कम नहीं. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh First Published : April 10, 2026, 22:36 IST

भोला सिकरवार हत्याकांड का फरार आरोपी गिरफ्तार:घर आते वक्त पुलिस ने घेरकर किया अरेस्ट; अब तक 10 पकड़े गए, 3 अब भी फरार

भोला सिकरवार हत्याकांड का फरार आरोपी गिरफ्तार:घर आते वक्त पुलिस ने घेरकर किया अरेस्ट; अब तक 10 पकड़े गए, 3 अब भी फरार

ग्वालियर में भोला सिकरवार हत्याकांड के फरार एक आरोपी को हजीरा थाना पुलिस ने उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह चोरी-छिपे अपने घर आ रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार हैं। हजीरा क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार को लेकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। हजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, 10 माह पहले हुई इस वारदात में फरार दिव्यांशु पुत्र सत्येंद्र सिंह भदौरिया के घर आने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी की और जैसे ही वह चौहान क्रेन के पास पहुंचा, उसे दबोच लिया। आरोपी कुछ समय तक समझ ही नहीं पाया कि क्या हुआ। उसे थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। इस बार सटीक सूचना के आधार पर गिरफ्तारी संभव हो सकी। गैंगवार में हिस्ट्रीशीटर भोला सिकरवार की हुई थी हत्या 2 जून 2025 को हजीरा के बिरला नगर इलाके में हिस्ट्रीशीटर भोला सिकरवार की उसके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उसका एक साथी घायल हुआ था। जांच में सामने आया कि गैंगस्टर बंटी भदौरिया और भोला पहले दोस्त थे और साथ मिलकर अवैध शराब का कारोबार करते थे, लेकिन बाद में दोनों के बीच दुश्मनी हो गई। पिछले छह वर्षों में दोनों गुटों के बीच कई बार फायरिंग और हमले हो चुके हैं। अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के मुताबिक, इस मामले में बंटी भदौरिया समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब भी तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में अन्य फरार आरोपियों का सुराग मिल जाएगा।

पन्ना में बाघ ने महिला पर हमला किया:2 किमी कंधे पर लादकर घायल को गांव पहुंचाया, अस्पताल में भर्ती

पन्ना में बाघ ने महिला पर हमला किया:2 किमी कंधे पर लादकर घायल को गांव पहुंचाया, अस्पताल में भर्ती

पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल के विश्रामगंज रेंज में एक बाघ ने महुआ बीनकर लौट रही महिला पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के साहस से महिला की जान बच गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना विश्रामगंज रेंज के टगरा बीट के कक्ष क्रमांक 299 (महुआ टोला) में हुई। शाम करीब 6:00 बजे, हीरापुर टपरियन निवासी 35 वर्षीय रामकली कोंदर पति किशन कोंदर अपने साथियों के साथ घर लौट रही थीं। तभी घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। बाघ ने महिला की टांग पकड़ ली और उसे घसीटकर घने जंगल की ओर ले जाने लगा। महिला की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद 6-7 ग्रामीणों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शोर मचाते हुए लकड़ियों से बाघ पर हमला किया। ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास से बाघ महिला को छोड़कर जंगल में भाग गया। प्रत्यक्षदर्शी नंद लाल ने बताया कि इस दुर्गम जंगली इलाके में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं था, जिससे तत्काल मदद नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने महिला के पैर में कपड़ा बांधकर खून रोका। इसके बाद, ग्रामीणों ने घायल महिला को कंधे पर लादकर लगभग 2 किलोमीटर पैदल चलकर गांव तक पहुंचाया। वहां से उसे जिला चिकित्सालय पन्ना ले जाया गया। विश्रामगंज रेंजर अजय बाजपेई ने बताया कि महिला को तत्काल इलाज के लिए भर्ती कराया गया है और उसे आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की गई है। उन्होंने ग्रामीणों को महुआ के सीजन में अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी है। घायल महिला का उपचार जिला चिकित्सालय पन्ना में जारी है। उसके पैर और कंधे में गंभीर चोटें आई हैं।

दीपिका चिखलिया ने रामायण फिल्म पर कसा तंज:कहा- रामायण ऐसी बनाओ कि 4000 करोड़ लगाकर भी वैसी न बन पाए

दीपिका चिखलिया ने रामायण फिल्म पर कसा तंज:कहा- रामायण ऐसी बनाओ कि 4000 करोड़ लगाकर भी वैसी न बन पाए

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ पर रामानंद सागर की ‘रामायण’ में सीता का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया ने तंज कसा है। दीपिका चिखलिया ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर की। इसमें उन्होंने लिखा, “रामायण ऐसी बनाओ कि लोग 4000 करोड़ लगाकर भी वैसी न बन पाएं।” हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी पर निशाना नहीं साधा, लेकिन उनके इस पोस्ट को फिल्म के भारी-भरकम बजट और पुराने शो की सादगी से जोड़कर देखा जा रहा है। उनका मानना है कि रामायण की आत्मा उसकी भावनाओं में होती है, न कि सिर्फ पैसे खर्च करने में। टीजर की तारीफ भी कर चुकी हैं एक्ट्रेस दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले दीपिका ने ‘रामायण ‘ के टीजर की काफी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, मैंने टीजर देखा और यह बहुत भव्य है। यह वाकई बहुत ही शानदार लग रहा है। मेकर्स ने इसे बहुत अच्छे से बनाया है। मैं खुद इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। दो हिस्सों में आएगी फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितेश तिवारी की ‘रामायण’ एक बड़े स्तर पर बनाई जा रही फ्रैंचाइजी होगी। इसे दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला हिस्सा दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देगा। वहीं, कहानी का दूसरा और अंतिम भाग अगले साल दिवाली 2027 में रिलीज करने की योजना है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: यूसीसी, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ…बंगाल चुनाव के बाद क्या है बीजेपी की योजना? अमित शाह ने संकल्प पत्र का किया खंडन

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: यूसीसी, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ...बंगाल चुनाव के बाद क्या है बीजेपी की योजना? अमित शाह ने संकल्प पत्र का किया खंडन

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित संकल्प पत्र में महिलाओं, युवाओं के लिए नए विवरण शामिल हैं। बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले पहले चरण के चुनाव के लिए अब सिर्फ चंद दिनों का समय शेष है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का संकल्प पत्र जारी किया है। इस दौरान उन्होंने बंगाल की जनता से कई बड़े वादे भी किये. चुनाव से पहले कोलकाता में बोले अमित शाह गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बंगाल की मुख्यमंत्री और वैष्णवी कांग्रेस (टीएमसी) की भवानीपुर के उम्मीदवार ममता बनर्जी के एक बयान पर अपनी सहमति व्यक्त की। दरअसल, ममता बनर्जी ने बंगाल के लोगों से कहा था कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनी तो मछली और अंडा खाना नहीं मिलेगा. इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि आप ऐसा क्यों सोचते हैं? ऐसा नहीं है तो सवाल ही क्यों कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सिर्फ और सिर्फ झूठ का प्रचार करती हैं और उसे प्रसारित करती हैं।’ चुनाव जीतने के बाद बीजेपी सरकार बनी और टीएमसी की साड़ी मंजूरी खत्म हो गई, ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमारे यहां कहीं भी पुरानी सरकार की मंजूरी को खत्म नहीं किया गया है. मैं आपको बताना चाहता हूं कि 5 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनेगी और हम सब मिलकर राम राज की स्थापना करेंगे।’ बीजेपी के संकल्प पत्र पर क्या बोले केंद्रीय गृह मंत्री? बंगाल चुनाव को लेकर जारी किए गए भाजपा के संकल्प पत्र पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में पिछले 15 साल तक पूर्वी बंगाल का शासन सबसे बड़ा बुरा सपना था, लेकिन भाजपा के संकल्प पत्र में राज्य की महिलाएं और युवा नई उम्मीदें जगाएंगे।’ हर व्यक्ति अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन करने का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कानून लागू करेगा।’ उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अगर एक बार भी भाजपा इसके खिलाफ चुनाव जीतती है तो वह सभी के लिए एक समान कानूनी गारंटी, शर्त को सुरक्षित रखने, घुसपैठ के इरादे को अपनाएगी और पहचान की मात्रा पर भी रोक लगा देगी। उनहोंन समान नागरिक कानून (यूसीसी) को लेकर कहा गया कि अगर बीजेपी की सरकार बनी हुई है, तो राज्य में अगले छह महीने में यूसीसी को लागू कर दिया जाएगा। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में बीजेपी का मुख्यमंत्री तो कौन बनेगा? अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)अमित शाह(टी)कोलकाता(टी)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)अमित शाह(टी)कोलकाता(टी)भाजपा(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी

अनिल कपूर का शो '24' हॉटस्टार पर लौटेगा:एक्टर ने प्लेटफॉर्म को दी 24 घंटे की चेतावनी; 24 अप्रैल से स्ट्रीम होंगे दोनों सीजन

अनिल कपूर का शो '24' हॉटस्टार पर लौटेगा:एक्टर ने प्लेटफॉर्म को दी 24 घंटे की चेतावनी; 24 अप्रैल से स्ट्रीम होंगे दोनों सीजन

बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर का पॉपुलर एक्शन थ्रिलर शो ’24’ एक बार फिर दर्शकों के बीच लौटने वाला है। इस बार यह शो ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार (JioHotstar) पर स्ट्रीम किया जाएगा। शो की वापसी की खबर के बीच अनिल कपूर ने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म को एक अनोखी चेतावनी दी है, जिसने फैंस के बीच सस्पेंस बढ़ा दिया है। शो के दोनों सीजन 24 अप्रैल से स्ट्रीम किए जाएंगे। अनिल कपूर की ‘चेतावनी’ से बढ़ा सस्पेंस अनिल कपूर ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने जियो हॉटस्टार को टैग करते हुए लिखा- “जियो हॉटस्टार, तुम्हारे पास 24 घंटे हैं।” इसके साथ ही कैप्शन में उन्होंने जोड़ा- “वरना मैं मामला अपने हाथ में ले लूंगा।” हालांकि अनिल ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन माना जा रहा है कि यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है। इस पोस्ट के बाद फैंस कयास लगा रहे हैं कि क्या शो का तीसरा सीजन भी आने वाला है। 24 अप्रैल से शुरू होगी स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार पर यह हाई-ऑक्टेन थ्रिलर सीरीज 24 अप्रैल से उपलब्ध होगी। प्लेटफॉर्म ने फैसला किया है कि दर्शकों के लिए हर शुक्रवार को शो के 8 एपिसोड ड्रॉप किए जाएंगे। इस शो को भारत में लॉन्ग-फॉर्मेट स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जाता है। एक्टर बोले- मेरे दिल के बहुत करीब है यह प्रोजेक्ट शो की वापसी पर अपनी बात रखते हुए अनिल कपूर ने कहा, मैंने सालों में कई इंटेंस और एक्शन रोल किए हैं, लेकिन ’24’ मेरे लिए कभी सिर्फ एक शो नहीं था। यह एक अलग ही एड्रेनालिन रश था। इसके रियल-टाइम फॉर्मेट ने मुझे एक एक्टर के तौर पर काफी चैलेंज किया। मैं एक्साइटेड हूं कि अब जियो हॉटस्टार के जरिए दर्शक इस रोमांच को एक बार फिर से महसूस कर पाएंगे। अमेरिकी सीरीज का ऑफिशियल रीमेक है ’24’ बता दें कि यह शो इसी नाम की मशहूर अमेरिकी सीरीज का इंडियन अडैप्टेशन है। इसमें अनिल कपूर ने एंटी-टेररिस्ट यूनिट (ATU) के एजेंट जय सिंह राठौड़ का मुख्य किरदार निभाया है। शो की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘रियल-टाइम’ फॉर्मेट है, जिसमें 24 एपिसोड के जरिए 24 घंटों की कहानी दिखाई जाती है। भारत में इसके अब तक दो सीजन आ चुके हैं।

114 नए राफेल स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे:18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे; कंपनी ने सोर्स कोड देने से इनकार किया

114 नए राफेल स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे:18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे; कंपनी ने सोर्स कोड देने से इनकार किया

भारत फ्रांस से 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीद रहा है। 18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे। इन जेट्स को स्वदेशी मिसाइलों और हथियार सिस्टम से लैस किया जाएगा। एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) के जरिए राफेल जेट और स्वदेशी हथियार आपस में कैसे जुड़ेंगे यह तय किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय अगले महीने राफेल फाइटर जेट बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी करेगा। इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत शुरू होगी। इस सौदे को फेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 12 फरवरी को मंजूरी दी थी। 114 में से 18 राफेल जेट्स फ्रांस से फ्लाई-अवे कंडीशन में मिलेंगे। बाकी 96 जेट्स भारत में बनाए जाएंगे, जिसमें 25% कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। फ्रांस सोर्स कोड शेयर नहीं करेगा रिपोर्ट्स में कहा गया कि फ्रांस सोर्स कोड देने को तैयार नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, कोई भी देश अपने फाइटर जेट का सोर्स कोड साझा नहीं करता। यही कोड रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, टारगेट ट्रैकिंग और हथियार सिस्टम को कंट्रोल करता है, इसलिए इसे साझा नहीं किया जाता। हालांकि, डील पर इसका असर नहीं है। दावा- रूस और अमेरिका भी नहीं देते सोर्स कोड एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को रूस ने 5th जनरेशन Su-57 फाइटर जेट के दो स्क्वाड्रन देने की पेशकश की है। वह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ मिलकर Su-30 MKI जेट्स को अपग्रेड भी कर रहा है। हालांकि रूस ने इन दोनों फाइटर जेट्स के सोर्स कोड कभी शेयर नहीं किए। अमेरिका का भी यही रुख है। भारत के पास मौजूद अमेरिकी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और अटैक हेलिकॉप्टर से जुड़े सॉफ्टवेयर कोड भी शेयर नहीं किए जाते। एयरफोर्स ने सितंबर 2025 में मांग की थी एयरफोर्स ने सितंबर 2025 में 114 अतिरिक्त राफेल जेट की मांग रक्षा मंत्रालय को भेजी थी। एयरफोर्स के पास पहले से 36 राफेल विमान है, जबकि नौसेना ने 26 मरीन वेरिएंट राफेल का ऑर्डर दिया है। अधिक संख्या में एक ही प्लेटफॉर्म होने से रखरखाव लागत कम होगी। अंबाला एयरबेस पर राफेल का ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सेंटर पहले से चालू है। एयरफोर्स के पास तुरंत दो स्क्वाड्रन (36–38 विमान) शामिल करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेयर पार्ट्स और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद है। भारत में 176 राफेल विमान हो जाएंगे 114 राफेल की डील पूरी होने के बाद भारत के बेड़े में राफेल विमानों की संख्या 176 हो जाएगी। हालांकि अभी इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है। एयरफोर्स पहले ही 36 राफेल विमानों को शामिल कर चुकी है। भारतीय नौसेना ने 26 राफेल मरीन का ऑर्डर दिया है। राफेल मरीन से पहले भारत फ्रांस से एयरफोर्स के लिए 36 राफेल जेट भी खरीद चुका है। 2016 में हुई इस डील के सभी विमान 2022 में भारत पहुंचे थे। इन्हें एयरफोर्स के अंबाला और हाशिनारा एयरबेस से संचालित किया जाता है। ये डील 58,000 करोड़ रुपए में हुई थी। राफेल मरीन विमान के फीचर्स एयरफोर्स के राफेल विमान से एडवांस हैं। ————– ये कबर भी पढ़ें… 114 नए राफेल खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी:फ्रेंच प्रेसिडेंट मैक्रों के भारत आने पर हो सकता है सौदा भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस डील की कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए बताई जा रही है। दसॉ एविएशन से 18 विमान उड़ने के लिए तैयार स्थिति में मिलेंगे। बाकी 96 भारत में बनेंगे। इनके 60% कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। भारत का यह सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। पूरी खबर पढ़ें…