Wednesday, 22 Apr 2026 | 07:15 PM

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जज पर एडिशनल सेशन जज के घर चोरी के आरोप:पटियाला में सिविल जज के खिलाफ 7 महीने बाद FIR, कोर्ट ने बेल रिजेक्ट की

जज पर एडिशनल सेशन जज के घर चोरी के आरोप:पटियाला में सिविल जज के खिलाफ 7 महीने बाद FIR, कोर्ट ने बेल रिजेक्ट की

पंजाब के पटियाला में सिविल जज पर एडिशनल सेशन जज के घर में चोरी करने के आरोप लगे हैं। सिविल जज के खिलाफ घटना के सात महीने बाद 21 मार्च को FIR दर्ज की गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए सिविल जज द्वारा लगाई गई बेल भी कोर्ट ने रद्द कर दी। एडिशनल सेशन जज हरिंदर सिद्धू ने आरोपों को गंभीर मानते हुए सिविल जज की बेल को रिजेक्ट कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक मृतक सहकर्मी के आवास से संदिग्ध परिस्थितियों में भारी मात्रा में सोना और अभूषण निकालना गंभीर आरोप है। पटियाला के एडिशनल सेशन जज कंवलजीत सिंह की एक अगस्त 2025 को अस्पताल में मौत हो गई थी। सिविल जज विक्रमदीप और अन्य लोगों पर आरोप है कि उसी दिन रात को उन्होंने एडिशनल सेशन जज के घर से सोना व आभूषण चोरी किए। सीसीटीवी फुटेज और वाट्सएप चैट के टाइम में अंतर सुनवाई के दौरान अदालत ने नोट किया कि विक्रमदीप और मृतक के बेटे अंगदपाल सिंह के बीच वाट्सऐप चैट और कॉल रात 10:15 बजे के बाद की है, जबकि CCTV फुटेज रात 9:50 बजे तक के हैं। इससे प्रथम दृष्टया यह पता चलता है कि सामान मृतक के बेटे से संपर्क करने से पहले ही हटा लिया गया था। एडिशनल सेशन जज के दोस्त की शिकायत पर हुई FIR सिविल जज व उसके सहयोगियों के खिलाफ मृतक एडिशनल सेशन जज के दोस्त व पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भूपिंदर सिंह विर्क की शिकायत पर 21 मार्च को FIR दर्ज हुई। उनके बेटे ने इस केस को प्रोसीड करने के लिए डॉ भूपिंदर सिंह विर्क को पावर ऑफ अटॉर्नी दी है। शिकायत में लगाए गए ये आरोप FIR के अनुसार, 1 अगस्त 2025 को जब कंवलजीत सिंह का अमर अस्पताल पटियाला में निधन हो गया, उसी रात लगभग 8:46 बजे बिक्रमदीप सिंह ने मृतक के घर नंबर 74C, विकास कॉलोनी, पटियाला में साजिश रचकर घुसपैठ की। उनके साथ घरेलू नौकरानी अमरजोत कौर उर्फ पिंकी, गौरव गोयल (पूर्व सहयोगी) और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल थे। CCTV फुटेज में तीनों को घर में घुसते, सामान की तलाशी लेते और बॉक्स-बैग में पैतृक सोना, आभूषण तथा नकदी लेकर निकलते दिखाया गया है। शिकायतकर्ता डॉ. भूपिंदर सिंह विर्क ने आरोप लगाया कि यह चोरी बिना किसी कानूनी अधिकार के और बेईमानी के इरादे से की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत दर्ज है। आरोपों पर आरोपी के वकीलों ने दे यह सफाई बिक्रमदीप सिंह की ओर से वकीलों अनीश जैन और अमित जैन ने अदालत में कहा FIR पूरी तरह झूठी और बदनाम करने के मकसद से 7 महीने बाद दर्ज कराई गई। मृतक कंवलजीत सिंह से पारिवारिक संबंध थे। लुधियाना में एक साथ पोस्टिंग के दौरान मृतक उन्हें परिवार का सदस्य मानते थे। उनकेनिधन की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे। वहां मृतक के पुत्र अंगदपाल सिंह ने फोन पर अनुरोध किया कि घर जाकर कीमती सामान सुरक्षित रख लें। भरोसेमंद नौकरानी पिंकी भी मदद करेगी। घर पहुंचकर अंगदपाल सिंह को वीडियो कॉल की और पूरे समय संपर्क में रहे। बाद में सामान अंगदपाल सिंह को सौंप दिया। अदालत को बताया कि अगर बेईमानी का इरादा होता तो खुद न जाते, गनमैन के साथ न जाते, कॉल पर न रहते और CCTV DVR भी ले जाते। वे न्यायिक अधिकारी हैं, पिता-दादा भी जज रह चुके हैं। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों (दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एसोसिएशन केस) का हवाला देते हुए विशेष संरक्षण की मांग की। जांच में शामिल होने को तैयार हैं। कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत, जानिए… अदालत ने जांच रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, व्हाट्सएप चैट और दोनों पुत्रों के बयान देखने के बाद याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं। एक न्यायिक अधिकारी पर सहकर्मी जज के घर से चोरी का आरोप है, जो न्यायपालिका की छवि को प्रभावित करता है। CCTV फुटेज में याचिकाकर्ता की उपस्थिति और सामान निकालने का तरीका प्रथम दृष्टया गुप्त और संदिग्ध दिखता है। मृतक के बेटे से व्हाट्सएप चैट और कॉल का समय रात 10:15 बजे के बाद का है, जबकि CCTV फुटेज में सामान 9:50 बजे तक निकाल लिया गया था यानी संपर्क बाद में हुआ। सिविल जज की तरफ से पेश की गई चैट में किसी भी प्रकार की अनुमति या सौंपने का जिक्र नहीं है। पुत्रों के बयान भी याचिकाकर्ता के दावे का खंडन करते हैं। चोरी गई संपत्ति की रिकवरी अभी बाकी है। हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो। न्यायिक अधिकारियों को गिरफ्तारी से पूर्ण छूट नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित होगी।अदालत ने साफ कहा कि यह फैसला केवल जमानत याचिका पर है और मामले के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं। बिक्रमदीप सिंह अब नियमित जमानत या अन्य राहत के लिए उच्च न्यायालय जा सकते हैं।

छावनी विलय और ROB निर्माण की रक्षामंत्री से मांग:नरयावली विधायक ने कहा- विलय के बाद भूमि का मालिकाना हक राज्य सरकार या निकाय को हस्तांतरित किया जाए

छावनी विलय और ROB निर्माण की रक्षामंत्री से मांग:नरयावली विधायक ने कहा- विलय के बाद भूमि का मालिकाना हक राज्य सरकार या निकाय को हस्तांतरित किया जाए

सागर जिले की नरयावली विधानसभा के विधायक प्रदीप लारिया ने शनिवार को दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सागर के कैंट एरिया से जुड़े दो मुद्दों पर चर्चा करते हुए पत्र सौंपा। विधायक लारिया ने सागर छावनी परिषद के नगरीय निकाय में विलय की प्रक्रिया पर चर्चा की। रक्षा मंत्री को भूमि स्वामित्व की तकनीकी अड़चनों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विलय के बाद भूमि का मालिकाना हक राज्य सरकार या निकाय को हस्तांतरित किया जाए। ताकि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे का विकास हो सके। उन्होंने सुरक्षा मानकों को ध्यान रखते हुए कृषि और बंगला क्षेत्रों को भी विलय प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही। दरअसल, केंद्र सरकार ने कैंट सागर के सागर नगर निगम में विलय की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिसंबर-2022 में जारी किया था। इसके बाद कैंट ने अलग-अलग जमीनों के हिसाब से प्रस्ताव तैयार किए और उनको मप्र शासन के साथ रक्षा संपदा को भेजे थे। तभी से छावनी परिषद के नगर निगम में विलय की प्रक्रिया चल रहा है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण की अनुमति की मांग इसके साथ ही विधायक लारिया ने कैंट क्षेत्र में स्थित डिंपल पेट्रोल पंप के पास बीना-कटनी रेलवे गेट नंबर-25 पर आरओबी का निर्माण कराने अनुमति की मांग को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह मार्ग यातायात की दृष्टि से अत्यधिक व्यस्त है और यहां फ्लाईओवर की आवश्यकता है। निर्माण कार्य की अनुमति के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) रक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर आवेदन पहले कर चुका है। विधायक ने जनहित में इस परियोजना को जल्द अनुमति देने की मांग की। दोनों ही विषयों पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विधायक लारिया को विभागीय स्तर पर उचित समीक्षा कर सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। छावनी का निगम में विलय होने से ये फायदें छावनी के रिहायशी इलाकों का विलय होने से यहां के रहवासियों को शासकीय आवास योजना जैसे कई फायदें मिलना शुरू होंगे। स्ट्रीट लाइट, जल आपूर्ति, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और सड़क कनेक्टिविटी भी मिलेगी। छावनी परिषद क्षेत्र में भवन निर्माण और अन्य नागरिक कार्यों के लिए सेना से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की टिप्पणी खाड़ी संबंधों को खतरे में डालती है, केरल प्रवासियों के विश्वास को धोखा देती है | चुनाव समाचार

Gujarat Titans vs Rajasthan Royals Live Score: IPL 2026 Match Today Updates From Narendra Modi Stadium Ahmedabad

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 17:41 IST पीएम मोदी ने कांग्रेस पर अनावश्यक दहशत पैदा करने और भारत के विदेशी संबंधों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर अपने बयानों को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और पार्टी पर भारतीयों, विशेषकर क्षेत्र में काम करने वाले केरल के लोगों की जान जोखिम में डालने का आरोप लगाया। केरलम के तिरुवल्ला में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्षी नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने खाड़ी देशों में काम करने वाले केरल के लोगों के विश्वास को “धोखा” दिया है, उन्होंने कहा कि इस संकट ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों की मानसिकता को उजागर कर दिया है। “केरल के लाखों निवासी इस क्षेत्र में काम करते हैं, फिर भी कांग्रेस नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयान उनकी सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। मैं कांग्रेस नेताओं से आग्रह करता हूं कि वे ऐसी टिप्पणियां करने से बचें जो पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों को खतरे में डाल सकती हैं।” यह भी पढ़ें: ‘एलडीएफ सत्ता से बाहर हो जाएगा’: पीएम मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार केरल के विकास में सबसे बड़ी बाधा है प्रधान मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि खाड़ी देशों के साथ भारत के राजनयिक संबंध संकट के दौरान अपने नागरिकों की सुरक्षा में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “खाड़ी देशों के साथ हमारी सरकार के मजबूत संबंध ही हैं जो इस कठिन समय में हमारे लोगों की रक्षा करने में मदद कर रहे हैं।” पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला उन्होंने कांग्रेस पर अनावश्यक दहशत पैदा करने और भारत के विदेशी संबंधों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। “कांग्रेस ऐसे बयान दे रही है जिससे पश्चिम एशियाई देशों के साथ भारत के संबंधों में तनाव आने का खतरा है, अनावश्यक घबराहट पैदा हो रही है। यह केवल मोदी पर राजनीतिक हमलों के लिए किया जा रहा है।” मछुआरे फंसे हुए हैं, सरकार निकासी पर काम कर रही है पीएम मोदी ने कहा कि कई तटीय राज्यों के भारतीय मछुआरे संघर्ष के कारण फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा, “गोवा, केरलम, तमिलनाडु और अन्य राज्यों के भारतीय मछुआरे वर्तमान में ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में चल रहे संघर्ष के कारण फंसे हुए हैं। हम उन्हें सुरक्षित वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।” केरलम विधानसभा चुनाव केरलम में चुनाव प्रचार तेज हो गया है क्योंकि राज्य विधानसभा चुनाव में एक हफ्ते से भी कम समय रह गया है। मतदान 9 अप्रैल को होंगे और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 17:29 IST समाचार चुनाव पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की टिप्पणी खाड़ी संबंधों को खतरे में डालती है, केरल प्रवासियों के विश्वास को धोखा देती है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया संघर्ष(टी)मोदी ने कांग्रेस पर हमला किया(टी)भारत पश्चिम एशिया संकट(टी)केरल श्रमिक खाड़ी(टी)भारतीय मछुआरे फंसे(टी)भारत खाड़ी संबंध(टी)कांग्रेस विदेश नीति आलोचना(टी)मोदी केरल रैली

कचरे में ​मिले स्पीकर ने जेन-जी भाईयों को बनाया करोड़प​ति:3.5 लाख रुपए में ट्रक खरीदा, घर-ऑफिस से कचरा उठाया, रीसेल कर बढ़ाया बिजनेस

कचरे में ​मिले स्पीकर ने जेन-जी भाईयों को बनाया करोड़प​ति:3.5 लाख रुपए में ट्रक खरीदा, घर-ऑफिस से कचरा उठाया, रीसेल कर बढ़ाया बिजनेस

कचरे के ढेर से मिला स्पीकर दो जेन-जी भाइयों की जिंदगी बदल देगा, यह किसी ने नहीं सोचा होगा। अमेरिका के बोस्टन के पास स्थित नॉरवुड शहर के रहने वाले किर्क और जैकब मैकिन्नी ने इसी छोटे से अनुभव से प्रेरित होकर 2021 में ‘जंक टीन्स’ नाम का स्टार्टअप शुरू किया, जिसकी सालाना कमाई अब 28 करोड़ रुपए से ज्यादा है। दोनों भाइयों ने 3.5 लाख रुपए में पुराना पिकअप ट्रक खरीदकर इस बिजनेस को शुरू किया था। अब उनके पास पांच डंप ट्रक हैं और करीब 10-15 कर्मचारी उनके यहां काम करते हैं, जिनमें ज्यादातर छात्र हैं। इस सफल बिजनेस की शुरुआत भी एक छोटे से अनुभव से हुई। बड़ा भाई किर्क मैकिन्नी साइकिल से स्थानीय डंप यार्ड जाते थे, एक दिन उन्हें वहां एक वर्किंग कंडीशन में स्पीकर मिला। इसके बाद वे लगातार वहां जाने लगे और इस्तेमाल लायक सामान इकट्ठा कर सोशल मीडिया पर बेचने लगे। इसी दौरान उन्हें ऐसे लोग भी मिले, जो अपने घरों से कबाड़ हटवाने के लिए पैसे देने को तैयार थे। इसके बाद दोनों भाइयों ने अपनी बचत से पिकअप ट्रक खरीदा और घर-घर जाकर कबाड़ उठाने का काम शुरू किया। उन्होंने तकनीक का उपयोग करके बुकिंग और लॉजिस्टिक्स को इतना आसान बना दिया कि ग्राहकों के लिए कचरा हटवाना एक क्लिक का काम रह गया। शुरुआत में वे लैंडस्केपिंग और मूविंग जैसे काम करते थे, लेकिन धीरे-धीरे जंक रिमूवल (बेकार सामान उठाना) उनका सबसे सफल काम बन गया। अब जैकब मैकिन्नी कहते हैं, ‘शुरुआत में हमें नहीं पता था कि हम बिजनेस बना रहे हैं, लेकिन यही काम सबसे मजेदार और सबसे ज्यादा कमाई वाला साबित हुआ।’ आज “जंक टीन्स’ एक बड़ा जंक रिमूवल और रीसेलिंग बिजनेस बन चुका है। अब वे हर काम के लिए औसतन 40,000 से 50,000 हजार चार्ज करते हैं। ‘जंक रिमूवल’ इंडस्ट्री में आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से आ रहा बड़ा बदलाव इस बिजनेस की खूबी कचरे से कमाई वाला मॉडल है। कबाड़ हटाने के बदले वे फीस तो लेते ही हैं, साथ ही हटाए गए सामान में से रिसाइकिल करने योग्य वस्तुओं को बेचकर अतिरिक्त कमाई भी करते हैं। दोनों भाई ट्रक में आए सामान को सीधे डंप करने के बजाय पहले उसे छांटते है। वे पुराने स्पीकर, फर्नीचर, साइकिल, फ्रिज और ऐसी मशीनें ढूंढते, जिन्हें थोड़ा साफ या ठीक करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। इसके बाद वे ऑनलाइन साइट्स पर बेच देते। उनका लक्ष्य अब इस स्टार्टअप को पूरे देश में फैलाना है और ‘जंक रिमूवल’ इंडस्ट्री में तकनीक के माध्यम से बड़े बदलाव लाना है।

दमोह का आधा नूरी नगर निकला बिजली चोर:75 घरों की जांच में 35 में हो रही थी चोरी, पहचान के लिए कंपनी ने कराई वीडियोग्राफी

दमोह का आधा नूरी नगर निकला बिजली चोर:75 घरों की जांच में 35 में हो रही थी चोरी, पहचान के लिए कंपनी ने कराई वीडियोग्राफी

दमोह शहर के नूरी नगर में शनिवार दोपहर बिजली विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान 35 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते पकड़ा। इन सभी उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी का मामला दर्ज किया गया है और 7 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के दक्षिण संभाग दमोह द्वारा शहर में बढ़ते लाइन लॉस को रोकने के लिए यह विशेष जांच अभियान चलाया गया था। कार्यपालन अभियंता मोतीलाल साहू के निर्देशन में कुल 6 टीमों ने नूरी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में सघन चेकिंग की। अभियान के दौरान कुल 75 घरों की जांच की गई, जिसमें से 35 घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई। बिजली चोरी में उपयोग किए जा रहे सभी 35 अवैध तारों को जब्त कर न्यायिक कार्यवाही के लिए कब्जे में लिया गया। विभाग ने इस दौरान वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई, जिससे चोरी करने वालों की पहचान की जा सके। कार्रवाई के दौरान कई बिजली चोर मौके से अपने मकानों में ताला लगाकर फरार हो गए। विभाग उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर रहा है। जांच में सामने आया कि कई उपभोक्ता खपत नियंत्रित करने के लिए अलग से केबल डाले हुए थे, जबकि कुछ तारों में कट लगाकर या पोल से अवैध कनेक्शन जोड़कर बिजली का उपयोग कर रहे थे। इन उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 और 138 के तहत कार्रवाई की गई है। विभाग द्वारा इन सभी उपभोक्ताओं से कुल 7 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी निर्धारित की गई है। इस सघन चैकिंग अभियान में कायर्पालन अभियंता मोतीलाल साहू , सहायक अभियंता राघवेंद्र इडिपाचे, कनिष्ठ अभियंता अजीत पटेल , शिवानी गुप्ता और पूजा खोब्रागड़े सहित विभागीय स्टाफ लाइनमेन और आउटसोर्स कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यपालन अभियंता मोतीलाल साहू ने बताया कि लाइन लॉस कम करने और राजस्व हानि रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिन 35 घरों में चोरी की बिजली पकड़ी गई है। सभी पर मामला दर्ज कर उनसे जुर्माना भी वसूला जा रहा है।

क्या तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना हर किसी के लिए होता है फायदेमंद? ये बीमारियां हैं तो बिल्कुल ना पिएं ताम्रजल

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Last Updated:April 04, 2026, 16:08 IST Tamra jal benefits in hindi: कोई शीशे के बॉटल में पानी पीता है तो कोई प्लास्टिक के बोतल में पानी रखता है. घर पर होते हैं तो लोग स्टील के ग्लास, कांच के गिलास में पानी अधिक पीते हैं, लेकिन काफी लोग ऐसे भी होते हैं, जो तांबे के बर्तन में रखकर पानी पीना हेल्दी मानते हैं. तो क्या ताम्रजल हर किसी के लिए फायदा पहुंचाता है? जानिए यहां ताम्रजल किसके लिए होता है फायदेमंद और किसे पहुंचा सकता है नुकसान. क्या ताम्रजल पीना सभी के लिए है हेल्दी? Tamra jal benefits in hindi: पानी, एक ऐसा पेय पदार्थ है, जिसके सेवन से आधी से ज्यादा बीमारियां खुद-ब-खुद कम हो जाती हैं. आयुर्वेद से लेकर विज्ञान तक में 2 लीटर पानी पीने की सलाह दी जाती है, हालांकि पानी तभी पीना लाभकारी है जब शरीर को प्राकृतिक तरीके से प्यास लगती है. पानी को स्वास्थ्यवर्धक बनाने के लिए तांबे के जल के सेवन को शरीर के लिए लाभकारी बताया गया है, लेकिन क्या सबके लिए तांबे के जल का सेवन लाभकारी है? ताम्रजल भारतीय परंपरा का हिस्सा है, लेकिन आयुर्वेद कभी भी किसी चीज को बिना शरीर की प्रवृत्ति को पहचाने थोपता नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि हर द्रव्य का प्रभाव व्यक्ति की प्रकृति, अवस्था, और समय पर निर्भर करता है. आधुनिक विज्ञान भी यही संकेत देता है कि कुछ स्थितियों में अधिक कॉपर शरीर के संतुलन को प्रभावित कर सकता है. तांबे का जल उष्ण और तीक्ष्ण स्वभाव वाला होता है और पाचन को बढ़ाने में सहायक है, लेकिन पित्त की वृद्धि भी शरीर में करता है. इसलिए, जरूरी नहीं है कि तांबे का जल हर किसी के लिए लाभकारी हो. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. अब सवाल है कि किन लोगों को तांबे का जल नहीं पीना चाहिए. तांबे का जल मधुमेह से पीड़ित लोगों को नहीं पीना चाहिए. इन लोगों के शरीर की प्रवृत्ति पित्त है; उन्हें भी तांबे के जल से परहेज करना चाहिए. पित्त की प्रवृत्ति बढ़ने से शरीर में गर्मी बढ़ती है और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अगर आप लिवर और किडनी से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे हैं, तब भी तांबे के जल का सेवन करना लाभकारी नहीं रहेगा. तांबे का जल लिवर और किडनी के काम को प्रभावित करता है, जिससे फिल्टर करने की प्रक्रिया भी बाधित हो सकती है. इसके अलावा, छोटे बच्चों को भी तांबे का पानी नहीं पीना चाहिए. सुबह खाली पेट तांबे के पानी को पचाने में बहुत मेहनत लगती है और बच्चों की पाचन अग्नि इतनी तेज नहीं होती. विज्ञान और आयुर्वेद दोनों मानते हैं कि शरीर में कॉपर की अधिकता से रक्त में शर्करा की मात्रा असंतुलित हो जाती है और रक्त वाहिकाओं पर भी अत्याधिक जोर पड़ता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : April 04, 2026, 16:08 IST

यौन उत्पीड़न मामले में मलयालम फिल्म निर्देशक हिरासत में:एक्ट्रेस ने रंजीत बालकृष्णन पर आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी

यौन उत्पीड़न मामले में मलयालम फिल्म निर्देशक हिरासत में:एक्ट्रेस ने रंजीत बालकृष्णन पर आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी

मशहूर मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत बालकृष्णन को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। यह आदेश शनिवार को कोच्चि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस की याचिका मानते हुए जारी किया। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब मामले की और गहन जांच करेगी। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला तब उजागर हुआ जब एक अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि रंजीत ने फिल्म शूट के दौरान एक कैरवैन (वैन) के अंदर उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर 28 मार्च को FIR दर्ज की गई और कोच्चि पुलिस ने उस पर गंभीर आरोपों का मामला बनाया। पुलिस ने दावा किया कि शुरुआती जांच में आरोप और साक्ष्य पर्याप्त पाए गए, जिसके बाद ही रंजीत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सोमवार शाम तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि पूछताछ और सबूत एकत्रण का काम जारी रखा जा सके। रंजीत का स्वास्थ्य भी अब चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वकील टीम ने कोर्ट में दलील दी कि गिरफ्तार करते समय उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और उनके गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों (जैसे लीवर ट्रांसप्लांट और पिछले स्पाइनल सर्जरी) के कारण हिरासत में स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस हिरासत की अनुमति दी, साथ ही निर्देश दिए कि हर 24 घंटे में उनकी मेडिकल जांच की जाए। रंजीत पहले ही एर्नाकुलम सब जेल में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं और उनका बेल आवेदन अगली सुनवाई के लिए सोमवार/मंगलवार को पेश किया जाएगा। उनके वकील का कहना है कि वे इस मामले में निर्दोष हैं और आरोपों को झूठा और साजिश बताया है। पुलिस की SIT अब सेट पर मौजूद कर्मियों, गवाहों और उपकरणों के सबूतों की पड़ताल कर रही है, ताकि स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। इसके अलावा फिल्म जगत के संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है और उद्योग में सुरक्षा तथा शिकायत तंत्र के कार्यान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।

यौन उत्पीड़न मामले में मलयालम फिल्म निर्देशक हिरासत में:एक्ट्रेस ने रंजीत बालकृष्णन पर आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी

यौन उत्पीड़न मामले में मलयालम फिल्म निर्देशक हिरासत में:एक्ट्रेस ने रंजीत बालकृष्णन पर आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी

मशहूर मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत बालकृष्णन को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। यह आदेश शनिवार को कोच्चि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस की याचिका मानते हुए जारी किया। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब मामले की और गहन जांच करेगी। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला तब उजागर हुआ जब एक अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि रंजीत ने फिल्म शूट के दौरान एक कैरवैन (वैन) के अंदर उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर 28 मार्च को FIR दर्ज की गई और कोच्चि पुलिस ने उस पर गंभीर आरोपों का मामला बनाया। पुलिस ने दावा किया कि शुरुआती जांच में आरोप और साक्ष्य पर्याप्त पाए गए, जिसके बाद ही रंजीत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सोमवार शाम तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि पूछताछ और सबूत एकत्रण का काम जारी रखा जा सके। रंजीत का स्वास्थ्य भी अब चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वकील टीम ने कोर्ट में दलील दी कि गिरफ्तार करते समय उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और उनके गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों (जैसे लीवर ट्रांसप्लांट और पिछले स्पाइनल सर्जरी) के कारण हिरासत में स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस हिरासत की अनुमति दी, साथ ही निर्देश दिए कि हर 24 घंटे में उनकी मेडिकल जांच की जाए। रंजीत पहले ही एर्नाकुलम सब जेल में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं और उनका बेल आवेदन अगली सुनवाई के लिए सोमवार/मंगलवार को पेश किया जाएगा। उनके वकील का कहना है कि वे इस मामले में निर्दोष हैं और आरोपों को झूठा और साजिश बताया है। पुलिस की SIT अब सेट पर मौजूद कर्मियों, गवाहों और उपकरणों के सबूतों की पड़ताल कर रही है, ताकि स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। इसके अलावा फिल्म जगत के संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है और उद्योग में सुरक्षा तथा शिकायत तंत्र के कार्यान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।

रहमान डकैत का रोल 3 स्टार्स ने किया था रिजेक्ट:कास्टिंग डायरेक्टर बोले- मल्टीस्टारर फिल्म बताकर किया इनकार, फिर अक्षय खन्ना हुए फाइनल

रहमान डकैत का रोल 3 स्टार्स ने किया था रिजेक्ट:कास्टिंग डायरेक्टर बोले- मल्टीस्टारर फिल्म बताकर किया इनकार, फिर अक्षय खन्ना हुए फाइनल

फिल्म ‘धुरंधर’ की कास्टिंग को लेकर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने बताया कि रहमान डकैत के किरदार के लिए 2-3 बड़े एक्टर्स ने इनकार कर दिया था। आखिर में यह रोल अक्षय खन्ना को मिला। हाल ही में बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में मुकेश छाबड़ा ने बताया कि फिल्म की कास्टिंग आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्हें करीब 4 घंटे तक फिल्म की कहानी सुनाई गई, जिसे सुनने के बाद वे सदमे में थे और समय का एहसास ही नहीं हुआ। कास्टिंग प्रोसेस करीब दो साल चली मुकेश के मुताबिक, फिल्म के दोनों हिस्सों को मिलाकर करीब 400 कलाकारों की कास्टिंग करनी थी। इसके लिए उन्होंने छह लोगों की टीम बनाई और हर रोल के लिए अलग-अलग तलाश शुरू की। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर आदित्य धर ने उन्हें पूरी स्वतंत्रता दी थी और बड़े लेवल पर सोचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की कास्टिंग प्रोजेस 2024 से करीब दो साल चली। कास्टिंग के दौरान कई कलाकारों ने अलग-अलग भूमिकाओं के लिए मना कर दिया। हालांकि, मुकेश के अनुसार, डायरेक्टर पूरे समय शांत रहे और उन्होंने नए विकल्प तलाशने को कहा। फिल्म में रणवीर सिंह को हमजा के रोल के लिए शुरुआत में ही फाइनल कर लिया गया था और उन्होंने तुरंत हामी भर दी थी। मल्टीस्टारर फिल्म बताकर एक्टर्स ने रोल छोड़ा मुकेश छाबड़ा ने यह भी बताया कि रहमान डकैत का किरदार शुरू में अक्षय खन्ना को ऑफर नहीं किया गया था। इस रोल को 2-3 एक्टर्स ने ठुकरा दिया था, जिनमें एक साउथ सिनेमा का एक्टर और दो बॉलीवुड एक्टर्स शामिल थे। उनके अनुसार, इन कलाकारों ने यह तर्क दिया था कि फिल्म मल्टीस्टारर है और यह मुख्य रूप से रणवीर सिंह की फिल्म है। हालांकि, मुकेश ने नाम बताने से इनकार किया और कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद उन्हें अपने फैसले पर पछतावा हो रहा होगा। अंत में यह रोल अक्षय खन्ना को मिला, जिसे दर्शकों से सराहना मिली और फिल्म ने वैश्विक स्तर पर सफलता हासिल की।

सुनेत्रा पवार ने बारामती उपचुनाव के लिए उद्धव ठाकरे से मांगा समर्थन | भारत समाचार

DC Vs MI Live Score: Follow latest updates from IPL 2026 match today. (PTI Photo)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 14:41 IST सुनेत्रा, जो वर्तमान में डीसीएम हैं, को डीसीएम के रूप में पद संभालने के छह महीने के भीतर विधायिका के किसी भी सदन में निर्वाचित होना होगा। महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार. (फाइल फोटो) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने 6 अप्रैल को बारामती उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करने से पहले समर्थन मांगने के लिए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से संपर्क किया है। सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने फोन पर ठाकरे से बात की और आगामी चुनाव के लिए समर्थन मांगा। यह घटनाक्रम उन अटकलों के बीच आया है कि कांग्रेस उपचुनाव में उनके खिलाफ उम्मीदवार उतार सकती है। इस आउटरीच ने 6 अप्रैल को नामांकन दाखिल करने के साथ बारामती प्रतियोगिता के लिए राजनीतिक रुचि बढ़ा दी है। जनवरी में एक दुखद हवाई दुर्घटना में उनके पति और पूर्व डिप्टी सीएम अजीत पवार के निधन के कारण सीट खाली होने के बाद वह बारामती से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। सुनेत्राजो वर्तमान में डीसीएम हैं, उन्हें डीसीएम के रूप में पदभार ग्रहण करने के छह महीने के भीतर विधायिका के किसी भी सदन में निर्वाचित होना होगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने शनिवार को सभी राजनीतिक दलों से सुनेत्रा पवार का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि राज्य में पहले भी कई बार निर्विरोध चुनाव हुए हैं। उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि सभी पार्टियों को सुनेत्रा पवार का समर्थन करना चाहिए। मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि अगर यह चुनाव निर्विरोध होता है, तो यह महाराष्ट्र के लिए उचित होगा। इससे पहले भी राज्य में कई बार निर्विरोध चुनाव हुए हैं।” नागपुर, महाराष्ट्र: सीएम देवेंद्र फड़णवीस का कहना है, “मेरा मानना ​​है कि सभी पार्टियों को सुनेत्रा पवार का समर्थन करना चाहिए। मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि अगर यह चुनाव निर्विरोध होता है, तो यह महाराष्ट्र के लिए उचित होगा। इससे पहले भी राज्य में कई बार निर्विरोध चुनाव हुए हैं…” pic.twitter.com/DqWnDRpBil– आईएएनएस (@ians_india) 4 अप्रैल 2026 एनसीपी ने बारामती में अपनी तैयारी तेज कर दी है, जो लंबे समय से पवार परिवार का गढ़ माना जाता है। क्षेत्र में पहले ही दो बड़ी बैठकें हो चुकी हैं, जबकि सुनेत्रा पवार के बेटे जय पवार से चुनाव के दौरान अधिक सक्रिय राजनीतिक भूमिका निभाने की उम्मीद है। उनका शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को बारामती में समीक्षा बैठक करने का कार्यक्रम है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (सपा) पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी। विधानसभा सीट परंपरागत रूप से लगातार आठ बार अजित पवार के पास रही। इस बीच, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने कहा है कि अगर एनसीपी (एसपी) बारामती उपचुनाव नहीं लड़ती है, तो कांग्रेस अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी। पार्टी ने इस सीट के लिए संभावित उम्मीदवारों की तलाश भी शुरू कर दी है। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने कहा, “दो उपचुनाव होने वाले हैं। राहुरी और बारामती में। हम कोशिश करेंगे कि फैसला गठबंधन के तौर पर लिया जाए। राहुरी में एनसीपी एसपी ने पहले चुनाव लड़ा था। वहां उसका दावा है। एमवीए का मूल सिद्धांत है कि जो पार्टी किसी विशेष निर्वाचन क्षेत्र में ताकत रखती है उसे वहां चुनाव लड़ना चाहिए। बारामती में, अजीत पवार की मृत्यु के बाद, पवार परिवार पारिवारिक धर्म के रूप में चुनाव नहीं लड़ सकता है। लेकिन उन्हें दूसरों का विरोध नहीं करना चाहिए जो लड़ना चाहते हैं। वहां चुनाव। यह एक लोकतंत्र है हम एक साथ बैठेंगे और फैसला करेंगे।” जगह : महाराष्ट्र, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 11:41 IST न्यूज़ इंडिया सुनेत्रा पवार ने बारामती उपचुनाव के लिए उद्धव ठाकरे से समर्थन मांगा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुनेत्रा पवार बारामती उपचुनाव(टी)सुनेत्रा पवार(टी)बारामती उपचुनाव(टी)बारामती लोकसभा सीट(टी)उद्धव ठाकरे समर्थन(टी)महाराष्ट्र राजनीति(टी)अजित पवार की मृत्यु(टी)एनसीपी नेतृत्व परिवर्तन